अमेरिका में नौकरी करने वाले हल्द्वानी के युवक की कार दुर्घटना में मौत

(Vikasnagar-Girls Murder) (Dehradun-Nainital Resident Student CommitSuicide) (Bageshwar-Body of a Woman in Saryu River (Halduchaud-Speeding Car took life of Businessman (Teen Son of former GramPradhan Sirodi found dead Sensation in Sirodi due to death of Pradhans Son (Woman dies in Leopard Attack Panic in Bhujiaghat)

नवीन समाचार, हल्द्वानी़, 19 जून, 2024 (Haldwani youth working in USA died in Accident)। अमेरिका में नौकरी करने वाले नैनीताल जनपद के एक 26 वर्षीय युवक की कार दुर्घटना में मृत्यु हो गयी है। इस दुर्घटना के बाद युवक के घर में शोक छा गया है। हल्द्वानी-चोरगलिया मार्ग पर बीती रात्रि हुई दुर्घटना (Haldwani youth … Read more

कुमाऊं विश्वविद्यालय की एक पूर्व छात्रा का अमेरिका में शोध हेतु फेलोशिप से हुआ चयन

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2024 (Former KU student selected for fellowship in USA)। कुमाऊं विश्वविद्यालय की एक पूर्व छात्रा का चयन अमेरिका में शोध हेतु फेलोशिप के लिये हुआ है। चयनित छात्रा सुपोंग स्नेला मूलतः नागालेंड की हैं और वर्तमान में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सिलचर असम से पीएचडी कर रही है। उनका चयन … Read more

हल्द्वानी में अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर बनमीत के घर ईडी को मिले 130 करोड़ रुपये के बिटकॉइन, भाई परविंदर की ईडी कस्टडी चार दिन बढ़ी

नवीन समाचार, देहरादून, 5 मई 2024 (International Smuggler Banmeet Naroola-Al Chapo)। हल्द्वानी निवासी अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर बनमीत व उसका भाई परविंदर नरुला बिटकाइन से ड्रग्स खरीदते थे। रिमांड के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने जब परविंदर के हल्द्वानी स्थित घर की तलाशी ली तो वहां 268 बिटकाइन बरामद हुए। बताया जा रहा है कि इन बिटकाइन … Read more

नैनीताल के हरदा बाबा-अमेरिका के बाबा हरिदास

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अप्रैल 2023। (Harda Baba of Nainital – Baba Haridas of America) सरोवरनगरी नैनीताल का साधु-संतों से सदियों से, वस्तुतः अपनी स्थापना से ही अटूट रिस्ता रहा है। इस नगर का पौराणिक नाम ‘त्रिऋषि सरोवर’ ही इसलिये है, क्योंकि इसकी स्थापना सप्तऋषियों में गिने जाने वाले तीन ऋषियों … Read more

कोरोना से थमे चीन को पाठ पढ़ा रहीं नैनीताल की गायत्री

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-चीन की शियान जाइटोंग यूनिवर्सिटी में पिछले 10 वर्षों से पढ़ाती हैं नैनीताल की डा. गायत्री कठायत, यहां से भी छात्र-छात्राओं को नैनीताल से ऑनलाइन पढ़ाते हुए 90 फीसद कार्य पूरे कर रही हैं

Gayatri Kathayat
अपने घर पर चीन के विद्यार्थियों को पढ़ातीं डा. गायत्री कठायत।

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 फरवरी 2020। भयानक जानलेवा कोरोना वायरस से सैकड़ों नागरिकों की मौत के बाद पड़ोसी देश चीन कमोबेश थम गया है, लेकिन चीन की शियान जाइटोंग यूनिवर्सिटी में पिछले करीब 10 वर्षों से प्रोफेसर के पद पर काम करने वाली डा. गायत्री कठायत थमी नहीं हैं। वे इन दिनों अपने घर नैनीताल में हैं। उन्होंने अपने घर पर बकायदा अपना विशेष कार्यालय स्थापित कर लिया है, जहां से वे शियान यूनिवर्सिटी के अपने छात्र-छात्राओं एवं शोधार्थियांे को ऑनलाइन पढ़ा रही हैं। उल्लेखनीय है कि डा. गायत्री के नाम एक भूविज्ञानी होने के तौर पर दिसंबर 2017 में दुनिया के 5700 वर्षों के मौसमी आंकड़े तैयार करने की उपलब्धि दर्ज है।
डा. गायत्री ने बताया, वे प्रतिदिन 12 से 14 घंटे घर से भी अपने कार्य पर रहती हैं। अपने विद्यार्थियों के लिए यहीं से कक्षाएं लेकर उनके लिए ऑनलाइन लेक्चर व प्रजेंटेशन तैयार करती व शोध कार्य करती हैं, उन्हें विद्यार्थियों को उपलब्ध कराती हैं और उनके सवालों के जवाब भी देती हैं। विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति भी दर्ज करती हैं। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों से सीधा संवाद भी करती थीं। वहीं आगे जरूरत पड़ने पर वह उनकी ‘ओएमआर’ शीट पर परीक्षा भी लेंगी। गायत्री की अपने कार्य के प्रति इतनी अधिक प्रतिबद्धता है कि वह यहां इंटरनेट की धीमी गति की समस्या के कारण पूरी रात्रि कार्य करती है। उन्होंने बताया कि जो वे शियान में करती थीं, उसका केवल प्रयोगात्मक कार्य छोड़कर 90 फीसद कार्य यहां से भी कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह ऑनलाइन पढ़ाना उनके लिए कुछ नयां नहीं है। अक्सर ही संगोष्ठियों में जाने पर वे विद्यार्थियों के ऑनलाइन पढ़ाती रही हैं। उन्होंने कहा, चीन में भले मोबेलिटी यानी कहीं आना-जाना थम गया है, किंतु यूनिवर्सिटी में पढ़ाई नहीं रुकी है। ड्रापबॉक्स के माध्यम से यूरोपीय व अमेरिकी देशों की तरह विद्यार्थियों को बरसों से ऑनलाइन पढ़ाया जाता है।
उन्होंने बताया कि वह 1 जनवरी को एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेने के लिए वियतनाम गई थीं। वहां चल रहे स्प्रिंग फेस्टिवल के वे घर आ गई थीं। पहले उन्हें उनका शहर शियान कोरोना प्रभावित हुबे राज्य के वुहान शहर से 1000 किमी दूर उत्तर में होने की वजह से उन्हें कोरोना से संक्रमित होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वियतनाम में पता चलने पर वह भारत आ गईं। उन्हंे 1 फरवरी को लौटना था लेकिन उनकी यूनिवर्सिटी ने उन्हें सहित सभी प्रोफेसरों व छात्र-छात्राओं को बचाव व सुरक्षा उपायों के तहत घर पर ही रुकने की हिदायत दी है। उल्लेखनीय है कि डा. गायत्री नगर पालिका में कार्यरत रहे चंदन कठायत एवं भाजपा नेत्री तुलसी कठायत की पुत्री हैं एवं नगर के सात नंबर क्षेत्र में रहती हैं।

दो से नई दिल्ली में अंतराष्ट्रीय जियोलॉजिकल कांग्रेस में करेंगे प्रतिभाग
नैनीताल। डा. गायत्री आगे नई दिल्ली में दो से आठ मार्च तक आयोजित होने जा रही आईजीसी यानी अंतराष्ट्रीय जियोलॉजिकल कांग्रेस में प्रतिभाग करने जा रही हैं। उन्होंने बताया कि चार वर्ष में होने वाली अंतराष्ट्रीय जियो कांग्रेस में सामान्यता 45 से अधिक उम्र के वैज्ञानिक ही प्रतिभाग कर पाते हैं, किंत उनकी उपलब्धियों की वजह से कम उम्र के बावजूद उन्हें इसके एक हिस्से में की-नोट स्पीकर यानी बीज वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस हेतु उन्हें यहां आना ही था। भारत ने 2012 में पेरिस में हुई आईजीसी में 2020 में भारत में इसका आयोजन करने का वादा किया था। पिछली आईजीसी 2016 में केपटाउन में हुई थी।

चीन में युवा पीढ़ी नहीं खाती अभोज्य वस्तुएं
नैनीताल। यह पूछे जाने कि क्या चीन में वहां के अभोज्य पशु-पक्षियों, कीड़े-मकोड़ों को खाने की जीवनशैली के कारण कोरोना वायरस फैला है, उन्होंने कहा कि वहां युवा व नई पीढ़ी कभी भी ऐसे अभोज्य वस्तुएं नहीं खाते हैं। अलबत्ता वहां की पुरानी पीढ़ी में व ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे भोज्यों की संस्कृति बताई जाती है। लेकिन उन्होंने अपने 10 वर्ष के कार्यकाल में कभी किसी को ऐसे खाते हुए नहीं देखा है।

यह भी पढ़ें : भारतीय उपमहाद्वीप के 5700 वर्षों के मानसून के आंकड़े हुए तैयार

  • चीन व अमेरिका की प्रयोगशालाओं से यूरेनियम सिरीज की आधुनिकतम तकनीकों के जरिए देहरादून के निकट साहिया की गुफाओं के अध्ययन से तैयार किए गए हैं आंकड़े
  • नैनीताल निवासी शोध वैज्ञानिक गायत्री कठायत का ‘15 इंपैक्ट फैक्टर वाला’ शोध पत्र दुनिया की शीर्ष शोध पत्रिका ‘साइंस एडवांस’ में हुआ है प्रकाशित
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डा. गायत्री कठायत।

नवीन जोशी, नैनीताल। देश-दुनिया में मौसमी आंकड़ों की कमी के बावजूद चल रही मौसमी परिवर्तन व ग्लोबलवार्मिंग की चिंताओं के बीच विज्ञान की दुनिया से न केवल भारतीय उपमहाद्वीप वरन पूरी दुनिया के लिए मौसमी आंकड़ों के मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी आई है। एक भारतीय युवा वैज्ञानिक डा. गायत्री कठायत की अगुवाई में चीन व अमेरिका के वैज्ञानिकों का ‘15 इंपैक्ट फैक्टर वाला’ एक शोध पत्र ‘The Indian monsoon variability and civilization changes in the Indian subcontinent’ 10 से अधिक ‘इम्पैक्ट फैक्टर’ वाली दुनिया की शीर्ष प्रतिष्ठित शोध पत्रिका ‘साइंस’ में प्रकाशित हुआ है, जिसमें भारतीय उपमहाद्वीप के 2-3 वर्ष की उच्च परिशुद्धता युक्त 5700 वर्षों के मानसून के आंकड़े अत्याधुनिक यूरेनियम श्रेणी एवं ऑक्सीजन आइसोटोप की प्रविधि से तैयार किए गए हैं। इस अध्ययन के अनुसार सिंधु घाटी और वैदिक सभ्यता का उदय और पतन मजबूत और कमजोर मॉनसून की अवधियों के दौरान हुआ। जबकि पूर्व अध्ययन इसके जल प्रलय आने जैसे अन्यान्य कारण बताते हैं।

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कमाल: सात दिन में 4400 किमी का सफर तय कर सुदूर रामेश्वरम पहुंचे हल्द्वानी के दो यार…

Bikingनवीन समाचार, हल्द्वानी, 15 सितंबर 2019। बाइकिंग के शौकीन शहर के दो युवा बाइकर अवनीश राजपाल व योगेश जोशी विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान जागरूकता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे कई संदेश लेकर 4400 किमी सड़क नापकर बाइक से रामेश्वरम (तमिलनाडु) पहुंच गए हैं। दोनों इसी माह सात सितंबर को ‘एक भारत, मेरा भारत’ का संकल्प लेकर हल्द्वानी से निकले थे, और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्टड्ढ्र, कर्नाटक, केरल होते हुए तमिलनाडु पहुंच गए हैं। आगे उनका इसी सप्ताह वापस हल्द्वानी लौटने का भी कार्यक्रम है। बताया गया है कि वे पूर्व में हल्द्वानी से कन्याकुमारी की यात्रा कर चुके हैं। इस यात्रा में उन्होंने भारत के छह ज्योतिर्लिंगों-महाकाल उज्जैन व ओमकारेश्वर (मध्य प्रदेश), घृष्णेश्वर, त्रयंबकेश्वर, भीमाशंकर (महाराष्ट्र) एवं रामेश्वरम (तमिलनाडु) के अलावा र्साइं समाधि स्थल शिरडी, शनि शिंगणापुर आदि के भी दर्शन लाभ प्राप्त किये हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के ‘बावरे’ ने ‘बावरी’ संग गिनीज बुक में दर्ज कराया नाम

दुनियां में (एक देश में) सर्वाधिक बाइकिंग के लिये गिनीज बुक में दर्ज हुआ नैनीताल के गौरव का नाम

  • दुनिया में किसी एक देश में एक यात्रा में सर्वाधिक दूरी तक मोटर साइकिल चलाने का बनाया विश्व रिकार्ड
  • अमेरिकी रिकार्ड को डेढ़ गुने के अंतर से तोड़ा
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राष्ट्रीय सहारा, 1 मार्च 2018

नवीन जोशी, नैनीताल। जी हां, दुनियां में (एक देश में) एक साथ सर्वाधिक दूरी तक मोटर साइकिल चलाने के लिये नैनीताल के ‘बावरे-घुमक्कड़’ गौरव सिद्धार्थ बिष्ट का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज कर लिया गया है। गौरव ने 17 सितंबर 2015 से 23 अप्रैल 2017 के भारत में अपनी नारंगी रंग की ‘बावरी’ नाम की हीरो इम्पल्स मोटरसाइकिल 115,093.941 किमी (71,708 मील) चलाकर यह सफलता अर्जित की है। इसके बाद कड़ी जांच के उपरांत उन्हें ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ ने प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।

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उल्लेखनीय है कि एक देश में एक यात्रा में सर्वाधिक दूरी तक मोटरसाइकिल चलाने का गिनीज बुक में दर्ज यह रिकार्ड अब तक अमेरिकी महिला बाइकर डेनेल लिन के नाम पर अमेरिका में 48,600 मील यानी 78,214.118 किमी चलने का था, जो उन्होंने 19 सितंबर 2014 से 29 अगस्त 2015 के बीच अमेरिका के सभी 48 राज्यों से गुजरकर बनाया था। इस तरह गौरव ने करीब डेढ़ गुने के अंतर से यह रिकॉर्ड तोड़ा है। गौरव ने इस रिकॉर्ड को भारत के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त 2017 के दिन तोड़ा था। इसका प्रमाण पत्र उन्हें अब प्राप्त हो गया है।

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