नवीन समाचार, देहरादून, 3 अगस्त 2026 (Minors Aged 14-17 Adamant on Marry)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) में 14 और 17 साल के नाबालिग किशोर-किशोरी शादी पर अड़े दिखाई दिए। पुलिस-प्रशासन ने शादी रुकवाई तो वे उनसे भी भिड़ गए, अलबत्ता समय रहते प्रशासन ने नाबालिगों का बाल विवाह रुकवाकर उनके भविष्य को कानूनी संरक्षण दिया।
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को लक्ष्मण चौक (Laxman Chowk) क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) निवासी 17 वर्षीय किशोर का विवाह होने की सूचना प्रशासन को मिली। सूचना पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (State Commission for Protection of Child Rights), पुलिस, चाइल्डलाइन (Childline) और सामाजिक संस्था समर्पण (Samarpan) की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विवाह संपन्न होने से पहले ही रोक दिया।
कार्रवाई के दौरान दोनों नाबालिग और उनके परिजन विवाह कराने की जिद पर अड़ गए, जिससे मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। जांच में किशोरी की आयु 14 वर्ष तथा किशोर की आयु 17 वर्ष पाई गई। इसके बाद बाल विवाह प्रतिषेध कानून के तहत विवाह को तत्काल रुकवा दिया गया।
कार्रवाई का विरोध, दोनों नाबालिग भी विवाह की जिद पर अड़े
अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान दोनों नाबालिग एक-दूसरे से विवाह करने की इच्छा जताते रहे। उनके परिजनों ने भी प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया और मौके पर काफी देर तक बहस और हंगामा होता रहा। अधिकारियों ने परिजनों को समझाया कि यह केवल सामाजिक परंपरा का विषय नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य से जुड़ा कानूनी मामला है। निर्धारित आयु से पहले विवाह कराना कानूनन अपराध है और ऐसी स्थिति में प्रशासन को हस्तक्षेप करना अनिवार्य होता है।
किशोरी नारी निकेतन भेजी गई, किशोर संरक्षण में
संयुक्त टीम ने किशोरी को संरक्षण में लेकर नारी निकेतन (Nari Niketan) भेज दिया, जबकि किशोर को पुलिस संरक्षण में लिया गया। बाद में दोनों पक्षों के परिजन भी पुलिस चौकी पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि सोमवार को दोनों नाबालिगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद उनकी काउंसलिंग तथा आगे की विधिक प्रक्रिया के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना (Dr. Geeta Khanna) ने बताया कि दोनों नाबालिगों की काउंसलिंग कराई जाएगी। साथ ही उनके माता-पिता से भी पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत बातचीत की गई है। आयोग की सदस्य बबीता सहोत्रा (Babita Sahotra) ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल अधिकारों का हनन या बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन को इसकी जानकारी दें।
बाल विवाह कानून क्या कहता है?
भारत में वर्तमान कानून के अनुसार लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह कराना बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक विकास और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए समाज और परिवार की जिम्मेदारी है कि बच्चों को समय से पहले वैवाहिक जिम्मेदारियों के बजाय शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

















