नैनीताल में बढ़ते यातायात दबाव, जाम और पार्किंग व्यवस्था पर हाईकोर्ट गंभीर, सरकार और पालिका से तीन सप्ताह में मांगा जवाब
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2026 (UK High Court News 17 July 2026)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के नैनीताल (Nainital) नगर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव, जाम और पार्किंग की समस्या पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने नगर पालिका परिषद नैनीताल और राज्य सरकार से इस संबंध में तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने जनहित के विभिन्न विषयों पर स्वतः संज्ञान लेकर पंजीकृत जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि नैनीताल में अनियंत्रित वाहनों का प्रवेश नगर के लिए गंभीर समस्या बन चुका है।
खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पर्यटन सीजन तथा विशेष रूप से सप्ताहांत के दौरान नैनीताल आने वाले वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इससे नगर में घंटों तक यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। न्यायालय ने कहा कि ऐसे हालात में यदि किसी स्थानीय निवासी अथवा पर्यटक की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो उसे समय पर चिकित्सालय पहुंचाना कठिन हो सकता है, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि नैनीताल की संकरी सड़कें और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियां अनियंत्रित संख्या में वाहनों का भार वहन करने के अनुकूल नहीं हैं। सीमित पार्किंग व्यवस्था भी नगर की प्रमुख समस्याओं में शामिल है और यह विषय भी न्यायालय के विचाराधीन है।
खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि यदि नगर पालिका को नगर में प्रवेश करने वाले वाहनों को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं दिया जाता है तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक सीमाओं के कारण सड़कों का विस्तार संभव नहीं है। लगातार बढ़ते वाहनों से न केवल यातायात जाम की समस्या बढ़ रही है, बल्कि वायु एवं ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ रहा है। लंबे समय तक चालू रहने वाले वाहनों से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ती है तथा सबसे अधिक परेशानी पैदल चलने वाले लोगों को उठानी पड़ती है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 15 अप्रैल एवं 23 अप्रैल 2026 के आदेशों में उठाए गए अन्य जनहित के विषयों पर भी विचार किए जाने की आवश्यकता जताई। मामले में नगर पालिका और राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता को न्यायालय की अवमानना का दोषी ठहराया
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के नैनीताल नगर में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक निविदा प्रक्रिया से जुड़े प्रकरण में न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को न्यायालय की अवमानना का दोषी ठहराया है।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक एवं अन्य प्रतिवादियों को अवमानना अधिनियम, 1971 के अंतर्गत न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना का दोषी माना। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बाद में उत्पन्न परिस्थितियों का हवाला देकर न्यायिक आदेशों को निष्प्रभावी नहीं बनाया जा सकता।
मामला मेसर्स राम कृष्ण जयरा की ओर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की एक निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से संबंधित है। तकनीकी मूल्यांकन के दौरान याचिकाकर्ता फर्म को अयोग्य घोषित किए जाने के विरुद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। लगभग डेढ़ वर्ष तक विचाराधीन रहने के बाद न्यायालय ने 26 फरवरी 2026 को याचिकाकर्ता के पक्ष में निर्णय देते हुए विभाग को उसकी वित्तीय बोली शामिल कर विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद विभाग ने वित्तीय बोली खोलने के स्थान पर यह कहते हुए पूरी निविदा प्रक्रिया रोक दी कि अन्य बोलीदाताओं ने अपनी निविदा की वैधता अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया है तथा अब केवल एक ही बोलीदाता शेष है। उच्च न्यायालय ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि यह स्थिति स्वयं प्रतिवादियों द्वारा उत्पन्न की गई है और इसका उद्देश्य न्यायालय के पूर्व आदेश को निष्प्रभावी बनाना प्रतीत होता है।
न्यायालय ने प्रतिवादियों को 26 फरवरी 2026 के आदेश का 10 दिनों के भीतर सख्ती से अनुपालन करने तथा अगली सुनवाई पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं किया गया तो मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को 27 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर दंड संबंधी कार्यवाही का सामना करना होगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
















