नवीन समाचार, नैनीताल, 3 सितंबर 2026 (Nainital-Action on Private Schools)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद में निजी विद्यालयों (Private Schools) द्वारा नियमों के विपरीत अतिरिक्त शुल्क वसूली के मामलों पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग (Education Department) की कार्रवाई का असर सामने आया है। जांच में जिले के 87 निजी विद्यालयों में अतिरिक्त शुल्क वसूली की पुष्टि हुई है, जिसके बाद 46 विद्यालयों ने अभिभावकों को अब तक 39 लाख 5 हजार 405 रुपये वापस कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनकी मान्यता समाप्त करने की संस्तुति भी शासन को भेजी जा सकती है। मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी के अनुसार निजी विद्यालयों की शुल्क व्यवस्था को लेकर की गई जांच में कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आई हैं। कार्रवाई के बाद कई विद्यालयों को बढ़ाई गई फीस कम करनी पड़ी है, जबकि कुछ शुल्क पूरी तरह समाप्त किए गए हैं।
शिक्षण, परीक्षा और पंजीकरण शुल्क में भी की गई कार्रवाई
शिक्षा विभाग की जांच और निर्देशों के बाद आठ निजी विद्यालयों ने बढ़ाया गया शिक्षण शुल्क कम किया है। इसके अलावा 39 विद्यालयों ने परीक्षा शुल्क में कमी की अथवा उसे समाप्त किया है।
जांच के दौरान 15 विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे पंजीकरण शुल्क को भी कम करने या समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से निजी विद्यालयों में विभिन्न मदों के नाम पर बढ़ते शुल्क की शिकायत करते रहे हैं।
एक रुपये के स्थान पर टीसी के लिए वसूले जा रहे थे 100 से 1000 रुपये
जांच में एक गंभीर अनियमितता स्थानांतरण प्रमाणपत्र यानी टीसी (Transfer Certificate-TC) शुल्क को लेकर भी सामने आई। सरकार द्वारा निर्धारित एक रुपये के शुल्क के बजाय कई निजी विद्यालय अभिभावकों से टीसी के लिए 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक वसूल रहे थे।
शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद संबंधित विद्यालयों को निर्धारित नियम का पालन करने के निर्देश दिए गए और टीसी शुल्क एक रुपये किया गया। अतिरिक्त रूप से ली गई राशि को अभिभावकों को वापस करने अथवा भविष्य के शुल्क में समायोजित करने की कार्रवाई भी कराई गई है।
अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं करने वाले विद्यालयों पर होगी कठोर कार्रवाई
मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी ने कहा कि जिन विद्यालयों द्वारा अब तक नियमविरुद्ध वसूली गई अतिरिक्त शुल्क राशि वापस नहीं की गई है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विद्यालय द्वारा नियमों के विपरीत शुल्क वसूली जारी रखी जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। गंभीर मामलों में संबंधित निजी विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति शासन को भेजे जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई निजी विद्यालयों की शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 87 विद्यालयों में अतिरिक्त शुल्क वसूली की पुष्टि यह भी दर्शाती है कि अभिभावकों की शिकायतों और विद्यालयों की शुल्क प्रणाली की नियमित निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है।
अभिभावक ईमेल से दर्ज करा सकते हैं शिकायत
मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि किसी निजी विद्यालय द्वारा नियमों के विपरीत शुल्क वसूला जा रहा है तो उसकी शिकायत कार्यालय को ईमेल के माध्यम से भेजी जा सकती है।
शिक्षा विभाग के अनुसार शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इससे अभिभावक बिना किसी दबाव या आशंका के निजी विद्यालयों की शुल्क संबंधी अनियमितताओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे।
अब शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई उन विद्यालयों पर केंद्रित रहेगी, जिन्होंने अतिरिक्त शुल्क वसूली की राशि अभी तक अभिभावकों को वापस नहीं की है। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर कार्रवाई को और सख्त किया जाएगा।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।






















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