नवीन समाचार, नैनीताल, 2 सितंबर 2026 (Nainital-217 MM Rain-47 Roads Closed)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश (Heavy Rain) ने जनजीवन को व्यापक रूप से प्रभावित कर दिया है। बीते 24 घंटों में नैनीताल में सर्वाधिक 217 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि जिले में औसतन 86 मिलीमीटर बारिश हुई है। भारी वर्षा के कारण जिले में 47 सड़कें बंद हो गई हैं और तीन घरों के आंगन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन मार्ग खोलने, क्षति का आकलन करने और राहत कार्यों में जुटा है, जबकि लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में नैनीताल में 217 मिलीमीटर, हल्द्वानी-काठगोदाम (Haldwani-Kathgodam) में 166 मिलीमीटर, मुक्तेश्वर (Mukteshwar) और चोरगलिया (Chorgalia) में 107-107 मिलीमीटर तथा श्री कैंची धाम (Shri Kainchi Dham) में 105 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश से पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मलबा आने, जलभराव तथा भूस्खलन के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है।
47 सड़कें बंद, मार्ग खोलने में जुटी एजेंसियां
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (District Disaster Management Authority-DDMA) की दो सितंबर की सूची के अनुसार जिले में तीन राज्य मार्ग, तीन मुख्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। बंद मार्गों में गरजिया-बेतालघाट-खैरना (Garjiya-Betalghat-Khairna), खुटानी-भवाली-धानाचूली (Khutani-Bhowali-Dhanachuli), रामनगर-भंडारपानी-बेतालघाट (Ramnagar-Bhandarpani-Betalghat) तथा सुयालबाड़ी-ओड़ाखान (Suyalbari-Odhakhan) मार्ग शामिल बताए गए हैं।
मुख्य जिला मार्गों में पांडेगांव-रानीकोटा गोतिया (Pandegaon-Ranikota Gotiya), मौना-ल्यौशाल-कालापातल (Mauna-Lyaushal-Kalapatal) सहित अन्य मार्ग प्रभावित हैं। इसके अतिरिक्त भवाली (Bhowali), नैनीताल, ज्योलीकोट (Jyolikot), हल्द्वानी और काठगोदाम खंडों के 40 से अधिक ग्रामीण मार्ग बाधित हैं।
प्रशासन के अनुसार संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं द्वारा बंद मार्गों को खोलने की कार्रवाई जारी है। लगातार वर्षा के कारण कई स्थानों पर मलबा हटाने और जलनिकासी की चुनौती बनी हुई है।
कैलाखान पहाड़ी में भूस्खलन, तीन मूर्ति के पास भवन खाली कराने के नोटिस
नैनीताल। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान तल्लीताल कैलाखान पहाड़ी में भूस्खलन से लोगों में दहशत फैल गई। बलियानाला के तेज बहाव से हुए भू-कटाव के कारण मलबा और बोल्डर गिरने लगे। पूर्व सभासद डीएन भट्ट ने कहा कि कटाव नहीं रोका गया तो आलूखेत, छावनी परिषद के आवास, हैलीपैड और भवाली रोड को भी खतरा हो सकता है।
एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि कैलाखान-आलूखेत क्षेत्र पहले से संवेदनशील भूस्खलन जोन है। विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण किया है और भू-कटाव रोकने के लिए तत्काल प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, हल्द्वानी रोड पर तीन मूर्ति के समीप कृष्णापुर में हुए भूस्खलन से स्व. गरुड़ ध्वज जोशी के भवन के निचले हिस्से की जमीन खिसक गई और बिजली लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुईं। प्रशासन ने भवन में रह रही उनकी बेटी दीपा लोहनी और तीन किरायेदारों को मकान खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने का नोटिस दिया है। आसपास के दो अन्य भवनों के निवासियों को भी एहतियात बरतने को कहा गया है।
गौला, कोसी और नंधौर नदियों का जलस्तर बढ़ा, नैनी झील के गेट खोले गए
भारी बारिश के कारण गौला (Gaula), कोसी (Kosi) और नंधौर (Nandhaur) नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नैनी झील (Naini Lake) का जलस्तर बढ़ने के बाद उसके गेट खोलने पड़े हैं।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गौला नदी का जलस्तर 18,612 क्यूसेक (Cusec) तथा कोसी नदी का जलस्तर 19,016 क्यूसेक दर्ज किया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
तीन घरों के आंगन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। ग्राम जलना नील पहाड़ी (Jalna Neel Pahadi) निवासी महेंद्र पाल पुत्र जयराम, मनोहर लाल पुत्र किशन राम तथा ग्राम अनर्पा (Anarpa) निवासी चंदन सिंह असगोला पुत्र प्रताप सिंह के घरों के आंगन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बताए गए हैं।
राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर वर्षा से हुई क्षति का आकलन कर रही हैं। प्रशासन के अनुसार जहां मकानों को आंशिक नुकसान अथवा पशुहानि की सूचना मिल रही है, वहां तहसील स्तर के माध्यम से आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
कुमाऊं मंडल में भारी बारिश को लेकर प्रशासन सतर्क, जिलाधिकारियों को चौबीसों घंटे तैयार रहने के निर्देश
कुमाऊं मंडल (Kumaon Division) में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग (Meteorological Department) की ओर से भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत (Deepak Rawat) ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को पूरी सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने नैनीताल, अल्मोड़ा (Almora), बागेश्वर (Bageshwar), पिथौरागढ़ (Pithoragarh), चम्पावत (Champawat) और ऊधमसिंह नगर (Udham Singh Nagar) के जिलाधिकारियों को जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के साथ तहसील एवं विकासखंड स्तर के नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
लोक निर्माण विभाग (Public Works Department-PWD), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana-PMGSY), राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway), सिंचाई, विद्युत, पेयजल निगम, ब्रिडकुल (BRIDCUL) और ग्रामीण निर्माण विभाग सहित कार्यदायी संस्थाओं को संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी (JCB) मशीनें और पर्याप्त कार्मिक तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मार्ग बाधित होने की स्थिति में यातायात शीघ्र सुचारु किया जा सके।
आयुक्त ने नदी, नालों और गधेरों के किनारे तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं। किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी बोले, जिले में करीब चार दर्जन मार्ग बाधित, अनावश्यक यात्रा से बचें
नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल (Lalit Mohan Rayal) ने पिछले दो दिनों से जारी बारिश को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में वर्षा हो रही है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है।
जिलाधिकारी ने जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के साथ सभी तहसील और विकासखंड स्तरीय नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई, विद्युत और पेयजल विभागों को मशीनरी और कार्मिकों के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि जिले में इस समय लगभग चार दर्जन मार्ग अवरुद्ध हैं, जिनमें करीब 90 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें हैं। चार से पांच राज्य मार्ग प्रभावित हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग का गरमपानी (Garam Pani) क्षेत्र भी बारिश से प्रभावित हुआ है। बंद मार्गों को खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं और कार्य जारी है।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदियों, नालों, गधेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचने को कहा है।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं से रील (Reel) बनाने या फोटोग्राफी के लिए जोखिम वाले स्थानों पर नहीं जाने की अपील की गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों को पार करने का जोखिम नहीं उठाने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
मूसलाधार बारिश से भीमताल में जनजीवन प्रभावित, सड़कों और झील तक पहुंचा मलबा
पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश (Torrential Rain) से नैनीताल जनपद के भीमताल (Bhimtal) नगर में जगह-जगह जलभराव, मलबा आने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से भीमताल-नौकुचियाताल (Bhimtal-Naukuchiatal) पर्यटन मार्ग के करीब छह किलोमीटर क्षेत्र में स्थिति प्रभावित बताई गई है।
जंगलियागांव पहाड़ी मार्ग और नौल-बिजरौली (Naul-Bijrauli) क्षेत्र में भी मलबे से रास्ते बाधित हुए हैं। भीमताल नगर पालिका का लगभग डेढ़ किलोमीटर सार्वजनिक मार्ग रोड़ी, रेत, मिट्टी और मलबे से भर गया है तथा कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है।
मलबा आईटीआई मार्ग (ITI Road) होते हुए नौकुचियाताल की मुख्य पर्यटन सड़क तक पहुंच गया है। खुटानी नाले से आया मलबा ब्लॉक रोड (Block Road), विकास भवन (Vikas Bhawan), सिडकुल (SIDCUL), बाईपास (Bypass) और जून स्टेट (June Estate) के वार्ड संख्या छह, सात, आठ और नौ तक पहुंचा है। नाले के साथ बहकर आ रही रोड़ी-बजरी, रेत और मिट्टी भीमताल झील (Bhimtal Lake) में पहुंच रही है, जिससे झील में गाद जमा होने की स्थिति बन रही है।
तेज बहाव में चार वर्षीय बच्ची की मौत के बाद बढ़ी चिंता
बाईपास क्षेत्र में मंगलवार को नाले के तेज बहाव में एक चार वर्षीय बच्ची के बहने से मौत हो गई थी। वहीं खुटानी और मेहरा गांव (Mehra Village) से आने वाले नालों का मलबा ब्लॉक रोड, विकास भवन, सिडकुल, बाईपास और जून स्टेट के विभिन्न वार्डों तक पहुंचा है।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी (Puran Brijwasi) ने कहा कि वह वर्ष 2012 से नगर के संवेदनशील क्षेत्रों के स्थायी उपचार के लिए शासन और प्रशासन को ज्ञापन देते आ रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्य नहीं हो सके।
उन्होंने जिलाधिकारी से सभी नालियों और कलमटों की सफाई, नालों के मुहानों से अतिक्रमण हटाने, खुटानी और बिजरौली नालों में चेकडैम (Check Dam), गाद रोकने के उपाय और जाल लगाने की मांग की है। इसके साथ ही सभी नौ वार्डों में जलनिकासी व्यवस्था सुधारने तथा आपदा मदों से स्थायी कार्य कराने की मांग भी की गई है।
उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में नुकसान होता है। ऐसे में आपदा संकट मोचन मद, विभागीय मद, जिला योजना और राज्य योजना सहित उपलब्ध संसाधनों से तत्काल और स्थायी कार्य कराए जाने की आवश्यकता है।
15 सितंबर से नैनीताल जिले की सड़कें होंगी गड्ढामुक्त
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सड़क निर्माण एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत वर्षा समाप्त होते ही युद्धस्तर पर शुरू की जाए। लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को तत्काल आगणन तैयार करने तथा 15 सितंबर तक निविदा प्रक्रिया और गिट्टी, डामर सहित आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने मशीनरी, संयंत्र, श्रमिक और बजट की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि 15 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य पूरा कर जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। कार्यों में उच्च गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
तेज बारिश के बाद नैनी झील से हटाया गया प्लास्टिक कचरा
नैनीताल में बीते दिनों हुई तेज बारिश के बाद नालों और जलधाराओं के माध्यम से नैनी झील में पहुंचे प्लास्टिक कचरे को नैनीताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (Nainital Aquatic and Adventure Sports Association) ने बुधवार को सफाई अभियान चलाकर हटाया।
अभियान में स्वयंसेवकों ने झील से बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य तैरता हुआ कचरा बाहर निकाला। सफाई अभियान में प्रो. रीतेश साह (Prof. Ritesh Sah), प्रो. संजय घिल्डियाल (Prof. Sanjay Ghildiyal), यशपाल सिंह रावत (Yashpal Singh Rawat), सिद्धि, धीरज बिष्ट (Dheeraj Bisht), विक्रम और आशीष मेहता (Ashish Mehta) सहित एसोसिएशन के सदस्यों ने भाग लिया। एसोसिएशन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से नैनी झील तथा उसके आसपास प्लास्टिक और अन्य कचरा नहीं फेंकने की अपील की है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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