नवीन समाचार, रामनगर, 18 मई 2026 (Corbett-Elephant Gives Birth to Twins)। उत्तराखंड (UTTARAKHAND) के रामनगर (RAMNAGAR) स्थित जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Jim Corbett Tiger Reserve) से प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी अत्यंत दुर्लभ और उत्साहजनक घटना सामने आयी है। कॉर्बेट के जंगलों में एक जंगली हथिनी अपने जुड़वां नवजात शावकों-बच्चों के साथ दिखाई दी है। आप यह संबंधित वीडिओ भी जरूर देखना चाहेंगे :
हाथियों में जुड़वां बच्चों का जन्म अत्यंत दुर्लभ माना जाता है, ऐसे में इस घटना ने वन्यजीव विशेषज्ञों, पर्यटकों और वन विभाग को भी आश्चर्यचकित कर दिया है। दोनों शावक स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं और हथिनी पूरी सतर्कता के साथ उनकी सुरक्षा करती नजर आ रही है। यह घटना कॉर्बेट क्षेत्र में सुरक्षित और अनुकूल वन्यजीव वातावरण का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
बिजरानी और गर्जिया क्षेत्र में दिखा दुर्लभ दृश्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे पहले नौ मई को बिजरानी जोन के जड़पहाड़ क्षेत्र में वन कर्मियों ने हथिनी को दो नवजात शावकों के साथ देखा था। इसके बाद 12 और 13 मई को गर्जिया पर्यटन क्षेत्र में सुबह और शाम की पाली के दौरान पर्यटकों तथा वन विभाग की टीमों ने इस दृश्य को कैमरों में कैद किया। वीडियो और तस्वीरों में दोनों शावक अपनी मां के आसपास खेलते और दूध पीते दिखाई दे रहे हैं।
वन्यजीव प्रेमी संजय छिमवाल ने जंगल सफारी के दौरान हथिनी और उसके बच्चों की तस्वीरें लीं। उन्होंने बताया कि दोनों शावक अपनी मां के साथ पूरी तरह सुरक्षित थे और यह दृश्य अत्यंत रोमांचकारी तथा दुर्लभ था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 13 मई के बाद हथिनी अपने बच्चों सहित दोबारा नजर नहीं आयी है। संभावना जतायी जा रही है कि वह अपने झुंड के साथ जंगल के भीतर आगे बढ़ गयी होगी। हालांकि विभाग लगातार उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखे हुए है।
हाथियों में जुड़वां शावकों का जन्म बेहद दुर्लभ
विशेषज्ञों के अनुसार हाथियों में जुड़वां बच्चों का जन्म बहुत कम मामलों में होता है। सामान्यतः हथिनी लगभग 22 से 24 महीने के लंबे गर्भकाल के बाद एक ही शावक को जन्म देती है। वन्यजीव विशेषज्ञ सतप्रीत सिंह शेट्टी के अनुसार हाथियों में केवल लगभग एक प्रतिशत मामलों में जुड़वां बच्चे जन्म लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतने लंबे गर्भकाल के बाद दो स्वस्थ शावकों का जन्म और उनका सुरक्षित रहना अत्यंत चुनौतीपूर्ण स्थिति होती है। कई मामलों में जुड़वां शावकों के जीवित रहने में कठिनाई आती है। ऐसे में कॉर्बेट में दोनों शावकों का स्वस्थ दिखाई देना वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत
कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक साकेत बडोला ने कहा कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और शिवालिक हाथी अभयारण्य हाथी संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि जुड़वां शावकों का जन्म यह दर्शाता है कि क्षेत्र में सुरक्षित वन वातावरण, पर्याप्त भोजन और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध है।
वन विभाग ने गर्जिया पर्यटन क्षेत्र में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है ताकि हथिनी और उसके नवजात शावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना अभयारण्य में चल रहे संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाती है।
जैव विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है कॉर्बेट
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां बाघ, हाथी, घड़ियाल, हिरण और सैकड़ों पक्षी प्रजातियां प्राकृतिक वातावरण में देखी जाती हैं। जुड़वां हाथी शावकों की यह दुर्लभ घटना एक बार फिर कॉर्बेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ले आयी है।
इस घटना के बाद गर्जिया पर्यटन क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ने लगी है। बड़ी संख्या में पर्यटक इस दुर्लभ हाथी परिवार की एक झलक पाने के लिए कॉर्बेट पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दृश्य न केवल रोमांचकारी है बल्कि वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन के महत्व को भी रेखांकित करता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।















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