नैनी झील में मछलियों को खाद्य पदार्थ खिलाने पर रोक के बावजूद जारी गतिविधियां, पारिस्थितिकी संतुलन पर बढ़ी चिंता
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 मई 2026 (Nainital-Problems for Fishes-Traffic)। उत्तराखंड के नैनीताल में विश्व प्रसिद्ध नैनी झील की पारिस्थितिकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। झील की आंतरिक स्वच्छता और जैविक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से छोड़ी गई मछलियां अब पर्यटकों के मनोरंजन का माध्यम बनती जा रही हैं। प्रतिबंध के बावजूद पर्यटक खुलेआम ब्रेड और अन्य खाद्य पदार्थ झील में डालकर मछलियों को आकर्षित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे झील की प्राकृतिक संरचना और जल गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
झील की सफाई के लिए छोड़ी गई थीं मछलियां
स्थानीय लोगों के अनुसार नैनी झील में विभिन्न प्रजातियों की मछलियां झील की काई और जैविक तत्वों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से छोड़ी गई थीं। यह मछलियां झील के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी कारण झील में बाहरी खाद्य पदार्थ डालने पर रोक लगाई गई है।
इसके बावजूद पंत पार्क क्षेत्र से पर्यटक ब्रेड खरीदकर झील किनारे मछलियों को खिलाते दिखाई दे रहे हैं। रविवार को बोट हाउस क्लब और जूम लैंड क्षेत्र के समीप कई पर्यटक मछलियों को ब्रेड खिलाते नजर आये। स्थानीय नाव चालकों और नागरिकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश लोगों ने चेतावनी को नजरअंदाज किया।
जल गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार ब्रेड और अन्य खाद्य सामग्री झील में डालने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इससे मछलियों के प्राकृतिक व्यवहार में बदलाव आने के साथ झील का जैविक संतुलन भी बिगड़ सकता है। लोगों ने नगर पालिका पर निगरानी और सख्ती की कमी का आरोप लगाया है।
पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने बताया कि कर्मचारियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पर्यटक मछलियों को खाद्य पदार्थ खिलाते पाया गया तो उसके विरुद्ध चालानी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मछलियों के लिए ब्रेड बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिबंधित क्षेत्रों में धड़ल्ले से दौड़ रहे वाहन, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
पर्यटन सीजन के दौरान नैनीताल के प्रतिबंधित और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। पंत पार्क से मां नयना देवी मंदिर तक प्रतिबंधित क्षेत्र में बाइक और स्कूटी संचालित हो रही हैं, जबकि मॉल रोड पर भी कई वाहन गलत दिशा में चलते दिखाई दे रहे हैं। इससे पैदल चलने वाले स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले पंत पार्क से नयना देवी मंदिर तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित थी, लेकिन मंदिर माला मिशन के तहत सौंदर्यीकरण कार्यों के बाद यहां दोपहिया वाहनों का प्रवेश बढ़ गया है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन खड़े मिले।
मॉल रोड पर गलत दिशा में वाहन संचालन
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मॉल रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर भी वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर गलत दिशा में वाहन चला रहे हैं। विशेषकर शाम और सप्ताहांत के दौरान स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। पैदल चल रहे लोगों को अचानक सामने से आ रहे वाहनों के कारण बार-बार किनारे हटना पड़ता है।
स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों ने प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाने और नियम उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले में पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम बनाकर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्रों से दोपहिया वाहनों को हटाया जाएगा और अधिक भीड़ के दौरान किसी भी प्रकार के वाहन संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चालान के डर से आंतरिक मार्गों पर खड़ी होने लगीं बाइकें
नगर में चालान कार्रवाई के भय से टैक्सी चालकों और अन्य बाइक सवारों ने अब आंतरिक मार्गों को अस्थायी पार्किंग स्थल बनाना शुरू कर दिया है। इससे स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
पालिका सभासद अंकित चंद्रा ने बताया कि सनवाल विद्यालय मार्ग, सीआरएसटी मार्ग सहित कई आंतरिक सड़कें टैक्सी बाइकों की स्थायी पार्किंग में बदलती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
विद्यालय जाने वाले बच्चों को अधिक परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ रहा है। विशेषकर विद्यालय जाने वाले बालक-बालिकाओं, बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
मामले में वरिष्ठ उप निरीक्षक दिनेश जोशी ने बताया कि शीघ्र ही अभियान चलाकर आंतरिक मार्गों में वाहन खड़े करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को हटाने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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