नवीन समाचार, नैनीताल, 19 मई 2026 (Nainital High Court News 19 May 2026)। उत्तराखंड (UTTARAKHAND) उच्च न्यायालय (HIGH COURT) में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई हुई, जिनमें पेशेवर वाहन चालक की अर्जन क्षमता, उपनल संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, भूमि आवंटन में कथित अनियमितताओं और प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण टिप्पणियां और आदेश दिये गये। न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि कोई पेशेवर चालक दुर्घटना के बाद वाहन चलाने में पूरी तरह अक्षम हो जाता है तो उसकी अर्जन क्षमता में कमी को 100 प्रतिशत माना जाना चाहिए।
पेशेवर चालक की अर्जन क्षमता को माना गया 100 प्रतिशत प्रभावित
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठानी की एकलपीठ ने भूपेंद्र सिंह रावत बनाम रवींद्र प्रकाश पंत मामले में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। न्यायालय ने वर्कमैन कंपेंसेशन कमिश्नर एवं जिला मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ के पुराने आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि पेशेवर चालक की शारीरिक विकलांगता भले 75 प्रतिशत हो, लेकिन यदि वह ड्राइविंग करने में पूरी तरह असमर्थ हो गया है तो उसकी अर्जन क्षमता का नुकसान 100 प्रतिशत माना जाएगा।
मामले के अनुसार भूपेंद्र सिंह रावत वर्ष 2009 से वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे। आठ मार्च 2010 को मुनस्यारी क्षेत्र में वाहन चलाते समय वह गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गये थे। दुर्घटना में उन्हें कई फ्रैक्चर हुए और मेडिकल बोर्ड ने उन्हें 75 प्रतिशत स्थायी विकलांग घोषित किया था।
मुआवजा राशि बढ़ाकर लगभग चार लाख रुपये की
उच्च न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों और बीरेन्द्र कुमार मामले के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोई चालक अपने मूल पेशे को जारी रखने में असमर्थ हो जाए और उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी नवीनीकृत न हो सके, तब उसकी कमाने की क्षमता पूरी तरह समाप्त मानी जाएगी।
न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा निर्धारित लगभग 2 लाख 39 हजार रुपये के मुआवजे को बढ़ाकर 3 लाख 99 हजार 96 रुपये करने का आदेश दिया। साथ ही अदालत ने कहा कि दुर्घटना की तिथि से एक माह बाद यानी सात अप्रैल 2010 से संपूर्ण राशि पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा।
उपनल संविदा कर्मियों के मामले में सरकार को 28 मई तक का समय
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकारी विभागों में वर्षों से कार्यरत उपनल संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और चयनित वेतनमान से जुड़े मामले में दायर अवमानना याचिका पर भी सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि उपनल कर्मचारियों को नियमित करने पर राज्य सरकार पर लगभग 1300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, इसलिए निर्णय के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।
सरकार पर आदेश पालन न करने का आरोप
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सरकार बार-बार समय मांगकर न्यायालय के आदेशों का पालन टाल रही है। न्यायालय ने सरकार से कहा कि वह 28 मई तक इस मामले में लिये गये निर्णय से अदालत को अवगत कराए।
मामले में उपनल कर्मचारी संघ की ओर से कहा गया कि पूर्व में उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने नियमितीकरण को लेकर आदेश जारी किया था, लेकिन अब तक राज्य सरकार ने उस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
एस्कॉर्ट फार्म भूमि आवंटन मामले में प्रत्यावेदन देने के निर्देश
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने काशीपुर स्थित एस्कॉर्ट फार्म की सीलिंग भूमि के पट्टा आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ी जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।
न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता संबंधित अधिकारी को प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें और अधिकारी कानून के अनुसार निर्णय लें, क्योंकि याचिका में लाभार्थियों को पक्षकार नहीं बनाया गया है।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि सीलिंग की अतिरिक्त भूमि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्थानीय लोगों को दिये जाने के बजाय बाहरी लोगों को आवंटित कर दी गयी तथा नामों में कथित हेरफेर भी किया गया।
प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति अनियमितता मामले में सरकार से जवाब
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सरकार को अब तक लिये गये निर्णयों का अवलोकन करने के निर्देश दिये।
पूर्व में न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि नियम विरुद्ध नियुक्त शिक्षकों की सेवा प्रभावित किये बिना नियुक्ति से वंचित 11 अभ्यर्थियों के लिए समाधान निकाला जाए। अदालत ने यह भी कहा था कि तत्कालीन शिक्षा निदेशक द्वारा सरकार के आदेशों का पालन नहीं किया गया।
न्यायिक फैसलों के व्यापक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि पेशेवर चालकों की अर्जन क्षमता से संबंधित निर्णय भविष्य में श्रम मुआवजा मामलों के लिए महत्वपूर्ण नजीर बन सकता है। वहीं उपनल कर्मचारियों के मामले में सरकार पर बढ़ता वित्तीय और प्रशासनिक दबाव भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर भूमि आवंटन और शिक्षक नियुक्ति से जुड़े मामलों ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किये हैं।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Nainital High Court News 19 May 2026) :
Nainital High Court News 19 May 2026, Uttarakhand News, Nainital News, Uttarakhand High Court, Driver Compensation Case, UPNL Employees Case, Workmen Compensation Act, Judicial Orders Uttarakhand, High Court Decision, Teacher Recruitment Case, Kashipur Land Allotment Case, Labour Compensation India, Government Employees Uttarakhand, Legal News Nainital, Court Hearing Uttarakhand, Judicial Updates India, #UttarakhandNews #HighCourt #NainitalNews #UPNL #DriverCompensation #CourtDecision #LegalNews #GovernmentEmployees #JudicialNews #BreakingNews

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
