नवीन समाचार, चमोली, 7 अगस्त 2026 (Chamoli-Newborn Abandoned to Die)। उत्तराखंड के चमोली (Chamoli) जनपद के एक गांव में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आयी है। गोशाला के समीप एक नवजात शिशु लावारिस अवस्था में मिला, जिसके मुंह में रबड़ ठूंसी हुई थी, जिससे वह चीख न सके। लेकिन यहाँ ‘जाको राखे साइयाँ मार सके न कोय’ की उक्ति सही साबित होती नजर आई। समय रहते ग्रामीणों और पुलिस की तत्परता से नवजात को चिकित्सालय पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। घटना ने न केवल पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि नवजातों की सुरक्षा और उन्हें परित्यक्त छोड़ने जैसी घटनाओं पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चमोली कोतवाली क्षेत्र के रांगतोली (Rangtoli) गांव में बृहस्पतिवार प्रातः एक महिला गोशाला की ओर जा रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर गोशाला के समीप पड़े एक नवजात शिशु पर पड़ी। उन्होंने तत्काल ग्राम प्रधान संतोष गुसांई (Santosh Gusain) और ग्राम प्रहरी को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे और कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी।
मुंह में रबड़ ठूंस दी ताकि कोई किलकारी न सुन सके
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने देखा कि नवजात के मुंह में रबड़ ठूंसी हुई थी। आशंका व्यक्त की जा रही है कि उसकी आवाज बाहर न जा सके, इसके लिए ऐसा किया गया। पुलिस ने तत्काल नवजात को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee-CWC) की निगरानी में बेस चिकित्सालय श्रीकोट (Srikot Base Hospital) संदर्भित किया गया। चिकित्सकों के समय पर उपचार से नवजात की जान बच गई।
पहली बार सामने आयी ऐसी घटना, ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की जानकारी फैलते ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का वातावरण बन गया। पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत (Surendra Singh Rawat) ने बताया कि क्षेत्र में इस प्रकार की यह पहली घटना है। स्थानीय महिलाओं सहित ग्रामीणों ने एक मासूम को इस तरह मरने के लिए छोड़ने की घटना को अमानवीय बताते हुए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच, दोषियों की तलाश
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। साथ ही बाल कल्याण समिति की देखरेख में नवजात की सुरक्षा और आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
यह घटना केवल एक आपराधिक प्रकरण नहीं, बल्कि समाज के सामने मानवीय संवेदनाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न भी है। ऐसे मामलों में समय पर सूचना देना और प्रशासन का त्वरित हस्तक्षेप किसी मासूम का जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
