कुमाउनी समग्र

      पढ़ें कुमाऊनी कवितायेँ, हिंदी भावानुवाद के साथ : दशहराक दिनाक तें खास कविता: भैम पनर अगस्ता्क दिन गाड़ ऐ रै… नईं जमा्न में… चुनावों पारि कुमाउनी कविता: फरक पडूं कां है रै दौड़ आम आदिम होलि पारि रंङोंकि कविता: पर्या रंङ खबरदार ! उमींद उदंकार लड़ैं चिनांड़ पछ्यांण ‘लौ’ कि ल्येखूं सिणुंक ढुड. राजक च्यल […]