नवीन समाचार, नैनीताल, 22 जून 2026 (FIRs Recommended in 30 cases in Kumaon)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के हल्द्वानी (Haldwani) नगर में भूमि धोखाधड़ी (Land Fraud) के बढ़ते मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है। कुमाऊं (Kumaon) मंडल के तीन जनपदों से प्राप्त 77 प्रकरणों की समीक्षा के बाद 30 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने की संस्तुति की गई है। इनमें सबसे अधिक 17 मामले नैनीताल जनपद से हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भूमि से जुड़े विवादों, फर्जीवाड़े, बहु-पंजीकरण और अभिलेखों में अनियमितता के मामलों में अब जिम्मेदार व्यक्तियों के साथ ही संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार काठगोदाम (Kathgodam) स्थित सर्किट हाउस (Circuit House) में कुमाऊं मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत (Deepak Rawat) की अध्यक्षता में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति (Land Fraud Coordination Committee) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अल्मोड़ा (Almora), ऊधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar) और नैनीताल (Nainital) जनपदों से भूमि धोखाधड़ी से जुड़े कुल 77 मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। जांच और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद समिति ने अल्मोड़ा के एक, ऊधम सिंह नगर के 12 तथा नैनीताल के 17 मामलों सहित कुल 30 मामलों में एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की।
भूमि खरीद-बिक्री में बढ़ती अनियमितताओं पर प्रशासन की नजर
बैठक में भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई मामलों में अभिलेखीय प्रक्रिया, दाखिल-खारिज (Mutation) और पंजीकरण संबंधी नियमों का समुचित पालन नहीं किया गया। मंडलायुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों को संरक्षण न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो इससे आम नागरिकों की संपत्ति सुरक्षा और राजस्व व्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
एक ही भूमि की कई बार रजिस्ट्री पर गंभीर चिंता
बैठक के दौरान एक ही संपत्ति की बार-बार पंजीकरण प्रक्रिया, जिसे सामान्यतः मल्टीपल रजिस्ट्री (Multiple Registry) कहा जाता है, के मामलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। मंडलायुक्त ने पंजीयक (Registrar) और उप-पंजीयक (Sub-Registrar) स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि यदि एक ही संपत्ति की बार-बार बिक्री या पंजीकरण संभव हो रहा है तो यह व्यवस्था में गंभीर खामी का संकेत है।
इसके साथ ही दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में लेखपालों द्वारा स्थलीय निरीक्षण न किए जाने के मामलों को भी गंभीर लापरवाही माना गया। उन्होंने कहा कि बिना भौतिक सत्यापन अभिलेखों में परिवर्तन करना भूमि विवादों और धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकता है।
बैंकों की भूमिका भी जांच के दायरे में
बैठक में बैंकिंग संस्थाओं की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी संपत्ति को बंधक रखकर ऋण स्वीकृत किया गया है और बाद में उसी संपत्ति का हस्तांतरण या विक्रय किया जाता है, तो इसकी जानकारी बैंक के अभिलेखों में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर बैंकिंग प्रक्रियाओं की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित बैंक भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
भूमि धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ती शिकायतों के बीच यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा, बल्कि संपत्ति खरीदने वाले लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि एफआईआर की संस्तुति वाले मामलों में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होती है।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं (IG Kumaon) निवेदिता कुकरेती (Nivedita Kukreti), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मंजूनाथ टीसी (Manjunath TC), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार गणपति (Ajay Kumar Ganpati) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।












