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नाबालिग से दुष्कर्म के प्रकरण के बाद ऋषिकेश के होटल में तोड़फोड़, आरोपित की तलाश के साथ होटल मालिक और प्रबंधक की भूमिका की जांच तेज

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नवीन समाचार, देहरादून, 1 सितंबर 2026 (Vandalism at Hotel After Rape of Minor)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) के ऋषिकेश (Rishikesh) में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप के बाद जनआक्रोश सामने आया है। चेला चेतराम मार्ग स्थित घटना वाले होटल में लोगों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ कर दी, जिसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति नियंत्रित की। दूसरी ओर, पुलिस फरार आरोपित की तलाश के साथ होटल मालिक और प्रबंधक की भूमिका, पहचान पत्रों की जांच, सीसीटीवी कैमरों के बंद होने तथा कथित रूप से अधूरे दस्तावेजों पर कमरे उपलब्ध कराने के आरोपों की जांच कर रही है।

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Vandalism at Hotel After Rape of Minor Rishikesh Minor Misdeed Case Angry Crowd Vandalises Hotel Owner Manager Under Scanner Uttarakhand newsमामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश पहुंचकर पीड़ित नाबालिग और उसके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी लेकर फरार आरोपित की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

होटल में तोड़फोड़ के बाद पुलिस बल तैनात, होटल प्रबंधन भी जांच के घेरे में

Rishikesh Minor Misdeed Case Angry Crowd Vandalises Hotel Owner Manager Under Scanner Uttarakhand newsनाबालिग से दुष्कर्म की घटना के विरोध में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग चेला चेतराम मार्ग स्थित होटल के बाहर एकत्र हुए। विरोध के दौरान होटल में तोड़फोड़ की गयी और शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए गये। कुछ लोग बुलडोजर लेकर भी घटनास्थल के समीप पहुंचे।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। होटल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अब उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की भी जांच कर रही है।

इस प्रकरण में पुलिस के सामने दो अलग-अलग स्तरों पर कार्रवाई की चुनौती है। एक ओर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई चल रही है, वहीं दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ की भी जांच की जा रही है।

अधूरे पहचान दस्तावेजों पर कमरे देने के आरोपों की जांच

पुलिस जांच में होटल में कमरा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी संदेह के घेरे में आ गयी है। आरोप है कि होटल में पहचान संबंधी दस्तावेजों की पूरी जांच किए बिना कमरे उपलब्ध कराये जाते थे और कुछ मामलों में सामान्य किराये से अधिक धनराशि ली जाती थी।

जांच के दौरान होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले हैं। होटल प्रबंधन ने इसके पीछे बिजली नहीं होने की बात कही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कैमरे तकनीकी कारण से बंद थे अथवा उन्हें जानबूझकर बंद किया गया था।

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पुलिस यह भी जांच कर रही है कि होटल में नाबालिगों और अन्य लोगों को कमरा उपलब्ध कराने से पहले पहचान पत्र तथा आयु संबंधी दस्तावेजों का किस स्तर तक सत्यापन किया जाता था। होटल में कथित अनैतिक गतिविधियों के संचालन संबंधी आरोपों की भी जांच की जा रही है।

ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि पूरे प्रकरण में होटल मालिक और प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध होने के आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों में लगातार दबिश दी जा रही है।

स्नैपचैट पर पहचान के बाद होटल पहुंचने की बात सामने आयी

पुलिस के अनुसार लगभग 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा की आरोपित से सोशल मीडिया एप स्नैपचैट के माध्यम से पहचान हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपित ने उसे ऋषिकेश स्थित होटल में बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना का आरोप है।

पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम और दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज किया है। घटना के बाद से आरोपित फरार बताया जा रहा है और वह ऋषिकेश का निवासी नहीं है।

महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग छात्रा को होटल बुलाने और उसके साथ कथित रूप से नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने के आरोपों की गंभीरता से जांच आवश्यक है।

उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की अपील भी की है।

दुष्कर्म के बाद वीडियो बनाने के आरोपों की डिजिटल जांच

पुलिस जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि घटना के बाद नाबालिग का वीडियो बनाया गया। पुलिस अब आरोपित और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग हुआ था या नहीं, कोई वीडियो रिकॉर्ड किया गया था अथवा नहीं और यदि रिकॉर्डिंग हुई तो उसे किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया या नहीं।

इन तथ्यों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपित के मोबाइल फोन और उसके संभावित संपर्कों से जुड़े तथ्यों को भी खंगाल रही है।

फोरेंसिक टीम ने होटल से जुटाये साक्ष्य

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देहरादून से फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने होटल का निरीक्षण कर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाये हैं।

नाबालिग का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस इन साक्ष्यों और अन्य जांच रिपोर्टों के आधार पर घटना की परिस्थितियों की विस्तृत पड़ताल कर रही है।

फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित स्थानों पर कार्रवाई कर रही हैं। उसके रिश्तेदारों और संपर्क में रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटायी जा रही है।

महिला आयोग ने तीन माह का सीसीटीवी बैकअप रखने के निर्देश दिए

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने होटल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर प्रदेश के सभी होटलों में कम से कम तीन माह का सीसीटीवी बैकअप उपलब्ध रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

महिला आयोग का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध रहने से पुलिस, महिला आयोग और मानव तस्करी निरोधक इकाई को संदिग्ध गतिविधियों की जांच में सहायता मिल सकेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वैध पहचान पत्र और आयु का सत्यापन किए बिना नाबालिगों को कमरा उपलब्ध कराने वाले होटलों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह प्रकरण नाबालिगों की सोशल मीडिया सुरक्षा, होटल में पहचान और आयु सत्यापन की व्यवस्था तथा संवेदनशील मामलों में डिजिटल और सीसीटीवी साक्ष्यों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाता है। पुलिस जांच पूरी होने और फरार आरोपित की गिरफ्तारी के बाद होटल प्रबंधन की भूमिका तथा पूरे प्रकरण में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

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