नवीन समाचार, देहरादून, 10 अक्टूबर 2026 (No Regrets-Toppling Harish Rawats Govt)। उत्तराखंड (Uttarakhand) में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का वर्ष 2016 के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। हरक सिंह रावत ने कहा है कि उन्हें उस समय उठाए गए कदमों का कोई मलाल नहीं है, जब उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ बगावत की थी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब हरीश रावत और कांग्रेस नेतृत्व के बीच जनसंवाद यात्रा को लेकर हाल में मतभेद सामने आए हैं।
एक समाचार पत्र के प्रतिनिधि से बातचीत में हरक सिंह रावत ने अपने उस समय के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत से मंत्रिमंडल की दो रिक्त सीटों को भरने और एक वरिष्ठ नेता को राज्यसभा भेजने जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी। उन्होंने कहा कि वह जनता और उत्तराखंड के हितों के साथ समझौता नहीं करेंगे।
2016 में कांग्रेस सरकार के खिलाफ हुई थी बगावत
वर्ष 2016 में हरीश रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार थी। मार्च 2016 में विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत सहित कांग्रेस के नौ विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी। इसके बाद राज्य में राजनीतिक संकट गहरा गया और सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करने की चुनौती का सामना करना पड़ा।
इस घटनाक्रम में राष्ट्रपति शासन, न्यायिक हस्तक्षेप और विधानसभा में शक्ति परीक्षण जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। अंततः हरीश रावत सरकार ने बहुमत परीक्षण के बाद सत्ता में वापसी की। बगावत करने वाले विधायकों का कदम उस समय कांग्रेस सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बना था।
हरक सिंह रावत का वर्तमान बयान इस पुराने घटनाक्रम को फिर चर्चा में ले आया है। जहां उन्होंने अपने फैसले पर पछतावा नहीं होने की बात कही है, वहीं हरीश रावत पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि सरकार गिराने में भूमिका निभाने वाले नेताओं की कांग्रेस में वापसी पर उनके पुराने कदमों को लेकर जवाबदेही और पछतावे का सवाल महत्वपूर्ण है।
जनसंवाद यात्रा को लेकर हरीश रावत और कांग्रेस नेतृत्व में मतभेद
इधर, हरीश रावत की धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर हाल में मतभेद सामने आए। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने यात्रा को पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों से अलग समानांतर गतिविधि बताते हुए इसे रोकने की सलाह दी थी। पार्टी नेतृत्व की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सामूहिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक समन्वय पर जोर दिया गया।
हरीश रावत ने यात्रा को लेकर अपना पक्ष रखा और बाद में शेष प्रस्तावित यात्राओं को स्थगित करने की घोषणा की। 9 अक्टूबर को कुमारी सैलजा से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि सभी का उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना है और बैठक में उपयोगी बातचीत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के कार्यक्रमों के अनुरूप काम करने के लिए तैयार हैं।
क्या पुराने मतभेद फिर बनेंगे चर्चा का विषय?
हरक सिंह रावत का 2016 के फैसले पर पछतावा नहीं होने का बयान और हरीश रावत का हालिया संगठनात्मक विवाद उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर पुराने मतभेदों की ओर ध्यान खींचते हैं। हालांकि, इन दोनों घटनाओं को सीधे जोड़कर किसी नए टकराव या संगठनात्मक निर्णय का निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार के खिलाफ हुई बगावत की राजनीतिक विरासत अब भी पार्टी के भीतर चर्चा का विषय है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के सामने अपने वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय बनाए रखने और पुराने विवादों के बीच संगठनात्मक एकजुटता कायम रखने की चुनौती बनी हुई है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

































