1आईएएस अधिकारी को बर्खास्त करने सहित 2 पर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति, हरिद्वार भूमि घोटाले में धामी सरकार का बड़ा प्रहार

इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

नवीन समाचार, देहरादून, 20 जून 2026 (Haridwar-Action Against IAS Officers)। उत्तराखंड की धामी सरकार ने हरिद्वार (Haridwar) नगर निगम के बहुचर्चित भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों में तत्कालीन नगर आयुक्त एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी वरुण चौधरी (Varun Chaudhary) को सेवा से बर्खास्त किए जाने की संस्तुति कर दी है। वहीं तत्कालीन जिलाधिकारी कमेंद्र सिंह (Kamendra Singh) के विरुद्ध भी दीर्घ दंड (Major Punishment) की कार्रवाई का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत पदावनति से लेकर सेवा से पृथक्करण तक की कार्रवाई संभव है।

Haridwar-Action Against IAS Officers हरिद्वार जमीन खरीद घोटाला: हरिद्वार डीएम और IAS वरुण चौधरी सस्पेंड, पीसीएस  भी नपे, जानिए पूरा मामलाइसके साथ ही हरिद्वार के तत्कालीन उप जिलाधिकारी (SDM) अजयवीर सिंह (Ajayveer Singh) के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करते हुए उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने का निर्णय लिया गया है। दोनों आईएएस अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training-DOPT) को संस्तुति भेजी जा रही है।

यह है मामला-15 करोड़ की भूमि 54 करोड़ में खरीदने का आरोप

मामला हरिद्वार नगर निगम के लिए कूड़ा निस्तारण स्थल (Garbage Dumping Yard) हेतु भूमि खरीद से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि 2.3070 हेक्टेयर भूमि, जिसकी कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये आंकी गई थी, उसे 54 करोड़ रुपये में खरीदा गया। आरोप है कि भूमि खरीद प्रक्रिया में कई मानकों और नियमों का उल्लंघन किया गया।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बना उत्तराखंड, उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत, धामी कैबिनेट के 12 बड़े फैसले

जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने 3 जून 2025 को तत्कालीन जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और उप जिलाधिकारी सहित सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। बाद में विभागीय जांच और सतर्कता जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

सात दिन में कृषि भूमि से व्यावसायिक भूमि बनी

प्रकरण का सबसे चर्चित पहलू यह रहा कि कृषि श्रेणी की भूमि को धारा-143 के तहत मात्र सात दिन के भीतर व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित कर दिया गया। सामान्य परिस्थितियों में भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने में कई सप्ताह अथवा महीनों का समय लग जाता है।

जांच अभिलेखों के अनुसार जिस दिन भूमि का कृषि से व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तन हुआ, उसी दिन नगर निगम के साथ खरीद समझौता भी कर लिया गया। भूमि का मूल्य अचानक कई गुना बढ़कर लगभग 54 करोड़ रुपये आंका गया और उसके आधार पर भुगतान भी कर दिया गया। यही असाधारण तेजी जांच एजेंसियों और शासन के लिए प्रमुख जांच बिंदु बनी हुई है।

10 लोगों पर अभियोग दर्ज करने की अनुमति

राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में 10 लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita-BNS) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के अंतर्गत अभियोग दर्ज करने की अनुमति भी प्रदान कर दी है।

कार्रवाई की जद में आए लोगों में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविंद्र कुमार दयाल, कर अधीक्षक लक्ष्मीकांत भट्ट, प्रभारी अधिशासी अभियंता आनंद सिंह मिश्राण, संपत्ति लिपिक वेदपाल, मानचित्रकार दिनेश कांडपाल तथा भूमि विक्रेता सुमन देवी, जितेंद्र कुमार, अभिषेक यादव और सुजीत कुमार सिंह शामिल हैं।

पहले डीएम ने ठुकराया था भूमि खरीद प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार इसी भूमि को खरीदने का प्रस्ताव पहले भी शासन के समक्ष आया था, लेकिन उस समय के जिलाधिकारी एवं नगर निगम प्रशासक धीरज सिंह गर्ब्याल (Dhiraj Singh Garbyal) ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। बाद में प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई और भूमि खरीद का विवादित सौदा संपन्न हुआ।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  एससी-एसटी अधिनियम पर हाईकोर्ट का बड़ा निर्णय, लोक सेवकों को दिया संरक्षण, कार्रवाई से पहले जांच होगी जरूरी

किसानों को किसने दिया महंगी बिक्री का सुझाव?

जांच में यह प्रश्न भी प्रमुखता से उभरा है कि जिन किसानों ने प्रारंभिक स्तर पर लगभग 15 करोड़ रुपये के मूल्य पर भूमि बेचने की इच्छा जताई थी, उन्हें कृषि भूमि को व्यावसायिक भूमि में परिवर्तित कर कई गुना अधिक मूल्य प्राप्त करने का सुझाव किस स्तर से दिया गया। शासन अब इसी पहलू की भी गहन जांच कर रहा है।

हरिद्वार का यह भूमि खरीद प्रकरण उत्तराखंड के सबसे चर्चित प्रशासनिक मामलों में शामिल हो चुका है और सरकार की ताजा कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर  के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं। 

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  कालाढूंगी में आमने-सामने की टक्कर में युवक की मौत, तीन घायल हल्द्वानी रेफर
Tags (Haridwar-Action Against IAS Officers) :

Haridwar-Action Against IAS Officers, Uttarakhand News, Haridwar News, Dehradun News, Corruption News, Legal News, Haridwar Land Scam Investigation, IAS Officer Dismissal Recommendation Case, Haridwar Municipal Corporation Land Purchase Scam, Pushkar Singh Dhami Anti Corruption Action, Land Use Conversion Controversy Uttarakhand, Vigilance Investigation Haridwar Land Deal, Government Action Against Senior Officers, Municipal Land Procurement Irregularities Case, Uttarakhand Administrative Accountability News, Haridwar Garbage Yard Land Scam,

#Haridwar #UttarakhandNews #LandScam #CorruptionNews #IASOfficer #DhamiGovernment #VigilanceInvestigation #LegalNews #AdministrativeAction #BreakingNews #MunicipalCorporation #Governance #Transparency #LatestNews #DehradunNews

Leave a Reply