नवीन समाचार, नैनीताल, 18 जून 2026 (Sanjiv Chaturvedi in Lokpal of India)। उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जनपद मुख्यालय से प्रशासनिक सेवा (Administrative Service) और भ्रष्टाचार निरोधक तंत्र (Anti-Corruption System) से जुड़ा महत्वपूर्ण समाचार है। भारतीय वन सेवा (Indian Forest Service-IFS) के चर्चित अधिकारी संजीव चतुर्वेदी (Sanjeev Chaturvedi) को भारत के लोकपाल (Lokpal of India) में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) स्तर के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उत्तराखंड सरकार ने अनापत्ति प्रमाण-पत्र (No Objection Certificate-NOC) प्रदान कर दिया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाने और अनेक चर्चित मामलों के अनावरण के कारण यह घटनाक्रम प्रशासनिक एवं सतर्कता तंत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तराखंड शासन (Government of Uttarakhand) से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन के अपर सचिव हिमांशु खुराना (Himanshu Khurana) ने 13 जून 2026 को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है। यह पत्र भारत के लोकपाल के अवर सचिव (स्थापना) (Under Secretary Establishment, Lokpal of India) को भेजा गया। इससे पूर्व लोकपाल संस्थान ने 27 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड सरकार से संजीव चतुर्वेदी के आवेदन पर राज्य सरकार की सहमति मांगी थी। अब राज्य सरकार की अनापत्ति मिलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गयी है।
वन मुखिया की संस्तुति के बाद शासन ने दी मंजूरी
वर्ष 2002 बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी संजीव चतुर्वेदी वर्तमान में हल्द्वानी (Haldwani) में मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान) (Chief Conservator of Forests Research) तथा उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी (Uttarakhand Forestry Training Academy-UFTA) के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 18 मई 2026 को लोकपाल में संयुक्त सचिव पद के लिए आवेदन किया था।
इसके बाद प्रमुख वन संरक्षक (Principal Chief Conservator of Forests) ने उनके आवेदन और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण कर शासन को संस्तुति भेजी। शासन ने परीक्षण के उपरांत अनापत्ति प्रदान कर दी। अब लोकपाल प्राधिकरण भर्ती नियमों के अनुसार उनकी उम्मीदवारी पर अंतिम निर्णय करेगा।
प्रशिक्षण से लेकर उत्तराखंड तक का प्रशासनिक सफर
संजीव चतुर्वेदी का चयन वर्ष 2002 में भारतीय वन सेवा में हुआ था। प्रारंभिक प्रशिक्षण उन्होंने देहरादून (Dehradun) स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (Indira Gandhi National Forest Academy) में प्राप्त किया। यहां उन्हें वन प्रबंधन (Forest Management), वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया।
चयन के बाद उन्हें हरियाणा (Haryana) कैडर आवंटित हुआ, जहां उन्होंने वर्ष 2005 से 2012 तक विभिन्न दायित्व निभाए। बाद में वर्ष 2016 में उनका स्थानांतरण उत्तराखंड कैडर में हुआ। तब से वे उत्तराखंड में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
एम्स में 200 से अधिक मामलों की जांच ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान
संजीव चतुर्वेदी का नाम राष्ट्रीय स्तर पर तब चर्चा में आया जब वे जून 2012 से अगस्त 2014 तक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences-AIIMS), नई दिल्ली (New Delhi) में मुख्य सतर्कता अधिकारी (Chief Vigilance Officer-CVO) रहे। इस दौरान उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों से जुड़े लगभग 200 मामलों में जांच प्रारंभ करायी।
उनकी कार्रवाई के कारण कई उच्च पदस्थ अधिकारियों के विरुद्ध जांच और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलायी।
हरियाणा में घोटालों का अनावरण, फिर बदला कैडर
हरियाणा में सेवाकाल के दौरान उन्होंने अवैध वृक्ष कटान, वन्यजीव शिकार, पौधरोपण योजनाओं में अनियमितता, आरा मशीनों के लाइसेंस वितरण और अवैध खनन जैसे मामलों का अनावरण किया। इन मामलों में प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने के बाद उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक दबावों का सामना भी करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार उनके सेवाकाल में कई बार स्थानांतरण हुए। बाद में विशेष अनुरोध पर उनका कैडर बदलकर उत्तराखंड किया गया। उस अवधि में उनके सेवा हितों की रक्षा के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल (Pratibha Patil) और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) ने कई अवसरों पर हस्तक्षेप किया था, जिसे प्रशासनिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है।
मैग्सेसे पुरस्कार से मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
भ्रष्टाचार के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्यों के लिए संजीव चतुर्वेदी को वर्ष 2015 में एशिया के प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (Ramon Magsaysay Award) से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान सार्वजनिक सेवा में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया गया।
वे इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने वाले चुनिंदा भारतीय प्रशासनिक एवं लोकसेवा अधिकारियों में शामिल हैं। इससे पहले किरण बेदी (Kiran Bedi), टीएन शेषन (TN Seshan) और जेएस लिंगदोह (JS Lyngdoh) जैसे अधिकारियों को भी यह सम्मान प्राप्त हो चुका है।
आधुनिक तकनीक से जंगल संरक्षण पर भी किया कार्य
वर्तमान में हल्द्वानी में कार्यरत संजीव चतुर्वेदी ने हिमालयी क्षेत्रों की जैव विविधता (Biodiversity) के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के प्रभावों के अध्ययन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया है। इस पहल को वन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना गया।
अब उत्तराखंड सरकार की अनापत्ति मिलने के बाद लोकपाल प्राधिकरण उनके आवेदन पर अंतिम विचार करेगा। यदि नियुक्ति को स्वीकृति मिलती है तो देश की सर्वोच्च भ्रष्टाचार निरोधक संस्थाओं में से एक में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसका प्रभाव प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मामलों पर भी दिखाई दे सकता है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
