
Contents
- 1. English
- 2. Other languages
- 3. पुराना रिकार्ड अधूरा, अब सर्वे से होगी स्थिति स्पष्ट
- 3.1. विकास की योजनाएं भी होंगी लागू
- 3.2. मुख्यमंत्री धामी ने बताया वक्फ संशोधन विधेयक को पारदर्शिता, न्याय और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
- 3.3. सभी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा का दावा
- 3.4. सतपाल महाराज ने बताया मुसलमानों के हित में उठाया गया कदम (Survey of Waqf Properties will be in Uttarakhand)
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- 6. संबंधित समाचार
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नवीन समाचार, देहरादून, 5 अप्रैल 2025 (Survey of Waqf Properties will be in Uttarakhand)। संसद से वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद उत्तराखंड में भी वक्फ संपत्तियों का सर्वे किया जाएगा। बताया गया है कि वर्तमान में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड में कुल 2147 वक्फ संपदाएं पंजीकृत हैं, जिनमें 5388 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से केवल 2071 संपत्तियों के ही अभिलेख डिजिटाइज्ड हो पाए हैं। बड़ी संख्या में संपत्तियों के अभिलेख अनुपलब्ध हैं और अनेक संपत्तियों पर विवाद हैं। नया कानून लागू होने के बाद जब सर्वे होगा, तब वक्फ संपत्तियों की असल तस्वीर सामने आएगी। देखें संबंधित वीडिओ :
पुराना रिकार्ड अधूरा, अब सर्वे से होगी स्थिति स्पष्ट
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का गठन वर्ष 2003 में हुआ था। उस समय सहारनपुर से हरिद्वार व देहरादून के अभिलेख भेजे गए थे, जिन्हें वापस लौटा दिया गया था। इसी कारण इन जिलों में विवाद अधिक हैं। साथ ही वर्ष 1984 के बाद कोई सर्वे नहीं हुआ। अब नए कानून के तहत अन्य राज्यों की भांति उत्तराखंड में भी वक्फ संपत्तियों का सर्वे किया जाएगा।
रिकार्ड जुटाए जा रहे, सभी संपत्तियां होंगी आनलाइन

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि सर्वे से स्पष्ट होगा कि राज्य में वक्फ संपत्तियों की वास्तविक संख्या कितनी है। सहारनपुर से हरिद्वार व देहरादून से संबंधित अभिलेख भी मंगवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा, अवैध कब्जाधारियों पर कार्रवाई की जाएगी और सभी संपत्तियां ऑनलाइन की जाएंगी। अब दान की जाने वाली संपत्तियों के लिए बाकायदा वक्फनामा बनेगा और दान की गई चीज़ों का स्पष्ट उल्लेख होगा।
विकास की योजनाएं भी होंगी लागू
शम्स ने कहा कि वक्फ बोर्ड अब सरकारों के साथ मिलकर जरूरतमंदों के लिए घर, माडर्न मदरसे, विश्वविद्यालय, चिकित्सालय और पेंशन जैसी योजनाएं भी लागू करेगा। साथ ही वक्फ की आय बढ़ाने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे बोर्ड वास्तव में समाज के जरूरतमंद वर्ग की सेवा कर सकेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया वक्फ संशोधन विधेयक को पारदर्शिता, न्याय और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में संसद से पारित वक्फ संशोधन विधेयक को पारदर्शिता, न्याय और सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सुशासन और न्यायिक सुधारों को सशक्त करने के निरंतर प्रयास कर रही है। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, कानूनी स्पष्टता और न्यायिक संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
सभी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा का दावा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी समुदाय विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। इसके लागू होने से झूठे और अवैध दावों पर रोक लगेगी और भूमि एवं संपत्ति संबंधी विवादों का निष्पक्ष समाधान संभव हो सकेगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग न हो और उन्हें समाज के व्यापक हित में प्रयोग किया जाए।
सतपाल महाराज ने बताया मुसलमानों के हित में उठाया गया कदम (Survey of Waqf Properties will be in Uttarakhand)
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड कुछ लोगों की निजी जागीर बन गया था, जिसमें माफिया की संलिप्तता भी रही है। अब वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी का भाव आएगा। साथ ही, सरकार अब मुस्लिम समुदाय के वंचित वर्ग, महिलाओं और बच्चों के लिए योजनाएं भी लाएगी। (Survey of Waqf Properties will be in Uttarakhand)
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डॉ.नवीन जोशी, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, ‘कुमाऊँ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीएचडी की डिग्री प्राप्त पहले और वर्ष 2015 से उत्तराखंड सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। 15 लाख से अधिक नए उपयोक्ताओं के द्वारा 150 मिलियन यानी 1.5 करोड़ से अधिक बार पढी गई आपकी अपनी पसंदीदा व भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ के संपादक हैं, साथ ही राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्थान समाचार आदि समाचार पत्र एवं समाचार एजेंसियों से भी जुड़े हैं। देश के पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) उत्तराखंड’ के उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश महामंत्री भी हैं और उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त राज्य आंदोलनकारी भी हैं। डॉ. जोशी के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से जून 2009 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त रहा, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।






























