नवीन समाचार, देहरादून, 1 सितंबर 2026 (Uttarakhand-Aapda-11 Died on 1st Sept)। उत्तराखंड (Uttarakhand) में सोमवार रात्रि से मंगलवार तक हुई लगातार और कई स्थानों पर अत्यधिक तेज वर्षा ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उपलब्ध स्थानीय सूचनाओं के अनुसार अल्मोड़ा में पांच, देहरादून में दो, पौड़ी में दो, नैनीताल में एक तथा उत्तरकाशी में एक व्यक्ति की मृत्यु सहित अलग-अलग जनपदों में कम से कम 11 लोगों के वर्षाजनित घटनाओं में जान गंवाने की सूचना है, हालांकि विभिन्न समय पर जारी समाचारों और प्रशासनिक सूचनाओं में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई है और अंतिम आधिकारिक आंकड़े की प्रतीक्षा है। आप यह संबंधित वीडियो भी जरूर देखना चाहेंगे :
अल्मोड़ा में एक मकान में मलबा घुसने से मां और दो बच्चों सहित तीन लोगों की मृत्यु हुई, जबकि पौड़ी के कोटद्वार में कोल्हू नदी के तेज बहाव में बाइक सहित महिला और उसकी एक वर्षीय बेटी बह गयीं। देहरादून में बरसाती बहाव में वाहन बहने से दो लोगों की मृत्यु हुई और नैनीताल के भीमताल में नाले में बहने से एक छोटी बच्ची की जान चली गयी।
प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में लगातार वर्षा से नदियां, बरसाती नाले और गधेरे उफान पर हैं। कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि हल्द्वानी में गौला नदी, रामनगर में कोसी नदी और चोरगलिया क्षेत्र में नंधौर नदी में भी तेज बहाव बना हुआ है। अनेक ग्रामीण संपर्क मार्ग मलबा आने से बंद हुए हैं और प्रशासन ने नदी-नालों के निकट रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
अल्मोड़ा से पौड़ी तक वर्षा ने ली कई जानें, नैनीताल और देहरादून में भी गंभीर नुकसान
अल्मोड़ा जनपद में वर्षा से सबसे अधिक जनहानि की सूचना सामने आयी है। हवालबाग क्षेत्र के उड़यूड़ा अथवा वडयूड़ा गांव में पहाड़ी से आया भारी मलबा मकान में घुस गया। मकान के भीतर सो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गये। राज्य आपदा प्रतिवादन बल, पुलिस, अग्निशमन सेवा और प्रशासन की टीमों ने खोज एवं बचाव अभियान चलाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मृतकों की पहचान प्रेमा देवी, उनकी पुत्री कल्पना आर्या और पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है। मकान के दूसरे हिस्से अथवा बाहर स्थित कमरे में मौजूद परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य सुरक्षित रहे। घटनास्थल तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी मलबा आने से बचाव दल को उपकरणों सहित कुछ दूरी पैदल तय करनी पड़ी।
अल्मोड़ा में ही धार की तुनी क्षेत्र में दीवार अथवा संरचना ढहने की अलग घटना में दो नेपाली श्रमिकों की मृत्यु की सूचना है। इस प्रकार जनपद में वर्षाजनित घटनाओं में पांच लोगों की मृत्यु की जानकारी सामने आयी है।
कोटद्वार में कोल्हू नदी में बाइक सहित बह गयी महिला और एक वर्षीय बेटी
पौड़ी गढ़वाल जनपद के कोटद्वार क्षेत्र में कोल्हू नदी के तेज बहाव ने एक परिवार को गहरा आघात पहुंचाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार महिला अपने पति और एक वर्षीय बेटी के साथ बाइक से जा रही थी। इसी दौरान तेज बहाव में महिला और उसकी बच्ची बाइक सहित बह गयीं।
महिला के पति सद्दाम के सुरक्षित बचने की सूचना है, जबकि महिला और उसकी एक वर्षीय बेटी की मृत्यु हो गयी। यह घटना वर्षा के दौरान बरसाती नदियों और रपटों को पार करने के खतरे को भी रेखांकित करती है।
देहरादून के प्रेमनगर में बरसाती बहाव में वाहन बहा, दो लोगों की मृत्यु
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (Dehradun) के प्रेमनगर क्षेत्र में भारी वर्षा के बाद बरसाती बहाव में वाहन बहने की घटना हुई। कंडोली पुल अथवा पौंधा क्षेत्र के समीप तेज पानी में एक वाहन बह गया, जिसमें सवार लोगों को बचाने के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल ने खोज एवं बचाव अभियान चलाया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस घटना में दो लोगों के शव बरामद हुए, जबकि एक युवती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। विभिन्न सूचनाओं में वाहन में सवार लोगों की संख्या और अन्य बचाव कार्यों का विवरण अलग-अलग सामने आया है, इसलिए प्रशासन की अंतिम रिपोर्ट से स्थिति और स्पष्ट होगी।
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में भी खतरा बना रहा। कुछ स्थानों पर पानी आवासीय क्षेत्रों तक पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहायता की।
भीमताल में नाले के तेज बहाव में बह गयी बच्ची
नैनीताल (Nainital) जनपद के भीमताल क्षेत्र में मंगलवार सुबह तेज वर्षा के बीच एक छोटी बच्ची घर के समीप बह रहे नाले के तेज बहाव में बह गयी। परिजनों और पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की और बच्ची लगभग आधा किलोमीटर दूर भीमताल झील क्षेत्र के समीप मिली।
बच्ची को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने लगातार वर्षा के दौरान छोटे नालों और बरसाती जलधाराओं के अचानक खतरनाक रूप लेने की स्थिति को फिर सामने रखा है।
उत्तरकाशी में झील से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव
उत्तरकाशी जनपद के चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के समीप एक झील से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना भी सामने आयी है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर शव की पहचान तथा मृत्यु के कारणों की पुष्टि करने की प्रक्रिया में जुटे हैं। इस घटना को वर्षाजनित मौतों के अंतिम आधिकारिक आंकड़े में शामिल करने की स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद स्पष्ट होगी।
कैंची धाम में शिप्रा और हल्द्वानी में गौला नदी उफान पर
नैनीताल जनपद में वर्षा का असर केवल जनहानि तक सीमित नहीं रहा। कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी तेज बहाव के साथ उफान पर रही। हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर भी बढ़ने से नदी किनारे के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गयी।
रामनगर में कोसी नदी और चोरगलिया क्षेत्र में नंधौर नदी में भी तेज बहाव की स्थिति बनी रही। प्रशासन लगातार नदी-नालों के जलस्तर पर नजर रखे हुए है और लोगों को इनके निकट जाने से बचने की सलाह दी गयी है।
नैनीताल जनपद आपदा प्रबंधन से जारी 1 सितंबर की प्रातःकालीन रिपोर्ट के अनुसार जनपद में सोमवार रात्रि से लगातार वर्षा दर्ज की गयी। सुबह 9:30 बजे तक प्राप्त आंकड़ों में नैनीताल में 43 मिमी, हल्द्वानी में 60 मिमी, रामनगर में 5.8 मिमी, भीमताल में 102 मिमी, श्री कैंची धाम में 39 मिमी, मुक्तेश्वर में 3 मिमी, धानाचूली में 62 मिमी और चोरगलिया क्षेत्र में 154 मिमी वर्षा दर्ज की गयी। रिपोर्ट में जिले की औसत वर्षा 51.59 मिमी बतायी गयी है।
नैनीताल में लगभग 40 सड़कें बंद, मशीनों से मलबा हटाने का कार्य जारी
लगातार वर्षा और भूस्खलन के कारण नैनीताल जनपद में बड़ी संख्या में ग्रामीण और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। जिला आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट में लगभग 40 सड़कों के अवरुद्ध होने का उल्लेख है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, मुख्य जिला मार्ग तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मार्ग शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर जेसीबी और अन्य मशीनें तैनात कर मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया है। रिपोर्ट के अनुसार कई स्थानों पर वर्षा के कारण सड़कें बंद हुईं और कुछ स्थानों पर मार्ग खोलने के बाद पुनः मलबा आने की स्थिति बनी रही।
नैनीताल जनपद के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर कर्मचारियों की तैनाती की गयी है और जलस्तर पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अवरुद्ध संपर्क मार्गों को खोलने के लिए मशीनें लगायी गयी हैं तथा वर्षा कम होते ही आवागमन सामान्य करने के लिए तेजी से कार्य किया जाएगा।
हल्द्वानी में गौला नदी के तेज बहाव से चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार भी प्रभावित
हल्द्वानी के रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट क्षेत्र में गौला नदी के तेज बहाव का गंभीर प्रभाव दिखाई दिया। नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज धारा के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी प्रभावित होने की सूचना सामने आयी। उपलब्ध समाचारों के अनुसार तेज बहाव के कारण घाट क्षेत्र में लाई गयी कुछ शवयात्राओं और अंतिम संस्कार की व्यवस्था प्रभावित हुई।
यह स्थिति बताती है कि लगातार वर्षा के दौरान केवल सड़कें और आवासीय क्षेत्र ही नहीं, बल्कि नदी किनारे स्थित सार्वजनिक स्थल भी असुरक्षित हो सकते हैं।
मौसम के कारण विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी असर
भारी वर्षा की चेतावनी और संभावित खतरे को देखते हुए कई जनपदों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाये। देहरादून में कक्षा एक से 12 तक के सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया था। कुछ अन्य प्रभावित जनपदों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विद्यालयों को बंद रखने के निर्णय लिये गये।
वर्षा से मार्ग अवरुद्ध, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना
मसूरी-देहरादून मार्ग सहित कई प्रमुख और संपर्क मार्गों पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। कुछ स्थानों पर मशीनों से मलबा हटाकर मार्ग खोले गये, लेकिन लगातार वर्षा के कारण मार्गों के दोबारा अवरुद्ध होने की समस्या भी सामने आयी। उत्तरकाशी क्षेत्र में भी पहाड़ी से मलबा और पेड़ गिरने से मार्ग प्रभावित हुए, जहां संबंधित विभागों ने मलबा हटाकर यातायात सामान्य करने का प्रयास किया।
प्रशासन ने नदी-नालों और रपटों से दूर रहने की अपील की
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, नालों, बरसाती जलधाराओं और जल स्रोतों के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं। तेज बहाव वाले रपटों और कॉजवे को पार करने का जोखिम न उठाया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों को बरसाती नालों, उफनते गधेरों और नदी किनारे जाने से रोकने की आवश्यकता है, क्योंकि लगातार वर्षा के दौरान कुछ ही समय में जलधारा का स्तर और बहाव कई गुना बढ़ सकता है।
प्रदेश में वर्षाजनित घटनाओं से हुई मौतों की संख्या को लेकर दिनभर अलग-अलग सूचनाएं सामने आती रहीं। इसलिए 1 सितंबर की घटनाओं तथा पूरे मानसून में हुई कुल जनहानि का अंतिम आंकड़ा राज्य आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन की समेकित आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल अल्मोड़ा, पौड़ी, देहरादून, नैनीताल और अन्य जनपदों में राहत, खोज एवं बचाव तथा मार्ग खोलने का कार्य जारी है।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
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