फिर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर आया कुमाऊँ का साफ-सफाई का संदेश देने वाला बड़ा लोक पर्व ‘खतडु़वा’, साथ ही आज ‘विश्वकर्मा पूजा’ भी….

Khatduva Lok Parv

Khataduva

देवीधूरा की बग्वाल : जहाँ लोक हित में पत्थरों से अपना लहू बहाते हैं लोग 

Devidhura Mandir

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नैनीताल आयें तो इन 10 स्वादों को लेना न भूलें, जीवन भर रखेंगे याद

Nainital Food

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 जून 2023। (Nainital Food) हालांकि आज के दौर में पूरी दुनिया एक गांव जैसी बन गई है। यानी हर कहीं एक जैसे पैकेट बंद या खुले या ताजा तैयार होने वाले भोजन मिल जाते हैं। पर यदि आप फूड लवर यानी खाने के प्रेमी या देश भर के अलग-अलग स्वाद लेने … Read more

सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत है कुमाउनी शास्त्रीय होली

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पौष माह के पहले रविवार से ही शुरू हो जाती हैं शास्त्रीय रागों में होलियों की बैठकें और सर्वाधिक लंबे समय चलती हैं होलियां (Holi-Kumaoni) प्रथम पूज्य गणेश से लेकर पशुपतिनाथ शिव की आराधना और राधा-कृष्ण की हंसी-ठिठोली से लेकर स्वाधीनता संग्राम व उत्तराखंड आंदोलन की झलक भी दिखती है  डॉ. नवीन जोशी @ नवीन … Read more

कुमाऊं का लोक पर्व ही नहीं ऐतिहासिक व सांस्कृतिक ऋतु पर्व भी है घुघुतिया-उत्तरायणी, रक्तहीन क्रांति का गवाह भी रहा है यह दिन

Vishesh Aalekh Special Article Navin Samachar

1921 में इसी त्योहार के दौरान बागेश्वर में हुई प्रदेश की अनूठी रक्तहीन क्रांति, कुली बेगार प्रथा से मिली थी निजात घुघुतिया के नाम से है पहचान, काले कौआ कह कर न्यौते जाते हैं कौए और परोसे जाते हैं पकवान डॉ. नवीन जोशी, नैनीताल (Ghughutiya-Uttarayani)। दुनिया को रोशनी के साथ ऊष्मा और ऊर्जा के रूप … Read more

गौरा-महेश को बेटी-जवांई के रूप में विवाह-बंधन में बांधने का पर्व: सातूं-आठूं (गंवरा या गमरा)

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 अगस्त 2021 (Satun-Aathun)। प्रकृति में रची-बसी देवभूमि के अधिकांश लोकपर्व-त्योहार प्रकृति के साथ देवी-देवताओं के साथ आध्यात्मिक तौर पर अत्यधिक गहरे जुड़े हुए हैं। सातूं-आठूं, गंवरा या गमरा लोक पर्व को देखिये। इस पर्व पर यहां की पर्वत पुत्रियां महादेवी गौरा से बेटी का और देवों के … Read more

🙏🕉️🌸जानें, क्या है सोलह श्राद्धों का महत्व

Shraddh

दामोदर जोशी ‘देवांशु’, हल्द्वानी, 29 सितम्बर 2018। श्राद्ध (Shraddh), श्रद्धा का वार्षिक अनुष्ठान है। अपने पितरों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का एक पर्व है। वैसे तो प्रतिमाह पड़ने वाला कृष्ण पक्ष (पूर्णिमा के बाद की प्रथमा से लेकर अमावास्या तक) श्राद्ध पक्ष माना जाता है। वहीं कर्मकांडी और भीरु जन नित्य ही ब्रहम् मुहूर्त … Read more