नवीन समाचार, देहरादून, 7 फरवरी 2024 (UCC Bill Passed in Uttarakhand)। उत्तराखंड विधानसभा में बुधवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल सर्वसम्मति से पास (UCC Bill Passed in Uttarakhand) हो गया है। आगे विधेयक राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद कानून बन जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को यूसीसी बिल पेश किया था। इसके बाद इस पर दो दिन तक चर्चा हुई। यूसीसी बिल के लागू होने के बाद उत्तराखंड में शादी से जुड़े सभी कानून, प्रथाएं और रूढ़ियां खत्म हो जाएंगी। शादी, लिव-इन रिलेशनशिप, और तलाक का रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।
विधेयक के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा-‘ऐतिहासिक समान नागरिक संहिता विधेयक-2024 विधानसभा में पारित.. माँ गंगा व यमुना की उद्गम स्थली देवभूमि उत्तराखण्ड से निकली UCC के रूप में समानता और समरूपता की यह अविरल धारा संपूर्ण देश का पथ प्रदर्शित करेगी। यह विधेयक मातृशक्ति के सम्मान एवं उनकी सुरक्षा के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को भी परिलक्षित करता है। आज पुनः आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मुखारबिंद से निकली वह शिववाणी याद आती है कि ’21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक है’
प्रधानमंत्री जी के विजन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ एवं प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं के अनुरूप हमारी सरकार ने चुनाव से पूर्व देवतुल्य जनता से किए गए अपने वादे को पूर्ण किया है। आज 24 साल के सशक्त, स्वाभिमानी एवं ऊर्जावान उत्तराखण्ड को देखकर हमारे राज्य आंदोलनकारियों का मस्तक गर्व से ऊँचा हो गया होगा। हमारे शहीदों के प्रति यह एक सच्ची श्रद्धांजलि है जब हमारा प्रदेश विश्व पटल पर एक नई पहचान बना रहा है। इतिहास रचने वाली उत्तराखण्ड की विधायिका के सभी माननीय सदस्यों, UCC का ड्राफ्ट बनाने वाली कमेटी के सभी सदस्यगणों एवं अपना बहुमूल्य समर्थन देने वाली देवभूमि की जनता का कोटिशः आभार।’
(UCC Bill Passed in Uttarakhand) इस बिल में ये बातें भी शामिल हैं:
अगर किसी कारण से पत्नी की मौत हो जाती है, तो उसके मां-बाप की जिम्मेदारी पति पर होगी।
पति-पत्नी के बीच विवाद होने पर, बच्चों की कस्टडी दादा-दादी को दिए जाने का प्रस्ताव।
लड़कियों को भी लड़कों के बराबर ही संपत्ति का अधिकार।
यूसीसी बिल पास होने के बाद राज्य के सभी लोगों पर एक समान कानून लागू हो जाएंगे। हालांकि, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोगों पर इसके प्रावधान लागू नहीं होंगे।
इस बिल को लेकर विपक्ष ने भी अपनी बात रखी। अलबत्ता विपक्ष सीधे विरोध की जगह संशोधन की मांग करते हुये एक तरह से आत्मसमर्पण की मुद्रा में दिखा। इस दौरान सदन में जय श्री राम के नारे गूंजते रहे। (UCC Bill Passed in Uttarakhand)
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‘डॉ.नवीन जोशी, वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले पत्रकार’ एवं मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 140 मिलियन यानी 1.40 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं।
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