नवीन समाचार, नैनीताल, 25 मई 2026 (UK High Court News 25 May 2026)। उत्तराखंड (Uttarakhand) हाईकोर्ट (High Court) में सोमवार को सुनवाई के दौरान जेलों में सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई, कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा और मृतक आश्रित नियुक्ति से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण टिप्पणियां और आदेश सामने आये हैं। हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास भुगत चुके कैदियों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद रिहा न करने पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। वहीं संयुक्त राज्य कनिष्ठ अभियंता सेवा परीक्षा-2023 मामले में दिव्यांग अभ्यर्थियों की विशेष अपील खारिज कर दी गयी, जबकि 28 वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे मृतक आश्रित मामले में भी सरकार की विशेष अपील निरस्त कर दी गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी (Ravindra Maithani) और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह (Siddharth Sah) की खंडपीठ ने प्रदेश की जेलों में उम्रकैद की सजा पूरी कर चुके कैदियों को रिहा न किये जाने के मामले में स्वतः संज्ञान जनहित याचिका सहित कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि जिन कैदियों ने रिहाई के लिए याचिकाएं दायर की हैं, उन्हें अब तक क्यों नहीं छोड़ा गया। अदालत ने दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत में कैदियों ने बताया संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि कई कैदियों को पूर्व आदेशों के आधार पर रिहा किया जा चुका है, जबकि कुछ गंभीर अपराधों में संलिप्त कैदियों के मामलों में राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक है। दूसरी ओर कैदियों की ओर से अदालत को बताया गया कि सजा पूरी होने के बावजूद उन्हें जेल से रिहा नहीं किया जा रहा, जबकि सर्वोच्च न्यायालय और हाईकोर्ट पहले ही आदेश दे चुके हैं। याचिकाकर्ताओं ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना बताया।
कनिष्ठ अभियंता परीक्षा मामले में दिव्यांग अभ्यर्थियों को राहत नहीं
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता (Manoj Kumar Gupta) और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय (Subhash Upadhyay) की खंडपीठ ने संयुक्त राज्य कनिष्ठ अभियंता सेवा परीक्षा-2023 से जुड़े मामले में दिव्यांग श्रेणी के दो अभ्यर्थियों की विशेष अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक पूरी तरह वैध हैं और चयन प्रक्रिया में कोई अवैध परिवर्तन नहीं किया गया।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि परीक्षा के बाद 11 मार्च 2024 को कट-ऑफ अंक लागू कर नियम बदले गये, लेकिन आयोग ने अदालत में स्पष्ट किया कि न्यूनतम अर्हकारी अंक पहले से ही 2012 और 2022 की विनियमावली में मौजूद थे। अदालत ने पाया कि अपीलकर्ताओं के अंक निर्धारित कट-ऑफ से काफी कम थे। अदालत ने यह भी कहा कि दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाना अंतिम चयन का अधिकार नहीं देता।
28 वर्ष पुराने मृतक आश्रित मामले में सरकार को झटका
हाईकोर्ट ने मृतक आश्रित कोटे से नौकरी देने के मामले में राज्य सरकार की विशेष अपील भी खारिज कर दी। मामला सीजनल कलेक्शन अमीन भगवान सिंह बिष्ट (Bhagwan Singh Bisht) के पुत्र घनश्याम सिंह (Ghanshyam Singh) से जुड़ा है, जो वर्ष 1998 से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
खंडपीठ ने कहा कि एकलपीठ का आदेश सही था और उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने सरकार की विलंब से दाखिल अपील को कानून के दुरुपयोग जैसा बताया। इससे पहले एकलपीठ ने राज्य सरकार को घनश्याम सिंह को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप नियुक्ति देने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा अपील वापस लेने के निर्देश भी दिये गये थे, लेकिन सरकार ने फिर भी अपील जारी रखी।
इन फैसलों को न्यायिक पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के रूप में देखा जा रहा है। पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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