सोमवार से अगले तीन दिन के लिए पहाड़ों पर फिर हो सकती है बारिश-बर्फबारी

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नवीन समाचार, देहरादून, 26 जनवरी 2020। उत्तराखंड में 27 जनवरी से मौसम एक बार फिर करवट बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 27 व 28 जनवरी को प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश जबकि 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। वहीं 29 जनवरी को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की बारिश और 2200 मीटर तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जतायी गई है। इस दौरान धनोल्टी, चकराता, मुक्तेश्वर, नैनीताल की पहाड़ियों में पर बर्फबारी हो सकती है। 30 जनवरी को भी कुछ जगह बादल छाए रह सकते हैं, इस दौरान बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जनवरी 2020। सरोवनगरी में बृहस्पतिवार दोपहर से हो रही बर्फबारी के बाद रात्रि में भारी वर्षा के साथ नैना पीक, कैमल्स बैक, टिफिन टॉप, स्नो व्यू व लड़ियाकांठा की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर काफी बर्फबारी हुई है। वहीं शहर में रात्रि से हो रही बारिश अब भी लगातार जारी है। नगर में तापमान 2 डिग्री तक गिर गया है और काफी ठंड महसूस की जा रही है। लोग जरूरी कामों के लिए ही घर से बाहर निकल पा रहे हैं। झील नियंत्रण कक्ष के अनुसार नगर के स्नोव्यू स्थित वर्षा मापक यंत्र के अनुसार बीते 24 घंटों में नगर में 50.4 मिमी बारिश और एक इंच बर्फबारी हुई है। इससे नैनी झील के जलस्तर में 5.5 इंच की बढ़ोत्तरी हुई है। झील का जल स्तर बृहस्पतिवार को 5 फिट सात इंच था जो शुक्रवार सुबह तक बढ़कर 6 फिट आधा इंच हो गया है, और इसमें बढ़ोत्तरी जारी है। बिजली के आने-जाने का सिलसिला चल पड़ा है। बिजली जितनी देर आ रही है, उससे अधिक देर के लिए जा रही है।

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उत्तराखंड में हिमपात का 25 साल का रिकाॅर्ड टूटा, ग्लेशियर हुए रिचार्ज

मनमीत सिंहउत्तराखंड की पहाडियों में इस बार रिकाॅर्ड बर्फबारी हुई है। ग्लेशियरों में इस बार अभी तक लगभग 54 फीट तक बर्फ की मोटी चादर बिछ चुकी है। आगे भी 13 और 14 जनवरी को फिर से भारी हिमपात होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 साल पूर्व 1995 में 1000 मीटर की उंचाई तक हिमपात हुआ था। उसके बाद सन 2000 में 1200 मीटर तक हिमपात हुआ। वहीं इस बार फिर से 1000 मीटर तक हिमपात हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमपात मेें हुई बढोतरी का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) का सर्दियों में उत्तराखंड की तरफ ज्यादा मूवमेंट है।

पिछले एक दशक से उत्तराखंड में ग्लेशियरों के पिघलने की रफ़तार तेजी से बढ रही थी। लेकिन पिछले और इस साल मौसमी चक्र ने इस रफ्तार को थाम लिया है। बर्फबारी का सामान्य अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केदारनाथ में अमूमन हर साल लगभग 30 से 35 फीट तक बर्फबारी होती थी। लेकिन 2019 में 54 फीट हिमपात हुआ। वहीं इस बार ये आकंड़ा और ऊपर जाने का संभावना है। क्योंकि जनवरी में ही केदारनाथ में कुल 40 फीट से ज्यादा हिमपात हो चुका है।वाडिया हिमालय भू-वैज्ञानिक संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक व ग्लेशियर विषेशज्ञ डा डीपी डोभाल बताते हैं कि हम पिछले साल से हिमालय में पड़ रही ज्यादा बर्फबारी को मानिटरिंग कर रहे हैं। ये एक नया तरह का पैटेर्न है। मौसम ने इस बार भी इसका दोहराया है। अगर अगले पांच सालों तक हिमपात ऐसा ही होता रहा तो ये हिमालय के ग्लेशियरों में नई जान फूंक देगी। जो पूरे भारत के जलवायू और मौसम के लिये अच्छा संकेत साबित होगा। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह बताते हैं मौसम का चक्र पिछले साल से बदला है। पिछले साल को अगर छोड़ दिया जाये तो उत्तराखंड में हिमपात 1800 मीटर तक ही सिमट गया था। लेकिन पिछले साल और इस साल हिमपात 1100 मीटर तक हुआ है। उत्तरकाशी में बड़कोट, पुरौला, त्यूणी, नई टिहरी में भागीरथी पुरम और देहरादून में ही मसूरी के काफी नीचे तक हिमपात हुआ है। पिछले साल मार्च तक हिमपात हुआ था। लेकिन इस साल जनवरी सात और आठ के हिमपात में ही भारी हिमपात हुआ है। अभी मार्च तक कई बार हिमपात होने की संभावना है। इस साल पिछले साल का भी रिकाॅर्ड टूट सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह बताते हैं कि उत्तराखंड में 90 प्रतिशत तक बारिश और हिमपात पश्चिमी विक्षोभ के कारण होता है। पश्चिमी विक्षोभ भू-मध्य सागर से उठता है और बादल बनकर हिमालच की पहाडियों से टकराता है। जिसके बाद उच्च हिमाचल और मध्य हिमालय को अच्छी बारिष और हिमपात मिलता है। पश्चमी विक्षोभ हिंदू कुश की पहाड़ियों के ऊपर से कई बार मध्य एशिया की ओर भी मूवमेंट कर देता है। लेकिन इस बार इसका मूवमेंट ज्यादा हिमालय की ओर है। उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के निदेशक प्रो. एमपीएस बिष्ट बताते हैं कि उत्तराखंड में पिछले साल से मौसमी चक्र में हुए बदलाव के कारण जो हिमपात हुआ। उससे राज्य में हिमपात का कैचमेंट एरिया बढा है। हमने इस पर सैटेलाइट मैपिंग के जरिये रिसर्च किया है। धौलीगंगा बेसिन, गंगा बेसिन, यमुना बेसिन, गौरीगंगा बेसिन और अलकनंदा बेसिन में 20 प्रतिषत तक बर्फ का कैचमेंट एरिया बढा है।

कई इलाकों में 25 साल बाद हिमपात
राज्य के कई इलाकों में 25 साल बाद हिमपात हुआ है। इसमें मुख्य रूप से टिहरी और उत्तरकाशी के गांव है। टिहरी में मुसान गांव में 25 साल बाद हिमपात हुआ। जबकि उत्तरकाशी के बडकोट में भी आखिर बार हिमपात 1998 में हुआ था। मसूरी में इस बार डेढ फीट तक हिमपात हुआ। आखिरी बार सन 2000 में मसूरी में इतनी बर्फबारी हुई थी। 2014 में एक फीट हिमपात हुआ था। नैनीताल में भी 15 साल पूर्व ऐसा हिमपात हुआ था। मुक्तेस्वर और धानाचुली में भी रिकाॅर्ड हिमपात हुआ है। (हिन्दी वैब पत्रिका ‘डाउन टू अर्थ’ से साभार)

यह भी पढ़ें : मौसम का मिजाज बदला, हो रही तेज बारिश, गिरे हिमकण

आज सुबह का मौसम

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 जनवरी 2020। मौसम विभाग की भविष्यवाणी को सही साबित करते हुए बृहस्पतिवार को मुख्यालय में मौसम का मिजाज एक बार पुनः बदल गया है। मुख्यालय सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह से पूर्वाह्न तक आसमान में बादलों व सूर्यदेव के बीच धूप-छांव का खेल चला, जबकि अपराह्न में बारिश होने लगी और बीच-बीच में हिमकण भी गिरे। बारिश अभी भी जारी है। इससे ठंड भी बढ़ गई है। लोग अंगीठियों व हीटरों के पास तथा बिस्तर पर सिमटे हैं। वहीं मौसम विभाग के अनुसार सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों का अधिकतम तापमान 10 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। आगे शुक्रवार को भी आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रह सकता है तथा बारिश एवं बर्फबारी हो सकती है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में अगले दो दिन भारी हिमपात-बारिश की चेतावनी…

नवीन समाचार, देहरादून, 15 जनवरी 2020। मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में अगले दो दिनों में भारी हिमपात और बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार चमोली, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में 3000 मीटर या उससे अधिक उंचाई वाले क्षेत्रों में छिटपुट जगहों पर 16 और 17 जनवरी को भारी हिमपात होने की संभावना है। इसके अलावा, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों में छिटपुट जगहों पर इसी अवधि के दौरान भारी वर्षा हो सकती है जबकि देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने कहा कि बर्फबारी और बारिश से उत्तराखंड में खासतौर से पहाड़ी क्षेत्रों में शीतदिवस के हालात बन सकते हैं। अगले कुछ दिनों में मौसम के बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर चमोली, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में हिमस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए सैन्य बलों से आवश्यक एहतियात बरतने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें : इधर भी हिमालय, उधर भी हिमालय, स्नोमैन-स्नोवूमन के बाद शिव पुत्र गणेश बने हिम देव

नवीन समाचार, नैनीताल, 11 जनवरी 2020। सरोवरनगरी में गत 8 जनवरी की रात्रि हुई भीषण बर्फबारी को हालांकि तीन दिन हो गए हैं, और तब से लगातार धूप भी खिल रही है, बावजूद नगर में बर्फ के बेहद सुंदर नजारे दिखने का सिलसिला थमा नहीं है। नगर के हिमालय दर्शन पर्यटन स्थल के पास जहां आम तौर पर सैलानी हिमालय के दर्शन करने जाते हैं, वहां खुद हिमालय जैसा नजारा है। वहां हर कोई यही कह रहा है, ‘इधर भी हिमालय, उधर भी हिमालय’। (फोटो: कुबेर सिंह डंगवाल)

सोशल मीडिया से

 

बृहस्पतिवार को बर्फबारी के बाद लोगों द्वारा माल रोड पर बनाए गए 8 फिट ऊंचे स्नो मैन के साथ फोटो खिंचवाते सैलानी।

स्नोमैन-स्नोवूमन के बाद शिव पुत्र गणेश बने हिम देव: महादेव शिव का वास हिमालय पर्वत पर माना जाता है। लेकिन नगर में हिमपात के लोगों ने नये-नये प्रयोग करते हुए बर्फ के शिव लिंग के साथ बर्फ से शिव के पुत्र गणेश भगवान की मूर्ति भी बना डाली है। ऐसी ही एक खूबसूरत मूर्ति नगर के शेरवानी क्षेत्र में पत्रकारिता की छात्रा हिमानी रौतेला ने बनाई है, जबकि बर्फ से गणपति की एक अन्य मूर्ति नयना देवी मंदिर में भी बनाई गई है।

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यह भी पढ़ें : पूरे दिन खिली धूप के बावजूद ऐसे बुरे रहे नैनीताल के हालात

-देर रात्रि तक चरमरायी रही विद्युत व्यवस्था, आधा दर्जन से अधिक लोग बर्फ में फिसलने की वजह से चोटिल होकर पहुंचे, बर्फ रही मौजूद, सैलानियों ने लिया जमकर आनंद

सोशल मीडिया से

नवीन समाचार, नैनीताल, 10 जनवरी 2019। सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में शुक्रवार को पूरे दिन चटख धूप खिली, इसके बावजूद नगर में बर्फ की मौजूदगी बनी रही। इधर बर्फ से पटी सड़कों पर चलने के दौरान लोगों के फिसलने-चोटिल होने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डा. हाशिम अंसारी ने बताया कि दो दिनों में आठ लोग बर्फ में फिसलने से चोटिल होकर पहुंचे। आज भी चार चोटिल अस्पताल पहुंचे। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इधर लोगों ने प्रशासन पर नगर के वीआईपी लोगों से संबंधित मार्गों से ही जेसीबी के माध्यम से बर्फ हटाने और आम लोगों के मार्गों से बर्फ न हटाने के आरोप भी लगाए। इस बारे में लोग राजभवन व एटीआई रोडों से जल्दी बर्फ हटाने जबकि शेरवानी व चिड़ियाघर रोडों से बर्फ न हटाने के भी आरोप लगाते रहे। यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी गर्म रहा। वहीं देर रात्रि तक नगर की विद्युत व्यवस्था चरमरायी रही।

इधर बर्फ में आनंद लेने के लिये काफी संख्या में सैलानी नगर में पहुंचे, और उन्हें इसके लिये नगर के बाहरी-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ा, बल्कि शहर में ही, फ्लैट्स मैदान, बोट हाउस क्लब के सामने के नगर पालिका गार्डन व नगर पालिका के पीछे के पार्क सहित अनेक स्थानों पर इतनी बर्फ मिल गई कि वे यहां आराम से खूब खेल पाए। आज पुलिस ने सैलानियों को उनके वाहनों के साथ आने से भी नहीं रोका, लिहाजा वे आराम से शहर में आ पाए। इधर धूप की वजह से घरों की छतों से दिन भर बर्फ का पानी टपकता रहा। इससे नैनी झील में भी पानी पहुंचता रहा, अलबत्ता आज झील का जल स्तर ना ही बढ़ा, और ना ही गिरा। वरन अपने कल के स्तर पर ही स्थिर रहा। इधर शहर में पूरे दिन बिजली आती जाती रही। अलबत्ता विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता एसएस उस्मान ने अपराह्न में पूछे जाने पर दावा किया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की 95 फीसद लाइनें दुरुस्त कर ली गई हैं। नगर के सिल्वरटन क्षेत्र में बिजली की लाइनों पर 3 पेड़ गिरे थे। इस लाइन को ठीक किया जा रहा है। बिड़ला एवं शेरवुड कॉलेज सहित सभी क्षेत्रों में भी शाम तक आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि लाइनों को जोड़ने के दौरान शट-डाउन लेने की वजह से बिजली आती-जाती रही। अलबत्ता देर रात्रि तक भी बिजली के आने का कम, जाने का अधिक सिलसिला जारी है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में ऐतिहासिक बर्फबारी के बाद एक साथ बिखरे चांदी-सोना

4-5 दशक की सर्वाधिक बर्फबारी, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में डेढ़ तो निचले क्षेत्रों में आधा फिट तक हुई बर्फबारी
नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जनवरी 2020। सरोवर नगरी नैनीताल में करीब 4 दशक से भी अधिक लंबे समय बाद हुए भारी हिमपात के बाद बृहस्पतिवार सुबह धूप खिलने पर चांदी व सोना एक साथ बिखरे नजर आया। प्रकृति की अद्भुत-अप्रतिम नेमत श्वेत-धवल चांदनी सी लकदक बर्फ पर सुबह की सुनहरी धूप का नजारा जिसने भी देखा, हमेशा के लिए उसे अपनी स्मृतियों में बसाने के लिए कैमरों में कैद कर लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने पिछले 2-3 दशकों में ऐसा हिमपात कभी नहीं देखा। नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में डेढ़ तो निचले क्षेत्रों में आधा फिट तक बर्फ जमी हुई देखी गई। माल रोड पर भी सुबह करीब आधा फिट बर्फ थी।

इस कारण सड़कों पर वाहन नहीं चल पाए। इस पर प्रशासन को नगर से 3-3 किमी पहले हनुमानगढ़ी व बारापत्थर से सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगानी पड़ी। इसके बाद मुख्य मार्गों पर वाहन चल पाए, लेकिन आंतरिक मार्गों पर यातायात कमोबेश ठप रहा। बारापत्थर में होली एंजिल स्कूल के पास सहित कई जगह सड़को पर पेड़ व बिजली के पोल टूट कर गिर जाने से यातायात के साथ बिजली भी गुल हो गई। माल रोड पर स्थित कन्नू सुयाल के घर के पीछे गिरे विशाल पेड़ की वजह से घर की दीवार ध्वस्त हो गई और पत्थर घर के भीतर आ गए। वहीं दूर-दूर से आये सैलानियों व नगर वासियों ने ऐतिहासिक बर्फबारी का जमकर आनंद लिया, वहीं लोग ठंड में ठिठुरते भी नजर आए और बिस्तर या अलाव का सहारा लेते नजर आए। देर शाम विद्युत विभाग के कर्मियों की कड़ी मेहनत से विद्युत आपूर्ति कुछ निचले इलाकों में सुचारू हुई लेकिन इसके बाद भी फॉल्ट आने से बिजली आती-जाती रही।

यह भी पढ़ें : नैनीताल-मुक्तेश्वर सहित पूरे पर्वतीय क्षेत्र में भारी बर्फबारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 9 जनवरी 2019। सरोवरनगरी नैनीताल एवं मुक्तेश्वर सहित नजदीकी पूरे पर्वतीय क्षेत्रों में रात्रि में भारी बर्फबारी हुई है। इससे सुबह जमीन के साथ ही पेड़ों पर काफी मात्रा में बर्फ लकदक नजर आ रही है। इससे ऊपरी ही नहीं निचले पर्वतीय क्षेत्रों में भी प्रकृति का बेहद ही सुंदर श्रृंगार हुआ है।

दृश्य इतने सुंदर हैं कि कई वर्ष पूर्व में होने वाले हिमपात की यादें ताजा कर रहे हैं। अलबत्ता, पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड भी काफी बढ़ गई है, और रास्तों में फिसलन भी काफी है। ऐसे में ठंड से बचने के पर्याप्त प्रबंध करके ही आने और वाहनों को सावधानी से चलाने की सलाह दी जा रही है। नगर की कुछ सड़कों बर्फ हटाने के लिए जेसीबी मशीनें मंगवानी पड़ी हैं, और उन्होंने बर्फ हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।

देखें बर्फबारी की ताजा तस्वीरें :

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में जमकर बर्फबारी, सैलानियों की रौनक

नवीन समाचार, नैनीताल, 4 जनवरी 2019। सरोवरनगरी में बर्फबारी, बारिश-ओलावृष्टि व ठंड के साथ सैलानियों की रौनक का सिलसिला जारी है। नगर में शनिवार अपराह्न अच्छी बर्फबारी हुई है, इससे पूरे नगर में सफेदी की चादर बिछ गई है। नगर में पहुंचे सैलानियों ने सामने होते हिमपात का जमकर आनंद उठाया। इससे पहले सुबह भी नगर के तल्लीताल क्षेत्र में शुक्रवार शाम पड़े ओलों से तल्लीताल फांसी गधेरा, जिला कलक्ट्रेट रोड पर शनिवार दोपहर तक ओलों की सफेद चादर दिखाई दी। इससे अमीर वर्ग, नगर के पर्यटन व्यवसायियों में खुशी की लहर है। सैलानी भी आनंदित हो रहे हैं। वहीं कमजोर आय वर्ग के गरीब लोगों के लिए यह सबसे बुरा समय है। दैनिक दिहाड़ी पर काम कर अपना परिवार पालने वाले लोग काम पर नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें काम भी नहीं मिल रहा है, वहीं ठंड से बचने का प्रबंध न होने के कारण उनकी जान पर बन आई है। नगर में अलाव भी नहीं जल रहे हैं। इसलिए बर्फबारी उनके लिए किसी दुःख खबरी से कम नहीं है। नगर में बिजली गुल हो गई है। इंटरनेट सेवा भी बाधित हो गई है। 

वहीं शनिवार अपराह्न एक बजे के करीब फिर से हिमकण गिरने लगे और इसके बाद अच्छी बर्फबारी हुई। इससे नगरी ठंड की चपेट में है। आगे रात्रि में भी बर्फबारी होने की संभावना है। जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ हल्द्वानी में भी बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 8 व न्यूनतम दो डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं आगे रविवार को तापमान कें 10 व 3, सोमवार को 8 व 2 तथा मंगलवार को 7 व 1 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में भी नगर में बर्फबारी देखने की उम्मीद में सैलानियों के अच्छी संख्या में पहुंचने का सिलसिला जारी है। इससे नगर में अच्छी रौनक भी नजर आ रही है।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी में बारिश-हल्की बर्फबारी, आगे यह है मौसम का पूर्वानुमान..

शुक्रवार सुबह तड़के नैनीताल की सबसे ऊंची नैना पीक चोटी पर हुए हिमपात का नजारा। (फोटो कुबेर सिंह डंगवाल)

नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जनवरी 2019। सरोवरनगरी नैनीताल शुक्रवार सुबह तड़के करीब साढ़े पांच बजे नगर की 2610 मीटर की ऊंचाई वाली सबसे ऊंची नैना पीक चोटी व इसके आसपास के क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई। वहीं सुबह आसमान साफ हो गया और धूप खिलने के साथ सामने की ओर की बर्फ पिघल गई जबकि दक्षिणी ढाल के पहाड़ों पर हिमालय दर्शन की ओर हल्की बर्फ बनी रही। सुबह धूप खिलने के साथ जल्द ही आसमान में बादल भी प्रकट हुए और एक-दो बार अच्छी खिली धूप को रोककर धीरे-धीरे छाते चले गए। अपराह्न में चार बजे के करीब नगर में फिर बारिश हुई। ऐसे मौसम में नगर में कमोबेश पूरे दिन मौसम सर्द रहा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 10 व न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि शनिवार व रविवार को अधिकतम सात व तीन डिग्री के बीच जबकि सोमवार को बर्फबारी की संभावना के मंद पड़ने के साथ अधिकतम 10 व न्यूनतम 1 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व एक जनवरी की अपराह्न भी यहां हल्की बर्फबारी हुई थी।

यह भी पढ़ें : सरोवरनगरी सहित पहाड़ों में दूसरी रात भी पड़ी बर्फ, और मोटी हुई ‘चांदी की चादर’

-दशकों बाद दिसंबर के पहले पखवाड़े में ही ओढ़ी बर्फ की चादर

नवीन समाचार, नैनीताल, 14 दिसंबर 2019। सरोवर नगरी नैनीताल में लगातार दूसरी शुक्रवार की पूरी रात प्रकृति बारिश के साथ अपनी सबसे प्यारी नेमत बर्फ के रूप में बरसाती रही। इससे शहर को जैसे अधिक ठंड के साथ मोटी ‘चांदी की चादर’ ओढ़नी पड़ी है। शनिवार सुबह तक नगर के मल्लीताल क्षेत्र में भी करीब एक से डेढ़ इंच तक तक हिमपात हुआ है। हालांकि बारिश ही होने के साथ बर्फ पिघलती भी रही है। साथ ही गनीमत यह भी रही कि रात्रि में आसमान साफ नहीं हुआ, इससे पाला नहीं पड़ा है। अन्यथा सुबह तक सड़कों-रास्तों पर पाले की फिसलन की वजह से चलना मुश्किल हो जाता।

उल्लेखनीय है कि नगर में करीब दो दशक से भी लंबे समय बाद दिसंबर के पहले पखवाड़े में बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी से कड़ाके की ठंड होने के बावजूद सभी के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष आगे भी बर्फबारी होती रहेगी और भरपूर संख्या में सैलानी आएंगे। बर्फबारी के बाद नगर में सैलानियों की आमद भी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि पहले दिन सैलानियों की संख्या काफी सीमित रही और जो सैलानी पहुंचे भी थे, उन्हें बारिश-बर्फबारी ने बाहर निकलने का मौका नहीं दिया। आज उम्मीद की जा रही है कि काफी संख्या में सैलानी नगर में पहुचेंगे।
बर्फबारी नगर की आर्थिकी के साथ ही पारिस्थितिकी तथा नैनी झील के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक मानी जा रही है। बर्फबारी को निकटवर्ती फल पट्टी में होने वाले सेब एवं अन्य फल-फूलों के लिए भी फायदेमंद माना जा रहा है। जनपद के मुक्तेश्वर, गागर सहित अन्य निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में भी काफी बर्फबारी हुई है। बर्फबारी व बारिश के साथ आई कड़ाके की ठंड से जन जीवन प्रभावित हुआ है। बिजली भी आती-जाती रही है। मुक्तेश्वर के कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। कई जगह मोबाइल नेटवर्क भी परेशान कर रहे हें। अलबत्ता हिमपात से अन्य किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

यह भी पढ़ें : खुशखबरी : नैनीताल सहित पहाड़ों पर दिसंबर के पहले पखवाड़े में ही बर्फबारी शुरू…

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 दिसंबर 2019। सरोवर नगरी नैनीताल में पूरी रात बारिश के बाद शुक्रवार सुबह तड़के से ही बर्फबारी शुरू हो गई है। नगर में एक दशक से भी लंबे समय बाद दिसंबर के पहले पखवाड़े में बर्फबारी हो रही है। इससे सभी के चेहरे खिलने तय हैं। खासकर बर्फ़बारी के बाद नगर में सैलानियों की आमद बढ़नी तय है। वहीं बर्फबारी नगर की आर्थिकी के साथ ही पारिस्थितिकी, नैनी झील के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक मानी जा रही है। बर्फबारी को निकटवर्ती फल पट्टी में होने वाले सेब एवं अन्य फल-फूलों के लिए भी लाभदायक माना जा रहा है। मुक्तेश्वर सहित अन्य निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में भी काफी बर्फबारी हुई है। इस कारण क्षेत्र में कड़ाके की ठंड जरूर जन जीवन को प्रभावित कर रही है। नगर की ऊंची पहाड़ियां बर्फ से पट गई हैं, जबकि माल रोड व नैनी झील के निचले स्तर तक भी बर्फ पड़ी है। मुक्तेश्वर सहित अन्य निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में भी काफी बर्फबारी हुई है। इस कारण क्षेत्र में कड़ाके की ठंड जरूर जन जीवन को प्रभावित कर रही है।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू, दो दिन ठंड-बर्फबारी के लिहाज से कठिन..

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 दिसंबर 2019। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के उंचाई वाले कई हिस्सों में अगले दो दिन भारी हिमपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। इससे पहले से ही ठंड झेल रहे राज्य में आने वाले दिनों में ठिठुरन और बढ सकती है। इधर खबर है कि प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थल औली व पिथौरागढ़ जनपद के कालामुनि सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बृहस्पतिवार सुबह बर्फबारी होनी शुरू हो गई है। आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निबाड़िया से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुंजी में 4 सेमी, कुटी में 20 सेमी, कालापानी में 6 सेमी, गर्ब्यांग में 2 सेमी, छियालेख में 3 सेमी, दारमा-धाकड़ में 10 सेमी व जोहार-मिलम में 20 सेमी तक बर्फबारी हो चुकी है।लगातार बर्फबारी के चलते केदारनाथ घाटी और केदारनाथ धाम बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। बर्फ से ढकी केदारनाथ घाटीवहीं नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, टिहरी सहित कमोबेश समस्त पर्वतीय जनपदों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आसमान में बादल घिरे हुए हैं और कई जगह कोहरा भी छाया हुआ है।

नैनीताल में शुक्रवार को 4 डिग्री तक गिर सकता है पारा

नैनीताल। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के उंचाई वाले कई हिस्सों में दो दिन भारी हिमपात की चेतावनी के बीच सरोवरनगरी नैनीताल सहित निकटवर्ती पहाड़ों पर बृहस्पतिवार केा आसमान दोपहर बाद तक बादलों से घिरा रहा और एक-दो दौर में हल्की बूंदा-बांदी हुई। अपराह्न में बादल कुछ हद तक हटे लेकिन कड़ाके की शीतलहर चलती रही। ऐसे में पूरे दिन मौसम सर्द रहा और कड़ाके की ठंड महसूस की गई। सर्द मौसम में लोग घरों में दुबके अथवा अलाव के करीब सिमटे रहे। बाजारों में अपेक्षाकृत कम भीड़भाड़ रही। अलबत्ता बर्फबारी की उम्मीद में पहुंचे सैलानी गुलाबी ठंड का आनंद लेते भी दिखाई दिये।
वहीं मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 10 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को बारिश व बर्फबारी के बीच तापमान और अधिक गिरावट के साथ अधिकतम 7 व न्यूनतम 4 डिग्री तक गिरने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि उत्तराखंड में अगले दो दिनों में उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में 2500 मीटर तथा उससे अधिक उंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी हिमपात होने का अनुमान है। देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है, जबकि टिहरी, नैनीताल और अल्मोडा जिलों में हिमपात का पूर्वानुमान जताया गया है। पूर्वानुमान में कहा गया है कि मौसमी दशाओं में तब्दीली से अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड में बढोतरी होगी। मौसम विभाग ने इस संबंध में परामर्श जारी करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने तथा आनेकृजाने वालों को पर्याप्त एहतियात बरतने की सलाह दी है। उत्तराखंड में 12 और 13 दिसंबर को अच्छी खासी बर्फ पड़ने के अनुमान को देखते हुए 2000 मीटर या उससे अधिक की उंचाई पर स्थित सडकें अवरूद्ध या फिसलनभरी हो सकती हैं। इस वजह से यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने को कहा गया है।

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-इस वर्ष जमकर होगी शीतकालीन बारिश और पढ़ेगी कड़ाके की ठंड: प्रो. कोटलिया

प्रो. बहादुर सिंह कोटलिया

नवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2019। कुमाऊं विवि के भूविज्ञान विभाग में दीर्घकालीन मौसम पर शोधरत यूजीसी के वैज्ञानिक प्रो. बहादुर सिंह कोटलिया का कहना है कि इस वर्ष उत्तराखंड में कमजोर मानसून के बाद अच्छी शीतकालीन बारिश, बर्फबारी और ठंड पड़ेगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में शीतकालीन बारिश का प्रमुख कारण माना जाने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस वर्ष दो तरह से सक्रिय बना हुआ है। एक में जम्मू-कश्मीर व दूसरे में अफगानिस्तान में कम हवा का दबाव बना हुआ है। इन दोनों के प्रभाव से यहां काफी शीतकालीन बारिश, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और कड़ाके की ठंड पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 10-11 अक्टूबर को हुई मानसूनी बारिश की वजह से हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो गई थी। इसके कारण आर्द्रता भी अधिक बनी रही, जो ठंड में वृद्धि कर सकती है। अलबत्ता, उन्होंने बताया कि ठंड के लिए जिम्मेदार मानी जाने वाली प्रशांत महासागर की सर्द ‘ला नीना’ हवाएं इस वर्ष अगस्त माह में ही निष्क्रिय हो चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में इस वर्ष देश के पूर्वाेत्तर राज्यों में कम शीतकालीन वर्षा होने की उम्मीद भी जताई। ऐसा इसलिए कि पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तराखंड व नेपाल सीमा तक ही समाप्त हो जाता है। वहां बारिश व ठंड कम होगी।

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‘वन-वे’ राजभवन रोड पर दोनों ओर से वाहन आने से लगा रहा जाम, बच्चों को पैदल आना-जाना पड़ा स्कूल

नैनीताल। बृहस्पतिवार को जोरदार ओलावृष्टि व बारिश के बीच नगर की राजभवन रोड जबर्दस्त अव्यवस्था के केंद्र में रही। इस मार्ग पर कहने को नैनीताल पुलिस की ओर से ‘वन-वे’ व्यवस्था लागू है, किंतु आज नगर के कई प्रमुख पब्लिक स्कूलों वाली तथा तीक्ष्ण चढ़ाई व ढलान वाली यह सड़क जोरदार ओलावृष्टि की वजह से ओलों से पटी हुई थी, और सड़क पर वाहन ओलों पर फिसल रहे थे व चढ़-उतर नहीं पा रहे थे, ऐसे में सड़क पर सरकारी वाहनों सहित वाहन दोनों ओर चल रहे थे, और वाहन चालक स्वयं ही किसी तरह वाहनों को किनारे कर चलने के लिए मार्ग बना रहे थे। ऐसी स्थितियों में स्कूली बच्चों को सुबह स्कूल जाते हुए पैदल जाना पड़ा। और स्थित दोपहर बाद तक भी नहीं सुधरी और स्कूलों की छुट्टी के समय भी बच्चों को पैदल ही आना पड़ा।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 28 नवंबर 2019। सरोवनगरी में भी बृहस्पतिवार से ठंड का आगाज हो गया। नगरी को आज सुबह तड़के ही ऐसी बर्फीली ठंड लगी कि उसने सफेद चांदी सी चादर ही ओढ़ ली। जी हां, नगर में आज जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। ऐसी ओलावृष्टि कि सड़कों पर ओलों की मोटी परत बिछने के कारण नगर में वाहनों का यातायात ही ठप हो गया।

खासकर नगर की अपर व लोवर माल रोड तथा राजभवन रोड पर तो बहुत ही बुरी स्थिति रही। इस कारण सुबह छोटी कक्षाओं के नन्हे बच्चों को भी वाहन न चल पाने के कारण वाहन छोड़कर करीब एक किमी की खड़ी चढ़ाई पैदल ही नापनी पड़ी। अन्य दिन महंगी निजी-सरकारी गाड़ियों में इकलौते बच्चों को लेकर भी फर्राटे भरने वाले लोग भी बच्चों के साथ सड़क पर आ गए और एक-एक कदम संभलकर रखते हुए चढ़ते नजर आये। बाद में नौ बजे के करीब कुछ पलों के लिए सूर्यदेव भी मानो चिढ़ाते नजर आये और फिर छुप गए। आगे भी नगर में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

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-रामनगर में कोसी चेतावनी के स्तर पर पहुंची

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 अगस्त 2019। उत्तराखंड मौसम विभाग की उच्च स्तरीय चेतावनी के साथ प्रदेश भर में हो रही भारी बारिश के बीच नैनीताल जनपद से भी डरावनी तस्वीरें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पहाड़ से बम के गोलों की तरह पत्थर बरसते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो आज का ही और अल्मोड़ा एनएच का बताया जा रहा है, प्रत्यक्षदर्शियों ने वहां भौया बैंड पर ऐसा ही भूस्खलन होने का दावा भी किया है, परंतु यह वीडियो किसने बनाया और क्या यह आज का ही है, इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। वहीं खैरना चौकी की प्रभारी एसआई आशा बिष्ट ने बताया कि भौया बैंड पर रात्रि में ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच बड़ा भूस्खलन हुआ है। सुबह खैरना पुलिस ने मौके पर जाकर मलबा हटवाया। अलबत्ता उन्होंने सुबह से बड़े भूस्खलन की सूचना से इंकार करते हुए और वायरल वीडियो को दिन का बताते हुए इसके आज के ही होने की पुष्टि नहीं की। साथ ही उन्होंने फिलहाल मार्ग खुला होने की जानकारी भी दी। अलबत्ता, बेहद खतरनाक तरीके से 90 डिग्री के कोण पर काटे गए इस मार्ग पर बरसात के दौरान आवागमन खतरनाक बना हुआ है। वहीं बारिश के कारण जिले की सैनिटोरियम-सिरोड़ी, घुघुखान सौड़, नैनीताल बाइपास, पंगोट कुंजखड़क, कोशी बैराज तल्ली सेठी राजमार्ग, सिमलखेत सानना, डोला न्याय पंचायत, बोहरा गांव-देवीधूरा, घोड़ाखान-धुलई, सिल्टोना बजेड़ी, पहरियाधार सुरंग, कालापातल सलियाताल, पतौली जोशीखोला व भुजान बेतालघाट राज्य मार्ग बंद हो गये हैं। 
इधर मुख्यालय में कृष्णापुर के हाजी चंुगी स्टेट में हुसैन अली के घर के रास्ते की दीवार टूटने सहित जगह-जगह भूस्खलन की खबरें हैं।

राजभवन रोड पर नयना मंदिर के करीब ठीक ऊपर पिछले वर्ष हुए भूस्खलन की जगह करीब 10 माह बाद बमुश्किल बनाई गयी दीवार पहली बारिश भी नहीं झेल पाई है, और भरभराकर गिर गयी है। खास बात यह भी है कि यहां ऊपर से कोई बड़ा भूस्खलन नजर नहीं आ रहा है। केवल दीवार ही गिरी है। ऐसे में माना जा रहा है कि इसे बारिश ने नहीं ‘भ्रष्टाचार’ ने गिराया है। उधर जनपद के रामनगर में कोसी नदी का जल स्तर 10 हजार क्यूसेक के चेतावनी के स्तर को पार करके 10376 क्यूसेक के स्तर पर पहुंच गया है। इधर हल्द्वानी रोड पर रानीबाग से आगे रपटे में पानी आने से वाहन दोनों ओर फंस गये हैं। इस मार्ग पर कई अन्य जगह भी सड़क पर भूस्खलन से मलबा आ गया है।

जनपद में कल रहेगी छुट्टी
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2019। नैनीताल जनपद में सोमवार 19 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। डीएम सविन बंसल ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में अगले 24 घंटे में उत्तराखंड राज्य के नैनीताल सहित कई जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए छुट्टी के आदेश जारी कर दिये हैं। वहीं शिक्षकों, प्रधानाचार्य एवं मिनिस्ट्रयल व अन्य कर्मियों से अपने विद्यालयों व कार्यालयों में ही रहने को कहा गया है। आदेश का पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है।

 

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नवीन समाचार, नैनीताल, 18 अगस्त 2019। नैनीताल जनपद में सोमवार 19 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। डीएम सविन बंसल ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जनपद में अगले 24 घंटे में उत्तराखंड राज्य के नैनीताल सहित कई जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए छुट्टी के आदेश जारी कर दिये हैं। वहीं शिक्षकों, प्रधानाचार्य एवं मिनिस्ट्रयल व अन्य कर्मियों से अपने विद्यालयों व कार्यालयों में ही रहने को कहा गया है। आदेश का पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है।

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नवीन समाचार, देहरादून, 30 जुलाई 2019। उत्तराखंड मौसम विभाग ने आज 30 जुलाई से अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के पांच जिलों-देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और चमोली जिले में ‘पीले अलर्ट’ के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। साथ ही आने वाले अगस्त माह में जुलाई से अधिक बरसात होने की बात भी कही गयी है। उत्तराखंड मौसम विज्ञान के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया है कि प्रदेश में अभी तक बरसात कम हुई है। लेकिन 30 जुलाई से अगले 48 घंटे तक प्रदेश के खासतौर से देहरादून, हरिद्वार, चमोली, टिहरी और पौड़ी में भारी बारिश होगी। विक्रम सिंह ने कहा कि 30 जुलाई को उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश और चमक के साथ वर्षा की भी संभावना है। वहीं 31 जुलाई को पूरे प्रदेश में आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। अधिकांश जगहों पर गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। एक अगस्त और 2 अगस्त को भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की मौसम विभाग की चेतावनी जारी की है।

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सलड़ी मंे आया मलबा हटने के बाद निकलते वाहन

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2019। जिला मुख्यालय को हल्द्वानी से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर दोगांव नाम के स्थान के निकट भेड़िया पखांण पर एक विशाल चट्टान गिर गई। इस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब डेढ़ घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां शाम 4 बजे बड़ी चट्टान गिरी, इससे दोनों ओर यातायात ठप हो गया। लोनिवि के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने करीब 2 घंटे का दो जेसीबी डोजरों की मदद से बोल्डर को किनारे कर यातायात को सुचारू करवाया। इस मार्ग पर कई अन्य स्थानों पर भी मलबा आया। वहीं रानीबाग-भीमताल मोटर मार्ग सलड़ी के निकट सुबह नौ बजे भारी बारिश के दौरान भूस्खलन होने से अवरुद्ध हो गया। भीमताल पुलिस के अनुसार इस दौरान 800 वाहन सड़क के दोनों ओर फंस गये। भीमताल के थाना प्रभारी भगवान सिंह मेहर की अगुवाई में यहां लोनिवि के सहयोग से दो जेसीबी डोजरों की मदद से मलबे को हटाकर यातायात को सुचारू करवाया। इधर बीती 16 जुलाई की वर्षा से अवरुद्ध पड़े मोटरमार्ग के भी आज खुलने की उम्मीद बताई गयी है।

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-भवाली के रेहड़ क्षेत्र में नगर को आने वाली बिजली की लाइन पर 100 मीटर के क्षेत्र में ही 6 पेड़ गिरे थे
नवीन समाचार, नैनीताल, 14 जुलाई 2019। जिला व मंडल मुख्यालय नैनीताल सहित सभी निकटवर्ती क्षेत्रों में शनिवार दोपहर करीब एक बजे अनपेक्षित तौर पर मानूसन के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में आये तूफान से केवल नगर की बिजली की लाइनों पर दो दर्जन से अधिक पेड़ गिरे। इससे बिजली की लाइनों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं पूरे नगर में बिजली की आपूर्ति 24 घंटों से भी अधिक समय तक पूरी तरह से ठप रही। अपराह्न में मल्लीताल के कुछ क्षेत्रों में बिजली आने की बात विभाग के द्वारा कही गयी है, अलबत्ता समाचार लिखे जाने तक भी नगर का अधिकांश हिस्सा बिन बिजली है। आगे विभाग नगर के अधिकांश क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति बहाल होने का दावा कर रहा है, जबकि आंधी से सर्वाधिक प्रभावित अयारपाटा व बिड़ला क्षेत्र के लोगों को बिजली के लिए अधिक लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
विद्युत वितरण खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता मो. सैयद शिराज उस्मान ने बताया कि नगर के तल्लीताल क्षेत्र को बिजली की आपूर्ति करने वाली पाइंस फीडर को आने वाली लाइन पर भवाली के निकट रेहड़ के पास 100 मीटर के क्षेत्र में ही 6 पेड़ गिरे थे। यहां लाइन इतनी अधिक क्षति-विक्षत हो गई है कि यहां विभाग को नया टावर स्थापित करना पड़ रहा है। श्री उस्मान ने बताया कि टावर निर्माण का काम शुरू हो गया है। वहीं नगर के मल्लीताल क्षेत्र की आपूर्ति के लिए मेहरागांव से सूखाताल फीडर को आने वाली मुख्य लाइन में रूसी के पास भी काफी पेड़ गिरे थे, जिन्हें हटाकर विभाग द्वारा लाइन दुरुस्त कर लेने और आपूर्ति चालू करने का दावा किया गया है। इसके बाद समस्या नगर के सर्वाधिक अयारपाटा व बिड़ला क्षेत्र की है। यहां लाइनों पर दर्जन भर पेड़ गिरे बताये गये हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारू करने में और अधिक समय लगने की संभावना है। अलबत्ता श्री उस्मान का कहना है कि सभी क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति सुचारू किये जाने की कोशिश की जा रही है।

अंडरग्राउंड या ओवरहैंग लाइनें हो सकती हैं समाधान, 340 करोड का है प्रस्ताव

नैनीताल। हमेशा ही आंधी-तूफान तथा ओलावृष्टि व बर्फबारी की संभावना वाले एवं वीआईपी शहर नैनीताल नगर को अंग्रेजी दौर से ही बिजली की कटौती से मुक्त रखा जाता था। तब यहां लाइनें भी नई व मजबूत थीं, तथा नगर की जनसंख्या का दबाव भी कम था। किंतु उत्तराखंड राज्य बनने के बाद कुछ वर्षो राज्य में बिजली की कमी की स्थितियों में नगरवासियों को बिजली की कटौती भी झेलनी पड़ी। किंतु इधर कटौती तो समाप्त हो गयी किंतु पिछले एक-दो वर्षों से नगर में मौसम की हल्की खराबी पर भी बिजली जाने की समस्या आम हो गयी है। अब करीब हर रोज ही यहां किसी न किसी कारण से बिजली आती-जाती रहती है। विद्युत विभाग के ईई सैयद शिराज उस्मान ने बताया कि नगर के तल्लीताल क्षेत्र की आपूर्ति 1990 में बने पाइंस और मल्लीताल की आपूर्ति 1977 में बने सूखाताल बिजलीघर से होती है। यह लाइनें अब बेहद पुरानी व जीर्ण-शीर्ण हो गई हैं। लिहाजा सारी लाइनों की बदले जाने की जरूरत है। इसके लिये प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजा जा रहा है। वहीं वहीं संवेदनशील स्थानों, खासकर घने वन क्षेत्र से गुजरने वाले क्षेत्रों में लाइनों को ओवरहैंग अथवा अंडरग्राउंड करने से समस्या का समाधान हो सकता है, परंतु ऐसा करना काफी महंगा बताया जा रहा है।
इस समस्या के समाधान के लिए करीब एक दशक पहले भी तत्कालीन अधिशासी अभियंता एचके गुरुरानी के द्वारा जिला योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया था, जो स्वीकृत नहीं हुआ। इधर अधिशासी अभियंता श्री उस्मान ने बताया कि पुनः करीब 340 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया है। बताया कि नैनीताल के साथ देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी व काशीपुर के लिए भी अंडरग्राउंड केबल के प्रस्ताव गये थे, परंतु यह कार्य काफी महंगा होने के कारण केवल हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र के लिए ही प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। वहीं नगर में ओवरहेड केबल डालने के लिए केवल 50 लाख रुपये मिले थे, जिससे नगर के अयारपाटा, सात नंबर सहित जहां लाइनों पर पेड़ गिरने अथवा बंदरों के कूदने की संभावना थी वहां ओवरहेड केबल डाली जा चुकी है। लेकिन समस्या का पूरा समाधान नहीं हुआ है।

बिड़ला क्षेत्र में 27 घंटे से मोबाइल सेवाएं भी ठप
नैनीताल। नगर में बिजली की आपूर्ति पिछले 24 घंटे से ठप होने से मोबाइल की सेवाएं भी बुरी तरह से बाधित हुई हैं। बताया गया है कि नगर के बिड़ला क्षेत्र में पिछले 27 घंटों से बिजली नहीं है, और इसके कुछ ही देर बाद से बीएसएनएल की मोबाइल सेवा भी ठप है। बीएसएनएल के किसी कार्मिक ने यहां स्थित मोबाइल टावर के लिए जनरेटर चलाने की जहमत भी नहीं उठाई है। वहीं शहर में रिलायंस जियो, एयरटेल, आईडिया व वोडाफोन आदि इंटरनेट व दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों की हमेशा से खस्ता सेवाएं भी और अधिक बदहाल हो गई हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में मूसलाधार बारिश, पांच मंजिला पुराना भवन ध्वस्त, कई घरों की टीन उड़ीं, पेड़ उखड़े, घरों में आया पानी..

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 जुलाई 2019। मुख्यालय में बीती रात्रि से ही शनिवार को मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान पहले सुबह और फिर अपराह्न में आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश हुईं इस कारण पहले सुबह तड़के 3 से 5 बजे के बीच नगर के मल्लीताल जय लाल साह बाजार में शिव मंदिर के पास स्थित एक पांच मंजिला भवन का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। भवन दशकों पुराना एवं बेहद जीर्ण शीर्ण था। बताया गया है कि भवन नगर के व्यवसाई मदन लाल साह का था। भवन को लेकर पारिवारिक विवाद की बात भी प्रकाश में आ रही है, जिस कारण नगर पालिका से बरसों पहले से लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद भवन स्वामी इसे ध्वस्त नहीं कर रहे थे और संभवतः इसके खुद-ब-खुद ध्वस्त होने की ही प्रतीक्षा कर रहे थे।
शनिवार सुबह नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी के द्वारा सूचना दिए जाने पर नगर पालिका के ईश्वर दत्त बहुगुणा अपनी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे और ध्वस्त भवन का मलबा सड़क से साफ करवाया। आगे भी भवन के बड़े हिस्से के गिरने की संभावना बनी हुई है। इधर अपराह्न में आंधी-तूफान के साथ आई मूसलाधार बारिश से कई घरों की टीन उड़नेे व घरों में पानी आने की सूचनाएं हैं। माल रोड पर जगाती होटल की छत पर बिजली की लाइन को क्षतिग्रस्त करते हुए सहित कई स्थानों पर कम से कम तीन पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी हुई हैं। इसके साथ ही नगर में बिजली भी गुल हो गई है। उधर हल्द्वानी रोड पर हनुमानगढ़ी एवं ज्योलीकोट के निकट पुलिस चौकी के पास सहित कई स्थानों पर कई विशालकाय पेड़ों के सड़क पर आ गिरने से यातायात भी अवरुद्ध रहा। आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि चार-पांच पेड़ गिरे थे, जिन्हें जेसीबी की मदद से हटा लिया गया है।

पूर्व समाचार : नैनीताल सहित पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश, हल्द्वानी एनएच में यूटिलिटी पर चढ़ आया मलबा

हल्द्वानी रोड पर आया मलबा व इसमें दबी यूटिलिटी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जुलाई 2019। मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए मंगलवार को मुख्यालय में सुबह करीब पौने 10 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक करीब दो घंटे से अधिक मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान नगर एवं आसपास सड़कों पर बड़ी मात्रा में नालों से बहकर मलबा आ गया, इससे यातायात भी प्रभावित हुआ। वहीं हल्द्वानी को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 109 पर नगर से करीब दो किमी दूर पुराने कूड़ा खड्ड के पास नाले से आया मलबा वहां निर्माण सामग्री उतारने के लिए खड़ी यूटिलिटी संख्या यूके04सीए-5697 पर भी चढ़ गया। इससे यूटिलिटी के आगे इंजन वाले हिस्से में मलबा भर गया। बाद में जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया। इसके अलावा भी नगर की राजभवन रोड सहित विभिन्न सड़कों पर भी मलबा आया और नैनी झील में भी बड़ी मात्रा में गंदगी समा गयी। नगर पालिका की ओर से झील में सफाई अभियान चलाकर काफी गंदगी हटाई गयी, बावजूद झील की सतह पर बड़ी मात्रा में गंदगी ठंडी सड़क की ओर तैरती रही।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जून 2019। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान नगर के मल्लीताल पॉपुलर कंपाउंड क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र में खड़ा एक विशाल पुतई प्रजाति का पेड़ घर की छत पर आ गिरा। गनीमत रही कि पेड़ धीरे से छत पर गिरा और घर की छत पर रही पानी की टंकी ने उसका बोझ एवं झटका संभाल लिया। टंकी क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान घर में परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे, किंतु पेड़ इस तरह गिरा कि किसी को पेड़ गिरने का अहसास भी नहीं हुआ। पड़ोस के लोगों ने गृह स्वामी, नगर में शतरंज प्रतियोगिताएं आयोजित करने वाले पर्वतीय सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष ईश्वर दत्त तिवाड़ी को इसकी सूचना दी। श्री तिवाड़ी ने बताया कि पेड़ करीब 35-40 साल की उम्र का था। इसकी जड़ के पास पुराना जल स्रोत है। बारिश के दौरान मंगलवार रात्रि करीब आठ बजे यह गिर गया। क्षेत्रीय सभासद एवं वन विभाग के अधिकारियों को घटना की सूचना दी गयी, किंतु कोई भी निरीक्षण करने के लिए नहीं पहुंचा और पेड़ को कटाने के लिए विभागीय औपचारिकताएं पूरी करने की जानकारी दी।

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-मूसलाधार बारिश से हाईकोर्ट के पास विशाल वृक्ष कार व बिजली की लाइन पर गिरा, यातायात-विद्युत आपूर्ति बाधित
वीन समाचार, नैनीताल, 25 जून 2019। मंगलवार अपराह्न की बारिश से नगर के मल्लीताल क्षेत्र में
उच्च न्यायालय के पास चीना बाबा चौराहा से मेट्रोपोल पार्किंग की ओर जाने वाले मार्ग पर एक विशाल वृक्ष बिजली की लाइन को अपने साथ जमीन पर आ गिरा। एक कार भी भारी भरकम पेड़ के नीचे दब गयी। इससे मस्जिद तिराहे की ओर ‘वन-वे’ व्यवस्था के तहत चलने वाला यातायात और शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी ठप हो गयी। भारी बारिश की वजह से राहत कार्य भी जल्दी शुरू नहीं हो पाये। घटना में हरियाणा के सैलानियों की बिलकुल नई, बिना पंजीकरण अस्थाई नंबर से ही चल रही कार संख्या एचआर26-टीएमपी508012 बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना के समय कार के भीतर कार का चालक था, जो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अलबत्ता वह काफी डरा हुआ है। जाने कैसे उसे न पेड़ के गिरने से ही चोट आई और न बिजली का करंट ही लगा। वहीं, पेड़ की टहनियों से पास में एक कबाड़ी की दुकान भी क्षतिग्रस्त हुई है। बताया गया है कि आज गिरा बांज का विशाल पेड़ बीएसएनएल एक्सचेंज के परिसर में खड़ा था। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र बिष्ट ने बरसात के मौसम में खतरे को देखते हुए गिरताऊ पेड़ों को चिन्हित करने की मांग की है। 

नैनी झील के लिए राहत के साथ ही गंदगी की आफत लाई मूसलाधार बारिश

-पारा गिरकर 18 डिग्री के स्तर पर आया, नैनी झील का जल स्तर दिन में 2 इंच चढ़कर 6 इंच के स्तर पर पहुंचा
नवीन समाचार, नैनीताल, 3 जून 2019। सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन प्री-मानसूनी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान मौसम विभाग के अनुसार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में 32 मिमी बारिश रिकार्ड की गयी। इससे नैनी झील का जल स्तर कल के मुकाबले दो इंच ऊपर 4 इंच रिकार्ड किया गया। जबकि इसके बाद भी नगर में पहले दोपहर 12 बजे से करीब ढाई घंटे और फिर शाम चार बजे से मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान 20 मिमी से अधिक बारिश होने और झील का जल स्तर झील नियंत्रण कक्ष के अनुसार फिर दो इंच बढ़कर 6 इंच के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। लेकिन इसके साथ ही बारिश नैनी झील में टनों की मात्रा में गंदगी लेकर पहुंची है। गंदगी से नगर के नालों के मुहानों पर झील का रंग गंदला, मटमैला हो गया है। खास कर मल्लीताल रिक्शा स्टेंड के पास वाले नाला नंबर 20 व नयना देवी मंदिर के पास वाले नाला नंबर 23 के आगे झील में झील की स्थिति बेहद दयनीय नजर आ रही है। वहीं तापमान अधिकतम 18 व न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहकर मौसम को सुहावना हो गया है। ऐसे मौसम का सैलानी आनंद ले रहे हैं। लोग बारिश में भीगने का आनंद लेते भी देखे जा
रहे हैं।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 2 जून 2019। वर्ष 2013 में उत्तराखंड में बौंखलाए जून की यादें रविवार शाम एक हद तक भी दोहराती नजर आईं। प्रदेश के चमोली जिले में बादल फटने से केदारनाथ मार्ग पर लामबगड़ के रामगधेरी नाले के मलबे से करीब आठ हेक्टेयर भूमि तबाह होने की खबर है, वहीं बागेश्वर तथा अल्मोड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में माईथान-चौखुटिया मार्ग 100 मीटर तक ध्वस्त होने तथा मलबे की चपेट में आने से एक 80 वर्षीय बुजुर्ग बादर सिंह पुत्र मदन सिंह निवासी लामबगड़ की मौत हो गयी है।  यहां रामगंगा नदी के उफनने से खीड़ा गांव में तीन गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने और कई जानवरों के मारे जाने की भी खबर है।

भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए रविवार दोपहर बाद मौसम ने ऐसे गियर बदला कि कई जगह जबर्दस्त अंधड़ तथा गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। इससे गर्मी से परेशान लोगों को कुछ हद तक राहत पहुंची। लेकिन प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में बिजली भी गुल हो गई। इधर नैनीताल मुख्यालय में राजभवन रोड पर सेंट मेरीज कॉन्वेंट कॉलेज के पास एक विशाल पत्थर सड़क पर आ गया। इस दौरान माल रोड के वाहनों के लिए बंद होने के बाद वाहन इसी मार्ग से गुजर रहे थे, लिहाजा मार्ग पर बड़ा जाम लग गया। वहीं अंधड़ से मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर खैरना चौराहे पर कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह के ठीक सामने एक पॉपुलर के पेड़ की टहनियां हाईवे पर आ गिरी। इससे विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, और विद्युतापूर्ति ठप हो गई। साथ ही हाईवे पर भी घंटे भर आवाजाही ठप रही। कई लोग टहनियां गिरने से बाल-बाल बचे। तेज अंधड़ के बाद बारिश के बाद हाईवे पर पाडली, रातीघाट दोपाखी आदि क्षेत्रों में भी पत्थर गिरे।

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बारिश के दौरान सरोवरनगरी का नजारा।

नवीन समाचार, नैनीताल 18 अप्रैल 2019। मौसम विभाग की चेतावनी गुजर जाने के बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सरोवर नगरी नैनीताल सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में आज दोपहर बाद घंटों मूसलाधार बारिश हुई, इससे नगर की कई सड़कों में पानी नालों की तरह बहने लगा। इस कारण नालियों की गंदगी भी सड़कों से होते हुए बहकर नैनी झील में पहुंच गयी। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों मे अप्रैल माह में दुबारा से सर्दी लौट गई है। लोगों ने फिर से गर्म वस्त्र निकाल लिये हैं।

आज सुबह का मौसम

उल्लेखनीय है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार की सुबह से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश में तब्दील हो गयी। नगर में सुबह तड़के से ही हल्की बारिश हो रही थी, जो कुछ देर रुकने के बाद दोपहर बाद करीब एक बजे से मूसलाधार होने लगी। इस दौररान झील में सैलानियों को लेकर तैरती नौकाओं को जल्दी में वापस लौटना पड़ा। बावजूद सैलानी भीग गये। शाम साढ़े तीन बजे के बाद भी मूसलाधार बारिश होती रही। इसके बाद बारिश कुछ धीमी हुई, किंतु जारी रही। इस दौरान सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रो मे ठंड महसूस की जाने लगी है। अलबत्ता, बारिश प्रकृति एवं पर्यावरण के साथ ही खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में बागानों-फल, फूलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है, और जंगलों में आग लगने की संभावना तथा आगे गर्मी पर भी कुछ लगाम लगने की उम्मीद है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 3 मार्च 2019। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फिर ताजा हिमपात और निचले इलाकों में बारिश होने से मौसम में ठंडक बनी हुई है। राज्य मौसम केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के उंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात हुआ है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, मनुस्यारी आदि प्रदेश के ऊंचे इलाकों में ज्यादा बर्फबारी होने की खबर है। केदारनाथ में 14 और बद्रीनाथ में 6 फुट बर्फ होने के समाचार हैं। वहीं रविवार को देहरादून और आसपास के मसूरी जैसे पहाड़ी इलाकों में जमकर जो नैनीताल-हल्द्वानी एवं आसपास के क्षेत्रों में सुबह बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में अगले एक-दो दिनों में भी हल्की बारिश हो सकती है ।
इधर पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. आरके सिंह के अनुसार इस बार उत्तराखंड में फरवरी में आठ बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बीते 15 साल का रिकॉर्ड टूटा है। उनके अनुसार सामान्यतः उत्तराखंड में फरवरी में चार बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है। मगर इस बार ‘आर्कटिक ब्लास्ट’ के चलते फरवरी में बीते 15 साल के सभी रिकॉर्ड धराशायी हो गये हैं। इस बार फरवरी में आठ बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिसके चलते उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में छह बार बर्फबारी और आठ बार हल्की और मध्यम से लेकर तेज बारिश हो चुकी है। उनके अनुसार फरवरी में उत्तराखंड में सामान्य तौर पर 30 मिमी बारिश होती है। मगर इस बार 38 मिमी. बारिश के साथ ही छह बार उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो चुकी है। जानकार इसके लिए आर्कटिक ब्लास्ट को जिम्मेदार मान रहे हैं। डॉ. सिंह ने मौजूदा मार्च में भी दो से तीन बार पश्चिमी विक्षोभ हवाओं के सक्रिय होने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 27 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में बुधवार को लगातार दूसरी सुबह भी नजारे बेहद शानदार हैं।  नगर के निचले क्षेत्रों में भी  करीब 1 इंच बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है। बीती रात्रि भी नगर में खामोशी के साथ अच्छी बर्फबारी हुई है। नैना पीक, कैमल्स बैक, बिरला, स्नो व्यू व लड़ियाकांटा की पहाड़िया बर्फ से लकदक पटी हुई हैं। अभी भी हल्की बर्फबारी जारी है। बीती शाम सेे ही बिजली गुल है।ऐसे में परेशानियां भी कम नहीं हैं, क्योंकि मंगलवार से ही नगर के प्रमुख पब्लिक स्कूल भी खुल चुके हैं इसलिए बच्चों के सामने भी स्कूल जाने की समस्या है। सेंट मेरिज कॉन्वेंट कॉलेज में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जबकि अन्य स्कूलों से कोई जानकारी उपलब्ध न होने के कारण छुट्टी पर असमंजस बना हुआ है।

पूर्व समाचार : 

हालांकि इस वर्ष कहने को पांच-छह दौर की बर्फबारी हो चुकी है, लेकिन आज मंगलवार की सुबह उठते ही नगरवासी जिस बर्फबारी के नजारे देख रहे हैं वह अप्रत्याशित होने के साथ ही बेहद खूबसूरत है। अप्रत्याशित इसलिए कि रात्रि में हुई इस बर्फबारी का किसी को पता ही नहीं चला। यहां तक कि नगर के ही बहुत से लोगों को अब तक भी नगर में बर्फबारी होने की जानकारी नहीं है। अलबत्ता, सर्वप्रथम यह समाचार प्राप्त कर रहे ‘नवीन समाचार’ के अन्य शहरों के पाठक भी चाहें तो दिन तक नगर में बर्फबारी का आनंद लेने आ सकते हैं। उन्हें दिन में भी पंगोट रोड पर हिमालय दर्शन के पास बर्फबारी से खेलने का अब तक का सबसे अच्छा मौका मिल सकता है। इससे नगर के पर्यटन को भी एक बार फिर नयी ताजगी मिल सकती है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को नगर में आसमान में बादलों की धूप-छांव के बीच अच्छी धूप भी खिली थी। शाम को भी मौसम साफ था और बादलों की ओट से खूबसूरत चांद भी झांक रहा था। किंतु रात्रि 10-साढ़े 10 से शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी के बीच जब लोगों की आंख लग गयी, तब न जाने कब नगर में बर्फबारी हो गयी। और बर्फबारी भी ऐसी कि पहली बार नगर के ऊंचाई वाले टिफिन टॉप, स्नोव्यू, कैमल्स बैक व नैना पीक की पहाड़ियों पर काफी नीचे तक पेड़ों पर भी बर्फ झूल रही है।

बर्फबारी के कुछ नजारे :

नगर की बिजली गुल
नैनीताल। बर्फवारी की वजह से नगर की नाजुक विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गयी है। रात्रि से ही नगर में बिजली गायब हो गयी है। उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग के द्वारा पिछले पूरे माह ध्वस्त रही विद्युत व्यवस्था को इधर दुरुस्त कर लिये जाने का दावा किया गया था, किंतु यह फिर से पूर्ववत नजर आ रही है।

पूर्व समाचार : पहाड़ों पर होने लगी बूंदाबांदी, आगे फिर हो सकती है बर्फबारी-ओलावृष्टि

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 फरवरी 2019। सरोवरनगरी सहित निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में बूंदाबांदी शुरू हो गयी है। इससे लग रहा है कि मौसम मौसम विभाग की भविष्यवाणी की राह पर चल रहा है। आगे यदि भविष्यवाणी पूरी तरह से सही साबित होती है तो बर्फबारी और ओलावृष्टि भी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने 21 फरवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों बर्फबारी और ओलावृष्टि हो सकती है। इससे पूर्व नगर में पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे और मौसम सर्द रहा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान तापमान अधिकमत 11 व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो कि बृहस्पतिवार 21 फरवरी को अधिकतम 9 व न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 

मौसम विभाग ने गत 17 फरवरी 2019 को फिर उत्तराखंड के मौसम के लिए चेतावनी जारी की थी। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा था कि प्रदेश में अगले पूरे सप्ताह मौसम सर्द बना रह सकता है। सिंह के अनुसार 18 से 20 फरवरी के बीच प्रदेश में कुछ स्थानों पर बादलों की तेज गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, और बारिश के साथ ओलावृष्टि और आगे 21 को पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि पूरे प्रदेश में बढ़ने तथा प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना जताते हुए कहा था कि इस दौरान अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं 22 से मौसम ठीक होने की ओर लौट सकता है। किंतु 23-24 फरवरी को फिर से प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मौसम खराब हो सकता है। सलाह दी गयी है कि इस दौरान तेज गरज सुनाई देने पर आधे घंटे तक सावधानी बरतें। कहीं आना-जाना हो तो टाल दें।

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शुक्रवार को नगर में कुछ देर के लिए हुई ओलावृष्टि से बिछी सफेद चादर।
हाईकोर्ट परिसर स्थित आवास की छत पर गिरा सुरई का विशाल पेड़।

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 फरवरी 2019। सरोवरनगरी में बारिश-ओलावृष्टि का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। भीषण ओलावृष्टि से हाईकोर्ट परिसर में एक न्यायाधीश के आवास के पीछे स्थित एक आवासीय भवन की छत पर सुरई का एक विशालकाल पेड़ गिर गया। आवास में हाईकोर्ट के कर्मचारी रहते हैं। पेड़ गिरने से भवन की छत को नुकसान पहुंचा है। वहीं वन दरोगा हीरा सिंह शाही ने बताया कि मस्जिद तिराहे से आगे हाईकोर्ट रोड पर भीषण ओलावृष्टि के कारण वाहन नहीं चल पाने के कारण लगे जाम की वजह से वन कर्मी पेड़ को हटाने के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। यहां घंटों वाहन फंसे रहे। पुलिस को इस मार्ग पर जाम खुलवाने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। इधर ओलावृष्टि के बाद से नगर में बिजली भी गुल हो गयी है।
नगर में दिन की शुरुआत बादलों से घिरे आसमान के साथ हुई, लेकिन बाद  धूप भी निकली, लेकिन अपराह्न करीब ढाई बजे से नगर में बारिश के साथ ‘बमबारी’ की तरह जोरदार ओलावृष्टि हुई, फलस्वरूप करीब आधे घंटे में ही नगर के निचले इलाके भी ओलों की सफेद चादर से पट गये। माल रोड सहित सभी प्रमुख सड़कों पर लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी पेश आई, वहीं नगर के चार्ल्टन रोड जैसे तीक्ष्ण चढ़ाई व उतार वाली सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान अधिकतम 13 व न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गिरा, जबकि बीते 24 घंटों में नगर में 15.2 मिमी बारिश भी दर्ज की गयी है। मौसम विभाग आगे भी अगले एक-दो दिन मौसम के यथावत रहने की संभावना जता रहा है।

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 फरवरी 2019। मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए सरोवरनगरी एवं आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बृहस्पतिवार रात्रि मौसस ने रौद्र रूप दिखाया। रात्रि में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश और जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि इतनी जबर्दस्त थी कि टिन की छतों वाले घरों में पानी अंदर आ गया। जगह-जगह कई पेड़ और उनकी टहनियां टूट गयीं। यहां तक कि माल रोड पर दशकों पुराना विशाल चिनार का मोटा पेड़ भी जड़ के पास से दरक गया। ओले शुक्रवार दोपहर तक बने रहे। वहीं पेड़ टूटने से मुख्यालय की बिजली गुल हो गयी। विद्युत विभाग ने तल्लीताल माल रोड के आधे शहर को पाइंस की लाइन से जोड़कर दिन में किसी तरह आपूर्ति सुचारू करवाई, जबकि मल्लीताल का बड़ा क्षेत्र रात्रि में करीब 11 बजे जाने के बाद से करीब 17 घंटों के बाद भी सुचारू नहीं हो पाई है। बावजूद स्कूल-कॉलेज खुले रहे। इससे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तापमान अधिकतम 7.6 व न्यूनतम 1.5 डिग्री सेल्सियस जबकि बारिश 28.2 मिमी रिकार्ड की गयी। मौसम विभाग आगे एक-दो दिन भी मौसम के प्रतिकूल रहने की संभावना जता रहा है।
मुख्यालय में ओलावृष्टि-आंधी तूफान से नगर के जुबली हॉल क्षेत्र में एक घर पर सुरई का पेड़ गिरने से शोबन राम, राजेंद्र प्रसाद व हेमा देवी के घरांे की छतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और पानी घर के भीतर भर गया। इसी तरह भोटिया बैंड पर एक पेड़ बिजली की लाइन पर जा गिरा। इसी तरह बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में एक पेड़ यहां खड़ी एंबुलेंस पर जा गिरा, जिससे एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हो गयी। उधर मल्लीताल में सीता किरन होटल के पास जेपी साह के कॉटेज में रहने वाली हेमा देवी के बाथरूम की छत भी ध्वस्त हो गयी। उधर विद्युत विभाग के एसडीओ पर्यंक पांडे ने बताया कि मेहरागांव से सूखाताल को आने वाली 33 केवीए की लाइन पर गेठिया व रूसी बाइपास सहित कई स्थानों पर पेड़ गिरे हैं, जबकि कई अन्य जगह भी लाइनों में खराबी हो सकती है। लिहाजा बिजली कब तक आ पाएगी कहना मुश्किल है।

यह भी पढ़ें : दर्दनाक ! बर्फ का एवलांच गिरने से पिथौरागढ़ के सीमांत में 35 बकरियों की दबकर मौत

नवीन समाचार, पिथौरागढ़, 28 जनवरी 2019। उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले के लीलम क्षेत्र में बर्फीला पहाड़ दरकने से 35 बकरियों की मौत होने का दुःखद समाचार है। बताया गया है कि बर्फ का पहाड़ (एवलांच) गिरने की वजह से बकरियां बर्फ के नीचे दब गईं और उनकी मौत हो गई। बकरियों को पालने वाले प्रभावित गोविंद सिंह ने मुनस्यारी तहसील जाकर बकरियों के बर्फ के नीचे दबने की बात बताई है।
बकरियां पालने का कारोबार करने वाले गोविंद ने बताया कि उसका परिवार बकरी पालन से ही चलता है और बकरियां ही उसकी आजीविका का सहारा थीं। रविवार सुबह उसकी बकरियों के झंुड के ऊपर बर्फ की पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। जब तक बर्फ से दबी बकरियों को निकाला जाता तब तक 35 बकरियों की मौत हो चुकी थी। उसने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग करते हुए कहा है कि अन्यथा उसका परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा।

यह भी पढ़ें : नैनीताल नगर में इस मौसम में पहली बार पड़ कर जमी बर्फ

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 जनवरी 2019। एक बार पुनः सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सरोवरनगरी में शुक्रवार को अनपेक्षित तौर पर बर्फवारी हुई, और नगर क्षेत्र में इस मौसम में पहली बार बर्फ टिकी। ऐसा तब है, जबकि नगर में बृहस्पतिवार को पूरे दिन अच्छी धूप खिली थी। इसके बाद मौसम विभाग की चेतावनी को सही साबित करते हुए रात्रि से ही आसमान में बादलों ने घेरा डाल दिया। इसके फलस्वरूप पहले सुबह हल्के हिमकण एवं बारिश होनी शुरू हुई तथा पूर्वान्ह करीब साढ़े 11 बजे और अपराह्न में तीन बजे से बर्फबारी हुई। सुबह बर्फबारी हालांकि हल्की थी, लेकिन यह टिकी, जबकि शाम की बर्फवारी के दौरान बेहद सुंदर नजारा और तेज बर्फबारी हुई, किंतु अन्जान कारणों से यह टिक नहीं पाई, और इसके तत्काल बाद धूप के दर्शन भी हो गये। वहीं नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों किलबरी रोड पर हिमालय दर्शन, पंगोट किलबरी आदि क्षेत्रों में पहले ही अच्छी बर्फबारी हो चुकी है।

यह भी पढ़ें : चांदी की चूनर ओढ़ लकदक सजे कुमाऊँ के पहाड़…

नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जनवरी 2019। आखिर कई बार होते-होते रह गयी बर्फबारी ने मंगलवार को नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को ही सही छू लिया। सोमवार से ही बने मौसम के बाद मंगलवार को नगर की सबसे ऊंची नैना पीक चोटी तथा इससे लगी पंगोट रोड पर हिमालय दर्शन के पास इतनी भर बर्फबारी हो गयी कि सैलानी इसका आनंद ले पाएं। इस पर नगर में पहुंचे सैलानी हिमालय दर्शन के पास पहुंच गये और बर्फ पर खेलने का आनंद लिया। लोगों ने बर्फ के गोले बनाकर उछाले और एक-दूसरे को मारते हुए खेले। इधर नगर में पहली अच्छी शीतकालीन बर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार नगर में सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों में 28.2 मिमी बारिश दर्ज की गयी, जबकि तापमान अधिकतम 12 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। ऐसे मौसम में नगर में भी अच्छी ठंड महसूस की गयी और लोग गर्म वस्त्रों में अथवा अलाव के आसपास दुबके रहे।

इधर प्रदेश के कुमाऊं मंडल में अनेक अन्य स्थानों से बर्फवारी की कहीं खूबसूरत तो कहीं परेशानी बढ़ाने वाली तस्वीरें आ रही हैं। जनपद में मुक्तेश्वर से लगे क्षेत्रों तो अल्मोड़ा जनपद में बिन्सर से लेकर देश के द्वादश ज्योर्तिलिंगों में शामिल जागेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर समूह का भी बर्फ से अभिषेक हुआ है। यहां वृद्ध जागेश्वर, रानीखेत, चौबटिया व जौरासी और उधर पिथौरागढ़ जिले में चाय नगरी चौकोड़ी भी बर्फ से निहाल हुई है तो हिमनगरी मुन्स्यारी, धारचूला के तो कहने ही कहां। यहां नैनीताल के पूर्व पुलिस कोतवाल किशन सिंह ह्यांकी के गांव सोसा की भी बर्फबारी के बाद की तस्वीर देखने लायक है। यहां 1 फिट से अधिक बर्फ गिरी है। यही स्थिति बागेश्वर जिले के दानपुर व मल्ला दानपुर क्षेत्रों की भी है। यहां भी जमकर बर्फबारी हुई है।

पूर्व समाचार : बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें, कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त

मनाघेर के पास सामान से भरा कैंटर गिरा खाई में, कैंटर चालक हुआ घायल
-3 घंटे तक जाम रही सड़क, बर्फ की वजह से कई वाहन फिसले, कई दोपहिया वाहन सवार भी हुए चोटिल
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार
, धानाचूली, 7 जनवरी 2019। बीते देर रात हुई बर्फबारी वाहनों के लिए मुसीबत बनकर आई। बर्फ की वजह से मनाघेर के पास देर रात करीब 12 बजे पिथौरागढ़ के मदकोट जा रहा एक आइशर मिनी ट्रक संख्या यूके04सीए-9698 बर्फ में फिसल कर सड़क से करीब 10 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिसमें सवार वाहन चालक हरीश पांडे (35) पुत्र गोपाल दत्त छोडी बगड़ मदकोट घायल हो गया। वाहन चालक को आपातकालीन वाहन 108 की मदद से हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय भेजा गया। उसके पांव में चोट लगी है। वहीं दिन भर बर्फ में गिरे पाले की वजह से धानाचूली से चोरलेख के मध्य 4 से 5 जगह वाहनों के फिसलकर आड़े-तिरछे हो जाने की वजह से जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिसको मुक्तेश्वर पुलिस और तहसील प्रशासन की मदद से खुलवाया गया, वहीं लोनिवि की भूमिका नगण्य रही।

इसके अलावा कई मोटरसाइकिल सवार पाले में फिसलने से चोटिल हो गए। मनाघेर के पास ही वैगनआर और छोटा हाथी आपस में टकरा गए, जिससे वैगनआर कार हवा में लटक गई। वहीं करीबन 3 घंटे लगे जाम ने राहगीरों व यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया। थाना मुक्तेश्वर से सुबह से पहुंचे एसओ कैलाश चंद्र जोशी ने आरे तिरछे लगे वाहनों को लोक निर्माण विभाग की जेसीबी की मदद से सीधा किया, तब जाकर कहीं जाम 11 बजे खुल पाया। वहीं मनाघेर के पास अत्याधिक पाला गिरने की वजह से वाहनों के फिसलने का सिलसिला जारी रहा। यात्रियों का कहना था कि यदि समय से लोक निर्माण विभाग बर्फबारी व पाले पर नमक का छिड़काव करता तो यह नौबत नहीं आती।

सरोवरनगरी सहित पूरे पहाड़ में हुई नये वर्ष की पहली बर्फबारी

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2019। सरोवरनगरी में रविवार को नये वर्ष 2019 की पहली बर्फबारी हो गयी। नगर में सुबह से ही बादलों की मौजूदगी के बीच सर्द हुए मौसम में शाम करीब साढ़े चार बजे करीब 15 मिनटों के लिए बर्फ के फाहे गिरे। इस दौरान जहां एक ओर लोग मौसम का आनंद लेते देखे गये, वहीं अनेक कमजोर आय वर्ग के लोग ठंड पड़ने से परेशान भी दिखे। इससे नगर के पर्यटन व्यवसायी भी उत्साहित नजर आये। आगे हालांकि बर्फबारी रुक गयी, किंतु पर्यटन व्यवसायी आगे और बर्फ गिरने की उम्मीद कर रहे हैं। यहाँ रविवार रात्रि भी बर्फ़बारी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
उधर पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र धारचूला, बंगापानी, मुनस्यारी में बारिश के साथ हिमालय की चोटियों पर हिमपात प्रारंभ हो गया है। थल मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि में तीन इंच, बिटलीधार में तीन इंच, खलिया टॉप में आधा फीट, मिलम में एक फीट हिमपात हुआ है। वहीं धारचूला की दारमा, व्यास व चौंदास की चोटियों ने भी चांदी की चादर ओढ़ ली है। प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन स्थल श्री नारायण आश्रम के आसपास भी काफी हिमपात हुआ है। उच्च हिमालय और उच्च मध्य हिमालय की चोटियों पर हिमपात हो रहा है। रात को बर्फबारी से थल-मुनस्यारी मार्ग के बंद हो गया है। हिमनगरी मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस चार डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 7 डिग्री है। इधर, नैनीताल में मौसम का पहला हिमपात हो रहा है। किलबरी, स्नोव्यू, आदि स्थानों पर बर्फ से सड़कों, मकानों की छतों की सफेदी देखी गयी है। वहीं बागेश्वर के उच्च हिमालयी क्षेत्रों बदियाकोट, झूनी, खलझुनी, धुर, विनायक, कर्मी, तोली, पैठी, बघर, लीती, कुंवारी, बोरबलड़ा, सुराग, कालो, डोला, बाछम व ख्राती में भी जबरदस्त हिमपात हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों से आवाजाही में सतर्कता बरतने की अपील की है साथ ही अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व समाचार : नैनीताल में पाला, मुक्तेश्वर में पेड़ों पर ओस की बूंदें भी जमीं

मुक्तेश्वर में सेब के बाग में बर्फ बनी ओस। (फोटो मनोज कुमार जोशी)

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसंबर 2018। पहाड़ों पर कड़ाके की सर्दी का सिलसिला जारी है। सरोवरनगरी में हालांकि शनिवार को पूरे दिन अच्छी धूप खिली, लेकिन कम या बिना धूप के उत्तरी ढाल की अयारपाटा पहाड़ी, ठंडी सड़क क्षेत्र में दिन में भी कड़ाके की ठंड रही, एवं कई स्थानों पर पाला भी जमा रहा। इससे कालाढुंगी रोड पर सूखाताल से आगे बारापत्थर के पास सड़क पर भी पाला जमा रहा। यही स्थिति किलबरी रोड पर हिमालय दर्शन से आगे भी कई स्थानों पर बनी हुई है। ऐसे में नगर में निम्न आय वर्ग के लोग जलौनी लकड़ियों के भरोसे हैं। कुछ नाविक नैनी झील के किनारे से नावों पर सूखी लकड़ियां जुटाते कैमरे में कैद हुए। नगर में पारा अधिकतम 10 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। वहीं जनपद के सबसे सर्द मुक्तेश्वर रहा, यहां पारा माइनस 4.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ। यहां धूप निकलने के बाद भी कई धूप रहित स्थानों पर सेब के बगीचों में ओस का पानी एवं नलों में पानी भी बर्फ की तरह जमा हुआ दिख रहा है।

नैनीताल-उत्तराखंड में ठंड से एक और मौत, संख्या पहुंची तीन

-जनपद के पोखराड इंटर कालेज के लेब टेक्नीशियन था मृतक, अगले माह होना था सेवानिवृत्त
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 28 दिसंबर 2018।
क्षेत्र के आगर इंटर कालेज टांडी पोखराड में कार्यरत लेब टेक्नीशियन की बीते रात ठंड लग जाने से मौत हो गयी। मृतक को अगले माह जनवरी 2019 में ही सेवानिवृत्त होना था। थाना मुक्तेश्वर की पुलिस द्वारा शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। इसके साथ राज्य में ठंड से मौतों की संख्या तीन तक पहुंचने की बात कही जा रही है। इससे पूर्व नैनीताल मुख्यालय में 50 वर्षीय राजू नाम के चाय की दुकान पर कार्य करने वाले के साथ ही किच्छा में हुई एक मौत का कारण भी आग लगना बताया गया है।
थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर कैलाश चन्द्र जोशी ने बताया कि हरेंद्र सिंह (59) पुत्र उमेद सिंह निवासी गंगवाचौड़ चौखुटा बृहस्पतिवार को रात में अपने घर नही पहुंचे। इस पर परिजनों ने कई जगह उनकी खोजबीन की। इधर किसी ने पुलिस को पोखराड़ कसियालेख मोटर मार्ग पर भूमिया मंदिर के पास किसी व्यक्ति के पड़े होने की सूचना दी, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी। मोके पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव की शिनाख्त हरेंद्र सिंह के रूप में की गई। थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि शव के हाथ और पांव में हल्की रगड़ के निशान भी है। मौत कैसे हुई यह पीएम रिपोर्ट से पता चल सकेगा। अलबत्ता लोगों का कहना है कि क्षेत्र के तापमान माइनस 7 डिग्री तक चला जा रहा है। जिससे रात भर ठंड में रहने से ही मौत हुई होगी। घटना स्थल पर एसआई जगदीश नेगी और पूजा दास आदि भी मौजूद रहेे।

पूर्व समाचार : नैनीताल-उत्तराखंड में ठंड से हुई पहली मौत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 दिसंबर 2018। सरोवरनगरी में इस वर्ष की कड़ाके की ठंड ने एक व्यक्ति की जान ले ली है। मूलतः अल्मोड़ा निवासी एवं यहां बिलौरिया कंपाउंड में रहने वाले व मल्लीताल सनवाल स्कूल के पास एक चाय के स्टॉल पर काम करने वाले करीब 50 वर्षीय राजू को मंगलवार रात्रि पास के ही नाले के पास देखा गया। सूचना मिलने पर मल्लीताल थाने के आरक्षी मनोज जोशी उसे रात्रि करीब पौने 10 बजे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले गये, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि वह शाम से ही ठंड से ठिठुर रहा था, तथा रात की ठंड को बर्दास्त नहीं कर पाया, जिस कारण उसकी मृत्यु हो गयी। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों नगर में रात्रि में आसमान साफ रहने पर जबर्दस्त पाला पड़ रहा है, तथा पारा 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है। बावजूद अभी नगर में अभी अलाव भी नहीं जल रहे हैं।

पहाड़ों की बारिश भी होती है खूबसूरत, इसलिए आनंद लीजिये

नैनीताल। पहाड़ों व खासकर सरोवरनगरी में बरसात का मौसम बेहद खूबसूरत होता है। इस दौरान यहां में कोहरे की चादर में शहर का लिपटना और उसके बीच स्वयं भी छुप जाने, बादलों को छूने व बरसात में भीगने का अनुभव अलौकिक होता है। कोहरे का नैनी सरोवर में नौकायन के बीच पानी को छूना तो जैसे स्वर्गिक आनन्द देता है तो मालरोड पर सैर का मजा भी पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय होता है। वहीं इससे पहले भी जब देश मानसून का इंतजार कर रहा होता है, यहां लोकल मानसून झूम के बरसने लगता है। इस दौरान यहां एक नया आकर्षण नजर आता है, जिसे नगर के अंग्रेज निर्माताओं ने अपने घर इंग्लैंड को याद कर ‘लंदन फॉग’ और ‘ब्राउन फॉग ऑफ इंग्लैंड’ नाम दिये थे। नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर के ऊपर उठता और सरोवर को छूने के लिए नीचे उतरते खूबसूरत बादलों को ‘लंदन फॉग’ कहा जाता है। इन दिनों भी सरोवरनगरी में ऐसा ही दिलकश मौसम बना हुआ है। स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के कार्य जरूर प्रभावित हो रहे हैं, और लोगों को घरों में पानी रिसने, छतों से पानी चूने, और कपड़ों के न सूख पाने की समस्याएं आ रही हैं, लेकिन सैलानी ऐसे मौसम का खूब आनंद उठा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : राजस्थान-बलूचिस्तान की धूल से हुई मटमैली बारिश, फिर भी नहीं हटी धूल, झील हुई ‘गायब’ ! हिमालय हो सकता है अगला निशाना !

नैनीताल, 13 जून 2018। राजस्थान व पाकिस्तान के बलूचिस्तान की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के साथ आकर दिल्ली में प्रदूषण बढ़ाकर ‘आपातकाल’ जैसे हालात बनाने वाली धूल भरी आंधी के केस-बल बुधवार शाम अनेक क्षेत्रों में भारी तबाही के बाद भी ढीले नहीं पड़े हैं। यह गहरी धूल हज़ारों किमी दूर नैनीताल सहित उत्तराखंड के पहाड़ों तक पहुंच गई है। इससे यहां दृश्यता तो बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच ही गयी है, लोगों को स्वांस लेने में भी कठिनाई महसूस हो रही है। यहां तक कि नैनी झील बेहद करीब से भी नज़र नहीं आ रही है। वहीं आगे हिमालय पर्वत इसके निशाने पर लग रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह हिमालय सहित पूरे देश के लिये नई पर्यावरणीय चिंताएं पैदा करने वाला होगा।

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