उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। चारधाम यात्रा को यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर दो दिनों के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। देहरादून के मालदेवता में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 233 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि कई राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन से बंद हैं और अनेक क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
नवीन समाचार, देहरादून, 28 जुलाई 2026 (Uttarakhand Weather Update-Damages)। उत्तराखंड (Uttarakhand) में मानसून (Monsoon) ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के अनेक जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। गढ़वाल मंडल (Garhwal Division) प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) को दो दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। वहीं, कई राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण सड़कें और पैदल मार्ग भूस्खलन तथा मलबा आने से बंद हो गए हैं। आप यह संबंधित वीडियो भी जरूर देखना चाहेंगे :
चारधाम यात्रा पर दो दिन की रोक क्यों लगी?
गढ़वाल मंडल आयुक्त के अनुसार बदरीनाथ (Badrinath), केदारनाथ (Kedarnath), यमुनोत्री (Yamunotri) और गंगोत्री (Gangotri) यात्रा मार्गों पर लगातार भूस्खलन और मौसम विभाग की भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित की गई है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद यात्रा पुनः शुरू की जाएगी। 👉 चारधाम यात्रा से जुड़े सभी अपडेट पढ़ें : यहाँ क्लिक करें
16 करोड़ का नया पुल पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त
देहरादून के नंदा की चौकी (Nanda Ki Chowki) के पास हाल ही में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल के एप्रोच मार्ग का हिस्सा भारी बारिश के दौरान धंस गया।
सड़क पर बड़ा गड्ढा बनने के कारण यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह रोकना पड़ा। घटना के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बाद में प्रशासन ने मरम्मत कर यातायात बहाल करने की कार्रवाई शुरू की। 👉 उत्तराखंड में सड़क और हाईवे अपडेट : यहाँ क्लिक करें
पिथौरागढ़ में चीन सीमा का संपर्क प्रभावित
पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जिले में भारी वर्षा के कारण ल्वा (Lwa) गांव के निकट एक पुलिया बह गई, जिससे नंदा देवी बेस कैंप (Nanda Devi Base Camp) तथा ल्वा गांव का संपर्क टूट गया।
जिले में—
- टनकपुर-तवाघाट हाईवे सहित 22 सड़कें बंद।
- काली (Kali), गोरी गंगा (Gori Ganga), धौली गंगा (Dhauli Ganga) सहित अधिकांश नदियां उफान पर।
- डीडीहाट में 102 मिमी तथा थल में 83 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मालदेवता में 24 घंटे में 233 मिमी बारिश
राजधानी देहरादून (Dehradun) के मालदेवता (Maldevta) क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 233 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो राज्य में सर्वाधिक रही। इसके अलावा देहरादून, मसूरी (Mussoorie), जॉलीग्रांट (Jolly Grant) और उखीमठ (Ukhimath) सहित कई क्षेत्रों में भी मूसलाधार वर्षा दर्ज की गई।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन, कई मार्ग बंद
लगातार बारिश के कारण—
- बदरीनाथ हाईवे कंचनगंगा नाले के पास मलबा आने से बंद।
- केदारनाथ हाईवे कई स्थानों पर बाधित।
- यमुनोत्री हाईवे पर बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित।
- जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का लगभग 30 मीटर हिस्सा धंस गया।
- टिहरी (Tehri) में नौ ग्रामीण सड़कें बंद।
- चमोली (Chamoli) में 21 ग्रामीण सड़कें बाधित।
पाली गाड़ क्षेत्र में हाईवे पर चट्टान गिरने से दो कांवड़ यात्रियों के घायल होने की सूचना है।
देहरादून में जलभराव और मलबे से बढ़ी परेशानी
देहरादून जिले में कई स्थानों पर पेड़ गिरने, मलबा आने और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं।
- सालवाला क्षेत्र में जलभराव।
- सहस्रधारा में पुस्ता क्षतिग्रस्त होने की सूचना।
- मालदेवता और सौड़ा सरोली क्षेत्र में सड़कें प्रभावित।
- दो मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त।
- जिलाधिकारी आशीष चौहान ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
यमुनोत्री मार्ग पर पैदल रास्ता धंसा
लगातार वर्षा के कारण राम मंदिर के पास यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का लगभग 30 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। इसके अलावा पाली गाड़ के पास हाईवे पर बोल्डर गिरने से दो कांवड़ यात्री घायल हो गए।
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन का हाई अलर्ट, 28-29 जुलाई सबसे संवेदनशील
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department-IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार 28 और 29 जुलाई को उत्तराखंड के कई जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया गया है। इसके बाद उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Uttarakhand State Disaster Management Authority-USDMA) ने सभी जिला प्रशासनों को पूर्ण सतर्कता बरतने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा राहत एवं बचाव संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
किन जिलों के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट?
28 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली तथा अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर पड़ सकते हैं। अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
29 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में आकाशीय बिजली गिरने तथा अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर चलने की आशंका जताई गई है।
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फ्लैश फ्लड का भी खतरा, 11 जिलों के लिए विशेष चेतावनी
आईएमडी के राष्ट्रीय फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन (National Flash Flood Guidance Bulletin) के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा बना हुआ है।
लगातार बारिश के कारण छोटे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव, पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन तथा सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका भी जताई गई है।
यात्रियों और आम लोगों के लिए प्रशासन की महत्वपूर्ण अपील
सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन (Vinod Kumar Suman) ने प्रदेशवासियों और चारधाम यात्रियों से मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक यात्रा से बचें तथा यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो तो पहले मौसम और सड़क की ताज़ा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
उन्होंने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और खड़ी ढलानों के आसपास नहीं जाने तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।
राज्यभर में 24×7 अलर्ट पर आपदा प्रबंधन तंत्र
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operations Centre-SEOC) तथा सभी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (District Emergency Operations Centre-DEOC) चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। सभी जिलों को राहत एवं बचाव दल, मशीनरी और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र (Meteorological Centre) ने राज्य के अधिकांश जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है।
प्रशासन ने लोगों से—
- नदी-नालों से दूर रहने,
- अनावश्यक यात्रा से बचने,
- पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने,
- तथा प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तराखंड में मानसून के इस दौर ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। चारधाम यात्रा का अस्थायी स्थगन, राष्ट्रीय राजमार्गों का बंद होना, चीन सीमा क्षेत्र का संपर्क टूटना तथा नए बने पुल का क्षतिग्रस्त होना राज्य में आपदा प्रबंधन, आधारभूत संरचना और मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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