डीएम ने अधीक्षण अभियंता का चार दिन का वेतन रुकवाया

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नवीन समाचार, नैनीताल, 22 नवंबर 2019। डीएम सविन बंसल ने लिये गए अवकाश के बाद भी कार्य पर उपस्थित ने होने पर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एनएस पतियाल का चार दिन का वेतन काटने के निर्देश मुख्य कोषाधिकारी को दिये हैं। साथ ही अधीक्षण अभियंता पतियाल को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को भी कहा है। अन्यथा उनके विरुद्ध उत्तराखंड सरकारी सेवक नियमावली 2010 की सुसंगत प्राविधानोें के अंतर्गत अग्रेत्तर कार्यवाही की जा सकती है।

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बताया गया है कि अधीक्षण अभियंता सिचाई एनएस पतियाल ने गत 11 नवंबर से 23 नवंबर तक डीएम से उपार्जित अवकाश स्वीकृत कराने का अनुरोध किया था, इस पर डीएम ने 18 नवंबर तक एक सप्ताह का उपार्जित अवकाश व मुख्यालय छोडने की अनुमति दी थी। लेकिन अवकाश की अवधि के बाद भी पतियाल आज तक अपने कार्यालय मे उपस्थित नही हुये, और उन्होंने फोन भी नहीं उठाया। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये ने उनके नवंबर माह के वेतन में से 19 से 22 नवंबर तक यानी कुल 4 दिवस के वेतन की कटौती के आदेश दे दिये हैं। साथ ही मुख्य अभियन्ता स्तर-2 को भी पत्र द्वारा निर्देशित किया है कि भविष्य मे बिना उनकी पूर्व अनुमति के संबंधित अधिकारी को किसी प्रकार का अवकाश स्वीकृत ना करें।

यह भी पढ़ें : एक पॉलीथीन पर 500 जुर्माना तो 65 कट्टे पॉलीथीन पर कितना…हल्द्वानी में पकड़ी गई है 65 कट्टे पॉलीथीन

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 20 नवंबर 2019। शहर में पॉलीथिन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। बुधवार को सीपीयू के जवानों ने एक पिकअप वैन में 65 कट्टों में भरी पॉलीथिन वाहन सहित पकड़ी। पकड़ी गई पॉलीथीन पर सीपीयू जवानों की पीठ थपथपाने के बजाय अधिकारियों में इसे अपनी कामयाबी बताने की होड़ दिखी। वहीं एक पॉलीथीन पर 500 रुपए के जुर्माने के नियम के हिसाब से 65 कट्टे पॉलीथीन पर पुलिस ने कितना जुर्माना लगाया इसका पता नहीं चल पाया। भारी मात्रा में पॉलीथिन पकड़े जाने की सूचना के बावजूद प्रशासनिक अफसरों ने गोदाम में छापा मारना जरूरी नहीं समझा।
बताया गया कि सीपीयू जवान बीएस नैनवाल व मोहम्मद इरफान बुधवार सुबह बरेली रोड पर मेडिकल पुलिस चौकी के पास चेकिंग अभियान चला रहे थे तभी छोटा हाथी वाहन यूके04सीए-1788 को रोका तो वाहन में अवैध तरीके से रखे गये पॉलीथिन के कट्टेे मिले। चालक विनोद ने बताया कि पॉलीथिन अब्दुल्ला बिल्डिंग के पास स्थित गोदाम से मंडी ले जाई जा रही थी। उसने बताया कि यह पॉलीथिन एक प्रिंटिंग प्रेस स्वामी की है। सीपीयू कर्मियों ने पॉलीथिन संबंधी कागजात न दिखाये जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की सूचना दी। सूचना पर एसडीएम, नगर निगम के एसएनए मौके पर पहुंचे और बरामद पॉलीथिन नगर निगम के सुपुर्दगी में दी गई। सीपीयू कर्मियों के अनुसार पता चला कि वाहन में 65 कट्टों में भरकर पॉलीथिन रखी गई है।

यह भी पढ़ें : पेयजल सचिव ने की डीएम के कदम की सराहना, एडीबी को दिया एक माह का अल्टीमेटम

-एडीबी के उप कार्यक्रम निदेशक की एक माह के लिए नैनीताल में तैनाती के आदेश
-नैनीताल में एडीबी की पेयजल लाइनों में अनियमितताओं का मामला

पेयजल सचिव की वीडियो कांफेंस के माध्यम से की गई समीक्षा बैठक में मौजूद डीएम एवं अन्य अधिकारी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 19 नवंबर 2019। प्रदेश के पेयजल सचिव अरविन्द हृयांकी ने मंगलवार को एडीबी द्वारा वित्त पोषित तथा यूयूएसडीआईपी द्वारा नैनीताल शहर में सम्पादित पेयजल कार्यो की वीडियो कांफ्रंेंस के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान डीएम सविन बंसल ने यूयूएसडीआईपी द्वारा बिछाई गई पेयजल लाइनों एवं किये गये कार्यों में विभिन्न प्रकार की कमियों एंव समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा संस्था द्वारा किये गये कार्यों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए अपना असंतोष व्यक्त किया।
इस दौरान एडीबी के उप कार्यक्रम निदेशक विनय मिश्रा सचिव श्री ह्यांकी को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये, इस पर श्री हयांकी ने संस्था के अधिकारियों एवं प्रोजेक्ट मैनेजर को कड़ी फटकार लगाते हुए उप कार्यक्रम निदेशक को तत्काल प्रभाव से एक माह के लिए नैनीताल में तैनात करने के निर्देश दिये। साथ ही डीएम बंसल द्वारा जिला स्तर पर की गई गहन समीक्षा की सराहना करते हुए कहा कि शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए संस्था के कार्यों की ओर अधिक गहनता से समीक्षा करें। श्री हृयांकी ने संस्था के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि डीएम की संतुष्टि न होने पर संस्था के कार्यों की विशेष जॉच कराई जाएगी। उन्होंने यूयूएसडीआईपी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संस्थान के अधिकारियों के साथ एक सप्ताह में सयुंक्त जॉच कर कमियां चिन्हित करंे तथा कमियों को तत्काल दूर करंे। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को पुरानी पेयजल लाइनों से पेयजल आपूर्ति जोनवार तत्काल बंद कर नई लाइनों से पेयजल आपूर्ति कराने तथा दिक्कतों का समाधान यूयूएसडीआईपी से कराने को कहा। साथ ही संस्था के अधिकारी व जल संस्थान के अभियंताओं से संयुक्त रूप से यह भी जाँच करने को कहा कि भविष्य में पेयजल आपूर्ति सुधार के लिए और क्या-क्या कार्य कराने की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें : स्टंटबाज खबरदार ! नैनीताल पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किया स्टंटबाजों पर पहला मुकदमा

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 17 नवंबर 2019। रामनगर में मध्य रात्रि स्टंट करते हुए हुए हादसे में तीन युवकों की मौत से सबक लेते हुए नैनीताल पुलिस जनपद में स्टंटबाजों के खिलाफ हरकत में आ गई है। हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने हल्द्वानी में स्टंट करने के मामले में स्वयं संज्ञान लेकर बाइक संख्या यूके06एबी-3242 के मालिक के खिलाफ जिले का पहला मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात्रि नैनीताल रोड पर चेकिंग के दौरान भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी के सामने डिग्री कालेज के बाइक संख्या यूके06एबी-3242 पर सवार तीन लोग बिना हेलमेट पहने फर्राटा भरते हुए निकल गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे रफ्तार और भी तेज कर काठगोदाम की ओर भाग निकले।
इस पर एसएसपी सुनील कुमार मीणा और एसपी रचिता जुयाल के निर्देश पर चौकी प्रभारी की तहरीर पर धारा 336, 279 के तहत स्टंट का पहला मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बताया गया है कि एसएसपी ने स्टंट करते बाइक सवारों पर चालान नहीं बल्कि भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में उत्तराखंड पुलिस की महिला कर्मियों द्वारा कौसानी के पास हाथ छोड़कर मोटरसाइकिलों पर स्टंट करने का एक वीडियो प्रकाश में आया था। संलग्न चित्र उन्हीें महिला पुलिस कर्मियों का बताया जाता है।

यह भी पढ़ें : शीर्ष अभियंताओं को डीएम ने दी अंतिम चेतावनी

डीएम सविन बंसल

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 नवंबर 2019। डीएम सविन बंसल के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अधीक्षण अभियंता द्वितीय वृत्त लोनिवि नैनीताल, पीएमजीएसवाई ज्योलीकोट, राष्ट्रीय मार्ग वृत्त हल्द्वानी के अधीक्षण अभियंताओं व अधिशासी अभियंताओं द्वारा निरंतर आदेशों व शासनादेशों की अवहेलना की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम बंसल ने अभियंताओं को अंतिम बार चेतावनी दी है कि आदेशों का अनुपालन कड़ाई से अनुपालन करना सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति में उनके मन्तव्य को प्रतिकूल मानते हुए उत्तराखण्ड सरकारी लोक सेवक नियमावली एवं उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली के तहत सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने इस संबंध में लोनिवि के मुख्य अभियंता स्तर-2 को भी अवगत कराया कि वे भी अपने अधीनस्थ अधिकारियों से आदेशों का पालन सुनिश्चित करवाएं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल जनपद के रेडक्रॉस समिति द्वारा संचालित जन औषधि केंद्रों की जांच के लिए शासन से विशेष ऑडिट टीम गठित

नवीन समाचार, नैनीताल, 13 नवंबर 2019। उत्तराखंड शासन के वित्त आडिट प्रकोष्ठ के द्वारा डीएम सविन बंसल की शासन को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर जिला रेडक्रास सोसाइटी द्वारा संचालित जन औषधि केंद्रों मे वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष आडिट टीम का गठन कर दिया है। संयुक्त सचिव वित्त आडिट प्रकोष्ठ ने निदेशक लेखा परीक्षा को निर्देशित किया है कि वह नैनीताल रेडक्रास सोसाइटी द्वारा संचालित जनपद के 6 राजकीय चिकित्सालयों मे संचालित जन औषधि केंद्रों की लेखा परीक्षा को हाईरिस्क (उच्च जोखिम लेखा परीक्षा) की श्रेणी मे रखते हुये आडिट कराये जाने का निर्णय लिया है। इसके अन्तर्गत आडिट करने के लिए कमल भूषण सिह बिष्ट लेखा परीक्षा अधिकारी तथा देवेंद्र सिह चौहान सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी की आडिट टीम बनाई है। उन्होने बताया कि यह आडिट टीम नैनीताल पहुचेगी तथा 12 दिनांे तक जनपद मे रह कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेतालघाट, बीडी पांडे पुरुष चिकित्सालय नैनीताल, सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय हल्द्वानी, सोबन सिह जीना बेस चिकित्सालय हल्द्वानी, राजकीय महिला चिकित्सालय हल्द्वानी तथा स्वर्गीय रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय रामनगर में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों का विशेष आडिट करेगी।
इस सम्बन्ध में डीएम श्री बंसल ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा है कि वह आडिट टीम को पूर्ण सहयोग करें तथा मांगे जाने वाले सभी दस्तावेज उपलब्ध करायें। साथ ही कहा है कि आडिट अवधि में किसी भी प्रकार का अवकाश देय नही होगा।

यह भी पढ़ें : डीएम ने की रेडक्रॉस सोसायटी, जन औषधि केंद्र व एक चिकित्सक पर बड़ी कार्रवाई..ताले लटकने की नौबत..

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 सितंबर 2019। डीएम सविन बंसल ने पूर्व में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार परबीडी पांडे जिला चिकित्सालय में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन औषषि केंद्र के संचालन की अनुज्ञप्ति को निलंबित/निरस्त करने एवं जनपद में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित सभी जन औषधि केंद्रों की विशेष सम्प्र्रेक्षा यानी स्पेशल ऑडिट कराने की शासन से प्रबल संस्तुति कर दी है।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में ताले जड़ते भाजपाई (फाइल फोटो) ।

इधर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के जिला सचिव आरएन प्रजापति ने प्रेस को जारी बयान में जांच समिति द्वारा लगाये गये आरोपों को मनगणंत करार दिया है। बिंदुवार जवाब देते हुए कहा है कि सभी कार्य नियमानुसार किये जा रहे हैं।

वहीं, गत दिवस एसडीएम विनोद कुमार के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र भीमताल का निरीक्षण करने के दौरान डा. एसएस कन्याल के बिना अवकाश स्वीकृति कराये अनुपस्थित मिलने व ई-मेल के माध्यम से प्रेषित आकस्मिक अवकाश एवं चिकित्सा अवकाश प्रार्थना पत्र भेजने को गम्भीरता से लिया है। इस पर उन्होंने जिले की मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये है कि वे डीएम के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना कर बिना अनुमति के मुख्यालय-चिकित्सालय छोडकर जाने पर स्पष्टीकरण लें। ऐसे में उनकी अवकाश की अवधि को सेवा व्यवधान घोषित करने एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की जा सकती है। संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक डा. कन्याल का वेतन आहरण ना करने के भी आदेश दिये गये हैं।

यह भी पढ़ें : अवैध खनन करते 5 वाहन पकड़े, दो सीज-तीन का किया चालान

नवीन समाचार, नैनीताल, 15 अक्टूबर 2019। जनपद में अवैध खनन एवं अवैध भण्डारण को लेकर डीएम सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम के आदेशों पर जिले भर में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में जनपद की कोश्याकुटौली तहसील के एसडीएम गौरव चटवाल ने मंगलवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर कोसी नदी क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर औचक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान उन्होंने 5 गॉड़िया अवैध खनन करते हुए पकड़ी, जिसमें से 3 गाड़ियों का स्वीकृत मात्रा से अधिक उपखनिज लाते हुए पकड़े जाने पर चालान किया गया जबकि 2 दो वाहन संख्या यूके01सीए-0705 व यूके04सीबी-0036 को अवैध खनन में लिप्त होने के आरोप में सीज करते हुए एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही दोनों वाहनों को एफआईआर दर्ज कराने के उपरान्त थाना बेतालघाट के हवाले कर दिया गया। श्री चटवाल ने बताया कि इनके अलावा वाहन संख्या यूके01सीए-0780, यूके01सीए-1147 व यूके01सीए-0518 का भार से अधिक उप खनिज ले जाने पर चालान किया गया है। साथ ही संबंधित वाहन स्वामियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने हेतु रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की जा रही है। कार्यवाही के दौरान पीटीओ तथा राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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-नैनीताल की पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने तक जनपद में एडीबी को नहीं मिलेगा काम
-डीएम ने शासन से की प्रबल संस्तुति, मीटर लगाने वाली कंपनी पर लगाई पेनाल्टी और भुगतान पर रोक
नवीन समाचार, नैनीताल, 15 सितंबर 2019। नगर में एडीबी यानी एशियाई विकास बैंक के द्वारा संचालित यूयूएसडीआईपी परियोजना के तहत नैनीताल मुख्यालय में दोषपूर्ण पेयजल लाइनें बनाई गयीं। इन लाइनों में शुरू से लीकेज की समस्या रही। फिर राइजिंग मेन यानी मुख्य पेयजल लाइनें अपने दोषपूर्ण डिजाइन के कारण कई-कई बार फट गयीं। और इधर योजना के तहत आधे-अधूरे लगाये गये पेयजल मीटर फटने लगे और इनसे पूर्व के मुकाबले कई गुना बिल आने लगे। बावजूद योजना व उसके कर्ताधर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बताया गया कि ‘ऊपर’ से बनी योजना में योजनाकारों के हाथ बहुत लंबे थे। दबी जुबान ऐसा बोलने वाले जल संस्थान के अधिकारी भी इस बाबत खुलकर नहीं बोल पा रहे थे। लेकिन अब लगता है कि एडीबी का ऊंट नैनीताल के डीएम बंसल के नीचे आ ही गया है। डीएम बंसल ने शासन को इस बात की प्रबल संस्तुति कर दी है कि नैनीताल मुख्यालय में एडीबी के द्वारा बनाई गयी योजना में शुरू से मौजूद कमियों को दूर करने तक एडीबी को जनपद में कोई भी कार्य करने की अनुमति न दी जाये। साथ ही उन्होंने अनुबंध के अनुरूप शत-प्रतिशत पेयजल मीटर न लगाने पर मैसर्स चैतास लिमिटेड पर अप्रैल माह से अब तक यानी करीब 76 सप्ताह के लिए मीटर प्रोेजेक्ट की लागत 7.9 करोड़ रुपये पर प्रति सप्ताह 0.05 प्रतिशत की दर से यानी करीब 30 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाने के साथ ही भुगतानों पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने तथा शत-प्रतिशत मीटर न लगने के बावजूद भी यूयूएसडीआईपी के अभियंताओं द्वारा कार्यपूर्ण प्रमाण पत्र जारी करने की उच्च स्तरीय जॉच कराने के आदेश भी दिए।

अधिकारियों की बैठक लेते डीएम सविन बंसल।

रविवार को डीएम श्री बंसल ने एडीबी द्वारा शहर में बिछाई गयी राईजिंग मेन यानी मुख्य पाईप लाईन, टंकी निर्माण, पम्प हाउस तथा जल मीटर आदि लगाने हेतु किए गए अनुबन्धों का गहनता से परीक्षण किया। उन्होंने पेयजल योजना की सभी कमियों को दूर कराने के साथ ही पुरानी पेयजल लाईनों को पूर्णतः बन्द करते हुए शत-प्रतिशत पेयजल संयोजनों को नई लाईनों में शिफ्ट करने व मीटर लगवाने के निर्देश अधिशासी अभियंता जल संस्थान को दिए। उन्होंने बैठक में उत्तराखण्ड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट इंवेस्टमेंट प्रोग्राम के प्रोजेक्ट मैनेजर के न आने पर सख्त नाराजगी भी जाहिर की। बैठक में जल संस्थान के ईई संतोष कुमार उपाध्याय, एई डीएस बिष्ट, यूयूएसडीआईपी के एई दुर्गेश पंत व संजय कुमार आदि भी मौजूद रहे।

30 फीसद मीटर लगाए ही नहीं, 55 फीसद की रीडिंग गलत

नैनीताल। जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता एएस अंसारी तथा जीएम डीके मिश्रा ने बैठक में बताया कि मीटर लगाने वाली संस्था द्वारा कुल 7064 मीटरों के सापेक्ष अभी तक कुल 5075 मीटर ही लगाये गये हैं, जिसमें से अधिकांश मीटरों में रीडिंग ठीक नहीं आने एवं पेयजल संयोजन से अलग लगे होने की शिकायत है, मीटर रीडिंग गलत आने से उपभोक्ताओं में भी रोष व्याप्त है। जिस कारण लगभग 2800 मीटरों की ही रीडिंग का उपयोग बिल बनाने में किया जा रहा है। इसके साथ ही संस्था द्वारा 1989 मीटर और लगाये जाने भी शेष हैं।

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डीएम सविन बंसल

नवीन समाचार, नैनीताल, 12 सितंबर 2019। नैनीताल जनपद के 13 हजार किसानों को समाज कल्याण, कृषि तथा खाद्यान्न विभाग की तथा प्रधानमंत्री मानधन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। क्योंकि पात्र लाभार्थी अपने बैंक खाता, आधार नम्बर व अन्य जानकारियॉ उपलब्ध न करा पाये थे और उनके आवेदनों में अन्य कमियां थीं। इस समस्या के समाधान के लिए जनपद के डीएम सविन बंसल ने अभिनव पहल करते हुए पात्र किसानों के आवेदनों की त्रुटियां दूर करने के लिए डाक से दो-दो पोस्ट कार्ड उनके घर के पते पर भेजे गये थे। इनमें से पहले कार्ड पर सम्बन्धित पात्र व्यक्ति द्वारा योजना का लाभ लेने से वंचित रहने का कारण लिखित में बताया गया था, जबकि लौटती डाक हेतु दूसरा पोस्ट कार्ड सम्बन्धित विभाग के नाम से था जिसमें विभाग द्वारा योजना का लाभ दिलाने के लिए चाही गयी सूचनाएं उपलब्ध करानी थी। इस अभिनव पहल से 10 हजार किसानों द्वारा लौटती डाक से पोस्ट कार्ड पर सही जानकारी उपलब्ध कराई गईं। इसके उपरान्त अभी तक त्रुटि निवारण कर 10 हजार किसान योजना से लाभांवित हो चुके हैं। इसी प्रकार समाज कल्याण विभाग में विभिन्न त्रुटियों के कारण लम्बित 3000 पेंशन प्रकरणों में से 2000 पेंशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए उन्हें पेंशन योजना से लाभांवित किया गया है। डीएम ने बताया कि इसी प्रकार पूर्ति विभाग में विभिन्न त्रुटियों के कारण डिजिटाईजेशन कार्य से वंचित 10 हजार में से 7500 का डिजिटाईजेशन करने में सफलता प्राप्त हो चुकी है। इस प्रकार इस अभिनव पहल के कारण जनपद में 19500 व्यक्ति विभिन्न योजनाओं से लाभांवित हो चुके हैं। आगे डीएम बंसल ने अपील करते हुए कहा है कि अभी भी जिन लाभार्थियों या व्यक्तियों द्वारा लौटती डाक के पोस्ट कार्ड अभी तक नहीं भेजे हैं, वह मांगी गयी सूचनाओं सहित शीघ्रता से भेजें ताकि उन्हें भी सम्बन्धित योजनाओं से लाभांवित किया जा सके।

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-डीएम ने किया बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय में ‘आशा घर’ का शुभारंभ, केवल 18 हजार रुपए से किया स्थापित
-हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज व महिला चिकित्सालय के साथ रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में भी स्थापित होंगे आशा घर
नवीन समाचार, नैनीताल, 9 सितंबर 2019। हमेशा ‘ऊंचे सुरों’ में अंादोलन की धमकी, डीएम से लेकर सीएम और पीएम को अपनी मांगों के लिए ज्ञापन भिजवाने के लिए पहचाने जाने वाले एक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की सदस्य आशा कार्यकत्रियों को सोमवार को संभवतया पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हंसते देखा गया। यही नहीं उन्होंने नृत्य भी किया और पहले नुक्कड़ नाटक के जरिये तथा बाद में डीएम के लौटते हुए खड़े होकर हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। और उन सबकी जुबान पर केवल एक ही शब्द था-धन्यवाद, थैक्यू सर।
हालांकि बाद बहुत बड़ी नहीं, बहुत छोटी सी है। किंतु है दूसरों की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उसका अपनी सामर्थ्य के अनुसार समाधान करने की। डीएम ने कोई बड़ा कार्य नहीं किया। केवल बीडी पांडे जिला महिला चिकित्सालय के पहले से मौजूद तीन पेड वार्डों को करीब 18 हजार रुपए खर्च कर ‘आशा घर’ में तब्दील करवा दिया। आशाएं काफी समय से मांग कर रही थीं कि उन्हें कई बार देर शाम गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु जिला अस्पताल लाना पड़ता है, जिसके बाद धात्री महिलाओं को तो अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है, किंतु वे न रात को घर जा पाती हैं, न उनके लिए रात्रि में ठहरने की कोई व्यवस्था होती है। आज उनकी मांग पूरी हो गई, इसलिए वे खुश थीं। जिले की सीएमओ डा. भारती राणा ने इस पर कहा, अप्रैल 2018 में वे जब आई थीं तो आशाएं और स्वास्थ्य विभाग एक-दूसरे के दुश्मन प्रतीत होते थे। आशाएं हर समय घेराव करती नजर आती थीं, लेकिन आज एक परिवार सा माहौल है। डीएम ने आशाओं की इस खुशी को देखकर सितंबर माह में ही हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज व महिला चिकित्सालय के साथ रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में भी ‘आशा घर’ स्थापित करवाने की घोषणा की और आशाओं को सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए उनसे मौजूदा डेंगू व अन्य संक्रामक रोगों के दौर में अधिक शक्ति के साथ जुटने का आह्वान किया। इस दौरान बीडी पांडे नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी स्वागत गीत के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये और कॉलेज में तीन कक्षाओं व 11 विषयों के लिए केवल 5 शिक्षक होने और इनमें से भी दो शिक्षकों के आगामी अक्तूबर माह में स्वास्थ्य विभाग में वापस जाने की जानकारी देते हुए उन्हें आगे भी कॉलेज में बनाये रखने का निवेदन किया। डीएम ने इस पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में एसीएमओ डा. टीके टम्टा, पीएमएस डा. तारा आर्या, सीएमएम डा. वीके पुनेरा, आशा यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल, दुर्गा टम्टा, रमा गैड़ा, प्रेमा पंत, निर्मला चंद्रा, राधा रानी, मनीषा आर्या, माधवी दर्मवाल आदि आशाएं, सरयू नंदन जोशी, अनूप बमोला, दीवान बिष्ट सहित अनेक स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। संचालन मदन मेहरा ने किया।

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सिचाई विभाग द्वारा साफ करने के बाद ऐसे चमकी सरिताताल झील।

नवीन समाचार, नैनीताल, 8 सितंबर 2019। जनपद के डीएम सविन बंसल के प्रयासों से मुख्यालय के निकट स्थित पूर्व में अपनी प्रवृत्ति के कारण सड़ियाताल कही जाने वाली झील वापस अपने नये नाम सरिता ताल के रूप में लौट आई है। डीएम के आदेशों पर सिंचाई विभाग ने ताल की सफाई करा कर इसे नीली आंखों के लिए उपमा दी जाने वाली झील का वास्तविक सौंदर्य प्रदान किया है। गौरतलब है कि बीते 1 माह पूर्व डीएम द्वारा सरिया ताल के आसपास के इलाकों में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के दौरान गांव वालों ने ताल में फैली विशाल गंदगी की ओर उनका ध्यान आकृष्ट किया और ताल की सफाई ना होने की शिकायत की थी, इस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता सिंचाई हरिश्चंद्र भारती को 15 दिन के भीतर ताल की सफाई करने के आदेश दिए थे। सिंचाई विभाग ने लिखित में डीएम को 15 दिन के भीतर सफाई करने का आश्वासन भी दिया था किंतु निर्धारित अवधि के बाद पुनः डीएम द्वारा ताल का निरीक्षण किया गया तो सिंचाई विभाग ने ताल की ना तो सफाई की और ना ही कोई सौंदर्यीकरण का कार्य ही किया। इस बात पर नाराज डीएम द्वारा सिंचाई महकमे को सीआरपीसी की धारा 133 के तहत नोटिस जारी किया, जिसके बाद महकमे के अधिकारी हरकत में आए तीन मशीनें लगाकर ताल की सफाई की। इसके बाद आज झील शीशे की तरह साफ और निर्मल दिखाई दे रही है। श्री बंसल ने बताया कि गांव वासियों ने जिस प्रकार की मांग की थी उससे कहीं बेहतर कार्य सिचाई विभाग द्वारा किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुंदर झील की वजह से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।

यह भी पढ़ें : डीएम की पहल से दिव्यांग बालिका को 24 घंटे में मिले ‘परवाज को पंख’…

नवीन समाचार, रामनगर, 6 सितम्बर 2019। बीते रोज रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान दिव्यांग बालिका कुमारी नीलम निवासी देवीपुरा, मालधनचौड़ ने बड़े आत्मविश्वास और मदद की उम्मीद से डीएम सविन बंसल से खुद की चल पाने में अक्षमता बताते हुए व्हील चेयर दिलाने का अनुरोध किया था। इस पर डीएम बंसल ने जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध से मौके से ही दूरभाष पर वार्ता कर बालिका को एक दिन के भीतर व्हील चेयर उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। इसके अनुपालन में निरीक्षण के 24 घंटे के भीतर ही समाज कल्याण विभाग में दिव्यांग बालिका नीलम को उनके आवास पर पहुंचकर निःशुल्क व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी है, जिसके बाद उसकी परवाज को पंख लग गये है। वह स्वयं चलने-फिरने के योग्य हो गई है। व्हील चेयर पाकर बालिका की खुशी देखते ही बन रही है। उसने इस कार्य के लिए डीएम श्री बंसल का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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नवीन समाचार, मलुवाताल/भीमताल, 2 सितम्बर 2019। जिलाधिकारी सविन बंसल सोमवार को भीमताल ब्लाक के दूरस्थ गांव मलुवाताल मे पहुचने वाले प्रथम जिलाधिकारी बन गए। उन्होनेे लगभग 5 किमी ऊंची पहाडी पैदल चलकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय मलुवाताल मे आयोजित बहुउददेशीय शिविर में जनसमस्यायें सुनी। लोगों द्वारा श्री बंसल का फुलमालाओं एवं ढोल नगाडों से भव्य स्वागत किया गया।
मलुवाताल ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी श्री बंसल के समक्ष सडक ना होने की मुख्य समस्या रखी। जिस पर अधिशासी अभियन्ता पीएमजीएसवाई ने बताया कि मलुवाताल हेतु पूर्व मे सडक प्रस्ताव भेजा गया था, मगर जियोग्राफिकल रिपोर्ट के अनुसार गांव का कुछ हिस्सा भू-स्खलन जोन मे आने के कारण विस्थापन की वजह से सडक प्रस्ताव लम्बित है। जिस पर गांववासियों की सडक बनाने की मांग पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी, जियोग्राफिकल सर्वे अधिकारी,अधिशासी अभियन्ता पीएजीएसवाई व आपदा प्रबन्धन अधिकारी की चार सदस्यीय टीम गठित की जो पुनः सर्वे कर अपनी रिपोर्ट शीघ्र जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेगी।शिविर मे गंाव वासियों द्वारा जिलाधिकारी से स्वास्थ उप केन्द जंगलियागांव में दवाई उपलब्ध ना होने की शिकायत की जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुये अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि सम्बन्धित एमओआईसी को दवा स्टाॅक पंजिका व औषधि सूची के साथ तलब किया। शिविर में परीक्षण दौरान किडनी रोग से ग्रस्त बच्चे प्रियांशु को उच्च चिकित्सालय मे उपचार हेतु भेजने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये। उन्होने कहा कि प्रियांशु का निशुल्क चिकित्सकीय उपचार कराया जायेगा।
जिलाधिकारी श्री बंसल ने ग्रामीण महिलाओं की आजीविका मजबूत करने हेतु महिला समूह गठन करने के निर्देश सहायक परियोजना निदेशक संगीता आर्या को दिये। उन्होने श्रम विभाग मे पंजीकरण हेतु वितरित 21 आवेदनों को अगले सप्ताह दोबारा शिविर लगाकर आवेदनो को पूर्व कर श्रम विभाग को पंजीकरण कराने के निर्देश श्रम प्रवर्तन अधिकारी को दिये ताकि ग्रामीणों को हल्द्वानी ना जाना पडे। ग्रामीणो द्वारा सब्जी ढुलान मे हो रही परेशानी को बताने पर जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारियो को निर्देश दिये कि गांव से सब्जी विपणन व्यवस्था हेतु सचिव मण्डी समिति को पत्राचार कर समस्या का समाधान करें। उन्होने पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिये कि वह खच्चरो के ढुलान रेट बनाने का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करें ताकि राशन आदि ढुलान में किसी प्रकार की परेशानी ना हो। जिलाधिकारी ने रा0प्रा0वि0 के बच्चों को स्वास्थ किट, कापियां व रंगीन पेंसिन्ल किट वितरित किये।
शिविर में श्रम विभाग द्वारा 21 आवेदन फार्म दिये गये, इसी तरह पशुपालन विभाग द्वारा 19 कृषको को दवा वितरण,स्वास्थ विभाग द्वारा 105 मरीजो का परीक्षण कर दवा वितरण,समाज कल्याण द्वारा 04 विधवा पंेशन, ग्राम विकास द्वारा 10 बीपीएल फार्म,01 जाबकार्ड के फार्म भरवाने के साथ ही, खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 9 राशन कार्ड फार्म भरवाने के साथ ही 03 उज्जवला गैस फार्म,25 आधारकार्ड फार्म भरवाने के साथ ही विद्युत विभाग द्वारा 01 विद्युत संयोजन दिया गया व सहकारिता, सेवायोजन, पशुपालन आदि विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारिया दी गई।
शिविर में मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार, उपजिलाधिकारी विनोद कुमार, एपीडी संगीता आर्या, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, अधिशासी अभियन्ता पीएमजीएसवाई केएस बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी एचएल गौतम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य डा0 हरीश विष्ट, अनिल चनौतिया, दिनेश संागुडी, लक्ष्मण सिह, रामपाल गंगोला, प्रेम कुनियाल के अलावा बडी संख्या मे ग्रामीण उपस्थित रहे।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 31 अगस्त 2019। जी हां, जिला प्रशासन के इस पत्र से मुख्यालय स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में हड़कंप मचना तय है। विगत 24 जुलाई को आयोजित बीडी पांडे पुरुष चिकित्सालय की संचालक मंडल की बैठक का कार्यवृत्त मौजूदा तारीख तक यानी एक माह बीत जाने तक भी जारी ना होने पर डीएम सविन बंसल ने अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (पीएमएस) तथा उनके अधीनस्थों का जवाब तलब किया है तथा तीन दिन के भीतर अपनी आख्या एडीएम प्रशासन के माध्यम से प्रस्तुत करने की चेतावनी दी है।
एडीएम प्रशासन कैलाश टोलिया की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 24 जुलाई 2019 को डीएम की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई संचालक मंडल की बैठक का कार्यवृत्त अब तक जारी नही किया गया है। 29 व 30 अगस्त को पीएमएस डीएम कार्यालय मे उपस्थित हुई फिर भी उनके द्वारा सम्बन्धित बैठक के कार्यवृत्त का अनुपालन प्रस्तुत नही किया गया। एक माह से अधिक का समय व्यतीत होने के बाद भी उनके द्वारा अनुपालन आख्या प्रस्तुत नही की गई, तथा मौखित बताया गया कि अधीनस्थ कार्मिकों द्वारा अनुपालन की कार्यवाही में अपेक्षित सहयोग नही किया जा रहा है जिस कारण समय अंतर्गत अनुपालन मे कठिनाईयों का सामना करना पड रहा है। पत्र मे पूछा गया है कि जिस कार्मिक की लापरवाही से अनुपालन मे अनावश्यक विलम्ब हुआ है, उस कार्मिक का नाम व पदनाम सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए पत्रावली प्रस्तुत करें। पत्र मे पीएमएस से यह भी कहा गया है कि विभिन्न माध्यमो से प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका अपने अधीनस्थ कार्मिको मे नियंत्रण कमजोर है जो उनकी कार्यकुशलता एवं राजकीय कार्यो के निष्पादन मे उदासीनता का द्योतक है। यह भी कहा गया है कि कार्मिकांे के द्वारा संचालक मंडल के कार्यवृत्त के अनुपालन सम्बन्धित कार्यो की उपेक्षा करते हुये अनुपयोगी पत्र प्रस्तुत किये जा रहे है जो कि उत्तराखंड सेवक आचरण नियमावली 2002 के प्रतिकूल है। लिहाजा, श्री टोलिया ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिये है कि पत्र प्राप्ति के तीन दिन के भीतर संचालक मंडल की बैठक की अनुपालन आख्या स्पष्टीकरण एवं वांछित सूचना के साथ प्रस्तुत करें। अन्यथा की दशा मे उनके तथा उनके अधीनस्थ कार्मिको के विरुद्व उत्तरांचल सहकारी सेवक नियमावली 2003 तथा 2010 में वर्णित व्यवस्थाओं के अनुसार कठोर कार्यवाही अमल मे लाई जायेगी।

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-एनएचएआई के तहत तीन पानी से मंडी तक क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत न करने और कार्य में लापरवाही बरतने पर 10 लाख रुपए प्रतिदिन का अर्थदंड लगाया
हल्द्वानी मुखानी रोड पर सड़क पर पड़े गडढे।       अमर उजालानवीन समाचार, हल्द्वानी, 25 अगस्त 2019। डीएम सविन बंसल ने एक बार फिर कड़ा निर्णय लेते हुए एनएचएआई यानी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर तीन पानी से मंडी तक कार्य करने वाली कंपनी क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत न करने और कार्य करने पर 10 लाख रुपए प्रतिदिन का अर्थदंड लगाया है। यह अर्थदंड करीब डेढ़ करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि यह कार्य एनएचएआई के लिए गुजरात की ‘सद्भाव कंपनी’ कर रही है, इस प्रकार अर्थदंड वास्तव में गुजरात की कंपनी को भुगतना होगा। गौरतलब है कि इस मार्ग पर कंपनी व एनएचएआई की लापरवाही की वजह से गत दिनों कुछ दिन पूर्व हल्दूचौड़ से हल्द्वानी आ रही एक ऑटो गड्ढे में अनियंत्रित हुआ जिसमें एक मासूम बच्चा ऑटो से छटक कर सड़क पर गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई।

शनिवार की बीती देर रात्रि डीएम सविन बंसल ने अपने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में एनएचएआई के सड़क मरम्मत कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान एनएचएआई के साथ वर्ष 2017 में हुए के अनुबंध के अनुसार संतोषजनक तरीके से सड़क मरम्मत न करने पर 10 लाख रुपए प्रतिदिन का अर्थदंड लगाया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में डीएम बंसल ने एनएचएआई व लोक निर्माण विभाग को सख्त निर्देश दिए थे कि जल्द से जल्द सड़कों में बने गड्ढे भरे जाने चाहिए जिससे कि राहगीरों और पर्यटकों को परेशानी ना हो। लेकिन विभागीय अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा और गत दिनों एक मासूम की मौत भी हो गई। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हो चुका है, और मामले की जांच चल रही है।

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नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अगस्त 2019। त्योहारों के मौके पर जिला प्रशासन और पालिका प्रशासन खास सतर्कता बरत रहा है। सोमवार को एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस एवं प्रशासनिक दल ने नगर के मल्लीताल व तल्लीताल के विभिन्न क्षेत्रों में ईद के मौके पर खुले में पशु बलि होने की संभावना के दृष्टिगत निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं खुले में पशु बलि तो होती हुई नहीं अबलत्ता मल्लीताल के अंडा मार्केट स्थित नब्बू खान एंड संस की दुकान पर 8 पॉलीथिन बरामद की गई। इस पर उसका 500 रुपये प्रति पॉलीथिन की दर से चार हजार रुपये का चालान कर राजस्व वसूला। अभियान में पालिका ईओ अशोक कुमार वर्मा, सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार, सीओ विजय थापा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह, धर्मेश प्रसाद, ईश्वर बहुगुणा, राकेश टम्टा आदि शामिल रहे।

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-10 हजार रुपए का चालान, 4 के नमूने लिये, 3 का चालान

शनिवार को मल्लीताल में एक मिठाई की दुकान के किचन में छापेमारी करते प्रशासनिक दल के सदस्य।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अगस्त 2019। स्वतंत्रता दिवस के दृष्टिगत शनिवार को जिला प्रशासन ने डीएम सविन बंसल के निर्देशों पर मुख्यालय स्थित मिठाई की दुकानों एवं खाद्य वस्तुएं बेचने वाले ठेलों आदि पर छापेमारी की। इस दौरान जिन प्रतिष्ठानों में छापेमारी की गयी, उनमें से अधिकांश  में कुछ न कुछ कमी देखने को मिली। इस दौरान प्रतिष्ठानों पर कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया और तीन के चालान भी किये गये। वहीं चार प्रतिष्ठानों के खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर शंका जताते हुए उनके नमूने जांच हेतु लिये गये हैं।
बाद में प्रशासन की ओर से बताया गया कि शनिवार दोपहर हुई कार्रवाई के दौरान नगर के मल्लीताल स्थित नमन स्वीट्स से मिठाई, सरस्वती स्वीट्स के किचन से मावा, मामू नैनी स्वीट्स से घेवर व प्रतिदिन डेयरी से दही के नमूने जांच हेतु लिये गये। इसके अतिरिक्त मामू नैनी स्वीट्स, आगरा स्वीट्स तथा सरस्वती स्वीट्स की स्थितियों को स्वास्थ्यप्रद न बताते हुए गंदगी पर एवं खड़क सिंह ठेले वाले का लाइसेंस न होने एवं खाद्य सामग्री को असुरक्षित तरीके से रखने पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चालान किया गया। इसके अतिरिक्त नगर पालिका के द्वारा नमन स्वीट्ट, सरस्वती स्वी्टस, मामू स्वीट्स का गंदगी पर 5000 रुपए एवं पॉलीथीन के उपयोग पर 2500 रुपए तथा खड़क सिंह, चंदन बिष्ट व दीवानी राम ठेले वालों का गंदगी पर 500-500 और इस तरह कुल 10 हजार रुपए के चालान किये गये। प्रशासनिक कार्रवाई में एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार भगवान सिंह चौहान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार, नगर पालिका के ईओ अशोक वर्मा, सीओ विजय थापा व नगर कोतवाल अशोक कुमार सिंह सहित अन्य विभागीय कर्मी शामिल रहे।

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नैनीताल में मीट की एक दुकान पर कार्रवाई करते प्रशासनिक अधिकारी।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 3 अगस्त 2019। उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुपालन मे तथा जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा जारी आदेशों के क्रम में खाद्य सुरक्षा, पशुपालन, नगर पालिका, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने जनपद के विभिन्न स्थानों पर संचालित मीट मार्केट एवं मीट की दुकानों पर छापेमारी अभियान चलाया। जिससे जनपद के मीट कारोबारियों में दिनभर हड़कम्प मचा रहा।
इस दौरान नैनीताल में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में मीट की दुकानों पर छापेमारी की गयी। छापेमारी के दौरान विभिन्न दुकानों में गन्दगी पाये जाने पर नकदी जुर्माना किया। दुकान में गन्दगी एवं कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था न पाये जाने पर मीट विक्रेता एस.अहमद पर 1000 रूपये, जावेद हुसैन पर 5000 रूपये, मौ.वसी पर 5000 रूपये, ताहिर पर 5000 रूपये, शाकिर हुसैन पर 5000 रूपये, रियालहक पर 500 रूपये, मौ.तैयब पर 500 रूपये, जाकिर हुसैन पर 5000 रूपये का जुर्माना लगाया, इस प्रकार मीट विक्रेताओं पर कुल 27 हजार रूपये का जर्माना लगाया गया, जिसमें से 12000 रूपये की धनराशि मौके पर ही वसूल की गयी। मल्लीताल में छापेमारी के दौरान न्यू जनता मटन एवं चिकन शाॅप पर खाद्य सुरक्षा मानको पर लगभग 150 किलो मीट को जब्त कर डिस्पोज किया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन न करने पर अपर जिलाधिकारी कोर्ट हेतु चालानी रिपोर्ट की कार्यवाही की। तल्लीताल में छापेमारी के दौरान जनता मटन शाॅप के अवैध संचालन पर दुकान को सीज करने की कार्यवाही भी की गई।
उप जिलाधिकारी हरगिरी के नेतृत्व में रामनगर में मीट की दुकानों पर छापेमारी अभियान चलाया गया। दुकान में गन्दगी एवं कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था न पाये जाने पर मीट विक्रेता किशन पाल पर 5000 रूपये, गौरव पाल पर 5000 रूपये, दानिश पर 5000 रूपये, मौहम्मद इमरान पर 5000 रूपये का जर्माना लगाते हुए 20000 रूपये की नकद धनराशि वसूल की गयी। छापेमारी के दौरान 18 मांस विक्रेताओं के प्रतिष्ठान बिना लाईसेंसी पाये जाने पर उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अपर जिलाधिकारी की कोर्ट हेतु चालानी रिपोर्ट की कार्यवाही की।
उप जिलाधिकारी विवेक रायॅ के नेतृत्व में नगर पचांयत कालाढुंगी में मीट की दुकानों पर छापेमारी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान तीन मांस विक्रताओं के पास खाद्य पंजीकरण एवं लाईसेंस नहीं पाये जाने, खुले में मांस विक्रय करने एवं मुर्गों के अवशेष एफएसएसए रूल्स एवं रेगुलेशन के अनुसार डिस्पोज नहीं होने के कारण उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्यवाही की एवं अपर जिलाधिकारी की कोर्ट हेतु चालानी रिपोर्ट की कार्यवाही की।
नैनीताल में छापेमारी के दौरान पुलिस उपाधीक्षक विजय थापा, अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी केएस टम्टा, विरेन्द्र बिष्ट, पशु चिकित्साधिकारी डाॅ.हेमा राठौर, सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। रामनगर में छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी नन्द किशोर, पशु चिकित्साधिकारी डाॅ.संदीप तिवाड़ी, अधिशासी अधिकारी मनोज आदि मौजूद थे। कालाढुंगी में छापेमारी के दौराने तहसीलदार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, अधिशासी अधिकारी आदि मौजूद रहे।

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