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Fake Video Viral : अल्मोड़ा एनएच पर बम के गोलों की तरह बरसे पत्थर, एक बारिश भी नहीं झेल पाई राजभवन रोड पर ‘भ्रष्टाचार’ की दीवार…

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-रामनगर में कोसी चेतावनी के स्तर पर पहुंची

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अगस्त 2019। उत्तराखंड मौसम विभाग की उच्च स्तरीय चेतावनी के साथ प्रदेश भर में हो रही भारी बारिश के बीच नैनीताल जनपद से भी डरावनी तस्वीरें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पहाड़ से बम के गोलों की तरह पत्थर बरसते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो आज का ही और अल्मोड़ा एनएच का बताया जा रहा है, प्रत्यक्षदर्शियों ने वहां भौया बैंड पर ऐसा ही भूस्खलन होने का दावा भी किया है, परंतु यह वीडियो किसने बनाया और क्या यह आज का ही है, इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। वहीं खैरना चौकी की प्रभारी एसआई आशा बिष्ट ने बताया कि भौया बैंड पर रात्रि में ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच बड़ा भूस्खलन हुआ है। सुबह खैरना पुलिस ने मौके पर जाकर मलबा हटवाया। अलबत्ता उन्होंने सुबह से बड़े भूस्खलन की सूचना से इंकार करते हुए और वायरल वीडियो को दिन का बताते हुए इसके आज के ही होने की पुष्टि नहीं की। साथ ही उन्होंने फिलहाल मार्ग खुला होने की जानकारी भी दी। अलबत्ता, बेहद खतरनाक तरीके से 90 डिग्री के कोण पर काटे गए इस मार्ग पर बरसात के दौरान आवागमन खतरनाक बना हुआ है। वहीं बारिश के कारण जिले की सैनिटोरियम-सिरोड़ी, घुघुखान सौड़, नैनीताल बाइपास, पंगोट कुंजखड़क, कोशी बैराज तल्ली सेठी राजमार्ग, सिमलखेत सानना, डोला न्याय पंचायत, बोहरा गांव-देवीधूरा, घोड़ाखान-धुलई, सिल्टोना बजेड़ी, पहरियाधार सुरंग, कालापातल सलियाताल, पतौली जोशीखोला व भुजान बेतालघाट राज्य मार्ग बंद हो गये हैं। 
इधर मुख्यालय में कृष्णापुर के हाजी चंुगी स्टेट में हुसैन अली के घर के रास्ते की दीवार टूटने सहित जगह-जगह भूस्खलन की खबरें हैं।

राजभवन रोड पर नयना मंदिर के करीब ठीक ऊपर पिछले वर्ष हुए भूस्खलन की जगह करीब 10 माह बाद बमुश्किल बनाई गयी दीवार पहली बारिश भी नहीं झेल पाई है, और भरभराकर गिर गयी है। खास बात यह भी है कि यहां ऊपर से कोई बड़ा भूस्खलन नजर नहीं आ रहा है। केवल दीवार ही गिरी है। ऐसे में माना जा रहा है कि इसे बारिश ने नहीं ‘भ्रष्टाचार’ ने गिराया है। उधर जनपद के रामनगर में कोसी नदी का जल स्तर 10 हजार क्यूसेक के चेतावनी के स्तर को पार करके 10376 क्यूसेक के स्तर पर पहुंच गया है। इधर हल्द्वानी रोड पर रानीबाग से आगे रपटे में पानी आने से वाहन दोनों ओर फंस गये हैं। इस मार्ग पर कई अन्य जगह भी सड़क पर भूस्खलन से मलबा आ गया है।

अब गुलदार ने चलती बाइक पर दुकानदार पर बोला झपट्टा
नैनीताल, एसएनबी। नगर के आलूखेत क्षेत्र में गुलदार का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एक पखवाड़े के भीतर गुलदार का चलती बाइक पर हमले की तीसरी खबर है। अब गुलदार ने नगर के डीएसबी परिसर को जाने वाली रोड पर जनरल मर्चेंट की दुकान स्वामी मनोज पंत (29) पर झपट्टा मारकर उसे घायल कर दिया। घटना शनिवार शाम करीब पौने नौ बजे की है, जब मनोज बुलेट मोटरसाइकिल पर अपने 2 अन्य साथियों सहित आलूखेत के रास्ते गेठिया को जा रहे थे, तभी मजार के पास गुलदार ने चलती बुलेट पर मनोज पर हमला बोल दिया। मनोज ने किसी तरह गुलदार को पैर मारकर खुद से दूर भगाया। मनोज के पैर में गुलदार के पंजों से काफी चोटें आई हैं। उसका बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है।
चित्र परिचयः 18एनटीएल-6ः नैनीताल। मनोज पंत।

जनपद में कल रहेगी छुट्टी
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2019। नैनीताल जनपद में सोमवार 19 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। डीएम सविन बंसल ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में अगले 24 घंटे में उत्तराखंड राज्य के नैनीताल सहित कई जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए छुट्टी के आदेश जारी कर दिये हैं। वहीं शिक्षकों, प्रधानाचार्य एवं मिनिस्ट्रयल व अन्य कर्मियों से अपने विद्यालयों व कार्यालयों में ही रहने को कहा गया है। आदेश का पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है।

दर्जनों लोगों ने ग्रहण की शिव सेना की सदस्यता
-मुन्ना लाल को बनाया गया नैनीताल नगर अध्यक्ष
नैनीताल, एसएनबी। शिव सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेंद्र नागर की उपस्थिति में रविवार को दर्जनों लोगों ने प्रदेश महामंत्री भोपाल सिंह कार्की के नेतृत्व में पार्टी का केसरिया पट्टा पहनकर शिव सेना की सदस्यता ग्रहण की। नैनीताल क्लब में आयोजित पार्टी की बैठक में आगे भी पार्टी को मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने की बात कही गयी। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री नागर ने कहा कि अति शीघ्र वरिष्ठ शिव सैनिकों को पदों की जिम्मेदारियां सोंपी जाएंगी। साथ ही सचेत भी किया कि पार्टी संगठन की छवि को धूमिल व बदनाम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री कार्की व जिला अध्यक्ष त्रिलोक सिंह की संस्तुति पर मुन्ना लाल गंधर्व को नगर की जिम्मेदारी सोंपी गयी। इस मौके पर खीमा नंद बलसूनी, सुनील गुप्ता, प्रकाश चंद्र, महेश चंद्र, दलीप सिंह हैड़िया, नवीन जोशी, प्रमोद जोशी, प्रकाश नौटियाल, सचिन कुमार, धीरज आर्या, चंदन आगरी, पंकज आर्या, सुशील कुमार, आदित्य गौरी, मोहित कुमार, गौरव सिंह, सोनू आर्या, कमला देवी, तुलसी देवी व ममता नागर आदि मौजूद रहे।
चित्र परिचयः 18एनटीएल-3ः नैनीताल। शिव सेना के सदस्यता कार्यक्रम में आज सदस्यता लेने वाले कार्यकर्ताओं के साथ वरिष्ठ पदाधिकारी।

लायंस क्लब व रोटरी क्लब के तत्वावधान में आयोजित हुआ स्वास्थ्य शिविर
नैनीताल, एसएनबी। लायंस क्लब व रोटरी क्लब के तत्वावधान में रविवार को नगर के फ्रीमैशन्स हॉल मल्लीताल में स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुआ। इस मोक्े पर हल्द्वानी के यूरोलॉजिस्ट डा. आदर्श कुमार की अगुवाई में शिविर में आये लोगों की पेट संबंधी सभी एवं गुर्दे, प्रोस्टेट व पथरी आदि की निःशुल्क जांचें की गयीं, तथा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी दिये गये। इस मौके पर क्लब की अध्यक्ष आशा शर्मा ने कहा कि क्लब का उद्देश्य हमेशा की तरह शहर में बेहतर स्वास्थ्य व चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आयोजन में पाल आहूजा, नीलू एल्हेंस, ईशा साह, गीमा साह, मंजू कंसल, शोभा गुप्ता, वर्षांजलि श्रीवास्तव, ज्योति खन्ना, मोनिका, सुनीता, राखी, रेखा, सुमित खन्ना, जेके शर्मा, आरबी सिंह, केएन जोशी, विक्रम, अरुण शर्मा व मोहन पांडे आदि का उल्लेखनीय योगदान दिया।
चित्र परिचयः 18एनटीएल-4ः नैनीताल। लायंस क्लब व रोटरी क्लब के स्वास्थ्य शिविर में रोगियों की स्वास्थ्य जांच करते चिकित्सक।

युवक का 10वें दिन भी डीएम कार्यालय में प्रदर्शन जारी
नैनीताल। भवाली में स्वयं को पुलिस कर्मी बताने वाले राजू मेहरा द्वारा कथित तौर पर भवाली पुलिस के साथ मिलकर प्रताणित किये जाने व स्वयं की जान-माल की सुरक्षा की मांग पर ग्राम निगलाट निवासी युवक गिरीश आर्या का रविवार को अवकाश के बावजूद जिलाधिकारी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन 10वें दिन भी जारी रहा। युवक ने आरोप लगाया कि जिस तरह जिला प्रशासन भी उसके 10 दिन के प्रदर्शन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, उससे लगता है कि आरोपितों को जिला प्रशासन का भी संरक्षण प्राप्त है।

इसाइयों ने धूमधाम से मनाया संत मोनिका का त्योहार
नैनीताल, एसएनबी। नगर के इसाई समुदाय के लोगों ने रविवार को सभी माताओं की संरक्षक मानी जाने वाली संत मोनिका का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया। इस मौके पर तल्लीताल स्थित संत फ्रांसिस होम कैथलिक चर्च में इसाई समुदाय के लोगांे ने समुदाय की सभी माताओं के साथ पल्ली पुरोहित फादर जेरम की अगुवाई में पवित्र मिस्सा पूजा बलिदान चढ़ाई। इस मौके पर फादर जेरम ने कहा कि मां हम सभी को दुनिया में लाती है, और जीवन में चलना, अच्छे संस्कार आदि सिखाते हुए हमेशा साथ रहती है। संत मोनिका का जीवन अपने पुत्रों को सही रास्ते पर लाने के लिए समर्पित था। इस मौके पर फादर अर्नल्ड, सिस्टर शोभा, एडगर, सोनू, पुष्पा जीवन, ख्रीस्टीना, बिमला, बंटी, शालिनी व पुष्पा सहित समुदाय के बड़ी संख्या में अन्य लोग भी मौजूद रहे।
चित्र परिचयः 18एनटीएल-2ः नैनीताल। संत मोनिका का जन्म दिन मनाती इसाई समुदाय की महिलाएं।

अंतरविद्यालयी फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए डीएसबी की टीम का चयन
नैनीताल। आगामी 19 अगस्त को पिथौरागढ़ में प्रस्तावित कुमाऊं विवि की अंतरविद्यालयी फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए डीएसबी परिसर नैनीताल की टीम का चयन कर लिया गया है। परिसर के खेल विभागाध्यक्ष डा. संतोष कुमार ने बताया कि टीम में अमन जोशी, दिग्विजय बिष्ट, मनीष, अंकित, भावेश, युवराज, मनीष बिष्ट, विवेक, रितेश, जयंत, खीम सिंह, सूरज, सचिन, नरेंद्र, पार्थ, तेंजिंग, शुभव व मिलन का चयन किया गया।

जनपद में भारी बारिश से 14 सड़कें बंद, कई जगह घरों को खतरा
नैनीताल, एसएनबी। नैनीताल जनपद में शनिवार से हो रही भारी वर्षा से 14 संड़कें बंद हो गयी हैं, वहीं मुख्यालय सहित कई जगह घरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार रविवार सुबह 8 बजे तक जनपद में बीते 24 घंटों में हल्द्वानी-काठगोदाम में सर्वाधिक 115 मिमी व नैनीताल में 103 मिमी, कोश्यां कुटौली में 85, मुक्तेश्वर में 57.1 व बेतालघाट में 42 मिमी सहित औसतन 55.5 मिमी बारिश हुई। इस तरह इस वर्ष अब तक जिले में औसतन 602.9 मिमी औसत बारिश ही हो पाई है। इधर आज हुई बारिश से जनपद की गौला नदी का जल स्तर इस मौसम में पहली बार 3862 क्यूसेक के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं बारिश के कारण जिले की सैनिटोरियम-सिरोड़ी, घुघुखान सौड़, नैनीताल बाइपास, पंगोट कुंजखड़क, कोशी बैराज तल्ली सेठी राजमार्ग, सिमलखेत सानना, डोला न्याय पंचायत, बोहरा गांव-देवीधूरा, घोड़ाखान-धुलई, सिल्टोना बजेड़ी, पहरियाधार सुरंग, कालापातल सलियाताल, पतौली जोशीखोला व भुजान बेतालघाट राज्य मार्ग बंद हो गये हैं। वहीं बारिश से मुख्यालय में राजपुरा के साथ ही भीमताल मंे कई जगह भूस्खलन होने से घरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
चित्र परिचयः 18एनटीएल-1ः नैनीताल। नगर के राजपुरा क्षेत्र में घरों के पास हुआ भूस्खलन।
चित्र परिचयः 18एनटीएल-5ः नैनीताल। भीमताल में रविवार को हुए भूस्खलन से खतरे की जद में आया एक घर।

एमएससी वाले 22 तक अपडेट कर सकते हैं आवेदन
नैनीताल। कुमाऊं विवि के रविवार को एमएससी में प्रवेश लेने वाले परीक्षार्थियों से आगामी 22 अगस्त तक अपने बीएससी छठे समेस्टर के परीक्षा परिणाम को अपने आवेदन में विवि के पोर्टल पर अपडेट कर लेने को कहा है।

पहली नैनीताल ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में नारायण यादव सबसे आगे
नैनीताल, एसएनबी। पर्वतीय सांस्कृतिक समिति नैनीताल के तत्वावधान में रविवा को डीएसए मैदान के पैविलियन स्थित सभागार में पहली एक दिवसीय ओपन रैपिड शतरंज प्रतियोगिता खेली गयी। सात चरणों में स्विस लीग पद्धति पर खेली गयी प्रतियोगिता में मात्र 6 वर्ष के सबसे कम उम्र के अनंजन त्रिपाठी के साथ ही 80 वर्ष के क्रांति कुमार गुप्ता तथा महिला खिलाड़ी हल्द्वानी की पूनम दुबे सहित 67 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में समाचार लिखे जाने तक हुए छठे राउंड तक नारायण यादव 6 अंकों के साथ सबसे आगे, जबकि वेद प्रकाश, ललित कपूर, रोहित राणा, कमर खान व विनोद सिंह 5-5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर चल रहे थे, जबकि उन्हें मो. आसिफ भी साढ़े चार अंकों के साथ कड़ी टक्कर देते दिख रहे हैं। आयोजन में आयोजक संस्था के अध्यक्ष ईश्वर दत्त तिवाड़ी, सचिव विश्वकेतु वैद्य, दीपक तिवाड़ी, भानु बिष्ट, डीके जोशी, विभोर भट्ट, जसविंदर सिंह, ललित कपूर, रोहित राणा, मुजाहिद हुसैन व खालिद हसन आदि उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

पहली नैनीताल ओपन रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में नारायण यादव सबसे आगे
नैनीताल, एसएनबी। पर्वतीय सांस्कृतिक समिति नैनीताल के तत्वावधान में रविवा को डीएसए मैदान के पैविलियन स्थित सभागार में पहली एक दिवसीय ओपन रैपिड शतरंज प्रतियोगिता खेली गयी। सात चरणों में स्विस लीग पद्धति पर खेली गयी प्रतियोगिता में मात्र 6 वर्ष के सबसे कम उम्र के अनंजन त्रिपाठी के साथ ही 80 वर्ष के क्रांति कुमार गुप्ता तथा महिला खिलाड़ी हल्द्वानी की पूनम दुबे सहित 67 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में समाचार लिखे जाने तक हुए छठे राउंड तक नारायण यादव 6 अंकों के साथ सबसे आगे, जबकि वेद प्रकाश, ललित कपूर, रोहित राणा, कमर खान व विनोद सिंह 5-5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर चल रहे थे, जबकि उन्हें मो. आसिफ भी साढ़े चार अंकों के साथ कड़ी टक्कर देते दिख रहे हैं। आयोजन में आयोजक संस्था के अध्यक्ष ईश्वर दत्त तिवाड़ी, सचिव विश्वकेतु वैद्य, दीपक तिवाड़ी, भानु बिष्ट, डीके जोशी, विभोर भट्ट, जसविंदर सिंह, ललित कपूर, रोहित राणा, मुजाहिद हुसैन व खालिद हसन आदि उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें : जनपद में आज छुट्टी

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2019। नैनीताल जनपद में सोमवार 19 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। डीएम सविन बंसल ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में अगले 24 घंटे में उत्तराखंड राज्य के नैनीताल सहित कई जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए छुट्टी के आदेश जारी कर दिये हैं। वहीं शिक्षकों, प्रधानाचार्य एवं मिनिस्ट्रयल व अन्य कर्मियों से अपने विद्यालयों व कार्यालयों में ही रहने को कहा गया है। आदेश का पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में आज से भारी बारिश की चेतावनी, अगस्त पड़ेगा जुलाई से भारी

नवीन समाचार, देहरादून, 30 जुलाई 2019। उत्तराखंड मौसम विभाग ने आज 30 जुलाई से अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के पांच जिलों-देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और चमोली जिले में ‘पीले अलर्ट’ के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। साथ ही आने वाले अगस्त माह में जुलाई से अधिक बरसात होने की बात भी कही गयी है। उत्तराखंड मौसम विज्ञान के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया है कि प्रदेश में अभी तक बरसात कम हुई है। लेकिन 30 जुलाई से अगले 48 घंटे तक प्रदेश के खासतौर से देहरादून, हरिद्वार, चमोली, टिहरी और पौड़ी में भारी बारिश होगी। विक्रम सिंह ने कहा कि 30 जुलाई को उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश और चमक के साथ वर्षा की भी संभावना है। वहीं 31 जुलाई को पूरे प्रदेश में आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। अधिकांश जगहों पर गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। एक अगस्त और 2 अगस्त को भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की मौसम विभाग की चेतावनी जारी की है।

यह भी पढ़ें : ज्योलीकोट में एनएच पर चट्टान गिरने से दो घंटे अवरुद्ध रहा यातायात, सलड़ी में 800 वाहन फंसे…

सलड़ी मंे आया मलबा हटने के बाद निकलते वाहन

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2019। जिला मुख्यालय को हल्द्वानी से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर दोगांव नाम के स्थान के निकट भेड़िया पखांण पर एक विशाल चट्टान गिर गई। इस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब डेढ़ घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां शाम 4 बजे बड़ी चट्टान गिरी, इससे दोनों ओर यातायात ठप हो गया। लोनिवि के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने करीब 2 घंटे का दो जेसीबी डोजरों की मदद से बोल्डर को किनारे कर यातायात को सुचारू करवाया। इस मार्ग पर कई अन्य स्थानों पर भी मलबा आया। वहीं रानीबाग-भीमताल मोटर मार्ग सलड़ी के निकट सुबह नौ बजे भारी बारिश के दौरान भूस्खलन होने से अवरुद्ध हो गया। भीमताल पुलिस के अनुसार इस दौरान 800 वाहन सड़क के दोनों ओर फंस गये। भीमताल के थाना प्रभारी भगवान सिंह मेहर की अगुवाई में यहां लोनिवि के सहयोग से दो जेसीबी डोजरों की मदद से मलबे को हटाकर यातायात को सुचारू करवाया। इधर बीती 16 जुलाई की वर्षा से अवरुद्ध पड़े मोटरमार्ग के भी आज खुलने की उम्मीद बताई गयी है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल की बिजली की लाइनों पर गिरे दो दर्जन से अधिक पेड़, 24 घंटों से बिन बिजली शहर में यह है बिजली आने की संभावना..

-भवाली के रेहड़ क्षेत्र में नगर को आने वाली बिजली की लाइन पर 100 मीटर के क्षेत्र में ही 6 पेड़ गिरे थे
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2019। जिला व मंडल मुख्यालय नैनीताल सहित सभी निकटवर्ती क्षेत्रों में शनिवार दोपहर करीब एक बजे अनपेक्षित तौर पर मानूसन के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में आये तूफान से केवल नगर की बिजली की लाइनों पर दो दर्जन से अधिक पेड़ गिरे। इससे बिजली की लाइनों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं पूरे नगर में बिजली की आपूर्ति 24 घंटों से भी अधिक समय तक पूरी तरह से ठप रही। अपराह्न में मल्लीताल के कुछ क्षेत्रों में बिजली आने की बात विभाग के द्वारा कही गयी है, अलबत्ता समाचार लिखे जाने तक भी नगर का अधिकांश हिस्सा बिन बिजली है। आगे विभाग नगर के अधिकांश क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति बहाल होने का दावा कर रहा है, जबकि आंधी से सर्वाधिक प्रभावित अयारपाटा व बिड़ला क्षेत्र के लोगों को बिजली के लिए अधिक लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता मो. सैयद शिराज उस्मान ने बताया कि नगर के तल्लीताल क्षेत्र को बिजली की आपूर्ति करने वाली पाइंस फीडर को आने वाली लाइन पर भवाली के निकट रेहड़ के पास 100 मीटर के क्षेत्र में ही 6 पेड़ गिरे थे। यहां लाइन इतनी अधिक क्षति-विक्षत हो गई है कि यहां विभाग को नया टावर स्थापित करना पड़ रहा है। श्री उस्मान ने बताया कि टावर निर्माण का काम शुरू हो गया है। वहीं नगर के मल्लीताल क्षेत्र की आपूर्ति के लिए मेहरागांव से सूखाताल फीडर को आने वाली मुख्य लाइन में रूसी के पास भी काफी पेड़ गिरे थे, जिन्हें हटाकर विभाग द्वारा लाइन दुरुस्त कर लेने और आपूर्ति चालू करने का दावा किया गया है। इसके बाद समस्या नगर के सर्वाधिक अयारपाटा व बिड़ला क्षेत्र की है। यहां लाइनों पर दर्जन भर पेड़ गिरे बताये गये हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारू करने में और अधिक समय लगने की संभावना है। अलबत्ता श्री उस्मान का कहना है कि सभी क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति सुचारू किये जाने की कोशिश की जा रही है।

अंडरग्राउंड या ओवरहैंग लाइनें हो सकती हैं समाधान, 340 करोड का है प्रस्ताव

नैनीताल। हमेशा ही आंधी-तूफान तथा ओलावृष्टि व बर्फबारी की संभावना वाले एवं वीआईपी शहर नैनीताल नगर को अंग्रेजी दौर से ही बिजली की कटौती से मुक्त रखा जाता था। तब यहां लाइनें भी नई व मजबूत थीं, तथा नगर की जनसंख्या का दबाव भी कम था। किंतु उत्तराखंड राज्य बनने के बाद कुछ वर्षो राज्य में बिजली की कमी की स्थितियों में नगरवासियों को बिजली की कटौती भी झेलनी पड़ी। किंतु इधर कटौती तो समाप्त हो गयी किंतु पिछले एक-दो वर्षों से नगर में मौसम की हल्की खराबी पर भी बिजली जाने की समस्या आम हो गयी है। अब करीब हर रोज ही यहां किसी न किसी कारण से बिजली आती-जाती रहती है। विद्युत विभाग के ईई सैयद शिराज उस्मान ने बताया कि नगर के तल्लीताल क्षेत्र की आपूर्ति 1990 में बने पाइंस और मल्लीताल की आपूर्ति 1977 में बने सूखाताल बिजलीघर से होती है। यह लाइनें अब बेहद पुरानी व जीर्ण-शीर्ण हो गई हैं। लिहाजा सारी लाइनों की बदले जाने की जरूरत है। इसके लिये प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजा जा रहा है। वहीं वहीं संवेदनशील स्थानों, खासकर घने वन क्षेत्र से गुजरने वाले क्षेत्रों में लाइनों को ओवरहैंग अथवा अंडरग्राउंड करने से समस्या का समाधान हो सकता है, परंतु ऐसा करना काफी महंगा बताया जा रहा है।
इस समस्या के समाधान के लिए करीब एक दशक पहले भी तत्कालीन अधिशासी अभियंता एचके गुरुरानी के द्वारा जिला योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया था, जो स्वीकृत नहीं हुआ। इधर अधिशासी अभियंता श्री उस्मान ने बताया कि पुनः करीब 340 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है। बताया कि नैनीताल के साथ देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी व काशीपुर के लिए भी अंडरग्राउंड केबल के प्रस्ताव गये थे, परंतु यह कार्य काफी महंगा होने के कारण केवल हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र के लिए ही प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। वहीं नगर में ओवरहेड केबल डालने के लिए केवल 50 लाख रुपये मिले थे, जिससे नगर के अयारपाटा, सात नंबर सहित जहां लाइनों पर पेड़ गिरने अथवा बंदरों के कूदने की संभावना थी वहां ओवरहेड केबल डाली जा चुकी है। लेकिन समस्या का पूरा समाधान नहीं हुआ है।

बिड़ला क्षेत्र में 27 घंटे से मोबाइल सेवाएं भी ठप
नैनीताल। नगर में बिजली की आपूर्ति पिछले 24 घंटे से ठप होने से मोबाइल की सेवाएं भी बुरी तरह से बाधित हुई हैं। बताया गया है कि नगर के बिड़ला क्षेत्र में पिछले 27 घंटों से बिजली नहीं है, और इसके कुछ ही देर बाद से बीएसएनएल की मोबाइल सेवा भी ठप है। बीएसएनएल के किसी कार्मिक ने यहां स्थित मोबाइल टावर के लिए जनरेटर चलाने की जहमत भी नहीं उठाई है। वहीं शहर में रिलायंस जियो, एयरटेल, आईडिया व वोडाफोन आदि इंटरनेट व दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों की हमेशा से खस्ता सेवाएं भी और अधिक बदहाल हो गई हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में मूसलाधार बारिश, पांच मंजिला पुराना भवन ध्वस्त, कई घरों की टीन उड़ीं, पेड़ उखड़े, घरों में आया पानी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2019। मुख्यालय में बीती रात्रि से ही शनिवार को मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान पहले सुबह और फिर अपराह्न में आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश हुईं इस कारण पहले सुबह तड़के 3 से 5 बजे के बीच नगर के मल्लीताल जय लाल साह बाजार में शिव मंदिर के पास स्थित एक पांच मंजिला भवन का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। भवन दशकों पुराना एवं बेहद जीर्ण शीर्ण था। बताया गया है कि भवन नगर के व्यवसाई मदन लाल साह का था। भवन को लेकर पारिवारिक विवाद की बात भी प्रकाश में आ रही है, जिस कारण नगर पालिका से बरसों पहले से लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद भवन स्वामी इसे ध्वस्त नहीं कर रहे थे और संभवतः इसके खुद-ब-खुद ध्वस्त होने की ही प्रतीक्षा कर रहे थे।
शनिवार सुबह नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी के द्वारा सूचना दिए जाने पर नगर पालिका के ईश्वर दत्त बहुगुणा अपनी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे और ध्वस्त भवन का मलबा सड़क से साफ करवाया। आगे भी भवन के बड़े हिस्से के गिरने की संभावना बनी हुई है। इधर अपराह्न में आंधी-तूफान के साथ आई मूसलाधार बारिश से कई घरों की टीन उड़नेे व घरों में पानी आने की सूचनाएं हैं। माल रोड पर जगाती होटल की छत पर बिजली की लाइन को क्षतिग्रस्त करते हुए सहित कई स्थानों पर कम से कम तीन पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। इसके साथ ही नगर में बिजली भी गुल हो गई है। उधर हल्द्वानी रोड पर हनुमानगढ़ी एवं ज्योलीकोट के निकट पुलिस चौकी के पास सहित कई स्थानों पर कई विशालकाय पेड़ों के सड़क पर आ गिरने से यातायात भी अवरुद्ध रहा। आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि चार-पांच पेड़ गिरे थे, जिन्हें जेसीबी की मदद से हटा लिया गया है।

पूर्व समाचार : नैनीताल सहित पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश, हल्द्वानी एनएच में यूटिलिटी पर चढ़ आया मलबा

हल्द्वानी रोड पर आया मलबा व इसमें दबी यूटिलिटी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जुलाई 2019। मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए मंगलवार को मुख्यालय में सुबह करीब पौने 10 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक करीब दो घंटे से अधिक मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान नगर एवं आसपास सड़कों पर बड़ी मात्रा में नालों से बहकर मलबा आ गया, इससे यातायात भी प्रभावित हुआ। वहीं हल्द्वानी को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 109 पर नगर से करीब दो किमी दूर पुराने कूड़ा खड्ड के पास नाले से आया मलबा वहां निर्माण सामग्री उतारने के लिए खड़ी यूटिलिटी संख्या यूके04सीए-5697 पर भी चढ़ गया। इससे यूटिलिटी के आगे इंजन वाले हिस्से में मलबा भर गया। बाद में जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया। इसके अलावा भी नगर की राजभवन रोड सहित विभिन्न सड़कों पर भी मलबा आया और नैनी झील में भी बड़ी मात्रा में गंदगी समा गयी। नगर पालिका की ओर से झील में सफाई अभियान चलाकर काफी गंदगी हटाई गयी, बावजूद झील की सतह पर बड़ी मात्रा में गंदगी ठंडी सड़क की ओर तैरती रही।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2019। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान नगर के मल्लीताल पॉपुलर कंपाउंड क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र में खड़ा एक विशाल पुतई प्रजाति का पेड़ घर की छत पर आ गिरा। गनीमत रही कि पेड़ धीरे से छत पर गिरा और घर की छत पर रही पानी की टंकी ने उसका बोझ एवं झटका संभाल लिया। टंकी क्षतिग्रस्त हो गई।

इस दौरान घर में परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे, किंतु पेड़ इस तरह गिरा कि किसी को पेड़ गिरने का अहसास भी नहीं हुआ। पड़ोस के लोगों ने गृह स्वामी, नगर में शतरंज प्रतियोगिताएं आयोजित करने वाले पर्वतीय सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष ईश्वर दत्त तिवाड़ी को इसकी सूचना दी। श्री तिवाड़ी ने बताया कि पेड़ करीब 35-40 साल की उम्र का था। इसकी जड़ के पास पुराना जल स्रोत है। बारिश के दौरान मंगलवार रात्रि करीब आठ बजे यह गिर गया। क्षेत्रीय सभासद एवं वन विभाग के अधिकारियों को घटना की सूचना दी गयी, किंतु कोई भी निरीक्षण करने के लिए नहीं पहुंचा और पेड़ को कटाने के लिए विभागीय औपचारिकताएं पूरी करने की जानकारी दी।

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-मूसलाधार बारिश से हाईकोर्ट के पास विशाल वृक्ष कार व बिजली की लाइन पर गिरा, यातायात-विद्युत आपूर्ति बाधित

वीन समाचार, नैनीताल, 25 जून 2019। मंगलवार अपराह्न की बारिश से नगर के मल्लीताल क्षेत्र में
उच्च न्यायालय के पास चीना बाबा चौराहा से मेट्रोपोल पार्किंग की ओर जाने वाले मार्ग पर एक विशाल वृक्ष बिजली की लाइन को अपने साथ जमीन पर आ गिरा। एक कार भी भारी भरकम पेड़ के नीचे दब गयी। इससे मस्जिद तिराहे की ओर ‘वन-वे’ व्यवस्था के तहत चलने वाला यातायात और शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी ठप हो गयी। भारी बारिश की वजह से राहत कार्य भी जल्दी शुरू नहीं हो पाये। घटना में हरियाणा के सैलानियों की बिलकुल नई, बिना पंजीकरण अस्थाई नंबर से ही चल रही कार संख्या एचआर26-टीएमपी508012 बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना के समय कार के भीतर कार का चालक था, जो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अलबत्ता वह काफी डरा हुआ है। जाने कैसे उसे न पेड़ के गिरने से ही चोट आई और न बिजली का करंट ही लगा। वहीं, पेड़ की टहनियों से पास में एक कबाड़ी की दुकान भी क्षतिग्रस्त हुई है। बताया गया है कि आज गिरा बांज का विशाल पेड़ बीएसएनएल एक्सचेंज के परिसर में खड़ा था। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र बिष्ट ने बरसात के मौसम में खतरे को देखते हुए गिरताऊ पेड़ों को चिन्हित करने की मांग की है। 

नैनी झील के लिए राहत के साथ ही गंदगी की आफत लाई मूसलाधार बारिश

-पारा गिरकर 18 डिग्री के स्तर पर आया, नैनी झील का जल स्तर दिन में 2 इंच चढ़कर 6 इंच के स्तर पर पहुंचा
नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जून 2019। सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन प्री-मानसूनी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान मौसम विभाग के अनुसार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में 32 मिमी बारिश रिकार्ड की गयी। इससे नैनी झील का जल स्तर कल के मुकाबले दो इंच ऊपर 4 इंच रिकार्ड किया गया। जबकि इसके बाद भी नगर में पहले दोपहर 12 बजे से करीब ढाई घंटे और फिर शाम चार बजे से मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान 20 मिमी से अधिक बारिश होने और झील का जल स्तर झील नियंत्रण कक्ष के अनुसार फिर दो इंच बढ़कर 6 इंच के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। लेकिन इसके साथ ही बारिश नैनी झील में टनों की मात्रा में गंदगी लेकर पहुंची है। गंदगी से नगर के नालों के मुहानों पर झील का रंग गंदला, मटमैला हो गया है। खास कर मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के पास वाले नाला नंबर 20 व नयना देवी मंदिर के पास वाले नाला नंबर 23 के आगे झील में झील की स्थिति बेहद दयनीय नजर आ रही है। वहीं तापमान अधिकतम 18 व न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहकर मौसम को सुहावना हो गया है। ऐसे मौसम का सैलानी आनंद ले रहे हैं। लोग बारिश में भीगने का आनंद लेते भी देखे जा
रहे हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2019। वर्ष 2013 में उत्तराखंड में बौंखलाए जून की यादें रविवार शाम एक हद तक भी दोहराती नजर आईं। प्रदेश के चमोली जिले में बादल फटने से केदारनाथ मार्ग पर लामबगड़ के रामगधेरी नाले के मलबे से करीब आठ हेक्टेयर भूमि तबाह होने की खबर है, वहीं बागेश्वर तथा अल्मोड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में माईथान-चौखुटिया मार्ग 100 मीटर तक ध्वस्त होने तथा मलबे की चपेट में आने से एक 80 वर्षीय बुजुर्ग बादर सिंह पुत्र मदन सिंह निवासी लामबगड़ की मौत हो गयी है।  यहां रामगंगा नदी के उफनने से खीड़ा गांव में तीन गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने और कई जानवरों के मारे जाने की भी खबर है।

भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए रविवार दोपहर बाद मौसम ने ऐसे गियर बदला कि कई जगह जबर्दस्त अंधड़ तथा गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इससे गर्मी से परेशान लोगों को कुछ हद तक राहत पहुंची। लेकिन प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में बिजली भी गुल हो गई। इधर नैनीताल मुख्यालय में राजभवन रोड पर सेंट मेरीज कॉन्वेंट कॉलेज के पास एक विशाल पत्थर सड़क पर आ गया। इस दौरान माल रोड के वाहनों के लिए बंद होने के बाद वाहन इसी मार्ग से गुजर रहे थे, लिहाजा मार्ग पर बड़ा जाम लग गया। वहीं अंधड़ से मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर खैरना चौराहे पर कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह के ठीक सामने एक पॉपुलर के पेड़ की टहनियां हाईवे पर आ गिरी। इससे विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, और विद्युतापूर्ति ठप हो गई। साथ ही हाईवे पर भी घंटे भर आवाजाही ठप रही। कई लोग टहनियां गिरने से बाल-बाल बचे। तेज अंधड़ के बाद बारिश के बाद हाईवे पर पाडली, रातीघाट दोपाखी आदि क्षेत्रों में भी पत्थर गिरे।

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बारिश के दौरान सरोवरनगरी का नजारा।

नवीन समाचार, नैनीताल 18 अप्रैल 2019। मौसम विभाग की चेतावनी गुजर जाने के बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सरोवर नगरी नैनीताल सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में आज दोपहर बाद घंटों मूसलाधार बारिश हुई, इससे नगर की कई सड़कों में पानी नालों की तरह बहने लगा। इस कारण नालियों की गंदगी भी सड़कों से होते हुए बहकर नैनी झील में पहुंच गयी। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों मे अप्रैल माह में दुबारा से सर्दी लौट गई है। लोगों ने फिर से गर्म वस्त्र निकाल लिये हैं।

आज सुबह का मौसम

उल्लेखनीय है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार की सुबह से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश में तब्दील हो गयी। नगर में सुबह तड़के से ही हल्की बारिश हो रही थी, जो कुछ देर रुकने के बाद दोपहर बाद करीब एक बजे से मूसलाधार होने लगी। इस दौररान झील में सैलानियों को लेकर तैरती नौकाओं को जल्दी में वापस लौटना पड़ा। बावजूद सैलानी भीग गये। शाम साढ़े तीन बजे के बाद भी मूसलाधार बारिश होती रही। इसके बाद बारिश कुछ धीमी हुई, किंतु जारी रही। इस दौरान सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रो मे ठंड महसूस की जाने लगी है। अलबत्ता, बारिश प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ ही खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में बागानों-फल, फूलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है, और जंगलों में आग लगने की संभावना तथा आगे गर्मी पर भी कुछ लगाम लगने की उम्मीद है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मार्च 2019। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फिर ताजा हिमपात और निचले इलाकों में बारिश होने से मौसम में ठंडक बनी हुई है। राज्य मौसम केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के उंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात हुआ है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, मनुस्यारी आदि प्रदेश के ऊंचे इलाकों में ज्यादा बर्फबारी होने की खबर है। केदारनाथ में 14 और बद्रीनाथ में 6 फुट बर्फ होने के समाचार हैं। वहीं रविवार को देहरादून और आसपास के मसूरी जैसे पहाड़ी इलाकों में जमकर जो नैनीताल-हल्द्वानी एवं आसपास के क्षेत्रों में सुबह बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में अगले एक-दो दिनों में भी हल्की बारिश हो सकती है ।
इधर पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. आरके सिंह के अनुसार इस बार उत्तराखंड में फरवरी में आठ बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बीते 15 साल का रिकॉर्ड टूटा है। उनके अनुसार सामान्यतः उत्तराखंड में फरवरी में चार बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है। मगर इस बार ‘आर्कटिक ब्लास्ट’ के चलते फरवरी में बीते 15 साल के सभी रिकॉर्ड धराशायी हो गये हैं। इस बार फरवरी में आठ बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिसके चलते उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में छह बार बर्फबारी और आठ बार हल्की और मध्यम से लेकर तेज बारिश हो चुकी है। उनके अनुसार फरवरी में उत्तराखंड में सामान्य तौर पर 30 मिमी बारिश होती है। मगर इस बार 38 मिमी. बारिश के साथ ही छह बार उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो चुकी है। जानकार इसके लिए आर्कटिक ब्लास्ट को जिम्मेदार मान रहे हैं। डॉ. सिंह ने मौजूदा मार्च में भी दो से तीन बार पश्चिमी विक्षोभ हवाओं के सक्रिय होने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में बुधवार को लगातार दूसरी सुबह भी नजारे बेहद शानदार हैं।  नगर के निचले क्षेत्रों में भी  करीब 1 इंच बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है। बीती रात्रि भी नगर में खामोशी के साथ अच्छी बर्फबारी हुई है। नैना पीक, कैमल्स बैक, बिरला, स्नो व्यू व लड़ियाकांटा की पहाड़िया बर्फ से लकदक पटी हुई हैं। अभी भी हल्की बर्फबारी जारी है। बीती शाम सेे ही बिजली गुल है।ऐसे में परेशानियां भी कम नहीं हैं, क्योंकि मंगलवार से ही नगर के प्रमुख पब्लिक स्कूल भी खुल चुके हैं इसलिए बच्चों के सामने भी स्कूल जाने की समस्या है। सेंट मेरिज कॉन्वेंट कॉलेज में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जबकि अन्य स्कूलों से कोई जानकारी उपलब्ध न होने के कारण छुट्टी पर असमंजस बना हुआ है।

पूर्व समाचार : 

हालांकि इस वर्ष कहने को पांच-छह दौर की बर्फबारी हो चुकी है, लेकिन आज मंगलवार की सुबह उठते ही नगरवासी जिस बर्फबारी के नजारे देख रहे हैं वह अप्रत्याशित होने के साथ ही बेहद खूबसूरत है। अप्रत्याशित इसलिए कि रात्रि में हुई इस बर्फबारी का किसी को पता ही नहीं चला। यहां तक कि नगर के ही बहुत से लोगों को अब तक भी नगर में बर्फबारी होने की जानकारी नहीं है। अलबत्ता, सर्वप्रथम यह समाचार प्राप्त कर रहे ‘नवीन समाचार’ के अन्य शहरों के पाठक भी चाहें तो दिन तक नगर में बर्फबारी का आनंद लेने आ सकते हैं। उन्हें दिन में भी पंगोट रोड पर हिमालय दर्शन के पास बर्फबारी से खेलने का अब तक का सबसे अच्छा मौका मिल सकता है। इससे नगर के पर्यटन को भी एक बार फिर नयी ताजगी मिल सकती है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को नगर में आसमान में बादलों की धूप-छांव के बीच अच्छी धूप भी खिली थी। शाम को भी मौसम साफ था और बादलों की ओट से खूबसूरत चांद भी झांक रहा था। किंतु रात्रि 10-साढ़े 10 से शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी के बीच जब लोगों की आंख लग गयी, तब न जाने कब नगर में बर्फबारी हो गयी। और बर्फबारी भी ऐसी कि पहली बार नगर के ऊंचाई वाले टिफिन टॉप, स्नोव्यू, कैमल्स बैक व नैना पीक की पहाड़ियों पर काफी नीचे तक पेड़ों पर भी बर्फ झूल रही है।

बर्फबारी के कुछ नजारे :

नगर की बिजली गुल
नैनीताल। बर्फवारी की वजह से नगर की नाजुक विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गयी है। रात्रि से ही नगर में बिजली गायब हो गयी है। उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग के द्वारा पिछले पूरे माह ध्वस्त रही विद्युत व्यवस्था को इधर दुरुस्त कर लिये जाने का दावा किया गया था, किंतु यह फिर से पूर्ववत नजर आ रही है।

पूर्व समाचार : पहाड़ों पर होने लगी बूंदाबांदी, आगे फिर हो सकती है बर्फबारी-ओलावृष्टि

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 फरवरी 2019। सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में बूंदाबांदी शुरू हो गयी है। इससे लग रहा है कि मौसम मौसम विभाग की भविष्यवाणी की राह पर चल रहा है। आगे यदि भविष्यवाणी पूरी तरह से सही साबित होती है तो बर्फबारी और ओलावृष्टि भी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने 21 फरवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों बर्फबारी और ओलावृष्टि हो सकती है। इससे पूर्व नगर में पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे और मौसम सर्द रहा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान तापमान अधिकमत 11 व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो कि बृहस्पतिवार 21 फरवरी को अधिकतम 9 व न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 

मौसम विभाग ने गत 17 फरवरी 2019 को फिर उत्तराखंड के मौसम के लिए चेतावनी जारी की थी। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा था कि प्रदेश में अगले पूरे सप्ताह मौसम सर्द बना रह सकता है। सिंह के अनुसार 18 से 20 फरवरी के बीच प्रदेश में कुछ स्थानों पर बादलों की तेज गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, और बारिश के साथ ओलावृष्टि और आगे 21 को पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि पूरे प्रदेश में बढ़ने तथा प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना जताते हुए कहा था कि इस दौरान अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं 22 से मौसम ठीक होने की ओर लौट सकता है। किंतु 23-24 फरवरी को फिर से प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मौसम खराब हो सकता है। सलाह दी गयी है कि इस दौरान तेज गरज सुनाई देने पर आधे घंटे तक सावधानी बरतें। कहीं आना-जाना हो तो टाल दें।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में मौसम ने सड़कों पर लगाया जाम, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल, हाईकोर्ट के आवास पर गिरा पेड

शुक्रवार को नगर में कुछ देर के लिए हुई ओलावृष्टि से बिछी सफेद चादर।

 

हाईकोर्ट परिसर स्थित आवास की छत पर गिरा सुरई का विशाल पेड़।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में बारिश-ओलावृष्टि का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। भीषण ओलावृष्टि से हाईकोर्ट परिसर में एक न्यायाधीश के आवास के पीछे स्थित एक आवासीय भवन की छत पर सुरई का एक विशालकाल पेड़ गिर गया। आवास में हाईकोर्ट के कर्मचारी रहते हैं। पेड़ गिरने से भवन की छत को नुकसान पहुंचा है। वहीं वन दरोगा हीरा सिंह शाही ने बताया कि मस्जिद तिराहे से आगे हाईकोर्ट रोड पर भीषण ओलावृष्टि के कारण वाहन नहीं चल पाने के कारण लगे जाम की वजह से वन कर्मी पेड़ को हटाने के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। यहां घंटों वाहन फंसे रहे। पुलिस को इस मार्ग पर जाम खुलवाने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। इधर ओलावृष्टि के बाद से नगर में बिजली भी गुल हो गयी है।
नगर में दिन की शुरुआत बादलों से घिरे आसमान के साथ हुई, लेकिन बाद  धूप भी निकली, लेकिन अपराह्न करीब ढाई बजे से नगर में बारिश के साथ ‘बमबारी’ की तरह जोरदार ओलावृष्टि हुई, फलस्वरूप करीब आधे घंटे में ही नगर के निचले इलाके भी ओलों की सफेद चादर से पट गये। माल रोड सहित सभी प्रमुख सड़कों पर लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी पेश आई, वहीं नगर के चार्ल्टन रोड जैसे तीक्ष्ण चढ़ाई व उतार वाली सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान अधिकतम 13 व न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गिरा, जबकि बीते 24 घंटों में नगर में 15.2 मिमी बारिश भी दर्ज की गयी है। मौसम विभाग आगे भी अगले एक-दो दिन मौसम के यथावत रहने की संभावना जता रहा है।

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 फरवरी 2019। मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए सरोवरनगरी एवं आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बृहस्पतिवार रात्रि मौसस ने रौद्र रूप दिखाया। रात्रि में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश और जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि इतनी जबर्दस्त थी कि टिन की छतों वाले घरों में पानी अंदर आ गया। जगह-जगह कई पेड़ और उनकी टहनियां टूट गयीं। यहां तक कि माल रोड पर दशकों पुराना विशाल चिनार का मोटा पेड़ भी जड़ के पास से दरक गया। ओले शुक्रवार दोपहर तक बने रहे। वहीं पेड़ टूटने से मुख्यालय की बिजली गुल हो गयी। विद्युत विभाग ने तल्लीताल माल रोड के आधे शहर को पाइंस की लाइन से जोड़कर दिन में किसी तरह आपूर्ति सुचारू करवाई, जबकि मल्लीताल का बड़ा क्षेत्र रात्रि में करीब 11 बजे जाने के बाद से करीब 17 घंटों के बाद भी सुचारू नहीं हो पाई है। बावजूद स्कूल-कॉलेज खुले रहे। इससे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तापमान अधिकतम 7.6 व न्यूनतम 1.5 डिग्री सेल्सियस जबकि बारिश 28.2 मिमी रिकार्ड की गयी। मौसम विभाग आगे एक-दो दिन भी मौसम के प्रतिकूल रहने की संभावना जता रहा है।
मुख्यालय में ओलावृष्टि-आंधी तूफान से नगर के जुबली हॉल क्षेत्र में एक घर पर सुरई का पेड़ गिरने से शोबन राम, राजेंद्र प्रसाद व हेमा देवी के घरांे की छतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और पानी घर के भीतर भर गया। इसी तरह भोटिया बैंड पर एक पेड़ बिजली की लाइन पर जा गिरा। इसी तरह बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में एक पेड़ यहां खड़ी एंबुलेंस पर जा गिरा, जिससे एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हो गयी। उधर मल्लीताल में सीता किरन होटल के पास जेपी साह के कॉटेज में रहने वाली हेमा देवी के बाथरूम की छत भी ध्वस्त हो गयी। उधर विद्युत विभाग के एसडीओ पर्यंक पांडे ने बताया कि मेहरागांव से सूखाताल को आने वाली 33 केवीए की लाइन पर गेठिया व रूसी बाइपास सहित कई स्थानों पर पेड़ गिरे हैं, जबकि कई अन्य जगह भी लाइनों में खराबी हो सकती है। लिहाजा बिजली कब तक आ पाएगी कहना मुश्किल है।

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मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार सात फरवरी तक प्रदेश में मौसम और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। आठ फरवरी को दोपहर बाद मौसम साफ होने लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्र के लोगों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। छह और सात फरवरी को अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। इससे सड़कें और संपर्क मार्ग बंद हो सकते हैं। साथ ही अन्य दिक्कतें भी बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि दो हजार मीटर तक बर्फ गिरने का अनुमान है। लोगों को मसूरी, धनोल्टी और उसके बराबर की ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ देखने को मिल सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि इस वर्ष मार्च माह तक मौसम सर्द रह सकता है। 

यह भी पढ़ें : दर्दनाक ! बर्फ का एवलांच गिरने से पिथौरागढ़ के सीमांत में 35 बकरियों की दबकर मौत

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 28 जनवरी 2019। उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले के लीलम क्षेत्र में बर्फीला पहाड़ दरकने से 35 बकरियों की मौत होने का दुःखद समाचार है। बताया गया है कि बर्फ का पहाड़ (एवलांच) गिरने की वजह से बकरियां बर्फ के नीचे दब गईं और उनकी मौत हो गई। बकरियों को पालने वाले प्रभावित गोविंद सिंह ने मुनस्यारी तहसील जाकर बकरियों के बर्फ के नीचे दबने की बात बताई है।
बकरियां पालने का कारोबार करने वाले गोविंद ने बताया कि उसका परिवार बकरी पालन से ही चलता है और बकरियां ही उसकी आजीविका का सहारा थीं। रविवार सुबह उसकी बकरियों के झंुड के ऊपर बर्फ की पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। जब तक बर्फ से दबी बकरियों को निकाला जाता तब तक 35 बकरियों की मौत हो चुकी थी। उसने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग करते हुए कहा है कि अन्यथा उसका परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर में इस मौसम में पहली बार पड़ कर जमी बर्फ

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2019। एक बार पुनः सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सरोवरनगरी में शुक्रवार को अनपेक्षित तौर पर बर्फवारी हुई, और नगर क्षेत्र में इस मौसम में पहली बार बर्फ टिकी। ऐसा तब है, जबकि नगर में बृहस्पतिवार को पूरे दिन अच्छी धूप खिली थी। इसके बाद मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए रात्रि से ही आसमान में बादलों ने घेरा डाल दिया। इसके फलस्वरूप पहले सुबह हल्के हिमकण एवं बारिश होनी शुरू हुई तथा पूर्वान्ह करीब साढ़े 11 बजे और अपराह्न में तीन बजे से बर्फबारी हुई। सुबह बर्फबारी हालांकि हल्की थी, लेकिन यह टिकी, जबकि शाम की बर्फवारी के दौरान बेहद सुंदर नजारा और तेज बर्फबारी हुई, किंतु अन्जान कारणों से यह टिक नहीं पाई, और इसके तत्काल बाद धूप के दर्शन भी हो गये। वहीं नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों किलबरी रोड पर हिमालय दर्शन, पंगोट किलबरी आदि क्षेत्रों में पहले ही अच्छी बर्फबारी हो चुकी है।

यह भी पढ़ें : चांदी की चूनर ओढ़ लकदक सजे कुमाऊँ के पहाड़…

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जनवरी 2019। आखिर कई बार होते-होते रह गयी बर्फबारी ने मंगलवार को नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को ही सही छू लिया। सोमवार से ही बने मौसम के बाद मंगलवार को नगर की सबसे ऊंची नैना पीक चोटी तथा इससे लगी पंगोट रोड पर हिमालय दर्शन के पास इतनी भर बर्फबारी हो गयी कि सैलानी इसका आनंद ले पाएं। इस पर नगर में पहुंचे सैलानी हिमालय दर्शन के पास पहुंच गये और बर्फ पर खेलने का आनंद लिया। लोगों ने बर्फ के गोले बनाकर उछाले और एक-दूसरे को मारते हुए खेले। इधर नगर में पहली अच्छी शीतकालीन बर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार नगर में सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में 28.2 मिमी बारिश दर्ज की गयी, जबकि तापमान अधिकतम 12 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। ऐसे मौसम में नगर में भी अच्छी ठंड महसूस की गयी और लोग गर्म वस्त्रों में अथवा अलाव के आसपास दुबके रहे।

इधर प्रदेश के कुमाऊं मंडल में अनेक अन्य स्थानों से बर्फवारी की कहीं खूबसूरत तो कहीं परेशानी बढ़ाने वाली तस्वीरें आ रही हैं। जनपद में मुक्तेश्वर से लगे क्षेत्रों तो अल्मोड़ा जनपद में बिन्सर से लेकर देश के द्वादश ज्योर्तिलिंगों में शामिल जागेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर समूह का भी बर्फ से अभिषेक हुआ है। यहां वृद्ध जागेश्वर, रानीखेत, चौबटिया व जौरासी और उधर पिथौरागढ़ जिले में चाय नगरी चौकोड़ी भी बर्फ से निहाल हुई है तो हिमनगरी मुन्स्यारी, धारचूला के तो कहने ही कहां। यहां नैनीताल के पूर्व पुलिस कोतवाल किशन सिंह ह्यांकी के गांव सोसा की भी बर्फबारी के बाद की तस्वीर देखने लायक है। यहां 1 फिट से अधिक बर्फ गिरी है। यही स्थिति बागेश्वर जिले के दानपुर व मल्ला दानपुर क्षेत्रों की भी है। यहां भी जमकर बर्फबारी हुई है।

पूर्व समाचार : बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें, कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त

मनाघेर के पास सामान से भरा कैंटर गिरा खाई में, कैंटर चालक हुआ घायल
-3 घंटे तक जाम रही सड़क, बर्फ की वजह से कई वाहन फिसले, कई दोपहिया वाहन सवार भी हुए चोटिल
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार
, धानाचूली, 7 जनवरी 2019। बीते देर रात हुई बर्फबारी वाहनों के लिए मुसीबत बनकर आई। बर्फ की वजह से मनाघेर के पास देर रात करीब 12 बजे पिथौरागढ़ के मदकोट जा रहा एक आइशर मिनी ट्रक संख्या यूके04सीए-9698 बर्फ में फिसल कर सड़क से करीब 10 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिसमें सवार वाहन चालक हरीश पांडे (35) पुत्र गोपाल दत्त छोडी बगड़ मदकोट घायल हो गया। वाहन चालक को आपातकालीन वाहन 108 की मदद से हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय भेजा गया। उसके पांव में चोट लगी है। वहीं दिन भर बर्फ में गिरे पाले की वजह से धानाचूली से चोरलेख के मध्य 4 से 5 जगह वाहनों के फिसलकर आड़े-तिरछे हो जाने की वजह से जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिसको मुक्तेश्वर पुलिस और तहसील प्रशासन की मदद से खुलवाया गया, वहीं लोनिवि की भूमिका नगण्य रही।

इसके अलावा कई मोटरसाइकिल सवार पाले में फिसलने से चोटिल हो गए। मनाघेर के पास ही वैगनआर और छोटा हाथी आपस में टकरा गए, जिससे वैगनआर कार हवा में लटक गई। वहीं करीबन 3 घंटे लगे जाम ने राहगीरों व यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया। थाना मुक्तेश्वर से सुबह से पहुंचे एसओ कैलाश चंद्र जोशी ने आरे तिरछे लगे वाहनों को लोक निर्माण विभाग की जेसीबी की मदद से सीधा किया, तब जाकर कहीं जाम 11 बजे खुल पाया। वहीं मनाघेर के पास अत्याधिक पाला गिरने की वजह से वाहनों के फिसलने का सिलसिला जारी रहा। यात्रियों का कहना था कि यदि समय से लोक निर्माण विभाग बर्फबारी व पाले पर नमक का छिड़काव करता तो यह नौबत नहीं आती।

सरोवरनगरी सहित पूरे पहाड़ में हुई नये वर्ष की पहली बर्फबारी

रविवार शाम सरोवरनगरी में गिरती बर्फ का नजारा। (चित्र : कुबेर सिंह डंगवाल)

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2019। सरोवरनगरी में रविवार को नये वर्ष 2019 की पहली बर्फबारी हो गयी। नगर में सुबह से ही बादलों की मौजूदगी के बीच सर्द हुए मौसम में शाम करीब साढ़े चार बजे करीब 15 मिनटों के लिए बर्फ के फाहे गिरे। इस दौरान जहां एक ओर लोग मौसम का आनंद लेते देखे गये, वहीं अनेक कमजोर आय वर्ग के लोग ठंड पड़ने से परेशान भी दिखे। इससे नगर के पर्यटन व्यवसायी भी उत्साहित नजर आये। आगे हालांकि बर्फबारी रुक गयी, किंतु पर्यटन व्यवसायी आगे और बर्फ गिरने की उम्मीद कर रहे हैं। यहाँ रविवार रात्रि भी बर्फ़बारी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
उधर पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र धारचूला, बंगापानी, मुनस्यारी में बारिश के साथ हिमालय की चोटियों पर हिमपात प्रारंभ हो गया है। थल मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि में तीन इंच, बिटलीधार में तीन इंच, खलिया टॉप में आधा फीट, मिलम में एक फीट हिमपात हुआ है। वहीं धारचूला की दारमा, व्यास व चौंदास की चोटियों ने भी चांदी की चादर ओढ़ ली है। प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन स्थल श्री नारायण आश्रम के आसपास भी काफी हिमपात हुआ है। उच्च हिमालय और उच्च मध्य हिमालय की चोटियों पर हिमपात हो रहा है। रात को बर्फबारी से थल-मुनस्यारी मार्ग के बंद हो गया है। हिमनगरी मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस चार डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 7 डिग्री है। इधर, नैनीताल में मौसम का पहला हिमपात हो रहा है। किलबरी, स्नोव्यू, आदि स्थानों पर बर्फ से सड़कों, मकानों की छतों की सफेदी देखी गयी है। वहीं बागेश्वर के उच्च हिमालयी क्षेत्रों बदियाकोट, झूनी, खलझुनी, धुर, विनायक, कर्मी, तोली, पैठी, बघर, लीती, कुंवारी, बोरबलड़ा, सुराग, कालो, डोला, बाछम व ख्राती में भी जबरदस्त हिमपात हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों से आवाजाही में सतर्कता बरतने की अपील की है साथ ही अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व समाचार : नैनीताल में पाला, मुक्तेश्वर में पेड़ों पर ओस की बूंदें भी जमीं

मुक्तेश्वर में सेब के बाग में बर्फ बनी ओस। (फोटो मनोज कुमार जोशी)

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसंबर 2018। पहाड़ों पर कड़ाके की सर्दी का सिलसिला जारी है। सरोवरनगरी में हालांकि शनिवार को पूरे दिन अच्छी धूप खिली, लेकिन कम या बिना धूप के उत्तरी ढाल की अयारपाटा पहाड़ी, ठंडी सड़क क्षेत्र में दिन में भी कड़ाके की ठंड रही, एवं कई स्थानों पर पाला भी जमा रहा। इससे कालाढुंगी रोड पर सूखाताल से आगे बारापत्थर के पास सड़क पर भी पाला जमा रहा। यही स्थिति किलबरी रोड पर हिमालय दर्शन से आगे भी कई स्थानों पर बनी हुई है। ऐसे में नगर में निम्न आय वर्ग के लोग जलौनी लकड़ियों के भरोसे हैं। कुछ नाविक नैनी झील के किनारे से नावों पर सूखी लकड़ियां जुटाते कैमरे में कैद हुए। नगर में पारा अधिकतम 10 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। वहीं जनपद के सबसे सर्द मुक्तेश्वर रहा, यहां पारा माइनस 4.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ। यहां धूप निकलने के बाद भी कई धूप रहित स्थानों पर सेब के बगीचों में ओस का पानी एवं नलों में पानी भी बर्फ की तरह जमा हुआ दिख रहा है।

नैनीताल-उत्तराखंड में ठंड से एक और मौत, संख्या पहुंची तीन

मृतक हरेंद्र सिंह।

-जनपद के पोखराड इंटर कालेज के लेब टेक्नीशियन था मृतक, अगले माह होना था सेवानिवृत्त
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 28 दिसंबर 2018।
क्षेत्र के आगर इंटर कालेज टांडी पोखराड में कार्यरत लेब टेक्नीशियन की बीते रात ठंड लग जाने से मौत हो गयी। मृतक को अगले माह जनवरी 2019 में ही सेवानिवृत्त होना था। थाना मुक्तेश्वर की पुलिस द्वारा शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। इसके साथ राज्य में ठंड से मौतों की संख्या तीन तक पहुंचने की बात कही जा रही है। इससे पूर्व नैनीताल मुख्यालय में 50 वर्षीय राजू नाम के चाय की दुकान पर कार्य करने वाले के साथ ही किच्छा में हुई एक मौत का कारण भी आग लगना बताया गया है।
थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर कैलाश चन्द्र जोशी ने बताया कि हरेंद्र सिंह (59) पुत्र उमेद सिंह निवासी गंगवाचौड़ चौखुटा बृहस्पतिवार को रात में अपने घर नही पहुंचे। इस पर परिजनों ने कई जगह उनकी खोजबीन की। इधर किसी ने पुलिस को पोखराड़ कसियालेख मोटर मार्ग पर भूमिया मंदिर के पास किसी व्यक्ति के पड़े होने की सूचना दी, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी। मोके पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव की शिनाख्त हरेंद्र सिंह के रूप में की गई। थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि शव के हाथ और पांव में हल्की रगड़ के निशान भी है। मौत कैसे हुई यह पीएम रिपोर्ट से पता चल सकेगा। अलबत्ता लोगों का कहना है कि क्षेत्र के तापमान माइनस 7 डिग्री तक चला जा रहा है। जिससे रात भर ठंड में रहने से ही मौत हुई होगी। घटना स्थल पर एसआई जगदीश नेगी और पूजा दास आदि भी मौजूद रहेे।

पूर्व समाचार : नैनीताल-उत्तराखंड में ठंड से हुई पहली मौत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 दिसंबर 2018। सरोवरनगरी में इस वर्ष की कड़ाके की ठंड ने एक व्यक्ति की जान ले ली है। मूलतः अल्मोड़ा निवासी एवं यहां बिलौरिया कंपाउंड में रहने वाले व मल्लीताल सनवाल स्कूल के पास एक चाय के स्टॉल पर काम करने वाले करीब 50 वर्षीय राजू को मंगलवार रात्रि पास के ही नाले के पास देखा गया। सूचना मिलने पर मल्लीताल थाने के आरक्षी मनोज जोशी उसे रात्रि करीब पौने 10 बजे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले गये, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि वह शाम से ही ठंड से ठिठुर रहा था, तथा रात की ठंड को बर्दास्त नहीं कर पाया, जिस कारण उसकी मृत्यु हो गयी। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों नगर में रात्रि में आसमान साफ रहने पर जबर्दस्त पाला पड़ रहा है, तथा पारा 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है। बावजूद अभी नगर में अभी अलाव भी नहीं जल रहे हैं।

यह भी पढ़ें : मुक्तेश्वर, धानाचूली में हुआ वर्ष का पहला हिमपात, करीब डेढ़ इंच तक हुई बर्फ़बारी, पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में

दान सिंह लोधियाल, नवीन समाचार, धानाचूली, 13 दिसंबर 2018।  साल का पहला हिमपात मुक्तेश्वर, धानाचूली क्षेत्र में में हो गया है। जिससे पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। यहाँ करीव डेढ़ इंच तक बर्फवारी दर्ज की गई। जिससे थोडी देर यातायात भी प्रभावित रहा। बृहस्पति को सुबह करीब 9 बजे से हल्की बूदाबांदी के साथ बर्फ की फुहारे शुरू हो गयी। देखते ही देखते धानाचूली, बैंड ऐडीधार, सुंदरखाल, कालापातल, मुक्तेश्वर, मनाघेर, चोरलेख, जाड़ापानी, राता, क्वेदल ओर खुटियाखाल के ऊँचाई वाले स्थानो ने सफेद चादर ओढ़ ली। इन स्थानों में एक से डेढ़ इंच तक बूदाबांदी के साथ वर्फबारी हुई। उधर बर्फ़बारी होंने के साथ ही धानाचूली बैंड, मनाघेर, चोरलेख, पहाड़पानी में मोटर मार्ग पर सफेद चादर बिछी नजर आने लगी। जिससे थोड़ी देर कई स्थानों में यातायात भी प्रभावित रहा। करीब 12 बजे के बाद हल्की धूप आने से कम ऊँचाई वाले स्थानों में फैली सफेद चादर गायब होने लगी। वही ठंड से बचने के लिए स्थानीय व्यापारियों ने सुबह से ही अपनी अपनी दुकानों में लकड़ी जलाकर राहगीरों व स्थानीय लोगो ठंड से बचने में मदद की। दोपहर के बाद धूप छावं का खेल चलता रहा। पहली बर्फ़बारी पर लोगो ने सेल्फी, वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट किए गए। 

नैनीताल में ठंड बढ़ने पर अलाव तापते लोग

पिछले वर्ष की बर्फवारी का समाचार  : सरोवरनगरी नैनीताल में दो वर्ष बाद पहली शीतकालीन बारिश से ही हुई बर्फवारी

  • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिछी 1 से 2 इंच तक मोटी बर्फ की चादर
  • दो वर्ष बाद बर्फवारी होने से खिले लोगों के चेहरे
  • सरोवरनगरी के निचले क्षेत्रों में भी है बर्फ की मौजूदगी
  • मौसम की पहली बारिश में ही पहली बार गिरी बर्फ

नैनीताल। सरोवरनगरी में ‘देर आयद-दुरुस्त आयद’ की तर्ज पर मंगलवार की रात्रि दो वर्ष के बाद मौसम की पहली बारिश ही बर्फवारी की मनमांगी मुराद ले कर आयी। और बर्फवारी भी इतनी कि मन भर गया। नगर के निचले हिस्सों तक भी बर्फ की मौजूदगी बनी, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक से दो इंच तक मोटी बर्फ की चादर बिछ गयी। वहीं बुधवार को नगर में सुबह से धूप खिल आयी। अलबत्ता बादलों की मौजूदगी भी बनी रही। इसके साथ ही नगर में बर्फ की मौजूदगी भी बनी रही। बर्फ पड़ने की जानकारी मिलते ही दिल्ली तक से सैलानी नगर में उमड़ पड़े और बर्फवारी का आनंद लिया। नगर के ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों में सैलानियों की अच्छी भीड़भाड़ रही और नगर के पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे भी खिल आये।

फोटो सौजन्य : प्रशांत दीक्षित, ललित जोशी।

अल्मोड़ा एनएच पर पत्थर गिरने से यातायात रोका

नैनीताल। जैसा कि अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दिनों से ही इसे कई स्थानों पर खतरनाक 90 अंश के कोणों तक काटे जाने के कारण ‘नवीन समाचार’ के द्वारा लगातार अंदेशा जताया जाता रहा है, फिर से इस मार्ग पर पत्थर गिरने लगे हैं। ऐसे में इस मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। वाहनों को भवाली से रामगढ़-क्वारब के रास्ते अल्मोड़ा भेजा जा रहा है। इधर हल्द्वानी एनएच पर रूसी बाईपास के पास दिन में पेड़ गिरा, जिसे हटा दिया गया है। इस दौरान कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।

पहाड़ों की बारिश भी होती है खूबसूरत, इसलिए आनंद लीजिये

नैनीताल। पहाड़ों व खासकर सरोवरनगरी में बरसात का मौसम बेहद खूबसूरत होता है। इस दौरान यहां में कोहरे की चादर में शहर का लिपटना और उसके बीच स्वयं भी छुप जाने, बादलों को छूने व बरसात में भीगने का अनुभव अलौकिक होता है। कोहरे का नैनी सरोवर में नौकायन के बीच पानी को छूना तो जैसे स्वर्गिक आनन्द देता है तो मालरोड पर सैर का मजा भी पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय होता है। वहीं इससे पहले भी जब देश मानसून का इंतजार कर रहा होता है, यहां लोकल मानसून झूम के बरसने लगता है। इस दौरान यहां एक नया आकर्षण नजर आता है, जिसे नगर के अंग्रेज निर्माताओं ने अपने घर इंग्लैंड को याद कर ‘लंदन फॉग’ और ‘ब्राउन फॉग ऑफ इंग्लैंड’ नाम दिये थे। नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर के ऊपर उठता और सरोवर को छूने के लिए नीचे उतरते खूबसूरत बादलों को ‘लंदन फॉग’ कहा जाता है। इन दिनों भी सरोवरनगरी में ऐसा ही दिलकश मौसम बना हुआ है। स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के कार्य जरूर प्रभावित हो रहे हैं, और लोगों को घरों में पानी रिसने, छतों से पानी चूने, और कपड़ों के न सूख पाने की समस्याएं आ रही हैं, लेकिन सैलानी ऐसे मौसम का खूब आनंद उठा रहे हैं।

पुराना समाचार : नैनीताल जिले में 12 को बारिश की चेतावनी पर बंद रहे स्कूल, 13 को हुई बारिश

  • 11 की छुट्टी के लिए जिला प्रशासन ने मौसम विभाग के ‘हाई अलर्ट’ को बताया कारण, अलबत्ता मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए हाई नहीं ‘अलर्ट’ किया था जारी, जिलों के नाम भी नहीं बताए था…

नैनीताल, 11 जुलाई 2018। नैनीताल डीएम विनोद कुमार सुमन ने बृहस्पतिवार 12 जुलाई को जनपद के कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में एहतियातन अवकाश घोषित किया था। लेकिन लगता है बारिश एक दिन लेट हो गयी। इधर मुख्यालय सहित कमोबेश पूरे जिले में 13 जुलाई को रात्रि से लगातार हल्की वर्षा जारी है। जबकि कल सुबह हल्की बारिश के बाद दिन में धूप भी खिली थी। उल्लेखनीय है कि सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार मौसम विभाग के द्वारा जनपद में भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए ‘हाई अलर्ट’ की चेतावनी जारी की गयी है। साथ ही कहा है कि यदि कोई विद्यालय अवकाश के दिन खुला पाया गया और किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति आती है तो सम्बन्धित विद्यालयों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। 

मौसम विभाग ने इस तरह जारी किया है ‘अलर्ट’

उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग के द्वारा जारी विज्ञप्ति में प्रदेश में लाल की जगह भूरे रंग में ‘अलर्ट’ की चेतावनी दर्शाई गयी है।जिला प्रशासन ने मौसम विभाग के ‘हाई अलर्ट’ को कारण बताया है, अलबत्ता मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए हाई नहीं ‘अलर्ट’ किया है जारी, जिलों के नाम भी नहीं बताए हैं।

यह भी पढ़ें : राजस्थान-बलूचिस्तान की धूल से हुई मटमैली बारिश, फिर भी नहीं हटी धूल, झील हुई ‘गायब’ ! हिमालय हो सकता है अगला निशाना !

बृहस्पतिवार 14 जून को विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर की सुंदरता को इस तरह प्रभावित किया है राजस्थान की धूल ने।

नैनीताल, 13 जून 2018। राजस्थान व पाकिस्तान के बलूचिस्तान की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के साथ आई गहरी धूल हजारों किमी दूर नैनीताल सहित उत्तराखंड के पहाड़ों तक पहुंच कर आफत बन गई है। बुधवार शाम आयी आंधी व बारिश तथा इधर बृहस्पतिवार रात्रि व शुक्रवार सुबह भी हुई काफी बारिश के बावजूद यह ‘जिद्दी’ धूल हटी नहीं है। यह भी हो रहा है कि बारिश के दौरान या कभी यह ओझल हो जा रही है, तथा बाद में फिर आ जा रही है। इससे सांस लेने में परेशानी तथा दृश्यता के कम होने जैसी समस्याएं तो आ ही रही हैं, यहां नैनी झील का पानी भी इसके कारण मटमैला नजर आया।
हुआ यह कि बारिश के दौरान यह धूल बारिश के साथ नीचे आयी, जिससे बारिश भी मटमैले रंग की नजर आयी। इससे लोगों के घरों-वाहनों में साफ होने की जगह मिट्टी चढ़ गयी। कई पानी रुके स्थानों पर मिट्टी का कीचड़ बन गया, वहीं नैनी झील के पोषक नालों में भी मटमैला पानी बहने लगा, और इस कारण नैनी झील का पानी भी बारिश के दौरान मटमैला नजर आने लगा, तथा बाद तक भी इसका असर देखा गया। बावजूद यह धूल अभी हटी नहीं है, और पर्यावरण प्रेमियों के बाद आम लोगों को भी चिंता में डाल रही है।

नैनीताल, 13 जून 2018। राजस्थान व पाकिस्तान के बलूचिस्तान की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के साथ आकर दिल्ली में प्रदूषण बढ़ाकर ‘आपातकाल’ जैसे हालात बनाने वाली धूल भरी आंधी के केस-बल बुधवार शाम अनेक क्षेत्रों में भारी तबाही के बाद भी ढीले नहीं पड़े हैं। यह गहरी धूल हज़ारों किमी दूर नैनीताल सहित उत्तराखंड के पहाड़ों तक पहुंच गई है। इससे यहां दृश्यता तो बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच ही गयी है, लोगों को स्वांस लेने में भी कठिनाई महसूस हो रही है। यहां तक कि नैनी झील बेहद करीब से भी नज़र नहीं आ रही है। वहीं आगे हिमालय पर्वत इसके निशाने पर लग रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह हिमालय सहित पूरे देश के लिये नई पर्यावरणीय चिंताएं पैदा करने वाला होगा।

यह भी पढ़ें : आंधी तूफान से हल्द्वानी में गौला पुल पर यह हुआ हाल, पेड़ गिरने से हल्द्वानी बाईपास बंद

चाहरदीवारी तोड़कर सड़क पर आ गिरा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अहाते में खड़ा विशालकाय पांगर का पेड़

नैनीताल, 13 जून 2018। बुधवार को पूरे दिन जबर्दस्त गर्मी के बाद शाम को मौसम के बदले गियर के साथ अचानक आये आंधी-तूफान ने जनपद में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। देर शाम करीब आठ बजे आये आंधी-तूफान से हल्द्वानी में गौला पुल से गुजरना लोगों के लिये दूभर हो गया। दोपहिया वाहनों के साथ बड़े ट्रक भी पुल से गुजरने की हिम्मत नहीं जुटा पाये। वहीं आगे हल्द्वानी बाईपास पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अहाते में खड़ा विशालकाय पांगर का पेड़ इस दौरान विद्यालय की चाहरदीवारी तोड़कर सड़क पर आ गिरा, जिस कारण बाईपास पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया।
वहीं आंधी-तूफान से कालाढुंगी में बौर पुल के पास भी एक पेड़ गिर गया, जिसे एसडीएम के स्तर से वन विभाग की मदद से हटवाया गया। आंधी-तूफान का प्रभाव पूरे जनपद में बताया जा रहा है, जिस कारण अनेक स्थानों पर पेड़ गिर गये हैं। कमोबेश पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति भी इस कारण बाधित हुई है, जबकि तूफान के निपटने के बाद आपूर्ति बहाल की जा रही है। मुख्यालय में भी अत्यधिक तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली गुल है।

नैनीताल व पहाड़ों पर ऐसे चढ़ा गर्मी, सर्दी व बरसात के मौसम का ‘कॉकटेल’

-हर दिन आधा इंच सूख रही नैनी झील का जल स्तर एक इंच बढ़ा
-मौसम वैज्ञानिकों के कहा-कुछ ही दिनों के लिए है यह स्थिति, खेती-बागवानी के लिए मानी जा रही लाभदायक

नैनीताल। बीते कुछ दिनों से पहाड़ों पर बदले मौसम के मिजाज के दौरान यह समझना मुश्किल हो रहा है मौसम गर्मियों का चल रहा है, अथवा बरसात या सर्दियों का। क्योंकि महीने के हिसाब से यह गर्मियों की शुरुआत का मौसम है, लेकिन सर्दियों की तरह लोग गर्म कपड़े पहने हुए हैं। वहीं जिस तरह से मुख्यालय सहित पहाड़ों पर कोहरा छाया हुआ है, व लगातार हल्की रिमझिम बारिश हो रही है, उससे बरसात के मौसम जैसा नजारा लग रहा है। बीते पांच अप्रैल से चल रहे इस मौसम के दौरान चार दिनों में मुख्यालय में 22 मिमी बारिश हुई है। इस बारिश की महत्ता इस तथ्य को देखते हुए समझी जा सकती है कि जनवरी माह से अब तक पूरे मौजूदा वर्ष 2018 में अब तक कुल 75.4 मिमी ही बारिश रिकार्ड हुई है। इसलिए भी यह बारिश महत्वपूर्ण है कि अब तक पिछले हर रोज आधा इंच घट रहा नैनी झील का जल स्तर इस बारिश के बाद घटना तो रुका ही है, साथ ही मामूली ही सही, 0.8 फिट से एक इंच बढ़ कर 0.9 फिट हो गया है।

मौसम के इस बदलाव के बारे में कुमाऊं विवि के दीर्घकालीन मौसम वैज्ञानिक प्रो. बीएस कोटलिया एवं राज्य के मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक आनंद शर्मा ने कहा कि मौसम में इन दिनों आया यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ का दबाव बनने की वजह से हुआ है। आगे यह अगले एक-दो और यानी 11-12 अप्रैल तक बना रह सकता है। इसके बाद फिर से गर्मी बढ़ने लगेगी। वहीं किसानों का कहना है कि यह बारिश पहाड़ों पर खेती-बागवानी के लिए हर तरह से लाभदायक है, अलबत्ता तराई-भाबर क्षेत्र में पकने लगी गेहूं की फसल को ओलावृष्टि, अंधड़ से जरूर नुकसान हो सकता है। चिकित्सक भी इस बारिश को मानव स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बता रहे हैं।

पिछले वर्ष अब तक 208 मिमी बारिश के बावजून माइनस 4 फिट था जल स्तर
नैनीताल। इस वर्ष जिला प्रशासन के निर्देशों पर नगर में पेयजल आपूर्ति के फलस्वरूप नैनी झील का जल स्तर घटने की रफ्तार पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम रही है। इसे इन आंकड़ों से समझ सकते हैं कि वर्ष 2017 में 9 अप्रैल तक 208.28 मिमी बारिश हुई थी और 9 अप्रैल को जल स्तर झील नियंत्रण कक्ष के मापक पर माइनस 4 फिट था। जबकि इस वर्ष 75.4 मिमी बारिश होने के बावजूद जल स्तर 0.9 फिट के स्तर पर यानी पिछले वर्ष के मुकाबले 4.9 फिट अधिक है।

नवीन जोशी

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