नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अगस्त 2026 (History-Mall Roads in India-Nainital)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) की पहचान केवल नैनी झील (Naini Lake) से ही नहीं, बल्कि उसके किनारे स्थित ऐतिहासिक मॉल रोड (Mall Road) से भी है। हर वर्ष लाखों पर्यटक इस सड़क पर घूमते हैं, खरीदारी करते हैं और झील के मनोरम दृश्य का आनंद लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह सड़क केवल एक बाजार नहीं, बल्कि ब्रिटिश शासन (British Rule) की नगर नियोजन व्यवस्था, सामाजिक जीवन और पर्यटन संस्कृति की ऐतिहासिक धरोहर है। आज जिस मार्ग को हर कोई मॉल रोड कहता है, उसका इतिहास लगभग डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक पुराना है।
ब्रिटिश शासन के दौरान भारत के प्रमुख पर्वतीय नगरों को ग्रीष्मकालीन विश्राम स्थलों के रूप में विकसित किया गया। इन्हीं नगरों में अंग्रेज अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए चौड़ी, स्वच्छ तथा सैर के लिए विशेष सड़कें बनाई गईं, जिन्हें “द मॉल (The Mall)” कहा गया। समय के साथ यही नाम भारत के लगभग सभी प्रमुख पर्वतीय नगरों—नैनीताल, मसूरी (Mussoorie), शिमला (Shimla), दार्जिलिंग (Darjeeling), अल्मोड़ा (Almora), रानीखेत (Ranikhet) और अन्य स्थानों की पहचान बन गया।
‘मॉल’ शब्द का इतिहास क्या है?
‘मॉल (Mall)’ शब्द का संबंध आधुनिक शॉपिंग मॉल (Shopping Mall) से नहीं है। इसका मूल पुराने इतालवी खेल पॉल-मॉल (Pall-Mall) से माना जाता है, जो आधुनिक गोल्फ (Golf) जैसा खेल था। बाद में इंग्लैंड (England) में “द मॉल (The Mall)” शब्द ऐसे खुले और चौड़े मार्गों के लिए प्रचलित हुआ, जहां लोग टहल सकें, सामाजिक मेलजोल कर सकें और सार्वजनिक गतिविधियां आयोजित हों। ब्रिटिश शासन ने इसी अवधारणा को भारत सहित अपने अन्य उपनिवेशों में अपनाया।
नैनीताल की मॉल रोड कैसे बनी?

नैनीताल नगर की स्थापना वर्ष 1841 में होने के बाद अंग्रेजों ने नैनी झील के समानांतर इस सड़क का निर्माण प्रारंभ किया। वर्ष 1841 से 1885 के बीच इसका क्रमिक विकास हुआ। बाद में इसका आधिकारिक नाम गोविंद बल्लभ पंत मार्ग (Govind Ballabh Pant Marg) रखा गया, लेकिन आज भी स्थानीय लोग और पर्यटक इसे मॉल रोड के नाम से ही जानते हैं। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी यह सड़क तल्लीताल (Tallital) और मल्लीताल (Mallital) को जोड़ती है तथा नगर की सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन एवं व्यावसायिक धुरी मानी जाती है।
अंग्रेजों की सैरगाह से जनता की पहचान तक
ब्रिटिश काल में यह सड़क मुख्य रूप से अंग्रेज अधिकारियों के सामाजिक जीवन का केंद्र थी। यहां शाम के समय सैर, मेलजोल और सार्वजनिक गतिविधियां होती थीं। स्वतंत्रता के बाद यह मार्ग आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए खुल गया। धीरे-धीरे यहां होटल, रेस्तरां, हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्र, मोमबत्तियां, स्थानीय उत्पाद, कैफे और विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठान विकसित होते गए और मॉल रोड नैनीताल की सबसे लोकप्रिय पहचान बन गई।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र
आज नैनीताल की मॉल रोड स्थानीय अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाती है। पर्यटन सीजन में यहां हजारों पर्यटक प्रतिदिन पहुंचते हैं। नैनी झील में नौकायन, नैना देवी मंदिर (Naina Devi Temple), भोटिया बाजार (Bhotia Bazaar), स्थानीय हस्तशिल्प, कुमाऊं (Kumaon) के ऊनी वस्त्र, मोमबत्तियां, बाल मिठाई (Bal Mithai) तथा स्थानीय व्यंजन पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हजारों परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसी पर्यटन गतिविधि पर निर्भर हैं।
आज भी लागू हैं विशेष यातायात नियम
पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मॉल रोड पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहती है। पूर्व में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सत्र में एक मई से 30 जून तक वाहनों के चलने पर प्रतिबंध रहते थे, लेकिन अब यहां वर्ष भर शाम 6 से 9 बजे तक वाहनों के मुख्य माल रोड पर चलने पर प्रतिबंध हैं। लोवर माल रोड पर तल्लीताल से मल्लीताल की ओर वाहन चल सकते हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से लोवर माल रोड पर चल रहे सुदृढ़ीकरण कार्यों के कारण यह व्यवस्था कुछ प्रभावित है।
पूरी मॉल रोड पर वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित है। पार्किंग केवल निर्धारित स्थानों पर ही अनुमन्य होती है। इससे शाम के समय पर्यटक सुरक्षित और शांत वातावरण में झील के किनारे सैर का आनंद ले सकें। इधर 1 अगस्त से मॉल रोड को ‘नो हॉकिंग जोन’ घोषित किया गया है। इसका अर्थ यह है कि मॉल रोड पर हॉर्न बजाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर 1000 रुपये का चालान हो सकता है।
इतिहास और वर्तमान का अनूठा संगम
नैनीताल की मॉल रोड आज केवल एक सड़क नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय जीवन का संगम है। अंग्रेजी शासन की योजना के रूप में शुरू हुई यह सड़क आज उत्तराखंड के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां की चहल-पहल, झील का प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (History-Mall Roads in India-Nainital) :
History-Mall Roads in India-Nainital, Uttarakhand News, Nainital News, Mall Road Nainital, History of Mall Road, Naini Lake, Govind Ballabh Pant Marg, British History in India, Heritage Tourism, Nainital Tourism, Kumaon Tourism, Historical Places Uttarakhand, Travel News, Navin Samachar, Local History, Hill Station Heritage, #Nainital, #MallRoad, #Uttarakhand, #Heritage, #NavinSamachar,

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

















