चाइल्ड केयर संस्थानों की रिपोर्ट याचिकाकर्ता को देने के निर्देश, हाईकोर्ट में बच्चों और दिव्यांगजनों की सुविधाओं का मामला
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 सितंबर 2026 (Nainital High Court News 2 Sept 2026)। उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने राज्य में संचालित सरकारी और गैर सरकारी चाइल्ड केयर संस्थानों (Child Care Institutions), बाल निकेतनों और दिव्यांग बच्चों एवं असहाय बच्चों की देखभाल से जुड़े केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर चल रही जनहित याचिका में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता (Chief Justice Manoj Kumar Gupta) और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय (Justice Subhash Upadhyay) की खंडपीठ ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के पैरा लीगल कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर तैयार की गई और न्यायालय में प्रस्तुत रिपोर्ट याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि वह रिपोर्ट पर अपने सुझाव दे सके।
मामले की सुनवाई बुधवार को हुई। राज्य में संचालित विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों में बच्चों, दिव्यांगजनों और असहाय बच्चों के कथित उत्पीड़न तथा उनकी देखभाल के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के संबंध में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (State Legal Services Authority) की शिकायत का स्वतः संज्ञान लेते हुए यह जनहित याचिका दायर की गई थी।
गौलापार स्थित केंद्र की शिकायतों के बाद उठा था मामला
मामले के अनुसार पूर्व में गौला पार स्थित एनएबी केंद्र में एक दिव्यांग बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न और अन्य शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने मामले की जांच कर इसकी जानकारी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को दी थी।
जांच के दौरान बाल निकेतनों, चाइल्ड केयर सेंटरों और दिव्यांगजनों से जुड़े केंद्रों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने संबंधी मुद्दे सामने आने का उल्लेख किया गया। जनहित याचिका में दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं के अनुरूप काउंसलर नियुक्त करने और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा कराने की मांग की गई है।
पैरा लीगल कार्यकर्ताओं से कराया गया केंद्रों का निरीक्षण
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश दिए थे कि उनके अधीन कार्यरत पैरा लीगल कार्यकर्ताओं के माध्यम से चाइल्ड केयर संस्थानों का निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण के बाद इन केंद्रों की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। बुधवार को मामले में कुछ रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गईं।
खंडपीठ ने इन रिपोर्टों को याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि वह रिपोर्ट में शामिल तथ्यों के आधार पर अपने सुझाव और पक्ष न्यायालय के समक्ष रख सके। न्यायालय ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से भी इस संबंध में उत्तर प्रस्तुत करने को कहा है।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के प्रभावी पालन पर हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार के दावों पर याचिकाकर्ता ने उठाए सवाल
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों (Noise Pollution Control Rules) को प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के शपथपत्र के विरुद्ध प्रति-शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तिथि निर्धारित की है।
मामले की सुनवाई के दौरान अल्मोड़ा निवासी याचिकाकर्ता जितेंद्र यादव (Jitendra Yadav) ने राज्य सरकार की ओर से दाखिल उस शपथपत्र पर आपत्ति जताई, जिसमें मॉडिफाइड साइलेंसर (Modified Silencer) और वाहनों में तेज आवाज वाले एम्पलीफायर (Amplifier) पर प्रतिबंध को प्रभावी रूप से लागू करने का दावा किया गया था।
याचिकाकर्ता ने कहा, जमीनी स्तर पर नहीं हो रहा आदेशों का प्रभावी पालन
याचिकाकर्ता का कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य में जमीनी स्तर पर ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। उनके अनुसार तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर और अन्य उपकरणों के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका में विशेष रूप से हृदय रोगियों और अन्य संवेदनशील लोगों पर ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव का मुद्दा भी उठाया गया है।
साइलेंस और रेजिडेंशियल जोन के सीमांकन पर भी सवाल
याचिकाकर्ता के अनुसार राज्य सरकार ने साइलेंस जोन (Silence Zone) और रेजिडेंशियल जोन (Residential Zone) के संबंध में अधिसूचना जारी की है, लेकिन इन क्षेत्रों का उचित सीमांकन और वर्गीकरण नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि इसके कारण जिन क्षेत्रों को शांत क्षेत्र की श्रेणी में रखा जाना चाहिए, वहां भी लगातार तेज आवाज और ध्वनि प्रदूषण की समस्या बनी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के शपथपत्र के विरुद्ध प्रति-शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
हल्द्वानी के आबादी क्षेत्रों से आरा मशीनों को हटाने की मांग पर हाईकोर्ट में सुनवाई, तीन सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी (Haldwani) शहर के आबादी क्षेत्रों में वर्षों से संचालित आरा मशीनों (Saw Mills) को अन्य उपयुक्त स्थानों पर विस्थापित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने पक्षकारों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरा मशीनों के संचालन के संबंध में पूर्व में जारी दिशा-निर्देश तीन सप्ताह के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
खंडपीठ ने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को भी निर्देश दिया कि इस मामले को अन्य स्थानों पर संचालित आरा मशीनों से जुड़े समान प्रकृति के मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर होगी आगे की सुनवाई
जनहित याचिका में हल्द्वानी शहर के आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित आरा मशीनों को लेकर सवाल उठाए गए हैं और उन्हें आबादी क्षेत्र से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पक्षकारों से कहा कि आरा मशीनों के संचालन को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देश न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों और दिशा-निर्देशों के आधार पर मामले की आगे सुनवाई होगी। खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह बाद की तिथि निर्धारित की है।
उत्तराखंड में लोकायुक्त नियुक्ति की प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की नजर, सरकार को चार सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 सितंबर 2026 ()। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में लोकायुक्त (Lokayukta) की नियुक्ति की मांग को लेकर वर्ष 2021 से लंबित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है। सरकार ने न्यायालय को बताया कि लोकायुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया गतिमान है और खोजबीन समिति के समक्ष लोकायुक्त तथा उसके सदस्यों के लिए पैनल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हाईकोर्ट ने सरकार को अगली सुनवाई तक मामले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
वर्ष 2021 में दायर हुई थी लोकायुक्त नियुक्ति की जनहित याचिका
गौला पार निवासी रवि शंकर जोशी (Ravi Shankar Joshi) ने उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग को लेकर वर्ष 2021 में जनहित याचिका दायर की थी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पूर्व के न्यायालयी आदेश के क्रम में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। सरकार ने न्यायालय को बताया कि लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
खोजबीन समिति के समक्ष रखा जाएगा लोकायुक्त और सदस्यों का पैनल
राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि लोकायुक्त और उसके सदस्यों के संबंध में पैनल तैयार कर उसे खोजबीन समिति के समक्ष रखा जाएगा। सरकार ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए न्यायालय से चार सप्ताह का समय मांगा। खंडपीठ ने सरकार को चार सप्ताह का समय देते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। मामले की अगली सुनवाई के लिए चार सप्ताह बाद की तिथि निर्धारित की गई है।
मसूरी गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन नैनीताल (High Court Bar Association Nainital) ने मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अधिवक्ताओं ने शहीदों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को नमन किया तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत (DCS Rawat) ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन महासचिव सौरभ अधिकारी (Saurabh Adhikari) ने किया।
शहीदों के संघर्ष और बलिदान को किया गया याद
कार्यक्रम के दौरान मसूरी में पुलिस फायरिंग में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में शहीदों के संघर्ष और बलिदान का महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भावी पीढ़ियों को राज्य आंदोलनकारियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा मिलती रहेगी। श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं।
आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।
Tags (Nainital High Court News 2 Sept 2026) :
Nainital High Court News 2 Sept 2026, Uttarakhand High Court News, Nainital High Court News, Child Care Institutions Uttarakhand, Child Rights News, Noise Pollution PIL Uttarakhand, Modified Silencer Case, Haldwani Saw Mill Case, Lokayukta Appointment Uttarakhand, Mussoorie Firing Martyrs Tribute, PIL News Uttarakhand, Legal News, Nainital News, Navin Samachar, The High Court Bar Association paid tribute to martyred statehood agitators and held hearings on matters concerning the appointment of the Lokayukta, child care institutions, the effective enforcement of noise pollution control regulations, and the removal of sawmills from the populated areas of Haldwani, #UttarakhandHighCourt #NainitalNews #LegalNews #ChildCareInstitutions #NoisePollution #ModifiedSilencer #HaldwaniNews #SawMillCase #Lokayukta #MussoorieFiring #PIL #UttarakhandNews #NavinSamachar

डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
