नैनीताल : झाड़ियों में बिजली मीटर और एक सीएफएल व 0 वाट के बल्ब का बिल 22 हजार रुपये, सड़कों से अवैध मलबा और रेता-बजरी हटाने को मुखर हुए हिंदूवादी संगठन

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नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मई 2026 (Electricity Bill 22000-Debrison-Road)। उत्तराखंड (UTTARAKHAND) के नैनीताल (NAINITAL) जनपद में बिजली बिल को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जनपद मुख्यालय के निकट स्थित खुर्पाताल क्षेत्र के एक ग्रामीण को मात्र एक सीएफएल और एक शून्य वाट बल्ब के उपयोग पर 21 दिन का 22 हजार रुपये से अधिक का विद्युत बिल मिलने का दावा किया गया है। पीड़ित उपभोक्ता ने इसे विद्युत विभाग की गंभीर अनियमितता बताते हुए जिलाधिकारी से शिकायत कर बिल का पुनर्मूल्यांकन और खराब मीटर बदलवाने की मांग की है। दूसरी ओर शहर में सड़कों पर फैले मलबे और रेता-बजरी को लेकर भी विभिन्न संगठनों और भाजपा नेताओं ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठायी है।

21 दिन का बिजली बिल पहुंचा 22 हजार रुपये के पार

(Electricity Bill 22000-Debrison-Road)
ग्रामीण का बिजली का 22184.00 का बिजली का बिल

खुर्पाताल निवासी हरीश बन गोस्वामी ने जिलाधिकारी नैनीताल को प्रार्थना पत्र भेजकर बताया कि उनके नाम से उपभोक्ता संख्या 595ए505119484 और खाता संख्या 19003520 पर विद्युत संयोजन संचालित है। उनके अनुसार फरवरी माह के केवल 21 दिनों का बिजली बिल पहले 20 हजार 717 रुपये जारी किया गया।

हरीश का आरोप है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो बिल राशि और बढ़ाकर 22 हजार 148 रुपये कर दी गयी। उपभोक्ता का कहना है कि उनके यहां केवल मार्ग प्रकाश के लिए एक सीएफएल और एक शून्य वाट बल्ब का उपयोग हो रहा है। ऐसे में इतनी अधिक राशि का बिल आना पूरी तरह असंगत और गलत है।

मीटर खराब होने और विभागीय अनियमितताओं के आरोप

(Electricity Bill 22000-Debrison-Road)
गाँव में झाड़ियों में लगा बिजली का मीटर

पीड़ित उपभोक्ता ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी कराने तथा खराब विद्युत मीटर बदलवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव में विद्युत विभाग की ओर से कई प्रकार की अनियमितताएं की जा रही हैं।

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हरीश ने शिकायत में कहा कि कई स्थानों पर पेड़ों व झाड़ियों में बिजली मीटर लगाए गये हैं और विभाग मनमाने ढंग से कार्य कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बिजली का करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते इस प्रकार की शिकायतों का समाधान नहीं किया गया तो लोगों का आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है।

सड़कों से अवैध मलबा और रेता-बजरी हटाने को मुखर हुए हिंदूवादी संगठन

इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, श्री राम सेवा दल और बजरंग वाहिनी दल के प्रतिनिधिमंडल ने नैनीताल-कालाढूंगी राष्ट्रीय राजमार्ग तथा नगर क्षेत्र में सड़कों के किनारे अवैध रूप से डाले गये मलबे, रेता-बजरी और पत्थरों को हटाने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री लंबे समय से सड़कों के किनारे पड़ी रहने के कारण यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ज्ञापन में कहा गया कि बिखरी बजरी के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसल रहे हैं, जबकि निर्माण सामग्री के आसपास चेतावनी संकेत और बैरिकेडिंग भी नहीं लगायी गयी है।

संगठनों ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कार्रवाई और आर्थिक दंड लगाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में विवेक वर्मा, कुंदन तिलाया, अनुज सक्सेना, अमित साह, विनोद सिंह और नवीन भट्ट सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

भाजपा नेता ने भी प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष दयाकिशन पोखरिया ने भी शहर के विभिन्न मार्गों पर पड़े मलबे, रेता-बजरी और गाद को हटाने की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

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उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में निर्माण सामग्री सार्वजनिक मार्गों पर जमा होने से आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से संबंधित विभागों को निर्देशित कर तत्काल कार्रवाई कराने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन सीजन के दौरान नैनीताल जैसे संवेदनशील पहाड़ी नगर में विद्युत व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और शहरी प्रबंधन से जुड़े मामलों पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है, अन्यथा स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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