नवीन समाचार, चमोली, 13 अगस्त 2026 (Chamoli-Water-Debris Entered in Tunnel)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जनपद के पीपलकोटी (Pipalkoti) क्षेत्र में गुरुवार शाम निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की टनल (Tunnel) में अचानक पानी और मलबा घुसने से कई मजदूर अंदर फंस गए। घटना मायापुर (Mayapur) क्षेत्र में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन टनल में शाम करीब 7:05 बजे हुई। जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), सेना और आईटीबीपी (ITBP) समेत विभिन्न एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं और अब तक कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
घटना के समय टनल के भीतर मजदूर निर्माण कार्य में जुटे थे। प्रारंभिक जानकारी में 22 मजदूरों के टनल में होने की बात सामने आई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में फंसे मजदूरों की संख्या 28 बताई गई है। इसलिए फिलहाल फंसे मजदूरों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में कई मजदूरों के सुरक्षित निकाले जाने की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ मजदूरों के अब भी अंदर फंसे होने की सूचना है।
पानी और मलबे के अचानक आने से फंसे मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टनल में अचानक पानी का तेज बहाव और मलबा आने लगा। पानी और मलबे ने टनल के हिस्से को अवरुद्ध कर दिया, जिससे अंदर मौजूद मजदूरों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। स्थानीय प्रशासन को सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें सबसे पहले मौके पर पहुंचीं। इसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी रेस्क्यू अभियान में शामिल हुईं। सेना, आईटीबीपी, डीआरएफ (DRF) और फायर सर्विस के जवानों को भी अभियान में लगाया गया है। अतिरिक्त बचाव दल गौचर (Gauchar) और जोशीमठ (Joshimath) से भी घटनास्थल के लिए रवाना किये गये।
टनल के भीतर पानी और मलबा होने के कारण बचाव दलों को अंदर पहुंचने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। रेस्क्यू टीमों की प्राथमिकता पहले अंदर फंसे सभी मजदूरों तक सुरक्षित पहुंच बनाना और उन्हें बाहर निकालना है।
कई मजदूर सुरक्षित बाहर निकाले गये, कुछ घायल
बचाव अभियान के दौरान कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। अलग-अलग समय पर जारी रिपोर्टों में 13, 15, 16 और बाद में 18 मजदूरों को बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है, इसलिए रेस्क्यू की संख्या लगातार अपडेट होती रही।
बाहर निकाले गये मजदूरों में कुछ के घायल होने की भी जानकारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बतायी गयी है और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में तीन मजदूरों की मौत की सूचना भी सामने आयी है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि के बिना इसे निश्चित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया घटना का संज्ञान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने चमोली टनल हादसे का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने आपदा परिचालन केंद्र (Disaster Operations Centre) पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और अधिकारियों से लगातार अपडेट लिया। जिलाधिकारी गौरव कुमार (Gaurav Kumar) सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से आवश्यक संसाधनों को घटनास्थल पर पहुंचाया जा रहा है।
चमोली में पहले भी हो चुके हैं बड़े टनल हादसे
चमोली जनपद का यह इलाका पहले भी बड़ी प्राकृतिक और निर्माण संबंधी आपदाओं का सामना कर चुका है। फरवरी 2021 में तपोवन (Tapovan) क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान तपोवन-विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना की सुरंगों में पानी और भारी मलबा भर गया था। उस आपदा में बड़ी संख्या में लोग लापता हुए थे और कई शव सुरंग से बरामद किये गये थे।
वहीं जनवरी 2023 से जोशीमठ (Joshimath) में भू-धंसाव की घटनाओं ने भी क्षेत्र की संवेदनशीलता को सामने रखा। इसके अलावा चमोली में हाल के वर्षों में भूस्खलन और अचानक आने वाले मलबे व पानी से जुड़ी कई घटनाएं हुई हैं। मौजूदा हादसा भी ऐसे समय हुआ है जब उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक जलप्रवाह की घटनाओं का खतरा बना हुआ है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण चुनौती टनल के भीतर फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार अभियान में जुटी हुई हैं।
नोट: टनल में फंसे मजदूरों की संख्या और रेस्क्यू की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आये हैं। इसलिए इस समाचार में उपलब्ध नवीनतम पुष्ट सूचनाओं को प्राथमिकता दी गयी है और अपुष्ट मौत के आंकड़े को निश्चित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। हम इस समाचार पर अपडेट करने के लिये बने हुए हैं। इस संबंध में कोई भी अपडेट इसी लिंक पर दी जाएगी। इसलिये अपडेटेड समाचार देखने के लिये इस समाचार के लिंक को रिफ्रेश करते रहें। धन्यवाद।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Chamoli-Water-Debris Entered in Tunnel) :
Chamoli-Water-Debris Entered in Tunnel, Chamoli Tunnel Accident, Pipalkoti Tunnel Accident, Uttarakhand Tunnel Accident, Chamoli News, Pipalkoti News, THDC Tunnel, Vishnugad Pipalkoti Hydroelectric Project, Tunnel Rescue Operation, NDRF Rescue Chamoli, SDRF Rescue Uttarakhand, Chamoli Landslide, Tunnel Water Inflow, Uttarakhand Disaster News, Pushkar Singh Dhami, Uttarakhand Latest News, Chamoli Pipalkoti tunnel accident August 2026, workers trapped in THDC tunnel Chamoli, water and debris entered tunnel in Pipalkoti, Uttarakhand tunnel rescue operation latest update,
Chamoli tunnel workers rescue operation, THDC Vishnugad Pipalkoti tunnel accident, NDRF SDRF rescue operation Chamoli, Pipalkoti tunnel landslide and water inflow, Uttarakhand hydroelectric project tunnel accident, Chamoli workers trapped tunnel latest news, Pushkar Singh Dhami Chamoli tunnel rescue, Uttarakhand monsoon tunnel accident, Chamoli disaster rescue operation August 13 2026, #Chamoli #Pipalkoti #Uttarakhand #TunnelAccident #THDC #TunnelRescue #NDRF #SDRF #ChamoliNews #UttarakhandNews #Landslide #DisasterNews #NavinSamachar

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।




















3 जून 2009 से संचालित उत्तराखंड का सबसे पुराना डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘नवीन समाचार’ अपने आरंभ से ही उत्तराखंड और देश-दुनिया की सटीक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरें आप तक पहुँचाने का प्रयास करता आ रहा है। हिंदी में विशिष्ट लेखन शैली हमारी पहचान है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवाज को मजबूती से सामने लाना, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देना और हिंदी पत्रकारिता को जीवित रखना है। हमारे प्रत्येक समाचार एक लाख से अधिक लोगों तक और हर दिन लगभग 10 लाख बार पहुंचते हैं।