नवीन समाचार, देहरादून, 28 अगस्त 2026 (Controversy over Maulana on Madarsas)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने रुद्रपुर (Rudrapur) में मदरसों को लेकर एक मुस्लिम धर्मगुरु के कथित धमकी भरे बयान पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं है तथा सरकार को धमकाने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मुख्यमंत्री ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को कानून के दायरे में कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया है। आप यह संबंधित वीडियो भी जरूर देखना चाहेंगे :
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान एक मंच से मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना फकर सुअरुद्दीन (Maulana Fakar Suaruddin) के मदरसों और ईदगाह की भूमि को लेकर कथित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो में मदरसों पर कार्रवाई की स्थिति में गंभीर परिणामों की चेतावनी दिये जाने का दावा किया गया है। उपलब्ध समाचारों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसके कथित बयान और वीडियो की जांच महत्वपूर्ण है।
मदरसों और ईदगाह की भूमि को लेकर कथित बयान ‘भागने को जगह नहीं मिलेगी’ से बढ़ा विवाद
वायरल वीडियो को रुद्रपुर के त्रिशूल चौक (Trishul Chowk) का बताया जा रहा है। कथित वीडियो में मौलाना मदरसों के संबंध में अधिक कार्रवाई न करने की बात कहते हुए दावा कर रहे हैं कि वहां बच्चों को शिक्षा दी जाती है और उन्हें किसी पर अत्याचार, चोरी अथवा अन्य गलत कार्य न करने की सीख दी जाती है।
वीडियो में कथित रूप से यह भी कहा गया कि यदि मदरसे बंद किये गये तो मुसलमान क्या हाल करेंगे… भागने को जगह नहीं मिलेगी… यानी मुसलमानों की प्रतिक्रिया गंभीर हो सकती है। बच्चों के खेलने और व्यायाम के लिए स्थान नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया तथा चुप्पी टूटने पर गंभीर परिणाम होने की चेतावनी दिये जाने का दावा किया गया है। हालांकि इन कथित बयानों की सत्यता और वीडियो के पूरे संदर्भ की आधिकारिक जांच होना आवश्यक है।
मामले में रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा (Vikas Sharma) ने कथित बयान को गंभीर बताते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति (Ajay Ganapati) के समक्ष भी इस संबंध में कार्रवाई की मांग उठने की जानकारी सामने आयी है।
मुख्यमंत्री बोले-केवल एक व्यक्ति का बयान मानकर नहीं देखा जा सकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान रुद्रपुर में मदरसों को लेकर दिये गये कथित बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले को केवल एक मौलवी के बयान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके पीछे की सोच और विचारधारा को भी समझना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कानून और संविधान से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों को सरकार किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी और किसी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने अथवा सरकार को धमकाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
धामी बोले-धमकी देकर सरकारों पर दबाव बनाने का दौर समाप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वह दौर नहीं है जब धमकी देकर सरकारों पर दबाव बनाया जाता था या वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया जाता था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी धरने अथवा दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है और प्रत्येक व्यक्ति को संविधान तथा कानून का पालन करना होगा।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और प्रदेश की शांति, सुरक्षा, सांस्कृतिक पहचान तथा कानून-व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार सरकार की प्राथमिकता तुष्टिकरण नहीं बल्कि कानून का शासन स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था को चुनौती देता है अथवा सरकार को धमकाने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे व्यक्ति की पहचान कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करेगा।
13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराने का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के अतिक्रमण विरोधी अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति अथवा वर्ग विशेष के विरुद्ध नहीं बल्कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध है। सरकार संविधान और कानून के दायरे में देवभूमि को अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में देश में कानून के शासन को मजबूत करने की बात भी कही। उन्होंने राज्य सरकार के विभिन्न निर्णयों और कानून-व्यवस्था से जुड़े कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में किसी भी व्यक्ति को धार्मिक पहचान, पद अथवा प्रभाव के आधार पर कानून से ऊपर होने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस पूरे मामले में आगे पुलिस और प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी, विशेषकर वायरल वीडियो की सत्यता, कथित बयान के पूरे संदर्भ और कानून के संभावित उल्लंघन की स्थिति को लेकर। किसी भी संवेदनशील बयान पर अंतिम कार्रवाई तथ्यात्मक जांच और वैधानिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी। क्या जांच के बाद इस मामले में कथित बयान देने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होती है और इससे उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Controversy over Maulana on Madarsas) :
<
p style=”text-align: justify;”>Controversy over Maulana on Madarsas, Uttarakhand News, Dehradun News, Rudrapur News, Pushkar Singh Dhami News, Uttarakhand Law and Order, Rudrapur Viral Video, Madarsa News Uttarakhand, Chief Minister Dhami Statement, Uttarakhand Government Action, Illegal Encroachment Uttarakhand, Rudrapur Latest News, Police Investigation Uttarakhand, Law and Order News, Hindi News, Navin Samachar, #Uttarakhand #Rudrapur #PushkarSinghDhami #LawAndOrder #UttarakhandNews #NavinSamachar,

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
























3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।