पौड़ी में घर के आंगन से बच्ची को उठा ले गया गुलदार, मौत के बाद विधायक की गाड़ी घेरकर प्रदर्शन, कोटद्वार में भी गुलदार ने बच्ची को भी आंगन से उठा लिया..

इस समाचार को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें

पौड़ी में घर के आंगन से बच्ची को उठा ले गया गुलदार, मौत के बाद विधायक की गाड़ी घेरकर प्रदर्शन

नवीन समाचार, पौड़ी, 4 नवंबर 2026 (Pauri-Leopard Snatched Girl-Died-Virodh)।उत्तराखंड (Uttarakhand) के पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal) जनपद में गुलदार (Leopard) के हमले में घर के आंगन में खेल रही मासूम आरुषि (Arushi) की मृत्यु के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर वजली गांव (Vajli Village) में हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक राजकुमार पोरी (Rajkumar Pori) को घेर लिया।

वन मंत्री सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े लोगों ने विधायक की गाड़ी को भी घेरकर करीब एक घंटे तक उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया। उधर, इसी शाम कोटद्वार (Kotdwar) के सनेह क्षेत्र में गुलदार ने एक दूसरी बच्ची को भी आंगन से उठा लिया, लेकिन उसकी मां ने पीछा कर बेटी को बचा लिया। एक ही दिन में हुई इन दो घटनाओं ने पौड़ी जनपद में मानव-वन्यजीव संघर्ष और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है।

आंगन से बच्ची को उठा ले गया गुलदार, भाई देखता रह गया

Pauri-Leopard Snatched Girl-Died-Virodhवन विभाग से प्राप्त जानकारी और घटनास्थल से सामने आए विवरणों के अनुसार, मंगलवार 3 नवंबर की शाम करीब छह बजे खांड्यूसैंण (Khandusain) के निकट वजली गांव में आरुषि अपने घर के आंगन में खेल रही थी। तभी गुलदार अचानक वहां पहुंचा और बच्ची को उठाकर झाड़ियों की ओर ले गया। उस समय उसका सात वर्षीय भाई आर्यन (Aryan) भी आसपास मौजूद था। उसने अपनी आंखों के सामने गुलदार को बहन पर हमला करते और उसे ले जाते देखा। परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्र हुए और बच्ची की तलाश शुरू की। बाद में घर से करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिला।

ग्रामीणों के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर से ही गांव में गुलदार की आवाजाही देखी जा रही थी। कुछ ग्रामीणों ने उसे पहले भी आबादी के आसपास घूमते देखा था। इसके बावजूद शाम को घर के आंगन में खेल रही बच्ची पर हमला हो गया। घटना के बाद परिवार में शोक और पूरे गांव में भय का माहौल बन गया।

ग्रामीणों ने बताया कि इसी दौरान गुलदार ने गांव की एक दूसरी बच्ची पर भी झपटने का प्रयास किया था। वह समय रहते घर के भीतर चली गई और शोर मचाने लगी, जिसके बाद गुलदार वहां से हट गया। इस घटना ने गांव की महिलाओं की चिंता और बढ़ा दी। उनका कहना था कि अब बच्चों को घर के आसपास भी अकेला छोड़ना सुरक्षित नहीं रह गया है।

विधायक पहुंचे तो ग्रामीणों ने वन मंत्री को फोन कराने की रखी मांग

घटना की जानकारी मिलने के बाद पौड़ी के विधायक राजकुमार पोरी मंगलवार रात करीब आठ बजे पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। लेकिन वहां पहले से जमा ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और वन विभाग तथा सरकार के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना था कि पौड़ी क्षेत्र में गुलदार के हमले लगातार हो रहे हैं। केवल घटनास्थल पर पहुंचकर आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने वन मंत्री को स्वयं मौके पर बुलाने और क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  देहरादून में 15 वर्षीय किशोर पर छह वर्षीय बच्ची से अश्लील वीडियो दिखाने के बाद दुष्कर्म करने का आरोप, संरक्षण में भेजा

कुछ देर तक विधायक ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों की मदद से ग्रामीणों को बातचीत के लिए तैयार किया गया, जिसके बाद विधायक जमीन पर बैठकर उनकी बातें सुनने लगे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे और सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की प्रमुख मांग थी कि वन मंत्री सुबोध उनियाल से उनकी सीधे बातचीत कराई जाए, ताकि क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी बता सकें।

ग्रामीणों के दबाव में विधायक ने वन मंत्री को फोन मिलाया। प्रदर्शनकारी चाहते थे कि बातचीत सबके सामने लाउडस्पीकर पर हो। इसी दौरान कुछ लोगों ने विधायक के हाथ से मोबाइल लेकर उसे लाउडस्पीकर पर करने को कहा। हालांकि, मौके पर अधिक शोर होने के कारण मंत्री की बात स्पष्ट सुनाई नहीं दी और फोन कट गया। इससे ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई।

विधायक की गाड़ी को घेरा, बोनट पर चढ़कर महिला ने मारी लातें

बढ़ते विरोध के बीच पुलिसकर्मियों ने विधायक को उनकी गाड़ी में बैठा दिया, लेकिन ग्रामीणों ने वाहन को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद विधायक करीब एक घंटे तक गाड़ी के भीतर बैठे रहे। पुलिसकर्मी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे।

इसी दौरान गांव की एक बुजुर्ग महिला विधायक की गाड़ी के बोनट पर चढ़ गई और उस पर कई लातें मारीं। कुछ अन्य महिलाएं भी वाहन पर चढ़ गईं। ग्रामीण विधायक के सामने ही ‘पौड़ी विधायक शर्म करो’, ‘डूब मरो’ और ‘विधायक चोर है’ जैसे नारे लगा रहे थे। उन्होंने ‘वन मंत्री पौड़ी आओ’ के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिले में लगातार गुलदार के हमलों से लोग प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्थायी समाधान नहीं दे पा रहे हैं।

पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भीड़ को संभाला। विधायक के वहां से निकलने से पहले वन मंत्री से दोबारा फोन पर बातचीत कराई गई। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, इस बार मंत्री ने मामले में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश देने की बात कही। इसके बाद पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को समझाया और विधायक को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला।

गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए वन विभाग ने भेजा पत्र

घटना के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची। गढ़वाल वन प्रभाग (Garhwal Forest Division) के प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव (Mahatim Yadav) ने बताया कि गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (Chief Wildlife Warden) को पत्र भेज दिया गया है। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी गई है। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त शुरू करने और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही है।

वन विभाग की उप प्रभागीय अधिकारी आयशा बिष्ट (Ayesha Bisht) ने बताया कि विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई है और क्षेत्र में गश्त तथा निगरानी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को कराए जाने की जानकारी भी दी गई थी। गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग पर अंतिम निर्णय संबंधित वन्यजीव अधिकारी की प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल विभाग की ओर से इसके लिए पत्र भेजा गया है, इसे औपचारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  खुली लोअर माल रोड, मिसाल बनीं हल्द्वानी की प्रीति, तबला वादन कार्यशाला, भाजपा नैनीताल की संगठनात्मक बैठक व उच्च न्यायालय के आज के सभी समाचार

ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए, संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाई जाए और आबादी के आसपास उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। लोगों ने यह भी कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए केवल घटना के बाद की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। गांवों के आसपास पहले से गुलदार दिखाई देने पर समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

कोटद्वार में दूसरी बच्ची पर हमला, मां ने पीछा कर गुलदार के जबड़े से छुड़ाया

पौड़ी जनपद में पहली घटना के कुछ ही समय बाद कोटद्वार के सनेह तल्ली (Saneh Talli) क्षेत्र में गुलदार ने एक दूसरी बच्ची पर हमला कर दिया। यहां संतोष रावत (Santosh Rawat) की बेटी सान्वी (Saanvi) घर के आंगन में अपनी मां नीलम देवी (Neelam Devi) के साथ थी। तभी आंगन में छिपे गुलदार ने बच्ची पर झपट्टा मारा और उसे जबड़े में दबोचकर खेत की ओर भागने लगा।

बेटी को गुलदार के जबड़े में देखकर मां ने शोर मचाया और उसके पीछे दौड़ पड़ीं। उनके शोर पर आसपास के लोग भी घटनास्थल की ओर दौड़े। इसी दौरान मां ने गुलदार के जबड़े से बच्ची को छुड़ा लिया। गुलदार बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। सान्वी की उम्र अलग-अलग समाचार विवरणों में सात और आठ वर्ष बताई गई है।

गुलदार के हमले में बच्ची के गले और पैर पर चोटें आईं। उसे कोटद्वार के राजकीय बेस चिकित्सालय (Government Base Hospital Kotdwar) में भर्ती कराया गया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण (Ritu Khanduri Bhushan) भी चिकित्सालय पहुंचीं और बच्ची का हाल जाना। उन्होंने लैंसडौन वन प्रभाग (Lansdowne Forest Division) के प्रभागीय वनाधिकारी को रात में क्षेत्र में अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए।

प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी तरुण एस (Tarun S) ने बताया कि घायल बच्ची के उपचार का पूरा खर्च वन विभाग उठाएगा। उन्होंने क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी बात कही। इस घटना में मां की तत्परता से बच्ची की जान बच गई, लेकिन उसी शाम पौड़ी के दूसरे क्षेत्र में हुई बच्ची की मृत्यु ने वन्यजीवों की आबादी वाले क्षेत्रों में बढ़ती आवाजाही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए।

लगातार बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष, आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं

उत्तराखंड में बाघ और गुलदार के हमलों के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष लंबे समय से ग्रामीण सुरक्षा की गंभीर चुनौती बना हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया (The Times of India) ने 6 अक्टूबर 2026 को वन विभाग के आंकड़ों के आधार पर बताया था कि इस वर्ष 30 सितंबर तक वन्यजीवों के हमलों में राज्य में 55 लोगों की मृत्यु हुई और 407 लोग घायल हुए। इनमें गुलदार के हमलों में 17 और बाघ के हमलों में 12 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई थी।

इस प्रकार उस तारीख तक इन दोनों बड़ी बिल्ली प्रजातियों के हमलों में 29 मौतें दर्ज थीं। इसके बाद वजली गांव में आरुषि की मृत्यु हुई है। इसलिए इन दोनों प्रजातियों के हमलों में मौतों की संख्या कम से कम 30 तक पहुंचती है। हालांकि 30 सितंबर के बाद से 3 नवंबर तक का पूरा समेकित विभागीय आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे पूरे वर्ष का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

पौड़ी जनपद में इन घटनाओं का असर केवल प्रभावित परिवारों तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, गुलदार की आवाजाही के कारण बच्चों को घर के आसपास अकेले छोड़ना, महिलाओं का दैनिक कामों के लिए बाहर निकलना और शाम के बाद गांव में आवाजाही करना कठिन होता जा रहा है। घर के आंगन तक पहुंच रहे गुलदारों ने ग्रामीणों की सामान्य दिनचर्या और सुरक्षा की भावना को प्रभावित किया है।

आप यह भी पढ़ना चाहेंगे :  बागेश्वर में शराब पीने के विवाद के बीच चाचा-चाची की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या, बचाने पहुंची बहू पर भी हमला; बच्ची के साथ कमरे में छिपकर बचाई जान

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि जब गुलदार गांवों के घरों के आंगन तक पहुंच रहे हैं, तब बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की निगरानी, गश्त और रोकथाम की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। क्या गुलदार को पकड़ने की कार्रवाई और संवेदनशील गांवों में सुरक्षा के स्थायी उपाय समय रहते किए जा सकेंगे, ताकि किसी दूसरे परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े?

पाठकों से आग्रह है कि इस समाचार से संबंधित अपनी राय और विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में अवश्य साझा करें।

नैनीताल में क्लिक करके नैनीताल जनपद में हाल के दिनों में हुई अन्य सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ के समाचार, अल्मोड़ा के समाचार, बागेश्वर के समाचार, चंपावत के समाचार, ऊधमसिंह नगर  के समाचार, देहरादून के समाचार, उत्तरकाशी के समाचार, पौड़ी के समाचार, टिहरी जनपद के समाचार, चमोली के समाचार, रुद्रप्रयाग के समाचार, हरिद्वार के समाचार और उत्तराखंड से संबंधित अन्य समाचार भी पढ़ सकते हैं। 

आज के अन्य एवं अधिक पढ़े जा रहे उत्तराखंड के नवीनतम अपडेट्स-‘नवीन समाचार’ पर पढ़ें। हमारे व्हाट्सएप चैनल से, फेसबुक ग्रुप से, गूगल न्यूज से, एक्स से, थ्रेड्स चैनल से और डेलीहंट से जुड़ें। अमेजॉन पर सर्वाधिक छूटों के साथ खरीददारी करने के लिए यहां क्लिक करें। यदि आपको लगता है कि ‘नवीन समाचार’ अच्छा कार्य कर रहा है तो हमें यहाँ क्लिक करके सहयोग करें..।

Tags (Pauri-Leopard Snatched Girl-Died-Virodh):

Pauri-Leopard Snatched Girl-Died-Virodh, Uttarakhand News, Pauri Garhwal News, Pauri Leopard Attack, Vajli Village Leopard Incident, Arushi Leopard Attack Case, MLA Rajkumar Pori Protest, Uttarakhand Human Wildlife Conflict, Leopard Attack Child Uttarakhand, Forest Department Action Pauri, Kotdwar Saneh Leopard Attack, Mother Saves Daughter from Leopard, #PauriGarhwal, #LeopardAttack, #UttarakhandNews, #HumanWildlifeConflict, #NavinSamachar,

Leave a Comment

```php