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नैनीतालवासियों व यहां आने वाले सैलानियों को अब नहीं लेना पड़ेगा बोतलबंद पानी ! जल संस्थान होने जा रहा आईएसओ-9000 प्रमाणित

Jal Jeevan Mission: Odisha To Provide 100% Tap Water Connection In All  Schools, Anganwadis During 2021-22 - Pragativadiनवीन समाचार, नैनीताल, 2 दिसंबर 2022। नैनीताल शहर उत्तराखंड का पहला ऐसा शहर बनने जा रहा है, जहां उत्तराखंड जल संस्थान घरों-होटलों में आईएसओ-9001 2015 प्रमाणित पेयजल की आपूर्ति करेगा। इसका लाभ नगरवासियों के साथ ही यहां आने वाले लाखों सैलानियों को भी मिलेगा। इससे यहां बोतलबंद पानी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी, ऐसा माना जा रहा है। यह भी पढ़ें : 8 की छुट्टी की तिथि में हुआ बदलाव

उत्तराखंड जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार सक्सेना ने बताया कि नैनीताल शहर उत्तराखंड का पहला ऐसा शहर होने जा रहा है, जहां जल संस्थान की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से आईएसओ-9001 2015 प्रमाणित होने जा रही है। इसके लिए नैनीताल जल संस्थान के कार्यालय के साथ यहां के पेयजल आपूर्ति के प्लांट को आईएसओ-9001 2015 प्रमाणित कराने जा रहा है। इसके लिए नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए पहले से स्थापित आरओ प्लांट और सॉफ्टनिंग प्लांट को सुचारू किया जाएगा। यह भी पढ़ें : छात्रा से अपहरण कर रात भर में कई बार दुष्कर्म…

उल्लेखनीय है आईएसओ-9001 यानी इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर स्टेंडर्डाएजेशन एक अंतर्राष्ट्रीय मानक है, जो विश्व के 160 से अधिक देशों के राष्ट्रीय मानक निकायों से बनी एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी है। आईएसओ 9001 का वर्तमान संस्करण सितंबर 2015 में जारी किया गया था जो गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। इसीलिए इसे आईएसओ-9001 2015 कहा जाता है। यह पेयजल की क्यूएमएस यानी गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकताओं को निर्दिष्ट करता है। संगठन ग्राहकों और नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने वाले उत्पादों और सेवाओं को लगातार प्रदान करने की क्षमता प्रदर्शित करने के लिए मानक का उपयोग करते हैं। यह आईएसओ 9000 श्रृंखला में सबसे लोकप्रिय मानक है। यह भी पढ़ें : नैनीताल के युवा क्रिकेटर देवराज चौधरी का उत्तराखंड की टीम में हुआ चयन

जल संस्थान इस मानक को पूरा कर इसका प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवेदन-पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। श्री सक्सेना ने बताया कि नैनीताल शहर की पेयजल आपूर्ति पहले से ही अत्याधुनिक प्रक्रिया से की जाती है। इसके तहत अंग्रेजी दौर से ही यहां शुद्ध पानी झील की जगह झील से करीब 100 मीटर दूर ‘रीवर बेड फिल्टरेशन’ की प्राकृतिक प्रक्रिया के तहत कुंवे से लिया जाता है। इससे यहां का पानी प्राकृतिक तौर पर शुद्ध एवं मानव शरीर के लिए लाभप्रद मिनरल्स यानी खनिजों से युक्त है। यह भी पढ़ें : 9वीं कक्षा की छात्रा पर तमंचे से फायर झोंकने वाला गिरफ्तार, हुआ सनसनीखेज खुलासा

केवल इस पानी में चूने की मात्रा अधिक है, जिसे दूर करने के लिए नगर के चिल्ड्रन पार्क, तल्लीताल व सूखाताल में 10, 3 व 2 यानी कुल 15 एमएलडी के सॉफ्टनिंग प्लांट व खनिजों को मानकों के तहत संयत करने के लिए 10 एमएलडी यानी मीट्रिक लीटर प्रति दिन क्षमता का आरओ प्लांट भी लगा हुआ है। इन्हें सुचारू किया जाएगा व आरओ प्लांट को नगर की पूरी पेयजल आपूर्ति 15 एमएलडी का बनाया जाएगा। यह भी पढ़ें : विजीलेंस की छापेमारी होने पर 40 वर्षीय व्यक्ति बेहोश हुआ और हुई मौत, विजीलेंस टीम पर लगे आरोप…

पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक निजी कंपनी को अधिग्रहण किया गया है। उन्होंने कहा कि एक माह के भीतर में यह सभी प्रक्रिया पूरी कर आईएसओ-9001 प्रमाण पत्र के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया कर दी जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : पेयजल की समस्या के लिए शासन से बजट की स्वीकृति का इंतजार किए बिना उपलब्ध कराई लाखों की सामग्री, पालिकाध्यक्ष ने दी थी आत्मदाह की धमकी…

सरिता आर्य

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जून 2022। मुख्यालय के निकटवर्ती भवाली नगर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए विधायक सरिता आर्य ने अपनी ओर से पहल करते शासन से बजट की प्रत्याशा में अपने स्तर से जल संस्थान भवाली को पेयजल लाइनों के निर्माण के लिए करीब एक ट्रक आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भवाली के नगर पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा ने नगर के कुछ क्षेत्रों में पेयजल की समस्या दूर न होने पर आत्मदाह करने की धमकी दी थी। माना जा रहा है कि विधायक की पहल इसी परिप्रेक्ष्य में की गई है। बताया गया है कि इसके बाद जल संस्थान ने कार्य भी प्रारंभ कर दिया है।

बताया गया है कि भवाली के नैनीताल रोड, रामगढ़ रोड, रेहड़, दुगई सहित नगर के अन्य क्षेत्रों में हाल के वर्षो में बड़े पैमाने पर बढ़ी आबादी के कारण पेयजल की समस्या बढ़ गई थी। इसके समाधान के लिए जल संस्थान ने 16 लाख से अधिक का प्राक्कलन बनाकर शासन को भेजा था। इस पर विधायक सरिता आर्य ने समस्या का संज्ञान लेते हुए तत्काल शासन से संपर्क कर जल संस्थान को प्राक्कलन में उल्लेखित आवश्यक सामग्री शासन से बजट की प्रत्याशा में पहले ही अपने प्रयासों से उपलब्ध करा दी है। साथ ही जल संस्थान के महाप्रबंधक डीके सिंह को कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये है। जल संस्थान के सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि प्राक्कलन के सापेक्ष उन्हें जीआई पाइप सहित अन्य सामग्री मिली है, जिससे तत्काल पेयजल व्यवस्था ठीक करने में भारी मदद मिलेगी।

विधायक की इस पहल पर पूर्व पालिका अध्य्ाक्ष नीमा बिष्ट, मोहन बिष्ट, भावना मेहरा, प्रकाश आर्य, शिवांशु जोशी, नंद किशोर पांडे, आशु चंदोला, कंचन साह, प्रगति जैन, वर्षा, मीना बिष्ट व रति सिंघल आदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक सरिता आर्य व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नगर की पेयजल समस्या का तत्काल संज्ञान लेने व सामग्री उपलब्ध कराने पर आभार जताया है। कहा है कि राजनीति का उद्देश्य केवल धरना प्रदर्शन व समस्या का राजनीतिकरण करने की जगह राजनीति का उपयोग समस्या का समाधान करना होना चाहिये। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : ब्रेकिंग नैनीताल: पानी के लिए कमिश्नरी में धरने पर बैठे सभासद

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मई 2022। पूर्व में भी कई बार अपने अयारपाटा वार्ड में पेयजल की समस्या का आरोप लगाते हुए जल संस्थान कार्यालय में धरने पर बैठ चुके नगर पालिका के सभासद मनोज साह जगाती कुमाऊं कमिश्नरी में अकेले धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कोई अधिकारी उनकी समस्या पूछने नहीं आए। अपर मंडलायुक्त पास से गुजरे, पर उनकी समस्या नहीं जानी। आज वह अपराह्न तीन बजे तक धरने पर रहेंगे। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान न होने पर हर रोज दो घंटे यहीं धरने पर बैठेंगे।

मंडलायुक्त कार्यालय को दिए जा रहे ज्ञापन में जगाती ने कहा है कि उनके अयार पाटा वार्ड में पानी की लगातार समस्या बनी हुई है। पूर्व में नैनीताल क्लब में मंडलायुक्त के सामने डीएम व विधायक को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था। इसके बाद भी इस समस्या का निवारण नही हो पाया।

बताया कि वार्ड के ड्रम हॉउस में 4 दिन से, हाईवे क्षेत्र में 2 दिन से तथा एवेर फॉइल, स्लोडन, बियाना लॉज व डल्हौजी क्षेत्रों में 3 दिनों से पानी नहीं आया है। इस पर बीती शाम 6 बजे से उन्होंने जल संस्थान के पम्प हाउस में धरना दिया। इस पर जलस्थान के महाप्रबंधक के आश्वासन के बाद में रात्रि 9 बजे से धरने से उठे परन्तु रात से लेकर सुबह 11 बजे तक भी पानी नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि जलस्थान लगातार बड़े होटलों ओर स्कूलों को पानी देता है, लेकिन आम लोग प्यासे हैं।

इस बारे में जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने कहा कि कल शाम सात बजे से ही क्षेत्र में पानी की सुचारू आपूर्ति की अनेक क्षेत्रीय लोगों से पुष्टि की गई है। आज भी क्षेत्र में आपूर्ति की पुष्टि की गई है। टैंकर से भी क्षेत्र में पानी भेजा गया है। अपर सहायक अभियंता त्रिवेंद्र जोशी सुबह से ही इसी क्षेत्र में हैं। उन्होंने बताया यहां टिफिन टॉप से पानी आता है। इस लाइन में लगभग 50 संयोजन ही हैं। लंबी लाइन होने की वजह से देरी हो सकती है।

होटलों व स्कूलों के साथ ही आम लोगों के घरों के लिए एक ही लाइन से एक ही समय में आपूर्ति की जाती है। ड्रम हाउस में एक ही संयोजन से कई परिवारों को आपूर्ति होने की वजह से परेशानी रहती है। जबकि अपर सहायक अभियंता त्रिवेंद्र जोशी ने बताया कि कल पंप खराब होने से दिक्कत आई थी। अब क्षेत्र में आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : इतिहास में पहली बार सूखा भीमताल का धारा ! दो आईएएस अधिकारियों से शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2022। भीमताल में झील के समीप ठंडी सड़क पर स्थित एक जल धारा मई माह से पहले ही सूख गया है। दावा किया जा रहा है कि यह जलधारा इतिहास में पहली बार सूखा है। 1994-95 में जब क्षेत्र के अधिकांश जलधारे सूख गए थे, तब भी यह नहीं सूखा था। बताया गया है कि करीब एक-डेढ़ पूर्व तक भी इस जल धारे से प्रति मिनट करीब 20 लीटर मीठे स्रोत का भूजल प्राप्त होता था।

एक और चिंताजनक बात यह है कि इस बारे में क्षेत्रीय लोग दो आईएएस अधिकारियों तक अपनी गुहार पहुंचा चुके हैं। दोनों ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। एक ने स्वयं जल धारे का निरीक्षण भी किया था, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर क्षेत्रीय लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है।

नगर के समाजसेवी पूरज बृजवासी ने बताया कि ग्राम जून स्टेट में हल्द्वानी रोड पर पशु अस्पताल के पास स्थित यह प्राचीन जलधारा क्षेत्र में अनाधिकृत निर्माण के साथ ही अनाधिकृत बोरिंग की वजह से सूखा है। पूरे नगर के लोग आपात स्थिति में यहीं से पानी लेते हैं। उन्होने इसकी शिकायत सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी, एसडीएम प्रतीक जैन के साथ ही राजस्व विभाग, जल संस्थान व झील विकास प्राधिकरण से की, लेकिन शिकायत को करीब एक पखवाड़ा बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई हैं। इस बारे में एसडीएम नैनीताल से कोई जवाब प्राप्त नहीं हो पाया।  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : झीलों के शहर में पेयजल संकट, लोगों को टैंकरों से पानी की आपूर्ति, सवाल-होटल कैसे चला रहे काम ?

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अप्रैल 2022। झीलों के शहर नैनीताल के कई क्षेत्रों में यूं तो वर्ष भर पेयजल की समस्या रहती है, किंतु गर्मियो का मौसम आने पर यह समस्या और बढ़ गई है। पूर्व में नगर में भरपूर व 24 घंटे पेयजल आपूर्ति होने की वजह से नगर में अनेक लोगों के घरों पेयजल के टैंक या भंडारण की व्यवस्था नहीं है, ऐसे लोगों के लिए गर्मियों में पानी का प्रबंध करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में जल संस्थान के द्वारा नगर में टैंकरों के जरिए पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।

नगर के अयारपाटा क्षेत्र में शनिवार को टैंकर से पेयजल की आपूर्ति की गई। इस पर स्थानीय सभासद मनोज साह जगाती ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के सांसद व विधायक तथा केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार होते हुए भी लोग टेंकरों से पानी भरने को मजबूर व परेशान हैं। इसे सरकार या प्रशासन किसकी नाकामी माना जाए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र के लोगों के लिए पानी पूरा नहीं पड़ रहा है तो बड़े होटलों व स्कूल कॉलेजों में पानी कैसे पूरा पड़ रहा है।

इस प्रश्न पर जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि अयारपाटा क्षेत्र में अधिकांश होटलों व स्कूलों में शेरवुड के टेंक से व कुमाऊं विश्वविद्यालय के आवास व आबादी क्षेत्रों में टिफिन टॉप के टैंक से आपूर्ति होती है। लाइनें पुरानी हैं। आज यहां कुछ मरम्मत के कारणों से टैंकर से पेयजल पहुंचाया गया। अब लाइन से आपूर्ति शुरू कर दी गई हैं

इसके अलावा उन्होने बताया कि नगर में सुबह-शाम ढाई से तीन घंटे दो समय यानी दिन में 5 से 6 घंटे सप्ताहांत पर 9 एमएलडी व अन्य दिनों में 8 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। दावा किया कि केवल टेल यानी लाइन के अंतिम शिरों में ही दिक्कत हो रही है। साथ ही बताया कि जनपद के बेतालघाट व धारी के कुछ क्षेत्रों में समस्या आने पर टैंकरों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। अन्य ताज़ा नवीन समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गजब: कभी न देखी होगी ऐसी तस्वीर ! जल-जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल’ की जगह पेड़ों पर टांग दीं पेयजल लाइनें

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 अप्रैल 2022। जनपद के भीमताल विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बेल में जल-जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल’ के लिए डाली जाने वाली पेयजल लाइन जमीन की जगह पेड़ों की ऊंचाई पर शाखाओं के सहारे लटकाई गई हैं। पुरानी 1982 से चल रही क्षतिग्रस्त पाइप लाइन के पाइपों को बदलकर उन्हें भी पेड़ों पर लटकाया गया है, और गांव में घरों में संयोजन तो दे दिए गए हैं, परंतु करीब आधा दर्जन घरों को छोड़कर उनसे करीब 100 मीटर दूर लाइन छोड़ी गई है।

इस बारे में गांव के सुंदर जेम्स ने उत्तराखंड के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर ठेकेदार भूपाल बिष्ट तक मानकों के अनुरूप कार्य न करने का आरोप लगाते हुए योजना में कराए गए कार्यों की स्पष्ट जांच कराने की मांग की है। बताया गया है कि 8.57 लाख की इस योजना में ठेकेदार को सवा सात लाख रुपए से अधिक धनराशि का भुगतान भी कर दिया गया है।

इस पर पूछे जाने पर जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि हालांकि मामला उनके क्षेत्र का नहीं है, परंतु अभी पहले चरण में एफएचटीसी के तहत केवल यथासंभव कुछ घरों में जल संयोजन देने हैं, जबकि दूसरे चरण में पेयजल लाइनों को जमीन में सुरक्षित तरीके से दबाकर लाने सहित पेयजल टैंक बनाने व सभी घरों को संयोजन देने आदि की योजना है। अलबत्ता, उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह चित्र में पेड़ों पर लाइन डाली गई है, उन्होंने जीवन में ऐसा कभी नहीं देखा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मंत्री ने जनता के सामने अभियंता से कहा-काम नहीं कर सकते तो बोरिया-बिस्तर बांध लो, दूसरे मंत्री तो हटा नहीं पाए…

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 14 सितंबर 2021। प्रदेश के परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, निर्वाचन, आबकारी व जनपद के प्रभारी मंत्री यशपाल आर्य ने शहीद हीरा बल्लभ भट्ट राजकीय इंटर कॉलेज ज्योलीकोट में 313.75 लाख रुपय की 23 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस दौरान मंत्री ने जल संस्थान के अधिशासी अधिकारी संतोष उपाध्याय की जनता के सामने ही जमकर क्लास ली। इस दौरान स्वीकृत कराई गई एक योजना का काम लंबे समय बाद भी शुरू नहीं होने पर मंत्री श्री आर्य ने उपाध्याय को अपने सामने बुलाकर जमकर खरी खोटी सुनाई। मंत्री यहां तक बोल गए कि यदि काम नहीं कर सकते तो उपाध्याय अपना बोरिया-बिस्तर बांध लें। इसके बाद भी उपाध्याय 15 दिन में कार्य शुरू करने को कहने लगे, लेकिन मंत्री ने उन्हें अगले 10 दिन के भीतर कार्य शुरू करते हुए भूमि पूजन करने को कहा। देखें वीडियो:

उल्लेखनीय है कि उपाध्याय के खिलाफ कई बार स्वयं सत्तारूढ़ दल के लोग एवं मल्लीताल व्यापार मंडल के लोग कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल के सामने हटाए जाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन वह लंबे समय से अपने पद पर बने हुए हैं।

इस दौरान 9.87 लाख रुपये लागत की ग्राम ज्योलीकोट में सीसी मार्ग, 3.93 लाख रुपये लागत से नाली, 19.27 लाख रुपय लागत के ग्राम गेठिया में बकरखोड़ गधेरे में पुल, धनराशि 89.02 लाख की धनराशि के गेठिया की पेयजल योजना, 3.84 लाख रुपये से गेठिया में घरेलू जल संयोजन कार्य व 13.22 लाख रुपये से सड़ियाताल में घरेलू जल संयोजन कार्य का लोकार्पण किया। साथ ही 17.83 लाख रुपये से संत एंथोनी इंटर कॉलेज में शौचालय, 12.93 लाख रुपये से पुराने कब्रिस्तान में दीवार, टीन शेड एवं मुख्य मार्ग की ओर सीसी गेट, 2.47 लख रुपये से गेठिया के गेठानी में मार्ग एवं दीवार का निर्माण, 2.49 लाख रुपये के गेठिया में मार्ग एंव दीवार, 2.49 लाख रुपये से गेठानी में मार्ग एंव दीवार, 2.50 लाख रुपय की से ज्योलिकोट-कर्णप्रयाग एनएच 109 के गर्कम पंचायत गेठिया में पार्क का लोकार्पण, 5 लाख रुपये से गेठिया में राजेंद्र प्रसाद के घर से सलमा के घर की ओर सीसी मार्ग, 2.48 लाख रुपये से आलूखेत में नाली, 4.50 लाख रुपये के बेलुआखान में सीसी मार्ग, 3.91 लाख रुपये से बेलुआखान में भूमिया मंदिर की ओर सीसी मार्ग, 4.88 लाख रुपये से आलूखेत में विद्युत ट्रांसफार्मर से दोराहा तक सीसी मार्ग, 3.29 लाख रुपय से आलूखेत में पेयजल टैंक, 4.77 लाख रुपए से ग्राम मनोरा में सीसी मार्ग, राजस्व ग्राम भल्यूटी में 3.33 लाख तथा ग्राम सभा बेलुवाखान में 44.98 लाख व राजस्व ग्राम ज्योली में 7,57 लाख से हर घर क्रियाशील जल संयोजन तथा ज्योलीकोट में पेयजल आपूर्ति सुचारू करने हेतु नई पाइप लाइन बिछाने, 100 किलो लीटर क्षमता के भू जलाशय का निर्माण एवं अन्य संबंधित कार्य 49.18 लाख से करने का शिलान्यास किया। इस दौरान विधायक संजीव आर्य ने शहीद हीरा बल्लभ राजकीय इंटर कॉलेज को 100 कुर्सी-मेज देने की घोषणा की।

इस दौरान ब्लॉक प्रमुख हीरा बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा, जिला पंचायत सदस्य लेखा भट्ट, गीता बिष्ट, क्षेपं सदस्य रानी कोटलिया, सुरेश उप्रेती, प्रधान शशि चनियाल, चम्पा बिष्ट, धीरेंद्र सिजवाली, हरगोविंद रावत, रजनी रावत, अमित कुमार, संगीता आर्या, संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संतोष कुमार उपाध्याय, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम जीएस तोमर, प्रधानाचार्य दीप चन्द्र विद्यार्थी सहित रवि बिष्ट, शेखर चन्द्र, भास्कर जोशी, सुरेश आर्य, संजय गैड़ा, मनोज जोशी, गणेश मेहरा, संजय चनियाल, रामदत्त जोशी, प्रदीप त्यागी आदि लोग उपस्थित रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : घर के पानी के नल से निकला सांप, सीएम तक पहुंची शिकायत…

नवीन समाचार, काशीपुर, 22 अगस्त 2021। रविवार को शहर के कानून गोयान इलाके के एक घर में पानी के नल से सांप का बच्चा निकल आने से हड़कंप मच गया। यह देख घर के लोगों में हल्ला मच गया। यहां रहने वाले रतन लाल शर्मा के घर में ऐसी कभी न सुनी सी घटना होने से लोग इतने आक्रोशित हुए कि उन्होंने सीधे सीएम हेल्पलाइन पर ही इस घटना की शिकायत कर दी। इसके बाद जल निगम के आला अधिकारी भी सक्रिय हुए और तत्काल संबंधिक उपभोक्ता के घर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। घरेलू पेयजल संयोजन में सांप निकलने का यह मामला जबरदस्त चर्चा में है।

मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जल निगम द्वारा अमृत योजना के तहत नई पाइप लाइन बिछाई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद गंदे पानी की आपूर्ति से निजात नही मिली है। जबकि आज पानी के साथ ही एक सांप का एक बच्चा भी निकल आया। इसके बाद रतन लाल शर्मा के बेटे भागीरथ शर्मा ने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन नंबर 1905 पर कर दी। साथ ही संयुक्त मजिस्ट्रेट आकांक्षा वर्मा से भी शिकायत की गई। विभाग के अधिशासी अभियंता शिशुपाल सिंह यादव ने इस घटना पर कहा कि विभाग के अवर अभियंता अजीत बिष्ट को मौके पर भेजकर लाइन में लीकेज की जांच की गई है। पेयजल लाइन में लीकेज के कारण यह समस्या पैदा हुई है, जिसका उन्हें खेद है। विभाग तत्काल पूरी तसल्ली के साथ लीकेज बंद कर देगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पेयजल मंत्री को नैनीताल में पहले आगमन पर सुननी पड़ी नारेबाजी

-महकमे को जल्द मिलेंगे 300 नए अभियंता: चुफाल
-पेयजल मंत्री बनने के बाद पहली बार देहरादून लौटते हुए मुख्यालय पहुंचे चुफाल

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जुलाई 2021। प्रदेश के पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल को सोमवार को मंत्री बनने के बाद अपने पहले नैनीताल आगमन पर मुख्यालय में कार्यरत विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी सुननी पड़ी। देहरादून लौटते हुए राज्य अतिथि गृह नैनीताल क्लब में अल्प प्रवास के दौरान जब चुफाल अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे, तभी मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह नेगी की अगुवाई में राजेश वर्मा, रुचिर साह, अनुज साह, हसन खान, सुमित खन्ना आदि ने चुफाल के कक्ष के बाहर नारेबाजी की। इस पर चुफाल खुद कक्ष से बाहर आए और नारेबाजी कर रहे लोगों से उनकी समस्या सुनीं। विरोध करने वालों ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय को निशाने पर लेते हुए उनके व्यवहार के साथ नगर में पानी के अनाप-शनाम, बड़े बिल आने और इसके बावजूद नगर में पेयजल आपूर्ति में आए दिन समस्या रहने के साथ ही आए दिन नगर में अनेक स्थानों पर सीवर लाइनों के उफनने के आरोप लगाए, और उपाध्याय का स्थानांतरण करने की मांग की। इस पर चुफाल ने उपाध्याय का जल्द स्थानांतरण करने और समस्याओं का समाधान करने की बात कही।

इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए चुफाल ने जल संस्थान और जल निगम में जल्द ‘जल जीवन मिशन’ के कार्यों को गति प्रदान करने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से उपनल के माध्यम से करीब 50-50 यानी कुल 100 अभियंताओं की नियुक्ति किए जाने की बात कही, साथ ही बताया कि आयोग के माध्यम से 200 से अधिक पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान उन्होंने उनकी मुख्यमंत्री पद को लेकर रही दावेदारी के बावजूद युवा नेतृत्व को राज्य की कमान सोंपे जाने के प्रश्न पर किसी भी तरह की नाराजगी से इंकार किया। कहा कि उन्होंने 45 वर्ष से पार्टी से जुड़े रहकर ग्राम प्रधान से मंत्री पद तक का सफर तय किया है।

इस मौके पर उन्होंने ‘जल जीवन मिशन’ के तहत वर्षा जल संग्रहण के लिए चाल, खाल एवं पोखर आदि बनाने की विस्तृत कार्ययोजना बनाए जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि 2023 तक प्रदेश के हर घर को नल यानी पानी देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने नैनीताल में कोसी नदी से और नगर के बलियानाला क्षेत्र में मौजूद भूजल भंडार से पंप कर पानी शहर तक लाने की योजना को अमलीजामा पहनाने की बात भी कही। इस दौरान मंत्री बनने के बाद पहली बार मुख्यालय पहुंचने पर नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट, अरविंद पडियार, भूपेंद्र बिष्ट आदि ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर सभासद मोहन नेगी, कैलाश रौतेला, सागर आर्य, गजाला कमाल, राहुल पुजारी, पूरन मेहरा, संजय कुमार, मनोज तिवारी व विक्रम राठौर आदि पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सुखद: नैनीताल की वर्ष 2055 की पेयजल जरूरतों के लिए शुरू हुई कवायद, 24 किमी दूर से 41 एमएलडी पानी लाने को अक्टूबर तक 75 लाख रुपए से बनाई जाएगी डीपीआर

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 जून 2021। सरोवर नगरी की प्राणदायिनी नैनी झील से अभी 8 एमएलडी पानी लेकर नगर में कटौती के साथ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन बहुत लंबे समय तक नगर की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर सकेगी। प्रशासनिक आंकलन के अनुसार नैनीताल शहर को निर्बाध पानी की आपूर्ति के लिए 2055 तक 41 एमएलडी पेयजल की आवश्यकता होगी। इतनी मात्रा में पानी नैनी झील से लेना संभव नहीं होगा। ऐसे में नगर की भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक बार फिर कोसी नदी का पानी लाने की योजना एक बार फिर चर्चाआंे में आ गई है।

मंगलवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की अध्यक्षता एवं स्थानीय सांसद सांसद अजय भट्ट की मौजूदगी में आयोजित हुई बैठक में इस पर गहन विचार मंथन हुआ। इस मौके पर श्री बलूनी ने बताया कि नैनी झील पर नगर की पेयजल आपूर्ति की निर्भरता को कम करते हुये गरमपानी के पास कोसी नदी से जलापूर्ति योजना के लिए सिचाई विभाग को डीपीआर बनाने के लिए 75 लाख की धनराशि जारी की जा चुकी है। उन्होेने सिचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह युद्व स्तर पर कार्य कर 15 अक्टूबर तक सिचाई अनुसंधान संस्थान रुडकी के तकनीकी मार्गदर्शन मे डीपीआर तैयार करायें। उन्होने जलनिगम तथा जलसंस्थान के अधिकारियो से कहा कि इस प्रोजेक्ट में वन भूमि हस्तान्तरण के सम्बन्ध मे भी कार्यवाही प्राथमिकता से की जाए। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार के एनएचपी (नेशनल हाइड्रो प्रोजेक्ट) से सहयोग लिया जायेगा।

वहीं डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि प्राथमिक सर्वे के अनुसार कोसी नदी में बडेरी पुल के पास 1.53 एमसीएम पानी के संग्रह करने के लिए 120 मीटर लम्बी तथा 12 मीटर ऊंची कृत्रिम झील बनाई जायेगी, और यहां से नैनीताल तक पानी पहुंचाने के लिए 24 किमी लम्बी पेयजल लाइन बिछाई जायेगी। इसके लिए रास्ते में चार पम्पिंग स्टेशन बडेरी, रातीघाट, पाडली एवं दूणीखाल में बनाये जायेंगे। उन्होने कहा बडेरी मे बनने वाली झील से आसपास के जलस्रोत रिचार्ज होंगे तथा यह झील पर्यटन का केन्द्र बनेगी जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होगें। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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-बलियानाला क्षेत्र में मिले भूजल भंडार की जांच को बोरिंग करने के निर्देश, -डीएम धीराज गर्ब्याल ने किया बलियानाला में मिले बड़े भूजल भंडार क्षेत्र का निरीक्षण

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 07 जून 2021। आईआईटी रुड़की और जायका द्वारा जियो फिजिकल सर्वे रिपोर्ट में नगर के जीआईसी से सिपाही धारा तक लगभग 200 मीटर की लंबाई में पानी का भूमिगत भंडार होने और बलियानाला में प्रतिदिन लगभग 8 एमएलडी पानी रिसने के खुलासे के बाद सोमवार को डीएम धीराज गर्ब्याल ने चिन्हित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पानी को एकत्र कर नैनी झील में पहुंचाने के लिए बीते सप्ताह गठित समिति के सदस्यों को जल्द पानी की उपलब्धता जांचने के लिए दो से तीन स्थानों पर बोरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस कार्य में भूवैज्ञानिकों के सुझावों पर भी अमल किया जायेगा।

इस दौरान डीएम श्री गर्ब्याल ने अधिकारियों को इस परियोजना पर जल्द से जल्द काम शुरू करने को कहा ताकि भूमिगत पानी से नगर में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके साथ ही लगातार बलियानाले में हो रहे धंसाव को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने सुरक्षात्मक दृष्टि से आवश्यकता वाले स्थानों पर रिटेनिंग वॉल बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पानी की कम उपलब्धता होने पर इसे तल्लीताल व एरीज क्षेत्र में एवं अधिक होने पर शहर कि विभिन्न क्षेत्रों को उपलब्ध कराया जायेगा। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन, एडीएम अशोक जोशी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संतोष उपाध्याय, अधिशासी अधिकारी अशोक वर्मा, लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता, आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेष कुमार सहित अन्य अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 03 जून 2021। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बृहस्पतिवार को बलियानाला क्षेत्र के भूगर्भीय जल के सदुपयोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में जायका के मुख्य अभियंता जय कुमार शर्मा ने बताया कि जायका द्वारा बलियानाला क्षेत्र में ड्रिलिंग कर सभी बोर में लगाए गए पीजो मीटर से लगातार भूगर्भीय पानी मापन का कार्य कर रहे हैं। पीजो मीटर के भूजल मापन से भी पता चला है कि बलियानाला भू-स्खलन क्षेत्र के दो स्थानों से प्रतिदिन लगभग 6 एमएलडी पानी निकल रहा है।

न्होंने बताया कि जीआईसी व जीजीआईसी परिसर में टेस्ट बोर कर परीक्षण करने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान हैं। इस पर डीएम श्री गर्ब्याल ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान संतोष उपाध्याय तथा अधिशासी अभियंता सिंचाई हरीश चंद्र सिंह को एक सप्ताह के अंदर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये ताकि कार्य को जल्दी शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि पानी की कम उपलब्धता होने पर पानी का उपयोग तल्लीताल के निचले क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने में किया जायेगा और पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने की दशा में पानी की लिफ्टिंग कर शेरवुड या राजभवन के पास टेंक बनाकर आवश्यकता वाले अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध कराया जायेगा। जिससे पेयजल हेतु झील के पानी पर निर्भरता कम होगी तथा झील में भी पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य हेतु धन की कोई कमी नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंस में आईआईटी रूड़की से डॉ. सन्दीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम जीएस तोमर, अधिशासी अभियंता ई एंड एम सुधीर कुमार भी मौजूद रहेे।

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-इसके पानी को वापस झील में डालने की योजना, बलियानाला में हो रहे भूस्खलन की गति थामने में भी मिल सकती है मदद

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 02 जून 2021। आईआईटी के वैज्ञानिकों की ओर से नैनीताल नगर में नैनी झील से इतर एक ऐसे नए व बड़े भूजल भंडार का खुलासा हुआ है, जिससे शहर वासियों की करीब-करीब मौजूदा पेयजल जरूरत की पूर्ति की जा सकती है। इससे नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील पर शहर वासियों को पेयजल उपलब्ध कराने का दबाव समाप्त या कम हो जाएगा। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि इससे शहर के आधार बलियानाला में दशकों से हो रहे भूस्खलन को भी प्राकृतिक तौर पर रोकने में बड़ी मदद मिल सकती है। इस खुलासे के दो बड़े बिंदु यह हैं कि नगर के तल्लीताल हल्द्वानी रोड की ओर सिपाहीधारा व कृष्णापुर के प्राकृतिक जल स्रोतों व बलियानाला क्षेत्र में होने वाले भूस्खलन के मुख्य कारण, यहां होने वाले प्राकृतिक जल स्रोतों सेे फूटने वाला पानी नैनी झील से होने वाला जल रिसाव या झील का हिस्सा नहीं है। बल्कि यह पानी यहां जीआईसी एवं सिपाहीधारा के बीच भूतल से करीब 70 मीटर की गहराई में 200 मीटर की लंबाई में करीब 5 मीटर गहरा भूजल भंडार मौजूद है।

यह दावा आईआईटी रुड़की के भूविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. संदीप सिंह ने अपनी रिपोर्ट ‘जियोफिजिकल इन्वेस्टिगेशन फॉर स्टडी ऑफ डेलीनिएशन ऑफ पाथ ऑफ फ्लो ऑफ सब सर्फेस वाटर इन अपस्ट्रीम ऑफ बलियानाला नैनीताल’ में किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस पानी को यदि जीआईसी के मैदान के पास बाहर निकाल लिया जाए तो इससे बलियानाला में हो रहे भूस्खलन को भी रोका जा सकता है। इससे शहर के निचले इलाकों में पेयजल की आपूर्ति भी की जा सकती है, और नैनी झील पर पानी लेने का दबाव भी कम किया जा सकता है। इस रिपोर्ट के बाद नैनीताल जनपद के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने डॉ. संदीप सिंह के सुझावों को अमली जामा पहुंचाने के लिए तत्काल प्रभाव से एक नौ सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति में प्रो. सिंह के साथ यूएफआरएम-जायका के मुख्य अभियंता, जल संस्थान, उत्तराखंड पेयजल निगम, सिचाई विभाग के नलकूप खंड, पेयजल निगम के यांत्रिक खंड, लोनिवि के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड व सिचाई खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता एवं नगर पालिका नैनीताल के अधिशासी अभियंता को रखा गया है।

नगर की पूरी पेयजल की जरूरत यहीं से हो सकती है पूरी
नैनीताल। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि जीआईसी के पास मिले भूजल भंडार में प्रतिदिन 6-7 एमएलडी (मीट्रिक लीटर पर डे) निकाले जाने योग्य पानी की मौजूदगी है। इस पानी को नैनी झील में ले जाया जा सकता है, अथवा इसके आसपास के क्षेत्र में भी इससे पेयजल की आपूर्ति की जा सकती है। मालूम हो कि वर्तमान में नगर में पेयजल की कटौती के साथ करीब 7-8 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग भी बलियानाला में हो रहे भूस्खलन की जद में है। इसलिए यहां मौजूद भूजल को नलकूपों के माध्यम से निकालने के लिए तत्काल प्रभाव से प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए शासन को आपदा न्यूनीकरण की मद से बलियानाला में दीर्घकालीन सुदृढीकरण के कार्य किए जाने की उनकी ओर से सिफारिश की गई है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी की बैठक में इस पर चर्चा हुई है, और बलियानाला के कार्यों के लिए जायका के अंतर्गत जापान के वैज्ञानिकों का इंतजार किए बिना 15 जून के भीतर कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है। क्षेत्रवासियों को विस्थापित करने के लिए ताकुला में 50 नाली भूमि उपलब्ध हो गई है। क्षेत्र के पूर्व में किराये पर विस्थापन के बाद अपने घरों में वापस आ चुके 27 परिवारों को बरसात से पूर्व किराये के घरों में विस्थापित किया जाएगा। इस हेतु मुख्यमंत्री राहत से किराया उपलब्ध कराया जाएगा।

चूने की चट्टानों-बोल्डरों के बीच गुफा की तरह खाली स्थान में हो सकता है भूजल भंडार
नैनीताल। कुमाऊं विवि के भूविज्ञान विभाग के प्रोफेसर व आईक्यूएसी सेल के निदेशक राजीव उपाध्याय ने कहा कि जिस स्थान पर भूजल भंडार होने की बात कही जा रही है, वह सेंट जोसफ कॉलेज से लांग व्यू, डीएम आवास होते हुए डोलोमाइट यानी चूना पत्थर के खड़े पहाड़ के बाद जीजीआईसी से शुरू होने वाले मैदानी क्षेत्र के बाद आता है। इसलिए यहां केव गार्डन की तरह जमीन के अंदर चट्टानों व बोल्डरों के बीच गुफा जैसा खाली स्थान व उसमें इस पूरे पहाड़ का पानी हो सकता है। इसमें पानी निकाले जाने के बावजूद भरता रहेगा। अलबत्ता उन्होंने इसके बलियानाला के भूस्खलन पर पड़ने वाले प्रभाव पर कहा कि तीक्ष्ण ढाल होने के कारण भूस्खलन तो होता रहेगा पर पानी बाहर निकाले जाने से भूस्खलन में कमी जरूर आ सकती है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 07 अप्रैल 2021। जिला प्रशासन की पहल पर पेयजल निगम की ओर से हवा से पानी बनाने की मशीन ठकरासाधार कालसी में लगाई की गई है। उत्तराखंड में किसी सरकारी स्कूल में इस तरह की मशीन पहली बार इंस्टॉल की गई है। यह मशीन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ठकरासाधार कालसी में इण्डोकॉर्पस इन्टरप्राईजेज इण्डिया प्राइवेट लिमटेड के माध्यम से स्थापित की गई।
मुख्य विकास अधिकारी नितिका खंडेलवाल के जारी निर्देशों के क्रम में रा.उ.मा. विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद कुमार पाल ने बताया कि स्कूली छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हवा से पानी बनाने की मशीन का उद्घाटन बुधवार को विद्यालय परिसर में किया गया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में अध्ययनरत् कक्षा 6 से कक्षा 10 के 97 छात्र-छात्राओं को इण्डोकॉर्पस इण्टरप्राईजेज इण्डिया प्राईवेट लिमटेड की हवा से पानी बनाने वाली मशीन उपलब्ध कराई गई है। स्कूल प्रबन्धन ने जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। इस मौके पर खण्ड शिक्षा अधिकारी पूजा दानू सहित विद्यालय के छात्र, छात्राऐं व अध्यापकगण उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि जैसे-जैसे पानी खत्म होता जा रहा है, वैज्ञानिक नए–नए तरीकों से पीने वाला पानी बनाने की कोशिश में हैं। कहीं समुद्र के खारे पानी को तो कहीं ओस से पानी बनाया जा रहा है। भारत ही नहीं पूरी दुनिया में प्रति व्यक्ति मीठे पानी की उपलब्धता पिछले कई दशकों से घटती जा रही है। अफ्रीका के केपटाउन में तो पानी लगभग खत्म हो गया है। भारत के कई राज्य भी गर्मियों में पानी की बूंद-बूंद के लिये तरसते हैं। भारत सरकार की इकाई सेंट्रल वाटर कमीशन ने अपनी शोध के आधार पर यह अनुमान निकाला है कि वर्ष 2025 तक देश में प्रति व्यक्ति मीठे पानी की उपलब्धता 1,600 घन मीटर रह सकती है। घटते पानी की समस्या को कम करने के लिए स्काईवॉटर मशीन काफी कारगार साबित हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह मशीन वातावरण में मौजूद हवा की नमी को पानी में परिवर्तित कर देती है। यह मशीन नमी से 1,000 लीटर प्रतिदिन के हिसाब से पानी बड़े आराम से निकाल लेती है। इसकी मदद से लगातार कम हो रहे भूमिगत जलस्तर को रोका जा सकता है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2021। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मुख्यालय आए मुख्यमंत्री को पानी के बढ़े हुए बिलों के संबंध में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि नगर में इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगने के बाद से पानी के बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। पहले पानी का तीन माह का 4-5 सौ रुपए आने वाला बिल अब 6 से 8 हजार तक आने लगा है। लिहाजा इस वर्ष विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत बिलों को पूर्व की भांति असेसमेंट के आधार पर ही पानी के बिल लेने और पानी के मीटरों की जांच कराने की मांग की गई। ज्ञापन में नगर अध्यक्ष आनंद बिष्ट के साथ ही मोहित रौतेला, अरविंद पडियार, उमेश भट्ट, प्रमोद बिष्ट, अरुण कुमार, भूपेंद्र बिष्ट, मनोज बिष्ट, मोहम्मद रईस खान, उमेश गड़िया, सुशील सिंह व दयाकिशन पोखरिया के हस्ताक्षर मौजूद रहे।

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-लगाया पेयजल लाइन में सड़े चूहों के अवशेष आने व बिल दो से पांच गुने तक आने का आरोप
नवीन समाचार, नैनीताल, 25 फरवरी 2021। झीलों के शहर सरोवरनगरी नैनीताल में इन दिनों पेयजल और पेयजल बिलों की दिक्कतें हर जुबान पर हैं। वहीं नगर पालिका के पूर्व सभासद एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भाजपा से जुड़े डीएन भट्ट ने उत्तराखंड जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनके द्वारा पेयजल से संबंधित शिकायत करने व सूचना के अधिकार के तहत कुछ जानकारियां प्राप्त करने के लिए पत्र देने के एक घंटे बाद ही उनके पूरे क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गई है, और 24 घंटे बाद भी आपूर्ति बंद है। उन्होंने कहा है कि ऐसा पहली बार संयोगवश नहीं, वरन पूर्व में भी हर बार सोशल मीडिया में या लिखित शिकायत करने पर आपूर्ति बंद की जाती रही है। उन्होंने कहा है कि शिकायत करने पर केवल उनकी आपूर्ति ठप की जाए तो वह निपट लेंगे। पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बंद न की जाए।

अपनी शिकायत में उन्होंने कहा है कि एडीबी द्वारा निर्मित पेयजल योजना परियोजना में 90 करोड़ के करीब धनराशि व्यय होने के बावजूद न केवल गंदा पानी आ रहा है, बल्कि मनमाने बड़े बिल भी आ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पेयजल में न केवल कीड़े-मकोड़े, बल्कि सड़े हुए चूहों के अवशेष तक आ रहे हैं। इसकी शिकायत करने पर पूरे क्षेत्र का पानी बंद कर दिया गया है। इस बारे में पूछे जाने पर जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने कहा कि बिलों की रीडिंग एडीबी से आ रही है। शिकायत करने वालों के मीटरों की जांच कर बिल संशोधित किए जा रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने इस मामले में जानकारी से इंकार किया, अलबत्ता ‘नवीन समाचार’ द्वारा सूचना देने पर संज्ञान लेने की बात कही। साथ ही कहा कि स्वयं बात कर समस्या का समाधान करेंगे।

नगर पालिका की महिला सभासदों ने मंडलायुक्त को भेजा ज्ञापन, अयारपाटा सभासद ने आमरण अनशन की अनुमति मांगी
नैनीताल। नगर पालिका नैनीताल की महिला सभासदों-गजाला कमाल, निर्मला चंद्रा व प्रेमा अधिकारी आदि ने बृहस्पतिवार को पेयजल के बिलों के संबंध में कुमाऊं मंडल के आयुक्त को संबोधित नगर पालिका के सभी सभासदों के हस्ताक्षरों युक्त ज्ञापन उनकी अनुपस्थिति में अपर मंडलायुक्त संजय खेतवाल को सोंपा। ज्ञापन में एडीबी द्वारा लगाए गए मीटरों से प्राप्त रीडिंग के आधार पर पहले के मुकाबले दो से पांच गुना तक बड़े बिल आने की शिकायत की। उन्होंने मीटरों की जांच एवं बिलों में संशोधन किए जाने की मांग भी की और अन्यथा बड़े आंदोलन की धमकी दी। इस बारे में पूछे जाने पर जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने कहा कि बिलों की रीडिंग एडीबी से आ रही है। शिकायत करने वालों के मीटरों की जांच कर बिल संशोधित किए जा रहे हैं। उधर अयारपाटा वार्ड के सभासद मनोज साह जगाती ने उनके वार्ड के कई क्षेत्रों में केवल दो घंटे ही पानी आने का आरोप लगाया है और इस मामले में मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर आगामी तीन मार्च से आमरण अनशन करने की अनुमति मांगी है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 01 फरवरी 2021। नगर में 20 साल से बंद पड़े एक घर का 90 हजार रुपए का पानी का बिल आने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में भवन स्वामी नीलू शर्मा ने जल संस्थान से बिल कम करने की गुहार लगाई है। वहीं जल संस्थान भी इसे संस्थान की बड़ी लापरवाही मान रहा है, और जांच कराने की बात कही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरमाडेल कम्पाउंड निवासी अश्विनी कुमार वर्मा ने जल संस्थान से 1997 में पानी का कनेक्शन लिया था। 2001 में उनकी मृत्यु होने के बाद उनका पूरा परिवार घर में ताला लगाकर दिल्ली चला गया। लेकिन जल संस्थान घर बंद होने के बावजूद लगातार बिजली का बिल भेजता रहा। यहां तक कि लंबे समय तक बिल जमा नहीं होने पर जल संस्थान ने उनका कनेक्शन काटने के बाद आरसी भी उनके पते पर भेजता रहा, और इधर बिल का बकाया बढ़कर 90 हजार हो गया है। गृहस्वामी की ओर से यह गलती जरूर की गई कि उन्होंने संयोजन काटने के लिए विभाग को आवेदन नहीं किया। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय का इस मामले में कहना है कि बरसों से बंद घर का बिना जांच पड़ताल किए आरसी काटना विभागीय गलती है। इसकी जांच की जाएगी। सहायक अभियंता डीएस बिष्ट के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच की जाएगी और उत्तरदायी अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।

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नवीन समाचार, कांडा (बागेश्वर), 07 दिसम्बर 2020। क्षेत्र के गांव छीड़ी पैसिया में पेयजल पाइप लाइन टूटने से ग्राम जेठाई और बगचूड़ी ग्राम सभा में 5 दिन से पानी नहीं आ रहा है। इससे दोनों गांवों की करीब 18 सौ की जनसंख्या के घरों में पानी नहीं आ रहा है। ग्राम बंगचूड़ी के प्रधान भूपेश सिंह ने बताया कि छीड़ी पैसिया के जंगल में अज्ञात व्यक्ति द्वारा चीड़ का हरा पेड़ गिराया गया जिसके कारण पूरी लाइन ध्वस्त हो गई। ग्राम प्रधान ने इसकी शिकायत वन विभाग से की तो वन विभाग के दरोगा द्वारा बताया गया कि पेड़ काटने वाले की छानबीन की जा रही है। पता चलने पर मुकदमा किया जाएगा।

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-सिविल सोसायटी के लोग मिले जल संस्थान व एडीबी के अधिकारियों से
नवीन समाचार, नैनीताल, 21 नवम्बर 2020। नैनीताल की आधी आबादी को 15 नवंबर यानी दीपावली के दिन पेयजल लाइन फटने के बाद 20 नैनीताल यानी छठ की रात्रि बमुश्किल पानी मिल पाया। इस पर वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह के नेतृत्व में शनिवार को ‘सिविल सोसायटी’ के एक प्रतिनिधि मंडल ने जल संस्थान और एडीबी के अधिकारियों के साथ बीते दिनों नैनीताल में हुईं पानी की समस्या को लेकर एक विस्तृत चर्चा की। चर्चा में सोसायटी द्वारा पता करने की कोशिश की कि एडीबी द्वारा तैयार की गयी नई पेयजल लाइनों से नैनीताल में हो रही जल आपूर्ति समय-समय पर क्यों बाधित होती है, और ऐसे क्या वैकल्पिक उपाय हो सकते हैं ताकि भविष्य में ऐसी समस्या ना आए। तय हुआ कि आगे कुमाऊं मंडल के आयुक्त से अगले चरण में वार्ता की जाएगी।

इस दौरान वार्ता में यह तथ्य प्रकाश में आए कि पूर्व में नगर में राइजिंग मेन यानी पंपों से मुख्य टेंकों में पानी चढाने की मुख्य पाइप लाइन एमएस यानी माइल्ड स्टील की बनी होती थी और कम क्षमता की थीं। यह पाइप लाइनें अधिक दबाव में फटती रहती थीं परंतु कुछ घंटों में ही वेल्डिंग से इनकी मरम्मत हो जाती थी। लेकिन एडीबी ने इनकी जगह 2015 में अधिक क्षमता की डीआई यानी डक्ट आइरन की पाइप लाइनें डालीं। इनमें से स्नो व्यू को जाने वाली दो पाइप लाइनों के जोड़ पर लगने वाले गैस्केट अब तक 6 बार फट चुके हैं। इसका कारण इस ओर पानी व हवा का अत्यधिक दबाव बनना और यहां की भूमि का खिसकना हो सकता है। यह तथ्य भी इंगित किया गया कि डीआई की पाइप लाइनें सप्ताह के सातों दिन व दिन के 24 घंटे पानी की आपूर्ति के लिए बनी थीं, लेकिन पानी की काफी घंटे कटौती होने से पाइप लाइनों में हवा का अत्यधिक दबाव भी बन जाता है। यह भी पाइप लाइनों की गैस्केट के फटने का एक कारण हो सकता है।

इन गैस्केट को बदलने में कई दिनों का समय लगता है, जैसे इस बार 6 दिन का लगा। मरम्मत में फिर से एमएस की पाइप लाइन का हिस्सा डालकर उसे आरसीसी यानी सीमेंट-कंक्रीट से ढककर मजबूत किया जाता है। यह दो लाइनें अब तक कागजों में एडीबी से जल संस्थान को हस्तगत नहीं हुई हैं। यह भी पता चला कि डीआई की लाइनों में हर 6 माह में जंग लग जाती है। इसलिए घरों में बेहद लाल पानी आता है। इसके लिए पूरी लाइन को साफ करना पड़ता है। चर्चा में सिविल सोसायटी के जय जोशी, अरुण कुमार साह, अरुण रौतेला, अजय कुमार, विनीता यशस्वी व विनोद पांडे तथा जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता रवींद्र पाठक व एडीबी के अवर अभियंता रवींद्र चिलवाल शामिल हुए।

2012 से नहीं चला आरओ प्लांट, ‘सॉफ्टनिंग प्लांट’ का भी पूरा उपयोग नहीं
नैनीताल। वार्ता के दौरान यह तथ्य भी उभर कर आये कि नगर में एडीबी द्वारा वर्ष 2012 में बनाए आरओ प्लांट आज तक चले ही नहीं हैं। वहीं इससे पहले बने ‘सॉफ्टनिंग प्लांट’ का भी पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है, क्योंकि इसका रेजिन काफी महंगा है।

यह भी पढ़ें : छह दिन बाद शुरू हुई आपूर्ति, जल संस्थान ने बताया ऐसे मिलेगा पानी…

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 नवम्बर 2020। जल संस्थान की ओर से बताया गया है कि 6 दिन के बाद शाम सात बजे स्नोव्यू जलाशय को भरने वाली राइजिंग मेन में जलापूर्ति प्रारम्भ की गई है। अभी पम्प को कम गति में चलाकर परीक्षण किया जा रहा है। स्नोव्यू जलाशय में पानी पहुंचने के बाद सर्वप्रथम राइजिंग मेन एवं जलाशय की सफाई कराई जा रही है। इसके थोड़ी देर बाद धीरे-धीरे पम्प को पूरी क्षमता से चलाया जायेगा। सभी स्थिति सामान्य होने पर लगभग आधे घंटे के उपरांत बिड़ला जलाशय को भरने वाली राइजिंग मेन के पम्प चलाते जायेंगे।
यह भी कहा है कि अत्यधिक पेयजल समस्या के कारण अभी जलाशय में पानी एकत्रित न करते हुए इन दोनों जलाशयों से निकलने वाली सभी वितरण पाईप लाइनों में एक-एक घंटे तक अलग-अलग जलापूर्ति की जायेगी। आशा है कि रात भर में अलग-अलग समय पर सभी उपभोक्ताओं को थोड़ी थोड़ी मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो जायेगा। इस हेतु पम्प हाउस एवं दोनों जलाशयों पर कार्मिकों को तैनात कर दिया गया है। कल प्रातः से जलाशयों को भरने का कार्य प्रारम्भ किया जायेगा ताकि सभी जनों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल प्राप्त हो सके। समस्त उपभोक्ताओं को हुई अत्यधिक असुविधा के लिये जल संस्थान नैनीताल क्षमा प्रार्थी है।

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-गत 15 नवंबर से नगर के बड़े हिस्से में नहीं आ रहा था पानी
नवीन समाचार, नैनीताल, 20 नवम्बर 2020। शुक्रवार को दीपावली के छठे दिन पूर्वांचल का त्योहार छठ मनाया जा रहा था, और आज भी नगर में दीपावली के दिन यानी 15 नवंबर से शुरू हुआ पेयजल का संकट छठे दिन भी जारी रहा। इससे पूरे दिन नगर वासी पेयजल के लिए परेशान हुए और लोगों का काफी सारा समय पानी का इंतजाम करने में बीता। जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि बृहस्पतिवार रात्रि करीब 10 बजे डीआई यानी डक्टाइल आइरन की जगह एमएस यानी माइल्ड स्टील की पाइप लाइन लगाकर उसमें वेल्डिंग के बाद पाइप लाइन को आरसीसी यानी सीमेंट कंक्रीट से ढका गया। इसे मजबूत होने में समय लगता है। इसलिए शुक्रवार शाम सात बजे से इस लाइन में पानी चलाने की योजना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब कोई दिक्कत नहीं आएगी।

उल्लेखनीय है कि शहर की हजारों की आबादी को गत 15 नवंबर से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका कारण नगर की मुख्य पाइप लाइन-राइजिंग मेन गत 15 अक्टूबर को सीआरएसटी इंटर कॉलेज के पास फट गई थी। इसे दो दिन बाद 17 अक्टूबर को ठीक कर लिया गया था, किंतु इसके बाद एक बार फिर यह लाइन फट गई। इस कारण नगर के सबसे घने सात नंबर, स्टाफ हाउस, मेविला कंपाउंड, स्नो व्यू, आवागढ़, पॉपुलर कंपाउंड, कमलासन कंपाउंड व पाइंस सहित कई क्षेत्रों के लगभग दो हजार संयोजनों की 20 हजार के करीब आरोपी पिछले छह दिनों से पेयजल किल्लत झेल रही है। उल्लेखनीय है नैनीताल नगर पालिका की आधिकारिक जनसंख्या ही 40 हजार से कम है। इस प्रकार नगर की आधी आबादी पर यह पेयजल संकट है। विदित हो कि अप्रैल 2019 में भी यही राइजिंग मेन लाइन मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के पास फटने से पांच दिन तक पेयजल की आपूर्ति ठप रही थी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 19 नवम्बर 2020। शहर की हजारों की आबादी को गत 15 नवंबर से ठप हुई पेयजल की आपूर्ति बृहस्पतिवार को पांचवे दिन भी ठप रही। नगर की मुख्य पाइप लाइन-राइजिंग मेन के सीआरएसटी इंटर कॉलेज के पास जंगल में फट गई लाइन की वजह से करीब 40 हजार की जनसंख्या वाले नगर के सबसे घने सात नंबर, स्टाफ हाउस, मेविला कंपाउंड, स्नो व्यू, आवागढ़, पॉपुलर कंपाउंड, कमलासन कंपाउंड व पाइंस सहित कई क्षेत्रों के लगभग दो हजार संयोजनों की 20 हजार के करीब आबादी को पेयजल किल्लत झेलनी पड़ी है।

इस पर जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि पूरी रात्रि बिना एक मिनट भी रुके पेयजल लाइन को दुरुस्त करने का कार्य किया जाता रहा है। एडीबी द्वारा लगाई गई मूल लाइन वैल्डिंग न हो सकने वाली डीआई यानी डॉक्टियल आइरन की बनी है, जो कि पूर्व में अप्रैल 2019 में और इधर गत 15 अक्टूबर को फट गई थी। अब इसकी जगह क्षतिग्रस्त स्थान पर वैल्डिंग हो सकने वाली पाइन लाइन का गैस्केट युक्त जोड़ लगाया गया है। उन्होंने समाचार लिखे जाने तक बताया कि अब केवल दो जोड़ों की वैल्डिंग का कार्य बचा है। उन्होंने पूरी उम्मीद जताई कि रात्रि साढ़े 10 बजे तक पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।

एडीबी ने लगाया घटिया पाइप लाइन का ‘वाटर बम’, जल संस्थान की भी संलिप्तता: कुलौरा
नैनीताल। नैनीताल नगर में पिछले पांच दिनों से पेयजल की आपूति ठप होने पर उत्तराखंड ग्वाल सेवा संगठन के संस्थापक पंकज कुलौरा ने कहा कि दस से पंद्रह हजार परिवारों में पानी के लिए मचे हाहाकार का कारण है कुछ वर्ष पूर्व एडीबी द्वारा नई घटिया पाइप लाइन बिछाना है। उन्होंने इस कार्य में जल संस्थान के कर्मचारियों और अधिकारियों की भी पूरी संलिप्तता का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जल संस्थान के कर्मचारियों-अधिकारियों द्वारा नगर में रोस्टर सिस्टम इसलिए लागू किया क्योंकि इन घटिया पाइपों से लगातार पानी नहीं दिया जा सकता, और पानी के दबाव को भी यह पाइप रोक नहीं सकते। इस कारण जल संस्थान द्वारा थोड़े-थोड़े समय के लिए ही नगर में पानी दिया जाता है अन्यथा की स्थिति में यह ‘वाटर बम’ का काम करेगा। उन्होंने कहा यदि जल संस्थान के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत नहीं होती तो इनके द्वारा पाइप लगाते समय ही निर्माण कर रही कंपनी एडीबी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की जाती, क्योंकि निर्माण कार्य के बाद सारी जिम्मेदारी जल संस्थान की होती है। वहीं उत्तराखंड ग्वाल सेना के संस्थापक पूरन मेहरा ने भी कहा कि एडीबी ने नगर में घटिया पाइप लाइनों से ‘वाटर बम’ लगा दिया है। उल्लेखनीय है स्थानीय विधायक संजीव आर्य भी एडीबी की इन लाइनों में भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं। जबकि कुमाऊं मंडल के तत्कालीन आयुक्त राजीव रौतेला ने इन लाइनों की जांच और जल संस्थान के दो उच्चाधिकारियों के वेतन रोकने के आदेश भी दिए थे। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि यह लाइनें नगर के पेयजल आपूर्ति के दबाव को सहने योग्य नहीं हैं। फिर भी एडीबी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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-अप्रैल 2019 में भी यही लाइन फटने से पांच दिन पर पेयजल आपूर्ति रही थी ठप

मंगलवार सुबह नैनीताल में पानी भरने के लिए भटकते नगरवासी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 नवम्बर 2020। शहर की हजारों की आबादी को गत 15 नवंबर से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका कारण नगर की मुख्य पाइप लाइन-राइजिंग मेन गत 15 अक्टूबर को सीआरएसटी इंटर कॉलेज के पास फट गई थी। इसे दो दिन बाद 17 अक्टूबर को ठीक कर लिया गया था, किंतु इसके बाद एक बार फिर यह लाइन फट गई। इस कारण नगर के सबसे घने सात नंबर, स्टाफ हाउस, मेविला कंपाउंड, स्नो व्यू, आवागढ़, पॉपुलर कंपाउंड, कमलासन कंपाउंड व पाइंस सहित कई क्षेत्रों के लगभग दो हजार संयोजनों की 20 हजार के करीब आरोपी चार दिनों से पेयजल किल्लत झेल रही है। उल्लेखनीय है नैनीताल नगर पालिका की आधिकारिक जनसंख्या ही 40 हजार से कम है। इस प्रकार नगर की आधी आबादी पर यह पेयजल संकट है। विदित हो कि अप्रैल 2019 में भी यही राइजिंग मेन लाइन मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के पास फटने से पांच दिन तक पेयजल की आपूर्ति ठप रही थी।

इस पर जल संस्थान के द्वारा कुछ क्षेत्रों में अस्थाई लाइनें जोड़कर तथा टैंकरों व गेलनों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, जो कि नगर के अनेक क्षेत्रों में दुर्गमता की वजह से नाकाफी साबित हो रही है। इस कारण लोग सुबह से लेकर रात्रि तक पानी के लिए इंतजार कर रहे हैं। इस पर जल संस्थान के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम तक पेयजल आपूर्ति शुरू हो सकती है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 30 सितंबर 2020। देश-प्रदेश में चल रही ‘हर घर को नल व हर नल में जल’ की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद नैनीताल जनपद की जनपद की सबसे बड़ी ग्राम सभा खेड़ा और इससे लगी नवाड़ खेड़ा ग्राम सभाओं की करीब 6000 की जनसंख्या में पिछले करीब 20 दिनों से नलों से पेयजल की एक बूंद नहीं टपकी है। इस पर पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट की अगुवाई में क्षेत्रवासियों ने खेड़ा चौराहा पर क्षेत्रीय जनता के साथ प्रदर्शन किया। इस मौके पर एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा गया।

ज्ञापन में जल्द पानी न आने पर क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों ने जनता के साथ अन्न त्यागकर अनशन करने की धमकी भी दी गई। प्रदर्शन में ग्राम प्रधान लीला बिष्ट, मनोज रावत, दामोदर जोशी, प्रेम सिंह राणा, प्रमोद कुमार, जोगा सिंह मेहता, हीरा सिंह बिष्ट, पंकज राणा, भानु प्रताप सिंह, पूरन रावत, भावना, ममता, उत्तम सिंह व मनोज सिंह सहित अनेक लोग शामिल हुए। श्री बिष्ट ने बताया कि कई बार अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराने के बाद भी पेयजल का ट्यूबवेल खराब है। ऐसा जल संस्थान और विद्युत विभाग के बीच विवाद की वजह से हो रहा है।

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नवीन समाचार, हल्द्वानी, 21 सितंबर 2020। डीएम सविन बंसल द्वारा प्रदेश की आर्थिक राजधानी हल्द्वानी पेयजल योजना की पेयजल क्षमता वृद्धि हेतु की गयी कड़ी मेहनत रंग लायी है। शीतलाहाट पेयजल योजना से अब शहर को 1.25 एमएलडी से बढ़कर 3.75 एमएलडी पेयजल प्राप्त होगा। इससे हल्द्वानी महानगर वासियों को निर्बाध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि डीएम बंसल ने फरवरी माह में हल्द्वानी को निर्बाध पेयजल आपूर्ति देने के उद्देश्य से स्वयं लगभग 1.5 किलो मीटर दुर्गम क्षेत्र में पैदल चलकर शीतलाहाट गधेरे स्थित जल स्त्रोत एवं गौला बैराज से नहर के माध्यम से फिल्टरेशन प्लांट तक का निरीक्षण कर इसकी क्षमता वृद्धि हेतु अधिकारियों को निर्देश दिये थे।

खासकर गौला बैराज से शीशमहल फिल्टर प्लांट तक आने वाली नहर कई जगह क्षतिगस्त होने से नहर का लगभग 35 से 40 प्रतिशत पानी लीकेज एवं सीपेज के कारण बर्बाद हो जाता था, इसी तरह गधेरे से अधिकतर पानी ओवर फ्लो होकर गौला नदी मे चला जाता था। लिहाजा गौला बैराज से फिल्टर प्लांट तक आने वाली नहर की मरम्मत हेतु सिचाई विभाग को 31 लाख तथा शीतलाहाट गधेरे से शीतलाहाट फिल्टर प्लांट तक पेयजल लाइन बिछाने हेतु 20 लाख की धनराशि खनन न्यास निधि से निर्गत की थी। इसी तरह शीशमहल फिल्टर प्लांट की मरम्मत, रिसाव ट्रीटमेंट कार्य, फिल्टर प्लांटों के भवनों की मरम्मत, एवं निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 17 लाख की धनराशि आवंटित की थी।

गुजरे 15 वर्षों जल संस्थान को किसी भी प्रकार की धनराशि शीशमहल फिल्टर प्लांट की मरम्मत एवं उच्चीकरण हेतु नहीं मिल पायी थी। लीकेज एवं सीपेज के कारण बरबाद हो रहे 30 प्रतिशत पानी को फीडर कैनाल की मरम्मत कर रोका गया। साथ ही फिल्टर प्लांट तक पानी पहुॅचने का समय में लगभग एक घण्टे की कमी आई है। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, एसडीएम विवेक राय, गौरव चटवाल, अधीक्षण अभियंता सिंचाई संजय शुक्ला, अधिशासी अभियंता सिंचाई तरुण बंसल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान विशाल सक्सेना, भू-वैज्ञानिक रवि नेगी, सहायक अभियंता सिंचाई श्री पाण्डे आदि मौजूद रहे।

गौलापार की पेयजल व्यवस्था को भी डीएम से ऐसे ही ट्रीटमेंट की उम्मीद

हल्द्वानी। हल्द्वानी शहर की तरह की शहर से लगे गौलापार (ग्रेटर हल्द्वानी) वासियों को डीएम से अपनी पेयजल व्यवस्था के समाधान के लिए ऐसे ही ट्रीटमेंट की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि गौलापार के पहाड़ से लगे सुल्ताननगरी, खेड़ा, नवाड़खेडा व कुंवरपुर तक की हजारों की आबादी को कालीचौड़ मंदिर के पास के गधेरे के प्राकृतिक जल स्रोत से होने वाली पेयजल आपूर्ति होती आई है। लेकिन हालिया वर्षों में भाबर क्षेत्र होने के कारण भूजल स्तर काफी नीचे होने के बावजूद कमोबेश जबर्दस्ती बनाए गए नलकूपों से यहां पेयजल आपूर्ति होने लगी है, परंतु अक्सर कभी बिजली जाने, कभी नलकूप फुंकने तो कभी जल स्तर नीचे होने के कारण यहां नलकूपों से जलापूर्ति ठप होती रहती है। वहीं कुछ वर्ष पूर्व बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई परंपरागत पेयजल लाइन को दुरुस्त करने की ओर किसी का ध्यान नहीं है। बताया गया है यह लाइन काफी पुरानी भी हो चली है, इसलिए भी विभाग का ध्यान इसकी मरम्मत करने पर नहीं है।

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-पहली बार किसी डीएम ने जाना हल्द्वानी की ब्रिटिशकालीन पेयजल व्यवस्था का वास्तविक हाल, अब शहर को मिलेगा यह लाभ…

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 2 फरवरी 2020। बात छोटी भी लग सकती है, पर है बड़ी। खासकर इस लिहाज से कि सामान्यतया अधिकारी केवल मातहतों को आदेश देने का अधिकार तो जताते हैं, और पर स्वयं समस्याओं की असलियत से वाकिफ नहीं होते। ऐसे में अक्सर मातहत अधिकारियों को अपनी तरह से चला लेते हैं, और समस्या का वास्तविक समाधान नहीं करते। कई बाद धरातल पर समस्याओं का मौजूदा परिस्थितियों में समाधान भी संभव नहीं होता है। यानी पूरी प्रशासनिक व्यवस्था मूलतः नीचे के दर्जे के कर्मचारियों की रिपोर्टिंग पर निर्भर करती है। लेकिन जनपद के डीएम सविन बंसल स्वयं धरातल पर जाकर समस्याओं को अपनी आंखों से देखने और उनका समाधान निकालने की नीति पर चलते हैं।

उनकी यह प्रवृत्ति कुमाऊं के प्रवेश द्वार व प्रदेश की आर्थिक राजधानी हल्द्वानी में पेयजल की समस्या के निदान में भी देखने को मिली। गत दिवस नगर की पेयजल आपूर्ति के प्रमुख प्राकृतिक स्रोत शीतलाहाट वाटर प्लांट का निरीक्षण करते हुए जब उन्हें जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि प्लांट को पानी पहाड़ी के ऊपर 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गधेरे से आता है, और ग्रीष्म काल में हल्द्वानी में पानी की किल्लत के समय इस प्लांट पर निर्भरता काफी अधिक रहती है तो वे तुरंत ही अधिकारियों को लेकर पहाड़ी पर स्थित गधेरे की ओर निकल पड़े और रास्ते में स्वयं जान जोखिम में डालकर काठगोदाम-भद्यूनी मोटर मार्ग पर पहाड़ी के दुर्गम तथा भू-स्खलन के कारण खतरों व चुनौतियों से भरी राह पर खुद रास्ता बनाते हुए शीतलाहाट गधेरे में मौजूद जल स्रोेत का मातहत अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंच गए। बताया गया है कि श्री बंसल पहले डीएम हैं जो जान जोखिम में डालकर इस दुर्गम इलाके में 1 किलोमीटर की दुर्गम चढ़ाई पार कर गधेरे तक पहुंच गए।

गधेरे के निरीक्षण के दौरान उनके संज्ञान में आया कि बरसात के समय गधेरे का अधिकांश पानी ओवर फ्लो होकर गौला नदी में समा जाता है। पानी की बरबादी को रोकने तथा हल्द्वानी शहर को पेयजल की आपूर्ति और अधिक बेहतर हो सके, इसलिए पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए श्री बंसल ने निर्णय लिया कि बरबाद होने वाले पानी को प्लांट तक पहुॅचाने के लिए गधेरे में नई पाईप लाईन डालकर शीतलाहाट वाटर प्लांट से जोड़ दिया जाये। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल संस्थान विशाल सक्सेना को निर्देश दिए कि गधेरे से प्लांट तक 200 एमएम की 750 मीटर लम्बी पाईप लाइन डालने का यथाशीघ्र प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करें। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए उन्होंने खनिज फाउंडेशन निधि से 25 लाख की धनराशि भी मौके पर ही स्वीकृत कर दी। डीएम की तत्परता से गधेरे के पानी की जहां बरबादी रुकेगी, वहीं शहर को आपूर्ति होने वाले पेयजल की मात्रा एवं शुद्धता में वृद्धि भी होगी।

उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी में पेयजल की आपूर्ति परंपरागत तौर पर गौला नदी से तथा काठगोदाम-भद्यूनी मोटर मार्ग पर पहाड़ी के दुर्गम इलाके में मौजूद शीतलाहाट गधेरे से होती आई है। अक्सर बरसात होने पर पानी में रेत आने से गौला नदी से होने वाली पेयजल आपूर्ति ठप हो जाती है, वहीं गर्मियों में नलकूपों का भूजल स्तर काफी नीचे चला जाता है। ऐसे में शीतलाहाट के गधेरे से होने वाली पेयजल आपूर्ति हल्द्वानी वासियों के लिए जीवनदायिनी साबित होती है। लेकिन इस जल स्रोत की कभी ठीक से सुध नहीं ली गई। ज्ञात जानकारी के अनुसार अब तक जिले के हाकिम जल स्रोत को देखने कभी नहीं गए।

श्री बंसल ने इस दौरान ब्रिटिश शासनकाल में शीतलाहाट प्लांट से हल्द्वानी शहर को की जाने वाली पेयजल आपूर्ति प्रक्रिया, वर्तमान में चल रही पेयजल आपूर्ति प्रक्रिया, पेयजल की आपूर्ति बढ़ाने की संभावनाओं का विस्तार से मौका मुआयना किया। इसके साथ ही उन्होंने पानी को साफ करने के लिए पानी में क्लोरीन एवं फिटकरी मिलाने की प्रक्रिया का निरीक्षण भी किया। उन्होंने फिल्टर बैडो की सफाई (बैक वॉशिंग) तथा पेयजल का क्लोरीनेशन व संबंधित जॉच भी अपने सामने करायी। जॉच में पानी पेयजल हेतु उपयुक्त पाया गया। निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत डीके जोशी आदि मौजूद रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 20 अगस्त 2019। मुख्यालय में एडीबी द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद पहले त्रुटिपूर्ण पेयजल लाइनें बिछाने और इधर नये त्रुटिपूर्ण मीटर लगाने पर डीएम सविन बंसल ने संज्ञान लिया है। मंगलवार को डीएम ने इस संबंध में जल संस्थान के पंप हाउस एवं मस्जिद तिराहे के पास अक्सर चोक ही रहने वाली सीवर लाइन का निरीक्षण किया, तथा खास तौर पर एडीबी के अधिकारियों को मीटरों की खराबी दूर करने एवं नगर में कार्य करने के अपने अनुबंध तलब किये। साथ ही प्रबंध निदेशक जैसे सक्षम अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों से शहर वासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नियमित पानी की जांच एवं क्लोरीनेशन कराने को भी कहा। वहीं जल संस्थान के मुख्य पम्प हाउस में सीसीटीवी कैमरे लगाने एवं परिसर में पड़ी निष्प्रयोज्य सामग्री को नीलाम करने को भी कहा।

इस दौरान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके उपाध्याय ने स्वीकारा कि मीटरों में खराबी है। डीएम ने उनसे मीटरों की खराबी दूर करने को को कहा ताकि उपभोक्ताओं के त्रुटिपूर्ण बिल न आएं। साथ ही जल संस्थान व जल निगम के अधिशासी अभियंताओं को शहर की सीवर लाईनों का निरीक्षण करने एवं अत्यधिक जन दबाव के कारण चोक अथवा ओवरफ्लो होने वाले स्थानों को चिन्हित कर उनकी रिपोर्ट था सीवर लाईनों का व्यास बढ़ा कर दुरूस्त करने के लिए व आगणन प्रस्तुत करने को भी कहा। डीएम ने घरों के वर्षा जल को सीवर लाईनों से हटाकर उनका पानी नालियों में डलवाने को भी कहा, और ऐसा न करने पर संबंधित गृह स्वामियों के खिलाफ अर्थ दंड के साथ ही कड़ी कानूनी कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश भी दिये। निरीक्षण के दौरान एडीएम केएस टोलिया, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान एएस अंसारी, एई डीएस बिष्ट व ईई एके वर्मा आदि अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 अगस्त 2019। उत्तराखंड जल संस्थान की ओर से इस बार नगर के घरेलू पेयजल के पिछले बिलों के मुकाबले 1500 गुने तक बड़े दिये गये हैं। इससे नगर वासियों में आक्रोश के साथ इतने बड़े बिलों को देखकर तनाव की स्थिति है। उदाहरण के लिए जिन उपभोक्ताओं के अब तक दो माह के 462 रुपए के पेयजल व सीवर के बिल आ रहे थे, इस बार 7000 रुपए तक के बिल आये हैं। बिलों में मीटर की रीडिंग एक माह में 6-7 लाख यूनिट तक बताई जा रही है, जोकि घरेलू संयोजनों में असंभव है। जल संस्थान के कार्यालय में भी हर रोज ऐसी शिकायतें लेकर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। इधर शुक्रवार को नगर पालिका सभासद मनोज साह जगाती ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन देकर इस समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर जनता व अन्य सभासदों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी गयी है। वहीं पूछे जाने पर अधिशासी अभियंता ने स्वयं को बैठक में व्यस्त बताया। जबकि सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने मीटर रीडिंग में मीटरों से वाईफाई के जरिये ली जा रही रीडिंग में गलती आने की बात स्वीकारते हुए मीटरों का निरीक्षण कराकर संशोधित बिल बनाने की बात कही है।

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-कर्मचारी संगठन ने किया नैनीताल से जल निगम के एसई कार्यालय को हल्द्वानी ले जाने के विरोध का ऐलान
-गत वर्ष तत्कालीन पेयजल मंत्री स्वर्गीय प्रकाश पंत ने नहीं करने दिया था स्थानांतरण
नवीन समाचार, नैनीताल, 30 जून 2019। जिला एवं मंडल मुख्यालय सरोवरनगरी नैनीताल से राज्य बनने के बाद विकास संबंधी सहित दर्जनों जिला व मंडल स्तरीय कार्यालय बाहर जा चुके हैं, और अब भी हाईकोर्ट सहित अन्य कार्यालयों को बाहर ले जाने के प्रयास जारी हैं। गत वर्ष उप निदेशक पशु पालन के मंडलीय कार्यालय के बाद एक बार फिर जल निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय को मुख्यालय से बाहर हल्द्वानी ले जाने के प्रयास शुरू हो गये हैं। बताया गया है कि गत वर्ष भी इस कार्यालय को बाहर ले जाने के प्रयास शुरू हुए थे, किंतु तब कर्मचारियों द्वाा तत्कालीन पेयजल मंत्री प्रकाश पंत तक शिकायत पहुंचाये जाने पर यह टल गया था, किंतु एक बार पुनः प्रयास शुरू हो गये हैं। स्वर्गीय पंत ने आश्वासन दिया था कि कार्यालय यहीं रहेगा, क्योंकि जल निगम के अधिशासी अभियंता सहित अन्य सभी कार्यालय भी नगर से बाहर जा चुके हैं, लिहाजा निगम का एक कार्यालय मुख्यालय में ही रहेगा।
इधर इस कार्यालय को बाहर ले जाने के विरोध में जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष कुमाऊं विरेंद्र बिष्ट की ओर से अधीक्षण अभियंता को अपनी लिखित शिकायत दे दी गयी है। उनका कहना है कि कार्यालय को हल्द्वानी ले जाने पर आंदोलनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में गुसाई राम, गीता आर्या, लता जोशी, मनवर रावत, बृजमोहन जोशी, जगत सिंह, राम सिंह, नंदन शाही, विमला देवी, बसंती देवी, नीलम बिष्ट व चंपा शर्मा आदि के हस्ताक्षर हैं।

यह भी पढ़ें : फिर फटी नैनीताल में “भ्रष्टाचार” की पाइपलाइन

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 मई 2019। नगर में भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुकी करीब 80 करोड रुपए से एशियाई विकास बैंक के माध्यम से पिछले वर्ष ही बनी पाइप लाइन एक बार फिर फट गई है। जिस कारण नगर के कई ऊपरी हिस्सों में फिर पेयजल आपूर्ति का बाधित हो गई है। जल संस्थान के सहायक अभियंता दिलीप सिंह बिष्ट ने स्वीकारा कि भोटिया बैंड के पास बिड़ला के टैंक को जाने वाली राइजिंग मेन यानी मुख्य पाइप लाइन बीती रात्रि फिर से फट गई है। रात्रि में देर से जानकारी लगने के कारण बृहस्पतिवार सुबह इसकी मरम्मत शुरू हो पाई। मरम्मत होने में फिर करीब एक-डेढ़ दिन का समय लग सकता है। अभी टैंक में भरे पानी से आपूर्ति की जा रही है। लेकिन इसके बाद बिड़ला टैंक से आपूर्ति होने वाले बिड़ला, मंगावली, 7 नंबर व रतन कॉटेज के इलाकों में पेयजल की आपूर्ति बाधित होनी तय है। स्थानीय लोगों से इस दौरान किफायत के साथ पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। उल्लेखनीय है कि गत दिवस एडीबी की पाइपलाइन लाइनों में भ्रष्टाचार का मामला नगर के पत्रकारों के द्वारा संज्ञान में लाये जाने के बाद मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कराने के निर्देश दे दिये गये थे। जिसके बाद जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एचके पांडेय के आदेशों पर जल संस्थान के महाप्रबंधक डीके मिश्रा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गयी थी।

नैनीताल की पेयजल लाइनों की जांच के लिए बनी समिति

देहरादून। नैनीताल नगर में बिछायी गयी पेयजल लाइनों के बार-बार फटने के मामले में जांच बिठा दी गयी है। इस मामले की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जांच कराने की बात कही थी। जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एचके पांडेय ने बताया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शासन ने जांच बिठाने के आदेश दिये थे। इसी क्रम में महाप्रबंधक नैनीताल डीके मिश्रा की अध्यक्षता में जांच समिति बनायी गयी है। इसमें अधीक्षण अभियंता हल्द्वानी एएस अंसारी, अधिशासी अभियंता नैनीताल, एडीबी के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके रजवाड़ व अधिशासी अभियंता निर्माण शाखा नैनीताल को सदस्य बनाया गया है। जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विगत दिनों नैनीताल दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने उनसे इस संबंध में शिकायत की थी। जिस पर उन्होंने जांच कराने को कहा था।

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-डीएम ने ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत जिले में पेयजल की आपूर्ति की समीक्षा करते हुए दिये निर्देश, नियमों के अनुरोध पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ काट दिया जाएगा जल संयोजन
-छत की टंकियों से पानी गिरता पाए जाने पर दंडात्मक कार्यवाही एवं जल संयोजन विच्छेदित कर दिया जाएगा
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2019। मंडलायुक्त के बाद रविवार को डीएम विनोद कुमार सुमन ने नैनीताल जनपद में पेयजल की समस्या के मद्देनजर संबंधित विभागों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने आगामी 30 जून तक के लिए नए जल संयोजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही पेयजल का उपयोग सिंचाई, धुलाई, आदि कार्यों में करने के साथ ही पूर्व स्वीकृत भवन निर्माण तथा सर्विस सेंटरो पर टुल्लू पंप का प्रयोग एवं वाहनों की धुलाई तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। यहां वाहन केवल ‘ड्राईवॉश’ किये जा सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्यवाही के साथ-साथ जल संयोजन विच्छेदन करने के आदेश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त छत की टंकियों से पानी गिरता पाए जाने पर दंडात्मक कार्यवाही एवं जल संयोजन विच्छेदित कर दिया जाएगा। इसके अलावा डीएम ने मुख्य एवं वितरण पाईप लाईनों में लीकेज परिलक्षित होने पर लीकेजों को तत्काल बन्द कराने के निर्देश जल संस्थान के अधिकारियों को दिये हैं और लीकेज पाये जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कार्यवाही अमल में लाने की चेतावनी दी है। साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों तथा सिटी मजिस्ट्रेट को पेजयल से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों के अनुपालनों की गहतना से निगरानी करने तथा प्रभावी कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।
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-सीडीओ बनाये गये पेयजल आपूर्ति के नोडल अधिकारी, मंडल में पानी की बर्बादी पर लगाई रोक
-कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने पर्यटन सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए दिये निर्देश
नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मई 2019। कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने शनिवार को कुमाऊं मंडल में गर्मियों में बढ़ती जा रही पेयजल की समस्या एवं इसके निदान के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जनपदवार समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने गर्मियों में पानी बचाने के लिए भवनों के निर्माण तथा गैराजों में वाहन धोने, अनावश्यक जानवरों को नहलाने व बाग बगीचों को सींचने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा जल संस्थान द्वारा गर्मी के सीजन में की जा रही जलापूर्ति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी जिलों में जिलों के सीडीओ को ग्रीष्मकाल एवं पर्यटक सीजन के दौरान पेयजल आपूर्ति को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दे दी है।
साथ ही आपूर्ति में सुधार हेतु उन्होंने जन शिकायतों के पंजीकरण के लिए हर जिले में सशक्त एवं जन-उपयोगी कंट्रोल रूम सक्रिय करने, जल संस्थान के महाप्रबंधक, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों के व्हाट्सएप युक्त मोबाईल नंबर जारी करने और प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली एवं लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिये। खासकर हल्द्वानी में पेयजल की आपूर्ति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने वहां काम कर रहे सभी नलकूपों की अलग-अलग इन्वंेट्री व लॉग बुक बनाने तथा अपडेट रखने को कहा, और स्वयं नजर रखने की बात कही। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल समस्या के निदान को नलकूल स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा। बिजली विभाग के अधिकारियों को पानी की आपूर्ति के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाने के निर्देश भी दिये। बैठक में अपर आयुक्त संजय खेतवाल, मुख्य अभियंता जल संस्थान राजेश्वर प्रसाद, महाप्रबंधक जल संस्थान डीके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता एएस अंसारी, डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय तथा मण्डलभर के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पूर्व समाचार : ADB का बड़ा घोटाला उजागर करने के बाद आखिर पांचवे दिन आने लगा पानी, रात में फिर दो जगह फट गयी थी

नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2019। एडीबी की करोड़ों रुपये की पेयजल लाइनों में ‘हैंडओवर’ होने से पहले ही कम से कम पांच बार मुख्य लाइन ‘राइजिंग मेन’ के फटने के साथ बड़ा घोटाला उजागर करने के बाद आखिर पांच दिन के बाद झील के नगर नैनीताल की करीब आधी आबादी को बुधवार सुबह पानी नसीब हो गया है। इससे पहले दो दिन की कड़ी मशक्कत से दो जगह लाइनों की मरम्मत के बाद मंगलवार मध्य रात्रि भोटिया बैंड के पास दो जगह, मरम्मत की गयी लाइन तथा बिड़ला की लाइन में पैंकिंग से लीकेज हो गयी थी, जिसे रात्रि में फिर दुरुस्त किया गया। इसके अलावा दो की जगह केवल एक पंप ही चलाकर लाइन में पानी चढ़ाया गया ताकि लाइन में अधिक प्रेशर न आये और कहीं यह दुबारा न फट जाये। इसके बाद जल संस्थान के सहायक अभियंता दिलीप सिंह बिष्ट ने बताया कि मुख्य टैंक करीब आधा भर गया है, और इससे पेयजल की आपूर्ति सुचारू की जा रही है।
इधर बताया जा रहा है कि उच्च न्यायालय में जल संस्थान के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर कर दी गयी है और इस पर 1 नंबर कोर्ट में आज सुनवाई हो सकती है। लेकिन तथ्य यह भी हैं कि यह लाइनें करोड़ों रुपये खर्च कर एडीबी यानी एशियाई विकास बैंक की परियोजना के तहत ऋण की धनराशि से बनाई गयी हैं, और जल संस्थान को हस्तांतरित होने से पहले ही, शुरू से इनमें लीकेज तथा फटने की समस्या आ रही है, जो कि बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। स्थानीय विधायक संजीव आर्य भी इसमें बड़े घोटाले का इशारा कर चुके हैं। उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट इस घोटाले पर किसी जांच की घोषणा करेगी, जिससे घोटाले पर स्थिति साफ हो सकती है।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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