हर्षित जोशी ने संस्कृत में नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण किया, कुमाऊं विवि के शोधार्थी की सफलता पर विभाग में खुशी
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 सितंबर 2026 (Nainital Latest News 2 September 2026)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय (Kumaun University) के डीएसबी परिसर (DSB Campus) के शोधछात्र हर्षित जोशी (Harshit Joshi) ने संस्कृत (Sanskrit) विषय में नेट-जेआरएफ (NET-JRF) परीक्षा उत्तीर्ण कर विश्वविद्यालय को उपलब्धि दिलाई है। हर्षित वर्तमान में प्रो. लज्जा भट्ट (Prof. Lajja Bhatt) के निर्देशन में शोध कार्य कर रहे हैं। उनकी सफलता पर संस्कृत विभाग के शिक्षकों और कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (KUTA) ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हर्षित जोशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शोध निर्देशिका प्रो. लज्जा भट्ट को दिया है। नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद संस्कृत विभाग की ओर से बुधवार को उनका अभिनंदन किया गया।
विभागाध्यक्ष और शिक्षकों ने किया अभिनंदन
हर्षित जोशी की उपलब्धि पर संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. लज्जा भट्ट, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सुषमा जोशी, भावना राणा, जगदीश और दीपक पांडेय सहित अन्य लोगों ने उन्हें बधाई दी। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी, प्रो. नीलू लोधियाल और डॉ. संतोष ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डीएसबी परिसर के संविदा प्राध्यापक डॉ. डीएस परिहार का दून विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर पद पर चयन
कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर (DSB Campus) नैनीताल के भूगोल विभाग में संविदा प्राध्यापक डॉ. डीएस परिहार (Dr. D.S. Parihar) का चयन दून विश्वविद्यालय (Doon University) में सहायक प्रोफेसर के पद पर हुआ है। उन्होंने बुधवार को ग्लोबल साउथ सेंटर फॉर अर्बन स्टडीज (Global South Centre for Urban Studies), अर्बन डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट विभाग में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉ. परिहार ने एसएसजे परिसर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है और इसके बाद उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में संविदा प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
कूटा परिवार ने जताई खुशी
डॉ. परिहार के दून विश्वविद्यालय में चयन पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी सहित कूटा परिवार ने खुशी व्यक्त की है। शिक्षकों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
ज्योलीकोट और आसपास के गांवों में पीलिया का प्रकोप जारी, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया शिविर
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के भीमताल विकासखंड अंतर्गत ज्योलीकोट (Jyolikot) और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों का संकट बना हुआ है। ज्योलीकोट गांव में पीलिया (Jaundice) से पीड़ित लोगों की संख्या 30 के पार पहुंचने की बात सामने आई है, जबकि पूरे प्रभावित क्षेत्र में 50 से अधिक सक्रिय मरीज होने का अनुमान है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने ज्योलीकोट और वीरभट्टी-छीना क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 40 लोगों की जांच, रक्त नमूने लेने, दवाओं के वितरण और आवश्यक परामर्श की कार्रवाई की।
बताया गया कि टाइफाइड (Typhoid) का प्रकोप अपेक्षाकृत कम हुआ है, लेकिन पीलिया के नए मामले सामने आने का सिलसिला जारी है। स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है।
दो महीने से दूषित पेयजल आपूर्ति के आरोप, कई गांव प्रभावित
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया गया है कि पिछले दो महीने से अधिक समय से दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण ज्योलीकोट समेत बेलूवाखान, वीरभट्टी, छीना, गोठानी, गांजा, वर्गोमोंट, बकरीखोड़ और सरियाताल क्षेत्रों में जलजनित बीमारियां फैली हैं।
बताया गया कि बीमारी की गंभीरता के कारण कई लोगों को दिल्ली, बरेली और हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों तथा आईसीयू (ICU) में उपचार के लिए भर्ती कराना पड़ा। अभी भी दर्जनों लोगों के अस्पतालों में भर्ती होने की बात कही गई है। इलाज के साथ कुछ लोग पारंपरिक जड़ी-बूटियों और झाड़-फूंक का भी सहारा ले रहे हैं।
सरियाताल-वर्गोमेंट में मेडिकल टीम नहीं पहुंचने का आरोप, दूषित पानी से बीमारियों का संकट गहराया
नैनीताल जिले के सरियाताल-वर्गोमेंट (Sariyatal-Vargoment) क्षेत्र में पेयजल संकट के साथ जलजनित बीमारियों की गंभीर स्थिति सामने आने का दावा किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक महीने से सीवर मिश्रित दूषित पानी की आपूर्ति के कारण ग्रामीण पीलिया, टाइफाइड और लीवर संक्रमण जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मामला गंभीर होने के बाद सीएमओ की ओर से मेडिकल टीम भेजने और स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद टीम के मौके पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार ग्रामीण दिनभर मेडिकल टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन टीम के नहीं पहुंचने से बीमार लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
प्रशासनिक और विभागीय व्यवस्था पर ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय निवासी मनोज कांडपाल ने स्वास्थ्य विभाग और पेयजल व्यवस्था को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पिछले एक महीने से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और दूषित पेयजल की आपूर्ति ने बड़ी संख्या में लोगों को बीमारी की चपेट में ला दिया है। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाने, बीमार लोगों की जांच कराने और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड व्यवस्था को लेकर शिकायत, आशा वर्कर्स ने जताई नाराजगी
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 सितंबर 2026 ()। नैनीताल के राजकीय बीडी पांडे जिला चिकित्सालय (B.D. Pandey District Hospital) में अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) व्यवस्था को लेकर बुधवार को विवाद की स्थिति सामने आई। 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला समेत कई मरीजों को जांच के बिना लौटाए जाने का आरोप लगाते हुए उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (Uttarakhand ASHA Health Workers Union) की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल (Kamla Kunjwal) ने अस्पताल पहुंचकर व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
हालांकि अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी मरीजों की जांच की जा रही है और आपात स्थिति तथा मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्था संचालित होती है। बताया गया कि अस्पताल में बुधवार को मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं और आपात स्थिति में अन्य मरीजों की जांच भी की जाती है।
बुजुर्ग महिला को टोकन नहीं मिलने का आरोप
नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र निवासी 60 वर्षीय किशनी देवी पेट दर्द की शिकायत के बाद अल्ट्रासाउंड कराने अस्पताल पहुंचीं थीं। आरोप लगाया गया कि उन्हें जांच के लिए टोकन नहीं दिया गया और स्टाफ तथा रेडियोलॉजिस्ट की ओर से अल्ट्रासाउंड करने से मना कर दिया गया।
इससे नाराज उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। इस दौरान रामगढ़ निवासी प्रकाश और भूमियाधार निवासी चंद्रा ने भी अल्ट्रासाउंड व्यवस्था को लेकर अपनी परेशानियां बताईं। तल्लीताल निवासी रीना ने भी बताया कि वह कई दिनों से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अस्पताल के चक्कर लगा रही हैं और कई बार उन्हें वापस लौटना पड़ा।
पीएमएस ने कहा, प्राथमिकता के आधार पर हो रही जांच
अस्पताल की पीएमएस डॉ. द्रौपदी गर्बियाल ने मरीजों को जांच से वंचित रखने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कभी-कभी मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण सभी की जांच उसी दिन संभव नहीं हो पाती। ऐसे मामलों में इमरजेंसी और मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाती है।
लगातार बारिश में भूस्खलन का मलबा नैनी झील पहुंचा, सिंचाई विभाग ने शुरू की सफाई
नैनीताल में लगातार हो रही बारिश के बीच सात नंबर क्षेत्र में हुए भूस्खलन का मलबा 23 नंबर नाले के रास्ते नैनी झील (Naini Lake) तक पहुंच गया। बोट हाउस क्लब (Boat House Club) के समीप झील में मिट्टी और मलबा जमा होने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग (Irrigation Department) ने मंगलवार शाम से इसकी निकासी का कार्य शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि लगातार बारिश से काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन मौसम सामान्य होने पर जमा मलबे को पूरी तरह हटाया जाएगा।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ललित मोहन कश्यप ने बताया कि बीते दिनों आल्मा कॉटेज-सात नंबर क्षेत्र में भूस्खलन हुआ था, जिससे बड़ी मात्रा में मलबा 23 नंबर नाले में पहुंच गया।
बारिश के तेज बहाव के साथ झील तक पहुंचा मलबा
लगातार दो दिन हुई बारिश के दौरान नाले में पानी का बहाव बढ़ने से मिट्टी और मलबा बहकर बोट हाउस क्लब के समीप नैनी झील में पहुंच गया।
सूचना मिलते ही विभागीय टीम ने मंगलवार शाम से झील में जमा मलबे को निकालने का कार्य शुरू कर दिया। विभाग के अनुसार बारिश रुकने के बाद सफाई कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा।
अयारपाटा में बारिश से फिर जीवंत हुए तीन प्राकृतिक ताल, जलस्रोतों को रिचार्ज होने की उम्मीद
नैनीताल में लगातार हो रही बारिश से अयारपाटा (Ayarpatta) क्षेत्र में तीन प्राकृतिक झीलनुमा पोखर फिर पानी से भर गए हैं। कंकर वाली कोठी, टिफिन टॉप और शेरवुड स्कूल के समीप स्थित इन प्राकृतिक जलस्रोतों में अत्यधिक वर्षा के बाद पानी जमा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष अधिक बारिश के दौरान इन स्थानों पर पानी एकत्र होता है और धीरे-धीरे जमीन में रिसकर आसपास के प्राकृतिक जलस्रोतों को रिचार्ज करने में सहायक होता है। पालिका के युवा सभासद मनोज साह जगाती ने बताया कि इन प्राकृतिक पोखरों में कई महीनों तक पानी बने रहने की संभावना है।
नैनी झील के जलस्रोतों और वन्यजीवों को भी मिल सकता है लाभ
मनोज साह जगाती के अनुसार इन पोखरों का पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसने से आसपास के प्राकृतिक जलस्रोतों को रिचार्ज होने की संभावना है। इससे नैनी झील के जलस्रोतों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विचरण करने वाले वन्यजीवों के लिए भी ये प्राकृतिक जलस्रोत पेयजल का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।
भीमताल के अल्चौना गांव के पांडे छोड़ तोक में बरसाती नाले ने पहुंचाया मलबा, घरों में घुसा पानी और कीचड़
नैनीताल जनपद के भीमताल विकासखंड की ग्राम पंचायत अल्चौना (Alchauna) के पांडे छोड़ तोक में मंगलवार को अचानक उफनाए बरसाती नाले ने भारी नुकसान पहुंचाया। पांडे गांव-भांकर क्षेत्र से आने वाले नाले का तेज बहाव बड़ी मात्रा में कीचड़ और मलबा लेकर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया, जिससे कई घरों में पानी और मलबा घुस गया।
हालांकि घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन प्रभावित परिवारों का घरेलू सामान नष्ट होने से उनके सामने रहने और भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। बताया गया कि मंगलवार दोपहर अचानक मौसम बदलने के बाद बरसाती नाले ने विकराल रूप धारण कर लिया।
अधिकारियों के साथ पहुंचकर प्रभावित परिवारों का जाना हाल
दैवीय आपदा से प्रभावित पांडे छोड़ तोक में विभागीय अधिकारियों के साथ पहुंचकर पीड़ित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया गया। अचानक आए पानी और मलबे के सैलाब से घरों के भीतर रखा कीमती घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रभावित परिवारों के सामने अब नुकसान की भरपाई और सामान्य जीवन बहाल करने की चुनौती है। प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित क्षेत्र की स्थिति और नुकसान का आकलन किए जाने की आवश्यकता बनी हुई है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
