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बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें, कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त

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-मनाघेर के पास सामान से भरा कैंटर गिरा खाई में, कैंटर चालक हुआ घायल
-3 घंटे तक जाम रही सड़क, बर्फ की वजह से कई वाहन फिसले, कई दोपहिया वाहन सवार भी हुए चोटिल
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार
, धानाचूली, 7 जनवरी 2019। बीते देर रात हुई बर्फबारी वाहनों के लिए मुसीबत बनकर आई। बर्फ की वजह से मनाघेर के पास देर रात करीब 12 बजे पिथौरागढ़ के मदकोट जा रहा एक आइशर मिनी ट्रक संख्या यूके04सीए-9698 बर्फ में फिसल कर सड़क से करीब 10 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिसमें सवार वाहन चालक हरीश पांडे (35) पुत्र गोपाल दत्त छोडी बगड़ मदकोट घायल हो गया। वाहन चालक को आपातकालीन वाहन 108 की मदद से हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय भेजा गया। उसके पांव में चोट लगी है। वहीं दिन भर बर्फ में गिरे पाले की वजह से धानाचूली से चोरलेख के मध्य 4 से 5 जगह वाहनों के फिसलकर आड़े-तिरछे हो जाने की वजह से जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिसको मुक्तेश्वर पुलिस और तहसील प्रशासन की मदद से खुलवाया गया, वहीं लोनिवि की भूमिका नगण्य रही।

इसके अलावा कई मोटरसाइकिल सवार पाले में फिसलने से चोटिल हो गए। मनाघेर के पास ही वैगनआर और छोटा हाथी आपस में टकरा गए, जिससे वैगनआर कार हवा में लटक गई। वहीं करीबन 3 घंटे लगे जाम ने राहगीरों व यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया। थाना मुक्तेश्वर से सुबह से पहुंचे एसओ कैलाश चंद्र जोशी ने आरे तिरछे लगे वाहनों को लोक निर्माण विभाग की जेसीबी की मदद से सीधा किया, तब जाकर कहीं जाम 11 बजे खुल पाया। वहीं मनाघेर के पास अत्याधिक पाला गिरने की वजह से वाहनों के फिसलने का सिलसिला जारी रहा। यात्रियों का कहना था कि यदि समय से लोक निर्माण विभाग बर्फबारी व पाले पर नमक का छिड़काव करता तो यह नौबत नहीं आती।

चांदी की चादर ओढ़ सजे पहाड़, सरोवरनगरी सहित पूरे पहाड़ में हुई नये वर्ष की पहली बर्फबारी

रविवार शाम सरोवरनगरी में गिरती बर्फ का नजारा। (चित्र : कुबेर सिंह डंगवाल)

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जनवरी 2019। सरोवरनगरी में रविवार को नये वर्ष 2019 की पहली बर्फबारी हो गयी। नगर में सुबह से ही बादलों की मौजूदगी के बीच सर्द हुए मौसम में शाम करीब साढ़े चार बजे करीब 15 मिनटों के लिए बर्फ के फाहे गिरे। इस दौरान जहां एक ओर लोग मौसम का आनंद लेते देखे गये, वहीं अनेक कमजोर आय वर्ग के लोग ठंड पड़ने से परेशान भी दिखे। इससे नगर के पर्यटन व्यवसायी भी उत्साहित नजर आये। आगे हालांकि बर्फबारी रुक गयी, किंतु पर्यटन व्यवसायी आगे और बर्फ गिरने की उम्मीद कर रहे हैं। यहाँ रविवार रात्रि भी बर्फ़बारी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
उधर पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र धारचूला, बंगापानी, मुनस्यारी में बारिश के साथ हिमालय की चोटियों पर हिमपात प्रारंभ हो गया है। थल मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि में तीन इंच, बिटलीधार में तीन इंच, खलिया टॉप में आधा फीट, मिलम में एक फीट हिमपात हुआ है। वहीं धारचूला की दारमा, व्यास व चौंदास की चोटियों ने भी चांदी की चादर ओढ़ ली है। प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन स्थल श्री नारायण आश्रम के आसपास भी काफी हिमपात हुआ है। उच्च हिमालय और उच्च मध्य हिमालय की चोटियों पर हिमपात हो रहा है। रात को बर्फबारी से थल-मुनस्यारी मार्ग के बंद हो गया है। हिमनगरी मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस चार डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 7 डिग्री है। इधर, नैनीताल में मौसम का पहला हिमपात हो रहा है। किलबरी, स्नोव्यू, आदि स्थानों पर बर्फ से सड़कों, मकानों की छतों की सफेदी देखी गयी है। वहीं बागेश्वर के उच्च हिमालयी क्षेत्रों बदियाकोट, झूनी, खलझुनी, धुर, विनायक, कर्मी, तोली, पैठी, बघर, लीती, कुंवारी, बोरबलड़ा, सुराग, कालो, डोला, बाछम व ख्राती में भी जबरदस्त हिमपात हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों से आवाजाही में सतर्कता बरतने की अपील की है साथ ही अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व समाचार : नैनीताल में पाला, मुक्तेश्वर में पेड़ों पर ओस की बूंदें भी जमीं

मुक्तेश्वर में सेब के बाग में बर्फ बनी ओस। (फोटो मनोज कुमार जोशी)

नवीन समाचार, नैनीताल, 29 दिसंबर 2018। पहाड़ों पर कड़ाके की सर्दी का सिलसिला जारी है। सरोवरनगरी में हालांकि शनिवार को पूरे दिन अच्छी धूप खिली, लेकिन कम या बिना धूप के उत्तरी ढाल की अयारपाटा पहाड़ी, ठंडी सड़क क्षेत्र में दिन में भी कड़ाके की ठंड रही, एवं कई स्थानों पर पाला भी जमा रहा। इससे कालाढुंगी रोड पर सूखाताल से आगे बारापत्थर के पास सड़क पर भी पाला जमा रहा। यही स्थिति किलबरी रोड पर हिमालय दर्शन से आगे भी कई स्थानों पर बनी हुई है। ऐसे में नगर में निम्न आय वर्ग के लोग जलौनी लकड़ियों के भरोसे हैं। कुछ नाविक नैनी झील के किनारे से नावों पर सूखी लकड़ियां जुटाते कैमरे में कैद हुए। नगर में पारा अधिकतम 10 व न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। वहीं जनपद के सबसे सर्द मुक्तेश्वर रहा, यहां पारा माइनस 4.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ। यहां धूप निकलने के बाद भी कई धूप रहित स्थानों पर सेब के बगीचों में ओस का पानी एवं नलों में पानी भी बर्फ की तरह जमा हुआ दिख रहा है।

नैनीताल-उत्तराखंड में ठंड से एक और मौत, संख्या पहुंची तीन

मृतक हरेंद्र सिंह।

-जनपद के पोखराड इंटर कालेज के लेब टेक्नीशियन था मृतक, अगले माह होना था सेवानिवृत्त
दान सिंह लोधियाल @ नवीन समाचार, धानाचूली, 28 दिसंबर 2018।
क्षेत्र के आगर इंटर कालेज टांडी पोखराड में कार्यरत लेब टेक्नीशियन की बीते रात ठंड लग जाने से मौत हो गयी। मृतक को अगले माह जनवरी 2019 में ही सेवानिवृत्त होना था। थाना मुक्तेश्वर की पुलिस द्वारा शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। इसके साथ राज्य में ठंड से मौतों की संख्या तीन तक पहुंचने की बात कही जा रही है। इससे पूर्व नैनीताल मुख्यालय में 50 वर्षीय राजू नाम के चाय की दुकान पर कार्य करने वाले के साथ ही किच्छा में हुई एक मौत का कारण भी आग लगना बताया गया है।
थानाध्यक्ष मुक्तेश्वर कैलाश चन्द्र जोशी ने बताया कि हरेंद्र सिंह (59) पुत्र उमेद सिंह निवासी गंगवाचौड़ चौखुटा बृहस्पतिवार को रात में अपने घर नही पहुंचे। इस पर परिजनों ने कई जगह उनकी खोजबीन की। इधर किसी ने पुलिस को पोखराड़ कसियालेख मोटर मार्ग पर भूमिया मंदिर के पास किसी व्यक्ति के पड़े होने की सूचना दी, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी। मोके पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव की शिनाख्त हरेंद्र सिंह के रूप में की गई। थानाध्यक्ष कैलाश जोशी ने बताया कि शव के हाथ और पांव में हल्की रगड़ के निशान भी है। मौत कैसे हुई यह पीएम रिपोर्ट से पता चल सकेगा। अलबत्ता लोगों का कहना है कि क्षेत्र के तापमान माइनस 7 डिग्री तक चला जा रहा है। जिससे रात भर ठंड में रहने से ही मौत हुई होगी। घटना स्थल पर एसआई जगदीश नेगी और पूजा दास आदि भी मौजूद रहेे।

पूर्व समाचार : नैनीताल-उत्तराखंड में ठंड से हुई पहली मौत

नवीन समाचार, नैनीताल, 18 दिसंबर 2018। सरोवरनगरी में इस वर्ष की कड़ाके की ठंड ने एक व्यक्ति की जान ले ली है। मूलतः अल्मोड़ा निवासी एवं यहां बिलौरिया कंपाउंड में रहने वाले व मल्लीताल सनवाल स्कूल के पास एक चाय के स्टॉल पर काम करने वाले करीब 50 वर्षीय राजू को मंगलवार रात्रि पास के ही नाले के पास देखा गया। सूचना मिलने पर मल्लीताल थाने के आरक्षी मनोज जोशी उसे रात्रि करीब पौने 10 बजे बीडी पांडे जिला चिकित्सालय ले गये, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि वह शाम से ही ठंड से ठिठुर रहा था, तथा रात की ठंड को बर्दास्त नहीं कर पाया, जिस कारण उसकी मृत्यु हो गयी। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों नगर में रात्रि में आसमान साफ रहने पर जबर्दस्त पाला पड़ रहा है, तथा पारा 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है। बावजूद अभी नगर में अभी अलाव भी नहीं जल रहे हैं।

यह भी पढ़ें : मुक्तेश्वर, धानाचूली में हुआ वर्ष का पहला हिमपात, करीब डेढ़ इंच तक हुई बर्फ़बारी, पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में

दान सिंह लोधियाल, नवीन समाचार, धानाचूली, 13 दिसंबर 2018।  साल का पहला हिमपात मुक्तेश्वर, धानाचूली क्षेत्र में में हो गया है। जिससे पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। यहाँ करीव डेढ़ इंच तक बर्फवारी दर्ज की गई। जिससे थोडी देर यातायात भी प्रभावित रहा। बृहस्पति को सुबह करीब 9 बजे से हल्की बूदाबांदी के साथ बर्फ की फुहारे शुरू हो गयी। देखते ही देखते धानाचूली, बैंड ऐडीधार, सुंदरखाल, कालापातल, मुक्तेश्वर, मनाघेर, चोरलेख, जाड़ापानी, राता, क्वेदल ओर खुटियाखाल के ऊँचाई वाले स्थानो ने सफेद चादर ओढ़ ली। इन स्थानों में एक से डेढ़ इंच तक बूदाबांदी के साथ वर्फबारी हुई। उधर बर्फ़बारी होंने के साथ ही धानाचूली बैंड, मनाघेर, चोरलेख, पहाड़पानी में मोटर मार्ग पर सफेद चादर बिछी नजर आने लगी। जिससे थोड़ी देर कई स्थानों में यातायात भी प्रभावित रहा। करीब 12 बजे के बाद हल्की धूप आने से कम ऊँचाई वाले स्थानों में फैली सफेद चादर गायब होने लगी। वही ठंड से बचने के लिए स्थानीय व्यापारियों ने सुबह से ही अपनी अपनी दुकानों में लकड़ी जलाकर राहगीरों व स्थानीय लोगो ठंड से बचने में मदद की। दोपहर के बाद धूप छावं का खेल चलता रहा। पहली बर्फ़बारी पर लोगो ने सेल्फी, वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट किए गए। 

नैनीताल में दूसरे दिन भी गिरे हिमकण, हो सकती है बर्फवारी…

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 दिसंबर 2018। सरोवरनगरी नैनीताल में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी सुबह के समय हिमकण गिरे हैं। आसमान पूरी तरह से बादलों से पटा हुआ है। कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। लिहाजा ऐसे मौसम में बर्फवारी की संभावना बनी हुई है। बर्फबारी की उम्मीद में सैलानियों का भी नगर में आना शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान अधिकतम 12 एवं न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस बताया गया है।

नैनीताल में ठंड बढ़ने पर अलाव तापते लोग

इससे पूर्व सरोवरनगरी में बुधवार 12 दिसंबर 2018 को इस मौसम में पहली बार आसमान में पूरी तरह से बादल छाये और इसके साथ ही पहली बर्फवारी की झलक भी दिख आयी। नगर के नैना पीक, हिमालय दर्शन, स्नोव्यू व टिफिन टॉप के साथ ही शेरवानी लॉज व अयारपाटा जैसे ऊपरी क्षेत्रों में अपराह्न ढाई-पौने तीन बजे के बीच कुछ पलों के लिये हिमकण गिरे, जबकि अन्य सभी निचले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद कुछ पलों के लिये धूप के भी दर्शन हुए जबकि इसके अलावा पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे, और बादलों के साथ कड़ाके की ठंड महसूस की गयी, तथा लोग अलाव तापते अथवा बिस्तर पर ही या ओढ़ने वाले गर्म कपड़ों में लिपटे दिखाई दिये। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को भी आसमान बादलों में घिरा रह सकता है, ऐसे में नगर में आगे भी हल्की बर्फवारी की उम्मीद की जा सकती है।
इससे पूर्व नगर में रात्रि से ही बादल छाये रहे। ऐसे में लंबे समय पर रात्रि में पाला नहीं गिरा। साथ ही आसमान के बादलों के घिरे रहने से हवा भी गुम रही। ऐसे में अन्य दिनों के मुकाबले मनोवैज्ञानिक तौर पर अधिक ठंड महसूस की गयी। नगर में आये सैलानी ऐसे मौसम का आनंद लेते भी दिखाई दिये।

पिछले वर्ष की बर्फवारी का समाचार  : सरोवरनगरी नैनीताल में दो वर्ष बाद पहली शीतकालीन बारिश से ही हुई बर्फवारी

  • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिछी 1 से 2 इंच तक मोटी बर्फ की चादर
  • दो वर्ष बाद बर्फवारी होने से खिले लोगों के चेहरे
  • सरोवरनगरी के निचले क्षेत्रों में भी है बर्फ की मौजूदगी
  • मौसम की पहली बारिश में ही पहली बार गिरी बर्फ

नैनीताल। सरोवरनगरी में ‘देर आयद-दुरुस्त आयद’ की तर्ज पर मंगलवार की रात्रि दो वर्ष के बाद मौसम की पहली बारिश ही बर्फवारी की मनमांगी मुराद ले कर आयी। और बर्फवारी भी इतनी कि मन भर गया। नगर के निचले हिस्सों तक भी बर्फ की मौजूदगी बनी, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक से दो इंच तक मोटी बर्फ की चादर बिछ गयी। वहीं बुधवार को नगर में सुबह से धूप खिल आयी। अलबत्ता बादलों की मौजूदगी भी बनी रही। इसके साथ ही नगर में बर्फ की मौजूदगी भी बनी रही। बर्फ पड़ने की जानकारी मिलते ही दिल्ली तक से सैलानी नगर में उमड़ पड़े और बर्फवारी का आनंद लिया। नगर के ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों में सैलानियों की अच्छी भीड़भाड़ रही और नगर के पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे भी खिल आये।

फोटो सौजन्य : प्रशांत दीक्षित, ललित जोशी।

अल्मोड़ा एनएच पर पत्थर गिरने से यातायात रोका

नैनीताल। जैसा कि अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दिनों से ही इसे कई स्थानों पर खतरनाक 90 अंश के कोणों तक काटे जाने के कारण ‘नवीन समाचार’ के द्वारा लगातार अंदेशा जताया जाता रहा है, फिर से इस मार्ग पर पत्थर गिरने लगे हैं। ऐसे में इस मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। वाहनों को भवाली से रामगढ़-क्वारब के रास्ते अल्मोड़ा भेजा जा रहा है। इधर हल्द्वानी एनएच पर रूसी बाईपास के पास दिन में पेड़ गिरा, जिसे हटा दिया गया है। इस दौरान कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।

पहाड़ों पर 20 घंटों से लगातार बारिश, झील का जल स्तर सवा फिट बढ़ा, बारिश से चार सड़कें हुईं बंद

नैनीताल। कुमाऊं मंडल के मुख्यालय सरोवरनगरी एवं आसपास के क्षेत्रों में बीते 20 घंटों से अधिक समय से लगातार बारिश हो रही है। बारिश की गति अधिक नहीं है। बावजूद इस दौरान विश्व प्रसिद्ध नैनी झील का जल स्तर करीब सवा फिट तक बढ़ गया है। झील नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटों में मुख्यालय में 21.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गयी। इसके साथ ही इस वर्ष 1134.6 मिकी बारिश हो चुकी है। वहीं सुबह झील का जल स्तर कल करीब पौने 3 फिट एवं आज सुबह साढ़े आठ बजे 3 फुट ढाई इंच रहा था, जबकि शाम चार बजे तक यह 3 फिट नौ इंच हो गया था, और इसके शाम तक 4 फिट तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। वहीं आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार बारिश से जिले की चार सड़कें बंद हैं। इनमें से देवीधूरा-बोहरागांव सड़क पिछले करीब एक पखवाड़े और फतेहपुर-बेलबसानी सड़क तीन-चार दिनों से बंद पड़ी है। वहीं छड़ा-अमिया और रानीकोटा-गोतिया सड़कें बंद हो गयी हैं। इन दो सड़कों के शाम तक खोल लिये जाने की संभावना भी जतायी गयी है। अन्य किसी तरह के नुकसान का समाचार नहीं है।

पहाड़ों की बारिश भी होती है खूबसूरत, इसलिए आनंद लीजिये

नैनीताल। पहाड़ों व खासकर सरोवरनगरी में बरसात का मौसम बेहद खूबसूरत होता है। इस दौरान यहां में कोहरे की चादर में शहर का लिपटना और उसके बीच स्वयं भी छुप जाने, बादलों को छूने व बरसात में भीगने का अनुभव अलौकिक होता है। कोहरे का नैनी सरोवर में नौकायन के बीच पानी को छूना तो जैसे स्वर्गिक आनन्द देता है तो मालरोड पर सैर का मजा भी पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय होता है। वहीं इससे पहले भी जब देश मानसून का इंतजार कर रहा होता है, यहां लोकल मानसून झूम के बरसने लगता है। इस दौरान यहां एक नया आकर्षण नजर आता है, जिसे नगर के अंग्रेज निर्माताओं ने अपने घर इंग्लैंड को याद कर ‘लंदन फॉग’ और ‘ब्राउन फॉग ऑफ इंग्लैंड’ नाम दिये थे। नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर के ऊपर उठता और सरोवर को छूने के लिए नीचे उतरते खूबसूरत बादलों को ‘लंदन फॉग’ कहा जाता है। इन दिनों भी सरोवरनगरी में ऐसा ही दिलकश मौसम बना हुआ है। स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के कार्य जरूर प्रभावित हो रहे हैं, और लोगों को घरों में पानी रिसने, छतों से पानी चूने, और कपड़ों के न सूख पाने की समस्याएं आ रही हैं, लेकिन सैलानी ऐसे मौसम का खूब आनंद उठा रहे हैं।

पुराना समाचार : नैनीताल जिले में 12 को बारिश की चेतावनी पर बंद रहे स्कूल, 13 को हुई बारिश

  • 11 की छुट्टी के लिए जिला प्रशासन ने मौसम विभाग के ‘हाई अलर्ट’ को बताया कारण, अलबत्ता मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए हाई नहीं ‘अलर्ट’ किया था जारी, जिलों के नाम भी नहीं बताए था…

नैनीताल, 11 जुलाई 2018। नैनीताल डीएम विनोद कुमार सुमन ने बृहस्पतिवार 12 जुलाई को जनपद के कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में एहतियातन अवकाश घोषित किया था। लेकिन लगता है बारिश एक दिन लेट हो गयी। इधर मुख्यालय सहित कमोबेश पूरे जिले में 13 जुलाई को रात्रि से लगातार हल्की वर्षा जारी है। जबकि कल सुबह हल्की बारिश के बाद दिन में धूप भी खिली थी। उल्लेखनीय है कि सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार मौसम विभाग के द्वारा जनपद में भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए ‘हाई अलर्ट’ की चेतावनी जारी की गयी है। साथ ही कहा है कि यदि कोई विद्यालय अवकाश के दिन खुला पाया गया और किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति आती है तो सम्बन्धित विद्यालयों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। 

मौसम विभाग ने इस तरह जारी किया है ‘अलर्ट’

उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग के द्वारा जारी विज्ञप्ति में प्रदेश में लाल की जगह भूरे रंग में ‘अलर्ट’ की चेतावनी दर्शाई गयी है।जिला प्रशासन ने मौसम विभाग के ‘हाई अलर्ट’ को कारण बताया है, अलबत्ता मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए हाई नहीं ‘अलर्ट’ किया है जारी, जिलों के नाम भी नहीं बताए हैं।

यह भी पढ़ें : राजस्थान-बलूचिस्तान की धूल से हुई मटमैली बारिश, फिर भी नहीं हटी धूल, झील हुई ‘गायब’ ! हिमालय हो सकता है अगला निशाना !

बृहस्पतिवार 14 जून को विश्व प्रसिद्ध नैनी सरोवर की सुंदरता को इस तरह प्रभावित किया है राजस्थान की धूल ने।

नैनीताल, 13 जून 2018। राजस्थान व पाकिस्तान के बलूचिस्तान की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के साथ आई गहरी धूल हजारों किमी दूर नैनीताल सहित उत्तराखंड के पहाड़ों तक पहुंच कर आफत बन गई है। बुधवार शाम आयी आंधी व बारिश तथा इधर बृहस्पतिवार रात्रि व शुक्रवार सुबह भी हुई काफी बारिश के बावजूद यह ‘जिद्दी’ धूल हटी नहीं है। यह भी हो रहा है कि बारिश के दौरान या कभी यह ओझल हो जा रही है, तथा बाद में फिर आ जा रही है। इससे सांस लेने में परेशानी तथा दृश्यता के कम होने जैसी समस्याएं तो आ ही रही हैं, यहां नैनी झील का पानी भी इसके कारण मटमैला नजर आया।
हुआ यह कि बारिश के दौरान यह धूल बारिश के साथ नीचे आयी, जिससे बारिश भी मटमैले रंग की नजर आयी। इससे लोगों के घरों-वाहनों में साफ होने की जगह मिट्टी चढ़ गयी। कई पानी रुके स्थानों पर मिट्टी का कीचड़ बन गया, वहीं नैनी झील के पोषक नालों में भी मटमैला पानी बहने लगा, और इस कारण नैनी झील का पानी भी बारिश के दौरान मटमैला नजर आने लगा, तथा बाद तक भी इसका असर देखा गया। बावजूद यह धूल अभी हटी नहीं है, और पर्यावरण प्रेमियों के बाद आम लोगों को भी चिंता में डाल रही है।

नैनीताल, 13 जून 2018। राजस्थान व पाकिस्तान के बलूचिस्तान की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के साथ आकर दिल्ली में प्रदूषण बढ़ाकर ‘आपातकाल’ जैसे हालात बनाने वाली धूल भरी आंधी के केस-बल बुधवार शाम अनेक क्षेत्रों में भारी तबाही के बाद भी ढीले नहीं पड़े हैं। यह गहरी धूल हज़ारों किमी दूर नैनीताल सहित उत्तराखंड के पहाड़ों तक पहुंच गई है। इससे यहां दृश्यता तो बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच ही गयी है, लोगों को स्वांस लेने में भी कठिनाई महसूस हो रही है। यहां तक कि नैनी झील बेहद करीब से भी नज़र नहीं आ रही है। वहीं आगे हिमालय पर्वत इसके निशाने पर लग रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह हिमालय सहित पूरे देश के लिये नई पर्यावरणीय चिंताएं पैदा करने वाला होगा।

यह भी पढ़ें : आंधी तूफान से हल्द्वानी में गौला पुल पर यह हुआ हाल, पेड़ गिरने से हल्द्वानी बाईपास बंद

चाहरदीवारी तोड़कर सड़क पर आ गिरा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अहाते में खड़ा विशालकाय पांगर का पेड़

नैनीताल, 13 जून 2018। बुधवार को पूरे दिन जबर्दस्त गर्मी के बाद शाम को मौसम के बदले गियर के साथ अचानक आये आंधी-तूफान ने जनपद में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। देर शाम करीब आठ बजे आये आंधी-तूफान से हल्द्वानी में गौला पुल से गुजरना लोगों के लिये दूभर हो गया। दोपहिया वाहनों के साथ बड़े ट्रक भी पुल से गुजरने की हिम्मत नहीं जुटा पाये। वहीं आगे हल्द्वानी बाईपास पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अहाते में खड़ा विशालकाय पांगर का पेड़ इस दौरान विद्यालय की चाहरदीवारी तोड़कर सड़क पर आ गिरा, जिस कारण बाईपास पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया।
वहीं आंधी-तूफान से कालाढुंगी में बौर पुल के पास भी एक पेड़ गिर गया, जिसे एसडीएम के स्तर से वन विभाग की मदद से हटवाया गया। आंधी-तूफान का प्रभाव पूरे जनपद में बताया जा रहा है, जिस कारण अनेक स्थानों पर पेड़ गिर गये हैं। कमोबेश पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति भी इस कारण बाधित हुई है, जबकि तूफान के निपटने के बाद आपूर्ति बहाल की जा रही है। मुख्यालय में भी अत्यधिक तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली गुल है।

नैनीताल व पहाड़ों पर ऐसे चढ़ा गर्मी, सर्दी व बरसात के मौसम का ‘कॉकटेल’

-हर दिन आधा इंच सूख रही नैनी झील का जल स्तर एक इंच बढ़ा
-मौसम वैज्ञानिकों के कहा-कुछ ही दिनों के लिए है यह स्थिति, खेती-बागवानी के लिए मानी जा रही लाभदायक

सोमवार (9 अप्रैल 2018) को बारिश के दौरान निकलती छात्राएं और कोहरे से ढकी नैनी झील व सरोवरनगरी का नजारा।

नैनीताल। बीते कुछ दिनों से पहाड़ों पर बदले मौसम के मिजाज के दौरान यह समझना मुश्किल हो रहा है मौसम गर्मियों का चल रहा है, अथवा बरसात या सर्दियों का। क्योंकि महीने के हिसाब से यह गर्मियों की शुरुआत का मौसम है, लेकिन सर्दियों की तरह लोग गर्म कपड़े पहने हुए हैं। वहीं जिस तरह से मुख्यालय सहित पहाड़ों पर कोहरा छाया हुआ है, व लगातार हल्की रिमझिम बारिश हो रही है, उससे बरसात के मौसम जैसा नजारा लग रहा है। बीते पांच अप्रैल से चल रहे इस मौसम के दौरान चार दिनों में मुख्यालय में 22 मिमी बारिश हुई है। इस बारिश की महत्ता इस तथ्य को देखते हुए समझी जा सकती है कि जनवरी माह से अब तक पूरे मौजूदा वर्ष 2018 में अब तक कुल 75.4 मिमी ही बारिश रिकार्ड हुई है। इसलिए भी यह बारिश महत्वपूर्ण है कि अब तक पिछले हर रोज आधा इंच घट रहा नैनी झील का जल स्तर इस बारिश के बाद घटना तो रुका ही है, साथ ही मामूली ही सही, 0.8 फिट से एक इंच बढ़ कर 0.9 फिट हो गया है।

मौसम के इस बदलाव के बारे में कुमाऊं विवि के दीर्घकालीन मौसम वैज्ञानिक प्रो. बीएस कोटलिया एवं राज्य के मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक आनंद शर्मा ने कहा कि मौसम में इन दिनों आया यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ का दबाव बनने की वजह से हुआ है। आगे यह अगले एक-दो और यानी 11-12 अप्रैल तक बना रह सकता है। इसके बाद फिर से गर्मी बढ़ने लगेगी। वहीं किसानों का कहना है कि यह बारिश पहाड़ों पर खेती-बागवानी के लिए हर तरह से लाभदायक है, अलबत्ता तराई-भाबर क्षेत्र में पकने लगी गेहूं की फसल को ओलावृष्टि, अंधड़ से जरूर नुकसान हो सकता है। चिकित्सक भी इस बारिश को मानव स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बता रहे हैं।

पिछले वर्ष अब तक 208 मिमी बारिश के बावजून माइनस 4 फिट था जल स्तर
नैनीताल। इस वर्ष जिला प्रशासन के निर्देशों पर नगर में पेयजल आपूर्ति के फलस्वरूप नैनी झील का जल स्तर घटने की रफ्तार पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम रही है। इसे इन आंकड़ों से समझ सकते हैं कि वर्ष 2017 में 9 अप्रैल तक 208.28 मिमी बारिश हुई थी और 9 अप्रैल को जल स्तर झील नियंत्रण कक्ष के मापक पर माइनस 4 फिट था। जबकि इस वर्ष 75.4 मिमी बारिश होने के बावजूद जल स्तर 0.9 फिट के स्तर पर यानी पिछले वर्ष के मुकाबले 4.9 फिट अधिक है।

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