(Dhirendra Shastri) ‘यह देश बाबर का नहीं, बल्कि रघुवर का… जब भारत के मुकुट उत्तराखंड के हर घर से 1-1 बच्चा… तभी भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा…’: बाबा बागेश्वर

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नवीन समाचार, देहरादून, 5 नवंबर 2023 (Dhirendra Shastri) । ‘यह देश बाबर का नहीं, बल्कि रघुवर का है। उत्तराखंड भारत का मुकुट है। उत्तराखंड के हर घर से एक एक बच्चा अपने सिर पर कफन बांधकर सनातन के लिए निकलेगा। उत्तराखंड में जब सिर्फ सनातन-सनातन दिखेगा, तभी हिंदू राष्ट्र बनेगा।’ उन्होंने कहा, ‘बाबर का देश कहने वाले लोगों को जो बेघर कर दे, ऐसा मुख्यमंत्री होना चाहिए।’

(Dhirendra Shastri)उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचे बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने (Dhirendra Shastri) उत्तराखंडवासियों को सनातन धर्म का झंडा बुलंद करने के लिये संदेश दिया। यहां दिव्य दरबार के लिये आये धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) का सीएम पुष्कर सिंह धामी, भाजपा अध्यक्ष भट्ट व परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि और स्वामी दर्शन भारती आदि ने भव्य स्वागत किया। ऐसे में यहां लोगों का उत्साह देखकर आचार्य ने देहरादून में पांच दिनों तक कथा करने का ऐलान किया।

धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने कहा कि देहरादून में पांच दिनों तक कथा करने का मुख्य उद्देश्य होगा कि उत्तराखंड के हर घर से एक एक बच्चा अपने सिर पर कफन बांधकर सनातन के लिए निकलेगा। उन्होंने कहा, उत्तराखंड भारत का मुकुट है। ऐसे में सिर सनातन से ऊपर होगा, तभी भारत हिन्दू राष्ट्र बनेगा। उत्तराखंड में जब सिर्फ सनातन-सनातन दिखेगा, तभी हिंदू राष्ट्र बनेगा।

धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने आगे कहा कि पर्चा तो बहाना है, तुम सबको श्री राम का बनाना है। लव जिहाद के चक्कर ने बेटियां खराब ना हो जाए। पहाड़ में मस्जिदें ना बनाई जाए। इसके लिए सनातन का झंडा बुलंद किया जाए। शास्त्री ने दिव्य दरबार में कहा कि जब हमारा शरीर दूसरे ग्रुप के खून को झेल नहीं सकता तो हम दूसरे मजहब को कैसे स्वीकार कर सकते है? ये देश बाबर का नहीं, बल्कि रघुवर का है।

धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने मुख्यमंत्री धामी की तारीफ करते हुआ कहा कि बाबर का देश कहने वाले लोगों को बेघर कर दे, ऐसा मुख्यमंत्री होना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने सीएम धामी से कहा कि वह धर्मनगरी में मदिरा बंद करके सनातन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। इस दौरान सीएम धामी की मां ने धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) की आरती उतारी और उनका आशीर्वाद लिया।

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नवीन समाचार, बागेश्वर, 30 जुलाई 2023। मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम वाले बाबा कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) जब से प्रसिद्ध हुए हैं, तब से उत्तराखंड में कुमाऊं की काशी कहे जाने वाले बागेश्वर धाम की गूगल पर सर्च और यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। कारण, बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) तो बहुत प्रसिद्ध हैं, लेकिन उनके बागेश्वर धाम से अधिक प्रसिद्ध उत्तराखंड का बागेश्वर धाम पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण पहले से ही है।

इसलिए लोग बाबा बागेश्वर धाम को गूगल पर खोजते हुए हजारों किलोमीटर का सफर तय कर उत्तराखंड के बागेश्वर पहुंच रहे हैं। हालांकि गलती से यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु पहले तो परेशान महसूस कर रहे हैं, लेकिन जब बागेश्वर में सरयू और गोमती नदी के संगम पर स्थित भगवान शिव के मंदिर और स्कंद पुराण के मानस खंड के अनुसार यहां स्वयं भगवान शिव के बाघ के रूप में प्रकट होने की पौराणिक कथा व इस स्थान की पौराणिक व ऐतिहासिक महत्ता जान रहे हैं तो उनकी इस स्थान के प्रति भी श्रद्धा बन रही है। इससे बागेश्वर के बारे में भी देश भर के लोगों की जानकारी और श्रद्धा और अधिक बढ़ रही है।

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बागेश्वर की महत्ता

Bageshwar Dhamउल्लेखनीय है कि कुमाऊं के दानपुर क्षेत्र में स्थित बागेश्वर न केवल उत्तराखंड की प्राचीन नगरी व जिला मुख्यालय है, वरन इस स्थान पर चंद वंशीय राजा लक्ष्मी चंद द्वारा 1450 ईसवी में स्थापित भगवान शिव के स्वरूप बाबा बागनाथ का मंदिर है। साथ ही इस स्थान से प्रसिद्ध कुमाउनी प्रेम कथा-राजुला मालूशाही के भी कई प्रसंग भी जुड़ते हैं। यहां हर साल उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकपर्व उत्तरायणी पर ऐतिहासिक मेला लगता है, जिसमें अंग्रेजी दौर में एक सुप्रसिद्ध ‘रक्तहीन क्रांति’ के जरिए कुमाऊं में सदियों से चली आ रही कुली बेगार की कुप्रथा का अंत किया गया था।

(डॉ. नवीन जोशी)आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें सहयोग करें..यहां क्लिक कर हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। यहां क्लिक कर यहां क्लिक कर हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से, हमारे टेलीग्राम पेज से और यहां क्लिक कर हमारे फेसबुक ग्रुप में जुड़ें। हमारे माध्यम से अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम पहुंचे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Shastri), वीडियो सहित देखें क्या बोले-क्या कहा…

नवीन समाचार, बदरीनाथ, 4 जून 2023। (Dhirendra Shastri) बागेश्वर धाम के प्रमुख व देश के बहुचर्चित प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को उत्तराखंड पहुंचे। यहां उन्होंने बदरीनाथ धाम पहुंचकर बाबा बदरी विशाल के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इस मौके पर बाबा को देखने और उनके साथ फोटो खींचने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देखें वीडियो:

Dhirendra Shastriइस अवसर बाबा ने कहा कि वह यहां रुद्र प्रताप त्रिपाठी द्वारा आयोजित की जा रही कथा में शामिल होने के लिए एक दिवसीय प्रवास पर यहां पहुंचे हैं। इस दौरान उनके साथ साथ खाक-चौक आश्रम बदरीनाथ के बाबा बालकदास महाराज एवं पूर्व धर्माधिकारी श्री उनियाल जी भी मौजूद रहे। बदरीनाथ धाम में बाबा बच्चों के साथ खेलते, मौज-मस्ती करते भी नजर आए।

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इससे पहले धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) सुबह 11 बजे विशेष चार्टर्ड हेलीकॉप्टर से देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उनके अनुयाई उनको देखकर भावुक नजर आए। यहां से वह कड़ी सुरक्षा के बीच देहरादून और बाद में जॉलीग्रांट से ही बदरीनाथ के लिए रवाना हुए।

बताया गया है कि इस दौरान उन्होंने कई साधु और संतों से मुलाकात की और उन्हें बागेश्वर धाम में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर संतो को न्योता भी दिया। बदरीनाथ धाम हेलीपैड पर पहुंचने पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भव्य स्वागत तुलसी माला तथा वेदपाठ के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान स्वस्ति वाचन और मंत्रों का वाचन भी किया गया। इस बीच उनको देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ी रही। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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