अंकिता भंडारी हत्याकांड: 18 सितंबर 2022 से अक्टूबर 2026 तक, कब क्या हुआ? हत्या, उम्रकैद, वीआईपी विवाद, सीबीआई जांच और दिल्ली में माता-पिता को हिरासत में लेने तक की पूरी कहानी

इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें
 

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अक्टूबर 2026 (Ankita Bhandari Murder Case-Full Story)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के पौड़ी गढ़वाल जनपद में युवती अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari) की हत्या का मामला चार वर्ष के करीब पहुंचते-पहुंचते एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। सितंबर 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्सनिस्ट के तौर पर कुछ दिनों से कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता की हत्या, तीन आरोपितों की गिरफ्तारी, विशेष जांच दल (SIT) की पड़ताल, लगभग दो वर्ष तक चली न्यायिक सुनवाई और 30 मई 2025 को तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाये जाने के बाद भी प्रकरण से जुड़े कुछ सवाल सार्वजनिक बहस का विषय बने रहे।

इनमें सबसे प्रमुख सवाल कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर है। जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता की मांग पर प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की संस्तुति की। इसके बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो, उनमें ‘गट्टू’ नाम के उल्लेख, भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को लेकर किये गये अपुष्ट दावों और उनसे संबंधित कानूनी विवाद ने मामले को नया राजनीतिक मोड़ दिया।

इधर 12 अक्टूबर 2026 को दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किये जाने के बाद अंकिता के माता-पिता दिल्ली पहुंचे, जहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उनके प्रदर्शन को समर्थन दिया। 15 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने माता-पिता को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।

इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्त्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है: अंकिता की हत्या के मामले में तीन लोगों को अदालत दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा दे चुकी है, जबकि कथित वीआईपी की भूमिका और हाल में प्रसारित ऑडियो-वीडियो से जुड़े दावे अलग जांच और कानूनी प्रक्रिया के विषय हैं। सोशल मीडिया पर किसी का नाम लिया जाना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।

तारीखवार घटनाक्रम: शुरू से अब तक : सितंबर 2022 से अक्टूबर 2026 तक की प्रमुख घटनाएं

18 सितंबर 2022: अंकिता की हत्या

पौड़ी गढ़वाल जनपद के यमकेश्वर क्षेत्र में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में 28 अगस्त 2022 से रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं। उन्होंने अपनी इस पहली नौकरी को जॉइन करने के मात्र 21 दिनों के भीतर ही अपनी जान गंवा दी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या की गई और शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया। बाद में सामने आये मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता की भूमिका सामने आई।  

19 से 23 सितंबर 2022: गुमशुदगी की तलाश और परिवार की चिंता

अंकिता के संपर्क में नहीं आने पर उनके परिजन उन्हें खोजने लगे। गुमशुदगी को लेकर पुलिस और राजस्व पुलिस के स्तर पर कार्रवाई में देरी तथा अधिकार क्षेत्र को लेकर उठे सवालों ने बाद में व्यापक विवाद का रूप लिया। अंकिता के परिवार ने अपनी बेटी का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किये। इस बीच मामले की गंभीरता और रिसॉर्ट में हुई घटनाओं को लेकर सवाल उठने लगे।

23 सितंबर 2022: तीन आरोपित गिरफ्तार

अंकिता की गुमशुदगी और हत्या के संदेह के बीच पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला तेजी से प्रदेशव्यापी आक्रोश का विषय बन गया। पुलकित आर्य भाजपा के तत्कालीन नेता विनोद आर्य का पुत्र था। मामले के सामने आने के बाद भाजपा ने विनोद आर्य और उनके दूसरे पुत्र अंकित आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

24 सितंबर 2022: चीला नहर से मिला अंकिता का शव

राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने चीला बैराज के निकट नहर से अंकिता का शव बरामद किया। शव मिलने के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिये। उसी दौरान वनंत्रा रिजॉर्ट के कुछ हिस्सों को प्रशासन ने ध्वस्त किया।

24–25 सितंबर 2022: रिजॉर्ट पर आक्रोश, तोड़फोड़ और आगजनी

Ankita Bhandari Murder Case-Full Story, Nainital High Court News 18 Aug 2026, Pulkit Arya Challenges Life Sentence in Ankita (Ankita Murder case-Pulkit Arya challenged High (Courts Decision on Ankita Bhandari Murder Case)अंकिता का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने रिजॉर्ट के बाहर विरोध किया। बाद में उसके अवशेषों में आग लगाये जाने की भी खबरें सामने आईं। रिजॉर्ट को ध्वस्त किये जाने की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे कि इससे जांच के लिए जरूरी साक्ष्यों के संरक्षण पर क्या प्रभाव पड़ा। इस प्रकरण ने महिला सुरक्षा, पर्यटन स्थलों पर काम करने वाली युवतियों की सुरक्षा और प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच जैसे व्यापक प्रश्न खड़े किये।

सितंबर–अक्टूबर 2022: कथित ‘विशेष सेवाओं’ का विवाद

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अंकिता पर कथित रूप से किसी वीआईपी अतिथि को ‘विशेष सेवाएं’ देने का दबाव बनाया जा रहा था। अंकिता के इससे इनकार करने की बात भी मामले के प्रमुख पहलुओं में शामिल हुई। इसी कथित दबाव और हत्या के बीच संबंध को लेकर प्रदेश में व्यापक आक्रोश पैदा हुआ।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी पर इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ के विरुद्ध निलंबन की संस्तुति

हालांकि, कथित वीआईपी की पहचान और उसकी आपराधिक भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे होते रहे। किसी व्यक्ति के बारे में सार्वजनिक चर्चा या सोशल मीडिया पर नाम आने को जांच एजेंसी अथवा अदालत द्वारा प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

सितंबर 2022 के बाद: एसआईटी की जांच और साक्ष्य जुटाना

विशेष जांच दल ने अंकिता की गुमशुदगी, रिजॉर्ट के कर्मचारियों के बयान, उपलब्ध दस्तावेजों और अंकिता तथा उसके मित्र के बीच हुई बातचीत सहित विभिन्न साक्ष्यों की जांच की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अंकिता की हत्या के मामले में तीनों आरोपितों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाकर आरोपपत्र दाखिल किया गया।

बाद में जांच अधिकारी रहे एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल ने कहा कि कथित वीआईपी पहलू की जांच की गई थी, लेकिन किसी वीआईपी की प्रत्यक्ष आपराधिक भूमिका प्रमाणित करने वाला ठोस साक्ष्य नहीं मिला। उन्होंने यह भी बताया कि अंकिता और उसके मित्र की बातचीत में जिस व्यक्ति का उल्लेख आया था, उसकी पहचान धर्मेंद्र कुमार उर्फ प्रधान के रूप में की गई थी। पुलिस के अनुसार, जांच में उसके विरुद्ध भी हत्या में संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले।

28 मार्च 2023: कोटद्वार की अदालत में सुनवाई शुरू

मामले की सुनवाई पौड़ी जनपद के कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में शुरू हुई। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के बयान प्रस्तुत किये। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अंकिता के परिजनों ने दोषियों को कठोरतम सजा देने की मांग जारी रखी।

18 सितंबर 2023: पहली बरसी पर फिर उठा न्याय का सवाल

हत्या की पहली बरसी पर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग के साथ प्रदेश में विरोध और श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुए। इसी समय राजकीय नर्सिंग कॉलेज, डोभ (श्रीकोट), पौड़ी का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा भी चर्चा में आई। यह निर्णय बाद में जनवरी 2026 में औपचारिक शासनादेश के रूप में सामने आया।

2023–2025: लगभग दो वर्ष तक चली न्यायिक सुनवाई

कोटद्वार की अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किये। अभियोजन पक्ष ने विवेचक सहित 47 गवाहों के बयान दर्ज कराये। सुनवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच और घटनाक्रम पर विचार किया गया।

19 मई 2025: सुनवाई पूरी, फैसले के लिए 30 मई की तारीख तय

अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, कोटद्वार में मामले की सुनवाई पूरी हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 30 मई 2025 को निर्णय सुनाने की तारीख निर्धारित की। फैसले से पहले अंकिता के परिवार और प्रदेशभर में न्याय की प्रतीक्षा कर रहे लोगों की निगाहें अदालत पर लगी थीं।

30 मई 2025: तीनों दोषियों को आजीवन कारावास

कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अंकिता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया और तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इस निर्णय के साथ हत्या के मुख्य अभियोग में तीनों की दोषसिद्धि हुई।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  बड़ा समाचार : उत्तराखंड के विद्यालयों में विदेशी भाषाएं सिखाने की तैयारी, हर जिले में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र

2025: सजा के बाद भी कथित वीआईपी की भूमिका पर सवाल

तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद भी अंकिता के माता-पिता और कुछ सामाजिक संगठनों ने कथित वीआईपी की भूमिका की अलग से जांच की मांग जारी रखी। परिवार का कहना था कि हत्या के मुख्य आरोपितों को सजा मिलना जरूरी था, लेकिन कथित वीआईपी पहलू पर भी पूरी स्पष्टता होनी चाहिए। यहां यह अंतर ध्यान देने योग्य है कि अदालत का 30 मई 2025 का फैसला तीन दोषियों के विरुद्ध हत्या के मुकदमे का निर्णय था।

दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह: उर्मिला सनावर के ऑडियो-वीडियो से नया विवाद

दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर वीडियो और कथित बातचीत के ऑडियो प्रसारित किये। इन सामग्रियों में पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़ी कथित बातचीत और ‘गट्टू’ नाम का उल्लेख सामने आया। प्रसारित सामग्री के आधार पर अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान को लेकर नये दावे किये गये और मामला फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठे। 

3–4 जनवरी 2026: पुलिस का बयान, अलग ऑडियो प्रकरण की जांच और गैर-जमानती वारंट

हरिद्वार के एसपी ग्रामीण शेखर सुयाल ने कहा कि मूल हत्या की जांच में किसी वीआईपी की आपराधिक भूमिका प्रमाणित नहीं हुई थी। उन्होंने चैट में आये नाम और धर्मेंद्र कुमार उर्फ प्रधान की जांच का उल्लेख भी किया। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो को लेकर पुलिस ने अलग से जांच शुरू की।

जनवरी के पहले सप्ताह में उर्मिला सनावर के विरुद्ध पुलिस के नोटिसों पर उपस्थित न होने और उनसे संबंधित अन्य शिकायतों के संदर्भ में गैर-जमानती वारंट जारी होने की खबरें सामने आईं। पुलिस ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़े पहलुओं की जांच भी शुरू की। यह कार्रवाई ऑडियो-वीडियो और उनसे संबंधित शिकायतों के संदर्भ में थी।

7 जनवरी 2026: दुष्यंत गौतम से जुड़े दावों पर दिल्ली उच्च न्यायालय का अंतरिम आदेश

दुष्यंत कुमार गौतम से संबंधित मानहानि वाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 7 जनवरी 2026 को अंतरिम आदेश पारित किया। न्यायालय के सामने रखे गये पक्ष के अनुसार, अंकिता हत्याकांड की जांच अथवा मुकदमे में गौतम का नाम आरोपित के रूप में नहीं था। अदालत ने अंतरिम स्तर पर ऐसे पोस्ट और वीडियो प्रसारित करने पर रोक लगाई, जो उन्हें कथित वीआईपी के रूप में प्रस्तुत करते हों।

यह आदेश एक महत्त्वपूर्ण कानूनी संदर्भ है। दुष्यंत गौतम का नाम सोशल मीडिया पर लिये जाने और उनके विरुद्ध अंकिता की हत्या में कोई अपराध न्यायिक रूप से सिद्ध होने के बीच स्पष्ट अंतर है। किसी भी नये दावे को प्रकाशित करने से पहले संबंधित जांच और न्यायालयी अभिलेखों की पुष्टि आवश्यक है।

8 जनवरी 2026: राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पौड़ी गढ़वाल जनपद के डोभ (श्रीकोट) स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम बदलकर ‘स्वर्गीय अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज’ कर दिया गया। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। यह निर्णय अंकिता के माता-पिता से मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद सामने आया।

9 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति की

अंकिता के माता-पिता से मुलाकात और उनकी मांगों के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की संस्तुति की। सरकार ने कहा कि यह निर्णय परिवार की भावनाओं और उनकी मांग का सम्मान करते हुए लिया गया है। इस कदम के पीछे कथित वीआईपी पहलू की जांच को लेकर बढ़ती मांग और प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शन भी प्रमुख संदर्भ थे।

अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने जांच में कथित वीआईपी पहलू को विशेष रूप से शामिल करने की मांग की थी। उनके परिवार का आग्रह था कि जांच केवल उन तथ्यों तक सीमित न रहे जो पहले की पुलिस जांच में सामने आ चुके हैं।
जनवरी 2026: भाजपा की शिकायत और ऑडियो-वीडियो को लेकर कानूनी विवाद

दुष्यंत कुमार गौतम की ओर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर, उर्मिला सनावर और अन्य लोगों के विरुद्ध शिकायत किये जाने की खबरें सामने आईं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कथित रूप से मनगढ़ंत या भ्रामक ऑडियो-वीडियो के माध्यम से उनकी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। शिकायत में राजनीतिक षड्यंत्र और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाये गये।

जनवरी 2026: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के डीपफेक वीडियो को लेकर शिकायत

अंकिता प्रकरण से जुड़े ऑनलाइन विवाद के बीच प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम से कथित रूप से डीपफेक वीडियो तथा अश्लील सामग्री बनाये जाने को लेकर ‘ग्रोक एआई’ सहित दो के विरुद्ध शिकायत की खबर भी चर्चा में रही। ऐसे मामले में सामग्री की प्रामाणिकता, उसे बनाने या प्रसारित करने वाले खातों की पहचान और संबंधित कानूनों के तहत जिम्मेदारी का निर्धारण जांच का विषय होता है।

इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों में इस विशिष्ट शिकायत की तारीख, शिकायतकर्ता, दर्ज अभियोग की धाराओं और जांच की अंतिम स्थिति की पर्याप्त स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिल सकी है। इसलिए इस घटनाक्रम को किसी व्यक्ति या मंच के विरुद्ध सिद्ध अपराध के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

जनवरी 2026: ‘गट्टू’ नाम और कथित वीआईपी की पहचान को लेकर विवाद

सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित ऑडियो में ‘गट्टू’ नाम का उल्लेख होने के बाद कुछ लोगों ने इसे कथित वीआईपी की पहचान से जोड़कर देखा। इसी आधार पर दुष्यंत कुमार गौतम का नाम सार्वजनिक चर्चा में आया। हालांकि, गौतम का नाम अंकिता की हत्या के मूल अभियोग में आरोपित के रूप में नहीं था और उनके विरुद्ध हत्या में संलिप्तता का कोई न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया था। दिल्ली उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश ने भी इस विषय पर सोशल मीडिया सामग्री के प्रसारण को लेकर कानूनी सीमाएं निर्धारित कीं।

अगस्त 2026: दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज

अंकिता हत्याकांड में दोषसिद्ध तीनों व्यक्तियों की जमानत याचिकाएं उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अगस्त 2026 में खारिज कर दीं। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने मामले में अभियोजन की पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को मिली सजा का उल्लेख किया।

14 अक्टूबर 2026: जमानत पर फिर राहत नहीं

टाइम्स ऑफ इंडिया की 14 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अंकिता हत्याकांड के दोषियों की जमानत अर्जियां एक बार फिर खारिज हुईं। राज्य सरकार ने इसे मामले में प्रभावी कानूनी पैरवी का परिणाम बताया।

अक्टूबर 2026: दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किये जाने के बाद फिर उठा मामला

12 अक्टूबर 2026 को भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किये जाने की खबर के बाद अंकिता के माता-पिता ने फिर विरोध दर्ज कराया। परिवार की मांग थी कि कथित वीआईपी पहलू की सीबीआई जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। यह मांग परिवार और उसके समर्थकों का पक्ष है; इसे दुष्यंत गौतम के विरुद्ध किसी अपराध के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

14 अक्टूबर 2026: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इंडिया गेट पहुंचे

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली के इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता के प्रदर्शन को समर्थन दिया। राहुल गांधी ने परिवार की मांगों और सीबीआई जांच पूरी होने तक राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाने के आग्रह का समर्थन किया। इस घटनाक्रम के बाद प्रकरण को राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा में फिर प्रमुखता मिली।

15 अक्टूबर 2026: दिल्ली पुलिस ने माता-पिता को हिरासत में लिया, बाद में छोड़ा

इंडिया गेट के पास प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया। इंडियन एक्सप्रेस की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई उनके धरने के लगभग दस घंटे बाद हुई। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई की विपक्षी नेताओं ने आलोचना की और परिवार की मांगों पर फिर बहस शुरू हुई।

इस प्रकार, मुख्य हत्याकांड में तीन दोषियों को सजा सुनाये जाने के बाद भी कथित वीआईपी की भूमिका, सीबीआई जांच के दायरे और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की विश्वसनीयता को लेकर विवाद जारी है।

अन्य प्रमुख कानूनी और प्रशासनिक पहलू

आरोपितों पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई

मुख्य हत्याकांड में तीनों दोषियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। सरकारी पक्ष के अनुसार, जांच में लगभग 500 पृष्ठों का आरोपपत्र तैयार किया गया और करीब 100 गवाहों से संबंधित साक्ष्य शामिल किये गये। सरकार ने बाद की न्यायिक कार्यवाही में प्रभावी पैरवी को भी रेखांकित किया है।

‘सभी आरोपितों को एक बार भी जमानत नहीं मिली’ का संदर्भ

उपलब्ध समाचारों के अनुसार, तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं कई बार खारिज हुई हैं। अगस्त और अक्टूबर 2026 में भी उन्हें राहत नहीं मिली। इसलिए यह कहना उचित है कि रिपोर्टों के अनुसार उन्हें जमानत पर रिहाई नहीं मिली है।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  अजब-गजब : अग्निवीर भर्ती में लंबाई बढ़ाने के लिए अपने सिर पर डंडे मार रहे और चोट छिपाने को नींबू लगा रहे युवा

सजा के बाद भी कथित वीआईपी का सवाल क्यों बना हुआ है?

अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड में महिला सुरक्षा, कार्यस्थलों पर महिलाओं के सम्मान, पुलिस जांच की जवाबदेही और प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाये। 30 मई 2025 को तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिलना मुख्य हत्याकांड की न्यायिक प्रक्रिया का महत्त्वपूर्ण पड़ाव था। लेकिन परिवार द्वारा कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग, जनवरी 2026 में सीबीआई जांच की संस्तुति और अक्टूबर 2026 में दिल्ली में हुए प्रदर्शन ने दिखाया कि परिवार की दृष्टि में कुछ प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं।

इस प्रकरण में न्याय और निष्पक्षता का तकाजा है कि अंकिता के परिवार की मांगों को गंभीरता से सुना जाए, हर प्रामाणिक साक्ष्य की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी व्यक्ति के बारे में दोष या निर्दोष होने का निष्कर्ष केवल प्रमाणित तथ्यों तथा कानून के आधार पर निकाला जाए।

पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर  के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं। 

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।

Tags (Ankita Bhandari Murder Case-Full Story) :

Ankita Bhandari Murder Case-Full Story, Ankita Bhandari Case, Ankita Bhandari Murder Case Timeline, Ankita Bhandari Case Latest News, Ankita Bhandari Case 2022, Ankita Bhandari Verdict 2025, Pulkit Arya Life Imprisonment, Saurabh Bhaskar, Ankit Gupta, Vanantra Resort Case, Uttarakhand Crime News, Ankita Bhandari CBI Investigation, CBI Probe Uttarakhand, Ankita Bhandari VIP Controversy, Ankita Bhandari Parents Protest, Dushyant Kumar Gautam, Sikkim Governor Appointment, Rahul Gandhi Ankita Bhandari, Priyanka Gandhi Ankita Bhandari, Urmila Sanawar Audio Controversy, Gattu Audio Controversy, Ankita Bhandari SIT Investigation, Shekhar Suyal Statement,

Ankita Bhandari Gangster Act, Ankita Bhandari Bail Plea, Uttarakhand High Court, Delhi High Court Order, Ankita Bhandari Nursing College, Late Ankita Bhandari Government Nursing College, Ankita Bhandari Deepfake Complaint, Ankita Bhandari Case Chronology, Ankita Bhandari Full Story, Justice for Ankita Bhandari, Uttarakhand Women Safety, Uttarakhand Political News, Ankita Bhandari Case Legal Updates, Ankita Bhandari Investigation Facts, Navin Samachar, #AnkitaBhandari #JusticeForAnkita #UttarakhandNews #AnkitaBhandariCase #CBIInvestigation #PulkitArya #UttarakhandCrime #VIPControversy #RahulGandhi #UrmilaSanawar #DushyantGautam #WomenSafety #NavinSamachar

Leave a Reply