News

जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डा. दुग्ताल को मिला स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से प्रशस्ति पत्र

यहाँ से दोस्तों को भी शेयर करके पढ़ाइये
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
डा. दुग्ताल को सम्मानित करते पीएमएस डा. धामी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 सितंबर 2020। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियर डा. महिमन सिंह दुग्ताल को कोरोना की वैश्विक महामारी के संक्रमण के दौरान उल्ललेखनीय सेवाएं देने के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। शुक्रवारको जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएस धामी ने मुख्यालय से प्राप्त प्रशस्ति पत्र डा. दुग्ताल को भेंट किया। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार डा. दुग्ताल को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डा. अमिता लोहनी को करना था, किंतु कोरोना की भयावहता की वजह से डा. दुग्ताल दून नहीं जा पाए। उन्हें सम्मान मिलने पर जिला चिकित्सालय के सभी चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : बड़ी उपलब्धि : आज से शुरू हो रहे आईपीएल में धौनी-रोहित से अधिक तान्या पर होंगी उत्तराखंडवासियों की नजरें

नवीन समाचार, श्रीनगर, 19 सितंबर 2020। आज जब कोरोना की वजह से आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबले देश से बाहर सुदूर यूएई के अबु धाबी में शुरू होने जा रहे हैं, वहीं आज का दिन उत्तराखंड के लिए भी खास होने जा रहा है। आज उत्तराखंड की बेटी श्रीनगर निवासी, प्रसिद्ध रंगकर्मी-संस्कृतकर्मी, ढोल शास्त्र के लेखक एवं एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रहे डा. डीआर पुरोहित की पुत्री तान्या पुरोहित आईपीएल मैचों में स्टार स्पोर्ट्स के लिए एंकरिंग करती नजर आएंगी।
बचपन से, 4 वर्ष की उम्र से थियेटर से जुड़ी और गढ़वाल विवि से पत्रकारिता की पढ़ाई कर चुकी तान्या इससे पहले सीपीएल यानी कैरिबियन प्रीमियर लीग में भी एंकरिंग कर चुकी हैं। एनएच-10 फिल्म सहित कई टीवी धारावाहिकों में भी काम कर चुकी हैं। उनके पति दीपक डोभाल राज्यसभा टीवी में एंकर हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल मूल के उद्योगपति बने ‘एशियाई फुटबॉल कंफेडरेशन’ की सात सदस्यीय टास्क फोर्स के सदस्य

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2020। पुणे में रहने वाले नैनीताल मूल के उद्योपति एवं सेवानिवृत्त कर्नल डॉ. गिरिजा शंकर मुनगली के नाम एक बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। एशिया महाद्वीप में फुटबॉल की सबसे बड़ी संस्था ‘एशियाई फुटबॉल कंफेडरेशन’ ने उन्हें अपनी सात सदस्यीय टास्क फोर्स का सदस्य मनोनीत किया है। अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल में यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। भारत के सभी फुटबॉल संघों और फुटबॉल क्लबों ने इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई मिल रही है। डॉ. मुनगली इससे पूर्व इंडियन फुटबॉल लीग में अनेक पदों पर रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि एशियाई फुटबॉल संघ में पूरे विश्व के 47 सदस्य देश हैं। इसका मुख्यालय मलेशिया में है। इसका पैतृक संगठन फीफा है। एशिया में होने वाले प्रमुख फुटबॉल मैचों का संचालन यही संघ करता है। डॉ मुनगली वर्तमान में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन क्लब कमेटी के चेयरमैन हैं।

उद्योपति एवं सेवानिवृत्त कर्नल डॉ. गिरिजा शंकर मुनगली

उल्लेखनीय है कि तल्लीताल कैंट के भवानी लॉज में पले-बढ़े डॉ. मुनगली की शिक्षा तत्कालीन गवर्नमेंट हाई स्कूल (गोरखा लाइन) यानी वर्तमान शहीद मेजर राजेश अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज और तत्कालीन देब सिंह बिष्ट महाविद्यालय यानी वर्तमान कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर से हुई है। इसके बाद वे सेना में चले गए थे। सेना से सेवा निवृत्ति के बाद उन्होंने उद्योग जगत में कदम रखा और दो दशक में ही अनेक उपलब्धियाँ हासिल कीं। वे रियल एस्टेट क्षेत्र में सक्रिय हैं। साथ ही उनके संस्कृति स्कूलों की श्रृंखला महाराष्ट्र में सबसे सम्मानित मानी जाती है। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी उनके संस्कृति स्कूलों के प्रशंसकों में रहे हैं। पुणे में रहकर भी पर्वतीय लोगों से कुमाउनी में वार्तालाप करने वाले डा. मुनगली का पिछले दिनों कुमाउनी शब्द श्रृंखला के लिए सुपरिचित उदघोषक हेमंत बिष्ट ने कुमाउनी में एक लंबा ऑनलाइन साक्षात्कार किया था। अभी हाल में कोरोना की वैश्विक महामारी के दौर में उन्होंने कुमाऊं मित्र मंडल परिवार पुणे महाराष्ट्र के संरक्षक के रूप में पुणे महाराष्ट्र में फंसे उत्तराखंड राज्य के लोगों की घर वापसी में मदद की तथा गरीब, दुर्बल व असहाय बेरोजगार लोगों को खाने-पीने का सामान, संक्रमण से बचाव का सामान व अन्य राहत सामग्री वितरण की। इस पर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें राजभवन से ‘कोरोना की वैश्विक महामारी के दौर में अनेकों सामाजिक व सामुदायिक समस्याओं को निपटाने के कार्य में उत्कृष्ट मानवीय सेवाओं के लिए शुभकामना संदेश भेजा था।

उत्तराखंड ग्वाल सेवा संगठन के संस्थापक अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने कहा कि नैनीताल निवासी श्री मुनगली के विश्व प्रसिद्ध प्रतिष्ठित एशियाई फुटबॉल संघ के सदस्य बनने पर उत्तराखंड वासियों के लिए गौरव की बात है क्योंकि वह हमेशा ही उत्तराखंड के लोगों के लिए लगातार जन सेवा में रहते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में रहकर भी उत्तराखंड के लोगों के लिए मदद की है। ऐसे में विश्व में अपनी पहचान के साथ-साथ उत्तराखंड का नाम भी रोशन किया है। उनकी इस नियुक्ति पर पद्मश्री अनूप साह, वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह, सत्य साधक बृजेंद्र पांडे गुरुजी, उत्तराखंड ग्वाल सेवा संगठन के प्रकाश कन्नौजिया, रमन कुमार, मनीष जोशी, आनंद कनवाल, कमल चिलवाल, राजीव शाह, अनिल मुनगली, दीपक बरगली, अखिल साह, रमाकांत पंत, ललित पंत, योगेश पंत, बच्ची सिंह कुलौरा, हरेंद्र पडियार अखिल भारती हिंदू महासभा के चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, ग्वाल सेवा फाउंडेशन के डायरेक्टर श्री हेमंत बोरा, बची सिंह बिष्ट, होटल एसोसिएशन नैनीताल के उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह सहित ग्वेलज्यू मंदिर समिति के सभी सदस्यों ने बधाई वह शुभकामनाएं प्रेषित की है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल निवासी मुनगली को कोश्यारी ने कोरोना वॉरियर के रूप में भेजा शुभकामना संदेश

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अगस्त 2020। नगर निवासी एवं कुमाऊं मित्र मंडल परिवार पुणे महाराष्ट्र के संरक्षक सेवा निवृत्त कर्नल गिरिजा शंकर मुनगली को कोरोना की वैश्विक महामारी के दौर में अनेकों सामाजिक व सामुदायिक समस्याओं को निपटाने के कार्य में उत्कृष्ट मानवीय सेवाओं के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन से द्वारा शुभकामना संदेश भेजा है। श्री मुनगली नगर के तल्लीताल कैंट एवं एवं मुनगली गार्डन हल्द्वानी के मूल निवासी हैं, और वर्तमान में पुणे में व्यवसाय एवं निवास करते हैं। वे एनडीए पुणे में भी सेवा दे चुके हैं। नगर के ग्वाल सेवा संगठन के संस्थापक एवं श्री ग्वेलज्यू मंदिर समिति पुटगांव से जुड़े अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने बताया कि श्री मुनगली मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक भी हैं। उन्होंने कोरोना की वैश्विक महामारी के दौर में पुणे महाराष्ट्र में फंसे उत्तराखंड राज्य के लोगों की घर वापसी में मदद की तथा गरीब, दुर्बल व असहाय बेरोजगार लोगों को खाने-पीने का सामान, संक्रमण से बचाव का सामान व अन्य राहत सामग्री वितरण की। इस पर समिति के सत्य साधक ब्रजेन्द्र पाण्डे ’गुरुजी’, हेमंत कुमार सिंह बोरा व बच्ची सिंह बिष्ट, दिग्विजय बिष्ट, मनीष जोशी, विनोद जोशी, दीपक रूवाली, योगेश भोला, हरेंद्र पडियार, अनिल मुनगली, बच्ची सिंह कुलौरा, गणेश कुलौरा, राम दत्त पनेरू, जीवन सिंह, भीम सिंह, यशवंत सिंह, रमाकांत पंत आदि लोगों ने हर्ष व्यक्त कर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के चार शिक्षकों को मिलेगा उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार, इनमें तीन नैनीताल के

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 सितंबर 2020। प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य की स्वीकृति से उत्तराखंड राज्य के चार शिक्षकों को भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। खास बात यह है कि इनमें से तीन शिक्षक नैनीताल जनपद के हैं। प्रदेश के प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद वर्धन द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार इनमें राजकीय महिला महाविद्यालय हल्द्वानी के विज्ञान के प्रोफेसर डा. एसडी तिवारी, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर के सामाजिक विज्ञान के डा. संजय कुमार व राजकीय महाविद्यालय पतलोट के वाणिज्य, प्रबंधन एवं विधि विषय के डा. एमसी पांडे शामिल हैं। इनके अलावा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऋषिकेश के साहित्य, भाषा एवं संस्कृति के डा. सत्येंद्र कुमार को भी यह पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। बताया गया है कि यह पुरस्कार शिक्षण, अनुसंधान-वैज्ञानिक कार्य एवं नवोन्मेषी तकनीकों से उच्च शिक्षा का प्रसार करते हुए शिक्षण कार्य में आ रही समस्याओं के लिए अभिनव प्रयास करने वाले उच्च शिक्षा के उत्कृष्ट शिक्षकों को दिये जाते हैं।

डीएसबी के छात्र हरिद्वार में बने सहायक प्राध्यापक
नैनीताल। डीएसबी परिसर नैनीताल के वनस्पति विज्ञान विभाग के छात्र छात्र परीक्षित कुमार का हर्ष विद्या मंदिर स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरिद्वार में सहायक प्राध्यापक के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने अपनी पीएचडी प्रो. सुरेश चंद्र सती के निर्देशन में पूर्ण की है। उनके चयन पर विभाग की प्रो. नीरजा पांडे, प्रो. एससी सती, प्रो. वाईएस रावत, प्रो. सुरेंद्र बर्गली, प्रो. ललित तिवारी के साथ ही कूटा यानी कुमाऊं विवि शिक्षक संघ ने हर्ष जताया है व उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

यह भी पढ़ें : भरत एवं कपिल को मिला ‘टीचर ऑफ द इयर 2020 अवार्ड’

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 सितंबर 2020। राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा (धारमंडल) टिहरी गढ़वाल के वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) डॉ. भरत गिरी गोसाई और राजकीय इंटर कॉलेज हवालबाग, अल्मोड़ा का चयन ‘टीचर ऑफ द इयर 2020’ पुरस्कार के लिए हुआ है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य तिल गिरी के पुत्र भरत को प्रदेश स्तर पर स्क्रीनिंग के बाद शिक्षक दिवस के दिन यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। जबकि कपिल को यह पुरस्कार विगत 21 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों एवं नवाचारों हेतु प्रदान किया गया है।
बताया गया है कि सहायक प्राध्यापक भरत गिरी बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। हाई स्कूल से लेकर एमएससी तक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण एवं गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ जीसीएस नेगी के मार्गदर्शन में शोध कर चुके डा. भरत से 6 अंतरराष्ट्रीय व 23 राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रतिभाग करने के साथ-साथ 10 शोध पत्र, 34 शोध सारांश एवं 7 शोध रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। स्काउट में राज्यपाल पुरस्कार तथा एनएसएस में सी प्रमाण पत्र भी उन्होंने प्राप्त किया है। इससे पहले उन्हें यूजीसी की प्रतिष्ठित बीएसआर फैलोशिप अर्थ वॉच इंटरनेशनल फैलोशिप नेशनल मिशन ऑफ हिमालयन स्टडी फैलोशिप सामाजिक क्षेत्र में दिया जाने वाला प्रतिष्ठित भारत गौरव अवॉर्ड, टीचर इनोवेशन अवार्ड तथा अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। वहीं डॉ. कपिल 1999 से अब तक लगातार उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के साथ ही विज्ञान से जुड़े सभी कार्यक्रमों में जनपद व राज्य स्तर पर उल्लेखनीय कार्य किया है। वे 2006 में लोक सेवा आयोग से चौथी रैंक में प्रवक्ता रसायन विज्ञान के पद पर चयनित हुए। विगत 6 वर्षों से शिक्षकों को विज्ञान प्रशिक्षण के साथ ही जनपद अल्मोड़ा के समस्त कार्मिकों को वे चुनाव प्रशिक्षण भी देते रहे हैं। उनके कई विद्यार्थी इंस्पायर अवार्ड के अंतर्गत ‘स्कॉलरशिप फॉर हायर एजुकेशन’ के लिए चयनित हुए हैं, तथा कई छात्रों ने राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया है। उनके कठिन परिश्रम से ही राजकीय इंटर कॉलेज हवालबाग में नीति आयोग के अंतर्गत अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना हुई है, जिसके माध्यम से वे विद्यार्थियों को कई नवाचारी मॉडल बनाने में मार्गदर्शन दे चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में अटल टिंकरिंग लैब को ‘स्टार अटल ऑफ इंडिया’ के लिए भी चयनित किया गया है। उनके द्वरा बनाये गए यूट्यूब चैनल ‘केमिस्ट्री विद डॉ कपिल नयाल’ से जनपद व राज्य के कई विद्यार्थी भी लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही डॉ कपिल नयाल कोसी पुनर्जननं अभियान कार्यक्रम एवं वृहत वृक्षारोपण कार्यक्रमों से भी जुड़े हैं।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. तिवारी को मिला ‘टीचर्स ऑफ द इयर 2020’ पुरस्कार

नवीन समाचार, नैनीताल, 05 सितंबर 2020। शिक्षक दिवस पर कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ललित तिवारी को ‘टीचर्स ऑफ द इयर 2020’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दिव्य हिमगिरी देहरादून द्वारा यूकोस्ट, शब्दावली आयोग, मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार, माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तराखंड, तकनीकी शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय तथा शोध एवं विकास संस्था देहरादून के सहयोग से ‘नई शिक्षा नीति’ विषय पर आयोजित वेबीनार में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। उल्लेखनीय है कि प्रो. तिवारी के 140 शोध पत्र अंतराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय जनरलों में एवं एक दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। साथ ही वे कई शोध परियोजनाओं का संचालन तथा दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को पीएच.डी करा चुके है। इसके अलावा वे कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के विशेष कार्य अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना में पांच वर्ष कार्यक्रम समन्वयक भी रह चुके हैं। उन्हंे उत्तराखंड रत्न पुरूस्कार सहित वीडी गुड का लाइफ टाइम पुरस्कार एवं फैलो ऑफ बोटेनिकल सोसाइटी पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

यह भी पढ़ें : बड़ी उपलब्धि : उत्तराखंड की नगर पंचायत को देश में स्वच्छता के लिए पुरस्कार, कल प्रधानमंत्री से पुरस्कार लेंगी डा. हिमानी..

नवीन समाचार, चमोली 19 अगस्त,2020 । उत्तराखंड के चमोली जनपद की नगर पंचायत नंदप्रयाग को स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में देशभर में पहला स्थान मिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 अगस्त को वर्चुअल प्लेटफाॅर्म के माध्यम से स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल रहे नगर पंचायत को अवार्ड देकर सम्मानित करेंगे। शहरी विकास निदेशक विनोद कुमार सुमन ने बधाई देते हुए जिलाधिकारी चमोली स्वाति एस भदौरिया एवं नंदप्रयाग नगर पंचायत अध्यक्ष हिमानी वैष्णव को देहरादून में आयोजित पुरस्कार कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से नगर पंचायत को पुरस्कृत करेंगे जो नंदप्रयाग नगर पंचायत सहित पूरे जिले के लिए एक गौरवमय क्षण होगा। इस अवसर पर स्वच्छता पुरस्कार के लिए देश के अन्य स्वच्छ शहरी निकायों की रैकिंग भी 20 अगस्त को घोषित की जाएगी। नगर पंचायत अध्यक्ष नंदप्रयाग डा.हिमानी वैष्णव की यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी व अनुकरणीय है कि पूर्व में राजधानी देहरादून में रहते हुए वह अपनी दूरस्थ व सुविधाविहीन नगर पंचायत नंदप्रयाग लौटीं और चुनाव लड़कर जीतीं और अपनी जिजीविषा से देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि पहाड़ की छोटी परिधि में भी बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए लोगों को प्रेरणा देने वाली है कि बड़ा काम करने के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं, वह अपने घर पर भी किया जा सकता है।

डा.हिमानी वैष्णव, नगर पंचायत अध्यक्ष नंदप्रयाग,

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद चमोली की नगर निकाय नन्दप्रयाग को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 अवार्ड के लिए चुना है। नगर में स्वच्छता को लेकर अप्रैल 2019 में अखिल भारतीय स्तर पर स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हुआ था, जो 31 जनवरी 2020 तक चला। इसके तहत केन्द्र सरकार की टीम ने दो बार नगर का निरीक्षण भी किया था। बताया गया है कि नगर पंचायत नंद्रप्रयाग में स्ट्रीट लाईट, वाॅल पेन्टिग, पार्को का सौन्दर्यीकरण, जैविक और अजैविक कूडे का सोर्स सेग्रीगेशन, सामुदायिक शौचालय का सुधारीकरण, साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए गए है। इन कार्यों पर ही उन्हें देश भर में प्रथम स्वच्छता अवार्ड मिलने जा रहा है। जो इस नगर पंचायत सहित पूरे जनपद के लिए भी बडी गर्व की बात है। नंदप्रयाग नगर पंचायत में नगर क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाकर घर-घर से जैविक और अजैविक कूड़े को अलग करने के लिए कूडेदान बांटे। नगर से करीब दो किलोमीटर दूर सोनला के निकट कूडा डंपिग जोन बनाया गया है। यहाॅ पर गीले कूडे से खाद तैयार की जा रही है। यहाॅ भूमिगत डंपिंग जोन के ऊपर ईको पार्क बनाने की योजना है। घर से ही गीला व सूखा कूडा एकत्रित किया जा रहा है। यहाॅ पर गठित स्वच्छता समिति रेग्यूलर स्वच्छता कार्यो की माॅनिटरिंग कर रही है और गंदगी करने वालो पर डबल शुल्क लेने का प्राविधान रखा गया है। नगर क्षेत्र में वाॅलपेन्टिंग तथा यहाॅ के 5 छोटे पार्को में सौन्दर्यीकरण और चारों वार्डो में आवगमन मार्गो एवं सामुदायिक शौचालयों का सुधारीकरण कराया गया है। स्वच्छता के आनलाइन सर्वे के लिए आवास एवं शहरी मंत्रालय, केद्र सरकार ने नंदप्रयाग में स्वच्छता को लेकर आम लोगों का फीडबैक लिया था और स्वच्छता के मानकों में नंदप्रयाग नगर पंचायत को पूरी तरह से खरा पाया। अलकनंदा और नंदाकिनी नदी के संगम पर स्थित छोटी सी नगर पंचायत नंदप्रयाग में चार वार्ड मुनियाली, शकुंतलाबगड, अपर बाजार और चंडिका मोहल्ला शामिल है। वर्तमान में डा. हिमानी वैष्णव यहाॅ की नगर पंचायत अध्यक्ष है। इस नगर पंचायत की जनसंख्या 2447 है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की डॉ. हिमानी ने नीदरलेंड में किया देश का नाम रोशन…

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 अगस्त 2020। नैनीताल की निवासी एवं यहीं पली-बढ़ी व पढ़ी डॉ. हिमानी भाकुनी ने सुदूर यूरोपीय देश नीदरलेंड में नैनीताल, उत्तराखंड एवं देश का नाम रोशन किया है। डा. हिमानी नीदरलैंड के ऊत्रेख शहर स्थित भारतीय एम्स की तरह के डब्लूएचओ से संबंधित ग्लोबल हेल्थ रिसर्च एट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस इन ग्लोबल हेल्थ में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता डा. भोपाल सिंह भाकुनी की पुत्री हैं। उनके भाई वरुण प्रताप सिंह भाकुनी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य हैं और हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं और 2017 में कालाढूंगी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

डॉ. हिमानी भाकुनी

उल्लेखनीय है कि हिमानी ने नैनीताल के सेंट मेरिज कॉन्वेंट स्कूल से शिक्षा ग्रहण की है। इसके बाद क्राइस्ट कॉलेज बेंगलुरु से एलएलबी करने के बाद उन्होंने नीदरलैंड की ग्रोनइनगन यूनिवर्सिटी से फुल स्कॉलरशिप में एलएलएम किया। उसके पश्चात उन्होंने एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी से पीएचडी एवं तिलबर्ग यूनिवर्सिटी नीदरलैंड से डुअल डॉक्टरेट की बड़ी उपाधि प्राप्त की। उनके पिता का कहना है कि उन्हें कभी भी अपनी पुत्री की पढ़ाई पर कुछ भी खर्च करना पड़ा, बल्कि वे हमेशा ही वह पूरी स्कॉलरशिप यानी छात्रवृत्ति से पढ़ी हैं। वे छात्र जीवन से लेकर पीएचडी तक के सफर में टॉपर एवं गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं। वर्तमान में वह रॉटरडम लॉ यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप से कार्यरत हैं और अब उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को मिला इंग्लेंड का बड़ा सम्मान

-प्रो. साहू को मिला ‘फेलो ऑफ रॉयल सोसाइटी ऑफ कैमिस्ट्री’ सम्मान

प्रो. नंद गोपाल साहू

नवीन समाचार, नैनीताल, 05 अगस्त 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में रसायन विज्ञान विभाग के अंदर संचालित नैनो साइंस सेंटर के प्रभारी प्रो. नंद गोपाल साहू के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। प्रो. साहूल को इंग्लेंड की ‘रॉयल सोसाइटी ऑफ कैमिस्ट्री’ की ओर से ‘फेलो ऑफ रॉयल सोसाइटी ऑफ कैमिस्ट्री’ सम्मान से नवाजा गया है। उल्लेखनीय है कि यह सम्मान समाज के हित में विज्ञान के प्रयासों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले व रसायन विज्ञान के क्षेत्र में सराहनीय शोध कार्य प्रकाशित करने वाले विश्व के कुछ ही वैज्ञानिकों व इंजीनियरों को दिया जाता है।
उल्लेखनीय है कि प्रो. साहू के द्वारा 9 पेटेंट फाइल किये गये हैं और वे देश के उपराष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। उन्हें यह सम्मान मिलने पर विभागाध्यक्ष, परिसर निदेशक व उनके विद्यार्थियों ने बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : संयुक्त राष्ट्र की रेसिपी बुक में शामिल हुई उत्तराखंड की ‘ठटवाणी’

-पहाड़ की भट-गहत जैसी कई दालों को उबालकर बनाया जाने वाला उनका सत्व तरह का व्यंजन होती है ठटवाणी
नवीन समाचार, नैनीताल, 01 अगस्त 2020। संयुक्त राष्ट्र की संस्था एफएओ यानी फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन ने गत दिनों अंतर्राष्ट्रीय माउंटेन डे 2019 पर हिमालयी व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित की थी। इस प्रतियोगिता में 27 देशों की 70 से अधिक प्रविष्टियाँ आईं। इन प्रविष्टियों में शीर्ष 30 व्यंजनों को एफएओ ने अपनी ‘रेसिपी बुक’ यानी व्यंजनों की पुस्तक में प्रकाशित किया है। खास बात यह है कि इस रेसिपी बुक में उत्तराखंड के एक व्यंजन ‘ठटवाणी’ को भी दुनिया की शीर्ष 30 पर्वतीय स्थानों के व्यंजनों में शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि ठटवाणी पहाड़ की भट, गहत जैसी कई परंपरागत दालों को उबालकर बनाया जाने वाला उनका सत्व तरह का व्यंजन है, जो काफी पौष्टिक और सर्द मौसम में काफी गर्म तारीर का माना जाता है।
बताया गया है कि संयुक्त राष्ट्र के माउंटेन पार्टनरशिप के सदस्य नैनीताल स्थित हिमालयी अनुसंधान और विकास संस्थान ‘चिनार’ की ओर से ठटवाणी व्यंजन की प्रविष्टि भेजी गई थी।
चिनार संस्था की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार संस्था के द्वारा हिमालय की परंपरागत खेती पर एक सर्वे भी किया गया है जो जल्दी ही संयुक्त राष्ट्र की संस्था एफएओ द्वारा प्रकाशित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के रामगढ़ में बनेगा पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय का परिसर

-इसी स्थान पर गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर ने की थी अपने एवं देश एवं एशिया के लिए पहला नोबेल पुरस्कार प्राप्त कराने वाली कृति गीतांजलि की रचना

गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर ने रामगढ़ के इस भवन में की थी गीतांजलि की रचना।

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 जून 2020। गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर की कर्मभूमि रहे रामगढ़ नैनीताल, में उनके सपनों के अनुरूप शांति निकेतन की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होने जा रहा है। यह जानकारी देते हुए शांति निकेतन ट्रस्ट ऑफ हिमालया के प्रन्यासी प्रो. अतुल जोशी ने बताया कि बीती 10 जून को केन्द्रीय विश्वविद्यालय-विस्वा-भारती, शांति निकेतन पश्चिम बंगाल की कार्यपरिषद ने सर्वसम्मति से रामगढ़ में अपना परिसर स्थापित करने का निर्णय ले लिया है। यह निर्णय लेते हुए कहा गया है कि उत्तराखंड के रामगढ़ में अपने प्रवास के दौरान ही गुरुदेव ने अपने कालजयी ग्रंथ गीतांजलि की रचना की थी। इसी ग्रंथ के लिए गुरुदेव सहित भारत एवं एशिया को साहित्य सृजन के लिए प्रथम नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। कार्य परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव में ऋग्वेद के श्लोक ‘यात्रा विश्वं भवति एक नीड़ं’ यानी ‘जहॉं दुनियॉं एक घौंसला बन जाती है’ का संदर्भ देते हुए उम्मीद जतायी गई है कि रामगढ़ में परिसर की स्थापना से गुरुदेव के मानवतावादी विचारों को विश्वभर में प्रसारित करने का अवसर प्राप्त होगा।
इस निर्णय के आलोक में शांति निकेतन ट्रस्ट ऑफ हिमालया के प्रन्यासियों की देवेंद्र ढैला की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में सर्वसम्मति रामगढ़ में केंद्रीय विश्वविद्यालय विस्वा-भारती, शांतिनिकेतन का एक परिसर स्थापित करने के प्रस्ताव पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे रामगढ़ सहित कुमाऊॅं मंडल एवं उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। साथ ही इसे गुरुदेव के ग्रामीण पुर्ननिर्माण के विकास माडल ‘श्रीनिकेतन’ की अवधारणा के अनुरूप एक विश्वस्तरीय शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया गया, जिसमें स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग कर रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण व्यवस्था स्थापित करने के प्रयास किये जाएंगे। बैठक में सर्वसम्मति से शांतिनिकेतन ट्रस्ट ऑफ हिमालया के संरक्षक तथा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉं. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, कुलपति, अध्यक्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, विस्वा-भारती प्रो. विद्युत चक्रवर्ती एवं समस्त कार्यपरिषद सदस्यों सहित क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट, क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा सहित प्रदेश सरकार एवं जन प्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनता के प्रति आभार ज्ञापित किया गया। बैठक में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, उत्तराखंड, माननीय गोविंद सिंह कुंजवाल, नवीन वर्मा, हेमंत डालाकोटी, डॉं. एसडी तिवारी, डॉं. सुरेश डालाकोटी, डॉं. नवीन जोशी, देवेंद्र बिष्ट केके पांडे, मनोज पांडे, शुभम डालाकोटी, विनोद जोशी आदि उपस्थिति थे।

यह भी पढ़ें : जो काम सरकारी विभाग, शोध संस्थान दशकों में नहीं कर पाये ग्रामीण किसान ने कर डाला

-उच्च हिमालयी क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली विलुप्तप्राय प्रजाति की औषधीष प्रजाति सतुवा को जनपद के घाटी क्षेत्र में उगा डाला
कैलाश जोशी, नवीन समाचार, ज्योलीकोट, नैनीताल, 05 जून 2020। मुख्यालय के समीपवर्ती ग्राम बसगांव चोपड़ा निवासी औषधीय पौधों के संरक्षण में जुटे एक किसान ने वह कार्य कर दिखाया है, जो लाखों रुपये खर्च कर सरकारी विभाग, एजेंसियां व शोध संस्थान कई दशकों में नहीं कर पाये हैं। उनकी यह उपलब्धि देश के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा के अर्जन का माध्यम भी बन सकती है।
जनपद के निकटवर्ती ज्योलीकोट के पास गिरजा हर्बल कल्याण समिति चलाने वाले संस्था के अध्यक्ष 65 वर्षीय पूरन चंदोला ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक तौर पर उगने वाली, लगभग विलुप्त हो चुकी, दुर्लभ प्रजाति में सम्मलित औषधि प्रजाति सतुवा (वैज्ञानिक नाम पेरिस पालींफिला) को घाटी क्षेत्र में उगा और उसका संरक्षण और संवर्धन कर मिसाल कायम कर दी है। साथ ही प्रति वर्ष लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद यह कार्य न कर पाई सरकारी मशीनरी को भी आईना दिखाया है। उल्लेखनीय है कि सतुवा को आईयूसीएन यानी अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ द्वारा संकट ग्रस्त और विलुप्त औषधीय प्रजाति में शामिल कर चुकी है, और इसके संरक्षण कार्य को पिछले कई दशकों से सरकार और उसकी शोध में जुटे विभाग, एजेंसियां व शोध संस्थान नहीं कर पाए हैं। वहीं श्री चंदोला ने 7 वर्षों की अथक मेहनत के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। वन अनुसंधान केंद्र गांजा के प्रभारी मदन सिंह बिष्ट ने इस कार्य की सराहना करते हुए बताया कि विभागीय स्तर पर भी इस पर शोध कार्य किये जा रहे हैं। वहीं श्री चन्दोला का कहना है कि यदि सरकार इसके प्रोत्साहन हेतु सहायता देती हैं तो इसका वैज्ञानिक विधि से सत्व निकाल कर विदेशी मुद्रा का अर्जन किया जा सकता है और पलायन के दंश झेल रहे प्रदेश में रोजगार का सशक्त माध्यम बन सकता है।

करिश्माई औषधि है सतुवा
नैनीताल। सतुआ या सतुवा कही जाने वाली औषधीय गुणों से भरपूर औषधि गुणों से भरपूर होती है। इसका उपयोग जहरीले कीड़ों, साँप आदि के काटने, जलने, चोट लगने, मादकता, खुजली, जोड़ों के दर्द, आर्थोराइटिस आदि रोगों की आयुर्वेदिक और होम्योपैथी दवाओं में होता है। शोधों से यह बात भी सामने आयी है कि सतुवा को किसी दवा में मिला देने से उस दवा की प्रभावकारी शक्ति में कई गुना बढ़ोत्तरी हो जाती है। चीन में स्वाइन फ्लू के उपचार में भी इसका प्रयोग किया जाता है। इस पौंधे से प्राप्त कंद का बाजार मूल्य सामान्यतः दस हजार रुपये किलो तक है।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक तौर पर उगती है सतुवा
नैनीताल। सतुवा उच्च हिमालयी के ठंडे, नमी वाले क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक औषधि है, जो चीन, ताइवान व नेपाल सहित देश में उतराखंड, मणीपुर व सिक्किम में पायी जाती है और प्राकृतिक आबोहवा में ही पैदा होती है। लेकिन अंधाधुंध विदोहन से यह विलुप्ति के कगार पर है। इस कारण इसे अंतराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ और आयुष मंत्रालय द्वारा विलुप्त और दुर्लभ श्रेणी में रखा गया है।

यह भी पढ़ें : आठवीं कक्षा के छात्र ‘व्योम’ की दूसरी किताब ‘चांद’ पर..

  • मां भारतीय टीम की पूर्व फुटबॉल कप्तान व बड़े भाई भी लिख चुके हैं पुस्तक
  • मां ने भारतीय फुटबॉल टीम के कोच व सचिव पर लगाए थे सनसनीखेज आरोप
अपनी पुस्तक के साथ व्योम।

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मार्च 2020। 8वीं कक्षा के बच्चे जहां पुस्तकों को पढ़ने का चाव पैदा नहीं कर पाते वहीं शिक्षा नगरी के रूप में विख्यात सरोवरनगरी नैनीताल के सुप्रसिद्ध शेरवुड कॉलेज 8वीं कक्षा में उत्तीर्ण होकर गए छात्र व्योम ने दूसरी किताब लिख डाली है। व्योम ने अपने नाम ‘व्योम’ यानी आसमान के सबसे चर्चित, सर्वाधिक कहानियों, कविताओं व गीतों के पात्र चांद और स्वयं को लेते हुए छोटी कहानियों की 100 पृष्ठों की ‘मून एंड द ब्वॉय’ नाम की पुस्तक लिखी है। व्योम अपनी पुस्तक में ‘सनी’ नाम से चांद के साथ फेंटेसी की दुनिया में रोचक अंदाज में घूमते हैं। कोई शायद विश्वास न करे, पर व्योम का दावा है कि वे इससे पहले भी 6 साल की उम्र में आठ छोटी कहानियों की पुस्तक ‘फ्रीडम ऑफ ड्रीम्स’ लिख डाली है। 

व्योम मूलतः गुरुग्राम के निवासी हैं। उनके पिता नसीब बामल पायलट हैं जबकि माता सोना चौधरी भारतीय फुटबॉल टीम की कप्तान रही हैं। उन्होंने 1994 में अपने कॅरियर की शुरुआत की थी। वे स्वयं भी वर्ष 2016 में ‘गेम इज गेम’ नाम की चर्चित पुस्तक लिख चुकी हैं, जिसमें उन्होंने फुटबॉल टीम के कोच और सचिव पर महिला खिलाड़ियों का शोषण करने और ‘समझौता’ करने के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। व्योम पुस्तक लेखन के लिए अपनी मां के साथ ही अपने बड़े भाई सुजल को अपनी प्रेरणा बताते हैं, जो उन्हें अपनी पुस्तक लिखने पर चिढ़ाते हुए प्रेरित करते थे। वे बड़े होकर एक सफल लेखक के साथ ही आईपीएस अधिकारी भी बनना चाहते हैं।

यह भी पढ़ें : बड़ी उपलब्धि : नैनीताल के युवा नेता उप राष्ट्रपति की मौजूदगी में संबोधन हेतु आमंत्रित

-पूर्व में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं वरुण प्रताप सिंह भाकुनी

वरुण प्रताप सिंह भाकुनी

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 फरवरी 2020। कांग्रेस पार्टी के युवा नेता वरुण प्रताप सिंह भाकुनी को देश के शीर्ष-5 शिक्षण संस्थानों में शामिल आईएसबी यानी इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस हैदराबाद में आगामी एक मार्च से आयोजित होने जा रहे वार्षिक समारोह ‘एनुअल पॉलिसी कॉन्क्लेव 2020’ में पैनल डिस्कसन हेतु आमंत्रित किया गया है। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में देश के उप राष्ट्रपति एम वैंकया नायडू देश के चुनाव आयुक्त अशोक लवासा, भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव, विनय सहस्रबुद्धि व युवा नेता वरुण गांधी तथा रेलवे बोर्ड के चेयरमैन रहे अश्विनी लोहनी सहित अनेक गणमान्यजन भी आमंत्रित हैं। श्री भाकुनी ने बताया कि आईएसबी के वार्षिकोत्सव थीम ‘आइडियाज फॉर इंिडयाः 2020 एंड बियोंड’ है। इसमें अलग-अलग पैनलों में समूह चर्चा होनी है। इनमें से एक समूह चर्चा ‘इनकरेजिंग यूथ एंड वूमन इन पॉलिटिक्स’ विषय पर होनी है, जिसमें उन्हें यूपी की रायबरेली सीट से युवा विधायक अदिति सिंह, मोरारजी देसाई के पोते एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के महाराष्ट्र प्रदेश के उपाध्यक्ष मधुकेश्वर देसाई तथा तेलगू देशम पार्टी व गीतम यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष श्रीभारत के साथ समूह चर्चा करनी है। इस पैनल चर्चा का संचालन राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त नागाश्रवण किलारू करेंगे।
उल्लेखनीय है कि श्री भाकुनी वर्ष 2017 में नैनीताल जनपद की कालाढुंगी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, और एमिटी यूनिवर्सिटी से एमबीए करने के दौरान एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लंदन के बर्कबैक कॉलेज और सिंगापुर की एंग्लिया रस्किन युनिवर्सिटी भी जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि संभवतया इन्हीं और उनके युवा नेता होने कारणों से उन्हें स्वतः इस समूह चर्चा के लिए आमंत्रण मिला है। वरुण के पिता भूपाल सिंह भाकुनी भी कांग्रेस पार्टी के नेता हैं, तथा पूर्व में बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं और डीएसबी परिसर नैनीताल के छात्र संध अध्यक्ष भी रहे हैं।

यह भी पढ़ें : कुमाऊं विश्वविद्यालय के छात्र का भारतीय नौसैना पोत आईएनएस तीर में पांच देशों की यात्रा के लिए चयन

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 फरवरी 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर नैनीताल के नेवल एनसीसी के बीए तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी लीडिंग कैडेट देव उपाध्याय को बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। देव का चयन ओएसडी यानी ओवरसीज डिपलौइमैण्ट (विदेश यात्रा) हेतु हुआ है। डीएसबी परिसर के एनसीसी अधिकारी सब लेफ्टिनेंट डॉ. रीतेश साह ने बताया कि कैडेट देव को भारतीय नौसैना पोत आईएनएस तीर में एक मार्च 22 से 19 अप्रैल 22 तक रहने का अवसर प्राप्त होगा। इस अवधि में वे पाँच देशों मॉरीशस, मोजाम्बिक, सेशल्स, श्रीलंका एवं मालदीव की यात्रा करंेगे। इस अवधि में उन्हें भारतीय नौसेना के अधिकारियों और नौसैनिकों के साथ प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त होगा। इससे पूर्व कैडेट देव नौसैनिक कैम्प विशाखापट्नम में भी प्रतिभाग कर चुके हैं।
देव के पिता एलडी उपाध्याय कुमाऊं विश्वविद्यालय में कार्यरत है तथा माता हेमलता उपाध्याय शिक्षिका हैं। इस कैम्प हेतु पूरे देश से केवल 10 कैडेटों का चयन किया गया है जिसमें से कैडेट देव उत्तराखण्ड से चुने गये एक मात्र कैडेट है। उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएस राना सहित विवि के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी प्रशंसा कर उनके उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रदान की।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के पांच एनसीसी कैडेटों का भारतीय सेना में चयन..

भारतीय सेना में चयनित डीएसबी परिसर के कैडेट मयंक, नीरज व अमन।

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 फरवरी 2020। डीएसबी परिसर नैनीताल के 5 यूके नेवल यूनिट एनसीसी के 5 कैडेटों का चयन भारतीय रक्षा सेनाओं की विभिन्न शाखाओं में हो गया है। डीएसबी परिसर के एनसीसी अधिकारी सब लेफ्टिनेंट डा. रीतेश साह ने बताया कि डीएसबी परिसर में पांचवे सेमेस्टर में अध्ययनरत नेवल एनसीसी कैडेट्स के कैडेट मयंक भंडारी का चयन मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री, कैडेट अमन सिंह का 3 पैरा कुमाऊं रेजिमेंट, कैडेट नीरज बेलवाल का आर्मी मेडिकल कोर, कैडेट हिमांशु का बंगाल रेजिमेंट एवं कैडट मनीष बोरा का चयन मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री के लिए हुआ है।
कैडेटों की इस उपलब्धि पर कमांडिंग ऑफिसर कमांडर धन्य कुमार सिंह, परिसर निदेशक प्रोफेसर एलएम जोशी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. देवेंद्र बिष्ट, मुख्य कुलानुशासक प्रो. नीता बोरा शर्मा, डीइसडब्लू बोर्ड, प्रॉक्टर बोर्ड, परिसर के शिक्षकों, एनसीसी कैडेटों तथा नेवल एनसीसी यूनिट के कमलेश जोशी व अनुराग कुमार सहित अधिकारियों व कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

यह भी पढ़ें : स्विस कंपनी के एमडी बने नैनीताल के दामाद…

अपनी पत्नी व बच्चे के साथ कोणार्क साह।

नवीन समाचार, नैनीताल, 7 फरवरी 2020। नगर निवासी अंतर्राष्ट्रीय छायाकार अनूप साह के दामाद कोणार्क साह विश्व की अग्रणी जनरल मोटर्स के स्वामित्व वाली स्विट्जरलेंड की ऑटोमोबाइल कंपनी कैडिलैक यूरोप के प्रबंध निदेशक बन गए हैं। 40 वर्षीय कोणार्क सीधे कंपनी के चेयरमैन एंडी डस्टन से संबद्ध रहेंगे एवं उन्हें ही रिपोर्ट करेंगे। साथ ही कंपनी की यूरोप की टीम से डायरेक्टर-ऑपरेशन के पद से भी रणनीतिक जिम्मेदार के रूप में जुड़ेंगे। उनकी इस उपलब्धि पर उनके घर अल्मोड़ा सहित नैनीताल जनपद में भी हर्ष की लहर है।
उल्लेखनीय है कि कोणार्क अल्मोड़ा के थाना बाजार निवासी केसी साह और प्रभा साह के पुत्र हैं। वे अपनी इस नई जिम्मेदारी में कैडिलेक और शेवरलेट कारों के प्रीमियम उत्पादों और सेवाओं को वितरित करने के लिए बिक्री, विपणन और ग्राहक सेवाओं की रणनीति बनाने में मुख्य रूप से अपना योगदान देंगे। उल्लेखनीय है कि कोणार्क वर्ष 2004 में जनरल मोटर्स में भी उच्च पदों पर रहते हुए भारत, चीन, यूरोप व अमेरिका में भी कार्य कर चुके हैं तथा शेवरले ग्लोबल ब्रांड में रणनीति प्रबंधक के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें : गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किये गए अनेक अधिकारी व कर्मचारी, देखें पूरी सूची..

नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जनवरी 2020। गणतंत्र दिवस पर सांसद अजय भट्ट के हाथों अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य लोग सम्मानित किये गए। अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची निम्नवत् है :
चिकित्सा विभाग से डा. अरविंद कुमार, चंद्रशेखर गुरुरानी, दीपा पांडे, तुलसी कुलारा, ग्रेस रावत, दीपा बहुगुणा, कमला आर्या, तुलसी नेगी, लक्ष्मी, रेखा मेहता के साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत प्रीति बिष्ट, नैना साह, गीता आर्या, तुलसी बोरा, कुसुम टोलिया, वसुधा गुंजियाल, नीता दीक्षित, बीना रावत, विनीता सक्सेना व तूलिका जोशी, राजस्व विभाग से तहसीलदार पूनम पंत, गणेश आर्या, प्रकाश सैनी व हेमा चौधरी, पुलिस विभाग से प्रभारी निरीक्षक लालकुआं योगेश उपाध्याय, बनभूलपुरा थानाध्यक्ष सुशील कुमार, एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल की प्रभारी उप निरीक्षक लता बिष्ट, एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, उपनिरीक्षक गोविंद नाथ तथा आरक्षी दीपक उप्रेती, मोहन जुकारिया, विनोद कुमार, भारत भूषण, अशोक कुमार, सुबोध चंद्र, रीता मेेहरा, किशन चंद्र शर्मा, चंदन मेर व मुकेश कुमार, विकास विभाग से खंड विकास अधिकारी निर्मला जोशी, महेश टम्टा, कुंवर सिंह सामंत व चंदन बिष्ट, सूचना विभाग से अपर जिला सूचना अधिकारी अहमद नदीम, कनिष्ठ सहायक प्रकाश पांडे व आन सिंह, शिक्षा विभाग से उप शिक्षा अधिकारी अमित चंद्र, प्रधानाचार्य बालमुकुंद तिवारी, सावित्री दुग्ताल, उमा जोशी, रश्मि आर्या, ममता गुप्ता, सुमन नेगी व मीनाक्षी कीर्ति, लोनिवि से अधिशासी अभियंता डीएस कुटियाल, केके पाठक, कैलाश चंद्र, किशन सिंह तथा नगर के हेम जोशी सहित कई अन्य लोगों को भी सम्मानित किया गया।

यह भी पढ़ें : भारतीय छात्र संसद में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे हल्द्वानी के दिलीप..

-एक पैर से दिव्यांग एवं राजनीति विज्ञान में परास्नातक हैं दिलीप वार्ष्णेय

दिलीप वार्ष्णेय

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2020। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। यह साबित किया है हल्द्वानी के एमबीपीजी कालेज से राजनीति विज्ञान में परास्नातक एवं एक पैर से दिव्यांग दिलीप वार्ष्णेय ने। दिलीप ने बताया कि वह भारतीय छात्र संसद में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 19 फरवरी से 23 फरवरी 2020 तक भाग लेंगे और उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में अपना भविष्य बनायंेगे। भारतीय छात्र संसद के संयोजक प्रमोद मिश्रा ने दिलीप को छात्र संसद में प्रतिभाग करने के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। उन्हें राजनीति के श्रेत्र में अनेक पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

यह भी पढ़ें : लाखों कैडेटों में से नैनीताल की आकांक्षा को मिला रक्षा मंत्री सहित वीआईपी को ब्रीफिंग का मौका

-परिसर के 8 अन्य छात्रों को मिला गणतंत्र दिवस की परेड, प्रधानमंत्री की रैली सहित अन्य गतिविधियों में शामिल होने का अवसर

नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एनसीसी कैडेटों के कैंप की गतिविधियों से अवगत कराती नैनीताल की कैडेट आकांक्षा वर्मा।

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2020। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर की नेवल एनसीसी कैडेट आकांक्षा वर्मा को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। आकांक्षा को पूरे देश के 28 राज्यों के 17 निदेशालयों के लाखों एनसीसी कैडेटों में से गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हो रहे एनसीसी के गणतंत्र दिवस कैंप में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ व देश के वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार भदौरिया सहित कैंप में आने वाले विशिष्टजनों को कैंप की गतिविधियों से अवगत कराने-ब्रीफिंग करने का अवसर मिला है। बड़ी बात यह भी है कि आकांक्षा का चयन इस कार्य के लिए हुआ। इसके अलावा डीएसबी परिसर नैनीताल के दो कैडेटों- भरत बिष्ट व मोहित रावत का चयन गार्ड ऑफ ऑनर के लिए, अन्य दो कैडेट रोहित जोशी व लक्ष्मण बिष्ट का चयन राजपथ पर होने वाली ऐतिहासिक परेड में प्रतिभाग करने के लिए एवं चार कैडेटों-दीपक ढैला, हरीश रौतेला, किशन सिंह व निकिता गोस्वामी का चयन प्रधानमंत्री की रैली के लिए हुआ है। कैडेटों की इस उपलब्धि पर कमांडिंग ऑफिसर डीके सिंह, परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. डीएस बिष्ट, कुलानुशासक प्रो. नीता बोरा शर्मा, सब लेफ्टिनेंट डॉ. रीतेश साह, प्रो. हरीश बिष्ट, मुख्य प्रशिक्षक चीफ पैटी ऑफिसर एके सिंह व आरपी सिंह सहित नैनीताल स्थित नौसेना एनसीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों व कैडेटों ने हर्ष व्यक्त किया है।

सांसद अजय भट्ट होंगे गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि
नैनीताल। सांसद अजय भट्ट आगामी 26 जनवरी को मुख्यालय में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि होंगे। भाजपा नेता विवेक साह ने यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि इस दिन प्रदेश के वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत भी मुख्यालय में होंगे, अलबत्ता उनका गणतंत्र दिवस परेड के बाबत कार्यक्रम की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

यह भी पढ़ें : कमाल: 11 साल की बच्ची ने एक मिनट में बना दिया विश्व रिकॉर्ड, आगे ओलंपिक गोल्ड का है सपना

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 जनवरी 2020। निकटवर्ती गौलापार निवासी मात्र 11 साल की बच्ची रिया ने महज एक मिनट के समय में विश्व रिकॉर्ड बनाने का कमाल कर दिखाया है। लेकिन इसके पीछे उसकी वर्षों की कड़ी मेहनत है। आप विश्वास नहीं करेंगे वह इस सफलता के लिए हर रोज करीब 15 किलोमीटर का सफर तय करती रही है। आगे उसका सपना ओलम्पिक में जिम्नास्टिक खेलकर गोल्ड मेडल जीतने का है। उन्होंने सोमवार को विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला प्रदर्शन वेंडी स्कूल में दिल्ली से पहुंची गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड टीम के समक्ष यह कठिन आसन कर दिखाया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड आलोक कुमार ने रिया को वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रशस्ति पत्र दिया।  आलोक कुमार ने उसके प्रदर्शन की दिल खोल कर प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि यह छोटी सी बच्ची जरूर ओलंपिक में देश के लिए जिम्नास्टिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने का सपना भी पूरा करेगी।

गौलापार के दौलतपुर स्थित वेंडी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ने वाली रिया बचपन से ही योग व जिम्नास्टिक की शौकीन रही है। उसने निरालंब चक्रासन को 1 मिनट में 21 बार कर विश्व रिकॉर्ड अपना नाम दर्ज करवा लिया है। अभी तक यह विश्व रिकॉर्ड दक्षिण भारत के मैसूर-आंध्रप्रदेश की रहने वाली की खुशी नाम की बच्ची के नाम था, जिसने इस आसन को 1 मिनट में 15 बार किया था। अपनी बेटी की इस कामयाबी पर रिया के पिता नवीन पलड़िया और मां सीमा पलड़िया के साथ ही उनके प्रशिक्षक अमित फूले नही समा रहे हैं। रिया का नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज होने पर पूरे उत्तराखंड को उस पर नाज है।

यह भी पढ़ें : पहाड़ के लाल ने भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में देश भर में पहली रैंक हासिल की

नवीन समाचार, देहरादून, 16 जनवरी 2020। शिक्षा के क्षेत्र में एक और सपूत ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। पौड़ी जिले के दूरस्थ क्षेत्र थलीसैंण विकासखंड के अंतर्गत नौडी गांव के रहने वाले मोहित चमोली ने भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में देशभर में पहली रैंकिंग हासिल की है। मोहित की इस सफलता से उनके परिवार व पूरे राठ क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस प्रवेश परीक्षा में देश के विभिन्न राज्यों से 60 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिसमें पौड़ी के मोहित चमोली ने पहला स्थान प्राप्त किया है। वह शिक्षक परिवार से तालुकात रखते हैं। मोहिता के पिता विष्णु प्रसाद चमोली व मां राठ क्षेत्र में ही शिक्षक हैं। मोहित बचपन से ही पढ़ाई मे अव्वल रहा है। कहता है कि समुद्री सेवाओं में काम करने का बचपन का सपना था जिसके लिए वह बचपन से मेहनत कर रहे हैं। समुद्री विवि की प्रवेश परीक्षा में पहली रैंकिंग प्राप्त कर उनका यह सपना अब साकार होने जा रहा है।

नियमित रूप से नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड के समाचार अपने फोन पर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे टेलीग्राम ग्रुप में इस लिंक https://t.me/joinchat/NgtSoxbnPOLCH8bVufyiGQ से एवं ह्वाट्सएप ग्रुप से इस लिंक https://chat.whatsapp.com/ECouFBsgQEl5z5oH7FVYCO पर क्लिक करके जुड़ें।

इसका श्रेय वह अपने माता-पिता को देते हैं। इससे पहले नेशनल डिफेंस एकेडमी की प्रवेश परीक्षा भी मोहित ने पास की है। लेकिनउनकी प्राथमिकता में समुद्री विज्ञान को जानना रहा है। पहले प्रयास में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 126वीं रैंक प्राप्त की थी, लेकिन इससे वह संतुष्ट नहीं हुए। लिहाजा प्रवेश परीक्षा में दोबारा भाग लिया और पहली रैंक प्राप्त कर क्षेत्र व प्रदेश का नाम रोशन किया। भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय चेन्नई में स्थित है। जहां से शिक्षा प्राप्त कर छात्र समुद्री विज्ञान में महारत हासिल करते हैं।

यह भी पढ़ें : अखिल भारतीय अंर्तविश्वविद्यालयी बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कुमाऊं विवि की खिलाड़ियों ने जीता सोना-कांसा

-शोभा कोहली ने स्वर्ण जीता, गायत्री कसन्याल ने कांस्य
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 दिसंबर 2019। अखिल भारतीय अंर्तविश्वविद्यालयी बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कुमाऊं विवि की बॉक्सर शोभा कोहली ने स्वर्ण पदक जीता है। 20 से 24 दिसंबर तक यूपी के बागपत में मेरठ विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित हो रही अखिल भारतीय अंर्तविश्वविद्यालयी बॉक्सिंग प्रतियोगिता के आखिरी दिन पिथौरागढ़ महाविद्यालय की छात्रा शोभा ने 45 से 48 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में कुरुक्षेत्र विवि की खिलाड़ी को हराकर कमाल का प्रदर्शन करते हुए सोने का तमगा अपने गले में ग्रहण किया। उनके अलावा कुविवि के पिथौरागढ़ महाविद्यालय की छात्रा गायत्री कसन्याल ने 51 से 55 किग्रा भार वर्ग में सेमीफाइनल में महर्षि दयानंद विवि रोहतक की खिलाड़ी को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। कुमाऊं विवि के क्रीड़ाधिकारी डा. नागेंद्र शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि कुविवि के कुलपति ने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली खिलाड़ी शोभा कोहली को 20 हजार एवं कांस्य पदक जीतने वाली खिलाड़़ी गायत्री कसन्याल को 15 हजार रुपए देने एवं विवि में सम्मानित करने की बात कही है।

यह भी पढ़ें : टीवी शो में बतौर एंकर दिखाई दीं नैनीताल की बेटी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसंबर 2019। ‘क्वीन ऑफ कुमाऊँ’ के नाम से प्रख्यात, साहित्य, कला, एवं संगीत के साथ ही गायिका, गीतकार और कवियत्री के रूप में भी बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न नैनीताल, उत्तराखंड की बेटी डा. मेघा भारती ‘मेघल’ के नाम एक और उपलब्धि जुड़ी है। मेघल ‘काव्यगंगा’ नाम के टीवी शो में बतौर एंकर नजर आईं। रविवार को इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इस टीवी शो पर आने से खासा उत्साहित मेघल फिलहाल इस कार्यक्रम में अपनी शानदार प्रस्तुति के लिए बधाइयां बटोर रहीं हैं।

नियमित रूप से नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड के समाचार अपने फोन पर प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे टेलीग्राम ग्रुप में इस लिंक https://t.me/joinchat/NgtSoxbnPOLCH8bVufyiGQ से एवं ह्वाट्सएप ग्रुप से इस लिंक https://chat.whatsapp.com/ECouFBsgQEl5z5oH7FVYCO पर क्लिक करके जुड़ें।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मेघल कई मंचों पर संचालन कर चुकी हैं। वे ‘जश्न-ए-आजादी’ सहित कई टीवी शो में अपने गीतों के साथ ही, बॉलीवुड के माया गोविंद, सुनील पाल, अभिलाष, शेखर अस्तित्व, नेहा शरद, इत्यादि, जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ भी कई शोज कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वे उत्तराखंड की प्रथम एवं एकमात्र महिला गीतकार और कम्पोजर हैं, और अब मुम्बई में बतौर एंकर टीवी पर आने वालीं पहली महिला भी बन चुकी हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा भी मेघल को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। मेघल, नैनीताल में ही जन्मी और पली-बढ़ी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल ंके सेंट मैरी कान्वेंट से हुई हैं, और यहीं डीएसबी परिसर से उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी की डिग्री हासिल करके कुमाऊँ विश्वविद्यालय के एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में अंग्रेजी विभाग में ग्यारह वर्षों तक प्रवक्ता व प्रोफेसर भी रह चुकी हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल विंटर कार्निवाल की आखिरी शाम नैनीताल की बेटी मेघल ने पेश किया कुछ खास

इन दिनों मुंबई में रह रहीं बहुआयामी प्रतिभा सम्पन्न संगीत की दुनिया और साहित्य जगत का एक प्रसिद्ध व बेहद लोकप्रिय नाम ‘मेघल’ हाल ही में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री कृपाशंकर सिंह द्वारा गायिकी, लेखन, फिल्म इंडस्ट्री और समाज सेवा के क्षेत्रों में अपने योगदान के लिये सम्मानित की गयी हैं। गायकी में वे ‘गजल शहजादी’ के खिताब से नवाजी गईं हैं, तो गीतकार के रूप में जर्मन फिल्म फेस्टिवल में नामित हो चुकी हैं, और ‘सर्वश्रेष्ठ गीतकार’ का पुरस्कार भी इन्हें मिल चुका है। प्रोफेसर के रूप में उन्हें ‘इंटरनेशनल ग्लोबल रोल मॉडल टीचर्स’ का पुरस्कार प्राप्त हुआ है, तो समाज सेविका के रूप में ‘यूथ आइकॉन’ अवार्ड से और कवयित्री के रूप में ‘अंतरष्ट्रीय हिंदी काव्य रत्न’ के साथ ही ‘श्री अटल बिहारी बाजपाई वूमन अचीवर अवार्ड’ सम्मान से नवाजी जा चुकी हैं। वहीं एक शायरा और लेखिका के रूप में उनकी पुस्तकों को अमेरिका से 5 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। साथ ही वह उत्तराखंड की प्रथम एवं एकमात्र महिला गीतकार और कम्पोजर भी हैं। इस तरह उन्होंने जिस क्षेत्र में भी कदम रखा, वहां अपना परचम लहराया है। जो कि निश्चित ही उत्तराखंड राज्य और विशेष रूप से नैनीताल शहर के लिए गौरव की बात है।उल्लेखनीय है कि मेघल नैनीताल में जन्मी और पली व बढ़ी हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल के सेंट मैरीज कान्वेंट से प्राप्त की और डीएसबी परिसर से अंग्रेजी साहित्य में नारीवाद पर पीएचडी की डिग्री हासिल करके कुमाऊँ विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग में प्रवक्ता भी बनीं। साथ ही उन्होंने संगीत और साहित्य के क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी कई फिल्में एवं एल्बम बाजार में हैं। वह उत्तराखंड की पहली ऐसी गायिका भी बतायी जाती हैं जिनके मार्केट में सबसे पहले सोलो एलबम्स आये। पहाडी पॉप म्यूजिक को जन्म देने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है। पहली बार राज्य में ‘मेघा भारती नाईट’ के नाम से स्टार नाईट का आयोजन भी उनके नाम से ही शुरू हुआ, जिसके तहत वे देशभर में शो करती हैं और नैनीताल शरदोत्सव में भी 2004 से शो कर चुकी हैं। बहुत ही कम उम्र से मेघल को कई राष्टीय एवं अंतरष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं और कई खिताबों से भी नवाजी गईं हैं। उनका ‘मेघा भारती प्रोडक्शन’ नाम से एक प्रोडक्टशन हाउस भी है, जिसके माध्यम से वे निर्धन बच्चों एवं युवाओं को निःशुल्क कला प्रशिक्षण तथा प्रतिभा प्रदर्शन के लिए मंच भी देती हैंं।
मेघल बताती हैं, जब वे दसवीं कक्षा की छात्रा थी तब ही उन्हें उत्तराखण्ड की पहली सिनेमास्कोप फिल्म में बतौर गीतकार और अदाकारा के रूप में अपना हुनर दिखाने का मौका मिला था। उनके लिखे और कंपोज किए गीतों ने आम जनता के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी खासी प्रशंसा लूटी। उनके लिखे एवं कम्पोज किये गीत बॉलीवुड की प्रख्यात पार्श्व गायिका साधना सरगम भी स्वर दे चुकी हैं। वर्तमान में वे मुम्बई में गायन व लेखन के साथ बॉलीवुड के माया गोविंद, सुनील पाल, अभिलाष, शेखर अस्तित्व, नेहा शरद, जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ शो कर रही हैं। अंग्रेजी विषय की प्राध्यापक होने के बावजूद अपनी मातृभाषा हिंदी एवं कुमांउनी पर उनकी अच्छी पकड़ है। उनका मानना है कि व्यक्ति जीवन में तभी आगे बढ़ सकता है जब वह अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़ा हो।

यह भी पढ़ें : चंद दिनों की कड़ी मेहनत से रुद्रपुर की बालिकाओं ने राज्य में पाया मुकाम, बजा दी सबकी ‘बैंड’

नवीन समाचार, हरिद्वार, 15 नवंबर 2019। हरिद्वार के गायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज हरिद्वार में 15 नवंबर को आयोजित राज्य स्तरीय अंतर विद्यालयी बैंड प्रतियोगिता में जनपद ऊधमसिंह नगर के राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय ट्रांजिट कैंप रुद्रपुर की बालिकाओं की टीम में राज्य भर में तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए टीम की मार्गदर्शक की भूमिका निभाने वाली इस विद्यालय की सहायक अध्यापिका विनय प्रभा पाठक को भी प्रदेश के सचिव विद्यालयी शिक्षा व राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा डा. आर मीनाक्षी सुंदरम, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा डा. मुकुल कुमार सती व हरिद्वार जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा डा. आनंद भारद्वाज की ओर से खास तौर पर सम्मानित किया गया है। बताया गया है कि राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय ट्रांजिट कैंप रुद्रपुर की बालिकाओं ने यह उपलब्धि अपनी शिक्षिका विनय प्रभा पाठक के निर्देशन में बेहद सीमित संसाधनों के बीच कुछ ही दिन की मेहनत के बाद वर्ष भर बैंड वादन करने वाले स्वनामधन्य स्कूलों की टीमों को हराकर अर्जित की है। इस उपलब्धि पर ऊधमसिंह नगर जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र आर्य, उप शिक्षा अधिकारी डा. गुंजन अमरोही आदि उच्चाधिकारियों ने भी विद्यालय की पूरी टीम को बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : वाह ! एमटीवी के रियलिटी शो में हुई नैनीताल की ‘मिस स्माइलिंग फेस’ आयुषी की ‘वाइल्ड कार्ड एंट्री’

-नगर के बिशप शॉ स्कूल की पूर्व छात्रा और भवाली की रहने वाली हैं आयुषी

आयुषी

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 नवंबर 2019। नगर के बिशप शॉ स्कूल की पूर्व छात्रा आयुषी एमटीवी चैनल में प्रसारित हो रहे रियालिटी शो के ‘मिस्टर एंड मिस 7 स्टेट्स’ में भी कार्य कर चुकी हैं। आयुषी मूल रूप से भवाली की रहने वाली हैं। पिछले वर्ष ही आयुषी ने बिशप शॉ से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। आयुषी के अनुसार उन्हें इस शो में उनकी वाइल्ड कार्ड एंट्री हुई है। शो का प्रसारण एमटीवी चौनल में रात 11 बजे से किया जा रहा है। इसमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों से प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। आयुषी का कहना है कि वह यह शो जीतकर उत्तराखंड का नाम रोशन करना चाहती हैं। इससे पहले भी वह 2016 में ‘मिस स्माइलिंग फेस’ का खिताब जीत चुकी हैं। साथ ही एक टीवी सीरियल में भी अभिनय कर चुकी हैं। उनको बचपन से ही मॉडलिंग का शौक रहा है। वह डांस व सिंगिंग में भी रूचि रखती है, और आगे मॉडलिंग में ही अपना करियर बनाना चाहती है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल, अल्मोड़ा-उत्तराखंड के लिए बहुत बड़ा सम्मान : शहीद बवाड़ी के नाम पर सिक्किम में हुआ सेना का एक पुल

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 नवंबर 2019। भारतीय सेना ने सिक्किम में एक पुल का नाम नैनीताल निवासी शहीद मनोहर दत्त बवाड़ी के नाम पर ‘बवाड़ी ब्रिज’ रखा है। नगर के मल्लीताल नैनीताल क्लब के पीछे पंचवटी कुटीर में रहने वाले मनोहर दत्त बवाड़ी जीआरईएफ-ग्रेफ में सिविल इंजीनियर थे। वे 15 अप्रैल 1994 को सिक्किम में सेवा के दौरान शहीद हो गए थे। उन्हें देश के राष्ट्रपति के द्वारा 1995 में गणतंत्र दिवस पर मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। इधर बुधवार को ग्रेफ के सेकेंड इन कमांड कैप्टन मो. असलम शमीम द्वारा स्वर्गीय बवाड़ी की पुणे महाराष्ट्र में शिक्षारत पुत्री रक्षिता को भेजा गया पत्र प्राप्त हुआ। जिसमें बताया गया है कि उत्तरी सिक्किम के के मुंशिथांग में एक वैली ब्रिज का नाम बवाड़ी ब्रिज रखा गया है। इसके बाद नगर में उनके परिजनों के साथ ही परिचितों एवं नगर वासियों में गर्व के साथ हर्ष की लहर छा गई। उनके पड़ोसी रहे गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के सचिव नरेंद्र पाल सिंह गंभीर ने स्वर्गीय बवाड़ी के नाम पर सिक्किम में एक पुल का नाम रखे जाने को नैनीताल एवं पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात बताया।
उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय बवाड़ी का परिवार मूल रूप से अल्मोड़ा जनपद के सल्ट के निकट बवाड़ी किचार गांव का निवासी है। वे चार भाई थे। उनके एक भाई अंबा दत्त बवाड़ी नगर में ए श्रेणी के ठेकेदार एवं उत्तराखंड क्रांति दल के नेता हैं। स्वर्गीय बवाड़ी के दो पुत्र एवं दो पुत्रियां हैं। इनमें से एक पुत्र व एक पुत्री का ही अभी विवाह हुआ है। जिस बेटी रक्षिता को पत्र प्राप्त हुआ है वह उनके शहीद होने के दौरान मात्र एक वर्ष की थी। उनकी पत्नी का भी इस बीच देहांत हो चुका है।

यह भी पढ़ें : बधाई ! उत्तराखंड के रिपुंजय ने अपने नाम के अर्थ साकार करते हुए एनडीए में किया टॉप

रिपुंजय नैथानी

नवीन समाचार, देहरादून, 6 नवंबर 2019। संघ लोक सेवा द्वारा आयोजित एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी और नेवल एकेडमी (एनए)-1 की प्रवेश परीक्षा में देहरादून निवासी रिपुंजय नैथानी ने अपने नाम को साकार करते हुए पहले प्रयास में ही देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आरआइएमसी कैडेट रिपुंजय के नाम का अर्थ होता है शत्रु पर विजय। एक विजय प्राप्त करने के बाद उनसे उम्मीद है कि वे देश के दुश्मनों पर भी इसी तरह से विजय प्राप्त करेंगे। रिपंुजय देशभर से चयनित 447 युवाओं में रिपुंजय शीर्ष पर रहे हैं। मूल रूप से ग्राम तम्लाग पौड़ी गढ़वाल निवासी उनका परिवार दून के बसंत विहार में रहता है। पिता आरके नैथानी फौज में कर्नल और मां पूजा नैथानी हिल फाउंडेशन स्कूल में प्रधानाचार्य हैं।
उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा ने इसी अप्रैल माह में एनडीए-एनए की लिखित परीक्षा का आयोजन किया था। जिसके बाद सर्विस सलेक्शन बोर्ड ने साक्षात्कार का आयोजन किया और अब अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। नया बैच दो जनवरी से शुरू होगा। एग्जाम टॉपर रिपुंजय नैथानी सैन्य गुरुकुल कहे जाने वाले राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआइएमसी) में कैडेट कैप्टन हैं। आरआइएमसी के कुल 14 कैडेटों ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया है। इनमें चार कैडेट प्रथम पांच में शामिल हैं। उधर, उत्तराखंड के होनहार रिपुंजय नैथानी के देश में प्रथम स्थान हासिल करने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने रिपुंजय के उज्जवल भविष्य की कामना की है, तथा उम्मीद की है कि राज्य के अन्य युवा भी उनसे प्रेरणा लेकर इसी तरह देश में उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।संघ लोक सेवा द्वारा आयोजित एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी और नेवल एकेडमी (एनए)-1 की प्रवेश परीक्षा में देहरादून निवासी रिपुंजय नैथानी ने अपने नाम को साकार करते हुए पहले प्रयास में ही देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आरआइएमसी कैडेट रिपुंजय के नाम का अर्थ होता है शत्रु पर विजय। एक विजय प्राप्त करने के बाद उनसे उम्मीद है कि वे देश के दुश्मनों पर भी इसी तरह से विजय प्राप्त करेंगे। रिपंुजय देशभर से चयनित 447 युवाओं में रिपुंजय शीर्ष पर रहे हैं। मूल रूप से ग्राम तम्लाग पौड़ी गढ़वाल निवासी उनका परिवार दून के बसंत विहार में रहता है। पिता आरके नैथानी फौज में कर्नल और मां पूजा नैथानी हिल फाउंडेशन स्कूल में प्रधानाचार्य हैं।

उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा ने इसी अप्रैल माह में एनडीए-एनए की लिखित परीक्षा का आयोजन किया था। जिसके बाद सर्विस सलेक्शन बोर्ड ने साक्षात्कार का आयोजन किया और अब अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। नया बैच दो जनवरी से शुरू होगा। एग्जाम टॉपर रिपुंजय नैथानी सैन्य गुरुकुल कहे जाने वाले राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआइएमसी) में कैडेट कैप्टन हैं। आरआइएमसी के कुल 14 कैडेटों ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया है। इनमें चार कैडेट प्रथम पांच में शामिल हैं। उधर, उत्तराखंड के होनहार रिपुंजय नैथानी के देश में प्रथम स्थान हासिल करने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने रिपुंजय के उज्जवल भविष्य की कामना की है, तथा उम्मीद की है कि राज्य के अन्य युवा भी उनसे प्रेरणा लेकर इसी तरह देश में उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।

यह भी पढ़ें : बधाई ! अल्मोड़ा-नैनीताल के ‘लाल’ को मिला राष्ट्रपति का पुलिस मैडल..

-आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट लाल सिंह को मिला राष्ट्रपति का पुलिस मैडल

आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट लाल सिंह को राष्ट्रपति के पुलिस मैडल से सम्मानित करते केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 30 अक्टूबर 2019। मूलतः अल्मोड़ा व वर्तमान में नैनीताल जनपद के निवासी आईटीबीपी यानी भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस बल की 34वीं बटालियन में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर कार्यरत लाल सिंह को ग्रेटर नोएडा में आयोजित आईटीबीपी के 58वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति के पुलिस मैडल से सम्मानित किया गया है। उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने अपने हाथों से यह पुरस्कार प्रदान किया। श्री सिंह मूलतः अल्मोड़ा जनपद के रानीखेत के निकट चौखुटिया के करकटया ग्राम निवासी हैं, तथा वर्तमान में उनका परिवार नैनीताल जनपद के हल्दूचौड़ में निवास करता है। 1983 में आईटीबीपी में भर्ती लाल सिंह को उनकी 36 वर्ष की उत्कृष्ट सेवा के प्रतिफल में उन्हें यह पुरस्कार मिलने पर उनके परिजनों, रिश्तेदारों व परिचितों के साथ ही अल्मोड़ा-नैनीताल जनपदों में भी हर्ष की लहर है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के पूर्व डीएम दुनिया के शीर्ष 12 श्रेष्ठ नौकरशाहों में चयनित

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 अक्तूबर 2019। नैनीताल के डीएम रहे उत्तराखंड कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी डा. राकेश कुमार को लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन ने ग्लोबल हेल्थ लीडरशिप प्रोग्राम के लिए दुनिया के शीर्ष 12 श्रेष्ठ नौकरशाहों में चयनित किया है। उल्लेखनीय है कि डा. कुमार 30 अगस्त 2004 से 30 सितंबर 2006 तक नैनीताल के 53वें डीएम तथा बाद में उत्तराखंड शासन में शिक्षा सचिव भी रहे। वर्तमान में वे संयुक्त राष्ट्र यूएनडीपी में एडिशनल कंट्री डायरेक्टर हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई करके नेत्र चिकित्सक के रूप में भी कार्यरत रहे और बाद में भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस में आए डा. कुमार की गिनती नैनीताल जनपद में भी साफ और कर्मठ छवि के श्रेष्ठतम जिलाधिकारियों में होती रही है।
डा. राकेश कुमार को वर्ष 2015 में टीकाकरण से छूट गए बच्चों के लिए ‘मिशन इंद्रधनुष’ योजना चलाने का श्रेय दिया जाता है, जो इतनी प्रभावी और सफल रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार अपने भाषणों में इसका जिक्र करते रहे हैं। अब डा. कुमार ग्लोबल हेल्थ लीडरशिप प्रोग्राम के अंतर्गत विश्वस्तरीय औषधि और स्वास्थ्य संबंधी रणनीतियों को अमली जामा पहनाने में अपना योगदान देंगे।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की बहु के सिर सजा ‘मिसेज यूनिवर्स 2019’ का ताज

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 14 अक्तूबर 2019। इंटरनेशनल प्राइड वीमेन द्वारा गोआ में आयोजित मिसेज यूनिवर्स-2019 प्रतियोगिता का ताज हल्द्वानी उत्तराखंड की अनु नागर के मिला है। मिस इंडिया 2013 सिमरन आहूजा ने अनु को ताज पहनाया।
उल्लेखनीय है कि विगत 1 माह से चल रही मिसेज यूनिवर्स की खोज के लिए देशभर में लगभग 2500 महिलाओं ने भाग लिया था। इनमें से फाइनल के लिए हल्द्वानी की अनु शीर्ष 16 महिलाओं में पहले ही अपना स्थान बना चुकी थीं। प्रतियोगिता का फाइनल पहले सिंगापुर में होना था। किंतु शो के डारेक्टर, बॉलीवुड लेखक, निर्माता-निर्देशक हरविंदर मांकड़ के अनुसार हांगकांग में इस दौरान दंगे होने के कारण यह शो गोआ में आयोजित किया गया। इस शो की थीम ‘पानी और पेड़ बचाने’ की थी इसलिए समुद्र के पास इस आयोजन को सुनिश्चित किया गया था। अनु ने फाइनल स्टेज पर ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, महिला सशक्तिकरण,ओर महिलाओं के उत्थान के लिए,के लिए आगे आने के विचार व्यक्त किये, और मिसेज यूनिवर्स बनने के बाद उन्होंने आयोजक डा. ऋतु वैष्णव और शो के डायरेक्टर हरविंदर माकड़ सहित पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। आगे उन्होंने उत्तराखंड की घरेलू और कामकाजी महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करने और अपने समाजसेवी पति महेंद्र नागर के कंधों को मजबूत कर समाज की सेवा करने की बात कही है।

यह भी पढ़ें : हल्द्वानी की बहू ने जीता फैशन की दुनिया का एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार…

-अनु नागर 2019 इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित
नवीन समाचार, मेरठ, 7 मई 2019। मेरठ के होटल हारमनी इन में दो दिवसीय सेकंड इंटरनेशनल लीडरशिप समिट का आयोजन किया गया, जिसमें यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, बंगलादेश, सिंगापुर, ज़िम्बाब्वे, ज़ाम्बिया, साउथ अफ्रीका, दुबई व इंडिया समेत 9 देशों ने प्रतिभाग किया। जिसमें हल्द्वानी (नैनीताल) की श्रीमती अनु नागर को “इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2019” से सम्मानित किया गया।

अनु नागर को यह अवॉर्ड फ़ैशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप के लिए दिया गया। यह अवॉर्ड फंग्सन “एस्थेटिक इंटरनेशनल” द्वारा आयोजित किया गया था। एस्थेटिक की डारेक्टर डॉ. कामाक्षी जिंदल ने कहा कि श्रीमती अनु नागर एक ऐसी महिला हैं जिन्होंने मैरिड महिलाओं को एक नई दिशा दिखाई है। वह मैरिड महिलाओं की प्रेरणास्रोत हैं।श्रीमती अनु नागर ने प्रुफ कर दिया है वह महिलाओं के लिए एक फ़ैशन आइकॉन हैं। उनसे अन्य महिलाओं को एक पॉजीटिव ऊर्जा मिलती है। अनु नागर को यह अवॉर्ड लंदन की बेहद फैमस फैशन डिजाइनर “लूसिया फ़र्नान्डिस” एवं भारत एक फैमस कार्टूनिस्ट मोटू-पतलू एवं फ़िल्म डारेक्टर व बाइस हज़ार बुकों के राईटर “हरविंदर मनकार” एस्थेटिक की डाइरेक्टर डॉ. कामाक्षी जिंदल, डॉ. आशा जिंदल द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में क्रियेटिव डारेक्टर बालाजी टेलीफिल्म की निवेदिता बासु, तन्मय शर्मा, आशा आनंद, मीता शाह, प्रीति शर्मा, रत्ना तिवारी,अंजलि धर, डॉ. वेद तिवारी, मोरशेड चिस्ती, डॉ. कैरोलिन मकाका, वनिता सर्वांमुथू नेशनल डाइरेक्टर सिंगापुर आदि लोग उपस्थित थे। अनु के इंटरनेशनल अवॉर्ड मिलने पर नेशनल फ़िल्म बोर्ड के फ़िल्म डारेक्टर मुकेश चंद्रा, सिने स्टार हेमंत पांडे, एनएसडीएन व राइटर डॉ. एहशान बख्श, फ़ैशन डिज़ाइनर अर्जुन सिंह, राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद डाइरेक्टर जनरल ज़फर पिरज़ादा मुम्बई, फोटो जंक्शन दिल्ली के मशहूर फोटोग्राफर सचिन नागरे, आज़ाद अली, शशि, जतिन पांडे, आकाश नेगी, राजीव पांडे, चारु तिवारी व शम्भूदत्त आदि ने बधाई दी है।

यह भी पढ़ें : ‘नासा’ ने नैनीताल के 95 वर्षीय राष्ट्रीय खिलाड़ी का किया सम्मान

95 वर्षीय खिलाड़ी जीवन साह को सम्मानित करते नासा संस्था के लोग।

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2019। नगर की जल क्रीड़ा में आगे रहने वाली संस्था ‘नासा’ यानी ‘नैनीताल एक्वेटिक एवं एडवेंचर एसोसिएशन’ ने 1950 के दौर में खेल जगत में अद्वितीय योगदान देने वाले 95 वर्षीय जीवन लाल साह को उनके खेल जीवन के करीब 65 वर्ष बाद उनके घर जाकर सम्मानित किया। बताया गया कि श्री साह 1950 से 1986 तक नगर के हॉकी और क्रिकेट के महारथी खिलाड़ी रहे व राष्ट्रीय स्तर पर भी नैनी वंडर्स टीम से खेले। इस मौके पर श्री साह ने बताया कि 65 वर्षों के बाद किसी संस्था ने उनका सम्मान किया। इससे पूर्व उनकी पत्नी को ऐपण कला के लिए लोक चित्रकार पद्मश्री यशोधर मठपाल ने सम्मानिक किया था। नासा के यशपाल रावत ने कहा कि जीवन जी ने कई खिलाड़ियों को तैयार किया। इस मौके पर उमेश साह ‘गौड्से’, योगेश साह, रोहित गर्ग, एसएस अधिकारी, धीरज बिष्ट एवं नासा के राजा साह आदि लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की बेटी प्रीशा ने अमेरिका में जीती सौंदर्य प्रतियोगिता

अमेरिका में इंस्पिरेशन मिस टीन भारत की उप विजेता का खिताब प्राप्त करती प्रीशा राठौर।

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अक्तूबर 2019। नैनीताल की बेटी प्रीशा राठौर को अमेरिका में आईएसीए यानी इंडियन अमेरिकन एसोसिएशन कल्चर की सौंदर्य प्रतियोगिता जीत कर नगर का नाम रोशन किया है। प्रीशा ने इस प्रतियोगिता में ‘मिस टीन यूएसए टॉप 5’ में रहने के साथ ही ‘बेस्ट टेलेंट अवार्ड’ तथा वे ‘इंस्पिरेशन मिस टीन भारत’ श्रेणी में उप विजेता और ‘मोस्ट रॉयल टाइटल’ जीते हैं। प्रीशा अब अगले दो माह के भीतर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग करेंगी।
उल्लेखनीय है कि प्रीशा अमेरिका के जॉर्जिया स्टेट के अटलांटा शहर में रहती हैं। उनके पिता पवन राठौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर और माता पूजा राठौर शिक्षिका हैं। उन्हें अमेरिका में रहते 23 वर्ष हो गए हैं। प्रीशा की ननिहाल नैनीताल में है। उनके नाना कुंदन सिंह भाकुनी, नानी हेमा भाकुनी व मामा धीरेंद्र भाकुनी यहां नगर के बलरामपुर हाउस में रहते हैं, जबकि उनका परिवार मूलतः बागेश्वर जनपद का निवासी है। अक्सर वे व उनका परिवार नैनीताल व बागेश्वर आते रहते हैं।

यह भी पढ़ें : डीएसबी के दो छात्रों अनुराग व पंकज का संतोष ट्राफी के लिए चयन

संतोष ट्राफी के लिए चयनित अनुराग व पंकज।

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 सितंबर 2019। डीएसबी परिसर के दो छात्रों अनुराग चौधरी व पंकज आर्या का फुटबॉल की प्रतिष्ठित संतोष ट्राफी के लिए चयन किया गया है। दोनों 27 सितंबर तक खेली जाने वाली इस प्रतियोगिता में प्रदेश की टीम का हिस्सा होंगे। उत्तराखंड की टीम का नॉर्थ जोन में हरियाणा, जम्मू कश्मीर और पंजाब के साथ मुकाबला होगा। अनुराग डीएसबी परिसर के बीपीईएस यानी बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज यानी शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र हैं। शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डा. संतोष कुमार ने उन्हें बधाई देते हुए बताया कि अनुराग के पिता नैनीताल के व्यवसायी व माता ग्रहणी हैं। वहीं डीएसबी परिसर के ही छात्र पंकज शेरवुड कॉलेज परिसर नैनीताल के निवासी हैं। उनके पिता मोहन राम आर्या शेरवुड कॉलेज में कार्यरत हैं और मां देवकी देवी गृहिणी हैं। वह उत्तराखंड की टीम में सेंटर फारवर्ड में खेलेंगे। दोनों के चयन पर परिसर में गौरव एवं हर्ष का माहौल है।

यह भी पढ़ें : बड़ी उपलब्धि : कुमाऊं विवि के प्रोफेसर को जलवायु विज्ञान में देश का इकलौता राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 सितंबर 2019। कुमाऊं विवि के प्रोफेसर बहादुर सिंह कोटलिया को वर्ष 2018 के लिए जलवायु विज्ञान में देश का इकलौता राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार प्रदान किया गया है। कुमाऊं विवि के सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन जियोलॉजी यानी भूविज्ञान विभाग में तैनात यूजीसी के शोध वैज्ञानिक प्रो. कोटलिया जलवायु विज्ञान के अंतर्गत दीर्घकालीन जलवायु परिवर्तन पर शोधरत हैं। नई दिल्ली में गुरुवार को देश के राष्ट्रपति की ओर से भारत सरकार के खान मंत्रालय के सचिव अनिल मुकीम व मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उन्हें संयुक्त रूप से यह पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार के साथ उन्हें प्रशस्ति पत्र व तीन लाख रुपये की राशि भेंट की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व यह पुरस्कार उत्तराखंड के प्रो. केएस वल्दिया को भी मिल चुका है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद के एक और विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर मिला पहला स्थान…

भीमताल के हरमन माइनर स्कूल को मिला राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थाननवीन समाचार, भीमताल, 13 सितंबर 2019। जनपद मुख्यालय स्थित भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के बाद जनपद के एक और विद्यालय, भीमताल स्थित एसओएस हरमन माइनर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। विद्यालय के प्रधानाचार्य आरके वाधवा के हवाले से बताया गया है कि विद्यालय के शिक्षक विपिन उप्रेती के निर्देशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में विद्यार्थियों द्वारा बनाये गये मॉडलों व कार्यों पर, भारत सरकार के नीति आयोग की ओर से स्थापित अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं में स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया व इन्नोवेशन एवं क्रिएटिविटी के नवीनतम एवं रचनात्मक कार्यों में विशेष योगदान के लिए हरमन माईनर स्कूल भीमताल के बाल वैज्ञानिकों को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। बताया गया है कि नीति आयोग द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में चयनित विद्यालयों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगितायें आयोजित कर विजेता को रोबोटिक कार्यों के लिए 20 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल-उत्तराखंड के विद्यालय को मिला देश में पहला, 2 लाख रुपए का पुरस्कार, राष्ट्रपति 6 को करेंगे प्रदान

-स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप में भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय की एनएसएस यूनिट को मिला देश में पहला स्थान
स्कूल में 26 खिलाड़ियों को किया सम्मानितनवीन समाचार, नैनीताल, 4 सितंबर 2019। उत्तराखंड के नैनीताल स्थित, यूपी के पूर्व मंत्री स्वर्गीय प्रताप भैया द्वारा स्थापित बीएसएसवी यानी भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय की एनएसएस यानी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई को ‘स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप’ में देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। विद्यालय को पुरस्कार के रूप में भारत सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय के युवा मामले विभाग के अंतर्गत एनएसएस निदेशालय से दो लाख रुपए के पुरस्कार से नवाजा गया है। प्रतियोगिता में उडुपी कर्नाटक के श्री धर्मशाला मंजुनाथेश्वर कॉलेज ऑफ आयुर्वेदा एंड हॉस्पिटल कुथपेडी को 1 लाख का दूसरा एवं एवं मणीपुर के सेनापति जिले के डॉन बॉस्को कॉलेज मरम को 50 हजार रुपए के तीसरे पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। बताया गया है कि यह पुरस्कार आगामी 6 सितंबर को नई दिल्ली में देश के राष्ट्रपति के द्वारा विद्यालय की एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डा. रेनू बिष्ट व स्वयंसेवी चंद्रप्रकाश को प्रदान किये जाएंगे।
बताया गया है कि इस प्रतियोगिता में भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय ने जनपद में पहला स्थान प्राप्त किया था और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था, और राज्य स्तर पर भी पहला पुरस्कार प्राप्त होने के बाद उत्तराखंड से केवल इसी विद्यालय ने देश के 28 राज्यों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था।
इस उपलब्धि पर कुमाऊं मंडल के अपर निदेशक डा. मुकुल सती, जिले के सीईओ केके गुप्ता, एनएसएस के जिला समन्वयक ललित मोहन पांडे, राज्य संपर्क अधिकारी अजय अग्रवाल, अपर निदेशक कार्यालय के एनएसएस प्रभारी जगमोहन रौतेला, विद्यालय के प्रबंधक ज्योति प्रकाश, प्रबंध समिति के सदस्य दुर्गा दत्त रुबाली, उपाध्यक्ष डा. नीता बोरा शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य पूरन सिंह, खीमराज बिष्ट, नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा समन्वयक रजत शर्मा आदि ने इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता, कार्यक्रम अधिकारी डा. रेनू बिष्ट सहित पूरे विद्यालय परिवार को बधाई दी है।

अमेरिका में इंस्पिरेशन मिस टीन भारत की उप विजेता का खिताब प्राप्त करती प्रीशा राठौर।

<

p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अक्तूबर 2019। नैनीताल की बेटी प्रीशा राठौर को अमेरिका में आईएसीए यानी इंडियन अमेरिकन एसोसिएशन कल्चर की सौंदर्य प्रतियोगिता जीत कर नगर का नाम रोशन किया है। प्रीशा ने इस प्रतियोगिता में ‘मिस टीन यूएसए टॉप 5’ में रहने के साथ ही ‘बेस्ट टेलेंट अवार्ड’ तथा वे ‘इंस्पिरेशन मिस टीन भारत’ श्रेणी में उप विजेता और ‘मोस्ट रॉयल टाइटल’ जीते हैं। प्रीशा अब अगले दो माह के भीतर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग करेंगी।
उल्लेखनीय है कि प्रीशा अमेरिका के जॉर्जिया स्टेट के अटलांटा शहर में रहती हैं। उनके पिता पवन राठौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर और माता पूजा राठौर शिक्षिका हैं। उन्हें अमेरिका में रहते 23 वर्ष हो गए हैं। प्रीशा की ननिहाल नैनीताल में है। उनके नाना कुंदन सिंह भाकुनी, नानी हेमा भाकुनी व मामा धीरेंद्र भाकुनी यहां नगर के बलरामपुर हाउस में रहते हैं, जबकि उनका परिवार मूलतः बागेश्वर जनपद का निवासी है। अक्सर वे व उनका परिवार नैनीताल व बागेश्वर आते रहते हैं।

यह भी पढ़ें : डीएसबी के दो छात्रों अनुराग व पंकज का संतोष ट्राफी के लिए चयन

संतोष ट्राफी के लिए चयनित अनुराग व पंकज।

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 सितंबर 2019। डीएसबी परिसर के दो छात्रों अनुराग चौधरी व पंकज आर्या का फुटबॉल की प्रतिष्ठित संतोष ट्राफी के लिए चयन किया गया है। दोनों 27 सितंबर तक खेली जाने वाली इस प्रतियोगिता में प्रदेश की टीम का हिस्सा होंगे। उत्तराखंड की टीम का नॉर्थ जोन में हरियाणा, जम्मू कश्मीर और पंजाब के साथ मुकाबला होगा। अनुराग डीएसबी परिसर के बीपीईएस यानी बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज यानी शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र हैं। शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डा. संतोष कुमार ने उन्हें बधाई देते हुए बताया कि अनुराग के पिता नैनीताल के व्यवसायी व माता ग्रहणी हैं। वहीं डीएसबी परिसर के ही छात्र पंकज शेरवुड कॉलेज परिसर नैनीताल के निवासी हैं। उनके पिता मोहन राम आर्या शेरवुड कॉलेज में कार्यरत हैं और मां देवकी देवी गृहिणी हैं। वह उत्तराखंड की टीम में सेंटर फारवर्ड में खेलेंगे। दोनों के चयन पर परिसर में गौरव एवं हर्ष का माहौल है।

यह भी पढ़ें : बड़ी उपलब्धि : कुमाऊं विवि के प्रोफेसर को जलवायु विज्ञान में देश का इकलौता राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 सितंबर 2019। कुमाऊं विवि के प्रोफेसर बहादुर सिंह कोटलिया को वर्ष 2018 के लिए जलवायु विज्ञान में देश का इकलौता राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार प्रदान किया गया है। कुमाऊं विवि के सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन जियोलॉजी यानी भूविज्ञान विभाग में तैनात यूजीसी के शोध वैज्ञानिक प्रो. कोटलिया जलवायु विज्ञान के अंतर्गत दीर्घकालीन जलवायु परिवर्तन पर शोधरत हैं। नई दिल्ली में गुरुवार को देश के राष्ट्रपति की ओर से भारत सरकार के खान मंत्रालय के सचिव अनिल मुकीम व मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उन्हें संयुक्त रूप से यह पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार के साथ उन्हें प्रशस्ति पत्र व तीन लाख रुपये की राशि भेंट की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व यह पुरस्कार उत्तराखंड के प्रो. केएस वल्दिया को भी मिल चुका है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद के एक और विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर मिला पहला स्थान…

भीमताल के हरमन माइनर स्कूल को मिला राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थाननवीन समाचार, भीमताल, 13 सितंबर 2019। जनपद मुख्यालय स्थित भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय के बाद जनपद के एक और विद्यालय, भीमताल स्थित एसओएस हरमन माइनर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। विद्यालय के प्रधानाचार्य आरके वाधवा के हवाले से बताया गया है कि विद्यालय के शिक्षक विपिन उप्रेती के निर्देशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में विद्यार्थियों द्वारा बनाये गये मॉडलों व कार्यों पर, भारत सरकार के नीति आयोग की ओर से स्थापित अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं में स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया व इन्नोवेशन एवं क्रिएटिविटी के नवीनतम एवं रचनात्मक कार्यों में विशेष योगदान के लिए हरमन माईनर स्कूल भीमताल के बाल वैज्ञानिकों को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। बताया गया है कि नीति आयोग द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में चयनित विद्यालयों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगितायें आयोजित कर विजेता को रोबोटिक कार्यों के लिए 20 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल-उत्तराखंड के विद्यालय को मिला देश में पहला, 2 लाख रुपए का पुरस्कार, राष्ट्रपति 6 को करेंगे प्रदान

<

p style=”text-align: justify;”>-स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप में भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय की एनएसएस यूनिट को मिला देश में पहला स्थान
स्कूल में 26 खिलाड़ियों को किया सम्मानितनवीन समाचार, नैनीताल, 4 सितंबर 2019। उत्तराखंड के नैनीताल स्थित, यूपी के पूर्व मंत्री स्वर्गीय प्रताप भैया द्वारा स्थापित बीएसएसवी यानी भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय की एनएसएस यानी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई को ‘स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप’ में देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। विद्यालय को पुरस्कार के रूप में भारत सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय के युवा मामले विभाग के अंतर्गत एनएसएस निदेशालय से दो लाख रुपए के पुरस्कार से नवाजा गया है। प्रतियोगिता में उडुपी कर्नाटक के श्री धर्मशाला मंजुनाथेश्वर कॉलेज ऑफ आयुर्वेदा एंड हॉस्पिटल कुथपेडी को 1 लाख का दूसरा एवं एवं मणीपुर के सेनापति जिले के डॉन बॉस्को कॉलेज मरम को 50 हजार रुपए के तीसरे पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। बताया गया है कि यह पुरस्कार आगामी 6 सितंबर को नई दिल्ली में देश के राष्ट्रपति के द्वारा विद्यालय की एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डा. रेनू बिष्ट व स्वयंसेवी चंद्रप्रकाश को प्रदान किये जाएंगे।
बताया गया है कि इस प्रतियोगिता में भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय ने जनपद में पहला स्थान प्राप्त किया था और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था, और राज्य स्तर पर भी पहला पुरस्कार प्राप्त होने के बाद उत्तराखंड से केवल इसी विद्यालय ने देश के 28 राज्यों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था।
इस उपलब्धि पर कुमाऊं मंडल के अपर निदेशक डा. मुकुल सती, जिले के सीईओ केके गुप्ता, एनएसएस के जिला समन्वयक ललित मोहन पांडे, राज्य संपर्क अधिकारी अजय अग्रवाल, अपर निदेशक कार्यालय के एनएसएस प्रभारी जगमोहन रौतेला, विद्यालय के प्रबंधक ज्योति प्रकाश, प्रबंध समिति के सदस्य दुर्गा दत्त रुबाली, उपाध्यक्ष डा. नीता बोरा शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य पूरन सिंह, खीमराज बिष्ट, नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा समन्वयक रजत शर्मा आदि ने इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता, कार्यक्रम अधिकारी डा. रेनू बिष्ट सहित पूरे विद्यालय परिवार को बधाई दी है।

नवीन समाचार
‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
https://navinsamachar.com

Leave a Reply

loading...