नवीन समाचार, नैनीताल, 1 नवंबर 2026 (Kainchi Dham Bypass-21 Crore Cleared)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में कैंची धाम (Kainchi Dham) आने वाले श्रद्धालुओं और अल्मोड़ा, रानीखेत व कौसानी की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है। भवाली सेनेटोरियम से कैंची धाम क्षेत्र को बाईपास के माध्यम से जोड़ने वाली सड़क का काम वन भूमि से संबंधित अनुमति के कारण अटका हुआ था। अब वन विभाग की आवश्यक अनुमति मिलने से निर्माण आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।
इसी बीच, उत्तराखंड शासन की व्यय वित्त समिति ने दूनीखाल से रातीघाट (पाडली) तक कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 21.81 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है।
दोनों प्रगतियों से बाईपास को उपयोगी बनाने की दिशा में उम्मीद जगी है। हालांकि, मार्ग के शेष हिस्से का काम कब पूरा होगा और यातायात के लिए पूरा बाईपास कब उपलब्ध होगा, यह निर्माण की गति और आगे की औपचारिकताओं पर निर्भर करेगा।
वन भूमि की अनुमति के बाद आगे बढ़ेगा निर्माण
कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण भवाली, कैंची धाम और आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है। विशेष रूप से सप्ताहांत और लंबे अवकाश के दौरान वाहनों की कतारें लगने से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी होती है।
नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया है कि लगभग 18 किलोमीटर लंबे रातीघाट बाईपास के लिए वन विभाग की आवश्यक अनुमति मिल गई है। पहले सैद्धांतिक स्वीकृति मिली थी, जबकि बाद में धरातल पर काम आगे बढ़ाने के लिए जरूरी अनुमति भी प्राप्त हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाईपास के लगभग आठ किलोमीटर हिस्से में हॉटमिक्स का काम पूरा हो चुका था और लगभग दस किलोमीटर हिस्से का काम शेष था। शेष सड़क पर डामरीकरण के लिए राज्य सरकार के स्तर पर लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत पर विचार किया जा रहा था। अब 21.81 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने से इस कार्य को गति मिलने की संभावना है।
30 अक्टूबर को 21.81 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर को सचिवालय में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के आठ प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें से पांच को स्वीकृति मिली। स्वीकृत प्रस्तावों में नैनीताल जनपद के बेतालघाट विकासखंड में दूनीखाल से रातीघाट (पाडली) तक कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 21.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी शामिल था।
यह कार्य लोक निर्माण विभाग की राज्य योजना के अंतर्गत किया जाना है। सड़क पर बिटुमेन आधारित डामरीकरण के साथ आवश्यक सुरक्षात्मक और सुधारीकरण कार्य किए जाने की योजना है, ताकि मार्ग की स्थिति बेहतर हो और वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सके।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार, धनराशि से संबंधित शासनादेश की प्रतीक्षा के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जानी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शासनादेश मिलने पर निविदा प्रक्रिया और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
बाईपास बनने से किन लोगों को होगा लाभ?
बाईपास का सबसे बड़ा लाभ उन यात्रियों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अल्मोड़ा, रानीखेत और कौसानी सहित कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाना होता है। वर्तमान में इन क्षेत्रों की ओर जाने वाले अनेक वाहनों को भवाली और कैंची धाम के आसपास के व्यस्त मार्गों से गुजरना पड़ता है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अधिक संख्या होने पर इसी मार्ग पर स्थानीय यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है।
बाईपास के सुचारु होने पर पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। इससे कैंची धाम के आसपास से गुजरने वाले यातायात का दबाव कम करने और भवाली क्षेत्र में लगने वाले जाम से राहत दिलाने में मदद मिल सकती है। स्थानीय निवासियों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
खैरना बैराज पेयजल परियोजना को भी स्वीकृति
30 अक्टूबर को सामने आए सरकारी निर्णयों में नैनीताल जनपद के लिए एक अन्य बड़ी परियोजना भी शामिल है। खैरना बैराज पेयजल परियोजना के लिए 382.40 करोड़ रुपये की लागत के प्रस्ताव को व्यय वित्त समिति ने स्वीकृति दी है। यह परियोजना क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस प्रकार, एक ओर कैंची धाम बाईपास के शेष कार्य को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय स्वीकृति मिली है, वहीं दूसरी ओर खैरना बैराज पेयजल परियोजना को भी मंजूरी मिली है। अब इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब संबंधित विभाग आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर निर्धारित कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करेंगे।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
