नवीन समाचार, नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026 (5 Key Provisions of New Wage Code)। केंद्र सरकार की वेतन संहिता (Code on Wages) के तहत वेतन भुगतान से जुड़े नियमों को अधिक स्पष्ट और व्यापक बनाया गया है। इन प्रावधानों के अनुसार मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को अगले महीने की सात तारीख तक वेतन का भुगतान करना होगा। वहीं, यदि किसी कर्मचारी की नौकरी समाप्त होती है या वह स्वयं इस्तीफा देता है, तो नियोक्ता को दो कार्य दिवस के भीतर उसका पूरा बकाया भुगतान करना होगा।
हालांकि, इन प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन संबंधित नियमों के लागू होने पर निर्भर करेगा।
सभी कर्मचारियों पर लागू होंगे नियम
पहले वेतन भुगतान से जुड़े कई प्रावधान केवल निर्धारित वेतन सीमा तक के कर्मचारियों पर लागू होते थे। नए वेतन संहिता के तहत समय पर वेतन भुगतान के नियम सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू किए गए हैं, चाहे उनका वेतन कितना भी हो।
वेतन भुगतान की समय-सीमा
नए प्रावधानों के अनुसार—
- मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को अगले महीने की 7 तारीख तक वेतन देना होगा।
- साप्ताहिक वेतन पाने वालों को सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस तक भुगतान करना होगा।
- 15 दिन के आधार पर वेतन पाने वालों को अवधि समाप्त होने के दो दिन के भीतर भुगतान करना होगा।
- दैनिक वेतनभोगियों को कार्य समाप्त होने के उसी दिन भुगतान किया जाएगा।
नौकरी छोड़ने पर दो कार्य दिवस में मिलेगा बकाया
यदि कोई कर्मचारी इस्तीफा देता है, उसकी सेवा समाप्त की जाती है अथवा उसे नौकरी से हटाया जाता है, तो नियोक्ता को दो कार्य दिवस के भीतर उसका बकाया वेतन, अर्जित अवकाश का भुगतान तथा अन्य देय राशि का निपटान करना होगा। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को अपने वैध भुगतान के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा से बचाना है।
देरी या अवैध कटौती पर शिकायत का अधिकार
यदि कोई संस्था समय पर वेतन का भुगतान नहीं करती या बिना वैध कारण वेतन से कटौती करती है, तो कर्मचारी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए सरकार इंस्पेक्टर-कम-फैसिलिटेटर नियुक्त करेगी। कर्मचारी घटना के तीन वर्ष के भीतर शिकायत कर सकेगा।
यदि जांच के बाद सक्षम अधिकारी भुगतान का आदेश देता है और नियोक्ता फिर भी राशि नहीं देता, तो सरकार उसकी वसूली भूमि राजस्व की तरह कर सकती है।
पुराने कानूनों की जगह एकीकृत व्यवस्था
वेतन संहिता ने पेमेंट ऑफ वेजेज एक्ट, 1936 सहित वेतन संबंधी कई पुराने कानूनों का स्थान लिया है। इसके तहत सभी कर्मचारियों को वेतन पर्ची (Salary Slip) उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है, जिसे कागजी या डिजिटल दोनों रूपों में दिया जा सकता है। साथ ही वेतन से की जाने वाली कटौतियों के संबंध में भी स्पष्ट प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।
ध्यान दें: इन प्रावधानों के क्रियान्वयन की तिथि केंद्र और राज्यों द्वारा संबंधित नियमों की अधिसूचना एवं लागू होने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

















