नवीन समाचार, चमोली, 6 जुलाई 2026 (First major action in Badrinath Dham Case)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जनपद स्थित श्री बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल (Pramod Nautiyal) को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए जांच समिति को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) ने भी मामले में निष्पक्ष एसआईटी जांच की मांग करते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।
कौन हैं प्रमोद नौटियाल, जिन पर हुई पहली कार्रवाई?
प्रमोद नौटियाल बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के नियमित कर्मचारी हैं। हाल के वर्षों में वे समिति अध्यक्ष के साथ व्यक्तिगत सहायक (Personal Assistant) के रूप में कार्य कर रहे थे। हालांकि, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि प्रमोद नौटियाल उनके “पर्सनल सेक्रेटरी” नहीं थे, बल्कि समिति के कर्मचारी हैं, जो पूर्व के कई अध्यक्षों के साथ भी व्यक्तिगत सहायक के रूप में कार्य कर चुके हैं।
चढ़ावा गणना में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद तीन जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अब जांच को निष्पक्ष बनाए रखने और उसके प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
पदोन्नति और नियुक्ति को लेकर भी उठ रहे सवाल
उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति वर्ष 2014 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के एकल पद पर हुई थी, जहां पदोन्नति का प्रावधान नहीं था। बाद में वर्ष 2018 में उन्हें व्यक्तिगत सहायक के पद पर समायोजित किया गया। इसके बाद वर्ष 2023 में नियमावली में संशोधन कर जनसंपर्क विशेष अधिकारी के पद तक पदोन्नति का मार्ग भी खोला गया।
इसी बीच यह प्रश्न भी उठ रहे हैं कि व्यक्तिगत सहायक के रूप में कार्यरत होने के बावजूद उन्हें चढ़ावा गणना जैसे संवेदनशील कार्य में क्यों लगाया गया था। इन तथ्यों की भी जांच के दौरान समीक्षा किए जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने मांगी 15 दिन में रिपोर्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित जांच समिति को 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
मामले को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बाद बहुजन समाज पार्टी भी सक्रिय हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने कथित चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष एसआईटी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष अभी शेष
मंदिर समिति की ओर से गठित जांच समिति मामले की जांच कर रही है। अभी जांच प्रक्रिया जारी है और अंतिम रिपोर्ट आना शेष है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही होगा। वर्तमान कार्रवाई प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
