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नवीन समाचार, पौड़ी गढ़वाल, 24 मई 2026 (Elephants Love Affairs-Like Humans)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व (Jim Corbett Tiger Reserve) से वन्यजीवन से जुड़ी एक रोचक और दुर्लभ घटना सामने आयी है। झिरना रेंज (Jhirna Range) की दो प्रशिक्षित हथिनियां रात के समय जंगली हाथियों के झुंड के साथ जंगल में चली गयीं और पूरी रात लापता रहीं। वन विभाग ने रातभर उनकी खोज की, लेकिन दोनों हथिनियां अगली सुबह स्वयं अपने आवास पर लौट आयीं। घटना ने वन कर्मियों के साथ स्थानीय लोगों को भी आश्चर्यचकित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार झिरना रेंज की प्रशिक्षित हथिनियां तुंगा (Tunga) और कपिला (Kapila) मंगलवार को सामान्य रूप से जंगल क्षेत्र में चराई के लिए छोड़ी गयी थीं। इसी दौरान रात के समय उस क्षेत्र से जंगली हाथियों का एक झुंड गुजरा। बताया जा रहा है कि दोनों हथिनियां झुंड के साथ जंगल की ओर चली गयीं। जब वन कर्मी मौके पर पहुंचे तो दोनों हथिनियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद वन विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में खोज अभियान चलाया, लेकिन देर रात तक उनका कोई पता नहीं चल सका।
सुबह स्वयं लौट आयीं दोनों हथिनियां

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बुधवार सुबह दोनों हथिनियां शांतिपूर्वक अपने आवास पर वापस लौट आयीं। उन्हें सुरक्षित लौटता देखकर वन कर्मियों ने राहत की सांस ली। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी सामाजिक और झुंड में रहने वाले वन्यजीव होते हैं। कई बार यदि उन्हें आसपास किसी दूसरे झुंड की मौजूदगी का आभास होता है तो वे स्वाभाविक रूप से उस समूह के साथ कुछ समय के लिए चले जाते हैं।
उप प्रभागीय वनाधिकारी कालागढ़ (Kalagarh) अमित कुमार ग्वासीकोटी (Amit Kumar Gwasikoti) ने बताया कि वन्यजीवन में इस प्रकार की घटनाएं असामान्य नहीं मानी जातीं। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशिक्षित हाथियों को उनके आवास के आसपास चरने के लिए छोड़ा जाता है और वे बाद में वापस लौट आते हैं।
सहवास काल से भी जोड़कर देखी जा रही घटना
वन विभाग के अनुसार वर्तमान समय हाथियों के सहवास काल (Mating Season) का भी माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी कारण दोनों हथिनियां जंगली हाथियों के झुंड की ओर आकर्षित हुई होंगी। वन्यजीव विशेषज्ञ बताते हैं कि हाथियों का सामाजिक व्यवहार अत्यंत विकसित होता है और वे समूह आधारित जीवन शैली अपनाते हैं।
यह घटना वन्यजीवन के प्राकृतिक व्यवहार को समझने के साथ-साथ मानव और वन्यजीव संबंधों की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशिक्षित और जंगली हाथियों के बीच इस प्रकार का संपर्क वन्यजीव व्यवहार अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में वन विभाग निगरानी और संरक्षण कार्यों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।



















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