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नैनीताल सहित आसपास के पहाड़ों में बारिश शुरू, गर्मी के साथ जंगलों की आग पर लगाम लगने की बनी उम्मीद

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 मई 2019। पश्चिमी विक्षोभ के एक बार पुनः प्रभावी होने के प्रभाव में सरोवरनगरी एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार अपराह्न पौने एक बजे से बारिश प्रारंभ हो गयी है। इससे मौसम सुहावना हो गया है, साथ ही जंगलों में लगी आग के भी बुझने की संभावना बन गयी है। लिहाजा बारिश एक साथ कई राहत ले कर आई है।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व आग ने मुख्यालय के निकटवर्ती क्षेत्रों में भी बिकराल रूप ले लिया था, जिसके बाद हेलीकॉप्टर बुलाने की भी मांग उठने लगी थी। वहीं रविवार को आग की वजह से एक पेड़ के जलकर बिजली की लाइन पर गिरने से नगर की बिजली की आपूर्ति बाधित हो गयी थी। इसकी मरम्मत के लिए आज नगर में 12 बजे से आपूर्ति ठप है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2019। मौसम विभाग की पहले से की गयी घोषणा को सही साबित करते हुए बृहस्पतिवार को पहाड़ों पर मौसम का मिजाज बदल गया। जिला-मंडल मुख्यालय सरोवरनगरी सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह से ही बादल छाने के बाद बारिश शुरू हो गयी। इस दौरान पूर्वाह्न करीब 11 बजे से 12 बजे तक एक घंटे तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। इससे घरों की छतों के साथ सड़कें भी ओलों से पट गयीं। नगर के मल्लीताल की अपेक्षा में तल्लीताल में ओलों की मात्रा अधिक रही। यहां सड़कों पर काफी देर तक ओलों की चादर बिछी रही। इसके बाद कुछ देर के लिए धूप के दर्शन तो हुए लेकिन बाद में पूरा दिन आसमान बादलों से घिरा रहा। इससे आगे भी बारिश के जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ नगर में तापमान में भी गिरावट आ गयी है। बुधवार को अधिकतम जहां पारा 30 व न्यूनतम 19 डिग्री के बीच रहा था, वहीं बृहस्पतिवार को पारा 15 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। बारिश से पहाड़ों पर भड़क रही आग और मैदानी क्षेत्रों में बढ़ रही गर्मी पर भी लगाम लगने की उम्मीद की जा रही है। वहीं बारिश की वजह से नैनी झील में भारी मात्रा में गंदगी पहुंचने से झील की खूबसूरती दागदार नजर आई।

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नवीन समाचार, नैनीताल 28 अप्रैल 2019। प्रदेशभर में 30 अप्रैल से मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, 30 अप्रैल, एक मई, दो मई और तीन मई को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश हो सकती है। इससे खासकर मैदानी क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिलेगी। प्रदेशभर में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इस साल राजधानी दून के साथ ही न केवल मैदानी इलाके बल्कि पहाड़ भी तप रहे हैं। बीते तीन दिनों की बात करें तो पारा लगातार चढ़ रहा है। इसे में मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आने वाले एक-दो दिन में तापमान में और बढ़ोतरी होगी। दून का तापमान 38 डिग्री से ऊपर जा सकता है।लेकिन इसके बाद मंगलवार से बारिश के साथ गर्मी से राहत मिल सकती है। 

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बारिश के दौरान सरोवरनगरी का नजारा।

नवीन समाचार, नैनीताल 18 अप्रैल 2019। मौसम विभाग की चेतावनी गुजर जाने के बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सरोवर नगरी नैनीताल सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में आज दोपहर बाद घंटों मूसलाधार बारिश हुई, इससे नगर की कई सड़कों में पानी नालों की तरह बहने लगा। इस कारण नालियों की गंदगी भी सड़कों से होते हुए बहकर नैनी झील में पहुंच गयी। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों मे अप्रैल माह में दुबारा से सर्दी लौट गई है। लोगों ने फिर से गर्म वस्त्र निकाल लिये हैं।

आज सुबह का मौसम

उल्लेखनीय है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार की सुबह से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश में तब्दील हो गयी। नगर में सुबह तड़के से ही हल्की बारिश हो रही थी, जो कुछ देर रुकने के बाद दोपहर बाद करीब एक बजे से मूसलाधार होने लगी। इस दौररान झील में सैलानियों को लेकर तैरती नौकाओं को जल्दी में वापस लौटना पड़ा। बावजूद सैलानी भीग गये। शाम साढ़े तीन बजे के बाद भी मूसलाधार बारिश होती रही। इसके बाद बारिश कुछ धीमी हुई, किंतु जारी रही। इस दौरान सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रो मे ठंड महसूस की जाने लगी है। अलबत्ता, बारिश प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ ही खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में बागानों-फल, फूलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है, और जंगलों में आग लगने की संभावना तथा आगे गर्मी पर भी कुछ लगाम लगने की उम्मीद है।

नाले में तब्दील मुख्य डाकघर रोड की बंद नालियों को खोलने को सभासदों ने खोला मोर्चा

नैनीताल। बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश के दौरान नगर के मल्लीताल स्थित मुख्य डाकघर वाली सड़क नाले में तब्दील हो गयी। इस पर नगर के तीन अलग-अलग क्षेत्रों में सभासदों-मनोज साह जगाती, कैलाश रौतेला व भगवत रावत ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर इस मार्ग के किनारे की नालियों के बंद होने का हवाला देते हुए नालियों की सफाई करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि बीती 12 अप्रैल को मौसम विभाग ने 72 घंटों के लिए चेतावनी दी थी लेकिन इस बीच मुख्यालय सहित सभी पर्वतीय क्षेत्रों में अच्छी धूप खिली और मौसम अच्छा रहा, वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी गर्मी बढ़ गयी थी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मार्च 2019। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फिर ताजा हिमपात और निचले इलाकों में बारिश होने से मौसम में ठंडक बनी हुई है। राज्य मौसम केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के उंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात हुआ है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, मनुस्यारी आदि प्रदेश के ऊंचे इलाकों में ज्यादा बर्फबारी होने की खबर है। केदारनाथ में 14 और बद्रीनाथ में 6 फुट बर्फ होने के समाचार हैं। वहीं रविवार को देहरादून और आसपास के मसूरी जैसे पहाड़ी इलाकों में जमकर जो नैनीताल-हल्द्वानी एवं आसपास के क्षेत्रों में सुबह बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में अगले एक-दो दिनों में भी हल्की बारिश हो सकती है ।
इधर पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. आरके सिंह के अनुसार इस बार उत्तराखंड में फरवरी में आठ बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बीते 15 साल का रिकॉर्ड टूटा है। उनके अनुसार सामान्यतः उत्तराखंड में फरवरी में चार बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है। मगर इस बार ‘आर्कटिक ब्लास्ट’ के चलते फरवरी में बीते 15 साल के सभी रिकॉर्ड धराशायी हो गये हैं। इस बार फरवरी में आठ बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिसके चलते उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में छह बार बर्फबारी और आठ बार हल्की और मध्यम से लेकर तेज बारिश हो चुकी है। उनके अनुसार फरवरी में उत्तराखंड में सामान्य तौर पर 30 मिमी बारिश होती है। मगर इस बार 38 मिमी. बारिश के साथ ही छह बार उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो चुकी है। जानकार इसके लिए आर्कटिक ब्लास्ट को जिम्मेदार मान रहे हैं। डॉ. सिंह ने मौजूदा मार्च में भी दो से तीन बार पश्चिमी विक्षोभ हवाओं के सक्रिय होने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई है।

नैनीताल में बारिश के बाद धूप निकली

नैनीताल। मौसम विभाग की भारी बारिश व बर्फबारी की चेतावनी के बीच रविवार को सरोवरनगरी एवं आसपास के क्षेत्रों में सुबह बारिश हुई एवं बाद में धूप भी खिली, अलबत्ता आसमान में बादलों की उपस्थिति के साथ धूप-छांव का खेल भी चलता रहा। साथ ही शीतलहर भी धूप के प्रभाव को मंद करती रही। मौसम विभाग के अनुसार तापमान अधिकतम 12.8 व न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया।

अवकाश सूचना : कल गुरुवार को बंद रहेंगे नैनीताल जनपद के यह स्कूल

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2019। जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों में काफी मात्रा में हिमपात हुआ है। जिसके कारण जिले के पर्वतीय क्षेत्रों के काफी मार्ग बन्द हैं तथा हिमपात व पाले के कारण फिसलन काफी बढ़ गई है। इस तथ्य को संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन द्वारा जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों के कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों को 28 फरवरी गुरूवार के दिन बन्द रखने के आदेश जारी किए है। जानकारी देते हुए उप निदेशक योगेश मिश्रा ने बताया है कि जिलाधिकारी ने जारी आदेश में कहा है कि तहसील नैनीताल, धारी, कोश्याकुटोली, बेतालघाट, खनश्यू के सभी पर्वतीय क्षेत्रों में यह अवकाश रहेगा जबकि जनपद के भावर क्षेत्र की तहसीलों यथा-रामनगर, कालाढुंगी, हल्द्वानी तथा लालकुआं के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र के सभी विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केन्द्र यथावत खुले रहेंगे। श्री मिश्रा ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों के जिन विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में अवकाश घोषित किया गया हैं वहाॅ सभी अध्यापक एवं अध्यापिकाएं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ती ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे। इसके अवाला सम्पूर्ण जनपद में सभी कार्यालय, बैंक तथा अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी प्रतिष्ठान भी खुले रहेंगे। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में बुधवार को लगातार दूसरी सुबह भी नजारे बेहद शानदार हैं।  नगर के निचले क्षेत्रों में भी  करीब 1 इंच बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है। बीती रात्रि भी नगर में खामोशी के साथ अच्छी बर्फबारी हुई है। नैना पीक, कैमल्स बैक, बिरला, स्नो व्यू व लड़ियाकांटा की पहाड़िया बर्फ से लकदक पटी हुई हैं। अभी भी हल्की बर्फबारी जारी है। बीती शाम सेे ही बिजली गुल है।ऐसे में परेशानियां भी कम नहीं हैं, क्योंकि मंगलवार से ही नगर के प्रमुख पब्लिक स्कूल भी खुल चुके हैं इसलिए बच्चों के सामने भी स्कूल जाने की समस्या है। सेंट मेरिज कॉन्वेंट कॉलेज में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जबकि अन्य स्कूलों से कोई जानकारी उपलब्ध न होने के कारण छुट्टी पर असमंजस बना हुआ है।

पूर्व समाचार : 

हालांकि इस वर्ष कहने को पांच-छह दौर की बर्फबारी हो चुकी है, लेकिन आज मंगलवार की सुबह उठते ही नगरवासी जिस बर्फबारी के नजारे देख रहे हैं वह अप्रत्याशित होने के साथ ही बेहद खूबसूरत है। अप्रत्याशित इसलिए कि रात्रि में हुई इस बर्फबारी का किसी को पता ही नहीं चला। यहां तक कि नगर के ही बहुत से लोगों को अब तक भी नगर में बर्फबारी होने की जानकारी नहीं है। अलबत्ता, सर्वप्रथम यह समाचार प्राप्त कर रहे ‘नवीन समाचार’ के अन्य शहरों के पाठक भी चाहें तो दिन तक नगर में बर्फबारी का आनंद लेने आ सकते हैं। उन्हें दिन में भी पंगोट रोड पर हिमालय दर्शन के पास बर्फबारी से खेलने का अब तक का सबसे अच्छा मौका मिल सकता है। इससे नगर के पर्यटन को भी एक बार फिर नयी ताजगी मिल सकती है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को नगर में आसमान में बादलों की धूप-छांव के बीच अच्छी धूप भी खिली थी। शाम को भी मौसम साफ था और बादलों की ओट से खूबसूरत चांद भी झांक रहा था। किंतु रात्रि 10-साढ़े 10 से शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी के बीच जब लोगों की आंख लग गयी, तब न जाने कब नगर में बर्फबारी हो गयी। और बर्फबारी भी ऐसी कि पहली बार नगर के ऊंचाई वाले टिफिन टॉप, स्नोव्यू, कैमल्स बैक व नैना पीक की पहाड़ियों पर काफी नीचे तक पेड़ों पर भी बर्फ झूल रही है।

बर्फबारी के कुछ नजारे :

खास बात यह भी रही है कि बर्फबारी होने के बाद आसमान फिर से पूरी तरह से साफ हो गया है और बर्फबारी की रात्रि ही बर्फ पर पाला भी पड़ा है। ऐसे में सुबह सूर्य की पहली किरणों के साथ नगर का नजारा बेहद ही खूबसूरत है। नगर के मल्लीताल के निचले क्षेत्रों में भी छतों पर बर्फ की बेहद पतली परत पाले के साथ चमक रही है। इसके साथ ऐसा भी लग रहा है कि आज की बर्फबारी इस मौसम की आखिरी बर्फबारी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि बर्फबारी मानव स्वास्थ्य के साथ ही नगर की जीवनदायिनी नैनी झील को भी नया जीवन देने वाली है। साथ ही कहना गलत न होगा कि इससे पहले इस वर्ष नगर में जब भी बर्फबारी हुई, वह ओलों के साथ हुई और उसमें बर्फ कम ओले अधिक थे, जो प्रकृति को नुकसान भी पहुंचाते हैं।

नगर की बिजली गुल
नैनीताल। बर्फवारी की वजह से नगर की नाजुक विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गयी है। रात्रि से ही नगर में बिजली गायब हो गयी है। उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग के द्वारा पिछले पूरे माह ध्वस्त रही विद्युत व्यवस्था को इधर दुरुस्त कर लिये जाने का दावा किया गया था, किंतु यह फिर से पूर्ववत नजर आ रही है।

पूर्व समाचार : पहाड़ों पर होने लगी बूंदाबांदी, आगे फिर हो सकती है बर्फबारी-ओलावृष्टि

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 फरवरी 2019। सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में बूंदाबांदी शुरू हो गयी है। इससे लग रहा है कि मौसम मौसम विभाग की भविष्यवाणी की राह पर चल रहा है। आगे यदि भविष्यवाणी पूरी तरह से सही साबित होती है तो बर्फबारी और ओलावृष्टि भी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने 21 फरवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों बर्फबारी और ओलावृष्टि हो सकती है। इससे पूर्व नगर में पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे और मौसम सर्द रहा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान तापमान अधिकमत 11 व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो कि बृहस्पतिवार 21 फरवरी को अधिकतम 9 व न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 

मौसम विभाग ने गत 17 फरवरी 2019 को फिर उत्तराखंड के मौसम के लिए चेतावनी जारी की थी। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा था कि प्रदेश में अगले पूरे सप्ताह मौसम सर्द बना रह सकता है। सिंह के अनुसार 18 से 20 फरवरी के बीच प्रदेश में कुछ स्थानों पर बादलों की तेज गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, और बारिश के साथ ओलावृष्टि और आगे 21 को पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि पूरे प्रदेश में बढ़ने तथा प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना जताते हुए कहा था कि इस दौरान अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं 22 से मौसम ठीक होने की ओर लौट सकता है। किंतु 23-24 फरवरी को फिर से प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मौसम खराब हो सकता है। सलाह दी गयी है कि इस दौरान तेज गरज सुनाई देने पर आधे घंटे तक सावधानी बरतें। कहीं आना-जाना हो तो टाल दें।

उन्होंने बताया कि राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक मजबूत चक्रवातीय दबाव बन रहा है, जिसके बारण देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में तेज बारिश के साथ ओले पड़ सकते हैं, जबकि 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर भारी बर्फबारी हो सकती है। बताया कि 21 फरवरी के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है।

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शुक्रवार को नगर में कुछ देर के लिए हुई ओलावृष्टि से बिछी सफेद चादर।
हाईकोर्ट परिसर स्थित आवास की छत पर गिरा सुरई का विशाल पेड़।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में बारिश-ओलावृष्टि का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। भीषण ओलावृष्टि से हाईकोर्ट परिसर में एक न्यायाधीश के आवास के पीछे स्थित एक आवासीय भवन की छत पर सुरई का एक विशालकाल पेड़ गिर गया। आवास में हाईकोर्ट के कर्मचारी रहते हैं। पेड़ गिरने से भवन की छत को नुकसान पहुंचा है। वहीं वन दरोगा हीरा सिंह शाही ने बताया कि मस्जिद तिराहे से आगे हाईकोर्ट रोड पर भीषण ओलावृष्टि के कारण वाहन नहीं चल पाने के कारण लगे जाम की वजह से वन कर्मी पेड़ को हटाने के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। यहां घंटों वाहन फंसे रहे। पुलिस को इस मार्ग पर जाम खुलवाने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। इधर ओलावृष्टि के बाद से नगर में बिजली भी गुल हो गयी है।
नगर में दिन की शुरुआत बादलों से घिरे आसमान के साथ हुई, लेकिन बाद  धूप भी निकली, लेकिन अपराह्न करीब ढाई बजे से नगर में बारिश के साथ ‘बमबारी’ की तरह जोरदार ओलावृष्टि हुई, फलस्वरूप करीब आधे घंटे में ही नगर के निचले इलाके भी ओलों की सफेद चादर से पट गये। माल रोड सहित सभी प्रमुख सड़कों पर लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी पेश आई, वहीं नगर के चार्ल्टन रोड जैसे तीक्ष्ण चढ़ाई व उतार वाली सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान अधिकतम 13 व न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गिरा, जबकि बीते 24 घंटों में नगर में 15.2 मिमी बारिश भी दर्ज की गयी है। मौसम विभाग आगे भी अगले एक-दो दिन मौसम के यथावत रहने की संभावना जता रहा है।

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 फरवरी 2019। मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए सरोवरनगरी एवं आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बृहस्पतिवार रात्रि मौसस ने रौद्र रूप दिखाया। रात्रि में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश और जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि इतनी जबर्दस्त थी कि टिन की छतों वाले घरों में पानी अंदर आ गया। जगह-जगह कई पेड़ और उनकी टहनियां टूट गयीं। यहां तक कि माल रोड पर दशकों पुराना विशाल चिनार का मोटा पेड़ भी जड़ के पास से दरक गया। ओले शुक्रवार दोपहर तक बने रहे। वहीं पेड़ टूटने से मुख्यालय की बिजली गुल हो गयी। विद्युत विभाग ने तल्लीताल माल रोड के आधे शहर को पाइंस की लाइन से जोड़कर दिन में किसी तरह आपूर्ति सुचारू करवाई, जबकि मल्लीताल का बड़ा क्षेत्र रात्रि में करीब 11 बजे जाने के बाद से करीब 17 घंटों के बाद भी सुचारू नहीं हो पाई है। बावजूद स्कूल-कॉलेज खुले रहे। इससे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तापमान अधिकतम 7.6 व न्यूनतम 1.5 डिग्री सेल्सियस जबकि बारिश 28.2 मिमी रिकार्ड की गयी। मौसम विभाग आगे एक-दो दिन भी मौसम के प्रतिकूल रहने की संभावना जता रहा है।
मुख्यालय में ओलावृष्टि-आंधी तूफान से नगर के जुबली हॉल क्षेत्र में एक घर पर सुरई का पेड़ गिरने से शोबन राम, राजेंद्र प्रसाद व हेमा देवी के घरांे की छतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और पानी घर के भीतर भर गया। इसी तरह भोटिया बैंड पर एक पेड़ बिजली की लाइन पर जा गिरा। इसी तरह बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में एक पेड़ यहां खड़ी एंबुलेंस पर जा गिरा, जिससे एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हो गयी। उधर मल्लीताल में सीता किरन होटल के पास जेपी साह के कॉटेज में रहने वाली हेमा देवी के बाथरूम की छत भी ध्वस्त हो गयी। उधर विद्युत विभाग के एसडीओ पर्यंक पांडे ने बताया कि मेहरागांव से सूखाताल को आने वाली 33 केवीए की लाइन पर गेठिया व रूसी बाइपास सहित कई स्थानों पर पेड़ गिरे हैं, जबकि कई अन्य जगह भी लाइनों में खराबी हो सकती है। लिहाजा बिजली कब तक आ पाएगी कहना मुश्किल है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 7 फरवरी 2019। जिला मुख्यालय सरोवरनगरी सहित सभी निकटवर्ती पर्वतीय स्थलों में मौसम मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करने की राह पर आगे बढ़ रहा है। जिला मुख्यालय सहित सभी निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में रात्रि से ही कभी हल्की तो कभी तेज बारिश हो रही है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है। गौरतलब है कि प्रदेश के सभी पर्वतीय जिलों टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चंपावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने की घोषणा हुई है। किंतु दो तिहाई से अधिक पर्वतीय क्षेत्र वाले नैनीताल जनपद में अवकाश की घोषणा नहीं हुई है। इससे लोगों में खासी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नैनीताल जिले का प्रशासन हल्द्वानी में बैठ रहा है संभवतया इस कारण प्रशासन को पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं का आभास नहीं हो पा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बुधवार को भी नगर में कई चरणों में हल्की बारिश की फुहारें आईं। इससे मौसम सर्द रहा और लोग अलाव जलाने व तापने अथवा घर पर बिस्तर पर सिमटने को मजबूर रहे। अलबत्ता नगर में पहुंचे सैलानी पहाड़ की मैदानी क्षेत्रों से इतर ठंड का आनंद लेते हुए सैर करते भी नजर आये। मौसम विभाग के अनुसार सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों का अधिकतम तापमान 15.1 व न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस एवं आर्द्रता 34 से 41 फीसद के बीच रही। वहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिन मौसम के और बिगड़ने, बर्फबारी होने तथा तापमान के अधिकतम 10-11 एवं न्यूनतम 2 से 4 डिग्री के बीच तक गिरने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार सात फरवरी तक प्रदेश में मौसम और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। आठ फरवरी को दोपहर बाद मौसम साफ होने लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्र के लोगों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। छह और सात फरवरी को अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है। इससे सड़कें और संपर्क मार्ग बंद हो सकते हैं। साथ ही अन्य दिक्कतें भी बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि दो हजार मीटर तक बर्फ गिरने का अनुमान है। लोगों को मसूरी, धनोल्टी और उसके बराबर की ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ देखने को मिल सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि इस वर्ष मार्च माह तक मौसम सर्द रह सकता है। 

यह भी पढ़ें : दर्दनाक ! बर्फ का एवलांच गिरने से पिथौरागढ़ के सीमांत में 35 बकरियों की दबकर मौत

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 28 जनवरी 2019। उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले के लीलम क्षेत्र में बर्फीला पहाड़ दरकने से 35 बकरियों की मौत होने का दुःखद समाचार है। बताया गया है कि बर्फ का पहाड़ (एवलांच) गिरने की वजह से बकरियां बर्फ के नीचे दब गईं और उनकी मौत हो गई। बकरियों को पालने वाले प्रभावित गोविंद सिंह ने मुनस्यारी तहसील जाकर बकरियों के बर्फ के नीचे दबने की बात बताई है।
बकरियां पालने का कारोबार करने वाले गोविंद ने बताया कि उसका परिवार बकरी पालन से ही चलता है और बकरियां ही उसकी आजीविका का सहारा थीं। रविवार सुबह उसकी बकरियों के झंुड के ऊपर बर्फ की पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। जब तक बर्फ से दबी बकरियों को निकाला जाता तब तक 35 बकरियों की मौत हो चुकी थी। उसने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग करते हुए कहा है कि अन्यथा उसका परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर में इस मौसम में पहली बार पड़ कर जमी बर्फ

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2019। एक बार पुनः सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सरोवरनगरी में शुक्रवार को अनपेक्षित तौर पर बर्फवारी हुई, और नगर क्षेत्र में इस मौसम में पहली बार बर्फ टिकी। ऐसा तब है, जबकि नगर में बृहस्पतिवार को पूरे दिन अच्छी धूप खिली थी। इसके बाद मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए रात्रि से ही आसमान में बादलों ने घेरा डाल दिया। इसके फलस्वरूप पहले सुबह हल्के हिमकण एवं बारिश होनी शुरू हुई तथा पूर्वान्ह करीब साढ़े 11 बजे और अपराह्न में तीन बजे से बर्फबारी हुई। सुबह बर्फबारी हालांकि हल्की थी, लेकिन यह टिकी, जबकि शाम की बर्फवारी के दौरान बेहद सुंदर नजारा और तेज बर्फबारी हुई, किंतु अन्जान कारणों से यह टिक नहीं पाई, और इसके तत्काल बाद धूप के दर्शन भी हो गये। वहीं नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों किलबरी रोड पर हिमालय दर्शन, पंगोट किलबरी आदि क्षेत्रों में पहले ही अच्छी बर्फबारी हो चुकी है।

पूर्व समाचार : मौसम विभाग की चेतावनी, पहाड़ पर जहां छूट गयी आज से वहां भी हो सकती है बर्फ़बारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 24 जनवरी 2019। एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड की ओर बढ़ रहा है। यह 25 जनवरी को उत्तराखंड पहुंचेगा। इस मौसमी चक्र से देहरादून, हरिद्वार और यूएसनगर में बारिश और पर्वतीय इलाकों में हिमपात होने की संभावना है। राज्य में 1800 मीटर की ऊंचाई वाले इलाकों में गुरुवार को भी हल्का हिमपात हो सकता है। देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री नीचे 13.7 डिग्री तक लुढ़क गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को भी दून में हल्की बारिश हो सकती है।

जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ में कहीं कहीं हल्की बारिश और हिमपात होने की संभावना है। उधर, राजधानी में बुधवार दोपहर बाद गुनगुनी धूप खिली। बर्फ से लकदक पर्वतों से टकरा कर दून तक पहुंची ठंडी हवाओं ने गुनगुनी धूप के साथ मौसम को गुलाबी बना दिया। मसूरी में बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को भी देहरादून में कुछ स्थानों में हल्की बारिश हो सकती है। 1800 मीटर तक की ऊंचाई के पर्वतों में हिमपात हो सकता है। दून में बुधवार को तापमान अधिकतम 13.7 डिग्री रहा। जो सामान्य से छह डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री रहा। ये सामान्य से दो डिग्री ज्यादा था। गुरुवार को न्यूनतम तापमान पांच डिग्री रहने की संभावना है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जनवरी 2019। आखिर कई बार होते-होते रह गयी बर्फबारी ने मंगलवार को नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को ही सही छू लिया। सोमवार से ही बने मौसम के बाद मंगलवार को नगर की सबसे ऊंची नैना पीक चोटी तथा इससे लगी पंगोट रोड पर हिमालय दर्शन के पास इतनी भर बर्फबारी हो गयी कि सैलानी इसका आनंद ले पाएं। इस पर नगर में पहुंचे सैलानी हिमालय दर्शन के पास पहुंच गये और बर्फ पर खेलने का आनंद लिया। लोगों ने बर्फ के गोले बनाकर उछाले और एक-दूसरे को मारते हुए खेले। इधर नगर में पहली अच्छी शीतकालीन बर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार नगर में सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में 28.2 मिमी बारिश दर्ज की गयी, जबकि तापमान अधिकतम 12 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। ऐसे मौसम में नगर में भी अच्छी ठंड महसूस की गयी और लोग गर्म वस्त्रों में अथवा अलाव के आसपास दुबके रहे।

इधर प्रदेश के कुमाऊं मंडल में अनेक अन्य स्थानों से बर्फवारी की कहीं खूबसूरत तो कहीं परेशानी बढ़ाने वाली तस्वीरें आ रही हैं। जनपद में मुक्तेश्वर से लगे क्षेत्रों तो अल्मोड़ा जनपद में बिन्सर से लेकर देश के द्वादश ज्योर्तिलिंगों में शामिल जागेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर समूह का भी बर्फ से अभिषेक हुआ है। यहां वृद्ध जागेश्वर, रानीखेत, चौबटिया व जौरासी और उधर पिथौरागढ़ जिले में चाय नगरी चौकोड़ी भी बर्फ से निहाल हुई है तो हिमनगरी मुन्स्यारी, धारचूला के तो कहने ही कहां। यहां नैनीताल के पूर्व पुलिस कोतवाल किशन सिंह ह्यांकी के गांव सोसा की भी बर्फबारी के बाद की तस्वीर देखने लायक है। यहां 1 फिट से अधिक बर्फ गिरी है। यही स्थिति बागेश्वर जिले के दानपुर व मल्ला दानपुर क्षेत्रों की भी है। यहां भी जमकर बर्फबारी हुई है।

पूर्व समाचार : बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें, कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त

मनाघेर के पास सामान से भरा कैंटर गिरा खाई में, कैंटर चालक हुआ घायल
-3 घंटे तक जाम रही सड़क, बर्फ की वजह से कई वाहन फिसले, कई दोपहिया वाहन सवार भी हुए चोटिल
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार
, धानाचूली, 7 जनवरी 2019। बीते देर रात हुई बर्फबारी वाहनों के लिए मुसीबत बनकर आई। बर्फ की वजह से मनाघेर के पास देर रात करीब 12 बजे पिथौरागढ़ के मदकोट जा रहा एक आइशर मिनी ट्रक संख्या यूके04सीए-9698 बर्फ में फिसल कर सड़क से करीब 10 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिसमें सवार वाहन चालक हरीश पांडे (35) पुत्र गोपाल दत्त छोडी बगड़ मदकोट घायल हो गया। वाहन चालक को आपातकालीन वाहन 108 की मदद से हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय भेजा गया। उसके पांव में चोट लगी है। वहीं दिन भर बर्फ में गिरे पाले की वजह से धानाचूली से चोरलेख के मध्य 4 से 5 जगह वाहनों के फिसलकर आड़े-तिरछे हो जाने की वजह से जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिसको मुक्तेश्वर पुलिस और तहसील प्रशासन की मदद से खुलवाया गया, वहीं लोनिवि की भूमिका नगण्य रही।

इसके अलावा कई मोटरसाइकिल सवार पाले में फिसलने से चोटिल हो गए। मनाघेर के पास ही वैगनआर और छोटा हाथी आपस में टकरा गए, जिससे वैगनआर कार हवा में लटक गई। वहीं करीबन 3 घंटे लगे जाम ने राहगीरों व यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया। थाना मुक्तेश्वर से सुबह से पहुंचे एसओ कैलाश चंद्र जोशी ने आरे तिरछे लगे वाहनों को लोक निर्माण विभाग की जेसीबी की मदद से सीधा किया, तब जाकर कहीं जाम 11 बजे खुल पाया। वहीं मनाघेर के पास अत्याधिक पाला गिरने की वजह से वाहनों के फिसलने का सिलसिला जारी रहा। यात्रियों का कहना था कि यदि समय से लोक निर्माण विभाग बर्फबारी व पाले पर नमक का छिड़काव करता तो यह नौबत नहीं आती।

सरोवरनगरी सहित पूरे पहाड़ में हुई नये वर्ष की पहली बर्फबारी

रविवार शाम सरोवरनगरी में गिरती बर्फ का नजारा। (चित्र : कुबेर सिंह डंगवाल)

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2019। सरोवरनगरी में रविवार को नये वर्ष 2019 की पहली बर्फबारी हो गयी। नगर में सुबह से ही बादलों की मौजूदगी के बीच सर्द हुए मौसम में शाम करीब साढ़े चार बजे करीब 15 मिनटों के लिए बर्फ के फाहे गिरे। इस दौरान जहां एक ओर लोग मौसम का आनंद लेते देखे गये, वहीं अनेक कमजोर आय वर्ग के लोग ठंड पड़ने से परेशान भी दिखे। इससे नगर के पर्यटन व्यवसायी भी उत्साहित नजर आये। आगे हालांकि बर्फबारी रुक गयी, किंतु पर्यटन व्यवसायी आगे और बर्फ गिरने की उम्मीद कर रहे हैं। यहाँ रविवार रात्रि भी बर्फ़बारी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
उधर पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र धारचूला, बंगापानी, मुनस्यारी में बारिश के साथ हिमालय की चोटियों पर हिमपात प्रारंभ हो गया है। थल मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि में तीन इंच, बिटलीधार में तीन इंच, खलिया टॉप में आधा फीट, मिलम में एक फीट हिमपात हुआ है। वहीं धारचूला की दारमा, व्यास व चौंदास की चोटियों ने भी चांदी की चादर ओढ़ ली है। प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन स्थल श्री नारायण आश्रम के आसपास भी काफी हिमपात हुआ है। उच्च हिमालय और उच्च मध्य हिमालय की चोटियों पर हिमपात हो रहा है। रात को बर्फबारी से थल-मुनस्यारी मार्ग के बंद हो गया है। हिमनगरी मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस चार डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 7 डिग्री है। इधर, नैनीताल में मौसम का पहला हिमपात हो रहा है। किलबरी, स्नोव्यू, आदि स्थानों पर बर्फ से सड़कों, मकानों की छतों की सफेदी देखी गयी है। वहीं बागेश्वर के उच्च हिमालयी क्षेत्रों बदियाकोट, झूनी, खलझुनी, धुर, विनायक, कर्मी, तोली, पैठी, बघर, लीती, कुंवारी, बोरबलड़ा, सुराग, कालो, डोला, बाछम व ख्राती में भी जबरदस्त हिमपात हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों से आवाजाही में सतर्कता बरतने की अपील की है साथ ही अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व समाचार : नैनीताल में पाला, मुक्तेश्वर में पेड़ों पर ओस की बूंदें भी जमीं

मुक्तेश्वर में सेब के बाग में बर्फ बनी ओस। (फोटो मनोज कुमार जोशी)

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसंबर 2018। पहाड़ों पर कड़ाके की सर्दी का सिलसिला जारी है। सरोवरनगरी में हालांकि शनिवार को पूरे दिन अच्छी धूप खिली, लेकिन कम या बिना धूप के उत्तरी ढाल की अयारपाटा पहाड़ी, ठंडी सड़क क्षेत्र में दिन में भी कड़ाके की ठंड रही, एवं कई स्थानों पर पाला भी जमा रहा। इससे कालाढुंगी रोड पर सूखाताल से आगे बारापत्थर के पास सड़क पर भी पाला जमा रहा। यही स्थिति किलबरी रोड पर हिमालय दर्शन से आगे भी कई स्थानों पर बनी हुई है। ऐसे में नगर में निम्न आय वर्ग के लोग जलौनी लकड़ियों के भरोसे हैं। कुछ नाविक नैनी झील के किनारे से नावों पर सूखी लकड़ियां जुटाते कैमरे में कैद हुए। नगर में पारा अधिकतम 10 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। वहीं जनपद के सबसे सर्द मुक्तेश्वर रहा, यहां पारा माइनस 4.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ। यहां धूप निकलने के बाद भी कई धूप रहित स्थानों पर सेब के बगीचों में ओस का पानी एवं नलों में पानी भी बर्फ की तरह जमा हुआ दिख रहा है।

नैनीताल-उत्तराखंड में ठंड से एक और मौत, संख्या पहुंची तीन

मृतक हरेंद्र सिंह।

-जनपद के पोखराड इंटर कालेज के लेब टेक्नीशियन था मृतक, अगले माह होना था सेवानिवृत्त
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 28 दिसंबर 2018।
क्षेत्र के आगर इंटर कालेज टांडी पोखराड में कार्यरत लेब टेक्नीशियन की बीते रात ठंड लग जाने से मौत हो गयी। मृतक को अगले माह जनवरी 2019 में ही सेवानिवृत्त होना था। थाना मुक्तेश्वर की पुलिस द्वारा शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। इसके साथ राज्य में ठंड से मौतों की संख्या तीन तक पहुंचने की बात कही जा रही है। इससे पूर्व नैनीताल मुख्यालय में 50 वर्षीय राजू नाम के चाय की दुकान पर कार्य करने वाले के साथ ही किच्छा में हुई एक मौत का कारण भी आग लगना बताया गया है।
थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर कैलाश चन्द्र जोशी ने बताया कि हरेंद्र सिंह (59) पुत्र उमेद सिंह निवासी गंगवाचौड़ चौखुटा बृहस्पतिवार को रात में अपने घर नही पहुंचे। इस पर परिजनों ने कई जगह उनकी खोजबीन की। इधर किसी ने पुलिस को पोखराड़ कसियालेख मोटर मार्ग पर भूमिया मंदिर के पास किसी व्यक्ति के पड़े होने की सूचना दी, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी। मोके पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव की शिनाख्त हरेंद्र सिंह के रूप में की गई। थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि शव के हाथ और पांव में हल्की रगड़ के निशान भी है। मौत कैसे हुई यह पीएम रिपोर्ट से पता चल सकेगा। अलबत्ता लोगों का कहना है कि क्षेत्र के तापमान माइनस 7 डिग्री तक चला जा रहा है। जिससे रात भर ठंड में रहने से ही मौत हुई होगी। घटना स्थल पर एसआई जगदीश नेगी और पूजा दास आदि भी मौजूद रहेे।

पूर्व समाचार : नैनीताल-उत्तराखंड में ठंड से हुई पहली मौत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 दिसंबर 2018। सरोवरनगरी में इस वर्ष की कड़ाके की ठंड ने एक व्यक्ति की जान ले ली है। मूलतः अल्मोड़ा निवासी एवं यहां बिलौरिया कंपाउंड में रहने वाले व मल्लीताल सनवाल स्कूल के पास एक चाय के स्टॉल पर काम करने वाले करीब 50 वर्षीय राजू को मंगलवार रात्रि पास के ही नाले के पास देखा गया। सूचना मिलने पर मल्लीताल थाने के आरक्षी मनोज जोशी उसे रात्रि करीब पौने 10 बजे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले गये, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि वह शाम से ही ठंड से ठिठुर रहा था, तथा रात की ठंड को बर्दास्त नहीं कर पाया, जिस कारण उसकी मृत्यु हो गयी। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों नगर में रात्रि में आसमान साफ रहने पर जबर्दस्त पाला पड़ रहा है, तथा पारा 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है। बावजूद अभी नगर में अभी अलाव भी नहीं जल रहे हैं।

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दान सिंह लोधियाल, नवीन समाचार, धानाचूली, 13 दिसंबर 2018।  साल का पहला हिमपात मुक्तेश्वर, धानाचूली क्षेत्र में में हो गया है। जिससे पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। यहाँ करीव डेढ़ इंच तक बर्फवारी दर्ज की गई। जिससे थोडी देर यातायात भी प्रभावित रहा। बृहस्पति को सुबह करीब 9 बजे से हल्की बूदाबांदी के साथ बर्फ की फुहारे शुरू हो गयी। देखते ही देखते धानाचूली, बैंड ऐडीधार, सुंदरखाल, कालापातल, मुक्तेश्वर, मनाघेर, चोरलेख, जाड़ापानी, राता, क्वेदल ओर खुटियाखाल के ऊँचाई वाले स्थानो ने सफेद चादर ओढ़ ली। इन स्थानों में एक से डेढ़ इंच तक बूदाबांदी के साथ वर्फबारी हुई। उधर बर्फ़बारी होंने के साथ ही धानाचूली बैंड, मनाघेर, चोरलेख, पहाड़पानी में मोटर मार्ग पर सफेद चादर बिछी नजर आने लगी। जिससे थोड़ी देर कई स्थानों में यातायात भी प्रभावित रहा। करीब 12 बजे के बाद हल्की धूप आने से कम ऊँचाई वाले स्थानों में फैली सफेद चादर गायब होने लगी। वही ठंड से बचने के लिए स्थानीय व्यापारियों ने सुबह से ही अपनी अपनी दुकानों में लकड़ी जलाकर राहगीरों व स्थानीय लोगो ठंड से बचने में मदद की। दोपहर के बाद धूप छावं का खेल चलता रहा। पहली बर्फ़बारी पर लोगो ने सेल्फी, वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट किए गए। 

नैनीताल में दूसरे दिन भी गिरे हिमकण, हो सकती है बर्फवारी…

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 दिसंबर 2018। सरोवरनगरी नैनीताल में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी सुबह के समय हिमकण गिरे हैं। आसमान पूरी तरह से बादलों से पटा हुआ है। कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। लिहाजा ऐसे मौसम में बर्फवारी की संभावना बनी हुई है। बर्फबारी की उम्मीद में सैलानियों का भी नगर में आना शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान अधिकतम 12 एवं न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस बताया गया है।

नैनीताल में ठंड बढ़ने पर अलाव तापते लोग

इससे पूर्व सरोवरनगरी में बुधवार 12 दिसंबर 2018 को इस मौसम में पहली बार आसमान में पूरी तरह से बादल छाये और इसके साथ ही पहली बर्फवारी की झलक भी दिख आयी। नगर के नैना पीक, हिमालय दर्शन, स्नोव्यू व टिफिन टॉप के साथ ही शेरवानी लॉज व अयारपाटा जैसे ऊपरी क्षेत्रों में अपराह्न ढाई-पौने तीन बजे के बीच कुछ पलों के लिये हिमकण गिरे, जबकि अन्य सभी निचले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद कुछ पलों के लिये धूप के भी दर्शन हुए जबकि इसके अलावा पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे, और बादलों के साथ कड़ाके की ठंड महसूस की गयी, तथा लोग अलाव तापते अथवा बिस्तर पर ही या ओढ़ने वाले गर्म कपड़ों में लिपटे दिखाई दिये। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को भी आसमान बादलों में घिरा रह सकता है, ऐसे में नगर में आगे भी हल्की बर्फवारी की उम्मीद की जा सकती है।
इससे पूर्व नगर में रात्रि से ही बादल छाये रहे। ऐसे में लंबे समय पर रात्रि में पाला नहीं गिरा। साथ ही आसमान के बादलों के घिरे रहने से हवा भी गुम रही। ऐसे में अन्य दिनों के मुकाबले मनोवैज्ञानिक तौर पर अधिक ठंड महसूस की गयी। नगर में आये सैलानी ऐसे मौसम का आनंद लेते भी दिखाई दिये।

पिछले वर्ष की बर्फवारी का समाचार  : सरोवरनगरी नैनीताल में दो वर्ष बाद पहली शीतकालीन बारिश से ही हुई बर्फवारी

  • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिछी 1 से 2 इंच तक मोटी बर्फ की चादर
  • दो वर्ष बाद बर्फवारी होने से खिले लोगों के चेहरे
  • सरोवरनगरी के निचले क्षेत्रों में भी है बर्फ की मौजूदगी
  • मौसम की पहली बारिश में ही पहली बार गिरी बर्फ

नैनीताल। सरोवरनगरी में ‘देर आयद-दुरुस्त आयद’ की तर्ज पर मंगलवार की रात्रि दो वर्ष के बाद मौसम की पहली बारिश ही बर्फवारी की मनमांगी मुराद ले कर आयी। और बर्फवारी भी इतनी कि मन भर गया। नगर के निचले हिस्सों तक भी बर्फ की मौजूदगी बनी, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक से दो इंच तक मोटी बर्फ की चादर बिछ गयी। वहीं बुधवार को नगर में सुबह से धूप खिल आयी। अलबत्ता बादलों की मौजूदगी भी बनी रही। इसके साथ ही नगर में बर्फ की मौजूदगी भी बनी रही। बर्फ पड़ने की जानकारी मिलते ही दिल्ली तक से सैलानी नगर में उमड़ पड़े और बर्फवारी का आनंद लिया। नगर के ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों में सैलानियों की अच्छी भीड़भाड़ रही और नगर के पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे भी खिल आये।

फोटो सौजन्य : प्रशांत दीक्षित, ललित जोशी।

अल्मोड़ा एनएच पर पत्थर गिरने से यातायात रोका

नैनीताल। जैसा कि अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दिनों से ही इसे कई स्थानों पर खतरनाक 90 अंश के कोणों तक काटे जाने के कारण ‘नवीन समाचार’ के द्वारा लगातार अंदेशा जताया जाता रहा है, फिर से इस मार्ग पर पत्थर गिरने लगे हैं। ऐसे में इस मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। वाहनों को भवाली से रामगढ़-क्वारब के रास्ते अल्मोड़ा भेजा जा रहा है। इधर हल्द्वानी एनएच पर रूसी बाईपास के पास दिन में पेड़ गिरा, जिसे हटा दिया गया है। इस दौरान कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।

पहाड़ों पर 20 घंटों से लगातार बारिश, झील का जल स्तर सवा फिट बढ़ा, बारिश से चार सड़कें हुईं बंद

नैनीताल। कुमाऊं मंडल के मुख्यालय सरोवरनगरी एवं आसपास के क्षेत्रों में बीते 20 घंटों से अधिक समय से लगातार बारिश हो रही है। बारिश की गति अधिक नहीं है। बावजूद इस दौरान विश्व प्रसिद्ध नैनी झील का जल स्तर करीब सवा फिट तक बढ़ गया है। झील नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटों में मुख्यालय में 21.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गयी। इसके साथ ही इस वर्ष 1134.6 मिकी बारिश हो चुकी है। वहीं सुबह झील का जल स्तर कल करीब पौने 3 फिट एवं आज सुबह साढ़े आठ बजे 3 फुट ढाई इंच रहा था, जबकि शाम चार बजे तक यह 3 फिट नौ इंच हो गया था, और इसके शाम तक 4 फिट तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। वहीं आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार बारिश से जिले की चार सड़कें बंद हैं। इनमें से देवीधूरा-बोहरागांव सड़क पिछले करीब एक पखवाड़े और फतेहपुर-बेलबसानी सड़क तीन-चार दिनों से बंद पड़ी है। वहीं छड़ा-अमिया और रानीकोटा-गोतिया सड़कें बंद हो गयी हैं। इन दो सड़कों के शाम तक खोल लिये जाने की संभावना भी जतायी गयी है। अन्य किसी तरह के नुकसान का समाचार नहीं है।

पहाड़ों की बारिश भी होती है खूबसूरत, इसलिए आनंद लीजिये

नैनीताल। पहाड़ों व खासकर सरोवरनगरी में बरसात का मौसम बेहद खूबसूरत होता है। इस दौरान यहां में कोहरे की चादर में शहर का लिपटना और उसके बीच स्वयं भी छुप जाने, बादलों को छूने व बरसात में भीगने का अनुभव अलौकिक होता है। कोहरे का नैनी सरोवर में नौकायन के बीच पानी को छूना तो जैसे स्वर्गिक आनन्द देता है तो मालरोड पर सैर का मजा भी पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय होता है। वहीं इससे पहले भी जब देश मानसून का इंतजार कर रहा होता है, यहां लोकल मानसून झूम के बरसने लगता है। इस दौरान यहां एक नया आकर्षण नजर आता है, जिसे नगर के अंग्रेज निर्माताओं ने अपने घर इंग्लैंड को याद कर ‘लंदन फॉग’ और ‘ब्राउन फॉग ऑफ इंग्लैंड’ नाम दिये थे। नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर के ऊपर उठता और सरोवर को छूने के लिए नीचे उतरते खूबसूरत बादलों को ‘लंदन फॉग’ कहा जाता है। इन दिनों भी सरोवरनगरी में ऐसा ही दिलकश मौसम बना हुआ है। स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के कार्य जरूर प्रभावित हो रहे हैं, और लोगों को घरों में पानी रिसने, छतों से पानी चूने, और कपड़ों के न सूख पाने की समस्याएं आ रही हैं, लेकिन सैलानी ऐसे मौसम का खूब आनंद उठा रहे हैं।

पुराना समाचार : नैनीताल जिले में 12 को बारिश की चेतावनी पर बंद रहे स्कूल, 13 को हुई बारिश

  • 11 की छुट्टी के लिए जिला प्रशासन ने मौसम विभाग के ‘हाई अलर्ट’ को बताया कारण, अलबत्ता मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए हाई नहीं ‘अलर्ट’ किया था जारी, जिलों के नाम भी नहीं बताए था…

नैनीताल, 11 जुलाई 2018। नैनीताल डीएम विनोद कुमार सुमन ने बृहस्पतिवार 12 जुलाई को जनपद के कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में एहतियातन अवकाश घोषित किया था। लेकिन लगता है बारिश एक दिन लेट हो गयी। इधर मुख्यालय सहित कमोबेश पूरे जिले में 13 जुलाई को रात्रि से लगातार हल्की वर्षा जारी है। जबकि कल सुबह हल्की बारिश के बाद दिन में धूप भी खिली थी। उल्लेखनीय है कि सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार मौसम विभाग के द्वारा जनपद में भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए ‘हाई अलर्ट’ की चेतावनी जारी की गयी है। साथ ही कहा है कि यदि कोई विद्यालय अवकाश के दिन खुला पाया गया और किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति आती है तो सम्बन्धित विद्यालयों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। 

मौसम विभाग ने इस तरह जारी किया है ‘अलर्ट’

उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग के द्वारा जारी विज्ञप्ति में प्रदेश में लाल की जगह भूरे रंग में ‘अलर्ट’ की चेतावनी दर्शाई गयी है।जिला प्रशासन ने मौसम विभाग के ‘हाई अलर्ट’ को कारण बताया है, अलबत्ता मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए हाई नहीं ‘अलर्ट’ किया है जारी, जिलों के नाम भी नहीं बताए हैं।

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बृहस्पतिवार 14 जून को विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर की सुंदरता को इस तरह प्रभावित किया है राजस्थान की धूल ने।

नैनीताल, 13 जून 2018। राजस्थान व पाकिस्तान के बलूचिस्तान की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के साथ आई गहरी धूल हजारों किमी दूर नैनीताल सहित उत्तराखंड के पहाड़ों तक पहुंच कर आफत बन गई है। बुधवार शाम आयी आंधी व बारिश तथा इधर बृहस्पतिवार रात्रि व शुक्रवार सुबह भी हुई काफी बारिश के बावजूद यह ‘जिद्दी’ धूल हटी नहीं है। यह भी हो रहा है कि बारिश के दौरान या कभी यह ओझल हो जा रही है, तथा बाद में फिर आ जा रही है। इससे सांस लेने में परेशानी तथा दृश्यता के कम होने जैसी समस्याएं तो आ ही रही हैं, यहां नैनी झील का पानी भी इसके कारण मटमैला नजर आया।
हुआ यह कि बारिश के दौरान यह धूल बारिश के साथ नीचे आयी, जिससे बारिश भी मटमैले रंग की नजर आयी। इससे लोगों के घरों-वाहनों में साफ होने की जगह मिट्टी चढ़ गयी। कई पानी रुके स्थानों पर मिट्टी का कीचड़ बन गया, वहीं नैनी झील के पोषक नालों में भी मटमैला पानी बहने लगा, और इस कारण नैनी झील का पानी भी बारिश के दौरान मटमैला नजर आने लगा, तथा बाद तक भी इसका असर देखा गया। बावजूद यह धूल अभी हटी नहीं है, और पर्यावरण प्रेमियों के बाद आम लोगों को भी चिंता में डाल रही है।

नैनीताल, 13 जून 2018। राजस्थान व पाकिस्तान के बलूचिस्तान की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के साथ आकर दिल्ली में प्रदूषण बढ़ाकर ‘आपातकाल’ जैसे हालात बनाने वाली धूल भरी आंधी के केस-बल बुधवार शाम अनेक क्षेत्रों में भारी तबाही के बाद भी ढीले नहीं पड़े हैं। यह गहरी धूल हज़ारों किमी दूर नैनीताल सहित उत्तराखंड के पहाड़ों तक पहुंच गई है। इससे यहां दृश्यता तो बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच ही गयी है, लोगों को स्वांस लेने में भी कठिनाई महसूस हो रही है। यहां तक कि नैनी झील बेहद करीब से भी नज़र नहीं आ रही है। वहीं आगे हिमालय पर्वत इसके निशाने पर लग रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह हिमालय सहित पूरे देश के लिये नई पर्यावरणीय चिंताएं पैदा करने वाला होगा।

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चाहरदीवारी तोड़कर सड़क पर आ गिरा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अहाते में खड़ा विशालकाय पांगर का पेड़

नैनीताल, 13 जून 2018। बुधवार को पूरे दिन जबर्दस्त गर्मी के बाद शाम को मौसम के बदले गियर के साथ अचानक आये आंधी-तूफान ने जनपद में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। देर शाम करीब आठ बजे आये आंधी-तूफान से हल्द्वानी में गौला पुल से गुजरना लोगों के लिये दूभर हो गया। दोपहिया वाहनों के साथ बड़े ट्रक भी पुल से गुजरने की हिम्मत नहीं जुटा पाये। वहीं आगे हल्द्वानी बाईपास पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अहाते में खड़ा विशालकाय पांगर का पेड़ इस दौरान विद्यालय की चाहरदीवारी तोड़कर सड़क पर आ गिरा, जिस कारण बाईपास पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया।
वहीं आंधी-तूफान से कालाढुंगी में बौर पुल के पास भी एक पेड़ गिर गया, जिसे एसडीएम के स्तर से वन विभाग की मदद से हटवाया गया। आंधी-तूफान का प्रभाव पूरे जनपद में बताया जा रहा है, जिस कारण अनेक स्थानों पर पेड़ गिर गये हैं। कमोबेश पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति भी इस कारण बाधित हुई है, जबकि तूफान के निपटने के बाद आपूर्ति बहाल की जा रही है। मुख्यालय में भी अत्यधिक तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली गुल है।

नैनीताल व पहाड़ों पर ऐसे चढ़ा गर्मी, सर्दी व बरसात के मौसम का ‘कॉकटेल’

-हर दिन आधा इंच सूख रही नैनी झील का जल स्तर एक इंच बढ़ा
-मौसम वैज्ञानिकों के कहा-कुछ ही दिनों के लिए है यह स्थिति, खेती-बागवानी के लिए मानी जा रही लाभदायक

सोमवार (9 अप्रैल 2018) को बारिश के दौरान निकलती छात्राएं और कोहरे से ढकी नैनी झील व सरोवरनगरी का नजारा।

नैनीताल। बीते कुछ दिनों से पहाड़ों पर बदले मौसम के मिजाज के दौरान यह समझना मुश्किल हो रहा है मौसम गर्मियों का चल रहा है, अथवा बरसात या सर्दियों का। क्योंकि महीने के हिसाब से यह गर्मियों की शुरुआत का मौसम है, लेकिन सर्दियों की तरह लोग गर्म कपड़े पहने हुए हैं। वहीं जिस तरह से मुख्यालय सहित पहाड़ों पर कोहरा छाया हुआ है, व लगातार हल्की रिमझिम बारिश हो रही है, उससे बरसात के मौसम जैसा नजारा लग रहा है। बीते पांच अप्रैल से चल रहे इस मौसम के दौरान चार दिनों में मुख्यालय में 22 मिमी बारिश हुई है। इस बारिश की महत्ता इस तथ्य को देखते हुए समझी जा सकती है कि जनवरी माह से अब तक पूरे मौजूदा वर्ष 2018 में अब तक कुल 75.4 मिमी ही बारिश रिकार्ड हुई है। इसलिए भी यह बारिश महत्वपूर्ण है कि अब तक पिछले हर रोज आधा इंच घट रहा नैनी झील का जल स्तर इस बारिश के बाद घटना तो रुका ही है, साथ ही मामूली ही सही, 0.8 फिट से एक इंच बढ़ कर 0.9 फिट हो गया है।

मौसम के इस बदलाव के बारे में कुमाऊं विवि के दीर्घकालीन मौसम वैज्ञानिक प्रो. बीएस कोटलिया एवं राज्य के मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक आनंद शर्मा ने कहा कि मौसम में इन दिनों आया यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ का दबाव बनने की वजह से हुआ है। आगे यह अगले एक-दो और यानी 11-12 अप्रैल तक बना रह सकता है। इसके बाद फिर से गर्मी बढ़ने लगेगी। वहीं किसानों का कहना है कि यह बारिश पहाड़ों पर खेती-बागवानी के लिए हर तरह से लाभदायक है, अलबत्ता तराई-भाबर क्षेत्र में पकने लगी गेहूं की फसल को ओलावृष्टि, अंधड़ से जरूर नुकसान हो सकता है। चिकित्सक भी इस बारिश को मानव स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बता रहे हैं।

पिछले वर्ष अब तक 208 मिमी बारिश के बावजून माइनस 4 फिट था जल स्तर
नैनीताल। इस वर्ष जिला प्रशासन के निर्देशों पर नगर में पेयजल आपूर्ति के फलस्वरूप नैनी झील का जल स्तर घटने की रफ्तार पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम रही है। इसे इन आंकड़ों से समझ सकते हैं कि वर्ष 2017 में 9 अप्रैल तक 208.28 मिमी बारिश हुई थी और 9 अप्रैल को जल स्तर झील नियंत्रण कक्ष के मापक पर माइनस 4 फिट था। जबकि इस वर्ष 75.4 मिमी बारिश होने के बावजूद जल स्तर 0.9 फिट के स्तर पर यानी पिछले वर्ष के मुकाबले 4.9 फिट अधिक है।

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