नवीन समाचार, देहरादून, 23 जून 2026 (UKs Spandan Impresses Macron-Modi)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (Dehradun) से नवाचार, उद्यमिता और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राज्य के लिए गर्व का विषय सामने आया है। उत्तराखंड के युवाओं द्वारा विकसित पोर्टेबल ईसीजी (ECG) उपकरण ‘स्पंदन’ (Spandan) ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल ही में फ्रांस (France) की राजधानी पेरिस (Paris) में आयोजित विश्व के प्रमुख प्रौद्योगिकी आयोजनों में शामिल ‘विवाटेक 2026’ (VivaTech 2026) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने इस तकनीक में विशेष रुचि दिखाई।
दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। यह उपलब्धि केवल एक स्टार्टअप की सफलता नहीं, बल्कि उत्तराखंड से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुंची नवाचार क्षमता की कहानी भी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ‘स्पंदन ईसीजी’ का विकास उत्तराखंड के युवा उद्यमियों रजत जैन (Rajat Jain), नितिन चंदोला (Nitin Chandola), सौरभ बडोला (Saurabh Badola) और साबित रावत (Sabit Rawat) की टीम ने किया है। उनकी कंपनी सनफॉक्स टेक्नोलॉजी (Sunfox Technologies) ने स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी (Health Technology) के क्षेत्र में ऐसा समाधान विकसित किया है, जो कम संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी हृदय रोगों की प्रारंभिक जांच को सरल बना सकता है। माचिस की डिब्बी के आकार का यह उपकरण पोर्टेबल होने के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों में भी उपयोग के लिए तैयार किया गया है।
उत्तराखंड की जरूरतों से जन्मा, दुनिया तक पहुंचा नवाचार
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आज भी एक चुनौती बनी हुई है। दूरस्थ गांवों, ऊंचाई वाले इलाकों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में समय पर हृदय रोगों की जांच कर पाना अक्सर संभव नहीं हो पाता। ऐसे में ‘स्पंदन’ जैसे उपकरण का विकास केवल एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक आवश्यकता से निकला समाधान माना जा रहा है।
कंपनी ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) मार्गों पर निःशुल्क हृदय जांच और कार्डियक मॉनिटरिंग कार्यक्रम भी संचालित किए हैं। हजारों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिला है। कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों ने इस स्टार्टअप को अलग पहचान दिलाई है।
‘मन की बात’ से शुरू हुआ सफर, पेरिस तक पहुंची पहचान
इस स्टार्टअप की चर्चा पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर तब हुई जब यह ‘शार्क टैंक इंडिया’ (Shark Tank India) जैसे मंच पर पहुंचा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) में भारत के स्वदेशी नवाचारों और स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स की सराहना की। तब से लेकर अब तक ‘स्पंदन’ लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है।
पेरिस में आयोजित ‘विवाटेक 2026’ में भारत को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया गया था। इस आयोजन में देश के 20 चुनिंदा स्टार्टअप्स को अपनी तकनीक प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने सनफॉक्स टेक्नोलॉजी के स्टॉल का दौरा किया और उपकरण की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
चारधाम से अमरनाथ तक उपयोगिता पर हुई चर्चा
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत जैन ने प्रधानमंत्री को बताया कि किस प्रकार यह उपकरण दूरस्थ क्षेत्रों में हृदय रोगों की पहचान को आसान बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने नितिन चंदोला से यह भी पूछा कि क्या यह तकनीक अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) जैसे दुर्गम और सीमित नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती है। कंपनी ने बताया कि उपकरण को ऐसी ही परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी इस तकनीक की उपयोगिता में रुचि दिखाई और फ्रांस में इसके संभावित उपयोग पर चर्चा की। इससे यह संकेत मिला कि उत्तराखंड में विकसित यह तकनीक अब वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली का भी हिस्सा बन सकती है।
यूरोप तक पहुंचेगी ‘मेड इन इंडिया’ की गूंज
सनफॉक्स टेक्नोलॉजी अब यूरोपीय मानकों के अनुरूप ‘सीई सर्टिफिकेशन’ (CE Certification) प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। इसके पूरा होने के बाद कंपनी को यूरोपीय बाजारों में प्रवेश का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही कंपनी फ्रांस की एक संस्था के साथ मिलकर ‘कार्डियक अमाइलॉइडोसिस’ (Cardiac Amyloidosis) जैसी जटिल और दुर्लभ हृदय संबंधी बीमारी पर शोध कार्य भी कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्तराखंड से निकलने वाले ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहन मिलता रहा तो राज्य केवल पर्यटन और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (Startup Ecosystem) के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकता है।
उत्तराखंड के युवाओं की यह सफलता बताती है कि सीमित संसाधनों और पहाड़ी चुनौतियों के बीच भी वैश्विक स्तर के समाधान विकसित किए जा सकते हैं। ‘स्पंदन’ की कहानी केवल एक उपकरण की नहीं, बल्कि उस नए उत्तराखंड की कहानी है जो नवाचार, तकनीक और सामाजिक सरोकारों के बल पर दुनिया में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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