नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2026 (124th Nanda Devi Festival in Nainital)। नैनीताल (Nainital) में उत्तराखंड (Uttarakhand) की कुलदेवी मां नंदा देवी (Nanda Devi) का 124वां नंदा देवी महोत्सव बुधवार को धार्मिक उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शुरू हुआ। श्री राम सेवक सभा (Shri Ram Sevak Sabha) के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के सांसद एवं पूर्व रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट (Ajay Bhatt) ने किया। महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही नगर धार्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंग गया, वहीं कदली वृक्षों के स्थान पर 21 पौधे रोपने की परंपरा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
सरोवरनगरी में आयोजित उद्घाटन समारोह में सांसद अजय भट्ट ने कहा कि संस्कृति समाज का आधार होती है और जीवन में आनंद का संचार करती है। उन्होंने मां नंदा देवी से सभी के सुखी, समृद्ध और स्वस्थ रहने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव के दौरान नगर का अलग सांस्कृतिक स्वरूप दिखाई देता है और नैनीताल प्रदेश भर के नंदा देवी महोत्सवों का प्रणेता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्य (Sarita Arya) ने कहा कि मां नंदा देवी देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में समाई हुई हैं और प्रकृति के साथ हिमालय की विशालता तथा ऊर्जा का अनुभव कराती हैं।
परंपराओं के साथ शुरू हुआ महोत्सव
शुभारंभ से पहले गोलघर (Golghar) में छोलिया नर्तकों के साथ अतिथियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। अतिथियों को चुन्नी और टोपी पहनाई गई और छोलिया की मधुर धुनों के साथ उन्हें श्री राम सेवक सभा भवन तक लाया गया, जहां तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया।
सभा भवन में पंडित भगवती प्रसाद जोशी ने मंत्रोच्चार के साथ अतिथियों से दीप प्रज्वलित कराया और पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद श्री राम सेवक सभा से जुड़ी बालिकाओं ने रंगकर्मी मिथिलेश पांडे (Mithilesh Pandey) के नेतृत्व में गणेश वंदना और मां नंदा स्तुति प्रस्तुत की।
सभा के महासचिव जगदीश चंद्र बवाड़ी (Jagdish Chandra Bawari) ने सभा परिवार की ओर से अतिथियों और उपस्थित लोगों का स्वागत किया। इस अवसर पर अतिथियों को मां नंदा-सुनंदा का चित्र भी भेंट किया गया।
महोत्सव की परंपरा के अनुसार पवित्र कदली वृक्ष लाने वाले दल को लाल और सफेद ध्वज यानी निसान प्रदान किए गए। ये दल मंगोली गांव (Mangoli Village) के लिए रवाना हुए। इन्हीं कदली वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण किया जाता है।
कदली वृक्षों के बदले 21 पौधों की पूजा
नंदा महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण की परंपरा भी लगातार जारी है। वर्ष 1998 से पर्यावरण प्रेमी यशपाल रावत (Yashpal Rawat) के सुझाव पर कदली वृक्षों के बदले विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाने की परंपरा शामिल की गई है। इस वर्ष भी मंगोली में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों के निर्माण के लिए कदली वृक्ष लाने वाले दलों के बदले 21 पौधे रोपे जाएंगे।
इन 21 पौधों की बुधवार को अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। यह परंपरा धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने का संदेश देती है।
महोत्सव स्थल पर सजा मेला
नंदा देवी महोत्सव के अवसर पर डीएसए मैदान (DSA Ground) में मेला भी सज गया है। मेले में विभिन्न आकर्षणों के साथ बड़े झूले लगाए गए हैं। इस बार मौत का कुआं भी मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
उद्घाटन सत्र में मेलाधिकारी-उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक (Nawazish Khaliq) ने महोत्सव में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा लोगों से अपने आभूषणों की सुरक्षा के प्रति भी सतर्क रहने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित तिवारी (Dr. Lalit Tiwari), हेमंत बिष्ट (Hemant Bisht), मीनाक्षी कीर्ति (Meenakshi Kirti) और नवीन पांडे (Naveen Pandey) ने किया।
इस अवसर पर कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती (Nivedita Kukreti), पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल (Dr. Mahendra Pal), दायित्वधारी शांति मेहरा (Shanti Mehra) व दिनेश आर्य (Dinesh Arya), सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत (Gopal Rawat), सभा के अध्यक्ष मनोज साह (Manoj Sah), देवेंद्र लाल साह, घनश्याम लाल साह, अशोक साह,
राजेंद्र बिष्ट, विमल चौधरी, विमल साह, डॉ. मोहित सनवाल, भुवन बिष्ट, रेशमा टंडन, सुनीता वर्मा, राजेंद्र लाल साह, घनश्याम जोशी, हीरा रावत, आनंद बिष्ट, मनोज साह, प्रदीप जेठी, पुष्पा बवाड़ी, जीवंती भट्ट, सभासद ललिता दफोटी, जीनू पांडे, अंकित चंद्रा, भगवत रावत, ललित साह, तेज सिंह, गीता साह, अमिता साह, मोहित लाल साह, भीम सिंह कार्की और दिनेश भट्ट सहित बड़ी संख्या में सभा सदस्य, श्रद्धालु एवं नगरवासी उपस्थित रहे।
नंदा महोत्सव से पहले 40 से अधिक भिक्षुक शहर से बाहर भेजे
नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव से पहले पुलिस और नगर पालिका ने मल्लीताल क्षेत्र में घूमकर भिक्षा मांगने वाले 40 से अधिक भिक्षुकों को उनके क्षेत्रों में वापस भेजा। बुधवार सुबह नगर पालिका के वाहन से पुलिस और पालिका की टीम ने यह कार्रवाई की।
नैनीताल के कोतवाल राजेंद्र रावत (Rajendra Rawat) ने बताया कि क्षेत्र में घूम रहे भिक्षुकों को शहर से वापस उनके संबंधित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। महोत्सव के दौरान नगर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन और नगर पालिका की ओर से व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
