लेकब्रिज चुंगी टेंडर को लेकर पालिका में टकराव, सभासदों ने उठाए सवाल, अध्यक्ष ने प्रक्रिया को बताया वैध
नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2026 (Nainital-Conflict over Lake Bridge)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के नैनीताल (Nainital) नगर में लेकब्रिज चुंगी के 21 माह के टेंडर को लेकर नगर पालिका परिषद में शुक्रवार को विवाद गहरा गया। सभासदों ने पत्रकार वार्ता कर टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने विधिक राय और प्रशासनिक संरक्षण के आधार पर पूरी प्रक्रिया को वैध बताते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया। आप यह संबंधित वीडियो भी जरूर देखना चाहेंगे : नैनीताल में दो पहिया वाहनों से ₹100 प्रवेश शुल्क पर बड़ी अपडेट, जानें कौन और कैसे बच सकेंगे शुल्क से :
सभासदों का आरोप है कि बोर्ड को दरकिनार कर एक विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। सभासद जितेंद्र पांडे ने कहा कि पालिकाध्यक्ष ने पहले आश्वासन दिया था कि टेंडर बोर्ड बैठक के बाद ही खोला जाएगा, लेकिन बाद में बिना बोर्ड बैठक के 14 जुलाई को वित्तीय निविदा खोल दी गई, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है। आप यह संबंधित वीडियो भी जरूर देखना चाहेंगे : 🚨नैनीताल आने वालों के लिए बड़ी खबर!अब बाहरी नंबर की बाइक पर ₹100 चुंगी, विरोध शुरू:
सभासदों के अनुसार 1 जून 2026 को निविदा आमंत्रित की गई थी तथा 10 जून अंतिम तिथि निर्धारित थी। 7 जुलाई को बोर्ड बैठक का एजेंडा जारी किया गया, लेकिन पालिकाध्यक्ष के पारिवारिक शोक के कारण बैठक स्थगित हो गई। इसके बाद बैठक 18 जुलाई तक टाल दी गई। उनका कहना है कि 22 जून को हुए धरना-प्रदर्शन के बाद 23 जून को लिखित आश्वासन दिया गया था कि अगली बोर्ड बैठक तक लेकब्रिज चुंगी की निविदा नहीं खोली जाएगी। आप यह पूर्व संबंधित समाचार भी जरूर पढ़ना चाहेंगे : नैनीताल में बाहरी जिलों के दोपहिया वाहनों पर भी चुंगी शुल्क लागू, 100 रुपये की वसूली पर विरोध तेज
सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि नए टेंडर में दोपहिया वाहनों का शुल्क भी जोड़ दिया गया है। सभासद मुकेश जोशी ने कहा कि दोपहिया वाहन शुल्क गजट के माध्यम से बोर्ड से ही पारित हुआ था। यदि समय पर बोर्ड बैठक होती तो विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि बोर्ड बैठक का कोई महत्व नहीं है तो सभासद इस्तीफा देने को भी तैयार हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर हाईकोर्ट की शरण भी लेंगे। उन्होंने कुमाऊँ आयुक्त से पूरे मामले की जांच कर नगर पालिका बोर्ड को भंग कर नए चुनाव कराने की मांग की।
पत्रकार वार्ता में भगवत रावत, गजाला कमाल, अंकित चंद्रा, काजल आर्या, राकेश पवार और रमेश प्रसाद भी मौजूद रहे। आप यह पूर्व संबंधित समाचार भी जरूर पढ़ना चाहेंगे : नैनीताल में बाहरी दोपहिया वाहनों से 100 रुपये प्रवेश शुल्क पर फिलहाल रोक, स्थानीय लोगों के लिए बनेगी स्टिकर व्यवस्था
विधिक राय और प्रशासनिक संरक्षण के बाद ही खोला गया टेंडर: पालिकाध्यक्ष
पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप संपन्न की गई है। उन्होंने बताया कि पहले विधिक राय ली गई और उसके बाद प्रशासन से संरक्षण प्राप्त होने पर ही वित्तीय निविदा खोली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय दोपहिया वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। शुल्क केवल बाहरी क्षेत्रों से आने वाले दोपहिया वाहनों पर लागू है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार की त्रुटि के कारण कुछ स्थानीय दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी हुई थी, जिसे तत्काल सुधार दिया गया है। इसके लिए तल्लीताल में दो, बारापत्थर में दो तथा फांसीगधेरा में एक स्थानीय व्यक्ति की तैनाती की गई है।
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि नैनीताल के स्थानीय निवासियों, अधिवक्ताओं तथा बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। बाहर पढ़ने वाले स्थानीय विद्यार्थियों को भी निःशुल्क स्टिकर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मॉल रोड पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से चारपहिया वाहनों को निचली पार्किंग में खड़ा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चुंगी संबंधी प्रस्ताव पहले ही बोर्ड द्वारा पारित किया जा चुका है और इसका उल्लेख मिनट बुक में दर्ज है।
दोपहिया वाहनों पर टोल के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, पालिकाध्यक्ष से इस्तीफे की मांग
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के नैनीताल नगर में नगर पालिका द्वारा दोपहिया वाहनों पर 100 रुपये टोल शुल्क लगाए जाने के विरोध में भाजपा नैनीताल मंडल के नेतृत्व में पंत पार्क, मल्लीताल में प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, अधिवक्ताओं, स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
विधायक सरिता आर्या ने कहा कि यह निर्णय पर्यटन आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापार, मध्यम वर्ग और आम नागरिकों के हितों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका का दायित्व नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और पर्यटन को बढ़ावा देना है, न कि जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से नैनीताल की छवि प्रभावित हो रही है तथा पर्यटन और व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पालिकाध्यक्ष के इस्तीफे की भी मांग की। उनका कहना था कि यदि जनभावनाओं की लगातार उपेक्षा की जाएगी और जनता पर नए आर्थिक बोझ डाले जाएंगे तो ऐसे नेतृत्व को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।
प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, जिला उपाध्यक्ष दया किशन पोखरिया, मनोज जोशी, प्रकाश आर्य, आशीष बजाज, विक्रम राठौर, विधानसभा सोशल मीडिया संयोजक भारत सिंह मेहरा, जीवंती भट्ट, ज्योति ढौडियाल, कविता गंगोला, अमिता साह, हरीश राणा, शैलेन्द्र बर्गली, विकास जोशी, भूपेंद्र बिष्ट, रितुल कुमार, युवराज सिंह करायत, आध्या जायसवाल, करन साह, पायल, मीरा बिष्ट, हेमलता पांडे, रश्मि सिराला, गीता सिराला, रोहित बहादुर, शैलेंद्र बिष्ट, सभासद भगवत रावत, गजाला कमाल, काजल आर्या, नामित सभासद आनंद बिष्ट, मीनू बुड़लाकोटी, खजान सिंह डंगवाल, संतोष कुमार, शुभम, महेश कार्की, राहुल जोशी, गोविन्द मेहरा और कमल जोशी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
बिना बोर्ड और अधिशासी अधिकारी की अनुमति के निर्णय कैसे लिया गया: विधायक सरिता आर्या
विधायक सरिता आर्या ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष ने बिना अधिशासी अधिकारी और बिना बोर्ड की अनुमति के निर्णय लिया, जिसकी वह घोर निंदा करती हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कुमाऊँ आयुक्त से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार का निर्णय लिया जाना था तो पहले उसे नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखा जाना चाहिए था और सभी सभासदों की राय ली जानी चाहिए थी। जनहित से जुड़े निर्णय एकतरफा नहीं लिए जाने चाहिए।
दोपहिया वाहनों से टोल वसूली दुर्भाग्यपूर्ण, निर्णय वापस लिया जाए: अनुपम कबड़वाल
नगर कांग्रेस कमेटी नैनीताल के पूर्व अध्यक्ष अनुपम कबड़वाल ने दोपहिया वाहनों से टोल शुल्क वसूलने के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से हाईकोर्ट, मंडल एवं जिला मुख्यालय, कुमाऊँ विश्वविद्यालय तथा अन्य सरकारी कार्यालयों वाले शहर की छवि प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर छात्रों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों, होटल कर्मचारियों तथा मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा। साथ ही पर्यटन गतिविधियां भी प्रभावित होंगी।
उन्होंने कहा कि यदि केवल यूके-04 पंजीकरण वाले वाहनों को ही छूट दी जाती है तो नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले रामनगर के यूके-19 पंजीकरण वाले वाहन अपने ही जिले में बाहरी माने जाएंगे। उनका कहना था कि नगर पालिका पहले ही पार्किंग और टोल शुल्क में वृद्धि कर जनभावनाओं की उपेक्षा कर चुकी है। यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।

















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