इस व्यवस्था का उद्देश्य अनजान कॉल की पहचान आसान बनाना और दूरसंचार सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। हालांकि, इससे स्पैम और धोखाधड़ी वाली सभी कॉल बंद हो जाएंगी, ऐसा दावा करना उचित नहीं होगा।क्या है सरकार का नया आदेश?
दूरसंचार विभाग ने सभी संबंधित सेवा प्रदाताओं को अपने नेटवर्क पर CNAP सुविधा डिफॉल्ट रूप से लागू करने को कहा है। इसके तहत कॉल करने वाले का नाम दूरसंचार कंपनी के ग्राहक अभिलेखों में उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रदर्शित किया जाएगा।
इस सुविधा के लिए मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अलग से Truecaller जैसे ऐप डाउनलोड करने या कोई आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा नेटवर्क स्तर पर काम करेगी।
आपके मोबाइल पर कैसे दिखाई देगा नाम?
- पहले से सुरक्षित नंबर: यदि कॉल करने वाले का नंबर आपके फोन में सुरक्षित है, तो सामान्यतः आपके फोन में दर्ज नाम दिखाई देगा।
- अनजान घरेलू नंबर: यदि नंबर सुरक्षित नहीं है, तो दूरसंचार कंपनी के अभिलेखों में दर्ज नाम प्रदर्शित होगा।
- अंतरराष्ट्रीय कॉल: ऐसी कॉल पर केवल “International Call” दिखाया जाएगा।
- 2G, 3G और लैंडलाइन: इन नेटवर्कों पर सुविधा लागू करने के विषय में अलग से विचार किया जाएगा।
क्या आपकी निजता खतरे में पड़ेगी?
CNAP व्यवस्था में नाम और मोबाइल नंबर के बीच संबंध स्थापित करने के लिए दूरसंचार कंपनियों के ग्राहक अभिलेखों का उपयोग होगा। विभाग के निर्देशों में डेटा सुरक्षा और निजता संबंधी प्रावधानों पर जोर दिया गया है। कॉल समाप्त होने के बाद प्राप्तकर्ता के फोन पर कॉल करने वाले का नाम स्थायी रूप से सुरक्षित नहीं रखा जाना है।
कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) सुविधा वाले ग्राहकों के नाम भी प्रदर्शित नहीं किये जाएंगे। फिर भी ग्राहक अभिलेखों की शुद्धता और डेटा सुरक्षा इस व्यवस्था के महत्त्वपूर्ण पहलू रहेंगे।
कंपनियां अपना नाम कैसे दिखा सकेंगी?
व्यावसायिक और सामूहिक कनेक्शन रखने वाली कंपनियां अपने वास्तविक ग्राहक नाम के स्थान पर मान्य व्यावसायिक नाम प्रदर्शित कराने का अनुरोध कर सकती हैं। इसके लिए पंजीकृत ट्रेडमार्क या वस्तु एवं सेवा कर (GST) पोर्टल पर दर्ज व्यापारिक नाम जैसे आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दूरसंचार कंपनियां दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद नाम प्रदर्शित करने की व्यवस्था करेंगी।
फरवरी 2024 में TRAI ने की थी सिफारिश
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (Telecom Regulatory Authority of India—TRAI) ने 23 फरवरी 2024 को भारतीय दूरसंचार नेटवर्क में CNAP सुविधा शुरू करने के संबंध में सिफारिशें जारी की थीं। उस समय यह सुविधा उपलब्ध कराने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी। अब दूरसंचार विभाग ने 1 नवंबर 2026 से इसे डिफॉल्ट रूप से लागू करने के निर्देश दिये हैं।
मोबाइल उपयोगकर्ताओं को क्या करना होगा?
उपयोगकर्ताओं को अलग से ऐप डाउनलोड करने या आवेदन करने की आवश्यकता नहीं बताई गई है। सुविधा लागू होने पर अनजान घरेलू कॉल के साथ नाम दिखाई देने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रदर्शन नेटवर्क, मोबाइल उपकरण और संबंधित तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर कर सकता है।
क्या इससे स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल से छुटकारा मिलेगा?
CNAP से कॉल करने वाले की पहचान करने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह धोखाधड़ी रोकने का पूर्ण समाधान नहीं है। किसी कॉल पर नाम दिखाई देने मात्र से यह प्रमाणित नहीं होता कि फोन करने वाला व्यक्ति भरोसेमंद है या उसका उद्देश्य सही है।
इसलिए बैंक, पुलिस अथवा सरकारी अधिकारी बनकर फोन करने वालों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते का विवरण, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। संदिग्ध कॉल आने पर संबंधित संस्था के आधिकारिक संपर्क माध्यम से जानकारी प्राप्त करें।
निष्कर्ष: CNAP मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अनजान कॉल पहचानने का एक अतिरिक्त साधन देगी। इससे संदिग्ध कॉल के प्रति सतर्कता बढ़ सकती है, लेकिन सुरक्षित रहने के लिए कॉल करने वाले के नाम के साथ उसके दावों की भी पुष्टि करना जरूरी रहेगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।



















