रिक्शा स्टैंड से पंत पार्क तक दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर सख्ती, दो वाहन सीज; अब प्रशासनिक वाहनों पर भी उठे सवाल
नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जुलाई 2026 ()। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के मल्लीताल (Mallital) स्थित पंत पार्क (Pant Park) क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कुमाऊं आयुक्त (Kumaon Commissioner) दीपक रावत (Deepak Rawat) के निर्देश के बाद रिक्शा स्टैंड से पंत पार्क की ओर किसी भी दोपहिया वाहन के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कार्रवाई के पहले ही दिन पुलिस ने प्रतिबंधित क्षेत्र में मिले दो दोपहिया वाहनों को सीज कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात कुमाऊं आयुक्त ने मल्लीताल रिक्शा स्टैंड क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां तैनात पुलिस कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना अनुमति किसी भी वाहन को पंत पार्क की ओर प्रवेश न दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद प्रतिदिन दोपहिया वाहनों के प्रवेश की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
आयुक्त के निर्देश के बाद कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र में मिले दो वाहनों को सीज कर दिया। साथ ही नयना देवी मंदिर (Naina Devi Temple) के नवनिर्मित प्रवेश द्वार पर बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकने की व्यवस्था कर दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि पंत पार्क क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पैदल आवागमन करते हैं। ऐसे में दोपहिया वाहनों की आवाजाही से उनकी सुरक्षा प्रभावित हो रही थी। कोतवाल राजेंद्र रावत (Rajendra Rawat) ने बताया कि यदि प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई बाइक या स्कूटी प्रवेश करती अथवा पार्क की हुई पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिबंध के बीच गेट के बाहर खड़े प्रशासनिक वाहनों पर भी उठे सवाल
पंत पार्क क्षेत्र में दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर सख्ती के साथ ही स्थानीय लोगों ने एक अन्य मुद्दा भी उठाया है। जिस नवनिर्मित प्रवेश द्वार से वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है, उसके बाहर अक्सर प्रशासनिक वाहनों के खड़े रहने पर लोगों ने आपत्ति जताई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इससे न केवल नयना देवी मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि मंदिर और पंत पार्क की ओर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी असुविधा होती है। सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों पर लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि आम नागरिकों के लिए प्रतिबंध लागू किया गया है तो क्या यही नियम प्रशासनिक वाहनों पर भी समान रूप से लागू होगा। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के कड़ाई के निर्देश
नैनीताल। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी विवेक कुमार राय की अध्यक्षता में शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा विभागीय प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित प्रवर्तन कार्रवाई, खाद्य नमूनों के संग्रहण, प्रयोगशाला परीक्षण, खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस एवं पंजीकरण तथा अस्वच्छता के मामलों में की गई कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने पर्यटन सीजन को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों, होटल एवं रेस्तरां से खाद्य नमूनों का संग्रह बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य प्रतिष्ठानों के नियमित निरीक्षण तथा लाइसेंस एवं पंजीकरण की संख्या में भी वृद्धि करने को कहा। बैठक में प्रयोगशाला से प्राप्त लंबित जांच रिपोर्टों की भी समीक्षा की गई। जिन मामलों में रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, उनके शीघ्र निस्तारण के लिए विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई और आवश्यक पत्राचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री तैयार करने, मिथ्या अथवा भ्रामक लेबल वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री, बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों तथा नकली अथवा निम्न गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ बेचने वाले कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद में खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा तथा आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य अजय रावत, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मीनाक्षी बिष्ट, औषधि निरीक्षक अर्चना उप्पल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोटाबाग में नाबार्ड समर्थित जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई का शुभारंभ, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के कोटाबाग (Kotabagh) विकासखंड के ग्राम गिन्तीगांव (Gintigao) में नाबार्ड (NABARD) के वित्तीय सहयोग से स्थापित जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई का शनिवार को शुभारंभ किया गया। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology), पंतनगर के कीट विज्ञान विभाग तथा कास्तकार विकास समिति के संयुक्त सहयोग से स्थापित इस इकाई का उद्देश्य प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण एजेंट उपलब्ध कराना है।
परियोजना की कुल लागत 43.57 लाख रुपये है, जिसमें नाबार्ड ने 30.90 लाख रुपये का अनुदान दिया है। इस परियोजना के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन तकनीकों को बढ़ावा देने तथा रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशक (अनुसंधान), कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता, नाबार्ड नैनीताल के जिला विकास प्रबंधक, कीट विज्ञान एवं पादप रोग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) नैनीताल के वैज्ञानिक, वरिष्ठ बैंक अधिकारी तथा लगभग 80 प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया।
परियोजना समन्वयक डॉ. आरपी मौर्य (Dr. R.P. Maurya) ने बताया कि इस पहल से किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैव नियंत्रण उत्पाद उपलब्ध होंगे, जिससे रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कम होगा, उत्पादन लागत घटेगी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने नवस्थापित प्रयोगशाला का निरीक्षण कर आधुनिक उपकरणों, लाभकारी सूक्ष्मजीवों की कल्चर तैयार करने की प्रक्रिया तथा गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली की जानकारी प्राप्त की। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने कहा कि यह इकाई किसानों के लिए प्रशिक्षण, अनुसंधान, प्रदर्शन एवं तकनीकी मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी और जनपद में टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि को नई दिशा देगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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