नवीन समाचार, रामपुर, 21 जुलाई 2026 (Husband will Live with 2 Wives 3 Day)। उत्तराखंड (Uttarakhand) की एक महिला से विवाह करने वाले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर (Rampur) निवासी एक व्यक्ति के पारिवारिक विवाद में पंचायत ने अनोखा फैसला सुनाया है। पंचायत के लिखित समझौते के अनुसार पति सप्ताह में तीन दिन पहली पत्नी के साथ, तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा, जबकि सप्ताह का सातवां दिन उसकी इच्छा पर निर्भर करेगा। साथ ही पहली पत्नी के भरण-पोषण के लिए नियमित आर्थिक सहायता देने की भी शर्त रखी गई है।
मामला रामपुर जनपद के दढ़ियाल चौकी क्षेत्र का है, जहां पहली पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस के हस्तक्षेप से पंचायत बुलाकर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया।
उत्तराखंड की युवती से 14 वर्ष पहले हुई थी पहली शादी
प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक का विवाह लगभग 14 वर्ष पहले उत्तराखंड की एक युवती से हुआ था। इस दंपति की दो बेटियां भी हैं। आरोप है कि करीब दस वर्ष बाद पुत्र की चाह में युवक ने पहली पत्नी की सहमति के बिना दूसरी शादी कर ली। दूसरी पत्नी से भी चार वर्षों में दो बेटियां हुईं।
शिकायत के अनुसार इसके बाद पति दूसरी पत्नी के साथ रहने लगा और पहली पत्नी तथा उसके बच्चों की उपेक्षा करने लगा।
पुलिस तक पहुंचा मामला, फिर बैठी पंचायत
आर्थिक कठिनाइयों और उपेक्षा से परेशान पहली पत्नी ने दढ़ियाल पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत की। पुलिस मामले की जांच कर रही थी कि दोनों पक्षों के परिजन और स्थानीय गणमान्य लोग समझौते के लिए आगे आए। इसके बाद पंचायत आयोजित की गई।
कई घंटे चली चर्चा के बाद दोनों पक्षों की सहमति से लिखित समझौता तैयार किया गया।
ये तय हुईं प्रमुख शर्तें
समझौते के अनुसार—
- पति सप्ताह में तीन दिन पहली पत्नी के साथ रहेगा।
- सप्ताह में तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा।
- सातवां दिन पति अपनी इच्छा के अनुसार व्यतीत करेगा।
- पहली पत्नी के घर प्रत्येक माह पूरा राशन पहुंचाना होगा।
- पहली पत्नी के व्यक्तिगत खर्च के लिए प्रति सप्ताह 500 रुपये देने होंगे।
समझौते के बाद पहली पत्नी ने पुलिस में अपनी शिकायत को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया।
पुलिस ने क्या कहा?
दढ़ियाल चौकी प्रभारी बृजेश कुमार जायसवाल (Brijesh Kumar Jaiswal) ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति से पारिवारिक एवं भरण-पोषण संबंधी विवाद का समझौता कराया गया है। लिखित सहमति के बाद मामला शांतिपूर्ण ढंग से निस्तारित हो गया।
नोट: भारत में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी सामान्यतः अवैध मानी जाती है, जब तक कि संबंधित पक्ष किसी ऐसे व्यक्तिगत विधि (Personal Law) के अधीन न हों, जिसमें इसकी अनुमति हो। समाचार में पंचायत के समझौते का उल्लेख है, यह किसी न्यायालय का आदेश नहीं है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

















