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देश को मिला क्रिकेट का नया ‘वंडरबॉय’, 14 की उम्र में खेली 556 की नाबाद पारी

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नई दिल्ली, 31 अक्तूबर 2018। सिर्फ 14 साल की उम्र में 556 रनों की नाबाद मैराथन पारी, इसके अलावा मैच में 6 विकेट। प्रियांशु मोलिया के रूप में भारत को क्रिकेट का एक नया वंडरकिड मिल चुका है। 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के हीरो मोहिंदर अमरनाथ की शागिर्दगी में खेल की बारीकियां सीख रहे मोलिया ने दो दिवसीय अंडर-14 टूर्नमेंट में यह कारनामा किया। वडोदरा क्रिकेट अकैडमी के ग्राउंड में श्री डी. के. गायकवाड़ अंडर-14 टूर्नमेंट के मैच में मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट अकैडमी की तरफ से खेलते हुए मोलिया ने योगी क्रिकेट अकैडमी के खिलाफ यह शानदार पारी खेली।
ऑफ स्पिनर प्रियांशु मोलिया ने पहले तो गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके। सोमवार को योगी अकैडमी सिर्फ 52 रनों पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद प्रियांशु की बल्लेबाजी की बारी आई। पहले दिन का खेल खत्म होने तक प्रियांशु 408 रनों पर नॉट आउट रहे। मंगलवार को खेल के आखिरी दिन उन्होंने अपने स्कोर में 148 रन और जोड़े। प्रियांशु ने 319 गेंदों में 556 रनों की जबरदस्त पारी खेली जिसमें 98 चौके और एक छक्का शामिल रहा। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट अकैडमी ने अपनी पहली पारी 826/4 पर घोषित की। इसके बाद टीम ने योगी अकैडमी की दूसरी पारी को 84 रनों पर समेटकर पारी और 689 रनों के विशाल अंतर से मैच जीत लिया। प्रियांशु का इस टूर्नमेंट में पिछला हाइएस्ट स्कोर 254 रन था, जिसे उन्होंने पिछले साल में ही बनाया था।

उत्तराखंड के आर्यन की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका से जीती वनडे क्रिकेट सीरीज

भारत की अंडर-19 टीम ने अंतिम मैच में श्रीलंका को हराकर पांच वन-डे मैचों की सीरीज में तीन-दो से कब्जा कर लिया है। खास बात यह है कि भारत टीम ने यह कारनामा उत्तराखंड के हल्द्वानी के आर्यन जुयाल की कप्तानी में किया। भारत के सीरीज जीतने पर हल्द्वानी में जश्न का माहौल है। सीरीज दो-दो से बराबर होने के बाद अंतिम और निर्णायक मैच भारत ने 8 विकेट से जीत लिया। फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ने ताइरोने फर्नाडो स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 212 रन का स्कोर बनाया, जिसे भारत ने 42.4 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। मेजबान टीम के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला शतक बनाने से चूक गए। उन्होंने 137 गेंदों पर सात चौकों की बदौलत 95 रन बनाए। नोवानिदु फर्नाडो ने 68 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया तथा 50 रन की पारी खेली। टीम के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।

भारत की ओर से मोहित जांगड़ा ने 30 रन देकर सर्वाधिक दो विकेट लिए। इसके अलावा अजय देव गौड़, सिद्वार्थ देसाई, हर्ष त्यागी, आयुष बदौनी और समीर चौधरी को एक-एक विकेट मिला।  लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (नाबाद 114) के शानदार शतक जमाया। जायसवाल ने 128 गेंदों पर आठ चौके और तीन छक्के लगाए।

इसके अलावा देवदत्त पडिकल ने 48 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 38 और पवन शाह ने 45 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के सहारे 36 रन का योगदान दिया। कप्तान आर्यन जुयाल ने नाबाद 22 रन बनाए। श्रीलंका के लिए लक्षिता मानसिंगे और अविस्का लक्षण को एक-एक विकेट मिला।

भारतीय अंडर-19 टीम दो टेस्ट और पांच वन-डे मैचों की सीरीज खेलने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर गई थी। भारतीय टीम के युवा लड़ाकों ने टेस्ट के बाद वन-डे सीरीज में मात देकर श्रीलंका में अपना डंका बजा दिया। इनमें सबसे खास यह रहा कि टेस्ट और वन-डे फॉर्मेट में टीम की कमान रामनगर के अनुज रावत और हल्द्वानी के आर्यन जुयाल के हाथ में थी। दोनों ने टीम में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका निभाई। पहली दफा दोनों को टीम की कमान सौंपी गई थी। इसे देखते हुए दोनों ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और भारत को दोहरी खुशी मनाने का मौका दे दिया।

कप्तानी के चलते आर्यन जुयाल पर श्रीलंका में बड़ी जिम्मेदारी थी। आर्यन ने पांच मैच में 119 रनों का योगदान भारतीय टीम को दिया। इसमें आर्यन ने एक शानदार अर्द्धशतक भी मारा। 67 गेंदों पर उन्होंने शानदार 60 रन ठोके। इस मैच में भारत ने 143 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। पांचवें और अंतिम मैच में आर्यन जुयाल ने नाबाद 22 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। पांच मैचों में आर्यन का औसत 23.8 रहा। वहीं उन्होंने विकेटकीपिंग में भी कमाल दिखाते हुए 11 श्रीलंकाई बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। विकेट के पीछे आर्यन ने नौ कैच लपकने के साथ एक रनआउट और एक स्टंपिंग भी की। रामनगर के अनुज रावत को श्रीलंका में खेले गए पांच वन-डे में तीन मैच खेलने का मौका मिला। अनुज ने तीन मैच में 26 के औसत से 79 रन बनाए। इसमें पहले वन-डे में अनुज ने 85 गेंदों पर शानदार एक पचासा भी बनाया। शेष दो मैचों में अनुज ने 29 रन टीम के लिए बनाए।

हल्द्वानी में घर पर जश्न का माहौल

पिता डॉ. संजय जुयाल ने बताया कि बेटे की कप्तानी में भारत का सीरीज जीतना बेहद खुशी का मौका है। पहली दफा विदेश में कप्तानी मिलने के मौके को बेटे ने बखूबी निभाया। डॉ. जुयाल ने बताया कि इससे आर्यन के लिए आगे नये मौके बनेंगे। बताया कि बेटे के सीरीज जीतने के बाद फोन और घर पर बधाई देने वालों का तांता रहा।

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-क्रिकेटर मोहित शर्मा को दक्षिण अफ्रीकी दौर में भी भारत की जीत का भरोसा
-टीम में आने से अधिक देश के जीतने से मिलती है खुशी: मोहित शर्मा

क्रिकेटर मोहित शर्मा।

नवीन जोशी, नैनीताल। 2015 के खेलों के महाकुंभ विश्वकप में भारतीय टीम में तेज गैंदबाद के रूप में अहम सदस्य रहे मोहित शर्मा इस वर्ष पत्नी श्वेता शर्मा के साथ क्रिसमस नैनीताल में मनाएंगे। उल्लेखनीय है कि मोहित ने पिछले वर्ष श्वेता के साथ शादी के बाद पहला नया वर्ष भी यहीं मनाया था। मोहित ने कहा, ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्हें नैनीताल बहुत पसंद है। वे वर्ष 2000 के आसपास से कमोबेश हर साल नैनीताल आते रहते हैं। वह यहां फ्लैट्स मैदान में कई वर्ष अखिल भारतीय क्रिकेट खेलते रहे हैं।
वहीं भारतीय क्रिकेट पर बात करते हुए उन्होंने विश्वास जताया है कि जीत के रथ पर सवार भारतीय टीम देश में बेहतरीन प्रदर्शन का सिलसिला विदेशी धरती पर भी जारी रखेगी, और आगामी दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर भी इसी तरह जीत दर्ज करेगी। चोट की वजह से भारतीय टीम से बाहर चल रहे शर्मा ने कहा कि टीम अच्छा कर रही है, यह उनके लिए स्वयं के टीम में शामिल होने से अधिक बड़ी बात है। उन्होंने अगले हफ्ते-10 दिन में चोट से उबरने का विश्वास जताते हुए कहा कि इसके बाद कड़ा अभ्यास कर टीम में वापसी का प्रयास करेंगे।

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शुक्रवार (22 दिसंबर 2017) को नगर के ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में ‘राष्ट्रीय सहारा’ से बात करते हुए मोहित शर्मा ने स्वीकारा कि लगातार जीत रही भारतीय टीम में स्थान बनाना आज की स्थिति में आसान नहीं है। क्योंकि सभी खिलाड़ी बेहतरीन फार्म में हैं। बावजूद खिलाड़ियों में टीम में शामिल होने के लिए किसी तरह की प्रतिस्पर्धा नहीं है। खासकर इस तरह के विचार नहीं आते हैं कि टीम में कोई खिलाड़ी कमजोर प्रदर्शन करेगा तो दूसरे को खेलने का मौका मिलेगा। इसके बजाय खिलाड़ी स्वयं में बेहद कड़ी मेहनत करते हैं। वे केवल इतना सोचते हैं कि जब भी उन्हें खेलने का मौका मिले, वे देश के लिए उम्मीदों पर खरे उतरते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।
कहा कोहली, धौनी, मैकुलम व स्मिथ को आउट करना यादगार
नैनीताल। तेज गैंदबाज मोहित शर्मा ने कहा कि भारतीय कप्तान विराट कप्तान, पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी, दक्षिण अफ्रीकी पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ व न्यूजीलेंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम के खिलाफ गैंदबाजी करना उनके लिए सर्वाधिक चुनौती रहा। खास बात यह भी रही कि इन सभी को उन्होंने अपनी गैंदों पर आउट भी किया, जो उनके लिए यादगार हैं।
क्रिकेटर मोहित शर्मा।

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फटाफट क्रिकेट में जब भी चौकों-छक्कों की बात होती है तो क्रिस गेल, विराट कोहली, रोहित शर्मा और एबी डिविलियर्स जैसे बल्लेबाजों के नाम सबसे पहले जेहन में आते हैं। लेकिन, ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटर बेथ मूनी ने एक ऐसा रेकॉर्ड बनाया है, जिसके आगे ये तमाम दिग्गज बल्लेबाज फेल नज़र आते हैं। मून ने मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 में अपनी बिनाआउट हुए खेली गयी117 रन की पारी में 70 गेंदों में 19 चौके और 1 छक्का जड़ा। इसी के साथ ही मूनी ने एक टी-20 इंटरनैशनल मैच में सबसे ज्यादा चौके जड़ने का वर्ल्ड रेकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनके अलावा भी ओवर ऑल और महिलाओं के टी-20 इंटरनैशनल मैच में सबसे ज्यादा चौके जड़ने का रेकॉर्ड मूनी की ही हमवतन मैग लैनिंग के नाम है। लैनिंग ने 2014 को आयरलैंड के खिलाफ बांग्लादेश के सिल्हट में खेले गए वर्ल्ड टी-20 मैच में 126 रन की पारी के दौरान 18 चौके और 4 छक्के जड़े थे।

मालूम हो कि अब तक किसी भी पुरुष क्रिकेटर ने किसी एक टी-20 इंटरनैशनल मैच में 19 चौके जड़ने का कारनामा नहीं किया है। सबसे ज्यादा 14 चौके जड़ने का वर्ल्ड रेकॉर्ड संयुक्त रूप से ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल और ऐरोन फिंच के अलावा साउथ अफ्रीका के हर्शल गिब्स के नाम है। जबकि भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 अक्टूबर, 2015 को 66 गेंदों में 106 रन की पारी के दौरान 12 चौके और 5 छक्के लगा कर ओवरऑल 13वें नंबर पर हैं। वहीं विराट कोहली श्री लंका के खिलाफ पल्लेकेल में 7 अगस्त, 2012 को खेली गई 68 रनों की पारी में 11 चौके लगाकर 23वें नंबर पर हैं। जबकि क्रिस गेल टॉप-30 में भी शामिल नहीं हैं।

 

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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