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फिर आयोग से निकली भर्तियां, कोई आवेदन शुल्क नहीं, आयु सीमा में भी मिलेगी एक वर्ष की छूट

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नवीन समाचार, देहरादून, 27 नवंबर 2021। चुनावी वर्ष में एक बार फिर उत्तराखंड में नियुक्तियां निकली हैं। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने लंबे समय बाद नौ विभागों में जूनियर इंजीनियरों के 776 पदों पर भर्ती निकली है। भर्ती की विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट (https://ukpsc.gov.in/latestupdate/index/1088-Recruitments) पर देख सकते हैं।

आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार ग्रामीण निर्माण विभाग में 182, सिंचाई विभाग में 49, लघु सिंचाई विभाग में 39, पंचायती राज विभाग में 21, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 79, लोक निर्माण विभाग में 222, विद्युत सुरक्षा विभाग में नौ, आवास विभाग में 139 और कृषि विभाग में 36 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती निकाली है। इन सभी पदों के लिए 17 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

खास बात यह भी है कि इस भर्ती परीक्षा के आवेदन का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सभी भर्ती आवेदनों का शुल्क माफ है। साथ ही उम्मीदवारों को राज्य सरकार के आदेश के तहत अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की छूट दी जाएगी।

यह भी उल्लेखनीय है कि जूनियर इंजीनियर भर्ती की परीक्षा 14 शहरों-अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, हल्द्वानी, खटीमा, रुद्रपुर, पिथौरागढ़, देहरादून, गोपेश्वर, हरिद्वार, नई टिहरी, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर और उत्तरकाशी में परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प उम्मीदवारों को दिया गया है।आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : UKSSSC से 157 पदों पर आवेदन के लिए बस कुछ घंटे शेष..

नवीन समाचार, रोजगार डेस्क, 24 नवंबर 2021। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने गत दिनों 157 विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों पर इच्छुक अभ्यर्थी 25 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यानी इन पदों के लिए आवेदन करने को अब सिर्फ दो दिन शेष हैं। विस्तृत जानकारी इस लिंक पर भी देख सकते हैं : https://sssc.uk.gov.in/files/karms5oct494.pdf इन पदों का विवरण निम्नवत है: 

कनिष्ठ सहायक व कनिष्ठ अभियंता के अभिलेख सत्यापन हेतु क्लिक करें

अवर अभियंता (विद्युत एवं यांत्रिक प्रशिक्षु की औपबंधिक श्रेष्ठता सूची हेतु क्लिक करें

सहायक अध्यापक (एलटी) की अभिलेख सत्यापन हेतु औपबंधिक श्रेष्ठता सूची हेतु क्लिक करें

समूह-ग के अन्तर्गत सहायक कृषि अधिकारी व अन्य के पदों पर सीधी भर्ती के विज्ञापन हेतु क्लिक करें

लेखा लिपिक की अभिलेख सत्यापन की औपबंधिक श्रेष्ठता सूची(क्लिक करें) 

अनुदेशक विद्युत (जनजाति कल्याण) के 4 पद
शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट और हाईस्कूल में विज्ञान और गणित विषय अनिवार्य है।
संबंधित व्यवसाय में न्यूनतम 60% अंकों सहित राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रमाण पत्र व राष्ट्रीय शिशिछुता प्रमाण पत्र।
संबंधित व्यवसाय में 1 वर्ष का सीटीआई प्रमाण पत्र।

कर्मशाला अनुदेशक इलेक्ट्रॉनिक्स (प्राविधिक शिक्षा विभाग) के 8 पद
शैक्षिक योग्यता संबद्ध शाखा में 3 वर्ष का जीएसटीएस का प्रमाण पत्र अथवा हाई स्कूल के साथ संबद्ध शाखा में जीटीआई या आईटीआई या पॉलिटेक्निक का प्रमाण पत्र या संबद्ध शाखा में डिप्लोमा। प्रमाण पत्र के बाद 3 वर्ष का औद्योगिक अनुभव।

अनुदेशक डीजल मैकेनिक (जनजाति कल्याण) के 2 पद

शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट पास और हाईस्कूल विज्ञान एवं गणित विषयों से उत्तीर्ण।
संबंधित व्यवसाय में न्यूनतम 60% अंकों सहित राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रमाण पत्र राष्ट्रीय शिशिक्षुता प्रमाण पत्र।
1 वर्ष का सीटीआई प्रमाण पत्र।
प्रशिक्षण अवधि को संबोधित करते हुए कम से कम 5 साल का अनुभव जो किसी सरकार या सार्वजनिक निजी विभाग अथवा प्रतिष्ठान का सवेतन हो।

अनुदेशक मोटर मैकेनिक (जनजाति कल्याण) के 2 पद
शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट पास और हाईस्कूल विज्ञान एवं गणित विषयों से उत्तीर्ण।
संबंधित व्यवसाय में न्यूनतम 60% अंकों सहित राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रमाण पत्र व राष्ट्रीय शिशिक्षुता प्रमाण पत्र।
1 वर्ष का सीटीआई प्रमाण पत्र।
हल्के एवं भारी वाहन चालक का वैध लाइसेंस।

अनुदेशक वेल्डर के 2 पद
शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट पास और हाईस्कूल विज्ञान एवं गणित विषयों से उत्तीर्ण।
संबंधित व्यवसाय में न्यूनतम 60% अंकों सहित राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रमाण पत्र व राष्ट्रीय शिशिछुता प्रमाण पत्र।
1 वर्ष का सीटीआई प्रमाण पत्र।

अनुदेशक फिटर के 5 पद
शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट पास और हाईस्कूल विज्ञान एवं गणित विषयों से उत्तीर्ण।
संबंधित व्यवसाय में न्यूनतम 60% अंकों सहित राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रमाण पत्र व राष्ट्रीय शिशिछुता प्रमाण पत्र।
1 वर्ष का सीटीआई प्रमाण पत्र।

कर्मशाला अनुदेशक के 109 पद
शैक्षिक योग्यता शैक्षिक योग्यता संबद्ध शाखा में 3 वर्ष का जी एस टी एस का प्रमाण पत्र अथवा हाई स्कूल के साथ संबद्ध शाखा में जीटीआई या आईटीआई अथवा पॉलिटेक्निक का प्रमाण पत्र या संबद्ध शाखा में डिप्लोमा। प्रमाण पत्र के बाद 3 वर्ष का औद्योगिक अनुभव।

लाइनमैन का 01 पद
शैक्षिक योग्यता हाई स्कूल उत्तीर्ण
मान्यता प्राप्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से 2 साल का विद्युत व्यवसाय का प्रमाण पत्र।

सहायक बोरिंग टेक्निशियन (लघु सिंचाई विभाग) के 13 पद
शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल उत्तीर्ण।
संबंधित व्यवसाय में 2 वर्षीय पाठ्यक्रम का डिप्लोमा।

तकनीकी सहायक के 3 पद
शैक्षिक योग्यता फिटर इलेक्ट्रिशियन, प्लंबिंग ट्रेड में आईटीआई 3 वर्षीय प्रमाण पत्र और 2 साल का अनुभव।

इच्छुक अभ्यर्थी इन पदों के लिए 12 अक्टूबर से 25 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को https://sssc.uk.gov.in/ पर लॉग इन करना होगा। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा का अनुमानित समय मार्च 2022 है। लिखित परीक्षा 100 अंको की 2 घंटे की वस्तुनिष्ठ प्रकार की होगी। इन पदों के लिए आयु सीमा न्यूनतम 18 और 21 साल से 43 वर्ष तक निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के फैसले के बाद 31 मार्च 2022 तक सीधी भर्ती में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बिग ब्रेकिंग: मेडिकल कॉलेज में 106 पदों में होंगी नई नियुक्तियां

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 नवंबर 2021। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने 24 विभागों के 106 पदों पर नियुक्तियां जारी कर दी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि इन पदों के लिए आगामी 27 नवंबर को प्राचार्य कार्यालय में पूर्वाह्न 11 बजे से ‘वॉक इन इंटरव्यू’ यानी बिना आवेदन किए सीधे साक्षात्कार होंगे। जारी किए गए पदों में मेडिकल कॉलेज के अलग-अलग विभागों में 76 असिस्टेंट प्रोफेसर, 3 एसोसिएट प्रोफेसर और 10 प्रोफेसरों के पद शामिल हैं। इनमें सवाधिक 11 असिस्टेंट प्रोफेसर जनरल मेडिसिन और 9 असिस्टेंट प्रोफेसर सर्जरी विभाग में नियुक्त होने हैं।

इसके अलावा रेडियोलॉजी विभाग में एक प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर और 4 असिस्टेंट प्रोफेसरों, न्यूरो सर्जरी में एक प्रोफेसर, नेफ्रोलॉजी में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर व एक असिस्टेंट प्रोफेसर, कार्डियोलॉजी विभाग के लिए एक प्रोफेसर एक सीनियर एसोसिएट प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर तथा यूरोलॉजी विभाग में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और प्लास्टिक सर्जरी में एक प्रोफेसर की नियुक्त की जानी है।

उन्होंने बताया कि प्रोफेसरों को प्रतिमाह एक लाख 43 हजार, एसोसिएट प्रोफेसरों को एक लाख 23 हजार और असिस्टेंट प्रोफेसर को 95 हजार रुपए प्रति माह वेतन मिलेगा और यह नियुक्ति संविदा पर 1 साल के लिए होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रोफेसरों को 3 साल तक के लिए आगे कार्य पर बढ़ाया जा सकता है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दिसंबर माह में आयोजित होगी उत्तराखंड की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा

नवीन समाचार, देहरादून, 20 नवंबर 2021। उत्तराखंड में आगामी दिसंबर माह में सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा आयोजित होने जा रही है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा स्नातक स्तरीय विभिन्न 854 रिक्त पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित होने वाली है। इस परीक्षा हेतु परीक्षा केंद्रों का चिन्हिकरण कर लिया गया है। इस परीक्षा में प्रदेश के 2 लाख 16 हजार 519 अभ्यर्थी शामिल होंगे, यह परीक्षा अब तक की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा है। इतनी अधिक संख्या में अभ्यर्थियों के आवेदन करने के कारण आयोग द्वारा आगामी 4 और 5 दिसम्बर 2021 को दो दिन में तीन शिफ्ट में इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जिन पदों पर विज्ञप्ति जारी होगी उन पदों पर तय समय सीमा के साथ भर्ती प्रक्रिया भी सम्पन्न होगी। प्रदेश में सरकारी भर्तियों के नाम पर हीला-हवाली नहीं बल्कि पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बीते तीन मार्च से ही लगातार भर्ती प्रक्रिया में तेजी आई है।

बताया गया है कि धामी मंत्रिमंडल की पहली कैबिनेट बैठक में 20 हजार से ज्यादा सरकारी पदों पर भर्ती प्रकिया शुरू करने का प्रस्ताव कैबिनेट में पारित किया था जिसके फलस्वरूप वर्तमान में 17 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : महत्वपूर्ण समाचार : 423 पदों पर आवेदन के लिए सिर्फ 2 दिन शेष..

नवीन समाचार, देहरादून, 17 नवंबर 2021। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से निकली सहायक कृषि अधिकारी के 188 पदों समेत अलग अलग पदों पर कुल 423 भर्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गये हैं। इस बारे में महत्वपूर्ण बात यह है कि इस परीक्षा के लिए आवेदन के लिए अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। जान लें इस हेतु आयोग की वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर 18 नवंबर 2021 तक ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2021 है। जबकि लिखित परीक्षा का अनुमानित समय मार्च 2022 तक बताया गया है।

इन पदों के लिए में मांगे गए हैं आवेदन : चारा सहायक (फीड सहायक) जीआर-2 के लिए 3 पद, चारा सहायक (फ़ीड सहायक) ग्रेड-3 के लिए 2 पद, सहायक खाद्य निरीक्षक / प्रशिक्षक के लिए 1 पद, वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक के लिए 3 पद, सहायक कृषि अधिकारी, ग्रेड-3 के लिए 188 पद, उद्यान निरीक्षक/सहायक विकास अधिकारी के लिए 26 पद, सहायक मशरूम विकास अधिकारी के लिए 3 पद, सहायक पौध संरक्षण अधिकारी/मधु विकास अधिकारी के लिए 2 पद, सहायक प्रशिक्षण अधिकारी (उद्यान) के लिए 3 पद, सहायक प्रशिक्षण अधिकारी (वनस्पति) के लिए 3 पद, मशरूम पर्यवेक्षक के लिए 4 पद, प्रयोगशाला सहायक के लिए 4 पद, बागवानी विकास शाखा-ग्रेड-3 पर्यवेक्षक के लिए 181 पद

इस परीक्षा हेतु यह बात भी ध्यान रखनी है। इस भर्ती के लिए ओटीआर यानी One Time Registration अनिवार्य किया गया है। अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र भरने के पूर्व ओटीआर भरना अनिवार्य है। अभ्यर्थी बहुत ही सावधानी के साथ ओटीआर भरें। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 20 हजार लोगों को सरकारी नौकरी देने के आंकड़े नजर अंदाज कर फिर बोले हरीश रावत, सरकार 3200 के नाम बताए तो राजनीति छोड़ देंगे

नवीन समाचार, देहरादून, 14 नवंबर 2021। 20 हजार लोगों को सरकारी नौकरी देने के आंकड़े नजर अंदाज कर फिर बोले हरीश रावत, सरकार 3200 के नाम बताए तो राजनीति छोड़ देंगेपूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सरकार के दो मंत्रियों के शिक्षा विभाग व अधनीस्थ सेवा आयोग व लोक सेवा आयोग से 10-10 हजार से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी देने के आंकड़ों को मानने को तैयार नहीं हैं, साथ ही सरकारी नौकरी पाये 3200 लोगों के नाम बताने की चुनौती देते हुए अभी राजनीति छोड़ने की अपनी घोषणा पर खुद को कायम बता रहे हैं।

हरीश रावत

रविवार को हरीश रावत ने रोजगार के सवाल पर फिर से सरकार को ललकारा। कहा कि यदि सरकार ने रोजगार के क्षेत्र में कुछ काम किया है तो केवल 3200 लोगों के ही नाम-पते बता दे, जिन्हें नौकरी मिली हो। रावत ने कहा कि यदि सरकार यह ब्योरा दे देती है वो राजनीति छोड़ देने के अपने बयान का सौ फीसदी पालन करेंगे।

राजीव भवन में प्रेस कांफ्रेस में रावत ने कहा कि नौकरियों के मुद्दे पर वह राजनीति छोड़ने की चुनौती पर पूरी तरह से कायम हैं। सरकार ने रोजगार के क्षेत्र में काम ही नहीं किया है। पहले सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सात लाख, फिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक 7.5 लाख, दूसरे सीएम तीरथ सिंह रावत ने 24 हजार और नए सीएम 23 हजार नौकरियों की बात कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि अब तक जितनी भी नौकरियां दी गई हैं, उन पर सारा होमवर्क कांग्रेस सरकार में हुआ था। मौजूदा सरकार का कोई प्रयास नहीं है। इस सरकार ने केवल नौकरियों को दबाने, रोकने और पद घटाने का काम किया है।

अब यह केवल हरीश रावत ही बता सकते हैं कि वह सरकारी नौकरी पाने वालों के कैसे-किस फॉर्मेट में नाम चाह रहे हैं, जो मिल जाने पर वह राजनीति से सन्यास ले सकते हैं। जबकि राजनीति के जानकारों का कहना है कि एक-एक व्यक्ति की यदि हरीश रावत के सामने परेड भी करा दी जाएगी तो वे संतुष्ट नहीं होंगे। क्योंकि हरीश रावत कहते रहे हैं, ‘न खता न बही-जो रावत कहें-वहीं सही’। इसलिए उन्हें कोई संतुष्ट कर दे यह संभव ही नहीं। वह किसी कीमत पर सन्यास नहीं लेंगे। ठीक वैसे ही जैसे दलित के बेटे को सीएम बनाने की इच्छा के बावजूद वह किसी दलित के बेटे को सीएम नहीं बनाएंगे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अब हरीश रावत के पूर्व सहयोगी मंत्री ने पेश किए सरकारी नौकरियों के आंकड़े और कहा कर लें सन्यास लेने की तैयारी

नवीन समाचार, देहरादून, 13 नवंबर 2021। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के भाजपा सरकार से सरकारी नौकरी पाने वालों की सूची उपलब्ध कराने की सूची उपलब्ध कराने पर राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा पर एक और मंत्री सामने आए हैं। खास बात यह भी है यह न केवल राज्य सरकार के प्रवक्ता हैं, वरन कभी हरीश रावत के सहयोगी यानी कांग्रेस पार्टी में भी रहे हैं।

यह भी पढ़ें : हरीश रावत को एक कबीना मंत्री से मिला ऐसा जवाब कि आई राजनीति से सन्यास लेने की नौबत

मंत्री सुबोध उनियालउल्लेखनीय है कि इससे पूर्व प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने भी अपने विभाग में करीब 10 हजार लोगों को सरकारी नौकरी देने की जानकारी दी थी। अलबत्ता उन्होंने हरीश रावत को राजनीति से सन्यास लेने की जगह अपनी सूचनाओं के स्रोत सही और मजबूत करने की सलाह दी थी, जबकि सुबोध उनियाल ने हरीश रावत को चुनौती दी है कि व स्थान और समय बताएं ताकि वह सरकारी नौकरी पाने वालों की सूची पेश कर सकें और हरीश रावत राजनीति से सन्यास ले सकें।

सुबोध उनियाल ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में दावा किया कि प्रदेश सरकार ने पौने पांच साल में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से 11056 लोगों को सरकारी नौकरी दी है। बताया कि इनमें 3412 पदों पर उत्तराखंड राज्य लोक सेवा आयोग और 7644 पदों पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयन किया गया। आगे 8527 पदों पर चयन की प्रक्रिया चल रही है, जबकि 4097 पदों के लिए विज्ञापन जारी होना है। कुल मिलाकर 23680 पदों में या तो चयन हो चुके हैं या भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने बताया कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 7089 पदों पर चयन की प्रक्रिया गतिमान है। 2622 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी होनी है। वहीं लोकसेवा आयोग में 1438 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। आयोग में सीधी भर्ती के 1455 पदों पर विज्ञापन का प्रकाशन होना है।

आंकड़ों के जरिये उनियाल ने कहा कि अब हरीश रावत को संन्यास लेने की तैयारी कर लेनी चाहिए। उन्होंने रावत पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। कहा कि बढ़ती उम्र में उनकी याददाश्त कमजोर पड़ने लगी है। साथ ही उन्होंने रावत से पूछा है कि उनके कार्यकाल में कितने लोगों को रोजगार दिया गया। उन्होंने तंज किया कि हरीश रावत के कार्यकाल में शराब और खनन माफिया को रोजगार मिला। दिल्ली और नोएडा के ठेकेदारों को यहां काम देकर राज्य के लोगों का हक मारा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: अगले वर्ष तक राज्य में भर्ती परीक्षाओं के लिए नहीं देनी होगी फीस

नवीन समाचार, देहरादून, 3 अक्टूबर 2021। राज्य की विभिन्न चयन संस्थाओं द्वारा भर्ती के लिए आमंत्रित आवेदन पत्रों हेतु अभ्यर्थियों से 31 मार्च 2022 तक आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस हेतु शासनादेश जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि कोविङ-19 से रोजगार एवं अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में शासन द्वारा शासनादेश जारी किया गया है। इसके बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड अधीनस्थ चयन आयोग, उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद्, उत्तराखण्ड चिकित्सा चयन बोर्ड एवं राज्य की अन्य चयन संस्थाओं द्वारा भर्ती के लिए आमंत्रित आवेदन पत्रों हेतु लिये जाने वाले शुल्क से अब आवेदकों को राहत मिलेगी। आवेदकों से दिनांक 31 मार्च 2022 तक राज्याधीन सेवाओं की सभी समूहों की समस्त परीक्षाओं हेतु आवेदन शुल्क नहीं लिया जायेगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनने का सपना हो सकता है पूरा, यहां है पूरी जानकारी

नवीन समाचार, देहरादून, 10 सितंबर 2021। अगर आप उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनना चाहते हैं और उससे जुड़ी सभी जरूरी योयताएं भी रखते हैं तो अब आपका यह सपना जल्द ही पूरा हो सकता है। विदित हो कि गत 1 सितंबर से उत्तराखंड टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी टीईटी परीक्षा में आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में टेट करने वाले सभी उम्मीदवारों को जल्द से जल्द इस परीक्षा के लिए अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

इस परीक्षा से जुड़ी और अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवारों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट https://ubse.uk.gov.in/ पर जाकर विजिट करना होगा। इसके अलावा आज हम आपको इस आर्टिकल में परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी जैसे आवेदन के लिए न्यूनतम योग्यता, एग्जाम पैटर्न, फीस से साझा करने जा रहे हैं।
जानिए कैसे कर सकते हैं अप्लाई

अगर आप भी यूके टीईटी परीक्षा में आवेदन करना चाहते हैं तो इसके लिए अभ्यर्थी को उत्तराखंड टीईटी की आधिकारिक वेबसाइट https://ukutet.com/default.aspx पर जाना होगा। जहां होम पेज पर रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक कर और जरूरी जानकारियों को भरकर लॉग-इन करना होगा। साथ ही संबंधित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करने के बाद फीस जमा कर आवेदन फॉर्म को सब्मिट पर क्लिक करें।

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आपको मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) के बाद 4 साल का बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन कोर्स यानी बीईबीएड, डीएलएड या डीएड होना चाहिए। स्नातक और प्राथमिक शिक्षा में दो साल का डिप्लोमा (बीटीसी या डीएलएड)। या बीए के साथ बीएड, एलटी या शिक्षा शास्त्री परीक्षा पास की हो। या उच्च शिक्षा के साथ शिक्षा शास्त्र में 4 साल का एलिमेंट्री एजुकेशन कोर्स (बीएलएड) होना चाहिए।

इस परीक्षा से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन https://ukutet.com/uploads/notice/notice2021.pdf को ध्यान से पढ़ें। साथ ही शैक्षिक योग्यता के इस पड़ाव को पूरा न करने वाले अभ्यर्थी इस परीक्षा में आवेदन करने के पात्र नहीं माने जाएंगे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में बेरोजगारी का रिकॉर्ड, एक पद के लिए अब तक के रिकॉर्ड पौने 300 अभ्यर्थियों ने किया आवेदन

नवीन समाचार, देहरादून, 23 अगस्त 2021। उत्तराखंड में लंबे समय बाद चुनावी साल में सरकारी विभागों में नियुक्तियों के लिए जारी किए गए आवेदन खुद विभाग के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग में पटवारी एवं लेखपाल के 525 पदों के लिए आए आवेदनों में अब तक किन्हीं भी पदों के लिए आये आवेदनों के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। इन पदों के 1 लाख, 43 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने यानी एक पद के लिए करीब पौने तीन सौ अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इससे राज्य में बेरोजगारी की स्थिति की कलई भी खुल गई है।

बताया गया है कि इससे पहले वन आरक्षी के 1218 पदों के लिए 1 लाख 56 हजार अभ्यर्थियों ने यानी प्रति पद करीब 128 अभ्यर्थियों ने आवेदन आवेदन किये थे और करीब 98 हजार अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा दी थी। वहीं गत 6 नवंबर को राज्य के 13 विभागों में रिक्त स्नातक लेवल-1 के कुल 854 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन सर्वाधिक है। जिसमे 2 लाख 19 हजार आवेदन हुए थे यानी एक पद के लिए 256 से ज्यादा दावेदार थे।

उल्लेखनीय है कि पटवारी एवं लेखपाल के पदों के लिए अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता स्नातक है। लेकिन आवेदन करने वालों में एमएससी, बीटेक, एमबीए पास करने वाले छात्र भी शामिल बताए गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : 894 पदों पर निकली सरकारी नौकरियां

नवीन समाचार, देहरादून, 20 अगस्त 2021। उत्तराखंड में वन आरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) के 894 पदों पर भर्ती होगी। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इसका नोटिस जारी कर दिया है। 24 अगस्त से भर्ती के लिए ऑनलाइन आवदेन शुरू होंगे।

आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि इस भर्ती के लिए आवेदकों को पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के आवेदक न्याय पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर से भी अपना फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन के लिए फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठा स्कैन करने व ऑनलाइन शुल्क जमा कराने की सुविधा जरूरी है।
परीक्षा के लिए सात अक्तूबर तक आवेदन होंगे जबकि नौ अक्तूबर तक शुल्क जमा करा सकेंगे। दिसंबर में आयोग ने लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा प्रस्तावित की है। भर्ती के लिए लंबाई व सीने की माप के मानक भी हैं। साथ ही चार घंटे में पुरुष उम्मीदवारों को 25 किलोमीटर और महिला उम्मीदवारों को 14 किलोमीटर की पैदल चाल-दौड़ पूरी करनी होगी।

राज्य सरकार के आदेश के तहत अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। ईडब्ल्यूएस आवेदकों के लिए यह निर्देश हैं कि वैध प्रमाण पत्र होने पर ही वह इस श्रेणी का लाभ लेने का विकल्प भरें। उम्मीदवार किसी भी सहायता के लिए आयोग के टोल फ्री नंबर 9520991172 या वॉट्स एप नंबर 9520991174 या ई-मेल भी कर सकते हैं।

इसके अलावा आयोग ने 27 जुलाई से 29 जुलाई के बीच देहरादून और तीन व चार अगस्त को हल्द्वानी में आयोजित हुई फॉरेस्ट गार्ड शारीरिक दक्षता परीक्षा का परिणाम आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिया है। इसके अलावा आयोग ने महाधिवक्ता कार्यालय के अन्तर्गत समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा-2021 तथा सहायक भू-वैज्ञानिक (वैज्ञानिक शाखा) परीक्षा-2021 के संबंध में विज्ञप्ति, विज्ञापन एवं ऑनलाइन आवेदन भी जारी कर दिया है। इन्हें ऊपर लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से निकली साढे़ चार सौ से अधिक पदों पर नियुक्तियां

नवीन समाचार, देहरादून, 11 अगस्त 2021। उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने बुधवार को वन क्षेत्राधिकारी के 40 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। इस पद हेतु अभ्यर्थी का विज्ञान, प्रौद्योगिकी या अभियांत्रिकी से स्नातक अथवा 14 विभिन्न पाठ्यक्रमों से मान्यता प्राप्त उपाधि प्राप्त होना होगा। पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग शारीरिक दक्षता के प्राविधान भी पूरे करने होंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। विस्तृत जानकारी https://www.ukpsc.gov.in/files/FRO_2021_vigyapan_1.pdf से ली जा सकती है।

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इसके अलावा सम्मिलित राज्य सिविल-प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2021 के संबंध में भी विज्ञप्ति व विज्ञापन जारी होने के साथ ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इस विज्ञप्ति में पुलिस उपाधीक्षक के 10, वित्त अधिकारी के 18, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के 11 सहायक निदेशक उद्योग व प्रबंधक के 17, जिला पूर्ति अधिकारी के 3, खंड विकास अधिकारी के 28, सहायक निबंधक सहकारिता, गन्ना एवं चीनी विभाग के 7, सहायक श्रमायुक्त के 2, सहायक निदेशक कारखाना-ब्वॉयलर के 4, सहायक गन्ना आयुक्त के 1, उप शिक्षा अधिकारी के 31, सहायक निदेशक मत्स्य के 3, सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा के 4, जिला पर्यटन विकास अधिकारी व प्रचार अधिकारी के 1-1, सहायक निदेशक कृषि एवं भूमि संरक्षण के 3, सहायक निदेशक सांख्यिकी के 1, सहायक निदेशक कृषि एवं भूम संरक्षण के 1, सहायक निदेशक रसायन के 2, सहायक निदेशक उद्यान के 2, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी के 3, उद्यान विकास अधिकारी के 20, सूचना अधिकारी व जिला सूचना अधिकारी के 12 सहित कुल 224 पदों पर नियुक्तियां निकलीं हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त है। विस्तृत जानकारी https://www.ukpsc.gov.in/files/PCS-2021Rectifiednotification.pdf लिंक पर ली जा सकती है।

इनके अलावा भी नायब तहसीलदार के 35, उप कारापाल के 27, पूर्ति निरीक्षक के 28, विपणन निरीक्षक के 50, श्रम पर्वतन अधिकारी के 09, आबकारी निरीक्षक के 10, कर निरीक्षक 02, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक के 02, गन्ना विकास निरीक्षक के 23, खांडसारी निरीक्षक के 04 पदों पर यानी कुल 190 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आन लाइन आवेदन की अंतिम तारीख 29 अगस्त 2021 मध्यरात्रि तक है । शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 29 अगस्त 2021 है। आवेदन करने के लिए आयु सीमा 21 से 43 वर्ष है। इसमें राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष की छूट भी जोड़ी गई है। इसके अनुसार, आवेदन करने वाले की आयु के हिसाब से जन्म तिथि 2 जुलाई 1978 से 1 जुलाई 2000 के तक ही होनी चाहिए। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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-ओबीसी आयोग की अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक, कहा-शासन को सूची भेजें विभाग

समीक्षा बैठक लेती ओबीसी आयोग की उपाध्यक्ष, एवं उपस्थित अधिकारी।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2021। उत्तराखंड अन्य पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष डॉ. कल्पना सैनी ने सभी विभागों के अधिकारियों को अपने विभाग में बैकलॉग की रिक्तियों की जानकारी शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को नैनीताल क्लब में अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि रिक्तियों पर नियुक्तियां दी जाएंगी ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके।

समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. सैनी ने इसके अतिरिक्त राज्य व केंद्र सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत प्रचार-प्रसार कर जनता को जागरूक करने को भी कहा। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी डॉ.संदीप तिवारी को योजना के धरातल पर हो रहे क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिये। साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों से ताकीद की कि ओबीसी के प्रमाण-पत्रों में समय वैधता का भी अंकन करें। उन्होंने कहा कि गरीब तकबे की सहायता करना व उनके अधिकार दिलाना सभी का कर्तव्य है। इसलिए अधिकारी संवेदनशील हो कर इस हेतु अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

आयोग के उपाध्यक्ष संजय नेगी ने कहा ओबीसी समाज के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने को कहा, ताकि योजनाओं का लाभ अतिंम छोर के पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके। बैठक में एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी, सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी, एडीएम केएस टोलिया, संयुक्त मजिस्टेªट प्रतीक जैन, एसडीएम गौरव चटवाल, अर्थ एंव संख्याधिकारी एलएम जोशी, मुख्य शिक्षाधिकारी केके गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज वर्मन, सेवायोजन अधिकारी प्रियंका गडिया, श्रम अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल, जिला युवा कल्याण अधिकारी दीप्ति जोशी, होम्योपैथिक अधिकारी डॉ.मीरा ह्यांकी, जिला आयुर्वेदिक एंव यूनानी अधिकारी डॉ. एमएस गुंज्याल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि एबी कांडपाल, अपर समाज अधिकारी मौहम्मद चांद सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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-बंदीरक्षक के 213 रिक्त पदों पर भर्ती शुरू
नवीन समाचार, देहरादून, 29 जून 2021। अधीनस्थ सेवा आयोग ने बंदीरक्षक के 213 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग ने बंदीरक्षक (पुरुष) के रिक्त 200 पदों व बंदीरक्षक (महिला) के रिक्त 13 पदों अर्थात कुल 213 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी आवेदन पत्र को भरने के पूर्व अभ्यर्थियों को अपना ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) भरना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन के लिए तिथियां निर्धारित कर दी गयी है । एक से 14 जुलाई तक आवेदन किये जा सकेंगे। शारीरिक दक्षता व लिखित परीक्षा की तिथि दिसम्बर में होगी।

एनएचएम में संविदा पर होगी चार सौ एएनएम व 94 स्टाफ नर्स की नियुक्ति
देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए प्रदेशभर में संविदा पर 400 एएनएम और 94 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति की जाएगी, जिनकी तैनाती प्रसव केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और फर्स्ट रेफरल यूनिट में होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक सोनिका ने सभी जिलों को संविदा पर एएनएम और स्टाफ नर्सों की नियुक्ति के आदेश दिये हैं। इसके तहत सभी जिलों के उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्रसव केंद्रों और फर्स्ट रेफरल यूनिटों (एफआरयू) में खाली पदों पर संविदा के माध्यम से एएनएम और स्टाफ नर्सों की नियुक्ति की जाएगी। पर्वतीय क्षेत्रों में तीन हजार और मैदानी क्षेत्रों में पांच हजार की आबादी पर स्थापित प्रसव केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र में एक एएनएम की नियुक्ति की जाएगी। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 894 पदों पर सरकारी नौकरियों की और बनी उम्मीद

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जून 2021। उत्तराखंड में चुनाव करीब आने के साथ ही सही सरकारी नौकरियों की बहार आने वाली है। राजस्व एवं उच्च शिक्षा विभाग के बाद अब उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद वन विभाग में भी नई नौकरियों पर नियुक्तियां निकलने की उम्मीद बन गई है। वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड यानी वन रक्षक के 894 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। वन विभाग द्वारा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को इसका अधियाचन भेज दिया गया है।
प्रभारी सचिव विजय कुमार की ओर से शुक्रवार को शासनादेश जारी किया गया है। जिसमें कहा है कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 के नियम-26 के अन्तर्गत सेवा शर्तों शिथिलीकरण के प्राविधान के अन्तर्गत चतुर्थ श्रेणी से वन आरक्षी के पद पर एक बार पदोन्नति करने के लिए राज्य के बोर्डया राज्य स्थित मान्यता प्राप्त विद्यालयों से इंटरमीडिएट के समकक्ष के स्थान पर हाईस्कूल या समकक्ष स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनुमति सशर्त प्रदान की जाती है। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग से सक्षम अनुमोदन से यह शासनादेश निर्गत जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वन विभाग में खाली पड़े पदों को 6 माह के अंदर भरने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में वन आरक्षी सीधी भर्ती के कोटे के 2024 स्वीकृत पदों में से 1261 रिक्त हैं। इसी तरह पदोन्नति के 365 पद में 92 रिक्त हैं। यानी कुल 3850 पदों में 1353 रिक्त हैं। वर्तमान में विभाग में वन रक्षकों के 1218 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है, वहीं अब 894 नए पदों के लिए दोबारा से आयोग को अधियाचन भेजा गया है। इसके अलावा शासन ने विभाग में वन आरक्षी के दस फीसद पदों पर पदोन्नति के आधार पर नियुक्ति के लिए भी नियमावली में संशोधन की सिफारिश स्वीकार कर ली है। इस सिफारिश के स्वीकार होने के बाद हाईस्कूल पास चतुर्थ वन कमर्चारियों के वन आरक्षी पद पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही वन विभाग में सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में लगा बड़ा रोड़ा हट गया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2018 के अंतर्गत वन आरक्षी के पदों के लिए न्यूनतम योग्यता बोर्ड-परिषद या उत्तराखंड स्थित मान्यता प्राप्त विद्यालय से इंटरमीडिएट या समकक्ष स्तर पर की परीक्षा उत्तीर्ण होनी अनिवार्य है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में 701 पदों पर निकलने वाली हैं सरकारी नौकरियां

-प्राचार्यों के रिक्त पदों पर भी जल्द होगी डीपीसी, वाई-फाई सुविधा से भी जुड़ेंगे सभी महाविद्यालय, स्थापित होगी कम्प्यूटर लैब
नवीन समाचार, देहरादून, 19 जून 2021। उत्तराखंड में उच्च शिक्षा विभाग के अधीन संचालित राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग के 701 रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाएगी। महाविद्यालयों के विभिन्न संकायों में शिक्षकों के रिक्त पड़े 455 एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के 25 पदों का अधियाचन शीघ्र राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा जाएगा जबकि समूह ग के विभिन्न 221 पदों पर राज्य अधीनस्थ चयन सेवा आयोग भर्ती करेगा। इसके अलावा महाविद्यालयों में प्राचार्य के रिक्त पांच पदों पर भी शीघ्र डीपीसी कराई जाएगी।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में गुरुवार को विधानसभा में आयोजित हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिये गये। इस दौरान डॉ. रावत ने अधिकारियों को ‘करियर एडवांसमेंट स्कीम’ के तहत महाविद्यालयों से प्रोन्नति के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू किये जाने, महाविद्यालयों में प्राचार्य के रिक्त पांच पदों पर शीघ्र डीपीसी कराने, सभी महाविद्यालयों में एक माह के भीतर वाई-फाई सुविधा एवं कम्प्यूटर लैब तथा विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि विभाग पिछले चार वर्षों में शिक्षकों के लगभग 750 पदों को राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जा चुके हैं। जबकि शिक्षकों के रिक्त 455 पदों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के रिक्त 25 पदों पर एक सप्ताह के भीतर राज्य लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेज दिया जायेगा। इसी प्रकार समूह ग के विभिन्न 221 पदों को भरे जाने हेतु अधीनस्थ चयन सेवा आयोग को अधियाचन भेजने के निर्देश दिये गये हैं। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. कुमकुम रावत ने निदेशालय का पृथक कैडर स्वीकृत करने के साथ ही एक विधि अधिकारी एवं चार जूनियर अभियंताओं के पद सृजित करने की मांग रखी। जिस पर विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने शासन को प्रस्ताव भेजने को कहा। बैठक में प्रभारी सचिव उच्च शिक्षा दीपेन्द्र चौधरी, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. कुमकुम रावत, उप सचिव शिव स्वरूप त्रिपाठी, अनु सचिव ब्योमकेश दुबे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में खुले रोजगार के अवसर, 513 पदों के लिए स्नातक कर सकते हैं आवेदन

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जून 2021। उत्तराखंड सरकार अब आगामी विधानसभा चुनाव के करीब आते रोजगार के मुद्दे पर आगे बढ़ती नजर आ रही है। गत दिवस रोजगार के आंकड़े पेश करने पर हुई बहस के बाद बृहस्पतिवार को सरकार ने राजस्व उप निरीक्षक-पटवारी के 366 तथा राजस्व उप निरीक्षक-लेखपाल के 147 यानी कुल 513 पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। जिला संवर्ग के इन पदों के लिए आगामी 22 जून से 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। जबकि शारीरिक दक्षता व लिखित परीक्षा के इसी वर्ष नवंबर माह में होने की जानकारी दी गई है। इन पदों के लिए 21 से 28 वर्ष के स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। पुरुष अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के तहत 60 वर्ष में 7 किलोमीटर एवं महिला अभ्यर्थियों को 35 मिनट में 3.5 किलोमीटर दौड़ना आवश्यक होगा। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी, महिलाओं के लिए 152 सेमी एवं सीना न्यूनतम 5 सेमी के फुलाव के साथ 84 सेमी होना अनिवार्य है। पर्वतीय मूल के लोगों को लंबाई व सीने में 5 सेमी की छूट मिलेगी। महिला अभ्यर्थियों का वजन न्यूनतम 45 किलोग्राम होना चाहिए। लिखित परीक्षा सामान्य हिंदी, सामान्य ज्ञान व सामान्य अध्ययन विषय से संबंधित विषयों पर आधारित 2 घंटे की वह 100 अंकों की वस्तुनिष्ठ आधार पर होगी। विस्तृत जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : भारतीय सेना में महिला सैन्य पुलिस के रूप में शामिल होने के लिए आनलाइन पंजीकरण शुरू

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जून 2021। भारतीय सेना ने सैनिक जनरल ड्यूटी महिला सैन्य पुलिस के पदों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण हेतु भर्ती अधिसूचना अपनी वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर अपलोड कर दी है। ऑनलाइन पंजीकरण 20 जुलाई 2021 तक किये जा सकेंगे। भारतीय सेना की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इन पदों के लिए 1 अक्टूबर 2000 से 01 अप्रैल 2004 के बीच जन्मे यानी साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु सीमा के 152 सेमी लंबे और सेना चिकित्सा के मानकों के अनुसार ऊंचाई और आयु के अनुपात होना चाहिए। अभ्यर्थियों को कुल मिलाकर 45 फीसद से अधिक अंकों के साथ व हर विषय में न्यूनतम 33 फीसद अंकों के साथ कक्षा 10वीं यानी मैट्रिक पास होना चाहिए। पंजीकरण समाप्त हो जाने के बाद 10वीं कक्षा में कुल अंकों के आधार पर कट ऑफ सूची तैयार की जाएगी और प्रवेश पत्र केवल सीमित संख्या में अभ्यर्थियों को भरने के लिए आवश्यक रिक्तियों के अनुपात में जारी किए जाएंगे। समान अंक वाले अधिक उम्मीदवार होने की स्थिति में अधिक आयु के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : बड़ा समाचार : उत्तराखंड में अब अनुभवहीन लोगों को भी 25 लाख तक के ठेके देने की तैयारी

नवीन समाचार, देहरादून, 08 जून 2021। कोविड-19 की महामारी में बेरोजगार हुए लोगों के लिए उत्तराखंड सरकार ठेकेदारी के जरिये रोजगार की राह खोलने की कोशिश में है। काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने इसकी सिफारिश कर दी हैं। सिफारिशों पर यदि प्रदेश मंत्रिमंडल की मुहर लगी तो उत्तराखंड में निर्माण कार्यों का अनुभव न होने के बावजूद लोग 25 लाख रुपये तक का ठेका ले सकेंगे। इसके लिए हर इंजीनियरिंग विभाग में ऐसे ठेकेदारों के लिए एक नई ई श्रेणी बनाई जाएगी। डॉ. रावत के अनुसार उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली में संशोधन की सिफारिशों को प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य में ए श्रेणी में दो करोड़ तक के काम की सीमा है। इसे बढ़ाकर तीन करोड़ तक करने की सिफारिश की गई है। इसी तरह सी श्रेणी की एक करोड़ की सीमा को बढ़ाकर डेढ़ करोड़, डी श्रेणी की 50 लाख तक की सीमा को बढ़ाकर 75 लाख तक करने व नई ई श्रेणी में 25 लाख तक के काम दिए जा सकते हैं। साथ ही उपसमिति ने वर्क आर्डर के कार्यों की राशि में भारी बढ़ोतरी करते हुए ढाई लाख रुपये तक वर्क आर्डर को बढ़ाकर 15 लाख तक करने एवं प्रदेश में ई टेंडरिंग से होने वाले कार्यों की सीमा 25 लाख की सीमा को 50 लाख रुपये तक बढ़ाने यानी 50 लाख तक के कार्य बिना ई टेंडरिंग के देने और बड़े निर्माण कार्यों के टुकड़े कर एक से अधिक ठेकेदारों को देने की सिफारिशें भी की है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : कैरियर समाचार : 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए जारी हुए प्रवेश के अवसर

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 03 जून 2021। सीबीएसई व आईसीएसई सहित कई राज्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 10वीं के बाद 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया है, और अब मूल्यांकन तथा परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए कवायद चल रही है। ऐसे में छात्रों के समक्ष उच्च शिक्षा में प्रवेश को लेकर चिंता है। यहां हम कोशिश कर रहे हैं कि विद्यार्थियों को अपने भविष्य का निर्धारण करने के लिए देश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के अवसरों की जानकारी दें। 

अप्रैल, मई और जून माह के दौरान विभिन्‍न व्‍यावसायिक और पारंपरिक स्‍नातक पूर्व एवं स्‍नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। स्‍नातक पूर्व पाठ्यक्रमों के बीच पूर्व इंजीनियरी और पूर्व चिकित्‍सा प्रवेश परीक्षाएं सर्वाधिक लो‍कप्रिय हैं। वर्तमान वर्ष से एनआईटी, आईआईआईटी, केंद्रीय निधिकृत तकनीकी संस्‍थानों, अनेक प्रतिभागी राज्‍यों और अनेक अन्‍य संस्‍थानों में स्‍नातक पूर्व इंजीनियरी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए संयुक्‍त प्रवेश परीक्षा, जेईई (मुख्‍य) में शामिल होंगे। जेईई (मुख्‍य) एक ऐसी परीक्षा भी है जिसके जरिए जेईई (उच्‍चतर), की पात्रता भी मिलेगी, जो आईआईटी द्वारा प्रस्‍तावित स्‍नातक पूर्व कार्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्‍छुक प्रत्‍याशी को देने होते हैं। वर्ष 2010 के बाद से, केन्द्र सरकार के अनुमोदन के साथ भारतीय चिकित्‍सा परिषद स्‍नातक चिकित्‍सा शिक्षा 1997 के विनियमों में संशोधन किया गया और एमबीबीएस में दाखिले के लिए एक एकल योग्यता एवं प्रवेश परीक्षा, अर्थात्, राष्‍ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के लिए प्रावधान किया गया। इसी प्रकार भारतीय दंत चिकित्सा परिषद ने भी बीडीएस पाठ्यक्रम विनियम 2007 में संशोधन किया है और प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में बीडीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए भारत के असाधारण राजपत्र, दिनांक 31 मई, 2012 को अधिसूचित किया गया कि इसे प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में राष्‍ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। प्रबंधन (कैट), फैशन (निफ्ट), होटल प्रबंधन और केटरिंग प्रौद्योगिकी, विधि (सीएलएएटी) आदि स्‍नातक पूर्व और स्‍नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश छात्रों के बीच लोकप्रिय हैं।

सबसे पहले, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद-एनसीईआरटी नई दिल्ली की बात। एनसीईआरटी ने अपने विभिन्न स्थानीय केंद्रों पर आयोजित होने वाले अध्यापक शिक्षा कार्यक्रमों-बीएससी बीएड (चार वर्षीय), बीए बीएड (चार वर्षीय), एमएससी एड (छह वर्षीय), बीएड (दो वर्षीय) और एमएड (दो वर्षीय) में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण शुरू किए हैं। एनसीईआरटी की वेबसाइट के माध्यम से उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन देश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 18 जुलाई, 2021 को होगा। प्रवेश परीक्षा के लिए 10 जुलाई से प्रवेश पत्र वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। बीएड और एमएड के लिए प्रवेश परीक्षा का परिणाम 5 अगस्त, 2021 को जारी किया जाएगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जून, 2021 तक है।
वहीं, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए बीएड पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आवेदन मांगे हैं। संस्कृत से स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पास करने वाले उम्मीदवार बीएड संस्कृत में दाखिले के योग्य हैं। उम्मीदवार के स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री में 50 फीसद से अधिक अंक होने चाहिए। आवेदन फॉर्म विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इस आवेदन फॉर्म को भरकर अंतिम तिथि तक पंजीकृत या स्पीड पोस्ट के माध्यम से विश्वविद्यालय भेजना होगा। आवेदन शुल्क का भुगतान मांग पत्र के माध्मय से किया जाएगा जो वित्त नियंत्रक, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के नाम होना चाहिए। प्रवेश परीक्षा और काउंसिलिंग के आधार पर आवेदकों को बीएड पाठ्यक्रम में दाखिला दिया जाएगा। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून, 2021 है।
इसी तरह गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय ने एमबीए पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। विश्वविद्यालय में एमबीए जनरल, एमबीए फायनानसियल अनालिसिस, एमबीए फायनानसियल मैनेजमेंट और एमबीए इंटरनेशन बिजनेस पाठ्यक्रम उपलब्ध है। कैट-2020 में योग्यता हासिल करने वाले उम्मीदवार इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार आइपीयू की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि 15 जून, 2021 है।
जबकि, जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने शैक्षणिक सत्र 2021-2022 के लिए ई-विवरणिका जारी की है। विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, बीटेक, बीआर्क, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा और स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के बारे में जानकारी की विवरणिका विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आनलाइन आवेदन जमा करने के समय रह गई किसी भी त्रुटि को एक जुलाई से पांच जुलाई, 2021 तक संपादित किया जा सकेगा, प्रवेश पत्र 15 जुलाई, 2021 से जारी किए जाएंगे। 134 पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा 26 जुलाई से 28 अगस्त तक होंगी और योग्यता परीक्षा परिणाम प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 होगी। भाषा पाठ्यक्रमों में अंशकालिक, प्रमाणपत्र, डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा की प्रवेश परीक्षा के संबंध में सूचना बाद में अलग से जारी की जाएगी। उल्लिखित तिथियां प्रचलित महामारी की स्थिति में परिवर्तन के अधीन हैं। तिथि में परिवर्तन से संबंधित कोई भी अद्यतन विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। जामिया में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवारों को समय-समय पर विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना आवश्यक है। प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जून, 2021 है।
वहीं, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने एमटेक पाठ्यकमों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू की है। विश्वविद्यालय के 11 विभागों में 20 एमटेक पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं। अधिकतर पाठ्यक्रमों में 25-25 सीटें उपलब्ध हैं। विश्वविद्यालय में एमटेक की कुल 502 सीटें हैं। पहले दौर के दाखिलों के लिए 28 जून को योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। बायोटेक्नोलॉजी विभाग के औद्योगिकी बायोटेक्नोलॉजी के एमटेक-आइबी कार्यक्रम के लिए सभी विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी। प्रवेश परीक्षा कैसे होगी इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी। इस हेतु आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 जून, 2021 है।

उधर, बताया गया है कि बोर्ड परीक्षा रद्द करने के फैसले का बहुत अधिक असर जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा क्योंकि तीनों विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय और आम्बेडकर विश्वविद्यालय अंक आधारित प्रवेश प्रक्रिया के लिए सीबीएसई के मानदंडों का इंजतार कर रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति पीसी जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति और अकादमिक परिषद के साथ स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने को लेकर चर्चा की जाएगी। दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले 98 प्रतिशत विद्यार्थी सीबीएसई के होते हैं। उन्होंने कहा, ‘योग्यता निर्धारित करने के लिए कोई रास्ता होगा। केंद्रीय विश्वविद्यालय समान प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) बेहतर पद्धति हो सकती है क्योंकि यह अखिल भारतीय स्तर पर होती है। डीयू योग्यता से समझौता नहीं करेगा। हम नयी परिस्थिति से तालमेल बिठाएंगे और देखेंगे कि कौन सी पद्धति विकसित की जा सकती है। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि बोर्ड विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने के लिए किस तरह के मानदंड अपनाता है।’ वहीं अंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि इससे विश्वविद्यालय को समय से प्रवेश प्रक्रिया संपन्न करने और अगले शैक्षणिक सत्र को समय पर शुरू करने में मदद मिलेगी। सीबीएसई 12वीं कक्षा के नतीजे उपलब्ध कराएगा। स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया योग्यता आधारित होगी जैसा पिछले शैक्षणिक सत्र तक किया गया है।
जबकि जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने कहा कि सदी में एक बार कोविड-19 महामारी जैसी उत्पन्न स्थिति पर गौर करने के पश्चात 12वीं कक्षा की परीक्षा को लेकर लिया गया फैसला ‘व्यवहारिक और तार्किक’ है। विद्यार्थियों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। जेएमआई के मीडिया समन्वयक और जनसंपर्क अधिकारी अहमद अजीम ने कहा कि प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश होगा। वहीं इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के कुलपति महेश वर्मा ने कहा कि बोर्ड परीक्षा को रद्द करने का असर प्रवेश प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यहां प्रवेश ऑनलाइन समान प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के आधार पर दिया जाता है। (डॉ.नवीन जोशी)

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डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 मई 2021। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत जनपद मे कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत स्वास्थ सेवा क्षेत्र में स्वास्थ सेवा पेशेवरों की उपलब्धता बनाये रखने के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार एवं परियोजना निदेशक उत्तराखंड कौशल विकास मिशन द्वारा जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, होम हेल्थ सहयोगी, मेडिकल उपकरण टैक्नोलॉजी असिस्टेंट, इमरजैन्सी मेडिकल टैक्नीशियन बेसिक, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट एडवांस (क्रिटिकल केयर) तथा प्लेबोटोमिस्ट मे शार्ट टर्म प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण नये अभ्यर्थियों हेतु 21 दिन का तथा पूर्व में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अथवा चिकित्सा क्षेत्र में कोई अन्य प्रशिक्षण ले चुके अभ्यर्थियों के लिए 7 दिन का होगा। जानकारी देते हुये जिला सेवायोजन अधिकारी प्रियंका गड़िया ने बताया है कि स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त मांग के अनुसार ट्रेनिंग कोर्स का संचालन प्रधानमंत्री कौशल विकास अथवा प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों द्वारा किया जायेगा। उन्होने बताया कि प्रशिक्षण के पश्चात तीन माह जनपद के राजकीय पीएचसी, सीएचसी व अन्य चिकित्सालयो मे कार्य के दौरान प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए आगामी 03 जून तक लिंक http://tinyurl.com/covidskillingntl  पर पंजीकरण करा सकते है तथा अधिक जानकारी के सेवायोजन कार्यालय नैनीताल दूरभाष 05942-236087 अथवा ईमेल emp9821@rediffmail.com पर सम्पर्क कर सकते है।

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-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पीएलवी पद के लिए आवेदन आमंत्रित
नवीन समाचार, नैनीताल, 24 मार्च 2021। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधीन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा पैरा लीगल वॉलंटियर-पीएलवी यानी पराविधिक स्वयं सेवी के रूप में कार्य करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। जानकारी देते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव इमरान मौहम्मद खान ने बताया कि पीएलवी बनने के इच्छुक व्यक्ति निर्धारित प्रारूप में 22 अप्रैल की शाम पांच बजे तक आवेदन पत्र भरकर जाति प्रमाण पत्र व शैशिक योग्यता प्रमाण पत्र आदि की स्व-प्रमाणित प्रतियां जमा करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पीएलवी हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि आवेदकों को पूर्ण भरे आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य है। आवेदन पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दीवानी न्यायालय परिसर स्थित नैनीताल के पते पर डाक द्वारा या स्वयं आकर भी जमा कर सकते हैं।

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नवीन समाचार, देहरादून, 22 मार्च 2021। उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड यानी उपनल से अब केवल उत्तराखंड प्रदेश के मूल निवासियों को ही नौकरी दी जाएगी। इसकी जानकारी सोमवार को प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दी। कैबिनेट मंत्री के मुताबिक पूरे मामले में एक कमेटी गठित की गई है, जो 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि पिछले दिनों हड़ताल में शामिल रहे किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा।
ऋषिकेश के इंद्रमणि बडोनी चौक पर एक होटल में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि सिडकुल की स्थापना एनडी तिवारी सरकार में की गई थी, इसमें 70 फीसदी नियुक्तियां उत्तराखंड वासियों को दिए जाने का प्रावधान किया गया था। ऐसे में सरकार की भी यही प्राथमिकता होगी कि इसका सख्ती के साथ पालन किया जाए। वहीं पुरकुल गांव में सैन्य धाम के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री गणेश जोशी बताया कि हमारी ओर से देश के सभी प्रमुख सैन्य धामों के बारे में जानकारी जुटाकर अध्ययन किया जा रहा है। प्रदेश के वीर शहीदों के घर के आंगन की मिट्टी लाई जाएगी। इसके अलावा प्रथम विश्वयुद्ध से लेकर अब तक शहीद हुए सभी शूरवीरों की गाथा और उनकी पूरा जानकारी यहां उपलब्ध होगी। सैन्य धाम में थिएटर और म्यूजियम भी होगा, जिसके जरिए देश-प्रदेश के लोग हमारे देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों के शौर्य के बारे में जान पाएंगे।

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नवीन समाचार, देहरादून, 01 जनवरी 2020। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) अगले तीन महीनों में ढाई हजार पदों पर नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी करेगा। साथ ही आयोग ने अगले दो साल में सात हजार पदों पर नियुक्ति करने का इरादा जाहिर किया है। आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने नववर्ष के अवसर पर बेरोजगारों के नाम जारी संदेश में कहा है कि आयोग अगले दो साल में सात हजार नए सरकारी कर्मचारी देने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में मार्च तक ढाई हजार पदों के लिए विज्ञापन प्रक्रिया शुरू होगी।
उन्होंने बताया कि आयोग की स्थापना के बाद 2014 से 2016 तक आयोग ने केवल छह परीक्षाएं आयोजित की थी। लेकिन 2016 से अब तक आयोग छह हजार पदों के लिए 59 परीक्षाएं आयोजित करवा चुका है। इस साल कोविड के कारण काम काज प्रभावित रहने के बावजूद पहले से विज्ञापित 4589 पदों में से 942 की परीक्षा कराई जा चुकी है। जबकि अगले तीन महीनों में 2500 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 2021 में ऑफलाइन, ऑनलाइन माध्यम से करीब 20 परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। राजू ने कहा है कि पहाड़ों में ऑनलाइन परीक्षा के लिए सेंटर नहीं मिल पा रहे हैं, यदि किसी की जानकारी में 100 कम्प्यूटर सुविधा वाला सेंटर उपलब्ध हो तो, उक्त जानकारी आयोग तक पहुंचाई जा सकती है। आयोग इसे परीक्षा केंद्र बना सकता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में कुछ ही अभ्यर्थी हर परीक्षा में सफल हो जाते थे। इस कारण करीब बीस प्रतिशत पद रिक्त रह जाते थे। अपने संदेश में श्री राजू ने यह भी कहा कि उन्होंने भर्तियों में राजनीतिक नेताओं का ‘कोटा‘ होने की टिप्पणी सुनी थी। लेकिन गत चार साल में उन्हें एक भी नेता ने नियुक्ति की सिफारिश नहीं की।
प्रस्तावित परीक्षाएं
आबकारी, प्रवर्तन सिपाही – 10 जनवरी
कनिष्ठ अभियंता – 10 जनवरी
लेखा लिपिक – 21 मार्च (ऑनलाइन)
वैयक्तिक सहायक – 21 मार्च (ऑनलाइन)
सहायक अध्यापक – 21 अप्रैल
कनिष्ठ सहायक – 21 मई
स्नातक स्तरीय पद – 21 मई (ऑनलाइन)
वन दरोगा – 21 जून (ऑनलाइन)

प्रस्तावित विज्ञापन और पद:
प्रयोगशाला सहायक -308
राजस्व उप निरीक्षक – 463
लेखाकार – 524
बंदी रक्षक – 227
सचिवालय सुरक्षाकर्मी – 33
मानचित्रकार – 105
वाहन चालक – 128
अन्य पद – 826

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नवीन समाचार, देहरादून, 13 दिसम्बर 2020। उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद ने चिकित्सा विभाग के स्टाफ नर्स की 1238 पदों में भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी कर हुए आवेदन आमंत्रित किए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार 9,300-34,800 ग्रेड पे 4,600 के वेतनमान पर स्टाफ नर्स यानी उपचारिका पद की कुल रिक्तियों की संख्या 1238 है जिसमें महिलाओं के लिए सामान्य की 565, अनुसूचित जाति की 170 अनुसूचित जनजाति की 30 अन्य पिछड़ा वर्ग की 119 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 106 सहित कुल 990 तथा पुरुषों के लिए सामान्य में 144 पद अनुसूचित जाति में 42 पद अनुसूचित जनजाति में 7 पद अन्य पिछड़ा वर्ग में 29 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में 26 सहित कुल 248 पद भरे जाने हैं।
इन पदों के लिए 14 दिसंबर सोमवार से 11 जनवरी 2021 तक ऑनलाइन शुल्क जमा करके आवेदन पत्र भरे जा सकेंगे। 12 जनवरी तक ऑनलाइन भरे हुए आवेदन पत्र को आप प्रिंट आउट प्राप्त किए जा सकेंगे। 25 जनवरी को ऑनलाइन स्कूटनी के बाद रिजेक्ट किए गए आवेदन पत्रों की सूची अपलोड की जाएगी। इसके अलावा 30 जनवरी को रिजेक्ट किए गए आवेदन कर्ताओं द्वारा संबंधित प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तारीख दी जाएगी। 20 फरवरी को लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र ऑनलाइन जारी किए जाएंगे तथा 7 मार्च को स्टाफ नर्स भर्ती की लिखित परीक्षा होगी। आवेदन करने के लिए इस लिंक को तथा स्टाफ नर्स पद पर भर्ती की पूरी विज्ञप्ति पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, देहरादून, 11 दिसम्बर 2020। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) जल्द ही 2500 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने जा रहा है। खास बात यह है कि यह परीक्षाऐं कम्प्यूटर पर ऑनलाइन आयोजित की जायेंगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में गुरुवार को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के ऑनलाइन परीक्षाओं (CBT-कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) के प्रशिक्षण के लिए वीडियो /मॉक टेस्ट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आयोग से ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों को विभिन्न माध्यमों से प्रशिक्षण देने को कहा। मुख्यमंत्री रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकासखंड, तहसील एवं जनपद स्तर पर वर्चुअल एवं अन्य माध्यमों से प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑनलाइन परीक्षा होने से पूर्व अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा से संबंधित सभी नियमों की जानकारी हो।अभ्यर्थियों/छात्रों के फीडबैक भी अवश्य लिए जाएं।

वीडियो में देखें और सीबीटी परीक्षा से संबंधित महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश :

परीक्षा से संबंधित पूरी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
वहीं, आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने जानकारी दी कि साढ़े तीन साल में 5700 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। पिछले चयन वर्ष में लगभग 5000 नए पदों पर चयन के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किए गए। 2500 पदों पर विज्ञापन जारी किए जाने हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षाएं (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) आयोग पहली बार कराने जा रहा है। 19 दिसम्बर 2020 से तीन ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। प्रशिक्षण का मॉड्यूल तैयार किया गया है। मॉड्यूल में ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए आयोग के दिशा-निर्देश, परीक्षा पूर्व, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को ध्यान में रखने की मुख्य बातों को दर्शाने वाला वीडियो एवं 30 प्रश्नों का मॉक टेस्ट जो वास्तविक परीक्षा देने के समान होगा। उन्होंने कहा कि शुचिता एवं पारदर्शिता की दृष्टि से ऑनलाइन परीक्षाएं उचित विकल्प हैं। कंप्यूटर स्क्रीन पर एक बार में एक प्रश्न प्रदर्शित होगा। प्रत्येक अभ्यर्थी का अलग प्रश्न पत्र होगा। सारी परीक्षा व सभी अभ्यर्थी सीसीटीवी की निगरानी में होंगे। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को पूर्व की भांति उनके प्रश्नपत्र एवं उत्तर उपलब्ध कराए जाएंगे। अभ्यर्थियों को प्रश्नों पर चुनौती का अवसर भी दिया जाएगा।

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-2011 से पहले स्नातक में 50 फीसद अंकों के बाद बीएड करने वालों को शिक्षक भर्ती में छूट
नवीन समाचार, नैनीताल, 02 दिसम्बर 2020। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ ने 2011 से पहले के स्नातक में 50 फीसद अंकों के साथ पास बीएड डिग्रीधारी को बड़ी राहत देते हुए उन्हें भी हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से सहायक अध्यापक प्रारंभिक शिक्षा के करीब दो हजार पदों पर आवेदन करने के योग्य करार देते हुए सरकार को इस संबंध में विज्ञापन जारी करने को कहा है। पीठ ने अपने आदेश में शिक्षा विभाग से अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित करने को कहा है, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों तक इस आदेश की जानकारी पहुंच सके।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने गत 20 नवंबर को सहायक अध्यापक के करीब दो हजार पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की है। इन पदों के लिए एनसीटीई की गाइडलाइंस के अनुसार स्नातक में 50 फीसद अंकों के साथ बीएड डिग्रीधारी ही आवेदन कर सकते हैं। लेकिन बागेश्वर निवासी पूनम पंत, अर्जुन सिंह व भुवन चंद्र सहित 50 अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बीएड में 50 फीसद अंकों की बाध्यता के नियम को चुनौती देते हुए कहा कि एनसीटीई द्वारा यह नियम 2019 में लागू किया गया जबकि सरकार ने 2011 से पहले स्नातक में 50 फीसद से कम अंकों से उत्तीर्ण होने के बाद बीएड डिग्री प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को भी आवेदन से आयोग्य करार दे दिया, जो नियम विरुद्ध है।

यह भी पढ़ें : आयोग से समूह ग के लिए निकलीं बंपर भर्तियां

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 नवम्बर 2020। उत्तराखंड में युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के दरवाजे खुल गए हैं। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक समाज कल्याण अधिकारी/छात्रावास अधीक्षक, उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग के अंतर्गत सहायक समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी, समीक्षक, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में समीक्षक कम डाटा एंट्री ऑपरेटर, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत सुपरवाइजर, जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत छात्रावास प्रभारी, ग्राम विकास अधिकारी और सहायक प्रबंधक में 854 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अनुसार 10 नवंबर को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी और 24 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। वहीं परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर है। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा मई 2021 में हो सकती है।

यह भी पढ़ें : प्रवक्ता व एलटी के बाद अब प्राथमिक संवर्ग में भी दो हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की तैयारी

नवीन समाचार, देहरादून, 17 अक्टूबर 2020। उत्तराखंड सरकार प्रवक्ता एवं एलटी संवर्ग के शिक्षकों के बाद अब प्राथमिक विद्यालयों के लिए भी करीब दो हजार शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के हवाले से आई खबरों के अनुसार राज्य में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती दो चरण में की जाएगी। पहले चरण में वर्ष 2018 की विज्ञप्ति के तहत 500 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। इसकी अनुमति हाल में हाईकोर्ट ने दी है। जबकि, दूसरे चरण में करीब डेढ़ हजार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। शिक्षा निदेशालय से इन सभी पदों का ब्योरा मांग लिया गया है।

यह भी पढ़ें : करीब आने लगे चुनाव ! खुला पिटारा.. शिक्षा विभाग में बम्पर भर्तियां, पदोन्नतियां भी…

नवीन समाचार, देहरादून, 13 अक्टूबर 2020। लगने लगा है कि उत्तराखंड में चुनाव करीब आने लगे हैं। राज्य के सर्वाधिक नौकरियों वाले शिक्षा विभाग में प्रवक्ताओं के बाद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में एलटी संवर्ग में शिक्षकों के 1431 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन पदों के लिए 19 अक्तूबर से ऑनलाइन आवेदन भरे जाएंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि चार दिसंबर निर्धारित की गई है। आयोग ने अप्रैल 2021 में लिखित परीक्षा प्रस्तावित की है। 

चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि आयोग ने एलटी शिक्षकों के 1431 पदों की विज्ञप्ति जारी कर दी है। इन पदों के आवेदन वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) से नहीं भरे जाएंगे। इसके लिए नए आवेदन फार्म पर उम्मीदवारों को आवेदन करना होगा। जिसमें फोटो, हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान अपलोड करना होगा। एलटी शिक्षकों के पदों के लिए आयु सीमा 21 से 42 वर्ष है। शैक्षिक योग्यता विषय वार पदों के आधार स्नातक, बीएड, टीईटी रखी गई है। संगीत व कला पद के लिए टीईटी की अनिवार्यता नहीं रहेगी। आयोग के अनुसार इस बार आवेदन फार्म में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के हिसाब से पद का विकल्प नहीं दिया गया है। लिखित परीक्षा के बाद मेरिट के आधार पर नियुक्ति स्थान का विकल्प दिया जाएगा।

प्रवक्ताओं की तैनाती को अगले सप्ताह होगी काउंसलिंग
शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता बने 1200 से अधिक शिक्षकों की अगले सप्ताह ऑफलाइन काउंसलिंग से तैनाती होगी। मंगलवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने कहा कि बृहस्पतिवार को इसकी विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 20 मई को सहायक अध्यापकों की पदोन्नति सूची जारी की गई थी। इस दौरान कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इन शिक्षकों की काउंसलिंग नहीं हो सकी थी। मंगलवार को इस मसले पर शिक्षा मंत्री ने शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम एवं शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के साथ बैठक कर अधिकारियों को शीघ्र काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने कहा कि शिक्षकों की काउसंलिंग के लिए विभाग तैयारी कर रहा है। पहले ऑनलाइन काउंसलिंग करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब निर्णय लिया गया है काउंसलिंग ऑफलाइन होगी। पदोन्नति पाने वाले शिक्षकों को इसके लिए देहरादून बुलाया जाएगा। शिक्षा निदेशक ने कहा कि ऑनलाइन काउंसलिंग में कनेक्टिविटी की दिक्कत आ सकती है। जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 09 अक्टूबर 2020। लॉक डाउन के अनलॉक 5.0 के साथ चरणबद्ध तरीके से समाप्त होने के साथ राज्य में नई नौकरियों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ होने लगी है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने राज्य में उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा-प्रवक्ता संवर्ग समूह ग सेवा के सामान्य शाखा के 544 और महिला शाखा के 27 यानी कुल 571 पदों के लिए लिए आवेदन प्रकाशित कर दिया है। इस हेतु सोमवार 12 अक्टूबर को विज्ञापन प्रकाशित होने जा रहा है, जिसके तहत इन पदों के लिए आगामी एक नवंबर की मध्य रात्रि ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करके 16 नवंबर की शाम छह बजे तक आवेदन किये जा सकेंगे। सामान्य शाखा में हिंदी में 84, अंग्रेजी में 74, संस्कृत में 21, भौतिक शास्त्र में 64, रसायन शास्त्र में 57, गणित में 30, जीव विज्ञान में 49, नागरिक शास्त्र में 43, अर्थशास्त्र में 78, इतिहास में 10, भूगोल में 22, समाजशास्त्र में 9 तथा कला, मनोविज्ञान व कृषि विषयों में एक-एक पद शामिल हैं। विस्तृत जानकारी इन लिंक पर प्राप्त की जा सकती है : Vigyapan,  आवेदन पत्र के साथ जमा किये जाने वाले प्रमाण पत्रों के ऑनलाइन आवेदन पत्र के स्वहस्ताक्षरित प्रिंटआउट के साथ वर्ग और विषयवार अलग-अलग अनिवार्य शैक्षिक अर्हता और अन्य अभिलेख जमा कराने की अंतिम तिथि 16 नवंबर 2020 रखी गई है। इनके अलावा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अलग-अलग सरकारी विभागों में छह पदों पर 1870 युवक-युवतियों की भर्ती के लिए अक्टूबर से दिसंबर तक लिखित परीक्षाएं आयोजित करने जा रहा है।

 

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हजारों पदों पर शुरू होने जा रही है भर्ती प्रक्रिया

नवीन समाचार, श्रीनगर, 19 सितंबर 2020। लंबे समय से नये पदों पर भर्ती के इंतजार में बैठे उत्तराखंड के युवाओं के लिए खुशखबरी है। जल्द ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से उत्तराखंड में समूह ग के पदों पर बड़े पैमाने पर भर्ती शुरू होने वाली है। आगामी दो माह के भीतर चार हजार से ज्यादा खाली पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चयन वर्ष 2019-20 से लेकर अब तक डेढ़ साल में आयोग को 7200 पदों के प्रस्ताव मिले हैं। इसमें ढाई हजार पदों की विज्ञप्ति जारी कर आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बेरोजगारों के साथ ही रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष के मौके पर आई राज्य सरकार की अनुमति के बाद अनलॉक-4 में भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की कवायद शुरू कर दी है। अक्टूबर और नवंबर माह में आठ भर्ती परीक्षाएं कराने के लिए आयोग तैयारियों में जुट गया है। वहीं आगामी दो माह में चार हजार से अधिक पदों की आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन पदों पर भर्तियां शुरू होने जा रही हैं, उनमें एलटी शिक्षकों के 1400 पद, स्नातक स्तर के 800, सहायक लेखाकार के 500 पद समेत अन्य विभागों के खाली पद शामिल हैं। जल्द ही इन पदों पर बेरोजगार युवाओं को आवेदन करने का मौका मिलेगा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2020। उत्तराखंड में 2016 के बाद पीसीएस परीक्षा नहीं कराने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य लोक सेवा आयोग से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। 

देहरादून निवासी राज्य आंदोलनकारी रवींद्र जुगरान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2002 में सरकार ने तय किया था कि हर साल राज्य लोक सेवा आयोग को अफसरों के पदों की रिक्तियों का अध्याचन भेजा जाएगा लेकिन राज्य बनने के दो दशक बाद अब तक राज्य लोक सेवा आयोग ने सिर्फ छह परीक्षाएं हीं आयोजित कराईं।
याचिका में कहा गया कि राज्य में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के पद रिक्त हैं। एक अफसर पर कई-कई जिम्मेदारियां हैं। इससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार और राज्य लोक सेवा आयोग को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अगस्त 2020। उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के द्वारा एलटी संवर्ग में शिक्षकों भर्ती प्रकिया 4 साल बाद शुरू होने से जहां बीएड व टीईटी उत्तीर्ण छात्रो में हर्ष का माहौल है, वहीं दूसरी ओर बीएड अंतिम सेमेस्टर के छात्र इसे लेकर आशंकित हैं। उनहोंने इस मामले में ऑनलाइन मुहिम चलाकर भर्ती प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल करने की मांग उठाई है। साथ ही उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग को ईमेल एवम संवाद के माध्यम से भी अवगत करवा दिया है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के वर्तमान दौर में बीएड अंतिम सेमेस्टर के छात्रांे की परीक्षाएं लॉक डाउन के कारण नहीं हुई हैं। यदि कोरोना की महामारी न आई होती तो अभी तक उनकी परीक्षाएं होकर परिणाम भी आ गये होते। इस मुहिम में शंकर दयाल जोशी, सुनील पाठक, हरेंद्र, प्रदीप, हेमंत, अमिता, आरती, सीमा, रजनी, मेघा, गंगा, दिव्या, प्रियंका, नेहा व हेम आदि छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

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यह भी पढ़ें : खुशखबरी : उत्तराखंड में 5000 पदों पर शुरू होने जा रही है भर्ती प्रक्रिया, ऐसी होगी आरक्षण की रोस्टर व्यवस्था

नवीन समाचार, देहरादून, 16 फरवरी 2020। उत्तराखंड में सीधी भर्ती की प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर के विवाद के बीच 5000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती शुरू होने जा रही है। विभागों ने भी रिक्त पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास भेजना शुरू कर दिया है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास इस समय विभिन्न विभागों में एलटी शिक्षक, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, जेई के लिए चार हजार से अधिक पदों का अधियाचन भेजा जा चुका है, जबकि लोक सेवा आयोग के पास भी आवास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग सहित कई विभागों से करीब एक हजार पदों का अधिचायन भेजा जा चुका है। इन सभी भर्तियों के लिए विभागों ने सितंबर में जारी नए रोस्टर के अनुसार ही आरक्षण की प्रक्रिया तय की है। बताया गया है कि इन पदों पर मौजूदा रोस्टर के अनुसार भर्ती होगी, जिसमें पहला पद सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित किया गया है। प्रदेश सरकार ने पिछले 2019 के बाद 2020 को भी रोजगार वर्ष के रूप में मनाने की बात कही है। इसके तहत अनेक विभागों में रिक्त पद भरे जाने को बड़े पैमाने पर तैयारी चल रही है। खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत भर्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए कई बैठकें ले चुके हैं।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2000 पदों पर होगी भर्ती

नवीन समाचार, देहरादून, 13 जनवरी 2020। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेशभर में रिक्त चल रहे 2000 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के लिए मार्च तक विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 877 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। 2000 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती जल्द से जल्द की जाएगी। महाविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने के साथ 180 दिन उपस्थिति को सख्ती से लागू कर दिया गया है। अब सभी पीजी कालेजों में बायोमीट्रिक हाजिरी होगी। इसे भी इसी सत्र से आरंभ कर दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार डिग्री कॉलेजों में मोबाइल फोन बैन करने व डिग्री कॉलेजों में जैमर लगाने पर भी विचार कर रही है। हालांकि सरकार का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को डिजिटल इंडिया बनाने के कदम को पीछे ले जाने वाला हो सकता है, जबकि आज के दौर में विद्यार्थियों को पढ़ाई से से संबंधित सहायता के लिये भी मोबाइल व इंटरनेट की जरूरत पड़ती रहती है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 दिसंबर 2019। उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद ने नैनीताल उच्च न्यायालय में समूह घ के पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। अगर आप भी इन पदों की योग्यता रखते हैं तो 04 जनवरी 2020 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पदों का विवरण

कुल पदों की संख्या: 35, ईडब्ल्यूएस: 09 पद, ओबीसी: 16 पद, एससी: 06 पद, एसटी: 06 पद,

यह योग्यता जरूरी

आवेदक का कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा आवेदक की आयु 01 जनवरी 2019 को 18 से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

आवेदन शुल्क

ओबीसी: 600 रुपये

ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी: 400 रुपये

यहां होगी भर्ती की परीक्षा

देहरादून, हल्द्वानी

महत्वपूर्ण तिथियां : 

ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की डेट: 10 दिसंबर 2019

ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट: 04 जनवरी 2020

भर्ती परीक्षा की टेंटेटिव डेट: 02 फरवरी 2020

भर्ती का पूरा नोटिफिकेशन पढ़ने को क्लिक करें।

ऑनलाइन आवेदन के लिए क्लिक करें।

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नवीन समाचार, रामनगर, 15 नवंबर 2019। उत्तराखंड के स्नातक उत्तीर्ण युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट यानी अपने कौशल का विकास करने हेतु सुनहरा मौका है। प्रदेश के युवाओं को आईआईएम बंगलुरु के माध्यम से दो वर्ष का प्रशिक्षण करने पर 50 से 60 हजार रुपये प्रति माह फेलोशिप मिल सकेगी। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें जिला स्तर पर रोजगार और आर्थिकी बढ़ाने के लिए शोध कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। 21 से 30 वर्ष की आयु के युवा 19 नवंबर तक इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जिला स्तर पर कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और आईआईएम बंगलुरु के माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय फेलोशिप योजना शुरू की गई है। इस योजना के लिए उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के किसी भी विषय से स्नातक कर चुके युवा 19 नवंबर तक इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट बंगलुरु की वेबसाइट https://www.iimb.ac.in/mgnf/ पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद युवाओं का प्रशिक्षण के लिए चयन किया जाएगा। चयनित युवा जिले में जिलाधिकारी के अधीन फील्ड स्तर पर रोजगार व आर्थिकी को बढ़ाने और समस्याओं पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। पहले वर्ष में केंद्र की ओर से 50 हजार रुपये प्रति माह और दूसरे वर्ष में 60 हजार रुपये प्रति माह की फेलोशिप दी जाएगी।

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-अंतिम तिथि 15 अक्तूबर से बढ़कर हुई 20 अक्तूबर, अब जिलों का विकल्प भी मिलेगा
नवीन समाचार, देहरादून, 16 अक्तूबर 2019। यूकेएसएसएससी यानी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रस्तावित समूह ग की परीक्षा के लिए अब आवेदक 20 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं। आयोग के सचिव संतोष बड़ोनी की ओर से बुधवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार समूह ग के कुल 329 पदों के लिए 15 अक्तूबर को समाप्त हुई आवेदन की तिथि को आवेदकों के अनुरोध पर 20 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। क्योंकि आयोग की वेबसाइट अच्छी तरह से नहीं चल रही थी। वहीं उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेशों पर मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को जिलों का विकल्प देने की नई सुविधा भी दे दी गई है। पहले अभ्यर्थी केवल एक ही विकल्प भर सकते थे और यह विकल्प भी अकल्पनीय था। हालांकि विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि अभ्यर्थी आवेदन करने के लिए आखिरी तिथि का इंतजार न करें, क्योंकि आखिरी समय में आयोग की वेबसाइट में फिर समस्या आ सकती है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2019। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने हाईकोर्ट के अधीनस्थ न्यायालयों में समूह ‘ग’ श्रेणी के 329 रिक्त पदों की संशोधित विज्ञप्ति जारी कर आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन पदों के लिए अभ्यर्थी 16 सितंबर से 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र में वरीयता के आधार पर नियुक्ति के लिए जिले का विकल्प भरना होगा।
बताया गया हे कि उच्च न्यायालय के अधीनस्थ दीवानी न्यायालयों में कनिष्ठ सहायक के 268, आशुलिपिक के 30, कुटुंब न्यायालय में कनिष्ठ सहायक के 20, स्टेनोग्राफर ग्रेड-एक व वैयक्तिक सहायक के 11 रिक्त पदों के लिए आज 16 सितंबर से आयोग की वेबसाइट पर आवेदन फार्म उपलब्ध करा दिये गये हैं। 
आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। तभी आवेदन पत्र भरा जा सकेगा। अभ्यर्थी की शैक्षिक योग्यता मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि, हिंदी टाइपिंग 25 शब्द प्रति मिनट, शार्ट हैंड में 80 शब्द प्रति मिनट होनी चाहिए। अभ्यर्थी की आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इन पदों की लिखित परीक्षा नवंबर में प्रस्तावित की है।

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-जाट रेजीमेंट की भर्ती रैली में उत्तराखंड के युवा भी कर सकेंगे प्रतिभाग
नवीन समाचार, नैनीताल, 22 सितंबर 2019। बरेली स्थित जाट रेजिमेटल सेंटर में हेडक्वाटर्स कोटा के तहत सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली युद्ध विधवाओं के पुत्रों, जाट रेजिमेंट के भूतपूर्व एवं सेवारत सैनिकों, युद्ध के दौरान शहीद एवं घायल सैनिकों के पुत्रों तथा सगे भाइयों के लिये आयोजित की जा रही है। सेना की ओर से शनिवार को जारी हुई विज्ञप्ति के अनुसार इस भर्ती रैली में अंय रेजिमेन्टों के भूतपूर्व एवं सेवारत सैनिको, युद्ध के दौरान घायल सैनिकों के भाई, पुत्र तथा कानूनी रूप से गोद लिये हुए बच्चों सहित सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। उत्तराखंड के प्रतिभागियों के लिए सैनिक सामान्य ड्यूटी के पदों के लिए भर्ती रैली 15 अक्टूबर को होगी। अभ्यर्थियों को प्रारम्भिक जॉंच हेतु समस्त वांछित प्रमाण पत्र एवं दस्तावेजों के साथ प्रातः चार बजे भर्ती स्थल के गेट पर पहुंचना होगा। आठ बजे के बाद आने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जायेगी। सैनिक सामान्य ड्यूटी पद हेतु अभ्यर्थी की शैक्षिक योग्यता प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत एवं कुल 45 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। अलबत्ता स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थीयों के लिए 10वीं कक्षा में 45 प्रतिशत अंकों की शर्त नहीं है। अभ्यर्थी की आयु सीमा भर्ती की तिथि तक साढ़े 17 से 21 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी को समस्त वांछित शैक्षिक योग्यता के साथ-साथ शारीरिक एवं चिकित्सकीय मानदंड में आर्हता प्राप्त करनी होगी।

 

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नवीन समाचार, लखनऊ, 20 अगस्त 2019। भारतीय सेना अपनी तरह की पहली सैनिक जनरल ड्यूटी के रूप में महिला सैन्य पुलिस के लिए खुली भर्ती रैली आयोजित करने जा रही है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सभी जिलों के भारतीय सेना में महिला सैन्य पुलिस (सैनिक जनरल ड्यूटी) के नामांकन के लिए यह खुली भर्ती रैली आगामी 12 सितंबर से 20 सितंबर 2019 तक एएमसी सेंटर एवं कॉलेज लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में भर्ती कार्यालय (मुख्यालय) लखनऊ द्वारा आयोजित की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड क्षेत्र के सभी जिलों से 4458 महिला उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। महिलाओं को अन्य रैंकों में शामिल करने के लिए भारतीय सेना के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इन पदों के लिए पात्र महिलाओं की पात्रता मानदंड व योग्यता और परीक्षणों की श्रृंखला के बारे में विस्तृत जानकारी, ूूूण्रवपदपदकपंदंतउलण्दपबण्पद वेबसाइट पर 25 अप्रैल 2019 की अधिसूचना में दी गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे दलालों-धोखाधड़ी करने वाले लोगों से सावधान रहें और शक्तिवर्धक दवाओं के उपयोग से बचें। इस बात पर जोर दिया गया है कि इस तरह की नापाक हरकत में शामिल पाए जाने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी को खत्म कर दिया जाएगा।

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नवीन समाचार, देहरादून, 15 अगस्त 2019। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती करने की घोषणा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इसकी निगरानी के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की जायेगी । 73वें स्वतंत्रता दिवस पर यहां परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रावत ने वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाने का जिक्र करते हुए कहा कि सभी रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा और जो लोग पहले से संविदा पर कार्य कर रहे हैं, उनके लिए अधिमान अंक की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’ शुरू करने जा रही है। इसमें एक वर्ष में 5100 महिलाओं को कियोस्क बनाकर मसूरी, नैनीताल, केदारनाथ, बदरीनाथ आदि प्रमुख स्थलों पर आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक कियोस्क से अगर औसतन चार महिलाओं को रोजगार मिलना माना जाये तो 20 हजार से अधिक महिलाओं को आजीविका का साधन मिलेगा। बुजुर्गों को समाज की अनमोल धरोहर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध व्यक्तियों की देखभाल के लिए जल्द ही कानून लाने पर विचार किया जा रहा है । इस संबंध में उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का अनुभव व बुद्धिमत्ता परिवार, समाज व देश के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन यह देखकर बड़ा दुख होता है कि समाज में नैतिक व सामाजिक मूल्यों की गिरावट के कारण बहुत से लोग अपने बुजुर्गों की उपेक्षा करते हैं । मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ‘मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना’ के तहत टॉपर 25 बच्चों को सभी पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिशत शुल्क की छात्रवृत्ति देने की भी घोषणा की तथा कहा कि ‘देश को जानो योजना’ के तहत उत्तराखंड बोर्ड से पढने वाले कक्षा 10 के शीर्ष 25 छात्रों को भारत भ्रमण कराया जाएगा जिसमें एक भ्रमण हवाई जहाज से भी होगा । रावत ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा आश्रम पद्धति के विद्यार्थियों के भोजन भत्ते को 3000 रूपए प्रति माह से बढाकर 4500 रूपए प्रति माह करने का भी ऐलान किया । राज्य में सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही वेलनेस, योग, आयुर्वेद व पर्यटन पर आधारित एक सम्मेलन का आयोजन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के समस्त विद्यालयों में फर्नीचर, जल आपूर्ति, शौचालय, कंप्यूटर, पुस्तकालय और लैब की व्यवस्था को भी चरणबद्ध तरीके से 2022 तक पूर्ण करने का वादा किया । उन्होंने कहा कि 2020 तक प्रदेश की समस्त सहकारी समितियों को भी कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा जम्मू—कश्मीर से धारा 370 के प्रावधान हटाने और वहां विकास के एक नये युग का आगाज होने से आज देश भर में स्वतंत्रता दिवस का उल्लास दोगुना हो गया है । मुख्यमंत्री ने धारा 370 पर ऐतिहासिक कदम उठाने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए कहा कि यह संवैधानिक प्रावधान जम्मू—कश्मीर की जनता के विकास के रास्ते में एक रोडा था और इसके हटने से वहां के निवासियों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलेगा । तीन तलाक के शोषण से मुस्लिम महिलाओं को आजादी मिलने जैसे केंद्र सरकार द्वारा उठाये कदमों का जिक्र करते हुए रावत ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह बहुत बङा कदम है। रावत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्मयुद्ध में जनता का सहयोग मांगते हुए कहा कि देवभूमि को भ्रष्टाचार से आजाद करने के लिए जल्द ही एक और कठोर कानून लाने पर विचार किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड ‘उत्कर्ष’, सीएम हेल्पलाईन 1905 और सेवा का अधिकार से कार्य संस्कृति में सुधार लाया जा रहा है जिसमें काफी कामयाबी भी मिली है।

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-केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एवं राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) की वार्षिक श्रम बल की रिपोर्ट के आंकड़ों में बयां हो रही है कहानी
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2019। उत्तराखंड पिछले तीन वर्षों में बेरोजगारों को नया रोजगार देने में फिसड्डी साबित हुआ है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के आंकड़े बता रहे हैं कि अगस्त 2016 से लेकर मार्च 2019 तक, जिसमें अधिकांश समय त्रिवेंद्र रावत सरकार राज्य में काबिज रही है, उत्तराखंड में केवल दो फीसद बेरोजगारों को ही नया रोजगार मिला है।
साथ ही राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) की वार्षिक श्रम बल रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड देश के उन 11 राज्यों में शुमार है, जहां बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। प्रदेश में करीब 9.36 लाख पंजीकृत बेरोजगार हैं, जबकि सृजित सरकारी पदों की संख्या 2.17 लाख है, जिनमें 1.73 लाख लोग काम कर रहे हैं। बाकी काम अनुबंध पर हो रहा है। प्रदेश सरकार की हालिया मानव विकास रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 29 साल के युवाओं के बेरोजगारी के आंकड़े देखें तो 2004-05 में युवाओं में बेरोजगारी दर 6 फीसद तो पढ़े-लिखे युवाओं में 9.8 फीसद थी। 2011-12 में यह बढ़कर युवाओं के लिए 10.2 व पढ़े लिखे युवाओं के लिए 17.2 प्रतिशत हो गई। जबकि 2017 के आंकड़ों के मुताबिक बेरोजगारी अब बढ़कर युवाओं के लिए 13.2 व पढ़े लिखे युवाओं के लिए 17.4 प्रतिशत हो गई है।
वहीं, प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत अगस्त 2016 से लेकर मार्च 2019 तक देशभर में एक करोड़ 18 लाख पांच हजार तीन कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। इनमें से 57 फीसद कर्मचारी पांच राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात और हरियाणा के हैं। इनमें महाराष्ट्र के कुल श्रम बल के 18 फीसद, तमिलनाडु के 12, कर्नाटक के 10, गुजरात के नौ, हरियाणा व आंध्र प्रदेश के आठ-आठ फीसद, उत्तर प्रदेश के 7, दिल्ली के 6, राजस्थान के 4, पश्चिमी बंगाल और मध्य प्रदेश के 3-3 प्रतिशत कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। जबकि उत्तराखंड, केरल, पंजाब के केवल 2-2 फीसद तो उड़ीसा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड व गोवा के केवल एक-एक फीसद नए कर्मचारी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। इस अवधि में जिन नए कर्मचारियों को नौकरियां मिली हैं, उनमें से 40 फीसद विशेषज्ञ सेवाओं में से हैं जबकि दो फीसद वित्तीय संस्थानों से जुड़े हैं। व्यापार, वाणिज्य, वस्त्र, भवन निर्माण आदि के क्षेत्र में सात-सात फीसद नौकरी के अवसर खुले। वस्त्र निर्माण व इंजीनियरिंग सेक्टर में कुल पांच फीसद नए कर्मचारी जुड़े। वैसे दिलचस्प बात यह है कि लोकसभा चुनाव से पहले 2018-19 में इस योजना के तहत देशभर में 87 लाख 46 हजार 888 कर्मचारी लाभान्वित हुए। यानी इस योजना के तहत लाभ पाने वाले कुल कर्मियों का 74 प्रतिशत या फिर यूं कहे कि चुनाव से पहले हर महीने सात लाख कर्मचारियों की दर से कर्मचारियों को योजना का लाभ मिला। मगर चुनाव बाद इसकी गति में कमी आ गई। (इनपुट अरविंद शेखर, राष्ट्रीय सहारा, देहरादून)

 

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पीसीएस में चयनित जितेंद्र वर्मा।

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जुलाई 2019। जनपद के निकटवर्ती ज्योलीकोट के ग्राम भल्यूटी निवासी जितेंद्र वर्मा ने पीसीएस परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इससे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। क्षेत्र के ग्राम प्रधान रहे स्वर्गीय किशोरी लाल वर्मा के पौत्र एवं कैलाश चंद्र वर्मा व हेमा वर्मा के 29 वर्षीय पुत्र जितेंद्र वर्तमान में जिला पंचायत अल्मोड़ा में कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, तथा पूर्व में सेवा कर के ऑडिट विभाग में इंस्पेक्टर, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में प्रशासनिक अधिकारी एवं सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद भी कार्य कर चुके हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा निकटवर्ती डॉन बॉस्को स्कूल से हुई है, जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2011 में डीआईटी देहरादून से सूचना प्रौद्योगिकी में इंजीनियरिंग भी की है। जितेंद्र अभी भी आईएएस परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं।

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नवीन समाचार, हरिद्वार, 5 जुलाई 2019। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की 2016 की पीसीएस परीक्षा का अंतिम परिणाम शुक्रवार शाम को जारी कर दिया गया है। जिसमें नैनीताल के ओखलकांडा निवासी देहरादून के जिला पंचायत अधिकारी हिमांशु कफल्टिया सहित पांच अभ्यर्थी डिप्टी कलक्टर बने हैं। वहीँ पुलिस उपाधीक्षक में अंकित कंडारी सहित 17 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए है।हालांकि आवास विकास विभाग के सहायक नगर नियोजक, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग फीचर लेखक एवं संपादक, जिला सूचना अधिकारी के रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल सके हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट 27 मार्च को जारी कर दिया गया था। जबकि साक्षात्कार 28 मई से 31 मई के बीच आयोजित कराए गए। आयोग के सचिव राजेंद्र कुमार की ओर से शुक्रवार की शाम को पीसीएस परीक्षा का अंतिम परिणाम वेबसाइट https://ukpsc.gov.in/ पर अपलोड कर दिया गया है। उत्तराखंड पीसीएस रिजल्ट में जिला पंचायत का दबदबा देखने को मिला है। प्रथम और तृतीय स्थान पर जिला पंचायत के दो अधिकारी एवं द्वितीय स्थान पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चंपावत के पुत्र चयनित हुए हैं। वहीं बागेश्वर की कुमकुम जोशी व निर्मल जोशी का भी उत्तराखंड पीसीएस में चयन हुआ है। इससे बागेश्वर में भी हर्ष का माहौल है।

कड़ी मेहनत ने दिलाया हिमांशु को मुकाम

पीसीएस टॉपर हिमांशु ने बैंक क्लर्क से लेकर डिप्टी कलक्टर तक किया सफरतीन माह के बेटे के पिता हिमांशु कफल्टिया मूल रूप से नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के तुषराड़ गांव के रहने वाले हैं। एक बैंक क्लर्क से लेकर डिप्टी कलक्टर तक का उनका सफर संघर्षो से भरा रहा है। इस बीच कई असफलताओं का मुंह भी उन्हें देखना पड़ा। पर उनके कदम डगमगाए नहीं। वे पहले भी पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, और तीन बार सिविल सेवा के लिए साक्षात्कार दे चुके हैं। वर्तमान में जिला पंचायत के कार्याधिकारी के पद पर कार्यरत रहते हुए उत्तरकाशी व टिहरी में अपनी सेवा दे चुके हिमांशु पूर्व में छत्तीसगढ़ में दो साल भारतीय जीवन बीमा निगम में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तथा दिल्ली में एक वर्ष विजया बैंक में लिपिक के पद पर कार्य कर चुके हैं। गुप्तचर विभाग व भारतीय स्टेट बैंक में भी उनका चयन हो गया था, पर उन्होंने यह नौकरियां नहीं कीं। उनकी पत्नी गुंजन शर्मा 2016-बैच की आइआरएस हैं तथा अभी देहरादून में सहायक आयुक्त आयकर के पद पर कार्यरत हैं जबकि उनके भाई रमाशंकर सीए हैं तथा पेट्रोलियम मंत्रालय में विधिक सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं। जबकि उनके पिता घनश्याम कफल्टिया जूनियर हाईस्कूल के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य व मां गीता गृहणी हैं। प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव से ही प्राप्त करने के बाद उन्होंने वर्ष 2006 में कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर से स्नातक की पढ़ाई की।
ये बने डिप्टी कलक्टर : डिप्टी कलक्टर के लिए हिमांशु कफल्टिया, गौरव पांडे, जितेंद्र वर्मा, कुमकुम जोशी व संदीप कुमार। 

 

ये बने पुलिस उपाधीक्षक : पुलिस उपाधीक्षक (गृह विभाग) में अंकित कंडारी, नीरज सेमवाल, सुमित पांडे, नितिन लोहानी, अभिनव चौधरी, प्रवेज अली, विभा दीक्षित, अस्मिता ममगांई, रीना, ओशीन जोशी, विमल रावत, हर्ष वर्धिनी सुमन, वैभव सैनी, नताशा सिंह, विवेक सिंह कोटियाल, प्रशांत कुमार, निहारिका सेमवाल का चयन हुआ है। 

ये बने जिला जिला कमांडेंट होमगार्ड
जिला कमांडेंट होमगार्ड (गृह विभाग) में निर्मल जोशी, नितिन काकेरवाल चयनित हुए।

ये बने अधीक्षक कारागार : अधीक्षक कारागार (गृह विभाग) में अनुराग मलिक व सुमित त्रिपाठी।

ये बने सहायक आयुक्त : सहायक आयुक्त (वित्त विभाग) में अमित कुमार, शिवांग सेठ, अभिषेक सिंह हयांकी व अविनाश दीपक।

ये बने वित्त अधिकारी : वित्त अधिकारी (वित्त विभाग) में प्रणव कुमार, प्रशांत कुमार, हेम कांडपाल, स्मिता लोशाली, मनीष कुमार श्रीवास्वत, ऐकता पंजवाणी, अजय कुमार, दीपिका चौहान, आशीष कुमार खुडलानी व विदूषी भट्ट।

ये बने सहायक नगर आयुक्त : सहायक नगर आयुक्त- सहायक नगर अधिकारी- अधिकारी अधिशासी श्रेणी-1 (शहरी विकास विभाग) में गौरव भसीन, आलोक उनियाल, तनवीर सिंह मारवा, सरताज सिंह मन्हास, आशुतोष सती, अंकिता जोशी, दीपिका गोस्वामी, लीना चंद्रा व विनोद कुमार।

ये बने वाणिज्य कर अधिकारी : वाणिज्य कर अधिकारी (वित्त विभाग) में नितिन कुमार सैन, मनोज कुमार जोशी, ईशा, मुरली मनोहर जोशी व अमित दत्त।

इनके अलावा सहायक निबंधक (सहकारिता विभाग) में मोनिका चुनेरा, जिला बचत अधिकारी (वित्त विभाग) में अर्षित गोंडवाल तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (अल्पसंख्यक कल्याण विभाग) में अंबुजा त्रिवेदी, नितेश सिंह रावत का चयन हुआ है।

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15 हजार के मानदेय पर नियुक्त होंगे 4000 अस्थाई शिक्षक, वाक इन इंटरव्यू के जरिए ब्लाक लेबल पर होगा चयन, प्राथमिक से लेकर प्रवक्ता तक के पद हैं शामिल
नवीन समाचार, देहरादून, 13 जून 2019। राज्य के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े शिक्षकों के 4000 पदों पर जल्द ही अस्थायी रूप से नियुक्ति दी जाएगी। नियुक्तियां जल्द हो सकें, इसके लिए वाक इन इंटरव्यू पण्राली अपनायी जाएगी। अस्थायी रूप से होने वाली इन नियुक्तियों में शिक्षक के लिए जरूरी अर्हता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को ही अवसर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया है कि उक्त नियुक्ति नितांत अस्थायी व्यवस्था के तहत होगी। विकास खंडवार दी जाने वाली ये नौकरियां विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षक-अभिभावक समिति की देखरेख में होंगी। उस क्षेत्र विशेष की रिक्तियों को देखते हुए स्थानीय योग्य युवाओं को ही इसमें अवसर दिया जाएगा। बुधवार को सचिवालय में हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में व्यापक मंथन के बाद यह निर्णय लिया गया। विद्यालयों में रिक्त पड़े प्राइमरी, जूनियर, एलटी और प्रवक्ता के लगभग 4000 पदों पर अस्थायी नियुक्ति दिए जाने का निर्णय बैठक में लिया गया। विभिन्न पदों पर होने वाली इन नियुक्तियों के बदले प्रत्येक शिक्षक को 15000 रुपये मानदेय दिया जाएगा, लेकिन स्थायी नियुक्ति होते ही वह पद स्वत: समाप्त हो जाएगा। नितांत अस्थायी व्यवस्था के तहत भरे जाने वाले इन पदों के लिए ब्लाकवार मेरिट बना कर चयन किया जाएगा। नियुक्ति के लिए मानकों में जरा भी शिथिलता नहीं बरती जाएगी। जिस पद के लिए जो पात्रता चाहिए, उसे पूरा करने वाले बेरोजगार को ही नियुक्ति दी जाएगी। ब्लाक शिक्षा अधिकारियों को इस सम्बंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विकास खंडों के विद्यालयों में रिक्त पदों की सूची तैयार कर उन पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करें। नियुक्ति की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य और शिक्षक-अभिभावक समिति को सौंपी जाएगी। विकासखंड से बाहर के अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए इसकी लगातार मानीटरिंग भी की जाएगी। सरकार ने शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए इससे पहले गेस्ट टीचर के रूप में नियुक्तियां शुरू की थी, लेकिन इस मामले में कोर्ट ने आगे अनुमति नहीं दी। सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने के भीतर स्थायी नियुक्तियां करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। इसके लिए सरकार लोकसेवा आयोग से जल्द प्रक्रिया पूरी होने के इंतजार में है और तब तक शिक्षकों की कमी न रहे, इसके लिए अस्थायी सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2019। लोक सभा चुनाव निपट जाने के बाद उत्तराखंड में जल्द ही सरकारी नौकरियों की बहार आने वाली है। प्रदेश सरकार सभी विभागों में लंबे अरसे से रिक्त पड़े तकरीबन 56 हजार पदों को सीधी भर्ती के जरिये भरने के लिए विशेष अभियान चलाने जा रही है। लेकिन यदि आप इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो इससे पहले सेवायोजन कार्यालय में अपना पंजीकृत अवश्य करा लें। इतना जरूर है कि सरकार ने विभिन्न विभागों से पूछा है कि जो रिक्तियां हैं, उनकी उपयोगिता कितनी है। यानी यदि विभाग किन्ही पदों को गैर जरूरी मानते हैं तो वह पद घट भी सकते हैं
बताया गया है कि इन पदों के सरकार ने कार्मिक विभाग ने सभी सरकारी विभागों से रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है, ताकि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके। गौरतलब है कि राज्य के सेवायोजन कार्यालयों में भी सवा आठ लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं, जो सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं। रिक्त पदों को विभागीय पदोन्नति और सीधी भर्ती के माध्यम से भर्ती से पहले पदों की उपयोगिता का परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए कार्मिक विभाग ने सभी विभागों से रिक्त पदों का रिकॉर्ड मांगा है। इसके बाद विभागों के माध्यम से लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को सीधी भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे। शीघ्र ही कार्मिक विभाग की ओर से सभी विभागों के साथ रिक्त पदों को लेकर बैठक की जाएगी।

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Indian army Job chance for youths after 12th classनवीन समाचार, नई दिल्ली, 28 मई 2019। बड़े बहुमत के साथ वापसी करने वाली नरेंद्र मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे पहले नौकरियों के मोर्चे पर काम करेगी। केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों में खाली पड़े पदों और मौजूदा जरूरतों को देखते हुए रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 75 हजार पद ऐसे हैं, जिन्हें तुरंत भरने की जरूरत महसूस हो रही है। इसके लिए सरकार स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एसएससी) को परीक्षा आयोजित कर इन पदों पर भर्ती शुरू करने को कह सकती है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार बजट में असंगठित क्षेत्र में रोजगार के लिए बड़ी योजना का भी ऐलान कर सकती है। दरअसल, मोदी के पहले कार्यकाल में नौकरियों की कमी एक बड़ी चिंता बनकर सामने आई थी। कांग्रेस ने इसे चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाया था और घोषणापत्र में एक साल में 22 लाख नौकरियां देने का वादा भी किया था।
सूत्र बताते हैं कि आम चुनाव के दौरान ही नीति आयोग ने अगली सरकार के लिए 100 दिनों का जो अजेंडा तैयार किया है, उसमें सबसे ज्यादा तरजीह खाली पदों को भरने और शिक्षा-सुधार करने के निर्देश पर सभी मंत्रालयों और विभागों से 30 जून 2019 तक खाली पड़े सरकारी पदों की विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। ज्यादातर मंत्रालयों से रिपोर्ट मिलने के बाद अब कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) इसकी समीक्षा कर रहा है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 22 मई 2019। सेना में 12वीं के बाद परमानेंट कमीशन के तौर पर अधिकारी बनने का मौका है। इसके लिए टेक्निकल एंट्री स्कीम (टीईएस) की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आठ जून तक 90 पदों पर भर्ती के लिए http://www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।इसके लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में कुल मिलाकर कम से कम 70 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता है। आवेदक की आयु 16.6 वर्ष से 19.6 वर्ष होनी चाहिए। कोर्स के तहत चार वर्ष का प्रशिक्षण हासिल करने के बाद सेना में परमानेंट कमीशन प्राप्त होगा।
इस कोर्स के तहत चयनितों को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया में प्रशिक्षण मिलेगा। पासआउट होने वाले युवाओं को पहली ज्वाइनिंग बतौर लेफ्टिनेंट मिलेगी। इसके बाद अनुभव के आधार पर पदोन्नति होगी। भर्ती के लिए पहले मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद एसएसबी होगा। एसएसबी की तिथि वेबसाइट से देख सकते हैं। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 1 मई 2019। हल्द्वानी महानगर में एक वित्तीय सेवाओं से संबंधित कंपनी में कुछ युवक एवं युवतियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। वेतन एवं अन्य सुविधाएं योग्यतानुसार। इच्छुक अभ्यर्थी इस ह्वाट्सएप ग्रुप पर इस लिंक (https://chat.whatsapp.com/BTAqkinkInq5Ig3BOyyQHJ) से जुड़कर अथवा इस पोस्ट में कंमेंट करके आज ही अपने नाम व मोबाइल फ़ोन नंबर देकर संपर्क करें।

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-सफल अभ्यर्थियों की फाइल विभागों को आगे बढ़ाने के बावजूद दबाये बैठा है यूकेएसएसएससी
नवीन समाचार, नैनीताल, 27 अप्रैल 2019। यूकेएसएसएससी यानी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पर बेहद सुस्त कार्यप्रणाली के आरोप लग रहे हैं। आयोग सात माह पूर्व परीक्षा परिणाम घोषित करने के सात माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी सफल अभ्यर्थियों के अभिलेखों की फाइल को संबंधित विभागों में नियुक्ति के लिए भेजने के बजाय अपने पास दबाये बैठा है। जिससे परीक्षा प्रक्रिया में भीतरखाने किसी तरह का भ्रष्टाचार पनपने की भी संभावना जताई जा रही है। इधर आयोग ने सूचना के अधिकार के तहत सफल अभ्यर्थियों को लोक सभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए 11 अप्रैल यानी उत्तराखंड में लोक सभा चुनाव की तिथि के बाद फाइल विभागों को भेजने की बात कही है किंतु इसके बाद भी आधा माह गुजर जाने के बावजूद फाइल को खिसकाया नहीं है। ऐसे में सफल अभ्यर्थियों में आक्रोश पनप रहा है।
यहां बात आयोग द्वारा गत वर्ष 6 मई 2018 को कराई गयी कनिष्ठ सहायक पदों की परीक्षा की हो रही है। इसके परिणाम 19 सितंबर 2018 को जारी हुए और 11 नवंबर को नलकूप चालक, राजस्व सहया व ग्रेडिंग पर्यवेक्षक आदि पदों के सफल अभ्यर्थियों के प्रपत्रों का सत्यापन भी कर लिया गया। लेकिन अब तक सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना दूर उनकी फाइल संबंधित विभाग को भी नहीं भेजी गयी है। इसके बाद टाइपिंग की अर्हता वाले पदों के परिणाम 10 अक्तूबर को और अभिलेख सत्यापन 17 व 18 जनवरी 2019 को हो चुका है। इनकी नियुक्ति भी तीन माह से लंबित है।

सफल अभ्यर्थियों को नौकरी देने के नाम पर गिना जा रहा, पर नियुक्ति नही दी जा रही

नैनीताल। सफल अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य सरकार जितनी परीक्षाएं करा रही है, उनके पदों को भी सरकार द्वारा रोजगार देने के आंकड़ों में जोड़ कर अपनी उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रही है, लेकिन नियुक्ति देने में सब कुछ ठीक होने के बावजूद बेवजह देरी कर रही है।

बिना नियुक्ति दिये जारी की जा रही है दूसरी-तीसरी वरीयता सूची

नैनीताल। सफल अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि आयोग बिना नियुक्ति दिये ही न जाने कैसे सफल अभ्यर्थियों द्वारा नियुक्ति न लेने के अनुमान लगाकर वेटिंग वाले अभ्यर्थियों की दो वरीयता सूचियां भी निकाल चुका है। जबकि पूर्व में नियुक्तियां देने के बाद नियुक्ति न लेने के कारण शेष बचे पदों के लिए वरीयता सूचियां निकालता था, लेकिन इस परीक्षा में पहले ही वरीयता सूचियां निकाली जा रही हैं।

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-रोडवेज में 365 कंडक्टरों की संविदा पर होगी नियुक्ति
-प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा 2016 में की गई थी प्रक्रिया पूरी

-वर्ष 2017 में संविदा पर नियुक्ति न करने के आदेश से लटकी थी नियुक्तियां

-कैबिनेट में जल्द आएगा कंडक्टरों को संविदा आधार पर नियुक्ति का प्रस्ताव

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2019। उत्तराखंड परिवहन निगम को जल्द ही 365 कंडक्टर मिल जाएंगे। प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा चयनित 365 कंडक्टरों को निगम में संविदा पर नियुक्ति मिलेगी। वर्ष 2017 में सरकार के आदेश के चलते परिवहन निगम में कंडक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लग गई थी। कैबिनेट में जल्दी इस संबंध में प्रस्ताव आने की उम्मीद है।

वर्ष 2016 में उत्तराखंड परिवहन निगम ने 365 कंडक्टरों की संविदा पर नियुक्ति के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखा। परिषद ने नियुक्ति प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए 365 कंडक्टरों का चयन भी कर लिया था। सफल अभ्यर्थियों की वेरीफिकेशन प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई थी, केवल नियुक्ति के आदेश जारी होने बाकी थे। इसी बीच 27 अप्रैल 2017 में प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी किया कि किसी भी पद पर संविदा के तहत नियुक्ति न की जाए। इस आदेश के चलते उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए चयनित 365 संविदा कंडक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाई। पिछले तीन वर्षो से परिवहन निगम कंडक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा है। खास बात यह कि परिवहन निगम जल्दी ही अपने बेड़े में 300 नई बसें शामिल करने जा रहा है। ऐसी स्थिति में उसे कंडक्टरों की आवश्यकता पड़ेगी।सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिवहन निगम को इस संकट से बचाने के लिए सरकार संविदा पर कंडक्टरों की नियुक्ति के मामले में नियमों में ढील देने जा रही है। इसके लिए आगामी केै बिनेट की बैठक में में 365 कंडक्टरों की संविदा पर नियुक्ति को लेकर प्रस्ताव आएगा। इसके चलते परिवहन निगम में पूर्व में चयनित संविदा कंडक्टरों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा। उतराखंड परिवहन निगम के महाप्रबन्धक दीपक जैन ने इस मामले में पूछे जाने पर बताया कि कंडक्टरों की कमी के चलते इनको रखने की प्रक्रिया जारी है।

यह भी पढ़ें : असिस्टेंट प्रोफेसर पद हेतु यूजीसी नेट पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया हुई शुरू, यहां से करें पंजीकरण..

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2019। विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता परीक्षा यूजीसी नेट के लिए एक मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। देशभर में इस परीक्षा का आयोजन 20 से 28 जून के बीच किया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से यूजीसी नेट का आयोजन कराया जाएगा। एक मार्च से 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। 15 मई को पात्रता परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी हो जाएंगे। देशभर में 20, 21, 24, 25, 26, 27 और 28 जून को ऑनलाइन परीक्षा होगी। यूजीसी ने एनटीए का पहला पेपर का सिलेबस बदल दिया है। इस बार इसी बदले हुए सिलेबस से परीक्षा होगी। 101 विषयों का सिलेबस भी एनटीए ने वेबसाइट पर जारी कर दिया है।

यहां करें ऑनलाइन आवेदन : www.ntanet.nic.in
यहां देखें बदला हुआ सिलेबस : www.ugcnetonline.in/syllabus-new.php

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड : 2173 करोड़ के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत, खुलेंगे 2000 नौकरियों के दरवाजे…

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2019। पिछले वर्ष उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार के द्वारा आयोजित हुई इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों से एमओयू के दूसरे चरण के प्रस्तावों में से 2173 करोड़ के प्रस्तावों को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मंजूरी मिल गई है। इसके बाद जल्द ही ये प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहे हैं। जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है, उनके जरिये राज्यभर में 2000 नौकरियों के दरवाजे खुलने की बात कही जा रही है। इससे पहले सरकार निवेशकों के लगभग नौ हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूर कर चुकी है और कंपनियों ने इन प्रोजेक्टों पर काम भी शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार निवेशकों के प्रस्तावों को प्राथमिकता से ले रही है। निवेशक, जिन प्रस्तावों पर विभागों से एनओसी लेनी बाकी है, उनकी औपचारिकता जल्द पूरी कर लें। उन्होंने सचिव राजस्व को जमीनों से जुड़े मामले निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में इन प्रस्तावों को दी गई मंजूरी-(लागत करोड़ रुपये में है)-कंपनीस्थान
225      मैन्युफेक्चरिंग पार्टिकल्स एंड फाइबर बोर्ड     -यूएसनगर
132       नील मेटल प्रोडक्ट     -हरिद्वार
648       हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट     -मोरी
550      एसएबीएन लिमिटेड     -काशीपुर
132      पार्ले एग्रो           -सितारगंज
150      काशी विश्वनाथ स्टील       -यूएसनगर
64        एचपीएच फुटवियर            -सितारगंज
08        आरके इंजीनियर्स कंस्ट्रक्शन      -मुनिकीरेती
48        काला हेल्थ केयर कंपनी        -देहरादून
36       कैलाशी देवी पल्प एंड पेपर प्रोडक्ट       -जसपुर
58      सिरडी इंडस्ट्री                    -पंतनगर

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नवीन समाचार, देहरादून, 23 फरवरी 2019। उत्तराखंड में गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण लागू होने के बाद सरकार ने रोस्टर भी जारी कर दिया है।  शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यह आदेश किए। सभी प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को भेजे आदेश में कहा गया है कि सीधी भर्ती के पदों में अब प्रत्येक दसवां पद इस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। अलबत्ता, छह पद बाद सातवां पद 70 के बजाय 69 क्रमांक का होगा। इसके बाद फिर 80,90 व 100वां पद सवर्ण वर्ग के लिए आरक्षित माना जाएगा। नए रोस्टर के तहत भर्ती का पहला पद अनुसूचित जाति, जबकि इसके बाद के चार पद सामान्य वर्ग के लिए होंगे। छठवां पद अनुसूचित जाति, सातवां अन्य पिछड़ा वर्ग और फिर आठवां व नौवां पद सामान्य वर्ग के लिए, जबकि दसवां पद गरीब सवर्ण के अभ्यर्थियों के हिस्से में आएगा।  सरकार के इस फैसले के बाद ही अब सीधी भर्ती के जो भी नई विज्ञप्तियां जारी होंगी, उसमें इसका पालन किया जाएगा। जो कोई भी विभागीय अफसर इसका पालन नहीं करेगा, उन्हें तीन माह कारावास की सजा का प्रावधान भी किया है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 22 फरवरी। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण देने के लिये बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में ‘उत्तराखंड लोक सेवा : आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण’ विधेयक पेश हुआ और शुक्रवार को पास कर दिया है। विधेयक को सदन में पेश करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि प्रदेश में सामान्य वर्ग के अंतर्गत आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों का लोक सेवा पदों में प्रतिनिधित्व अन्य वर्गो की तुलना में आनुपातिक रूप से पर्याप्त नहीं है। इसलिये लोक सेवाओं में अवसर की समानता उपलब्ध कराने के उददेश्य से यह विधेयक लाया गया है। यह आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के ऐसे व्यक्तियों को मिलेगा जिनके परिवारों की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय आठ लाख रूपये से कम होगी ।

विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि लोक सेवाओं और पदों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के तहत उत्तराखंड के उन स्थायी निवासियों को आरक्षण प्राप्त होगा जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछडे वर्गों के लिये आरक्षण की मौजूदा योजना के अंतर्गत सम्मिलित नहीं हैं। परिवार की आय में सभी स्रोतों से अर्थात वेतन, कृषि, व्यवसाय आदि से प्राप्त आय को शामिल किया जायेगा तथा लाभार्थी द्वारा आवेदन के वर्ष से पूर्व के वित्तीय वर्ष की आय को आधार माना जायेगा । हांलांकि, जिन व्यक्तियों या उनके परिवारों के पास पांच एकड या उससे अधिक कृषि भूमि या 1000 वर्ग फुट या उससे अधिक का आवासीय भवन या अधिसूचित नगर पालिकाओं के अलावा अन्य क्षेत्रों में 200 वर्ग गज या उससे अधिक के भूखंड होंगे, उन्हें इस आरक्षण का लाभ नहीं मिल पायेगा । विधानसभा में पेश विधेयक पूर्व में राज्य सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश के स्थान पर लाया गया है। अध्यादेश के जरिये राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये पहले ही 10 प्रतिशत आरक्षण को लागू कर चुकी है।

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नवीन समाचार, रोजगार डेस्क, 14 फरवरी 2019। अगले एक साल में राज्य के युवाओं के लिए 77 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार द्वारा सदन में पेश किए आर्थिक सर्वेक्षण में उद्योग और एमएसएमई सेक्टर में रोजगार को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में एमएसएमई सेक्टर में 62 हजार नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि उद्योगों के जरिए अगले वित्तीय वर्ष में 15 हजार नौकरियां दी जाएंगी। सरकार ने विजन 2030 के तहत 2030 तक इस क्षेत्र से कुल छह लाख के करीब नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और अक्तूबर में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट से अभी तक नौ हजार करोड़ का निवेश शुरू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए पाठ्यक्रम में नए विषय शामिल किए जा रहे हैं। जबकि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई तरह की प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की गई हैं। 2030 तक राज्य में एक लाख से अधिक उद्योग और छोटे उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड बनने से अब तक लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) सेक्टर में कुल 2 लाख 58 हजार लोगों को रोजगार मिला है। जबकि बड़े उद्योगों से एक लाख 68 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। एमएसएमई से राज्य को 10 हजार करोड़ का निवेश मिला है जबकि उद्योगों से दो हजार करोड़ से अधिक का निवेश आया है।

उत्तराखंड से 1000 करोड़ के करीब पहुंचा निर्यात 
उत्तराखंड के निर्यात में पिछले सालों में लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2017-18 में कुल 9389 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया। जबकि इससे पहले यह आकंड़ा छह हजार करोड़ रुपये था। वर्ष 2011 में उत्तराखंड का निर्यात 3500 करोड़ रुपये था। उत्तराखंड से सबसे अधिक निर्यात पशु और पशुओं से बने प्रोडक्ट का हो रहा है।

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नवीन समाचार, रोजगार डेस्क, 13 फरवरी 2019। एक तरफ जहां लाखों बेरोजगार युवा प्रदेश में नौकरी की राह देख रहे हैं वहीं रोजगार को लेकर एक और तस्वीर सामने आई है। विपक्षी विधायकों के जनता के मुद्दों पर चर्चा के बजे हंगामे में व्यस्त रहने के दौरान सत्तारूढ़ विधायकों ने विपक्षी विधायकों की भूमिका निभाते हुए खजानदास और सुरेंद्र सिंह जीना के सवालों पर श्रम मंत्री की ओर से सदन को बताया गया कि राज्य में कुल 23 सेवायोजन दफ्तरों में 8,29,139 बेरोजगारों ने नौकरी की प्रत्याशा में पंजीकरण करा रखा है। लेकिन राज्य गठन के बाद से अब तक सेवायोजन दफ्तरों के माध्यम से केवल 24,056 बेरोजगारों को रोजगार दिया गया है। साथ हीसरकार ने यह भी स्वीकार किया कि एक अप्रैल-2014 से बेरोजगारों को रोजगार सह कौशल विकास भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2019। गुजरात के बाद अब उत्तराखंड में भी सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया है। बुधवार को इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसकी जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट पर भी शेयर की है। साथ ही प्रदेशवासियों को बधाई भी दी है। सामान्य वर्ग को आरक्षण जारी करने वाला उत्तराखंड दूसरा राज्य बन गया है। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 6 फरवरी 2019। उत्तराखंड लोकसेवा आयोग से प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों को बुधवार को 41 नये असिस्टेंट प्रोफेसर मिल गये हैं। जिन नये असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई ह,ै उनके प्रतिभा बलूनी, कमल किशोर, पूनम टाकुली, तनूजा तिवारी, ऋचा बधानी, प्रियंका, सतीश चंद्र, आरती चौहान, दीपक कुमार सिंह, अभय कुमार श्रीवास्तव, अनुपा फोनिया, प्रीति पंत, विपिन चंद्र, हसीन अहमद, इंद्रेश कुमार पांडे, प्रियंका उनियाल, कोमल गुप्ता, विवेक कुमार, निशा, भारती, छाया सिंह, अश्विन कुमार, सैफाली सक्सेना, आरती खंडूरी, नरेश कुमार चौहान, रेनू, विजय आर्या, पंकज कुमार टम्टा, विश्वंभर जोशी, संजीव लाल, रूपेश कुमार, मनोज कुमार, मकान प्रकाश विष्वकर्मा, दीपक कुमार, नीलम धर्मसत्तू, जगदीश चंद्र, सुबोध कुमार, संजय कुमार, पंकज आर्या, विपिन चंद्र व संजू शामिल हैं। इनके अलावा मनोविज्ञान विभाग में गुरप्रीत सिंह एवं भूगर्भ विज्ञान विभाग में दीपक पंत, दीपक कुमार दयाल, गुंजन आर्य व सुनील दत्त की भी असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति हुई है।

यह भी पढ़ें : यूजीसी नेट परीक्षा का बदला पाठ्यक्रम, पिछली परीक्षा की कटऑफ व संशोधित परिणाम हुआ जारी

वीन समाचार,  नई दिल्ली, 4 फरवरी 2019। असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए होने वाली यूजीसी की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) का पाठ्यक्रम बदल गया है। यह पाठ्यक्रम वर्ष 2019 से होने वाली सभी यूजीसी नेट परीक्षाओं में लागू होगा। एनटीए की ओर से साल में दो बार यूजीसी नेट का आयोजन कराया जाता है। एनटीए के मुताबिक जून 2019 में होने वाली यूजीसी नेट परीक्षा में यह बदला हुआ पाठ्यक्रम लागू होगा। अभ्यर्थी चाहें तो वेबसाइट से पाठ्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं।
यहां देखें बदला हुआ  पाठ्यक्रम : www.ugcnetonline.in/syllabus-new.php

44001 ने क्वालिफाई किया यूजीसी नेट 2018 में

यूजीसी नेट 2018 का दिसंबर में परिणाम जारी हुआ था। अब एनटीए ने इसकी कटऑफ जारी की है। इस परीक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए देशभर से 44001 युवाओं ने क्वालिफाई किया है। जेआरएफ के लिए 3883 ने परीक्षा क्वालिफाई की है।
यूजीसी नेट 2018 का संशोधित परिणाम जारी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने संशोधित एनटीए यूजीसी नेट का संशोधित परिणाम जारी किया है। जिन अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी, वह वेबसाइट www.ntanet.nic.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

यह भी पढ़ें : सहकारिता विभाग में जल्द 1000 युवाओं को मिलेंगी नौकरियां

वीन समाचार, रुद्रपुर, 20 जनवरी 2019। सहकारिता एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य के 1000 युवाओं को सहकारिता विभाग में जल्द नौकरियां दी जाएंगी। जल्द ही इसकी विज्ञप्ति जारी की जाएगी। बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और परीक्षा होगी।
उत्तराखंड में जिला सहकारी बैंकों के लिए इसी हफ़्ते 442 पदों पर भर्तियों की विज्ञप्ति जारी हो सकती है। ये रिक्तियां कैशियर, सीनियर ब्रांच मैनेजर, जूनियर ब्रांच मैनेजर और डीजीएम पदों के लिए जारी होंगी। सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार बाल मयंक मिश्रा ने बताया कि इन 442 पदों में से कैशियर के पदों पर 305, सीनियर ब्रांच मैनेजर के पदों पर 23, जूनियर ब्रांच मैनेजर के पदों पर 104 और डीजीएम के पदों पर 23 रिक्तियां हैं. डीजीएम पदों को छोड़कर शेष सभी के लिए केवल लिखित परीक्षा होगी और योग्यता स्नातक रखी गई है जबकि डीजीएम पद के लिए लिखित परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू भी होगा। उम्मीदवार का अनुभव के साथ ही पोस्ट ग्रेजुएट होना ज़रूरी है। इस बार भर्ती आईबीपीएस (Institute of Banking Personnel Selection) के माध्यम से की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से किसानों को मुख्यमंत्री कल्याण योजना के तहत एक लाख रुपये तक ऋण रहित ब्याज दिया जाएगा। प्रदेश में सात लाख किसानों को यह ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। महिला समूहों को भी पांच लाख रुपये तक ब्याज रहित ऋण दिलाया जाएगा।
किच्छा हरिद्वार में खुलेंगे मॉडल कालेज
ऊधमसिंह नगर जिला सहकारी बैंक भवन के शिलान्यास के मौके पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह ने कहा कि तीन फरवरी को किच्छा और हरिद्वार में दो मॉडल कॉलेज खोले जाएंगे। किच्छा के कॉलेज के लिए पांच करोड़ 86 लाख रुपये का बजट जारी हो चुका है। इन कॉलेजों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर से स्क्रीन के द्वारा शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के 10 महिला बैंकों में से सात मुनाफे में चल रहे हैं।

यह भी पढ़ें : JEE Mains का परिणाम जारी, 99.95 प्रतिशत अंकों के साथ पल्लव ने परीक्षा में किया टॉप

नवीन समाचार, देहरादून, 19 जनवरी 2019। जेईई मेन 2019 के पहले प्रश्न पत्र का परिणाम 19 जनवरी को ऑनलाइन मोड के रूप में घोषित हो गया है। परीक्षा में प्रतापनगर के जाखणी निवासी पल्लव सेमवाल ने 99.95 फीसदी अंकों के साथ उत्तराखंड में टॉप किया है। बताया गया है कि जेईई मेन 2019 का दूसरे प्रश्न पत्र का परिणाम बाद में घोषित किया जाएगा।
नई टिहरी में बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर ब्लाक के जाखणी गांव निवासी पल्लव सेमवाल ने कड़ी मेहनत के दम पर दूसरे प्रयास में इंजीनियरिंग की जेई मेन (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) 2019 उत्तीर्ण कर राज्य में प्रथम रैंकिंग हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। पल्लव को मिली इस शानदार कामयाबी पर पजिरनों से लेकर टिहरी जिले के लोग खासे उत्साहित है। प्रतापनगर के ओण पट्टी के जाखणी गांव निवासी 18 वर्षीय पल्लव सेमवाल ने नौ से 12 जनवरी 2019 को संपन्न हुई इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेई मेन में दी थी। जिसका शनिवार को परिणाम घोषित हो गया है। पल्लव सेमवाल ने 99.95 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण कर उत्तराखंड में टॉप किया है। पल्लव ने 2018 में भी जेई मेन की परीक्षा दी थी। लेकिन वह टॉप में जगह नही बना पाया था।  बावजूद इस बार पल्लव ने कडी मेहनत कर राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश में टिहरी जिले का नाम रोशन किया है।

यह भी पढ़ें : जेईई मेन में जुड़वां भाईयों का धमाल, 98 परसेंटाइल से ऊपर किया स्कोर, जानिए इनका सक्सेस मंत्रा

नवीन समाचार, देहरादून, 19 जनवरी 2019। 

खुशी से फूले नहीं समाए जुड़वा भाई
 
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन में देहरादून के आकाश-विकास ने धमाल मचाया। दोनों जुड़वां भाइयों ने परीक्षा में 98 से ऊपर परसेंटाइल हासिल की है। अब दोनों ही जेईई एडवांस की तैयारी में जुट गए हैं।
मसूरी के उप प्रभागीय वन अधिकारी केपी वर्मा के जुड़वां बेटों ने शनिवार को आए जेईई परीक्षा परिणाम में मिसाल कायम की। दोनों ने गत वर्ष समरवैली स्कूल से 12वीं पास की थी। बड़े भाई आकाश ने परीक्षा में 94 प्रतिशत तो छोटे विकास ने परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इससे पहले 10वीं में आकाश ने 94 और विकास ने 93 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।

दोनों ने एक साथ दोबारा तैयारी करने का फैसला लिया

गत वर्ष दोनों ने जेईई मेन परीक्षा दी थी, जिसमें आकाश ने जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई किया था, जबकि विकास क्वालिफाई नहीं कर पाया था। दोनों ने एक साथ दोबारा तैयारी करने का फैसला लिया। इस साल दोबारा जेईई मेन-1 परीक्षा दी। इस साल आकाश ने जेईई मेन में 98.77 जबकि विकास ने 98.59 परसेंटाइल स्कोर किया है।जुड़वां भाइयों के इस परिणाम पर मां मिथलेश वर्मा भी खुश हैं। उनके शिक्षक एवं अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा का कहना है कि दोनों ही भाइयों ने लगन के साथ तैयार की है। वह दो साल से आईआईटी में दाखिले की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस साल निश्चित तौर पर आईआईटी की सीट निकाल लेंगे।

 

यह भी पढ़ें : रोजगार समाचार: उत्तराखंड वन विभाग में आई नौकरियों की बहार, निकली 1218 पदों पर रिक्तियां…

नवीन समाचार, देहरादून, 19 जनवरी 2019। खंड वन विभाग में बड़ी संख्या में नई रिक्तियां आई हैं। वन रक्षक यानी फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों की भर्ती के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जिलावार आवेदनों का ब्योरा मांगाकर वन विभाग शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहा है। रिक्त पदों में से 30 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। पिछले एक साल से डेढ़ लाख अभ्यर्थी भर्ती शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
वन विभाग के प्रस्ताव पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अगस्त 2017 में विज्ञप्ति जारी कर 1218 पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद ही सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। फॉरेस्ट गार्ड पद के लिए शैक्षिक योग्यता व आयु सीमा में वन विभाग ने संशोधन कर दोबारा से सीधी भर्ती का प्रस्ताव आयोग को भेजा। अक्तूबर 2017 में दोबारा से आवेदन मांगे गए। इसमें प्रदेश भर से डेढ़ लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। लेकिन आज तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। फॉरेस्ट गार्ड पदों के लिए पहले शारीरिक परीक्षा होनी है। इसके बाद लिखित परीक्षा होगी। चयन आयोग ने विभागीय स्तर पर शारीरिक परीक्षा कराने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा है। शारीरिक परीक्षा कराने के लिए विभाग जिला स्तर पर व्यवस्था देख रहा है। उधर, फॉरेस्ट गार्ड के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती कराने पर गोविंद पशु विहार उत्तरकाशी के दैनिक भोगी कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। वन विभाग में करीब 1600 पद खाली है। ऐसे में विभाग सीधी भर्ती के साथ दैनिक भोगी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियुक्ति देने का रास्ता निकाल रहा है।
लिखित परीक्षा से पहले होगा शारीरिक टेस्ट
वन रक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का पहला शारीरिक टेस्ट होगा। जिसमें पुरूष अभ्यर्थियों के 25 किमी. की दौड़ 10 किलोग्राम भार के साथ चार घंटे में पूरी करनी होगी। इसके साथ ही 13 फीट की लंबी कूद, ऊंची कूद व शाटपुट में क्वालीफाई करना अनिवार्य होगा।जबकि महिला वर्ग के लिए 14 किमी. दौड़ 5 किलोग्राम भार के साथ चार घंटे में पूरी करनी होगी। महिला अभ्यर्थियों के लिए 30 प्रतिशत पद आरक्षित है। जबकि राज्य आंदोलनकारी श्रेणी में भी पदों को आरक्षित रखा गया है। शारीरिक परीक्षा के लिए सभी वनमंडलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। कुछ डीएफओ की ओर से ये कहा गया है कि उनके संसाधनों का अभाव है। इस कमी को पूरा करते हुए परीक्षा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। पहले से कार्यरत दैनिक भोगी कर्मचारियों के मसले पर भी विचार किया जा रहा है

यह भी पढ़ें : दिसंबर में हुई सीटेट परीक्षा के परिणाम घोषित, एक क्लिक में यहां देखें अपना परिणाम

नवीन समाचार, नई दिल्ली, 5 जनवरी 2019। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शुक्रवार रात को CTET 2018 के नतीजे जारी कर दिये हैं। उल्लेखनीय है कि यह परीक्षा 9 दिसंबर 2018 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कुल 16 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने एग्जाम दिया था। शुक्रवार रात को CBSE ने इसका रिजल्ट घोषित कर गिया है, जो कि CTET की आधिकारिक वेबसाइट तथा CBSE के पोर्टल पर उपलब्ध है। अभ्यार्थियों को अपना रिजल्ट देखने के लिए CTET की आधिकारिक पर जाकर  इस लिंक पर देख सकते हैं : http://cbseresults.nic.in/ctet/ctet18.htm

यह भी पढ़ें : सहायक लेखाकार के 141 व अमीन के 21 पदों की भर्ती परीक्षा का परिणाम किया घोषित, एक क्लिक में देखें यहां….

नवीन समाचार, देहरादून, 3 जनवरी 2018। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने विभिन्न विभागों में 141 सहायक लेखाकार पदों की भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। लिखित व टाइपिंग परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग 23 व 24 जनवरी को होगी। जिसमें अभ्यर्थियों के मूल शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। नीचे नीले रंग के शब्दों पर क्लिक करके इन्हें देखा जा सकता है।

 

चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि दिनांक 13 मई,2018 को आयोग द्वारा आयोजित लिखित प्रतियोगी परीक्षा व टंकण परीक्षा के पश्चात् औपबंधिक श्रेष्ठता सूची जारी कर दी गई है। इस हेतु 13 मई 2018 को सहायक लेखाकार पदों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की एक व दो नवंबर 2018 को टाइपिंग परीक्षा ली गई। लिखित व टाइपिंग परीक्षा के आधार पर बृहस्पतिवार को आयोग ने अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची आयोग की वेबसाइट www.sssc.uk.gov.inपर जारी दी गई है। सभी चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग 23 व 24 जनवरी को आयोग कार्यालय में की जाएगी। जिसमें स्थायी निवास, सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण, आरक्षण संबंधित प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता, लिखित परीक्षा के प्रवेश पत्र की मूल प्रतियों का सत्यापन किया जाएगा। आयोग ने पारदर्शिता के लिए परीक्षा परिणाम के साथ ही लिखित परीक्षा में भाग लेने वाले सभी अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट भी वेबसाइट पर अपलोड की है। जिससे अभ्यर्थी ओएमआर शीट से अपने अंकों का मिलान कर सकते हैं। इसके अलावा अवर अभियंता (जानपद एवं सूचना प्रोद्योगिकी) की अभिलेख सत्यापन हेतु सूची भी जारी कर दी गई है।
अमीन पद की द्वितीय मेरिट सूची भी जारी : चयन आयोग ने लोक निर्माण विभाग में अमीन के 21 पदों की भर्ती के लिए अमीन पद (कोड-46) की अभिलेख सत्यापन(2nd Document Verification List) हेतु द्वितीय मेरिट सूची भी जारी कर दी है। प्रथम चरण की मेरिट सूची के सत्यापन में 16 पद रिक्त रहने से आयोग ने दूसरी मेरिट में अभ्यर्थियों को चयन किया है। 30 जनवरी को अमीन पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : उत्तराखंड में समूह ‘ग’ में निकल रही हैं 2000 नौकरियां

नैनीताल, 11 नवंबर 2018। सरकारी नौकरियों की राह देख रहे बेरोजगारों के लिए खुशखबरी है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने समूह ‘ग’ की दो हजार नई नौकरियां के लिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसमें शिक्षा विभाग, जल निगम समेत विभिन्न विभागों में इंटरमीडिएट स्तर के रिक्त पद शामिल हैं। दिसंबर में आयोग रिक्त पदों के सापेक्ष आवेदन के लिए विज्ञप्ति जारी करेगा।
चयन आयोग को विभिन्न विभागों से करीब दो हजार नए पदों की भर्ती करने के लिए प्रस्ताव (अधियाचन) मिले हैं। शिक्षा विभाग ने सहायक अध्यापक (एलटी) के 921 पदों और जल निगम में जेई के 100 पदों समेत विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक, आईटीआई में अनुदेशक के कुल दो हजार पद शामिल हैं। चयन आयोग ने इन पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। दिसंबर में रिक्त पदों की विज्ञप्ति जारी कर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे जाएंगे।

नए पैटर्न पर होगा ऑनलाइन आवेदन

समूह ‘ग’ पदों की भर्ती के लिए चयन आयोग ने ऑनलाइन आवेदन का नया पैटर्न तैयार किया है। नए पदों की भर्ती प्रक्रिया में इस पैटर्न को लागू करने की तैयारी है। इसमें अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए यूजर आईडी जनरेट करनी पड़ेगी। इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग आवेदन करने में आसानी होगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन करने पर बार-बार फोटो, हस्ताक्षर, शैक्षणिक योग्यता व अन्य जानकारी नहीं भरनी पड़ेगी। अभ्यर्थी की पूरी डिटेल यूजर आईडी पर उपलब्ध होगी।
आयोग को विभिन्न विभागों से लगभग दो हजार रिक्त पदों के नए भर्ती प्रस्ताव मिले हैं। पदों के अनुसार विज्ञप्ति जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। दिसंबर में रिक्त पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
– संतोष बडोनी, सचिव, चयन आयोग

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