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वाह रे मौसम विभाग, रेड अलर्ट में सूखा, रेड अलर्ट निरस्त होने के बाद बारिश, 20 सड़कें बंद…

 

 

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 सितम्बर 2022।नैनीताल जिले में मौसम विभाग की रेड अलर्ट चेतावनी के निरस्त होने के बाद बीती रात से लगातार बरसात जारी है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में नैनीताल में 39 मिलीमीटर,, हल्द्वानी में 103 मिलीमीटर,, धारी में 90 मिलीमीटर और मुक्तेश्वर में 93 मिलीमीटर बरसात हुई है। इस वजह से नदियों का जलस्तर भी बड़ा है। नैनीताल जिले में इस वर्षा ऋतु में अब तक 759 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। वहीं बारिश से सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार बारिश की वजह से काठगोदाम सिमलिया बैंड, रूसी बायपास मार्ग,, हेड़ाखान धाम मोटर मार्ग,, रामनगर मल्ली सेठी मार्ग, अंबेडकर रखोली मार्ग,, अमृतपुर जमरानी मार्ग,, ओखलकांडा मार्ग, कोटाबाग देवीपुरा मार्ग, व पदमपुरी मार्ग सहित 20 रास्ते बंदbहो गए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे में भी और भारी बारिश के आसार हैं, लिहाजा प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2022। मौसम विभाग द्वारा 16 एवं 17 सितंबर को भारी से बहुत भारी व अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया था। नैनीताल सहित कई जिलों में इस कारण कक्षा 1 से 12 तक के समस्त विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश भी घोषित कर दिया गया था। लेकिन आज 16 सितंबर को अधिक वर्षा के लिए पहचानी जाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। इससे मौसम विभाग एवं शासन-प्रशासन की बड़ी किरकिरी हुई।

नैनीताल जनपद की बात भी करें तो गुरुवार को हुई वर्षा के सुबह 8 बजे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार नैनीताल में 37.5, हल्द्वानी में 20, कोश्यां कुटौली में 17, धारी में 25, बेतालघाट में 9.4, कालाढुंगी मे ं6, रामनगर में 8.4 व मुक्तेश्वर में 18.9 मिमी बारिश हुई। नदियों का जल स्तर भी सीमित रहा।

ऐसे में मौसम विभाग देहरादून से 17 सितंबर शनिवार का हाई अलर्ट निरस्त करने की जानकारी गूगल मीट के माध्यम से डीएम को प्राप्त हुई। अलबत्ता डीएम ने इसके बाद भी अधीनस्थ कार्मिकों व संसाधनों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को आपदा के तहत मरमत की आवश्यकता वाले विद्यालयों की सूची एवं प्रस्ताव तत्काल खंड शिक्षा अधिकारियों से प्राप्त कर उन्हें उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में एडीएम अशोक जोशी, एसडीएम मनीष कुमार, गौरव चटवाल, राहुल साह, योगेश मेहरा के साथ ही संबंधित अधिकारी गूगल मीट से जुड़े। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 14 सितंबर 2022। मौसम विभाग की 15 से 17 सितंबर तक नैनीताल सहित प्रदेश के खासकर कुमाऊं मंडल के और इससे लगते जनपदों में भारी से बहुत भारी व अत्यधिक बारिश के आरेंज व रेड अलर्ट पर नैनीताल जिला व पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। इस पर नैनीताल के डीएम धीराज गर्ब्याल ने समस्त अधिकारियों को अलर्ट पर रहने तथा क्षेत्र में तैनात समस्त अधीनस्थ कार्मिकों व संसाधनों को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए है। उधर पिथौरागढ़ जनपद के डीएम आशीष चौहान ने गुरुवार 15 सितंबर को जनपद में संचालित कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय व अशासकीय विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। देखें वीडियो, एसएसपी ने क्या कहा:

डीएम ने कहा है कि विशेषतः जनपद में पेड़ों के गिरने से यातायात बाधित होने के दृष्टिगत पेड़ों के त्वरित निस्तारण के साथ सतर्कता बनाए रखें। साथ ही वर्षा के उपरांत बैराज, नदियों व नालों में तेज जल प्रवाह के दृष्टिगत संवेदनशील स्थानों में टीमें तैनात रखें। इसके अलावा डीएम ने लोनिवि के समस्त खंडों को भूस्खलन से संवेदनशील मार्गो पर इस अवधि में जेसीबी मशीनों एंव गैंग कार्मिकों की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित करने, सभी  जिला, परगना व विकासखंडों से संबधित अधिकारियों को अपने मुख्यालयों पर बने रहने तथा अपने मोबाइल फोन ऑन रखने तथा हर घंटे की आपदा संबधी सूचना तहसील कंट्रोल रूम एंव जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को 05942-231178, 231179 तथा टोल फ्री नंबर 1077 पर आवश्यक रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। देखें वीडियो:

वहीं, मौसम विभाग के बुलेटिन पर जनपद के एसएसपी पंकज भट्ट ने कहा कि नैनीताल जिले के खासकर मुक्तेश्वर, भवाली, नैनीताल, रामनगर, बेतालघाट, चोरगलिया तथा काठगोदाम में संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने के कारण कहीं-कहीं राजमार्गों में कटाव, अवरोध उत्पन्न होने तथा पहाड़ी क्षेत्रों में नदी नालों के जलस्तर में अत्यधिक वृद्वि एवं बहाव होने की सम्भावना है। इसलिए उन्होंने जनता तथा यात्रियों से अपील की है कि जनपद नैनीताल में यात्रा के दौरान सावधानी पूर्वक यात्रा करें तथा अधिक वर्षा होने पर किसी सुरक्षित स्थान पर ठहर जाएं। पर किसी बड़े पेड़ व खिसकने वाली चट्टानों या पहाड़ के आसपास ना रुकें। अति आवश्यक होने पर ही यात्रा करने पर विचार करें। छोटी नदी व नालों के समीप बस्तियों तथा भवनों में निवास कर रहे लोग सावधान रहकर समय से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। आंधी तूफान तथा भारी वर्षा के समय आवागमन के दौरान सावधानी बरतें तथा अनावश्यक यात्रा करने से बचें। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज- मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह -  YouTubeनवीन समाचार, देहरादून, 14 सितंबर 2022। जी हां, भले प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में ‘एक्सट्रीम ईवेंट’ के साथ अतिवृष्टि हुई हो, लेकिन प्रदेश के अधिकांश भाग सावन माह में बारिश को तरसे हैं। नैनी झील अब तक अपेक्षित स्तर से 4-5 फिट नीचे है। लेकिन अब मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों में प्रदेश के कुमाऊं मंडल व इससे लगे अनेक हिस्सों बहुत भारी व अत्यधिक भारी वर्षा की ‘रेड लेवल’ की चेतावनी जारी कर दी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून के द्वारा जारी किए गए ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज 14 सितंबर को उत्तराखंड राज्य के कई पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। इसके साथ ही 15 तारीख से लेकर 17 तारीख तक मौसम विभाग ने सभी क्षेत्रों में बारिश होने, जबकि कुमाऊं व इससे लगे गढ़वाल मंडल के क्षेत्रो में भारी से बहुत भारी व अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान जताया है और प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित किया है।

इस दौरान पर्वतीय क्षेत्र में नदियों में पानी बढ़ने, सड़कों पर भूस्खलन होने और यहां तक कि इस कारण उधमसिंह नगर व पौड़ी के मैदानी क्षेत्रों में जल भराव होने की संभावना जताई गई है, और लोगों को पहाड़ों पर आवागमन से पूरी तरह बचने को कहा गया है। इसी दृष्टिगत चमोली जनपद के कक्षा 1 से 12 तक के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रो में आज 14 सितंबर को अवकाश घोषित किया जाता है। इधर, प्रदेश में कई जगह रात्रि से ही बारिश शुरू भी हो गई है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Heavy Rain Warnings In 10 States From Mountain To Field - पहाड़ से मैदान तक  10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी - Amar  Ujala Hindi News Liveनवीन समाचार, देहरादून, 10 अगस्त 2022। उत्तराखंड में मौसम विभाग का पूर्वानुमान पूरी तरह सच साबित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार मंगलवार और बुधवार दोपहर तक उमस के बाद ढाई बजे के आसपास आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज चमक के साथ बारिश होगी और यह क्रम शुरू हो गया है।

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में जताया था कि उत्तराखंड राज्य के गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्र के अधिकांश स्थानों, कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्र के अनेक स्थानों और राज्य के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तराखंड के चमोली, बागेश्वर, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग और देहरादून जनपद में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछार पड़ने की संभावना है। राजधानी के मौसम के बारे में विभाग द्वारा कहा गया है कि आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम वर्षा या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 34 डिग्री आसपास रहने का अनुमान जताया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

नवीन समाचार, देहरादून, 14 जुलाई 2022। मौसम विभाग की आगामी 17 जुलाई तक मौसम के आमतौर पर शुष्क रहने की भविष्यवाणी के बीच गुरुवार को राज्य के नैनीताल चंपावत सहित कई इलाकों में भारी बारिश का लंबा दौर चला। इस दौरान भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री की फ्लीट के आगे भी एक विशालकाय पेड़ गिर पड़ा। इसके बाद मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में बदलाव कर दिया है। मौसम विभाग ने 18 से 22 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जता दी है। देखें सीएम की फ्लीट के आगे कैसे गिरा विशालकाय पेड़:

प्रांतीय व्यापार मंडल नव नियुक्त पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण में बारिश के बीच पहुंचे सीएमबताया गया है कि गुरुवार की शाम अचानक मौसम के बदले रुख से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काफिला कई जगह फंस गया। तेज आंधी और बारिश से राजमार्ग पर पेड़ गिर गए। कई जगहों पर विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर आ गईं। सीएम का वाहन कई जगह फंसा। इसके बावजूद जैसे-तैसे सीएम का वाहन निकलकर गंतव्य तक पहुंचा। भयंकर मौसम के बीच भी सीएम धामी खटीमा पहुंचे और खटीमा के प्रांतीय व्यापार मंडल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ समारोह में शपथ दिलाने पहुंचे। इस दौरान चकरपुर पहुंचते-पहुंचते बारिश शुरू हो गई। कुछ ही पल में तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश हो गई। जिस वजह से कई जगहों पर राजमार्ग किनारे खडे़ पेड़ और बिजली के तार भी टूटकर सड़क पर आ गए।

गनीमत रही इस दौरान कोई दुर्घटना नहीं हुई। विद्युत कर्मी व वन कर्मियों की टीम ने तुरंत पहुंचकर बंद राजमार्ग को खुलवाया। वहीं सीएम धामी का काफिला भी भयंकर मौसम के बीच खटीमा को चलता गया। सीएम कार्यक्रम में पहुंचने के लिए जोखिम भरे मार्ग को भी पार करने में पीछे नहीं हटे। इधर ऊर्जा निगम के एसडीओ अंबिका यादव टीम के साथ डटे रहे। उन्होंने बताया कि जगह-जगह मार्ग पर 13 पेड़ गिर गए हैं। साठ कर्मचारी विद्युत लाइन ठीक करने में जुटे।

मौसम विभाग का कहना है कि गुरुवार से बारिश की सक्रियता कम होने का अनुमान है। 14 जुलाई गुरुवार को पहाड़ों में बारिश की रफ्तार कम रहेगी लेकिन प्रदेश में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावनाएं बनी हुई है। रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले के एक दो हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा 15 और 16 जुलाई को बारिश की सक्रियता काफी कम रहेगी। 17 जुलाई को मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि इसके बाद एक फिर से तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 18 से 22 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही मानसून की सक्रिय स्थिति देखने को मिल सकती है।

इधर नैनीताल में भी गुरुवार को कई घंटे मूसलाधार बारिश हुई। नगर में सुबह धूप खिलने के बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से बारिश शुरू हो गई, जो शाम तक भी जारी रही। इस दौरान नगर में मौजूद सैलानी बारिश के दौरान भी सैर को निकलते हुए बारिश का आनंद लेते भी देखे गए। मुख्यालय के निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में भी बारिश की फुहारें पड़ीं। जनपद के भवाली क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश होने की सूचना है। यहां जनपद के विकास भवन सहित कई विभागों के कार्यालयों में भी पानी भरने की खबर है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : 5 से 8 तक मौसम विभाग का ऑरेंज व येलो अलर्ट, अलर्ट रहने के निर्देश…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जुलाई 2022। नैनीताल जनपद सहित उत्तराखंड के कुछ स्थानों में 5 व 6 जुलाई तक वर्षा को लेकर ‘आरेन्ज अलर्ट’ एवं दिनांक 7 व 8 जुलाई के लिए पीले रंग का अलर्ट जारी किया गया है। जनपद के अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी ने जानकारी देते हुये कहा है कि इस दौरान अतिवृष्टि से सम्भावित क्षति एवं मार्ग बाधित होने, संवेदनशील ग्रामों एवं क्षेत्रों में होने वाली घटनाओं आदि से तत्परता से निपटने हेतु जनपद के समस्त संबंधित अधिकारी अलर्ट पर रहेंगे तथा क्षेत्र में तैनात अधीनस्थ समस्त कार्मिकों व संसाधनों को भी अलर्ट पर रखेंगे।

उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल व चंपावत जिलों में 5 व 6 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दूसरी और मानसून की बारिश-अतिवृष्टि को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू ने प्रदेश में आगामी 30 जुलाई तक अधिकारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है।

इधर श्री जोशी संबंधित विभाग को जनपद में पेंड़ो के गिरने से यातायात बाधित होने के दृष्टिगत पेड़ों के त्वरित निस्तारण के साथ सतर्कता बनाये रखने हेतु अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि वर्षा के उपरांत बैराज एवं नदियों व नालों में तेज जलप्रवाह के दृष्टिगत संवदेनशील स्थानों पर टीमें तैनात करने, लोक निर्माण विभाग के समस्त खंडों को भूस्खलन से संवेदनशील मार्गो व स्थानों पर इस अवधि में जेसीबी मशीनों एवं गैंग कार्मिकों की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित करने तथा सभी जिला, परगना, विकासखंड एवं संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को अपने मुख्यालय पर बने रहने तथा अपने मोबाईल फोन ऑन रखने और हर घंटे की आपदा संबंधी सूचना तहसील कंट्रोल रूम एवं जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को 05942-231178 व 231179 तथा टोल फ्री नम्बर 1077 पर आवश्यक रूप से उपलब्ध कराने को कहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : महत्वपूर्ण समाचार: राज्य में मानसून की घोषणा, 7 जिलों में अगले 3 घंटों में भारी बारिश की लाल रंग के स्तर की चेतावनी

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 जून 2022। जी हां, यह महत्वपूर्ण समाचार है। मौसम विभाग की ओर से राज्य वासियों को उनके मोबाइल नंबरों पर संदेश भेजकर 7 जिलों में अगले 3 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे मोबाइल पर आ रहे संदेश में बताया गया है कि राज्य के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल व पिथौरागढ़ जिलों में अगले 3 घंटों में भारी बारिश हो सकती है। यदि मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित होती है रात्रि साढ़े आठ बजे तक इन जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

इधर मौसम विभाग की वेबसाइट देखें तो यहां 29 जून को राज्य में दक्षिण-पश्चिमी मानसून घोषित कर दिया गया है। नैनीताल, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की लाल रंग की चेतावनी दी गई है। जबकि अन्य जनपदों में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भी अगले दो दिनों में भी देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चमोली जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की गहरे पीले रंग की चेतावनी दी गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बढ़ती गर्मी के बीच आखिर आई बारिश की भविष्यवाणी…

नवीन समाचार, देहरादून, 23 जून 2022। उत्तराखंड में लगातर शुष्क मौसम के साथ बढ़ रही गर्मी पर रविवार से लगाम लग सकती है। राज्य में रविवार से मौसम की करवट बदलने की संभावना हैं। इस दौरान कुमाऊं में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड में सक्रिय सक्रिय होने जा रहा है। इस कारण राज्य में रविवार से वर्षा के आसार बन रहे हैं। खासकर कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी और गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। जबकि मैदानी क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती हैं। राज्य में 28 या 29 जून से मानसून के सक्रिय होने की भी उम्मीद है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में मौसम का मिजाज बदला..

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 23 मई 2022। सरोवरनगरी में बीती रात्रि से बारिश हो रही है। इससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोग जरूरी कार्यों के लिए ही घर से बमुश्किल निकल पा रहे हैं। अलबत्ता, अच्छी बात यह है कि बारिश सामान्य तरीके से हो रही है, इसलिए किसी तरह के नुकसान की फिलहाल संभावना नहीं है। बारिश नैनी झील के सवा चार फिट से भी नीचे गिर चुके जल स्तर के भी लाभदायक मानी जा रही है। इस दौरान नैनी झील में उतरता-हटता कोहरा मनमोहक नजारा प्रस्तुत कर रहा है। बारिश से मौसम भी सर्द हो गया है, और लोग ज्येष्ठ माह में भी गर्म वस्त्रों में भी नजर आ रहे हैं। देखें विडियो :

इस दौरान नगर में चल रही अर्जुन कपूर व भूमि पेडणेकर अभिनीत ‘द लेडी किलर’ फिल्म की शूटिंग भी प्रभावित हुई। फिल्म की यूनिट के लोगों के बारिश से बचाने के लिए डीएसए फ्लैट्स मैदान में बनाया गया अस्थायी टेंट भी इस दौरान पलट गया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मौसम के बदले मिजाज के साथ मई माह में निकले गर्म कपड़े

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 मई 2022। गर्मी के मौसम के लिए पहचाने जाने वाले मई माह में सरोवरनगरी में मौसम का मिजाज इस कदर बदला है कि अब तक आधे बाजू की टीशर्ट व हाफ पैंट-बरमूडा आदि में नजर आ रहे लोगों को यहां गर्म कपड़े एक बार फिर निकालने पड़ गए हैं। ऐसा नगर एवं आसपास के क्षेत्रो में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद हो रहा है। देखें विडियो :

नगर में सोमवार शाम करीब सात बजे से करीब आधा घंटे ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जबकि मंगलवार सुबह भी बारिश हुई है। इसके बाद भी आसमान बादलों से घिरा हुआ है और बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे मौसम का मैदानी क्षेत्रों की गर्मी से बचकर पहुंचकर सैलानी जमकर आनंद ले रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में बदला मौसम का मिजाज

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 7 मई 2022। सरोवरनगरी में शनिवार को सुबह से मौसम का मौसम का मिजाज बदला-बदला सा रहा। मई माह में अपेक्षित गर्मी की जगह सुबह से ही आसमान में बादल छाये रहे और अपराह्न दो बजे से हल्की बूंदा-बांदी के साथ बारिश शुरू हो गई है।

इससे नगर में मौसम सर्द व सुहावना हो गया है, और खासकर नगर में मौसम व प्राकृतिक सौंदर्य का दर्शन करने पहुंचे सैलानियों के लिए ऐसा मौसम मन-मांगी मुराद पूरा होने जैसा है। लोग इसका आनंद उठा रहे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में अनपेक्षित तौर पर बारिश की फुहारें, गर्मी के साथ वनाग्नि पर लगाम की उम्मीद…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 अप्रैल 2022। सरोवरनगरी नैनीताल में लबे समय पर मौसम ने करवट बदली और करीब 2 माह यानी शीतकाल के बाद पहली बारिश की फुहारें पड़ीं। इससे अप्रैल माह में बढ़ रही गर्मी पर ब्रेक लग गए।

नगर में सुबह धूप खिलने के बाद दिन से ही आसमान में बादल छाने लगे थे, फिर भी शाम तक बारिश की उम्मीद नहीं की जा रही थी, किंतु अधेरा घिरने के साथ बादल भी घिरने लगे और बारिश शुरू हो गई। समाचार लिखे जाते समय भी नगर में हल्की बूंदाबांदी के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश की इन फुहारों से वनाग्नि पर भी अगले कुछ दिन लगाम लगने की उम्मीद जताई जा सकती है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में बारिश, ऊंचाई वाली चोटियों पर फिर हिमपात

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 फरवरी 2022। मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में रात्रि से शीतकालीन वर्षा हुई है। मुख्यालय में बारिश के साथ ऊंचाई वाली नैना पीक चोटी एवं किलबरी रोड हिमालय दर्शन क्षेत्र में हल्का हिमपात भी हुआ है। हालांकि यह हिमपात रुक नहीं पाया है, पर पूर्व में हुए हिमपात के कारण यहां बर्फ अभी भी काफी मात्रा में मौजूद है।

इस वजह से नगर में मौसम सर्द बना हुआ है, साथ ही बारिश की संभावना बनी हुई है। लोग जरूरी कार्यों से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जबकि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में लोग अलाव जलाकर ठंड का आनंद कहें कि स्वयं को सर्दी से बचाने का प्रबंध कर रहे हैं। उधर बागेश्वर व पिथौरागढ़ जनपद की ऊंचाई वाली चोटियों पर भी हिमपात होने की सूचना है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में शुरू हुई बारिश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 24 फरवरी 2022। पहाड़ों पर मौसम के बदले रुख के साथ गुरुवार शाम सरोवरनगरी में भी बारिश शुरू हो गई है। नगर में अपराह्न करीब पांच बजे से बारिश शुरू हुई है, और समाचार लिखे जाने तक बारिश का सिलसिला जारी है। आगे मौसम के हालातों को देखकर बारिश के रात्रि में जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व नगर में गुरुवार की सुबह धूप खिली थी, अलबत्ता आसमान में बादल छाये हुए थे, तथा ठंडी हवाएं चल रही थीं। दोपहर के बाद बादलों ने पूरी तरह आसमान में कब्जा जमा लिया और धूप गायब हो गई। जबकि शाम को बारिश का सिलसिला शुरू हो गया।

यह भी पढ़ें : कैंची, बल्दियाखान, सोनगांव तक पड़ गई बर्फ, कई सड़कों पर वाहनों का आवागमन प्रभावित

घर की छतों पर जमा बर्फ हटाते लोग।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 4 फरवरी 2022। मौसम विभाग की तीन फरवरी को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी का असर शुक्रवार को भी जारी रहा। पहाड़ों पर रात्रि से लेकर शुक्रवार दोपहर बाद तक भी रुक-रुककर कभी तेज तो कभी अधिक बर्फबारी होती रही। इस दौरान नैनीताल नगर में एक से दो फिट तक बर्फ जमी, जबकि नगर से 10 किलोमीटर दूर ताकुला बल्दियाखान तक यानी समुद्र सतह से 1500 मीटर की ऊंचाई तक भी बर्फ गिरी।

ज्योलीकोट में भी एक दौर में हल्के बजरी जैसे हिमकण गिरे। उधर भवाली नगर भी बर्फ से पटा रहा, जबकि भवाली-अल्मोड़ा राजमार्ग पर कैंची तथा भीमताल के पास सोनगांव तक भी बर्फ गिरने का समाचार है। इससे नैनीताल-हल्द्वानी, नैनीताल-भवाली, भवाली-अल्मोड़ा, गागर व भीमताल मार्गों पर भी वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। नैनीताल नगर में भी वाहन नहीं चल पाए।

अधिक बर्फबारी की वजह से नगर के विद्युत आपूर्ति के साथ ही पेयजल की आपूर्ति भी लगातार दूसरे दिन व पूरे दिन ठप रही। साथ ही कमोबेश सभी कंपनियों की इंटरनेट सेवाएं भी बुरी तरह से प्रभावित रहीं। लोगों के इंटरनेट वाई-फाई भी बिजली न होने के कारण नहीं चल पाए। अलबत्ता, जितनी अधिक नगर में बर्फबारी हुई, उसके बाद लोग 1995 की भारी बर्फबारी को याद कर रहे हैं, हालाकि हालिया वर्षों में 2013, 2014 व 2019 में भी नगर में अच्छी बर्फबारी हुई, खासकर 2013 में 16 मार्च को भी नगर में काफी अधिक बर्फबारी हुई थी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी सहित पहाड़ों पर दिन में बर्फबारी, दो सड़कें बंद

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 3 फरवरी 2022। मौसम विभाग की तीन फरवरी को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दूसरे अर्थ में सही साबित हो रही है। सरोवरनगरी में बिना बारिश की एक भी बूंद के सुबह से बर्फबारी शुरू हो गई, जो कि शाम तक जारी रही, और इसके आगे भी जारी रहने की संभावना लग रही है। समाचार लिखे जाने तक नगर के निचले हिस्सों में एक से दो तथा ऊंचाई वाले हिस्सों में 6 इंच से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। नगर में भी पेड़ बर्फ से लद गए हैं। देखें वीडियो में बर्फबारी का सुंदर नजारा:

इघर जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद में लगातार हो रही बर्फबारी से जनपद में दो मार्ग, नैनीताल-पंगोट एवं पदमपुरी-धानाचूली बंद हो गए हैं। बताया गया है कि दोनों मार्गों पर जेसीबी डोजर मशीन बर्फ हटाने में लगी हुई है। बिजली के तारों-केबिलों में भी बर्फ की मोटी परत चढ़ गई है। इस वजह से नगर में विद्युत आपूर्ति के साथ ही पेयजल की आपूर्ति भी भी ठप हो गई है। नगर में वाहन भी रेंग-रेंग कर चल रहे हैं।

इससे पूर्व नगर में बर्फ के फाहे तेज हवा के साथ उड़ कर बिना किसी आहट के कई दौर में और काफी देर तक गिरते और सरोवरनगरी को अपनी सबसे खूबसूरत नेमत से उपकृत करते रहे। दिन में भी नगर एवं आसपास के सभी क्षेत्रों में रुक-रुक कर हिमपात होता रहा। हिमपात के बाद नगर में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। फिर भी लोग बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं, साथ ही अलाव भी जलाए जा रहे हैं। नगर के पुराने लोगों के अनुसार करीब एक दशक बाद दिन में इस स्तर की भारी बर्फबारी हुई है, इससे लोग पुराने दिनों को याद करने लगे हैं। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद में अगले दो दिनों के लिए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 फरवरी 2022। मौसम विभाग ने तीन फरवरी को उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों सहित नैनीताल जनपद में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होेने तथा चार फरवरी को गर्जन के साथ ओलावृष्टि तथा आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई है।

इस पर जनपद के जिलाधिकारी के निर्देशों पर प्रभारी अधिकारी ने इस अवधि में अतिवृष्टि से संभावित क्षति एवं मार्ग बाधित होने की भी संभावना जताते हुए जनपद के समस्त अधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने और संसाधनों को भी अलर्ट पर रखने को कहा है। विशेषकर जनपद में पेड़ों के गिरने से यातायात बाधित होने के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर जिला आपदा परिचालन केंद्र को 05942-231178 व 231179 तथा टॉल फ्री नंबर 1077 पर सूचित करने को कहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 21 जनवरी, 2021। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ सरोवरनगरी में शुक्रवार से जारी बर्फबारी का सिलसिला शनिवार के बाद रविवार को भी जारी रहा। नगर में बारिश के साथ ऊंचाई वाली नैना पीक व कैमल्स बैक चोटियों पर शनिवार रात्रि भी बारिश हुई है। जबकि नगर के ऊंचाई पर स्थित आबादी वाले क्षेत्रों में भी बर्फ जमा हुई है।

अलबत्ता बारिश के जारी रहने से बर्फ गलती भी जा रही है। बर्फबारी की वजह से नगर में ठंड भी बढ़ गई है। मौसम विभाग अगले कुछ दिन भी बारिश-बर्फबारी तथा मौसम के सर्द रहने की संभावना जता रहा है।  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मौसम का मिजाज बिगड़ा, बर्फबारी की संभावना

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2022। सरोवरनगरी सहित पहाड़ों पर गुरुवार को मौसम का मिजाज बदल गया है। नगर में रात्रि से ही हल्की बारिश हो रही है। इससे तापमान गिर गया है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान अधिकतम 10 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

आगे विभाग के अनुसार बारिश का सिलसिला अगले दो-तीन दिन तक बना रह सकता है। इस दौरान सप्ताहांत तक बर्फबारी भी हो सकती है। इससे वर्तमान में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से घटी सैलानियों की संख्या में एक बार फिर उछाल आ सकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मौसम समाचार : सरोवरनगरी में बिछी हिमकणों की सफेद चादर

सोमवार को सरोवरनगरी में बिछी हिमकणों की सफेद चादर।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जनवरी 2022। सरोवरनगरी नैनीताल में शनिवार से चल रहा बारिश व हल्की बर्फबारी का सिलसिला सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी है। रविवार की पूरी रात्रि नगर में बारिश व ऊंचाई वाली चोटियों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। जबकि सोमवार सुबह नगर में सुबह से घना कोहरा छाया रहा और पूर्वाह्न 10 बजे के करीब से नगर में बारिश के साथ हिमकण गिरे, इससे नगर में बर्फ जैसी ही सफेद चादर जैसी बिछ गई।

जबकि ऊंचाई वाली चोटियों पर बर्फबारी हुई है। सुबह हिमालय दर्शन क्षेत्र में हिमकणों व बर्फ की वजह से वाहनों का सड़कों पर चलना मुश्किल रहा। कई वाहन सड़क किनारे फिसल गए। ऐसे मौसम में जहां नगर में हाड़ कंपाने वाली ठंड महसूस हो रही है। बार-बार बिजली जाकर परेशानी बढ़ा रही है। वहीं पर्यटन व्यवसायियों के लिए यह मौसम लाभप्रद साबित हो रहा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में हल्का हिमपात, सैलानी ले सकते हैं बर्फ में खेलने का आनंद….

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जनवरी 2022। सरोवरनगरी नैनीताल में नए वर्ष में पहला और मौसम का तीसरा हिमपात हुआ है। नगर की सबसे ऊंची नैना पीक चोटी पर सुबह-सुबह हल्की बर्फ नजर आ रही है। अन्य ऊंचाई वाली चोटियों पर भी बर्फबारी हुई है। नगर के हिमालय दर्शन क्षेत्र में अच्छी मात्रा में बर्फ होने की उम्मीद है। ऐसे में सैलानी आकर बर्फ में खेलने का आनंद ले सकते हैं। हिमपात नगर के पर्यटन व्यवसायियों के लिए भी लाभकारी हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि नगर में शनिवार दिन के बाद पूरी रात्रि बारिश होती रही। हिमकण भी गिरे। इस दौरान मौसम भी सर्द हुआ। रात्रि में तेज बारिश के होने से बर्फ नगर के रिहायशी हिस्सों में उस तरह जम नहीं पाई, पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ का आनंद लिया जा सकता है। साथ ही जनपद के गागर, धानाचूली, मुक्तेश्वर के कई इलाकों में भी बर्फ के नजारे व आनंद लिये जा सकते हैं। इधर सुबह नगर में बादलो की मौजूदगी के बीच धूप के दर्शन भी हुए है। अन्य ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : पहाड़ों पर बारिश के साथ सर्द हुआ मौसम, हिमकण भी गिरे, बर्फबारी की संभावना…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 जनवरी 2022। सरोवरनगरी सहित पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। रात्रि से आसमान में छाये बादलों के बाद सुबह से कई दौर में हल्की बूंदा बांदी हो रही है, और हल्के हिमकण भी गिरे हैं। इससे मौसम सर्द बना हुआ है और आगे बर्फबारी की संभावना भी जताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में न्यूनतम 3.6 डिग्री और अधिकतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने भी आज बर्फबारी की संभावना जताई है। यह सिलसिला रविवार को भी जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को तापमान अधिकतम 9 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में बारिश- बर्फबारी की संभावना बरकरार….

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2022। सरोवरनगरी में बुधवार को मौसम विभाग की भविष्यवाणी को सही साबित करते हुए हुई बारिश का सिलसिला रात्रि दो-तीन बजे तक चला। इसके बाद रात्रि में ही आसमान साफ हो गया और पाला भी गिरा। जबकि गुरुवार सुबह धूप निकली, लेकिन जल्द ही घिरकर आए बादलों ने आसमान पर अपना साम्राज्य फैला दिया। बाद में अपराह्न में तीन बजे से फिर सूर्यदेव के दर्शन होने लगे और हल्की धूप भी खिली। फिर भी आगे बारिश व बर्फबारी की संभावना कम प्रायिकता के साथ बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनसार नगर में बीते 24 घंटों में 22.5 मिलीमीटर बारिश हुई और तापमान न्यूनतम 4.5 डिग्री व अधिकतम 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। मौसम विभाग अगले कुछ दिन भी बर्फबारी की संभावना जता रहा है। अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी को नए वर्ष पर मिला बर्फबारी का तोहफा, सुबह चांदी सी चमकीं-सोने की दमकीं चोटियां, नैनीतालवासी झूमे

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसंबर 2021। देश-दुनिया के सैलानियों को नए वर्ष 2022 के स्वागत के लिए अभिूभूत करने को तैयार सरोवरनगरी नैनीताल को नव वर्ष के स्वागत कार्यक्रम आने से दो दिन पहले ही प्रकृति ने बर्फबारी का सबसे अनमोल तोहफा दे दिया है। बुधवार को नगरवासी जब सुबह उठे तो रात्रि में हो रही बारिश को देखते हुए हिमपात होने के प्रति आश्वस्त थे, इसलिए सबसे पहले बाहर निकलकर हिमपात देखने की निकले। प्रकृति ने भी उन्हें खुश कर दिया। नगर की ऊंचाई वाली नैना पीक, कैमल्स बैक, बारापत्थर, अयारपाटा, टिफिन टॉप, बिड़ला टॉप, डांडी बांडी व स्नो व्यू की पहाड़ियों पर बर्फ पेड़ों पर झूलती और उन्हें ‘क्रिसमस ट्री’ जैसा बनाए और सुबह की धूप में सोने सी दमकती दिख रही हैं।

इन नजारों के बाद नगर में नए वर्ष के लिए पर्यटकों का उमड़ना और नए वर्ष का उल्लास आज से ही होना तय है। नगर में मौजूद कई सैलानी जो बीते सप्ताहांत से ही बर्फबारी की संभावना में नगर में अपने प्रवास को लंबा कर रुक गए थे, सुबह-सुबह ही अपने वाहन व टैक्सियां लेकर धरती पर फैली चांदी की चादर को छूने, खुद को प्रकृति की गोद में महसूस करने के लिए नगर के हिमालय दर्शन क्षेत्र की ओर निकलने प्रारंभ हो गए है। नगर में धूप खिल आने से भी हिमपात को देखने का उत्साह और बढ़ना तया है। अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में मौसम कर रहा बर्फबारी का इशारा… नव वर्ष का सेलीब्रेशन होगा यादगार

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 दिसंबर 2021। पर्वतीय पर्यटन नगरी सरोवरनगरी नैनीताल में रविवार को हुई इस मौसम की पहली हल्की बर्फबारी के बाद मंगलवार को भी मौसम बर्फबारी का इशारा कर रहा है। आज नगर में पूरे दिन आसमान में बादल छाये हुए हैं, जो कि नये वर्ष का स्वागत बारिश-बर्फबारी से होने का इशारा लग रहा है।

मौसम विभाग की वेबसाइट में मौसम का पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार मंगलवार को तापमान अधिकतम 10 व न्यूननतम 3 डिग्री सेल्सियस रहा है, जबकि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है। 29 दिसंबर को तापमान 8 व 2, 30 को 9 व 1 एवं 31 दिसंबर को 10 व 1 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। जबकि एक जनवरी के बाद तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है और तापमान अधिकतम 11 व न्यूनतम 2 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

इस तरह अगले कुछ दिनों में नगर में बर्फबारी की पूरी संभावना नजर आ रही है। यदि ऐसा होता है तो इस वर्ष का नये वर्ष का स्वागत-अभिनंदन यादगार हो सकता है, और पर्यटन को पंख लग सकते हैं। गौरतलब है कि नगर में बीते सप्ताहांत से ही सैलानियों की अच्छी संख्या मौजूद है। मंगलवार को सैलानियों ने कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर के प्राकृतिक सौंदर्य एवं मौसम का आनंद उठाया। अनेक सैलानियों नगर में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए अपने प्रवास को आगे बढ़ा दिया है। अन्य नवीन समाचार पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में इस मौसम की पहली-हल्की बर्फबारी…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 27 दिसंबर 2021। नैनीताल में इस मौसम की पहली हल्की बर्फबारी रविवार को हुई। अपराह्न में करीब दो-ढाई बजे नगर के ऊंचाई वाले हिमालय दर्शन, टांकी बैंड, लेक व्यू प्वॉइंट, सात नंबर क्षेत्र में कुछ मिनट के लिए बर्फ के फाहे गिरे। अलबत्ता, सोमवार को नगर में धूप खिली हुई है।

क्रिसमस-सप्ताहांत मनाने नैनीताल आए कुछ भाग्यशाली सैलानी प्रकृति की इस अनूठी नेमत के दीदार कर पाए। कुछ लोगों ने इसे कैमरे में भी कैद किया। जीवन में पहली बार बर्फबारी देखने वाले सैलानी इस पर अत्यधिक खुश नजर आए। आप भी देखिए नैनीताल में रविवार को हुई हल्की बर्फबारी के नजारे…

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यह भी पढ़ें : मौसम ने बदली करवट

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 दिसंबर 2021। सरोवरनगरी सहित पहाड़ों पर क्रिसमस के बाद मौसम ने करवट बदल ली है। नगर में सुबह के वक्त आसमान बिल्कुल साफ था लेकिन दोपहर बाद धीरे-धीरे आसमान में बादलों ने डेरा जमाना शुरु कर दिया। घना कोहरा धीरे-धीरे तल्लीताल की बाजार से होते हुए नैनी झील के ऊपर से गुजरते हुए सीधे मल्लीताल सहित पूरे शहर में छा गया।

मौसम विभाग के अनुसार नगर में तापमान अधिकतम 12 व न्यूनतम 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वही मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी प्रताप सिंह बिष्ट के अनुसार नगर में अधिकतम आर्द्रता 78 तथा न्यूनतम आर्द्रता 58 फीसदी रिकार्ड की गयी। नैनी झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश सिंह गैड़ा के अनुसार नैनी झील का जलस्तर आधा इंच घटने के बाद 9 फीट 11 इंच पहुंच गया है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : गजब : पंतनगर से पांच गुना अधिक गर्म रही पर्वतीय पर्यटननगरी नैनीताल

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 दिसंबर 2021। मौसम की भी अजब माया है। सर्दियों में पहाड़ गर्म और मैदानी इलाके सर्द हैं। यहां तक कि पर्वतीय पर्यटन नगरी नैनीताल और तराई-भाबर के मैदानी क्षेत्र पंतनगर के न्यूनतम तापमान में पांच गुने से अधिक का अंतर है। यह बात हवा-हवाई नहीं, वरन मौसम विभाग के आंकड़े पुष्ट कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार जहां सोमवार को पंतनगर का अधिकतम तापमान 20 व न्यूनतम 1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया वहीं सरोवरनगरी नैनीताल का अधिकमत तापमान 14 व न्यूनतम 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। साफ है कि नैनीताल का न्यूनतम तापमान पंतनगर के न्यूनतम तापमान के मुकाबले पांच गुने से अधिक रहा।

ऐसा इसलिए कि इन दिनों जहां मैदानी तराई-भाबर के क्षेत्रों में घना कोहरा छा रहा है, वहीं नैनीताल जैसे पर्वतीय नगरों में धूप खिली रहती है। सोमवार को जहां हल्द्वानी में भी घना कोहरा रहा और तापमान मौसम विभाग ने तो नहीं, अलबत्ता अन्य माध्यमों ने एक डिग्री सेल्सियस आंका, वहीं नैनीताल में अपराह्न में कुछ देर छितरे बादलों के बावजूद शाम तक चटख धूप खिली रही। लिहाजा ऐसे मौसम में नगर वासियों के साथ ही यहां सप्ताहांत पर बड़ी संख्या में पहुंचे सैलानी धूप का आनंद लेते देखे गए। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें : नैनीताल में ठंड से बर्फ की तरह जमा पानी, देखें तस्वीर…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 15 दिसंबर 2021। पहाड़ों पर इन दिनों सुबह-शाम व रात्रि में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ऐसी ठंड कि पाले के साथ पानी भी जमने लगा है। नगर के उत्तरी ढाल यानी अयारपाटा पहाड़ी की ओर व बारापत्थर क्षेत्र में कई जगह सुबह धूप निकलने के काफी देर बाद भी पानी जमा हुआ नजर आ ही रहा है। धूप वाली स्नो व्यू व शेर का डांडा पहाड़ियों की ओर भी यही स्थिति है। यहां भी पाले के साथ ही छतों में टंकियों से बूंद-बूंद टपकने वाला पानी भी जम रहा है।

प्रकाशित की जा रही तस्वीर बुधवार सुबह करीब 10 बजे की बीडी पांडे जिला चिकित्सालय की है। यहां खिली धूप के बावजूद चिकित्सालय के पीछे की ओर पैथोलॉजी लैब की ओर छत पर रखी टंकी से हो रही लीकेज से गिरा पानी इस तरह बर्फ की तरह जमा हुआ नजर आया। ऐसे में नगर के आम लोगों व खासकर गर्म वस्त्रों व संसाधनों से वंचित गरीब लोगों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

मौसम विधाग के अनुसार बीती रात्रि न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 12 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। आगे मौसम के अगले दो दिनों में और अधिक सर्द रहने की संभावना जताई गई है। बृहस्पतिवार व शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 3 व शनिवार को दो डिग्री रहने की जबकि अधिकतम तापमान के बृहस्पतिवार को 11 व शुक्रवार को 9 डिग्री रहने के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल का ताज़ा मौसम समाचार : नैनीताल में फिर शुरू हुई बारिश, बर्फवारी पर स्थिति अभी साफ नहीं…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 6 दिसंबर 2021। नैनीताल में सोमवार को फिर बारिश शुरू हो गई है। रात्रि मे भी यहां बारिश हुई है। इसके बाद सुबह बारिश बंद हो गई थी, लेकिन बादल छाये हुए थे और बादलों के बीच से धूप के दर्शन भी हुए थे, लेकिन करीब 10 बजे के बाद फिर हल्की बारिश शुरू हो गई। मौसम अभी भी खराब है, परं बर्फवारी पर स्थिति अभी साफ नहीं है। मौसम विभाग मंगलवार से आसमान के आम तौर पर साफ होने की संभावना जता रहा है। नगर में आज अधिकतम तापमान अधिकतम 17 व न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहा है।

यह भी पढ़ें : बारिश शुरू, बर्फबारी के कयास…

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 2 दिसंबर 2021। लंबे समय से चटख धूप खिलने और बीते सप्ताह से कोहरे व बादलों की आमद के बाद मौसम विभाग के पूर्वानुमान से कदमताल करते हुए सरोवरनगरी में बुधवार से मौसम ने करवट बदली है। दो दिनों से यहां पूरे आसमान में काले बादल छाए रहे, और हवाएं भी नहीं चलीं, और मौसम गुम सा रहा। इसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर से नगर में बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश शुरू हो गयी है। यह बारिश बीते माह 17 से 19 अक्टूबर के बीच दैवी आपदा का कारण बनी अतिवृष्टि के बाद पहली बार हो रही है।

इससे प्राकृतिक तौर के साथ ही मनोवैज्ञानिक तौर पर भी ठंड महसूस की जा रही है। इसके साथ ही आगे बर्फवारी होने के भी लोग कयास लगा रहे हैं। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आज कल के मुकाबले अधिकतम तापमान दो डिग्री कम 16 तथा न्यूनतम तापमान कल के मुकाबले दो डिग्री अधिक यानी 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। आगे मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को तापमान 9 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, और आसमान में आंशिक रूप से छाये बादलों में बिजली कड़क सकती है। साफ तौर पर बारिश या बर्फबारी के बारे में मौसम विभाग ने कुछ नहीं कहा है।

यह भी पढ़ें : भारी से बहुत भारी बारिश, अगले कुछ घंटों में नैनी झील के गेट खोलने की नौबत

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अक्टूबर 2021। मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए नैनीताल जनपद मुख्यालय सहित कई क्षेत्रों में रात्रि से डरावने तरीके से मूसलाधार बारिश हो रही है। अलबत्ता, आपदा नियंत्रण कक्ष को अभी किसी तरह के नुकसान, सड़कों के बंद होने आदि की कोई जानकारी नहीं है। आपदा नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में कोश्यां-कुटौली तहसील क्षेत्र में 83, नैनीताल में 90 व हल्द्वानी में 128 मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि रामनगर, धारी व बेतालघाट क्षेत्रों में कम बारिश हुई है। इधर, प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरभट्टी स्थित पुल पर एक बार फिर मलबा आ गया। एक ट्रक और एक कार मलबे में फंस गई है। इससे पुल पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया है, और दर्जनों वाहन पुल के दोनों ओर फंस गए हैं।
देखें विडियो :

इधर नैनीताल में बारिश इतनी तेज है कि बिन बादलों या कोहरे के भी कुछ नजर नहीं आ रहा है। ताजा बारिश से नैनी झील का जलस्तर 11 इंच बढ़कर 11 फिट 8 इंच हो गया है, और झील नियंत्रण कक्ष के अनुसार अगले चार घंटों में यानी 1-2 बजे तक अक्टूबर माह में पहली बार झील के गेट खोलने की नौबत आ सकती है। उल्लेखनीय है कि सितंबर माह में काफी दिन 12 फिट के स्तर पर बने रहने के बाद इधर झील का जल स्तर करीब सवा फिट गिरकर 10 फिट 9 इंच के स्तर तक चला गया था। जोकि इस बारिश से फिर करीब एक फिट बढ़ गया है। देखें मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनी :

दूसरी ओर मौसम विभाग की चेतावनी के बाद नगर में बुधवार तक बुकिंग करा चुके अधिकांश सैलानी भी लौट चुके हैं, जबकि कुछ परिवार सहित आए सैलानी लौटते हुए किसी अनहोनी की आशंका से यहीं रुके हैं, और मौसम के थोड़ा खुलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि सुरक्षित तरीके से लौट सकें। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : मानसून की घोषणा से पहले ही बारिश लगी डराने, नैनीताल की 17 सड़कें बंद, नैनी झील का जल स्तर एक फिट से अधिक सहित बढ़ा गौला व कोसी का जल स्तर

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 19 जून 2021। जिला व मंडल मुख्यालय सहित समस्त पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले करीब 40 घंटों से मानसून के आने की औपचारिक घोषणा से पहले से कमोबेश लगातार तेज बरसाती बारिश का सिलसिला जारी है। नैनीताल जिला मुख्यालय में पिछले 24 घंटों में 115 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश की वजह से गाड़-गधेरों व नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। काठगोदाम बैराज में गौला नदी का जल स्तर 16 हजार क्यूसेक व रामनगर में कोसी नदी का जल स्तर 12,400 क्यूसेक पर पहुंच गया है। इधर नैनी झील का जल स्तर भी पिछले 24 घंटे में 13 इंच बढ़कर 4 फिट 3 इंच हो गया है। वहीं भूस्खलन एवं पेड़ों की शाखाओं के टूटने व उखड़ने की घटनाओं से विद्युत आपूर्ति भी पूरे दिन बाधित रही है। लोग घरों के भीतर कैद रहने को मजबूर हैं, और जनजीवन काफी हद तक प्रभावित हो रहा है। नैनीताल जनपद में आवागमन की बात करें तो 17 सड़कें बारिश की वजह से भूस्खलन होने के कारण बंद हो गई हैं। 

जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय की रूसी बाइपास और एरीज मोड़ से एरीज को जाने वाले मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। इसी तरह खुटानी-भवाली, भुजान-बेतालघाट, रातीघाट-बेतालघाट, मल्ला रामगढ़ की डाकबंगले को जाने वाली सड़क, गढ़खेत मोटरमार्ग, अंबेडकरगांव-रिखौली, कसियालेख-सूपी, भवाली सेनिटोरियम-सिरोड़ी, काठगोदाम-हैड़ाखान, पंगूट-तल्ला बगड़, कैंची-हरतपा, भौंरसा-पिनरौ, गर्जिया-बेतालघाट, रामनगर-तल्ली सेठी-बेतालघाट आदि सड़कें बंद होने की सूचना है। इधर मुख्यालय में मल्लीताल मेट्रोपोल कंपाउंड क्षेत्र में घरों से सटकर लगा एक बांज का पुराना पेड़ नाले की ओर गिर गया। गनीमत रही कि पेड़ नाले की ओर गिरा अन्यथा इसके घरों पर गिरने से जान-माल की क्षति भी हो सकती थी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

कैंची धाम में एक माह बाद भी कलमठ न खोलने से सड़क पर रुका रहा वाहनों का आवागमन

नैनीताल। बाबा नीब करौरी के कैंची धाम क्षेत्र में गधेरे का पानी एक बार फिर सांई मंदिर के पास भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 87 पर आ गया, और इस कारण सड़क पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। साथ ही सड़क से पानी सड़क के नीचे स्थित प्रेम सिंह कनवाल के खेत में जाकर काफी नुकसान कर गया। बताया गया है कि यहां गत 12 मई हुई भीषण बारिश के बाद अवरुद्ध हुई सड़क को कामचलाऊ तौर पर तो खोल दिया गया, लेकिन इस स्थान पर सड़क के नीचे का कलमठ नहीं खोला। इस कारण ही आज यहां फिर से सड़क पर पानी आ गया। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : सात इंच बढ़ा नैनी झील का जल स्तर, राजभवन रोड पर बिजली की लाइन पर गिरा विशाल पेड़

-कोविड कर्फ्यू के दौरान बाजारों के खुलने पर मिली छूट का लाभ दुकानदारों को नहीं मिल पाया

शुक्रवार को बारिश के कारण हुए भूस्खलन से गिरे विशालकाय पेड़ से राजभवन रोड पर क्षतिग्रस्त हुई बिजली की लाइन (फोटो: गुड्डू ठठोला)।

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जून 2021। जिला-मंडल मुख्यालय सहित निकटवर्ती संपूर्ण पर्वतीय क्षेत्रों में शुक्रवार को पूरे दिन बारिश हुई, और कोहरा छाया रहा। इस कारण जहां जनजीवन प्रभावित रहा, वहीं भूस्खलन एवं पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी हुईं। कोविड कर्फ्यू के दौरान शुक्रवार को बाजारों के खुलने पर छूट मिली हुई थी, लेकिन खरीददार बारिश की वजह से बाजार नहीं पहुंच पाए, इस कारण दुकानदार खरीददारों का इंतजार ही करते रह गए। इस दौरान सुबह 8 बजे तक रात्रि में 50 मिमी और इधर दिन में भी 30-35 मिमी बारिश हुई है। बारिश की वजह से कल तक दो फिट 9 इंच रहा नैनी झील का जल स्तर सुबह तक चार इंच और समाचार लिखे जाने तक सात इंच बढ़कर तीन फिट चार इंच हो गया है।
उधर राजभवन रोड पर एक विशाल पेड़ पाइंस से सूखाताल के सब स्टेशनों को जोड़ने के लिए बनाई गई लाइन पर गिर गया। इससे लाइन टूटने के साथ ही राजभवन मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित हो गया। विद्युत विभाग के एसडीओ पर्यंक पांडे ने बताया कि अन्य कई जगह भी बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचा है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : ताउते की बारिश रुकी, पर नैनी झील के साथ ही सूखाताल को भी भर गई

-दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया बीरभट्टी में बंद हुआ एनएच-87

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 मई 2021। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को सही व सटीक साबित करते हुए शुक्रवार को राज्य के कमोबेश सभी मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में ताउते तूफान की नमी से पिछले दो दिन से हो रही बारिश रुक गई है, और आसमान साफ होने के साथ सुनहरी धूप खिल आई है। इस दौरान प्रकृति के स्वर्ग कही जाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल सहित पर्वतीय क्षेत्रों की अप्रतिम प्राकृतिक सुंदरता धुली-धुली एवं शुरुआती बरसातों जैसी अधिक हरीतिमा के साथ देखते ही बन रही है। उधर बीरभट्टी में वैली ब्रिज पर भारी मात्रा में मलबा आने से बृहस्पतिवार को बंद हुआ एनएच-87 दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया, और वाहनों को रानीबाग-भीमताल मार्ग से होकर गुजरना पड़ा। 

20 मई की शाम बारिश से भरती सूखाताल झील।

बारिश से कई जगह नुकसान हुआ है। नगर में भी डीएम कार्यालय, रैमजे अस्पताल के आवासीय परिसर व कृष्णापुर सहित कई स्थानों पर घरों के आसपास भूस्खलन, दीवारें-पत्थर व पेड़ गिरने की घटनाएं हुई हैं, परंतु किसी व्यक्ति के साथ किसी दुर्घटना की खबर नहीं है। वहीं बारिश नैनी झील ही नहीं नैनी झील की सर्वाधिक जल प्रदाता सूखाताल झील के लिए भी प्राणदायिनी व वरदान साबित हुई है। नैनी झील का जल स्तर पिछले 6 मई के आधे इंच से करीब ढाई फिट बढ़ गया है, तो सूखाताल झील भी मई माह में ज्ञात जानकारी के अनुसार पहली बार काफी हद तक पानी से भर गई है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों सूखाताल झील के पुर्नजीवीकरण की योजना भी शुरू हो रही है। वहीं मौसम साफ होने पर जसपुर, मालधनचौड़, रुड़की, देहरादून से हिमालय की सुंदर चोटियां दिखाईं देने के सुखद समाचार भी प्राप्त हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें : ताऊते ने उत्तराखंड में लीली दो लोगों की जिंदगी, नैनीताल में DM ऑफिस, रैमजे अस्पताल व कृष्णापुर में घरों पर दीवार-पेड़ व पत्थर गिरे

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 मई 2021। तटीय राज्यों में तबाही मचाने वाले समुद्री चक्रवात ताऊते का असर उत्तराखंड में भी दिखाई दे रहा है। इस पर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। इसके कारण प्रदेश में दो लोगों की मौत सहित कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं के समाचार हैं।
बुधवार रात्रि से ही उत्तराखंड के राजधानी देहरादून, मसूरी, नैनीताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की सहित अधिकतर इलाकों में बारिश हो रही है, वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मई माह में बर्फबारी की भी सूचना है। लगातार जारी बारिश से नैनीताल जनपद के भवाली में एक घर की नवनिर्मित सुरक्षा दीवार टूटने के दो लोग दब गए तो वहीं बाजपुर में एक मकान टूटने से दो लोगों की दबकर मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाजपुर में केलाखेड़ा के निकट गांव रम्पुरा काजी में गुरुवार सुबह करीब पांच बजे तेज हवा और बारिश के चलते एक कच्चे मकान की दीवार अचानक गिर गई। इससे अंदर सो रहे दो लोगों-शंकर (28) निवासी ट्रांजिट कैंप रुद्रपुर और मुकेश (40) निवासी खेड़ा रुद्रपुर की दबकर मौत हो गई। सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। एसडीएम विवेक प्रकाश, सीओ वंदना वर्मा, एसओ बीसी जोशी ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। पुलिस ने दोनों शवो को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इधर, नैनीताल जनपद मुख्यालय के निकट स्थित भवाली के भीमताल रोड स्थित नगारी गांव में प्रीति भल्ला पत्नी स्वर्गीय जरनल अमरजीत सिंह भल्ला के घर की निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार टूटकर उनके घर में घुस गई। इस दौरान प्रीति ने बाथरूम में जाकर अपनी जान बचाई। लेकिन वहां भी मलबा आने से वह तथा एक अन्य व्यक्ति दब गए। उन्हें काफी चोटें भी आईं। सुबह स्थानीय लोगों ने दोनों को मलबे से निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवाली भेजा। जबकि प्रीति को ज्यादा चोटें लगने के कारण यहां से प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी भेजना पड़ा। इधर, जिला मुख्यालय में बृहस्पतिवार दोपहर डीएम आवास के पास सड़क किनारे की हाल ही में बनी सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई। इससे नीचे स्थित पाषाण देवी मंदिर की पुजारी पुष्पा भट्ट के प्लॉट में हो रहे निर्माण एवं निर्माण सामग्री को नुकसान पहुंचा है। पुष्पा ने नुकसान की भरपाई की मांग भी की है। इधर देर शाम नगर के गोविंद बल्लभ पंत (रैमजे) चिकित्सालय के आवासीय परिसर में स्थित धनुली देवी के मकान पर भारी पत्थर और पेड़ गिर गया, इससे भवन को क्षति पहुंची है। पर किसी को कोई नुकसान या चोट की खबर नहीं हैं। प्रशासन को सूचना दे दी गयी है। लेकिन रात्रि एवं बारिश की वजह से पेड़ व पत्थर को हटाने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उधर नगर के कृष्णापुर में भी घरों में पत्थर गिरे हैं।

नैनी झील के लिए वरदान साबित हो रही ताऊते की बारिश
नैनीताल। ताऊते तूफान की वजह से उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश विश्व प्रसिद्ध नैनी झील के लिए बरदान साबित हो रही है। नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में पूरे दिन 10-15 को छोड़कर लगातार हल्की हवा के साथ कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही। इससे पूरी प्रकृति तर हो गई। बीच-बीच में घना कोहरा भी आता-जाता रहा। आज झील नियंत्रण से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरोवरनगरी में सुबह 8 बजे तक, पिछले 24 घंटों में 117 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके फलस्वरूप नैनी झील का जल स्तर 24 घंटों में 10 इंच बढ़कर अंग्रेजी दौर से तय पैमाने पर 1 फिट 3 इंच हो गया। जो कि गत 6 मई को आधा इंच के इस वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया था। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अब तक सरोवरनगरी में 343 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसमें से 243 मिलीमीटर बारिश मई माह में हुई है। जबकि इससे पूर्व 1 जनवरी से 30 अप्रैल तक नगर में केवल 100 मिलीमीटर बारिश की दर्ज की गई थी।

खेती-बागवानी के लिए लाभदायक है बारिश: धनपत
नैनीताल। जनपद के कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि इस दौरान हो रही बारिश बागवानी के लिए लाभदायक है, वहीं आगे रबी की फसल के लिए भी इससे जमीन में नमी बनी रहेगी। लिहाजा इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन दिनों सामान्यतया खेतों में कोई फसल नहीं है, रबी की फसल अप्रैल माह में ही कट चुकी है। इसलिए बारिश का कोई नुकसान नहीं है।

यह भी पढ़ें : आखिर बरसी कुदरत की नेमत, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी, देखें नज़ारे…

-मौसम व वर्ष की पहली बर्फबारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 फरवरी 2021। आखिर कुदरत प्रकृति के स्वर्ग कही जाने वाली सरोवर नगरी एवं आस-पास के पर्वतीय क्षेत्रों पर मेहरबान हो ही गई है। प्रकृति ने सर्दी के मौसम के आखिरी चरण में ही सही, अपनी सबसे खूबसूरत नेमत कहीं जाने वाली बर्फबारी का तोहफा यहां के पहाड़ों को दे दिया है। नगर में बृहस्पतिवार की रात्रि हल्का हिमपात हुआ, जबकि शुक्रवार को भी हिमपात हो रहा है। इससे नगर में बर्फ की परत जम गई है। इससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। अलबत्ता, नगर में बेहद दिलकश नजारे भी नजर आए।

इससे पहले रात्रि में नगर के ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई। शुक्रवार सुबह नगर एवं आसपास के ऊंचे पहाड़ों पर चांदी की हल्की चादर सी बिछी नजर आई। बर्फबारी अधिक नहीं हुई है इसलिए मौसम की अधिक दुश्वारियां अभी नहीं हो रही हैं। अलबत्ता नगर में तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई है। नगर के अलावा मुक्तेश्वर, पहाड़पानी, धानाचूली व मनाघेर आदि क्षेत्रों में भी हल्की सी थोड़ी अधिक बर्फबारी हुई है।

यह भी पढ़ें : दिल्ली, बरेली, झांसी, आगरा जैसी धूप सेंकनी हो तो आइये नैनीताल

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 दिसम्बर 2020। यूं नैनीताल की सर्दी और दिल्ली की गर्मी प्रसिद्ध है, तथा आगरा का ताजमहल व बरेली के झुम्के व झांसी की रानी। और खबरें आ रही हैं कि दिल्ली, बरेली, आगरा व झांसी में इन दिनों नैनीताल जैसी सर्दी पड़ रही है। लेकिन इसके उलट कहें तो इन दिनों नैनीताल में दिल्ली, बरेली, झांसी व आगरा जैसी गर्मी पड़ रही है। ऐसा इसलिए कि मैदानी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण के कारण छा रहे भयंकर कोहरे से जहां आजकल दोपहर बाद तक धूप के दर्शन नहीं हो रहे हैं, वहीं नैनीताल में पूरे दिन चटख धूप खिल रही है। यहां पूरे दिन आसमान में कोहरा तो दूर बादलों का एक कतरा भी नजर नहीं आ रहा है और यहां रात व सुबह-शाम की ठंड को छोड़ दें तो दिन में सर्दियों के लिहाज से अच्छी खासी गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार भी इन दिनांे यहां अधिकतम 14 एवं न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है। ऐसे में लोग घरों में और सैलानी व अन्य लोग सुबह साढ़े सात-आठ बजे से शाम को सूर्यास्त तक नगर के ऐतिहासिक डीएसए-फ्लैट्स मैदान के पास पूरे दिन धूप सेंकते देखे जा रहे हैं।

 

नैनीताल के आज के चुनिन्दा ‘नवीन समाचार’ एक साथ…

यह भी पढ़ें : कल के लिए ‘चौथाई’ उत्तराखंड में मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी, आज ही बंद हुईं कई सड़कें

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जुलाई 2020। मौसम विभाग ने कल 10 जुलाई के लिए पूरे उत्तराखंड प्रदेश के ‘ऑरेंज लेवल’ की ‘अलर्ट’ यानी चौकन्ना रहने की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार राज्य के मैदानी जिलों देहरादून, पौड़ी, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी तथा टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा व चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने एवं कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। यहां स्पष्ट कर दें कि भारी वर्षा का अर्थ 24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिमी एवं बहुत भारी वर्षा का अर्थ 115.6 से 204.4 मिमी होना बताया गया है। गौरतलब है कि मौसम विभाग ऑरेंज लेवल से आगे केवल रेड लेवल की ही चेतावनी जारी करता है, जिसमें 204.4 मिमी से अधिक-अत्यंत भारी स्तर की ही वर्षा होती है। वहीं कहीं-कहीं का अर्थ 25 फीसद स्थानों से है। यानी यह चेतावनी कमोबेश राज्य के चौथाई क्षेत्र के लिए है। हालांकि इसके बाद अगले दो दिन भी राज्य के मैदानी जिलों में इसी तरह कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी तथा चार पर्वतीय जिलों में भारी वर्षा की ‘पीली’ श्रेणी की चेतावनी दी गई है।
इधर जनपद में बीते 24 घंटों में हल्द्वानी-काठगोदाम में सर्वाधिक 50 मिमी, नैनीताल में 22 एवं नंधौर क्षेत्र में 21 मिमी बारिश हुई है। इस कारण ओखलकांडा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित हैं। वहीं काठगोदाम से हैड़ाखान को जाने वाली सड़क किलोमीटर संख्या दो एवं गांधी ग्राम पस्तोला को जारी वाली सड़क कई स्थानों पर जबर्दस्त मलबा आने की वजह से बंद पड़ी है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड पहुंचा मानसून ! सुबह से बरसने लगे मेघ..

नवीन समाचार, देहरादून, 23 जून 2020। मौसम विज्ञान विभाग के मौसम पूर्वानुमान को सही साबित करते हुए मंगलवार सुबह से ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो रही है। इसे राज्य में मानसून के आगमन का संकेत भी बताया जा रहा है।
मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून के द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पिथौरागढ़ एवं नैनीताल जनपद के कई स्थानों में मंगलवार को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को राज्य के नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर तथा पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं तीव्र बौछार के साथ भारी वर्षा होने की संभावना जतायी गई है। साथ ही राज्य में अगले 48 घंटों के दौरान समूचे पश्चिमी हिमालय में मानसून के बढ़ने की संभावना है। इसे राज्य में मानसून का पदार्पण भी बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल: आंधी-तूफान से दिन में घिरी रात, बिजली गुल-रास्ते बंद, घरों पर भी गिरे पेड़

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 मई 2020। रविवार अपराह्न आंधी-तूफान के साथ घिरी घटाओं से पूरे प्रदेश के साथ सरोवरनगरी सहित कमोबेश पूरे पर्वतीय क्षेत्रोें में कुछ देर के लिए दिन में ही रात्रि जैसा कभी-कभार ही दिखने वाला नजारा दिखाई दिया। ऐसे में घरों में लोगों को बिजली के बल्ब जलाने पड़ गये। बताया गया है कि आंधी की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे की थी। इससे जल्दी ही कई जगह विशालकाय पेड़ तो कहीं विशाल टहनियां टूट कर गिर गईं। इन पेड़ों व टहनियो के विद्युत लाइनों के गिरने की वजह से विद्युत व्यवस्था कमोबेश पूरी तरह से ठप हो गई। कमोबेश हर कहीं बिजली गुल होने की सूचना है। विद्युत विभाग लाइनों के क्षतिग्रस्त होने की सूचनाएं एकत्र कर रहा है, जिसके बाद लाइनों को दुरुस्त करने का कार्य प्रारंभ होगा। समाचार लिखे जाने तक मुख्यालय में अपर माल में अनामिका होटल, मल्लीताल में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के पास तथा गरमपानी-बेतालघाट विद्युत लाइन में पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता एसएस उस्मान ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों की सूचना एकत्र की जा रही है, तथा इन्हें यथासंभव एवं यथाशीघ्र दुरुस्त करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इधर मुख्यालय में लोवर माल रोड पर क्लासिक होटल के पास पेड़ के गिरने से यायातात बाधित हो गया है।

दिन में ही अंधेरा घिरने पर नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में दिन में ही जली बिजली की रोशनी।

आंधी-तूफान से कई जगह सड़कों-आवासीय परिसरों में पेड़ गिरे

चीड़ का पेड गिरने से बंद हुआ बल्दियाखान-पटवाडांगर मोटर मार्ग।

नैनीताल। रविवार अपराह्न आई आंधी-तूफान व बारिश के दौरान कई जगह से नुकसान की खबरें आ रही हैं। बेलुवाखान के अमुवाखाल तोक में पेड़ गिरने से प्रकाश चंद्र के गौशाला को नुकसान हुआ है। वहीं रिया गांव में चीड़ का एक विशाल पेड़ राजेंद्र सिंह रजवार के आवासी परिसर में गिरा जिससे आवास को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं दर्जनभर गाँवों को जोड़ने वाले बल्दियाखान-पटवाडांगर मोटर मार्ग पर चीड़ का पेड़ गिरने से बंद हो गया। ज्येष्ठ प्रमुख हिमांशु पांडे ने इस पर विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते कहा कि उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बावजूद देर शाम तक मार्ग नहीं खोला गया जिससे मार्ग के दोनों ओर दर्जनभर वाहन फंसे हैं। वन क्षेत्र होने से वाहनों के उपर भी पेड़ गिरने का भय बना हुआ है। वहीं दोगांव स्थित डॉन बॉस्को स्कूल के पास पेड़ गिरने से एनएच 109 पर भी यातायात बाधित हुआ जिसे जेसीबी से हटा कर यातायात सुचारू कर दिया गया। चोपड़ा में भरत सुयाल के आवास पर और वर्गोमोंट इस्टेट के आवासीय परिसर में भी पेड़ गिरा, लेकिन अधिक नुकसान नही हुआ।

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-सरोवरनगरी सहित पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश, जोरदार ओलावृष्टि के दौरान दिन में ही रात और गर्मियों के मई माह में सर्दियों व बरसात के मौसम जैसा नजारा
नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मई 2020। सरोवरनगरी सहित सभी पर्वतीय क्षेत्रो में मंगलवार को मौसम, मौसम विभाग की ‘ऑरेंज’ चेतावनी को सही साबित करता नजर आया। इस दौरान नगर एवं आसपास के सभी क्षेत्रों में कई दौर में मूसलाधार बारिश और जोरदार ओलावृष्टि हुई। इससे नगर में सड़कों और नैनी झील के पोषक नाले उफन पड़े। ठंड भी बढ़ गई। साथ ही शाम ढाई बजे से दिन में ही अंधेरा छा गया और लोगों को रोशनी के लिए बल्ब भी जलाने पड़ गये। ऐसे में संशयपूर्ण स्थिति दिखी कि गर्मियों के मई माह में मौसम सर्दियों का चल रहा है कि बरसातों का। साथ ही दिन में ही रात जैसा दृश्य भी उत्पन्न हो गया। बारिश-ओलावृष्टि से जनपद के कृषि प्रधान ग्रामीण क्षेत्रों में फल-फूलों एवं सब्जियों की फसल को व्यापक नुकसान होने की आशंका है। अलबत्ता, शहर में लोगों के घरों में पानी के घुसने के अलावा किसी तरह के बड़े नुकसान की फिलहाल सूचना नहीं है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 14 अप्रैल 2020। मंगलवार को प्रदेश के अनेक पर्वतीय क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई है। इससे फल-फूलों एवं सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। नैनीताल जनपद की ग्राम सभा थलाड़ी (क्वैदल) के किसानों की आलू की फसल के साथ साथ आड़ू, सेब, नाशपाती, पुलम, खुबानी व माल्टा इत्यादि फलों के बागानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। क्षेत्रीय निवासी सुरेश बिष्ट ने बताया कि भारी ओलावृष्टि से पेड़-पौधों की छाल, टहनियों व पत्तियों तक को बरबाद कर दिया है। इससे किसानों में भारी मायूसी के साथ-साथ आने वाले समय में परिवार का भरण-पोषण करने की चिंता देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि किसान ने आलू का महंगा बीज लगाया था, जो बर्बाद हो गया है। खेतों में आलू की नई पौध नजर ही नहीं आ रही है। साथ ही खेतों में टमाटर, शिमला मिर्च, मिर्च, फूलगोभी व बंदगोभी की पौधों की क्यारियां भी पूर्णतः क्षति ग्रस्त हो गयी हैं।

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स्नोमैन नहीं ओलामैन: शुक्रवार रात्रि हुई भारी ओलावृष्टि के बाद बनाया गया विशाल ‘ओलामैन’

 

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 मार्च 2020। सरोवरगगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में शुक्रवार की रात्रि के बाद बादलों की जर्बदस्त गरज-चमक के साथ भारी ओलावृष्टि व बारिश हुई। इससे शनिवार सुबह तक छतों पर ओलों की साढ़े आठ इंच से अधिक मोटी परत इकट्ठी हो गई। सुबह भी हल्की ओलावृष्टि एवं दिन में भी एक-दो बार हल्की बारिश हुई और पूरे दिन धूप के ठीक से दर्शन नहीं हुए। इस कारण शाम तक भी नगर में छतों-रास्तों व सड़कों में ओलों की बड़ी मात्रा में मौजूदगी बनी हुई है। नगर की ऊंचाई वाली चोटियों में ओलों की परत और भी अधिक मोटी है। सड़कों पर वाहनों के साथ ही पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। इस दौरान विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही। इससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा।

वहीं, झील नियंत्रण कक्ष के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे तक 20 सेमी यानी साढ़े आठ इंच से अधिक ओले रिकॉर्ड किये गये। झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश गैड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्षा मापने के गेज में पानी की जगह ओले भर जाने की वजह से बारिश रिकार्ड नहीं की जा सकी। मौसम विभाग के अनुसार तापमान अधिकतम 12 एवं न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विभाग के अनुसार आगे रविवार को भी आसमान में आंशिक रूप से बादल छाये रह सकते हैं, तथा गरज-चमक व आंधी के साथ बारिश हो सकती है।

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-वज्रपात से घर की छत टूटकर गिरी, 12 साल के बच्चे की झुलसकर मौत

नवीन समाचार, काशीपुर/नैनीताल, 13 मार्च 2020। प्रदेश भर में हो रही बारिश के दौरान शुक्रवार सुबह काशीपुर के बांसफोड़ान माहल्ले में तेज आवाज में बिजली कड़कने के साथ हुए वज्रपात के कारण एक घर की छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। और घर के भीतर सो एक बच्चे की झुलसकर मौत हो गई। मृतक आठ भाई-बहनों में सातवें नम्बर का और कक्षा सात का छात्र था। इधर नैनीताल में भी शुक्रवार शाम गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश और ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि से नगर की सड़कें पट गई हैं। नगर की राजभवन रोड के ओलों से पटने एवं इस दौरान माल रोड के यातायात के बंद होने के कारण वाहन रास्ते में ही फंस गए हैं। रात्रि में सड़कों एवं घरों की छतों पर 5-6 इंच तक ओलों की मोटी परत नजर आ रही है। इससे टिन की छतों वाले घरों में पानी घुस गया है। लोग रात्रि में भी छतों से ओलों की मोटी परत को हटाते हुए देखे जा रहे हैं। जबर्दस्त ओलावृष्टि के साथ ही बिजली की जबर्दस्त गरज-चमक से डरावना माहौल बना रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार काशीपुर में शुक्रवार सुबह आकाशीय बिजली की धमक व तेज बारिश के दौरान मो. यूसुफ के मकान की छत का एक हिस्सा टूट कर गिर गया। उस वक्त कमरे में बच्चे सोए हुए थे। युसुफ का 12 वर्षीय बेटा शाकिब छत गिरने से बुरी तरह घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए निजी चिकित्सालय में ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

यह भी पढ़ें : मौसम अलर्ट : अगले दो दिन भी बारिश-बर्फबारी, ओलावृष्टि व झक्कड़ की संभावना

नवीन समाचार, देहरादून, 13 मार्च 2020। पता नहीं नये वर्ष 2020 को किसकी नजर लग रही है। देश में सीएए के विरोध में हुए दंगों और कोरोना के साथ मौसम भी लगातार डरा रहा है। मार्च माह का पहला पखवाड़ा यानी ऋतुराज बसंत का प्रमुख फाल्गुन माह बीतने के बावजूद कड़ाके की सर्दी की हेमंत ऋतु जाने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विभाग ने आगे भी कम से कम अगले दो दिन यानी 15 मार्च तक प्रदेश में बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग की ताजा विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश में 13 व 14 मार्च को आंशिक से लेकर आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। साथ ही राज्य के अधिकांश स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा व गरज-चमक के साथ वर्षा व 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। इस दौरान खासकर 13 मार्च को राज्य के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधमसिंह जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा कहीं कहीं ओलावृष्टि एवं 45 से 55 किमी प्रति घंटा की गति से झक्कड़ एवं गरज-चमक की चेतावनी भी दी गई है। जबकि 15 मार्च को भी इसी तरह आंशिक रूप से बादल छाने एवं राज्य में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा व गरज-चमक के साथ वर्षा व बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 16 मार्च को प्रदेश में आसमान मुख्यतः साफ अथवा आंशिक रूप से बादल छाने तथा राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

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नवीन समाचार नैनीताल, 6 मार्च 2020। सरोवरनगरी में शुक्रवार को मौसम की सातवीं व इस वर्ष की तीसरी बर्फबारी हो गई है। नगर में रात्रि से ही हो रही बारिश के दौरान नगर की सबसे ऊंची-समुद्र सतह से 2610 मीटर ऊंची नैना पीक चोटी पर बर्फ की हल्की सफेद चादर छा गई, जबकि नगर में पूरे दिन कभी तेज मूसलाधार तो कभी धीमी बारिश होती रही। नगर में भी हल्के हिमकण गिरे लेकिन बारिश की वजह से यहां बर्फ टिक नहीं पाई। वहीं आगे नगर के निचले क्षेत्रों मं भी बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के सुबह आठ बजे तक के दिये जाने वाले आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में तापमान अधिकतम 12 तथा न्यूनतम 6.5 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। साथ ही सुबह 8 बजे तक 6 मिमी वर्षा भी दर्ज की गई है। आगे मौसम विभाग शनिवार सात मार्च को भी बारिश की संभावना जता रहा है।

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आज सुबह का मौसम

नवीन समाचार नैनीताल, 6 मार्च 2020। रंगों के पर्व होली पर इस वर्ष न जाने किसकी नजर लग गई है। पहले कोरोना और अब बारिश। बारिश भी ऐसी मूसलाधार, मानो तेज स्प्रे वाली पिचकारी ही छोड़ दी हो। साथ में कोहरे के रूप मंे उड़ता अबीर-गुलाल। यह नजारा तो मनमोहक है। इसे प्रकृति, मानव स्वास्थ्य एवं आगामी ग्रीष्मकाल के लिए भूजल में पानी की उपबब्धता बनी रहने के दृष्टिकोण से बेहतर बताया जा रहा है, लेकिन इससे व फल-फूलों व फसलों का प्राकृतिक चक्र प्रभावित होता भी बताया जा रहा है। पेड़-पौधों पर अभी भी पतझड़ छाया हुआ है। फागुन आने तक भी ऋतुराज बसंत अभी आता नहीं दिख रहा। राज्य वृक्ष बुरांश पर भी अभी लालिमा युक्त फूल कुछेक स्थानों पर ही खिल पाए हैं। वहीं आगे बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में तापमान अधिकतम 12 तथा न्यूनतम 6.5 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। साथ ही सुबह 8 बजे तक 6 मिमी वर्षा भी दर्ज की गई है। आगे मौसम विभाग शनिवार सात मार्च को भी बारिश की संभावना जता रहा है।

यह भी पढ़ें : पहाड़ों पर मौसम खेलने लगा ‘होली’ !

नवीन समाचार, नैनीताल, 5 मार्च 2020। पहाड़ों पर इस बार ठंड जाने का नाम नहीं ले रही। सर्दियों में होने वाली बारिश-बर्फबारी की संभावना और ठंड ऋतुराज बसंत के आधा गुजरने और फाल्गुन में हेाली के आने तक बनी हुई है। जहां प्रसिद्ध कुमाउनी होली में श्रृंगार के बाद बृहस्पतिवार को रंग्वाली एकादशी के साथ ‘रंग पड़ना’ शुरू हो रहा है, बावजूद प्रकृति मानो खुद भी बारिश के साथ होली खेल रही है, और 1988 की तर्ज पर होली पर बर्फबारी करके भी होली की पुरानी यादों को ताजा करने की राह पर नजर आ रही है।

सरोवरनगरी में बृहस्पतिवार को रात्रि से ही आसमान बादलों से घिरा था और सुबह करीब साढ़े नौ बजे से बारिश होनी प्रारंभ हो गयी। यह सिलसिला अभी भी धीमा पड़ने के बावजूद पूरी तरह से थमा नहीं है। यहां तक कि आगे बर्फबारी की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान अधिकतम 14 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

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नवीन समाचार, अल्मोड़ा, 1 मार्च 2020। अल्मोड़ा के धौलछीना में शनिवार शाम हुई भारी ओलावृष्टि व वज्रपात से 2014 की यादें ताजा हो गईं। अकाशीय बिजली की भारी गर्जना व वज्रपात के साथ भारी ओलावृष्टि के बादल फटने जैसे प्राकृतिक कोप के आगे व्यवस्थाएं तार-तार हो गईं। धौलछीना बाजार के दो ढाबे इस ओलावृष्टि से धराशायी हो गये हैं। संयोग से घटना के वक्त ढाबे बंद हो चुके थे अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। साथ ही रामलीला मंच तथा बीआरसी. सभागार की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई है और सड़क पर पल्यूं बैंड से कसाण बैंड के बीच लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में आधा दर्जन वाहन रपट कर नाली में फंस गये और दर्जनों जाम में फंस गए।

अल्मोड़ा से जेसीबी वाहन के आने के बाद सड़क मार्ग खोलने की कार्रवाई शुरू हुई लेकिन बिजली गुल होने से भी परेशानी रही। रात भर की जद्दोजहद के बाद भी जाम पूरी तरह से नहीं खुल पाया, और रोडवेज व टूरिस्ट बसों सहित दर्जनों वाहन जाम में और उनमें सवार यात्री भूखे प्यासे ही 16 घंटे से अधिक समय तक गाड़ी के अंदर बैठे-बैठे फंसे रहे। व्यापार मंडल धौलछीना द्वारा यात्रियों को बिस्किट, नमकीन तथा पानी की बोतलें देकर कुछ राहत पहुंचाई गई। अब भी यहां पल्यूं बैंड से धौलछीना तक वाहन रेंग-रेंग कर ही निकल पा रहे हैं। वहीं बताया जा रहा है कि पुलिस अभी भी मौके पर नहीं पहुची है जिससे गाड़ियों को हटाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल बिग ब्रेकिंग: आकाशीय बिजली गिरने से आधा दर्जन छात्र-छात्राएं घायल

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 फरवरी 2020। सरोवरनगरी में शनिवार देर शाम हुई बारिश के दौरान बिजली गिरने से रैमजे हॉस्पिटल परिसर में चलने वाले बीडी पांडे जीएनएन यानी नर्सिंग कॉलेज के आधा दर्जन छात्र-छात्राओं के घायल होने की खबर है। छात्र-छात्राओं को तुरंत बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लाया गया। चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियर डा. एमएस दुग्ताल ने बताया कि पांच छात्र-छात्राओं को यहां लाया गया। इनमें से कुछ बेहोश, जबकि कुछ आकाशीय बिजली से जले हुए थे। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद छात्र-छात्राओं को होश आ गया है व उनकी हालत बेहतर है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम सात बजे के आसपास हुई बारिश के दौरान रैमजे चिकित्सालय परिसर स्थित जीएनएम कॉलेज के छात्रावास के पास खड़े देवदार के पेड. पर बिजली गिरी। इसे पेड़ की एक बड़ी शाखा छात्रावास की कांच की खिड़की पर गिरी। साथ ही बिजली का प्रकोप छात्रावास के भवन पर भी पड़ा। इससे छात्रावास के बिजली का मीटर भी जल गया। बिजली का प्रभाव इतना भयावह था कि छात्रावास के भीतर दरवाजे की चौखट में दरार आ गई, दीवार का प्लास्टर भी गिर गया। छात्राओं की चारपाई की चादर भी जल गई। गनीमत थी कि उस समय बिस्तर पर छात्राएं नहीं थी। घटना के समय छात्रायें ठंड होने की वजह से हीटर सेंक रही थीं। फिर भी पास में मौजूद तीसरे वर्ष में अध्ययनरत छात्राएं, हल्द्वानी निवासी किरन व भावना सूर्या, सोमेश्वर-अल्मोड़ा निवासी बबीता, शांतिपुरी निवासी काजल पांडा व बागेश्वर निवासी रेखा गोस्वामी घायल हुई हैं। एक छात्रा के सिर में गंभीर चोट आने की सूचना है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 फरवरी 2020। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार अगले दो दिन उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के ज्यादातर इलाकों में गरज और चमक के साथ बारिश हो सकती है। गढ़वाल के कई क्षेत्रों में शुक्रवार की रात को भी बारिश हो सकती है और ओले भी गिर सकते हैं। विभाग ने तीन हजार मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना भी जताई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार शुक्रवार शाम से मौसम में बदलाव होने लगेगा। देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में शुक्रवार शाम से बादल छा सकते हैं। रात को और शनिवार को कई जगह गरज और चमक वाले बादलों के साथ दो से तीन दौर की बारिश हो सकती है। साथ ही राज्य में एक मार्च को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर गरज और चमक के साथ हल्की बारिश भी होने की संभावना है। ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। दो मार्च को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। उस दिन उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। राज्य के अन्य इलाकों में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहेगा।

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ओलों से पटा बल्दियाखान के पास स्थित आड़ूखान गांव।

नवीन समाचार, नैनीताल, 23 फरवरी 2020। जिला-मंडल मुख्यालय में रविवार अपराह्न हुई बारिश के दौरान आसपास के आधा दर्जन गांवों में भीषण ओलावृष्टि हुई। सोमवार को भी इन गांवों में ओलों की मोटी परत पटी पड़ी है। खासकर बल्दियाखान के निकट का घाटी में स्थित आड़ूखान गांव।आड़ूखान गांव अभी भी ओलों से ढका हुआ है। यहां गेहूं, मटर एवं अन्य सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं पास के पापड़ी गांव में भी काफी नुकसान की खबर है, जबकि कूंण, नैनागांव एवं रूसी गांवों में भी नुकसान हुआ है। क्षेत्रीय निवासी एवं भीमताल विकास खंड के ज्येष्ठ प्रमुख हिमांशु पांडे ने बताया कि बीती शाम क्षेत्र में ताकुला से लेकर बल्दियाखान, बेलुवाखान, पटवाडांगर व देवीधूरा तक भीषण ओलावृष्टि हुई। इससे पूरे क्षेत्र में फसलों एवं फल-फूलों के साथ ही वन संपदा को भी नुकसान पहुंचा है। खासकर जिन गांवों में अच्छी खेती होती है, वहंा नुकसान अधिक है। क्षेत्रवासी नुकसान को दैवीय आपदा में शामिल कर मुआवजे भी मांग भी कर रहे हैं।

 

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फोटो (21.02.2020) : कुबेर डंगवाल

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 फरवरी 2020। शुक्रवार को पहाड़ों पर मौसम का मिजाज बदल गया है। रात्रि से ही लगातार तेज बारिश हो रही है। नगर की ऊंची नैना पीक, लड़ियाकांठा की पहाड़ियों में बर्फबारी भी हुई है। ठीक शिवरात्रि के दिन हो रही ऐसी बारिश-बर्फ़बारी से आम जनजीवन तो हल्का प्रभावित हुआ है, और बारिश के शिवरात्रि एवं महादेव के प्रभाव से ही जोड़ कर देख रहे हैं, वहीं भोले के भक्त मस्त हैं। वे सुबह ही नहा-धोकर शिवालयांे में शिर्वाचन के लिए पहुंच रहे हैं। महिला श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी है। नैनीताल की आराध्य देवी नयना देवी के मंदिर स्थित शिवालय में भी काफी श्रद्धालु पहुंचे हैं, वहीं ठंडी सड़क स्थित पाषाण देवी एवं कृष्णापुर स्थित गुफा महादेव मंदिर में भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की खबर है।

उधर, भीमताल-जंगलियागांव से आगे कैलाश पर्वत की ही प्रतिकृति नजर आने वाले ऊंचे पहाड़ पर स्थित ‘छोटा कैलाश’ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होने की सूचना है। श्रद्धालु यहां वर्ष में केवल एक दिन-महाशिवरात्रि को लगने वाले मेले के लिए पहली शाम से ही जुट जाते हैं और पूरे दिन बिना किसी छत जैसी सुविधा के टेंट लगाकर शिव के भक्ति में रमते हैं। इस रात्रि कई बार वर्षा होती है। इस वर्ष भी हुई है। इसे शिव का विशेष आर्शीवाद माना जाता है और असुविधा की परवाह किए बिना श्रद्धालु यहां शिवार्चन में लगे रहते हैं। महाशिवरात्रि के दिन हल्द्वानी, रानीबाग, अमृतपुर और भीमताल, जंगलियागांव की ओर से यहां पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं व वाहनों का तांता लगा रहता है। इस वर्ष भी भारी बारिश के बीच यहां श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखे जाने की खबर है। इस वर्ष क्षेत्रीय विधायक की अगुवाई में कुछ निर्माण कार्य किये जाने से भी कुछ राहत मिली है।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में फिर बर्फबारी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जनवरी 2020। सरोवनगरी में बृहस्पतिवार दोपहर से हो रही बर्फबारी के बाद रात्रि में भारी वर्षा के साथ नैना पीक, कैमल्स बैक, टिफिन टॉप, स्नो व्यू व लड़ियाकांठा की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर काफी बर्फबारी हुई है। वहीं शहर में रात्रि से हो रही बारिश अब भी लगातार जारी है। नगर में तापमान 2 डिग्री तक गिर गया है और काफी ठंड महसूस की जा रही है। लोग जरूरी कामों के लिए ही घर से बाहर निकल पा रहे हैं। झील नियंत्रण कक्ष के अनुसार नगर के स्नोव्यू स्थित वर्षा मापक यंत्र के अनुसार बीते 24 घंटों में नगर में 50.4 मिमी बारिश और एक इंच बर्फबारी हुई है। इससे नैनी झील के जलस्तर में 5.5 इंच की बढ़ोत्तरी हुई है। झील का जल स्तर बृहस्पतिवार को 5 फिट सात इंच था जो शुक्रवार सुबह तक बढ़कर 6 फिट आधा इंच हो गया है, और इसमें बढ़ोत्तरी जारी है। बिजली के आने-जाने का सिलसिला चल पड़ा है। बिजली जितनी देर आ रही है, उससे अधिक देर के लिए जा रही है।

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उत्तराखंड में हिमपात का 25 साल का रिकाॅर्ड टूटा, ग्लेशियर हुए रिचार्ज

मनमीत सिंहउत्तराखंड की पहाडियों में इस बार रिकाॅर्ड बर्फबारी हुई है। ग्लेशियरों में इस बार अभी तक लगभग 54 फीट तक बर्फ की मोटी चादर बिछ चुकी है। आगे भी 13 और 14 जनवरी को फिर से भारी हिमपात होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 साल पूर्व 1995 में 1000 मीटर की उंचाई तक हिमपात हुआ था। उसके बाद सन 2000 में 1200 मीटर तक हिमपात हुआ। वहीं इस बार फिर से 1000 मीटर तक हिमपात हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमपात मेें हुई बढोतरी का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) का सर्दियों में उत्तराखंड की तरफ ज्यादा मूवमेंट है।

पिछले एक दशक से उत्तराखंड में ग्लेशियरों के पिघलने की रफ़तार तेजी से बढ रही थी। लेकिन पिछले और इस साल मौसमी चक्र ने इस रफ्तार को थाम लिया है। बर्फबारी का सामान्य अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केदारनाथ में अमूमन हर साल लगभग 30 से 35 फीट तक बर्फबारी होती थी। लेकिन 2019 में 54 फीट हिमपात हुआ। वहीं इस बार ये आकंड़ा और ऊपर जाने का संभावना है। क्योंकि जनवरी में ही केदारनाथ में कुल 40 फीट से ज्यादा हिमपात हो चुका है।वाडिया हिमालय भू-वैज्ञानिक संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक व ग्लेशियर विषेशज्ञ डा डीपी डोभाल बताते हैं कि हम पिछले साल से हिमालय में पड़ रही ज्यादा बर्फबारी को मानिटरिंग कर रहे हैं। ये एक नया तरह का पैटेर्न है। मौसम ने इस बार भी इसका दोहराया है। अगर अगले पांच सालों तक हिमपात ऐसा ही होता रहा तो ये हिमालय के ग्लेशियरों में नई जान फूंक देगी। जो पूरे भारत के जलवायू और मौसम के लिये अच्छा संकेत साबित होगा। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह बताते हैं मौसम का चक्र पिछले साल से बदला है। पिछले साल को अगर छोड़ दिया जाये तो उत्तराखंड में हिमपात 1800 मीटर तक ही सिमट गया था। लेकिन पिछले साल और इस साल हिमपात 1100 मीटर तक हुआ है। उत्तरकाशी में बड़कोट, पुरौला, त्यूणी, नई टिहरी में भागीरथी पुरम और देहरादून में ही मसूरी के काफी नीचे तक हिमपात हुआ है। पिछले साल मार्च तक हिमपात हुआ था। लेकिन इस साल जनवरी सात और आठ के हिमपात में ही भारी हिमपात हुआ है। अभी मार्च तक कई बार हिमपात होने की संभावना है। इस साल पिछले साल का भी रिकाॅर्ड टूट सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह बताते हैं कि उत्तराखंड में 90 प्रतिशत तक बारिश और हिमपात पश्चिमी विक्षोभ के कारण होता है। पश्चिमी विक्षोभ भू-मध्य सागर से उठता है और बादल बनकर हिमालच की पहाडियों से टकराता है। जिसके बाद उच्च हिमाचल और मध्य हिमालय को अच्छी बारिष और हिमपात मिलता है। पश्चमी विक्षोभ हिंदू कुश की पहाड़ियों के ऊपर से कई बार मध्य एशिया की ओर भी मूवमेंट कर देता है। लेकिन इस बार इसका मूवमेंट ज्यादा हिमालय की ओर है। उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के निदेशक प्रो. एमपीएस बिष्ट बताते हैं कि उत्तराखंड में पिछले साल से मौसमी चक्र में हुए बदलाव के कारण जो हिमपात हुआ। उससे राज्य में हिमपात का कैचमेंट एरिया बढा है। हमने इस पर सैटेलाइट मैपिंग के जरिये रिसर्च किया है। धौलीगंगा बेसिन, गंगा बेसिन, यमुना बेसिन, गौरीगंगा बेसिन और अलकनंदा बेसिन में 20 प्रतिषत तक बर्फ का कैचमेंट एरिया बढा है।

कई इलाकों में 25 साल बाद हिमपात
राज्य के कई इलाकों में 25 साल बाद हिमपात हुआ है। इसमें मुख्य रूप से टिहरी और उत्तरकाशी के गांव है। टिहरी में मुसान गांव में 25 साल बाद हिमपात हुआ। जबकि उत्तरकाशी के बडकोट में भी आखिर बार हिमपात 1998 में हुआ था। मसूरी में इस बार डेढ फीट तक हिमपात हुआ। आखिरी बार सन 2000 में मसूरी में इतनी बर्फबारी हुई थी। 2014 में एक फीट हिमपात हुआ था। नैनीताल में भी 15 साल पूर्व ऐसा हिमपात हुआ था। मुक्तेस्वर और धानाचुली में भी रिकाॅर्ड हिमपात हुआ है। (हिन्दी वैब पत्रिका ‘डाउन टू अर्थ’ से साभार)

यह भी पढ़ें : इधर भी हिमालय, उधर भी हिमालय, स्नोमैन-स्नोवूमन के बाद शिव पुत्र गणेश बने हिम देव

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जनवरी 2020। सरोवरनगरी में गत 8 जनवरी की रात्रि हुई भीषण बर्फबारी को हालांकि तीन दिन हो गए हैं, और तब से लगातार धूप भी खिल रही है, बावजूद नगर में बर्फ के बेहद सुंदर नजारे दिखने का सिलसिला थमा नहीं है। नगर के हिमालय दर्शन पर्यटन स्थल के पास जहां आम तौर पर सैलानी हिमालय के दर्शन करने जाते हैं, वहां खुद हिमालय जैसा नजारा है। वहां हर कोई यही कह रहा है, ‘इधर भी हिमालय, उधर भी हिमालय’। (फोटो: कुबेर सिंह डंगवाल)

सोशल मीडिया से

 

बृहस्पतिवार को बर्फबारी के बाद लोगों द्वारा माल रोड पर बनाए गए 8 फिट ऊंचे स्नो मैन के साथ फोटो खिंचवाते सैलानी।

स्नोमैन-स्नोवूमन के बाद शिव पुत्र गणेश बने हिम देव: महादेव शिव का वास हिमालय पर्वत पर माना जाता है। लेकिन नगर में हिमपात के लोगों ने नये-नये प्रयोग करते हुए बर्फ के शिव लिंग के साथ बर्फ से शिव के पुत्र गणेश भगवान की मूर्ति भी बना डाली है। ऐसी ही एक खूबसूरत मूर्ति नगर के शेरवानी क्षेत्र में पत्रकारिता की छात्रा हिमानी रौतेला ने बनाई है, जबकि बर्फ से गणपति की एक अन्य मूर्ति नयना देवी मंदिर में भी बनाई गई है।

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यह भी पढ़ें : पूरे दिन खिली धूप के बावजूद ऐसे बुरे रहे नैनीताल के हालात

-देर रात्रि तक चरमरायी रही विद्युत व्यवस्था, आधा दर्जन से अधिक लोग बर्फ में फिसलने की वजह से चोटिल होकर पहुंचे, बर्फ रही मौजूद, सैलानियों ने लिया जमकर आनंद

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जनवरी 2019। सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में शुक्रवार को पूरे दिन चटख धूप खिली, इसके बावजूद नगर में बर्फ की मौजूदगी बनी रही। इधर बर्फ से पटी सड़कों पर चलने के दौरान लोगों के फिसलने-चोटिल होने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डा. हाशिम अंसारी ने बताया कि दो दिनों में आठ लोग बर्फ में फिसलने से चोटिल होकर पहुंचे। आज भी चार चोटिल अस्पताल पहुंचे। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इधर लोगों ने प्रशासन पर नगर के वीआईपी लोगों से संबंधित मार्गों से ही जेसीबी के माध्यम से बर्फ हटाने और आम लोगों के मार्गों से बर्फ न हटाने के आरोप भी लगाए। इस बारे में लोग राजभवन व एटीआई रोडों से जल्दी बर्फ हटाने जबकि शेरवानी व चिड़ियाघर रोडों से बर्फ न हटाने के भी आरोप लगाते रहे। यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी गर्म रहा। वहीं देर रात्रि तक नगर की विद्युत व्यवस्था चरमरायी रही।

इधर बर्फ में आनंद लेने के लिये काफी संख्या में सैलानी नगर में पहुंचे, और उन्हें इसके लिये नगर के बाहरी-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ा, बल्कि शहर में ही, फ्लैट्स मैदान, बोट हाउस क्लब के सामने के नगर पालिका गार्डन व नगर पालिका के पीछे के पार्क सहित अनेक स्थानों पर इतनी बर्फ मिल गई कि वे यहां आराम से खूब खेल पाए। आज पुलिस ने सैलानियों को उनके वाहनों के साथ आने से भी नहीं रोका, लिहाजा वे आराम से शहर में आ पाए। इधर धूप की वजह से घरों की छतों से दिन भर बर्फ का पानी टपकता रहा। इससे नैनी झील में भी पानी पहुंचता रहा, अलबत्ता आज झील का जल स्तर ना ही बढ़ा, और ना ही गिरा। वरन अपने कल के स्तर पर ही स्थिर रहा। इधर शहर में पूरे दिन बिजली आती जाती रही। अलबत्ता विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता एसएस उस्मान ने अपराह्न में पूछे जाने पर दावा किया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की 95 फीसद लाइनें दुरुस्त कर ली गई हैं। नगर के सिल्वरटन क्षेत्र में बिजली की लाइनों पर 3 पेड़ गिरे थे। इस लाइन को ठीक किया जा रहा है। बिड़ला एवं शेरवुड कॉलेज सहित सभी क्षेत्रों में भी शाम तक आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि लाइनों को जोड़ने के दौरान शट-डाउन लेने की वजह से बिजली आती-जाती रही। अलबत्ता देर रात्रि तक भी बिजली के आने का कम, जाने का अधिक सिलसिला जारी है।

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4-5 दशक की सर्वाधिक बर्फबारी, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में डेढ़ तो निचले क्षेत्रों में आधा फिट तक हुई बर्फबारी
नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जनवरी 2020। सरोवर नगरी नैनीताल में करीब 4 दशक से भी अधिक लंबे समय बाद हुए भारी हिमपात के बाद बृहस्पतिवार सुबह धूप खिलने पर चांदी व सोना एक साथ बिखरे नजर आया। प्रकृति की अद्भुत-अप्रतिम नेमत श्वेत-धवल चांदनी सी लकदक बर्फ पर सुबह की सुनहरी धूप का नजारा जिसने भी देखा, हमेशा के लिए उसे अपनी स्मृतियों में बसाने के लिए कैमरों में कैद कर लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने पिछले 2-3 दशकों में ऐसा हिमपात कभी नहीं देखा। नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में डेढ़ तो निचले क्षेत्रों में आधा फिट तक बर्फ जमी हुई देखी गई। माल रोड पर भी सुबह करीब आधा फिट बर्फ थी।

इस कारण सड़कों पर वाहन नहीं चल पाए। इस पर प्रशासन को नगर से 3-3 किमी पहले हनुमानगढ़ी व बारापत्थर से सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगानी पड़ी। इसके बाद मुख्य मार्गों पर वाहन चल पाए, लेकिन आंतरिक मार्गों पर यातायात कमोबेश ठप रहा। बारापत्थर में होली एंजिल स्कूल के पास सहित कई जगह सड़को पर पेड़ व बिजली के पोल टूट कर गिर जाने से यातायात के साथ बिजली भी गुल हो गई। माल रोड पर स्थित कन्नू सुयाल के घर के पीछे गिरे विशाल पेड़ की वजह से घर की दीवार ध्वस्त हो गई और पत्थर घर के भीतर आ गए। वहीं दूर-दूर से आये सैलानियों व नगर वासियों ने ऐतिहासिक बर्फबारी का जमकर आनंद लिया, वहीं लोग ठंड में ठिठुरते भी नजर आए और बिस्तर या अलाव का सहारा लेते नजर आए। देर शाम विद्युत विभाग के कर्मियों की कड़ी मेहनत से विद्युत आपूर्ति कुछ निचले इलाकों में सुचारू हुई लेकिन इसके बाद भी फॉल्ट आने से बिजली आती-जाती रही।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जनवरी 2019। सरोवरनगरी नैनीताल एवं मुक्तेश्वर सहित नजदीकी पूरे पर्वतीय क्षेत्रों में रात्रि में भारी बर्फबारी हुई है। इससे सुबह जमीन के साथ ही पेड़ों पर काफी मात्रा में बर्फ लकदक नजर आ रही है। इससे ऊपरी ही नहीं निचले पर्वतीय क्षेत्रों में भी प्रकृति का बेहद ही सुंदर श्रृंगार हुआ है।

दृश्य इतने सुंदर हैं कि कई वर्ष पूर्व में होने वाले हिमपात की यादें ताजा कर रहे हैं। अलबत्ता, पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड भी काफी बढ़ गई है, और रास्तों में फिसलन भी काफी है। ऐसे में ठंड से बचने के पर्याप्त प्रबंध करके ही आने और वाहनों को सावधानी से चलाने की सलाह दी जा रही है। नगर की कुछ सड़कों बर्फ हटाने के लिए जेसीबी मशीनें मंगवानी पड़ी हैं, और उन्होंने बर्फ हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।

देखें बर्फबारी की ताजा तस्वीरें :

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नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जनवरी 2019। सरोवरनगरी में बर्फबारी, बारिश-ओलावृष्टि व ठंड के साथ सैलानियों की रौनक का सिलसिला जारी है। नगर में शनिवार अपराह्न अच्छी बर्फबारी हुई है, इससे पूरे नगर में सफेदी की चादर बिछ गई है। नगर में पहुंचे सैलानियों ने सामने होते हिमपात का जमकर आनंद उठाया। इससे पहले सुबह भी नगर के तल्लीताल क्षेत्र में शुक्रवार शाम पड़े ओलों से तल्लीताल फांसी गधेरा, जिला कलक्ट्रेट रोड पर शनिवार दोपहर तक ओलों की सफेद चादर दिखाई दी। इससे अमीर वर्ग, नगर के पर्यटन व्यवसायियों में खुशी की लहर है। सैलानी भी आनंदित हो रहे हैं। वहीं कमजोर आय वर्ग के गरीब लोगों के लिए यह सबसे बुरा समय है। दैनिक दिहाड़ी पर काम कर अपना परिवार पालने वाले लोग काम पर नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें काम भी नहीं मिल रहा है, वहीं ठंड से बचने का प्रबंध न होने के कारण उनकी जान पर बन आई है। नगर में अलाव भी नहीं जल रहे हैं। इसलिए बर्फबारी उनके लिए किसी दुःख खबरी से कम नहीं है। नगर में बिजली गुल हो गई है। इंटरनेट सेवा भी बाधित हो गई है। 

वहीं शनिवार अपराह्न एक बजे के करीब फिर से हिमकण गिरने लगे और इसके बाद अच्छी बर्फबारी हुई। इससे नगरी ठंड की चपेट में है। आगे रात्रि में भी बर्फबारी होने की संभावना है। जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ हल्द्वानी में भी बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 8 व न्यूनतम दो डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं आगे रविवार को तापमान कें 10 व 3, सोमवार को 8 व 2 तथा मंगलवार को 7 व 1 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में भी नगर में बर्फबारी देखने की उम्मीद में सैलानियों के अच्छी संख्या में पहुंचने का सिलसिला जारी है। इससे नगर में अच्छी रौनक भी नजर आ रही है।

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-दशकों बाद दिसंबर के पहले पखवाड़े में ही ओढ़ी बर्फ की चादर

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 दिसंबर 2019। सरोवर नगरी नैनीताल में लगातार दूसरी शुक्रवार की पूरी रात प्रकृति बारिश के साथ अपनी सबसे प्यारी नेमत बर्फ के रूप में बरसाती रही। इससे शहर को जैसे अधिक ठंड के साथ मोटी ‘चांदी की चादर’ ओढ़नी पड़ी है। शनिवार सुबह तक नगर के मल्लीताल क्षेत्र में भी करीब एक से डेढ़ इंच तक तक हिमपात हुआ है। हालांकि बारिश ही होने के साथ बर्फ पिघलती भी रही है। साथ ही गनीमत यह भी रही कि रात्रि में आसमान साफ नहीं हुआ, इससे पाला नहीं पड़ा है। अन्यथा सुबह तक सड़कों-रास्तों पर पाले की फिसलन की वजह से चलना मुश्किल हो जाता।

उल्लेखनीय है कि नगर में करीब दो दशक से भी लंबे समय बाद दिसंबर के पहले पखवाड़े में बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी से कड़ाके की ठंड होने के बावजूद सभी के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष आगे भी बर्फबारी होती रहेगी और भरपूर संख्या में सैलानी आएंगे। बर्फबारी के बाद नगर में सैलानियों की आमद भी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि पहले दिन सैलानियों की संख्या काफी सीमित रही और जो सैलानी पहुंचे भी थे, उन्हें बारिश-बर्फबारी ने बाहर निकलने का मौका नहीं दिया। आज उम्मीद की जा रही है कि काफी संख्या में सैलानी नगर में पहुचेंगे।
बर्फबारी नगर की आर्थिकी के साथ ही पारिस्थितिकी तथा नैनी झील के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक मानी जा रही है। बर्फबारी को निकटवर्ती फल पट्टी में होने वाले सेब एवं अन्य फल-फूलों के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है। जनपद के मुक्तेश्वर, गागर सहित अन्य निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में भी काफी बर्फबारी हुई है। बर्फबारी व बारिश के साथ आई कड़ाके की ठंड से जन जीवन प्रभावित हुआ है। बिजली भी आती-जाती रही है। मुक्तेश्वर के कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। कई जगह मोबाइल नेटवर्क भी परेशान कर रहे हें। अलबत्ता हिमपात से अन्य किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

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-इस वर्ष जमकर होगी शीतकालीन बारिश और पढ़ेगी कड़ाके की ठंड: प्रो. कोटलिया

प्रो. बहादुर सिंह कोटलिया

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2019। कुमाऊं विवि के भूविज्ञान विभाग में दीर्घकालीन मौसम पर शोधरत यूजीसी के वैज्ञानिक प्रो. बहादुर सिंह कोटलिया का कहना है कि इस वर्ष उत्तराखंड में कमजोर मानसून के बाद अच्छी शीतकालीन बारिश, बर्फबारी और ठंड पड़ेगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में शीतकालीन बारिश का प्रमुख कारण माना जाने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस वर्ष दो तरह से सक्रिय बना हुआ है। एक में जम्मू-कश्मीर व दूसरे में अफगानिस्तान में कम हवा का दबाव बना हुआ है। इन दोनों के प्रभाव से यहां काफी शीतकालीन बारिश, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और कड़ाके की ठंड पड़ेगी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 10-11 अक्टूबर को हुई मानसूनी बारिश की वजह से हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो गई थी। इसके कारण आर्द्रता भी अधिक बनी रही, जो ठंड में वृद्धि कर सकती है। अलबत्ता, उन्होंने बताया कि ठंड के लिए जिम्मेदार मानी जाने वाली प्रशांत महासागर की सर्द ‘ला नीना’ हवाएं इस वर्ष अगस्त माह में ही निष्क्रिय हो चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में इस वर्ष देश के पूर्वाेत्तर राज्यों में कम शीतकालीन वर्षा होने की उम्मीद भी जताई। ऐसा इसलिए कि पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तराखंड व नेपाल सीमा तक ही समाप्त हो जाता है। वहां बारिश व ठंड कम होगी।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2019। सरोवनगरी में भी बृहस्पतिवार से ठंड का आगाज हो गया। नगरी को आज सुबह तड़के ही ऐसी बर्फीली ठंड लगी कि उसने सफेद चांदी सी चादर ही ओढ़ ली। जी हां, नगर में आज जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। ऐसी ओलावृष्टि कि सड़कों पर ओलों की मोटी परत बिछने के कारण नगर में वाहनों का यातायात ही ठप हो गया।

खासकर नगर की अपर व लोवर माल रोड तथा राजभवन रोड पर तो बहुत ही बुरी स्थिति रही। इस कारण सुबह छोटी कक्षाओं के नन्हे बच्चों को भी वाहन न चल पाने के कारण वाहन छोड़कर करीब एक किमी की खड़ी चढ़ाई पैदल ही नापनी पड़ी। अन्य दिन महंगी निजी-सरकारी गाड़ियों में इकलौते बच्चों को लेकर भी फर्राटे भरने वाले लोग भी बच्चों के साथ सड़क पर आ गए और एक-एक कदम संभलकर रखते हुए चढ़ते नजर आये। बाद में नौ बजे के करीब कुछ पलों के लिए सूर्यदेव भी मानो चिढ़ाते नजर आये और फिर छुप गए। आगे भी नगर में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

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-रामनगर में कोसी चेतावनी के स्तर पर पहुंची

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अगस्त 2019। उत्तराखंड मौसम विभाग की उच्च स्तरीय चेतावनी के साथ प्रदेश भर में हो रही भारी बारिश के बीच नैनीताल जनपद से भी डरावनी तस्वीरें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पहाड़ से बम के गोलों की तरह पत्थर बरसते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो आज का ही और अल्मोड़ा एनएच का बताया जा रहा है, प्रत्यक्षदर्शियों ने वहां भौया बैंड पर ऐसा ही भूस्खलन होने का दावा भी किया है, परंतु यह वीडियो किसने बनाया और क्या यह आज का ही है, इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। वहीं खैरना चौकी की प्रभारी एसआई आशा बिष्ट ने बताया कि भौया बैंड पर रात्रि में ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच बड़ा भूस्खलन हुआ है। सुबह खैरना पुलिस ने मौके पर जाकर मलबा हटवाया। अलबत्ता उन्होंने सुबह से बड़े भूस्खलन की सूचना से इंकार करते हुए और वायरल वीडियो को दिन का बताते हुए इसके आज के ही होने की पुष्टि नहीं की। साथ ही उन्होंने फिलहाल मार्ग खुला होने की जानकारी भी दी। अलबत्ता, बेहद खतरनाक तरीके से 90 डिग्री के कोण पर काटे गए इस मार्ग पर बरसात के दौरान आवागमन खतरनाक बना हुआ है। वहीं बारिश के कारण जिले की सैनिटोरियम-सिरोड़ी, घुघुखान सौड़, नैनीताल बाइपास, पंगोट कुंजखड़क, कोशी बैराज तल्ली सेठी राजमार्ग, सिमलखेत सानना, डोला न्याय पंचायत, बोहरा गांव-देवीधूरा, घोड़ाखान-धुलई, सिल्टोना बजेड़ी, पहरियाधार सुरंग, कालापातल सलियाताल, पतौली जोशीखोला व भुजान बेतालघाट राज्य मार्ग बंद हो गये हैं। इधर मुख्यालय में कृष्णापुर के हाजी चंुगी स्टेट में हुसैन अली के घर के रास्ते की दीवार टूटने सहित जगह-जगह भूस्खलन की खबरें हैं।

राजभवन रोड पर नयना मंदिर के करीब ठीक ऊपर पिछले वर्ष हुए भूस्खलन की जगह करीब 10 माह बाद बमुश्किल बनाई गयी दीवार पहली बारिश भी नहीं झेल पाई है, और भरभराकर गिर गयी है। खास बात यह भी है कि यहां ऊपर से कोई बड़ा भूस्खलन नजर नहीं आ रहा है। केवल दीवार ही गिरी है। ऐसे में माना जा रहा है कि इसे बारिश ने नहीं ‘भ्रष्टाचार’ ने गिराया है। उधर जनपद के रामनगर में कोसी नदी का जल स्तर 10 हजार क्यूसेक के चेतावनी के स्तर को पार करके 10376 क्यूसेक के स्तर पर पहुंच गया है। इधर हल्द्वानी रोड पर रानीबाग से आगे रपटे में पानी आने से वाहन दोनों ओर फंस गये हैं। इस मार्ग पर कई अन्य जगह भी सड़क पर भूस्खलन से मलबा आ गया है।

अंडरग्राउंड या ओवरहैंग लाइनें हो सकती हैं समाधान, 340 करोड का है प्रस्ताव

नैनीताल। हमेशा ही आंधी-तूफान तथा ओलावृष्टि व बर्फबारी की संभावना वाले एवं वीआईपी शहर नैनीताल नगर को अंग्रेजी दौर से ही बिजली की कटौती से मुक्त रखा जाता था। तब यहां लाइनें भी नई व मजबूत थीं, तथा नगर की जनसंख्या का दबाव भी कम था। किंतु उत्तराखंड राज्य बनने के बाद कुछ वर्षो राज्य में बिजली की कमी की स्थितियों में नगरवासियों को बिजली की कटौती भी झेलनी पड़ी। किंतु इधर कटौती तो समाप्त हो गयी किंतु पिछले एक-दो वर्षों से नगर में मौसम की हल्की खराबी पर भी बिजली जाने की समस्या आम हो गयी है। अब करीब हर रोज ही यहां किसी न किसी कारण से बिजली आती-जाती रहती है। विद्युत विभाग के ईई सैयद शिराज उस्मान ने बताया कि नगर के तल्लीताल क्षेत्र की आपूर्ति 1990 में बने पाइंस और मल्लीताल की आपूर्ति 1977 में बने सूखाताल बिजलीघर से होती है। यह लाइनें अब बेहद पुरानी व जीर्ण-शीर्ण हो गई हैं। लिहाजा सारी लाइनों की बदले जाने की जरूरत है। इसके लिये प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजा जा रहा है। वहीं वहीं संवेदनशील स्थानों, खासकर घने वन क्षेत्र से गुजरने वाले क्षेत्रों में लाइनों को ओवरहैंग अथवा अंडरग्राउंड करने से समस्या का समाधान हो सकता है, परंतु ऐसा करना काफी महंगा बताया जा रहा है।
इस समस्या के समाधान के लिए करीब एक दशक पहले भी तत्कालीन अधिशासी अभियंता एचके गुरुरानी के द्वारा जिला योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया था, जो स्वीकृत नहीं हुआ। इधर अधिशासी अभियंता श्री उस्मान ने बताया कि पुनः करीब 340 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है। बताया कि नैनीताल के साथ देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी व काशीपुर के लिए भी अंडरग्राउंड केबल के प्रस्ताव गये थे, परंतु यह कार्य काफी महंगा होने के कारण केवल हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र के लिए ही प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। वहीं नगर में ओवरहेड केबल डालने के लिए केवल 50 लाख रुपये मिले थे, जिससे नगर के अयारपाटा, सात नंबर सहित जहां लाइनों पर पेड़ गिरने अथवा बंदरों के कूदने की संभावना थी वहां ओवरहेड केबल डाली जा चुकी है। लेकिन समस्या का पूरा समाधान नहीं हुआ है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2019। मुख्यालय में बीती रात्रि से ही शनिवार को मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान पहले सुबह और फिर अपराह्न में आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश हुईं इस कारण पहले सुबह तड़के 3 से 5 बजे के बीच नगर के मल्लीताल जय लाल साह बाजार में शिव मंदिर के पास स्थित एक पांच मंजिला भवन का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। भवन दशकों पुराना एवं बेहद जीर्ण शीर्ण था। बताया गया है कि भवन नगर के व्यवसाई मदन लाल साह का था। भवन को लेकर पारिवारिक विवाद की बात भी प्रकाश में आ रही है, जिस कारण नगर पालिका से बरसों पहले से लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद भवन स्वामी इसे ध्वस्त नहीं कर रहे थे और संभवतः इसके खुद-ब-खुद ध्वस्त होने की ही प्रतीक्षा कर रहे थे।
शनिवार सुबह नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी के द्वारा सूचना दिए जाने पर नगर पालिका के ईश्वर दत्त बहुगुणा अपनी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे और ध्वस्त भवन का मलबा सड़क से साफ करवाया। आगे भी भवन के बड़े हिस्से के गिरने की संभावना बनी हुई है। इधर अपराह्न में आंधी-तूफान के साथ आई मूसलाधार बारिश से कई घरों की टीन उड़नेे व घरों में पानी आने की सूचनाएं हैं। माल रोड पर जगाती होटल की छत पर बिजली की लाइन को क्षतिग्रस्त करते हुए सहित कई स्थानों पर कम से कम तीन पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। इसके साथ ही नगर में बिजली भी गुल हो गई है। उधर हल्द्वानी रोड पर हनुमानगढ़ी एवं ज्योलीकोट के निकट पुलिस चौकी के पास सहित कई स्थानों पर कई विशालकाय पेड़ों के सड़क पर आ गिरने से यातायात भी अवरुद्ध रहा। आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि चार-पांच पेड़ गिरे थे, जिन्हें जेसीबी की मदद से हटा लिया गया है।

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-मूसलाधार बारिश से हाईकोर्ट के पास विशाल वृक्ष कार व बिजली की लाइन पर गिरा, यातायात-विद्युत आपूर्ति बाधित
वीन समाचार, नैनीताल, 25 जून 2019। मंगलवार अपराह्न की बारिश से नगर के मल्लीताल क्षेत्र में
उच्च न्यायालय के पास चीना बाबा चौराहा से मेट्रोपोल पार्किंग की ओर जाने वाले मार्ग पर एक विशाल वृक्ष बिजली की लाइन को अपने साथ जमीन पर आ गिरा। एक कार भी भारी भरकम पेड़ के नीचे दब गयी। इससे मस्जिद तिराहे की ओर ‘वन-वे’ व्यवस्था के तहत चलने वाला यातायात और शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी ठप हो गयी। भारी बारिश की वजह से राहत कार्य भी जल्दी शुरू नहीं हो पाये। घटना में हरियाणा के सैलानियों की बिलकुल नई, बिना पंजीकरण अस्थाई नंबर से ही चल रही कार संख्या एचआर26-टीएमपी508012 बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना के समय कार के भीतर कार का चालक था, जो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अलबत्ता वह काफी डरा हुआ है। जाने कैसे उसे न पेड़ के गिरने से ही चोट आई और न बिजली का करंट ही लगा। वहीं, पेड़ की टहनियों से पास में एक कबाड़ी की दुकान भी क्षतिग्रस्त हुई है। बताया गया है कि आज गिरा बांज का विशाल पेड़ बीएसएनएल एक्सचेंज के परिसर में खड़ा था। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र बिष्ट ने बरसात के मौसम में खतरे को देखते हुए गिरताऊ पेड़ों को चिन्हित करने की मांग की है। 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2019। वर्ष 2013 में उत्तराखंड में बौंखलाए जून की यादें रविवार शाम एक हद तक भी दोहराती नजर आईं। प्रदेश के चमोली जिले में बादल फटने से केदारनाथ मार्ग पर लामबगड़ के रामगधेरी नाले के मलबे से करीब आठ हेक्टेयर भूमि तबाह होने की खबर है, वहीं बागेश्वर तथा अल्मोड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में माईथान-चौखुटिया मार्ग 100 मीटर तक ध्वस्त होने तथा मलबे की चपेट में आने से एक 80 वर्षीय बुजुर्ग बादर सिंह पुत्र मदन सिंह निवासी लामबगड़ की मौत हो गयी है।  यहां रामगंगा नदी के उफनने से खीड़ा गांव में तीन गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने और कई जानवरों के मारे जाने की भी खबर है।

भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए रविवार दोपहर बाद मौसम ने ऐसे गियर बदला कि कई जगह जबर्दस्त अंधड़ तथा गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इससे गर्मी से परेशान लोगों को कुछ हद तक राहत पहुंची। लेकिन प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में बिजली भी गुल हो गई। इधर नैनीताल मुख्यालय में राजभवन रोड पर सेंट मेरीज कॉन्वेंट कॉलेज के पास एक विशाल पत्थर सड़क पर आ गया। इस दौरान माल रोड के वाहनों के लिए बंद होने के बाद वाहन इसी मार्ग से गुजर रहे थे, लिहाजा मार्ग पर बड़ा जाम लग गया। वहीं अंधड़ से मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर खैरना चौराहे पर कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह के ठीक सामने एक पॉपुलर के पेड़ की टहनियां हाईवे पर आ गिरी। इससे विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, और विद्युतापूर्ति ठप हो गई। साथ ही हाईवे पर भी घंटे भर आवाजाही ठप रही। कई लोग टहनियां गिरने से बाल-बाल बचे। तेज अंधड़ के बाद बारिश के बाद हाईवे पर पाडली, रातीघाट दोपाखी आदि क्षेत्रों में भी पत्थर गिरे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मार्च 2019। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फिर ताजा हिमपात और निचले इलाकों में बारिश होने से मौसम में ठंडक बनी हुई है। राज्य मौसम केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के उंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात हुआ है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, मनुस्यारी आदि प्रदेश के ऊंचे इलाकों में ज्यादा बर्फबारी होने की खबर है। केदारनाथ में 14 और बद्रीनाथ में 6 फुट बर्फ होने के समाचार हैं। वहीं रविवार को देहरादून और आसपास के मसूरी जैसे पहाड़ी इलाकों में जमकर जो नैनीताल-हल्द्वानी एवं आसपास के क्षेत्रों में सुबह बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में अगले एक-दो दिनों में भी हल्की बारिश हो सकती है ।
इधर पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. आरके सिंह के अनुसार इस बार उत्तराखंड में फरवरी में आठ बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बीते 15 साल का रिकॉर्ड टूटा है। उनके अनुसार सामान्यतः उत्तराखंड में फरवरी में चार बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है। मगर इस बार ‘आर्कटिक ब्लास्ट’ के चलते फरवरी में बीते 15 साल के सभी रिकॉर्ड धराशायी हो गये हैं। इस बार फरवरी में आठ बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिसके चलते उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में छह बार बर्फबारी और आठ बार हल्की और मध्यम से लेकर तेज बारिश हो चुकी है। उनके अनुसार फरवरी में उत्तराखंड में सामान्य तौर पर 30 मिमी बारिश होती है। मगर इस बार 38 मिमी. बारिश के साथ ही छह बार उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो चुकी है। जानकार इसके लिए आर्कटिक ब्लास्ट को जिम्मेदार मान रहे हैं। डॉ. सिंह ने मौजूदा मार्च में भी दो से तीन बार पश्चिमी विक्षोभ हवाओं के सक्रिय होने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में बुधवार को लगातार दूसरी सुबह भी नजारे बेहद शानदार हैं।  नगर के निचले क्षेत्रों में भी  करीब 1 इंच बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है। बीती रात्रि भी नगर में खामोशी के साथ अच्छी बर्फबारी हुई है। नैना पीक, कैमल्स बैक, बिरला, स्नो व्यू व लड़ियाकांटा की पहाड़िया बर्फ से लकदक पटी हुई हैं। अभी भी हल्की बर्फबारी जारी है। बीती शाम सेे ही बिजली गुल है।ऐसे में परेशानियां भी कम नहीं हैं, क्योंकि मंगलवार से ही नगर के प्रमुख पब्लिक स्कूल भी खुल चुके हैं इसलिए बच्चों के सामने भी स्कूल जाने की समस्या है। सेंट मेरिज कॉन्वेंट कॉलेज में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जबकि अन्य स्कूलों से कोई जानकारी उपलब्ध न होने के कारण छुट्टी पर असमंजस बना हुआ है।

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शुक्रवार को नगर में कुछ देर के लिए हुई ओलावृष्टि से बिछी सफेद चादर।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में बारिश-ओलावृष्टि का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। भीषण ओलावृष्टि से हाईकोर्ट परिसर में एक न्यायाधीश के आवास के पीछे स्थित एक आवासीय भवन की छत पर सुरई का एक विशालकाल पेड़ गिर गया। आवास में हाईकोर्ट के कर्मचारी रहते हैं। पेड़ गिरने से भवन की छत को नुकसान पहुंचा है। वहीं वन दरोगा हीरा सिंह शाही ने बताया कि मस्जिद तिराहे से आगे हाईकोर्ट रोड पर भीषण ओलावृष्टि के कारण वाहन नहीं चल पाने के कारण लगे जाम की वजह से वन कर्मी पेड़ को हटाने के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। यहां घंटों वाहन फंसे रहे। पुलिस को इस मार्ग पर जाम खुलवाने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। इधर ओलावृष्टि के बाद से नगर में बिजली भी गुल हो गयी है।
नगर में दिन की शुरुआत बादलों से घिरे आसमान के साथ हुई, लेकिन बाद  धूप भी निकली, लेकिन अपराह्न करीब ढाई बजे से नगर में बारिश के साथ ‘बमबारी’ की तरह जोरदार ओलावृष्टि हुई, फलस्वरूप करीब आधे घंटे में ही नगर के निचले इलाके भी ओलों की सफेद चादर से पट गये। माल रोड सहित सभी प्रमुख सड़कों पर लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी पेश आई, वहीं नगर के चार्ल्टन रोड जैसे तीक्ष्ण चढ़ाई व उतार वाली सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान अधिकतम 13 व न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गिरा, जबकि बीते 24 घंटों में नगर में 15.2 मिमी बारिश भी दर्ज की गयी है। मौसम विभाग आगे भी अगले एक-दो दिन मौसम के यथावत रहने की संभावना जता रहा है।

 

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