कोरोना पर सबसे बड़ी खबर: नैनीताल के सबसे बड़े मनुमहारानी होटल में ‘ले ऑफ’, 80 कर्मचारियों को मिलेगा सिर्फ आधा वेतन

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2020। कोराना की महामारी का कानूनी तौर पर सबसे पहला शिकार पर्यटननगरी सरोवरनगरी का सबसे बड़ा होटल मनुमहारानी हुआ है। पिछले तीन माह से भी अधिक समय से बंद होने के बावजूद अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन दे रहे होटल प्रबंधन ने होटल में कानूनी तौर पर ‘ले-ऑफ’ (छंटनी) घोषित … Read more

‘भारत के स्विटजरलेंड’ में गांधी जी ने लिखी थी ‘अनासक्ति योग’

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, कौसानी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एक अलग दृष्टि के महामानव थे। यही कारण है कि उन्होंने अपनी आग उगलती बंदूकों और जुल्मो-सितम के लिए पहचाने जाने वाले अंग्रेजों को, जिनके राज में तब कभी सूर्य अस्त न होता था, एक अलग तरह के अहिंसा के अस्त्र का प्रयोग कर असंभव … Read more

बाजपुर में मिलीं प्राचीन मूर्तियां, हो सकती हैं 17वीं सदी के चंद राजा बाजबहादुर चंद के दौर की

नवीन समाचार, बाजपुर, 23 फरवरी 2019। कुमाऊं के प्रसिद्ध चंद राजवंश के सबसे सुप्रसिद्ध राजा बाजबहादुर चन्द (शासनकाल 1638 से 1678 ईसवी) के द्वारा मुगल बादशाह शाहजहां के दौर में अपने नाम से बसाये गये बाजपुर कस्बे में प्राचीन मूर्तियां मिली हैं। यह प्राचीन मंदिर के संबंधित बतायी जा रही हैं। बताया गया है कि … Read more

भारत के इतिहास पर एक बड़ी ऐतिहासिक धारणा हुई खारिज, मिला महाभारतकालीन रथ व शवागार

Bagpat 6विश्वभर की सबसे प्राचीन हिंदू सभ्यता का एक और बड़ा सबूत मिल गया है। सिंधु घाटी सभ्यता की ही कमोबेश समकालीन, उत्खनक वैज्ञानिकों के अनुसार करीब 5000 वर्ष पुरानी महाभारतकालीन सभ्यता के सबूत महाभारत की ही धरती, महाभारत काल में पांडवों के मांगे 5 गांवों में शामिल उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सिनौली गांव में मिले हैं। यहां आर्कियॉलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) द्वारा की गयी खुदाई में पहली बार भारत में रथ मिले हैं, जिनसे पूर्व की आर्यों के दौर में भारत में रथों का उपयोग न होने की ऐतिहासिक धारणा खारिज हो गयी है। रथों में तांबे की पट्टियों एवं कीलों का प्रयोग मिला है, इससे इस रथ के ताम्रकालीन दौर के होने और उत्खनन स्थल के महाभारत की धरती पर होने तथा प्राप्त सबूतों के करीब 5000 वर्ष पुराने यानी लगभग 1800 से 2000 ईसा पूर्व के होने के सबूतों के साथ इस सभ्यता के महाभारतकालीन होने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है।

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मौसमी कारणों से समाप्त हुई थी सिन्धु घाटी सभ्यता 

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बिना सूचना राजभवन रोड पर दोपहिया वाहनों के लिए वन-वे व्यवस्था लागू कर माल रोड पर स्वयं दबाव बढ़वा रही नैनीताल पुलिस, नाराजगी…

नैनीताल, 27 अगस्त 2018। नैनीताल पुलिस ने सोमवार सुबह 8 बजे से राजभवन-कलक्ट्रेट रोड पर दोपहिया वाहनों के लिए भी वन-वे यातायात व्यवस्थाा लागू करा दी। गौरतलब है कि इसकी कोई भी ‘विशिष्ट सूचना’ न ही जनपद के एसएसपी द्वारा सोशल मीडिया में वायरल मैसेज में की गयी है, न एएसपी द्वारा एक दिन पूर्व … Read more

कुमाऊं के ब्लॉग व न्यूज पोर्टलों का इतिहास

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कुमाऊं के ब्लॉग :

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल। ब्लॉगिंग को नये मीडिया का मुख्य आधार कहा जाता है, और वेब पत्रकारिता की शुरुआत सोशल मीडिया से भी पहले ब्लॉगिंग से ही मानी जाती है। निस्संदेह देश में आलोक कुमार के हिन्दी ब्लॉग ‘नौ दो ग्यारह’ से 21 अप्रैल 2003 को हिंदी ब्लॉगिंग की शुरुआत होने के बाद से ही ब्लॉगिंग साफ तौर पर पत्रकारिता से सीधे जुड़े होने के बजाय ब्लॉगरों की मनोभावनाओं-अभिव्यक्तियों को उजागर करने का माध्यम ही रही। शुरुआत में देश के बड़े शहरों व विदेशों में रहे लोगों ने ही ब्लॉगिंग की शुरुआत की, क्योंकि वहां उन्हें वहां के निवासी अपनी भाषाओं में ब्लॉगिंग करते नजर आते थे। जबकि भारत में ब्लॉगिंग में उस दौर में इंटरनेट के साथ ही हिंदी में लिखने के लिए हिन्दी फांट की समस्या और उसके लेखन की विधियां तथा लोगों के बीच तकनीकी जानकारी का अभाव जैसी बड़ी बाधाएं थीं। इस दौरान अल्मोड़ा के अक्टूबर 2004 से ब्लोगर पर सक्रिय प्रशांत जोशी ने अंग्रेजी में Almoraboy’s Pensieve, Maya Thomas Wedding व Sweet Memoirs नाम से अंग्रेजी में कुमाऊं में ट्रेकिंग व अन्य विषयों पर ब्लॉग शुरू किये।

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12 फरवरी को महर्षि दयानंद के जन्म दिवस पर विशेषः उत्तराखंड में यहाँ है महर्षि दयानंद के आर्य समाज का देश का पहला मंदिर

  • आर्य समाज की 1875 में स्थापना से पूर्व 1874 में महर्षि दयानंद से प्रभावित नगर के लोगों ने नगर में बनाई थी ‘सत्य धर्म प्रकाशिनी सभा’, और की थी आर्य समाज मंदिर की स्थापना
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देश का सबसे पुराना नैनीताल के तल्लीताल स्थित प्राचीन आर्य समाज मंदिर।

नवीन जोशी, नैनीताल। अंग्रेजों द्वारा ‘छोटी बिलायत’ के रूप में 1841 में बसायी गयी सरोवरनगरी नैनीताल के 1845 में ही देश की प्रारंभिक नगर पालिका के रूप में स्थापित होने, यहीं से उत्तराखंड में देशी (हिंदी-उर्दू) पत्रकारिता की 1868 में शुरुआत ‘समय विनोद’ नाम के पाक्षिक समाचार पत्र से होने सहित अनेकानेक खूबियां तो जगजाहिर हैं, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि नैनीताल में ही देश का पहला आर्य समाज मंदिर 1874 में आर्य समाज की स्थापना से भी पूर्व से नगर के तल्लीताल में स्थापित हुआ था। इसे आजादी के बाद 1941 से नगर के पहले भारतीय नगर पालिका अध्यक्ष रहे रायबहादुर जसौत सिंह बिष्ट तथा कुमाऊं के आयुक्त आरबी शिवदासानी के प्रयासों से इसे मल्लीताल के वर्तमान स्थल पर स्थानांतरित किया गया।

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खुल गया जसपुर में मिले डायनासोर के कंकाल का राज

पिछले वर्ष 19 नवंबर 2017 को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत जसपुर के बिजली घर में स्टोर की सफाई के दौरान मिले डायनासोर की तरह दिखने वाले कंकाल की गुत्थी सुलझ गई है। वन्य जीव संस्थान देहरादून ने कंकाल की डीएनए जांच के बाद उसके बिल्ली प्रजाति का होने की पुष्टि की है। उल्लेखनीय … Read more

प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ सदृश रामायण-महाभारतकालीन द्रोणगिरि वैष्णवी शक्तिपीठ दूनागिरि

(Know the Benefits-Method and Deep glory-Name Jap) Dharm Aastha, Hindu, Sanatan

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, 9 अक्टूबर 2021। हिमालय की गोद में बसे आध्यात्मिक महिमा से मंडित और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दूनागिरि (Dunagiri) शक्तिपीठ का अपार महात्म्य है। आइए आज हम आपको इस शक्तिपीठ के दर्शनों को लिए चलते हैं। दूनागिरि पहुंचने के लिए अल्मोड़ा से 65 किमी, रानीखेत से 38 किमी … Read more

कुमाऊं में 16वीं शताब्दी से लिखे व मंचित किये जा रहे हैं नाटक

-बताया-चंदवंश के राजा रूद्रचंद देव द्वारा संस्कृत के दो नाटकों की रचना व मंचन -नैनीताल के रंगमंच पर वृहद शोध की जरूरत उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल एवं मंडल मुख्यालय नैनीताल में रंगमंच की गौरवशाली परंपरा रही है। सोलहवीं शताब्दी में कुमाऊं में चंदवंश के राज्य में राजा रूद्रचंद देव द्वारा संस्कृत के दो नाटकों की … Read more