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नैनीताल ने कोलकाता को हराकर जीता महिला हॉकी का उद्घाटन मुकाबला

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-अपनी तरह की अनूठी पांच खिलाड़ियों से खेली जाती है 31वर्षों से आयोजित हो रही प्रतियोगिता

31वीं चंद्रावती तिवारी 5ए साइड महिला हॉकी प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन करते मुख्य अतिथि पुनीत टंडन।

नवीन समाचार, देहरादून, 16 अक्तूबर 2019। जिला महिला हॉकी संघ नैनीताल के द्वारा सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं के सहयोग से पिछले 31 वर्षों से आयोजित हो रही अखिल भारतीय चंद्रावती तिवारी फाइव ए साइड महिला हाकी प्रतियोगिता बुधवार को नगर के ऐतिहासिक डीएसए मैदान में शुरू हो गई। प्रतियोगिता का नगर के प्रतिष्ठित हथकरघा उद्यम पर आधारित प्रतिष्ठान राम लाल एंड ब्रदर्श के स्वामी पुनीत टंडन के द्वारा बतौर मुख्य अतिथि विधिवत उद्घाटन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि श्री टंडन ने जिला महिला हॉकी संघ के आयोजक सचिव आलोक चौधरी के साथ सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। आगे प्रतियोगिता का उद्घाटन मुकाबला नैनीताल और बो हॉकी क्लब कोलकाता के मध्य खेला गया जिसे नैनीताल की टीम ने 7-0 के अंतर से जीत लिया। उद्घाटन के अवसर पर राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह बैरागी, पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी मंटू, हरीश राणा, जगदीश बवाडी, डा. सरस्वती खेतवाल, भारती साह, प्रीति डंगवाल, आशु बोरा, मनोज बिष्ट ‘गुड्डू’ आदि लोग उपस्थित रहे। संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया।

यह भी पढ़ें : मेजबान शेरवुड ने जीती अंतरविद्यालयी बास्केटबॉल प्रतियोगिता

प्रधानाचार्य अमनदीप संधू से अंतरविद्यालयी बास्केटबॉल प्रतियोगिता की ट्रॉफी प्राप्त करती मेजबान शेरवुड कॉलेज की टीम।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 13 अक्टूबर 2019। नगर के विख्यात शेरवुड कॉलेज ने अपने यहां बीते शुक्रवार से खेली जा रही अंतरविद्यालयी बास्केटबॉल प्रतियोगिता का खिताब जीत लिया। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में मेजबान शेरवुड ने वुडब्रिज स्कूल भवाली को कांटे के मुकाबले में 54-53 के अंतर से हराया। इस मौके पर शेरवुड के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने विशिष्ट पुरस्कार प्रदान किए। शेरवुड के इशान वर्मा को सर्वाधिक गोल करने के लिए, प्रणव गुप्ता को सर्वश्रेष्ठ उदीयमान खिलाड़ी के पुरस्कार दिये गए। वहीं शेरवुड के गगनदीप सिंह थांडी व जीडी गोयनका स्कूल भीमताल के ध्रुव बिष्ट को दुवा स्पेशल प्राइज तथा प्रिंसिपल्स स्पेशल प्राइज वुडब्रिज स्कूल के मलय पांगती व नमन रोयाल को दिये गये।

यह भी पढ़ें : फंटूश यूनाइटेड ने जीती फुटबॉल प्रतियोगिता, शेरवुड के प्रधानाचार्य ने भेंट किये पुरस्कार

नवीन समाचार, नैनीताल, 2 अक्तूबर 2019। फन2एस (फंटूश) यूनाइटेड ने द्वितीय रॉबिन मेमोरेयल फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। बुधवार को खेले गये बेहद कांटे के रहे फाइनल मुकाबले में उसने शीला माउंट को तीन के मुकाबले पांच गोल करके हराया। फाइनल मुकाबले में निर्धारित समय तक दोनों टीमें सूरज व अमन जोशी के एक-एक गोलों की मदद से बराबरी पर थे। बाद में पेनाल्टी शूट आउट में फंटूश के लिए सुमित, अमन, रीतेश व गौरव ने जबकि शीला माउंट के लिए शिशिर व रवींद्र ने एक-एक गोल किये। शेरवुड कॉलेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने विजेता एवं उपविजेता टीमों तथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। पुरस्कार फंटूश के गौरव ढौंढियाल को टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, सौरभ रावत को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर व फरबू को सर्वश्रेष्ठ फुल बैक तथा शीला माउंट के देवेंद्र बोरा को सर्वश्रेष्ठ हाफ स्टॉपर एवं सूरज को बेस्ट फॉरवर्ड के पुरस्कार प्रदान किये गये। इस मौके पर नगर के प्रतिष्ठित संस्थान राम लाल एंड ब्रदर्श के पुनीत टंडन एवं स्वर्गीय रॉबिन भारती की माता कमला देवी बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहीं। मनोज अधिकारी, अरुण कुमार साह, छात्र संघ अध्यक्ष विशाल वर्मा, अमन राणा, दिग्विजय बिष्ट, सुंदर बिष्ट, गोविंद बिष्ट, दया किशन पोखरिया, अहद तनवीर, पुष्कर जोशी, रुचिर साह, मयंक साह व राहुल साह आदि ने भी फाइनल मुकाबले का आनंद लिया। महेश बिष्ट, लवलेश व आकाश ने रेफरी के रूप में योगदान दिया।

यह भी पढ़ें : अंतरविद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता में बिड़ला विद्या मंदिर रहा प्रथम

8वीं अंतरविद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता की विजेता बिड़ला विद्या मंदिर की टीम को ट्रॉफी भेंट करते मुख्य अतिथि।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जुलाई 2019। पर्वतीय सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में नगर के डीएसए पैविलियन में 5 चरणों में खेली गयी दो दिवसीय 8वीं अंतरविद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता में बिड़ला की टीम पहले, राधा चिल्ड्रन अकादमी दूसरे और ओराम व अम्तुल्स पब्लिक स्कूल संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रही। वहीं
बालिका ओपन वर्ग में प्रिया नेगी प्रथम, ए श्रीनिवास द्वितीय व यशुंधरा टम्टा तृतीय तथा अंडर-7 आयु वर्ग में अनंजन त्रिपाठी प्रथम, नीत श्रीनिवास द्वितीय व सार्थक बिष्ट तृतीय स्थान पर रहे। इसी तरह अंडर 9 में नव्य बोरा, काव्य परिहार, आरुल शिंदे, अंडर 11 में प्रखर कोठारी, शुभ सैनी, ए छावड़ा, अंडर 13 में वैभव पांडे, अभय प्रताप मिश्र व सार्थक मिश्रा, अंडर 15 में विशाल कुमार, मयंक बिष्ट व स्नेहल बिष्ट, अंडर 17 में मृदुल सिंह, उमंग दत्ता राम व प्रिभांशु यादव तथा अंडर 19 में अम्तुल्स पब्लिक स्कूल के दिव्यांशु तिवाड़ी प्रथम, बिड़ला के अशांक व लेक्स इंटरनेशनल भीमताल के करन दीप थापा तृतीय रहे। मल्लीताल कोतवाली के प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि पुरस्कार वितरित किये। इस मौके पर पुनीत छावड़ा, अम्तुल्स के उप प्रधानाचार्य मनोज बिष्ट, आयोजक ईश्वर दत्त तिवाड़ी डीएसए के भुवन बिष्ट, सिकंदर अली, हरमीत सिंह, नीरज साह, मो. मतलूब, जुनैद, आयोजक सचिव विश्वकेतु वैद्य, अनिल कुमार, सुमित कुमार, मुकेश बच्चन, करन बहुगुणा, मसकूर अहमद, मो. वसीम, शेर ंिसह बिष्ट, आरबीटेटर दीपक तिवाड़ी व सह आरबीटेटर चेहराज सिंह, जुबेर सिद्दीकी व मुकेश बच्चन आदि मौजूद रहे।

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शनिवार को शतरंज प्रतियोगिता में खेलते खिलाड़ी।

नवीन समाचार, नैनीताल, 27 जुलाई 2019। नगर के डीएसए स्टेडियम में शनिवार से शुरू हुई आठवीं अंतरविद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता में पहले दिन सभी वर्गों में दो-दो मुकाबले खेले गये। इन शुरुआती दो चक्रों के बाद अंडर-7 वर्ग में रानीखेत के नेत्र व मात्र छह वर्ष की उम्र के अनंजन तिवारी, अंडर-9 में काव्य परिहार व नव्या बोरा, अंडर-11 में शुभ सैनी, प्रखर कोठारी, सिद्धांत पाठक, अंडर-13 में विभव पांडे, अभय प्रताप मिश्रा, अथर्व बिष्ट, अंडर-15 में प्रत्युष फुलारा, कजाम जावेद, विशाल कुमार, स्नेहल बिष्ट व प्रशांत धामी, अंडर-17 में राहुल मलारा, मिहुल सिंह, उमंग दत्ता राम, कार्तिक खेतवाल व अंडर 19 में दिव्यांशु तिवारी तथा बालिका वर्ग में अनीसा श्रीनिवास अपने दोनों मुकाबले जीतकर 2-2 अंक बना चुके हैं। रुद्रपुर के कॉनफ्लूएंस स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत छावड़ा, डीएसए के महासचिव अनिल गड़िया, आशुतोष कुमार, मो. मतलूब, जुबेर सिद्दीकी, नीरज साह, विश्वकेतु वैद्य, चेहराज बिष्ट, दीपक तिवाड़ी, करन बहुगुणा, सुमित कुमार, शेर सिंह बिष्ट, धीरेंद्र बिष्ट, राजेद्र राणा, इकबाल अहमद, जुनैद व ईश्वर तिवाड़ी आदि प्रतियोगिता के आयोजन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। प्रतियोगिता मे नैनीताल, हल्द्वानी, रानीखेत, काशीपुर, बरेली व भीमताल आदि की डेढ़ दर्जन से अधिक स्कूलों की टीमें प्रतिभाग कर रही हैं।

मात्र 6 वर्ष की उम्र के अनंजन का दिखा जलवा

अपने दोनों मैच जीतने वाले 6 वर्षीया अनंजन त्रिपाठी।

नैनीताल। प्रतियोगिता में हल्द्वानी के होली एंजेल स्कूल के मात्र 6 वर्ष के कक्षा 2 के छात्र अनंजन त्रिपाठी का जलवा देखने को मिला। नन्हे अनंजन ने सबसे निचले अंडर-7 के आयु वर्ग में शुरुआती मुकाबले में दोनों मुकाबले आसानी से जीते। उनके कोच नीरज साह ने बताया कि वह इसी अंडर-7 आयु वर्ग में इसी वर्ष मई माह में कोलकाता मे आयोजित हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, साथ ही इसी वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता जीती तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में ही अंडर-9 वर्ग में में पांचवां तथा फिडे ओपर मे अंडर-8 आयु वर्ग में इसी वर्ष रुद्रपुर में पहला स्थान प्राप्त किया है।

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पत्रकार वार्ता में जानकारी देते सीआरएसटी ओल्ड ब्वॉइज एसोसिएशन के पदाधिकारी।

नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 26 जुलाई 2019। सीआरएसटी ओल्ड ब्वॉइज एसोसिएशन द्वारा देश की आजादी के वर्ष 1947 से यानी पिछले 73 वर्षों से अनवरत आयोजित की जा रही फुटबॉल प्रतियोगिेता देश की अपनी तरह की अनूठी फुटबॉल प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में बच्चों के प्रतिभाग करने के लिए तीन शर्तें हैं। बच्चों की लंबाई 4 फिट 9 इंच से अधिक, उनकी उम्र एक अगस्त को 14 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा वे कक्षा आठ से ऊपर की कक्षा में नहीं होने चाहिए। इस तरह इस प्रतियोगिता में कमोबेश एक सी लंबाई के बच्चे खेलते हैं, और चूंकि वे छोटे बच्चे होते हैं, इस तरह यह प्रतियोगिता छोटे बच्चों में दुनिया के सबसे प्रसिद्ध खेल फुटबॉल के प्रति आकर्षण एवं शौक उत्पन्न करने एवं उनकी प्रतिभा का निखारने का मौका देने वाली देश की सबसे पुरानी फुटबॉल प्रतियोगिताओं में भी शामिल है। ऐसोसिएशन के संरक्षक कै. एलएम साह ने बताया कि 1947 में जब यह प्रतियोगिता शुरू हुई थी तब उम्र एवं कक्षा की शर्तें तो आज की तरह ही थी, किंतु लंबाई की कोई बाध्यता नहीं थी। तब सीआरएसटी एवं उस दौर में गोरखा हाईस्कूल के नाम से जाने जाने वाले मौजूदा राजकीय इंटर कॉलेज के बीच में इस प्रतियोगिता में सर्वाधिक प्रतिद्वंद्विता रहती थी। बाद में साम्यता लाने के लिए 1952-53 में अधिकतम लंबाई के लिए 4 फिट नौ इंच का मानक लागू किया। तब यह प्रतियोगिता जुवीज यानी जुविनाइल यानी बच्चों की प्रतियोगिता और फोन-लाइन प्रतियोगिता के नाम से भी प्रसिद्ध रही। इधर एक दशक पूर्व इंच-फिट की पद्धति के बजाय सेमी की पद्धति पर लाते हुए प्रतियोगिता में अधिक लंबाई 145 सेमी लागू रही। किंतु इस वर्ष से एक बार फिर से इसे ऐतिहासिक स्वरूप में लौटाते हुए फिर से फोन-लाइन यानी 4 फिट 9 इंच की अधिकततम ऊंचाई ही तय कर दी गयी है।। बताया कि 1971 से डीएसए के पूर्व महासचिव एवं सीआरएसटी ओल्ड ब्वॉइज के सदस्य तथा हर तरह के खेलों के लिए समर्पित रहे एसएन पांडे के देहावसान के बाद यह प्रतियोगिता उनकी स्मृति में आयोजित की जाती है। हर वर्ष इस प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला स्वतंत्रता दिवस के दिन ही खेला जाता है। केवल 172 मौके ही ऐसे आये जब 15 अगस्त को भीषण वर्षा जैसे कारणों से स्वतंत्रता दिवस को फाइनल मुकाबला नहीं खेला जा सका। इसलिए इस प्रतियोगिता को स्वतंत्रता दिवस फुटबॉल प्रतियोगिता के रूप में भी जाना जाता है।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के सेंट जोसफ कॉलेज ने कोलकाता में जीता जूनियर व सीनियर वर्ग का ‘फाउंडर्स कप’ फुटबॉल टूर्नामेंट

-गौरव ढौंढियाल बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट व वैभव बेस्ट स्कोरर..

‘फाउंडर्स कप’ की विजेता ट्रॉफी के साथ सेंट जोसफ की टीम।

नवीन समाचार, नैनीताल, 17 जुलाई 2019। नैनीताल के प्रतिष्ठित 1888 में स्थापित सेंट जोसफ कॉलेज ने सुदूर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में जूनियर व सीनियर वर्ग का ‘फाउंडर्स कप’ फुटबॉल टूर्नामेंट जीतकर नगर व अपने विद्यालय का राम रोशन किया। विद्यालय के नये प्रधानाचार्य ब्रदर हैक्टर पिंटो के फिर से विद्यालय को उसकी प्रतिष्ठा वापस लौटाने के प्रयासों के तहत लंबे समय बाद विद्यालय की टीम विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए सुदूर भी भेजी जा रही हैं। कोलकाता के आसनसोल में आसनसोल सीसीबीआई फुटबॉल टूर्नामेंट में खेलने गयी विद्यालय की फुटबॉल टीम ने इस पहल का सुखद परिणाम भी दिया है।

विद्यालय की जूनियर टीम ने इस प्रतियोगिता में एडमिन्स स्कूल शिलांग को 4-0 एवं सीनियर वर्ग की टीम ने इसी विद्यालय को 2-0 के अंतर से हराया। इससे पूर्व जूनियर टीम ने कोलंबस स्कूल दिल्ली को 2-0 एवं जूनियर टीम से सेमी में सेंट मेरीज कॉन्वेंट माउंट आबू को हराया। सीनियर के फाइनल में सूर्यप्रताप ने दोनों गोल किये। सीनियर्स के लिए गौरव ढौंढियाल को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’, जबकि जूनियर्स के लिए वैभव बिष्ट को प्रतियोगिता में सर्वाधिक 6 गोलों के लिए बेस्ट स्कोरर के पुरस्कार मिले। प्रतियोगिता में सेंट जोसफ के मनराज सिंह राज, रोहन रावत, नकुल बिष्ट, दीपांशु पडियार, राहुल कुमार व कोशिश जैरू आदि खिलाड़ी भी खेले, जबकि कोच के रूप में ब्रदर रायन फर्नाडीज, आर्थर नाइट, सतीश, नीरज कुमार आदि ने कोच के रूप में योगदान दिया।

यह भी पढ़ें : 150 वर्ष के शेरवुड कॉलेज ने थामा आर्थिक संसाधनों से जूझ रहे डीएसए का हाथ, कर दी यह बड़ी पहल….

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p style=”text-align: justify;”>– दो ऐतिहासिक संस्थाओं का हुआ मिलन
नवीन समाचार, नैनीताल, 2 मई 2019। नगर के डीएसए मैदान में बृहस्पतिवार से नैनीताल जिमखाना एवं जिला क्रीड़ा संघ के तत्वावधान में अंतरविद्यालयी क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू हो गयी है। इस दौरान भारी बारिश व ओलावृष्टि के बावजूद प्रतियोगिता का भव्य तरीके से शुभारंभ हुआ। डीएसए की खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद पहली बार इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रही सर्वाधिक 22 स्कूलों की टीमें प्रतिभाग कर रही हैं, यही नहीं पहली बार टीमों को प्रतियोगिता के लिए प्रवेश शुल्क भी नहीं देना पड़ रहा है। बल्कि पहली बार ही उन्हें सुंदर टी-शर्ट भी उपहार में मिली हैं।
यह सब संभव हुआ है अपनी स्थापना के 150 गौरवमयी वर्ष पूरे कर रहे शेरवुड कॉलेज की उप पहल से, जिसके तहत नगर के इस प्रतिष्ठित कॉलेज ने शहर ही नहीं प्रदेश और देश की इस प्राचीनतम, 1880 में स्थापित खेल संस्था नैनीताल जिमखाना एवं जिला क्रीड़ा संघ का इस कठिन घड़ी में हाथ थामा है। यह मौका इसलिये भी खास हो गया है कि इस तरह 150 और वर्ष पुरानी दो ऐतिहासिक संस्थाओं का महामिलन भी हुआ है।
इस मौके पर 22 विद्यालयों की टीमों ने मार्च पास्ट कर कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी अजय जोशी एवं शेरवुड कॉलेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू को सलामी दी। श्री संधू व श्री जोशी ने रंगबिरंगे गुब्बारे उड़ाकर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया। आगे बारिश की वजह से मैच नहीं खेले जा सके। डीएसए के महासचिव सोनू बिष्ट ने बताया कि नगर पालिका से करोड़ों की लंबित धनराशि न मिलने के कारण डीएसए अपने सबसे बुरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में शेरवुड कॉलेज ने उन्हें बड़ा सहारा दिया है। उन्होंने बताया कि आज के लीग मुकाबले आगे समायोजित किये जाएंगे एवं शुक्रवार से पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार ही मैच खेले जाएंगे। बताया कि पहली बार टीमों से कोई शुल्क भी नहीं लिया जा रहा है। इस मौके पर शेरवुड के उप प्रधानाचार्य हेम चंद्र पांडे तथा एपी सिंह, सुबेदार मेजर रमेश चंद्रा, आशीष पांडे व रंजीत सिंह आदि शिक्षक तथा डीएसए के क्रिकेट सचिव रविप्रकाश जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

वार्षिकोत्सव में परिवार सहित आएंगे अमिताभ बच्चन

नैनीताल। इस अवसर पर शेरवुड कॉलेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू ने बताया कि आगामी 3 से 6 जून के बीच मनाये जा रहे विद्यालय के 150वें वार्षिकोत्सव में विद्यालय के पूर्व छात्र अमिताभ बच्चन ने पत्नी जया बच्चन सहित पूरे परिवार के साथ आने की इच्छा जताई है। साथ ही विद्यालय के पूर्व छात्रों में शामिल अनेकानेक हस्तियां भी इस मौके पर पहुंचकर गौरवान्वित होने जा रही हैं।

यह भी पढ़ें : छठें राष्ट्रीय फ्लोरबॉल फेडरेशन कप में उत्तराखंड ने पाया देश में तीसरा स्थान

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 मार्च 2019। पणजी (गोवा) में आयोजित छठें राष्ट्रीय फ्लोरबॉल फेडरेशन कप में देेेश की टॉप 8 टीमों ने प्रतिभाग किया। प्रथम स्थान पर दिल्ली, द्वितीय मध्यप्रदेश और तृतीय स्थान पर उत्तराखंड का कब्जा रहा।
उत्तराखंड की महिला टीम ने उल्लेखनीय और बेहतर प्रदर्शन किया। कोच सरस्वती भण्डारी की सिखायी खेल रणनीति और तकनीकी मानकों पर सभी खिलाड़ी, खरे उतरे। सरस्वती भण्डारी को बेस्ट कीपर के सम्मान से नवाजा गया। वहीं कप्तान आरती कैड़ा के प्रदर्शन को भी खूब सराहा गया। टीम मैनेजर पूजा नेगी संग सरस्वती भण्डारी, आरती कैड़ा, ममता, सीमा, हिमानी, रिंकी, शीतल, पूनम, कुसुम, शिवानी, नेहा, प्रियंका और सीमा उत्तराखंड टीम में शामिल रही। टीम का मनोबल बढ़ाने के लिये, उत्तराखंड फ्लोर बॉल एसोशिएशन के महासचिव वीरेंद्र मिश्रा साथियों संग मौजूद रहे। इस दौरान दूसरे एशियाना ओशियाना कप के लिये भी खिलाड़ियों का चयन किया गया। कोच सरस्वती भण्डारी सहित पूरी टीम ने विजय एकेडमी देहरादून द्वारा किये गयेे सहयोग पर आभार जताया। भविष्य में भी यथासम्भव सहयोग को विजय एकेडमी द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया।

यह भी पढ़ें : उत्तराखंड ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर रचा इतिहास

राष्टीय ताईक्वांडो कैडेट प्रतियोगिता में में देश में पहला स्थान करने वाले उत्तराखंड के ताइक्वांडो खिलाड़ी पदक प्राप्त करते हुए।

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p style=”text-align: justify;”>नवीन समाचार, नैनीताल, 19 फरवरी 2019। उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 13 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों की राष्ट्रीय ताईक्वांडो कैडेट प्रतियोगिता में 4 स्वर्ण, 2 रजत एवं 3 काँस्य पदकों के साथ राष्टीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। उल्लेखनीय है कि बीते 4 वर्षों से कैडेट वर्ग में हो रही इस प्रतियोगिता में गत वर्ष उत्तराखंड ने दूसरा स्थान प्राप्त किया था, और इस बार अपने प्रदर्शन को और भी बेहतर किया है।
चेन्नई में 5-8 फरवरी तक आयोजित इस राष्टीय प्रतियोगिता में उतराखंड के खिलाडियो ने शानदार प्रदशर्न करते हुये महाराष्ट को दुसरे तथा यूपी को तीसरे स्थान पर रहने को मजबूर कर दिया। उत्तराखंड के लिए विशाखा साह, अंकित मेर, धीरज यादव व धीरज लाल साह ने स्वर्ण पदक, कनिष्का मठपाल व त्रिभुवन ने रजत पदक तथा कल्पना गडिया, पूर्णिमा बोरा व शुभांशी ने कांस्य पदक प्राप्त किये। टीम के कोच कमलेश तिवारी, ललित आर्या, किरन नेगी, अनीता पांडे, मनोज रावत, अभिषेक, विवेक जोशी, मैनेजर अनिल कार्की रहे। उत्तराखंड के खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन पर उत्तराखंड प्रदेश ताईक्वांडो संघ के महासचिव श्री चन्द्र विजय सिंह बिष्ट, भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता, प्रदेश ओलंपिक के महासचिव डा. डीके सिह आदि ने उत्तराखंड की टीम को इस उपलब्धि पर बधाइयां दी हैं।

यह भी पढ़ें : एशियाई खेलों में दिखेगा नैनीताल की लतिका के पंचों का दम

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p style=”text-align: justify;”>नैनीताल, 18 अगस्त 2018। शीघ्र आयोजित होने जा रहे एशियाई खेलों में नैनीताल की ताइक्वांडो खिलाड़ी लतिका भंडारी भी भारतीय टीम का हिस्सा होंगी। उनके चयन से नगर के खेल प्रेमियों के साथ ही लतिका के साथी खिलाड़ियों में हर्ष का माहौल है। लतिका को नगर में 3 वर्ष की उम्र से ताइक्वांडो सिखाने वाले कोच सुनील थापा ने बताया कि लतिका 53 किग्रा भार वर्ग में खेलेंगी। कहा कि उनसे स्वर्ण पदक लाने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व पूर्व 2016 में हुए ने 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में लतिका ने 53 किग्रा भार वर्ग में अपने पंचों का दम दिखाते हुये स्वर्ण पदक को अपने नाम किया था। वहीं मई 2014 में उज्बेकिस्तान में आयोजित हुई 21वीं एशियन ताइक्वांडो चौंपियनशिप में भी वह 53 किग्रा से अधिक के भार वर्ग में कांश्य पदक जीत चुकी हैं। वह मध्य प्रदेश ताइक्वांडो अकादमी में भी ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेती रही हैं। उनकी इस उपलब्धि पर उनके कोच सुनील थापा, उत्तराखंड राज्य ताइक्वांडो संघ के सचिव सीवीएस बिष्ट, नैनीताल जिला ताइक्वांडो संघ के संरक्षक दिग्विजय बिष्ट आदि ने हर्ष जताते हुये उन्हें बधाइयां दी हैं।
उल्लेखनीय है की लतिका नैनीताल के राजमहल कंपाउंड निवासी असम रायफल्स में जेसीओ के रूप में कार्यरत महेंद्र अधिकारी और नीमा भंडारी की पुत्री हैं। यहाँ मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर से पढ़ी हैं। चार वर्ष की आयु से सुनील थापा से ताइक्वांडो सीखती रही हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश के बरकतुल्ला विश्व विद्यालय भोपाल के चाणक्य कॉलेज से पढ़ एवं मध्य प्रदेश ताइक्वांडो अकादमी से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रही हैं। उनके भाई पीयूष भी ताइक्वांडो की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीत चुके हैं।

लतिका की पूरी ताइक्वांडो प्रोफाइल व उपलब्धियों के लिए यहाँ क्लिक करें।

यह भी पढें: नैनीताल की लतिका ने 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में जीता स्वर्ण पदक

नवीन जोशी, नैनीताल। नैनीताल की ताइक्वांडो खिलाड़ी लतिका भंडारी ने 12वें दक्षिण एशियाई खेल 2016 में खेलते हुये देश 53 किग्रा भार वर्ग में पदक जीतकर शहर तथा देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है। शिलांग के निग्रिमस इंडोर स्टेडियम में 13 से 15 फरवरी तक आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में लतिका ने अपने पंचों का दम दिखाते हुये स्वर्ण पदक को अपने नाम किया। सोमवार को खेले गये प्रतियोगिता के फाइनल में उन्होंने नेपाल की नीमा गुरंग को 17-6 से हराकर सोने का पदक अपने नाम किया, जबकि इससे पूर्व सेमी फाइनल में उन्होंने भूटान की मेरीडोना को 17-3 के अंतर से पटखनी दी।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व लतिका मई 2014 में उज्बेकिस्तान में आयोजित हुई 21वीं एशियन ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भी 53 किग्रा से अधिक के भार वर्ग में कांश्य पदक जीत चुकी हैं। वह मध्य प्रदेश ताइक्वांडो अकादमी में भी ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेती रही हैं। उनकी इस उपलब्धि पर उनके कोच सुनील थापा, उत्तराखंड राज्य ताइक्वांडो संघ के सचिव सीवीएस बिष्ट, नैनीताल जिला ताइक्वांडो संघ के संरक्षक दिग्विजय बिष्ट, उपाध्यक्ष हरीश नयाल, सचिव ललित आर्या तथा ताइक्वांडो से जुड़े दीपेंद्र थापा, कमलेश तिवारी, राजेंद्र मेहरा, चेतना आर्या, ज्योति दुर्गापाल, अमित बिष्ट व संदीप थापा आदि ने हर्ष जताते हुये उन्हें बधाइयां दी हैं।

उल्लेखनीय है की लतिका नैनीताल के राजमहल कंपाउंड निवासी असम रायफल्स में जेसीओ के रूप में कार्यरत महेंद्र अधिकारी और नीमा भंडारी की पुत्री हैं। यहाँ मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर से पढ़ी हैं। चार वर्ष की आयु से सुनील थापा से ताइक्वांडो सीखती रही हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश के बरकतुल्ला विश्व विद्यालय भोपाल के चाणक्य कॉलेज से पढ़ एवं मध्य प्रदेश ताइक्वांडो अकादमी से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रही हैं। उनके भाई पीयूष भी ताइक्वांडो की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीत चुके हैं।

उधर बागेश्वर जिले के गरुड़ के निकट उडल गाँव के निवासी गजेन्द्र सिंह परिहार ने भी इन्ही सैफ खेलों में 54-58 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक जीतकर कुमाऊँ और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

बालिकाओं के लिए स्वरक्षा एवं कोचों के लिए स्वरोजगार का माध्यम बन रहा है ताइक्वांडो

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p style=”text-align: justify;”>-राष्ट्रीय-अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर पदक भी प्राप्त कर रही हैं नैनीताल की बालिकाएं
-गत वर्ष के बाद इस वर्ष भी आधा दर्जन के ब्लेक बेल्ट हासिल करने की भी संभावना
नैनीताल। देश भर में बालिकाओं के प्रति रुक न पा रहे अपराधों के साथ उनकी सुरक्षा के बीच सरोवरनगरी नैनीताल से आशा भरी किरण नजर आ रही है। यहां बालिकाओं बालकों से आगे बढ़कर आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो सीख रही हैं। इससे न केवल वे आत्म रक्षा में सक्षम व निपुण हो पा रही हैं, वरन इस खेल की प्रतिष्ठित ब्लेक बेल्ट के साथ ही राष्ट्रीय-अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर पदक भी प्राप्त कर रही हैं। वहीं उनके कोच भी घर पर स्वरोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

सरोवरनगरी में ताइक्वांडो के साथ आत्मरक्षा के गुर सीखती बालिकाएं।

बताया गया है कि सरोवरनगरी में ताइक्वांडो का खेल करीब ढाई दशक पुराना हो चला है। भाष्कर साह और जीतेंद्र थापा आदि को नगर में इस खेल को शुरू करने का श्रेय दिया जाता है। आगे जीतेंद्र के शागिर्द सुनील थापा ने इसे आगे बढ़ाया और उनसे सीखी लतिका भंडारी 12वें दक्षिण एशियाई खेल-2016 में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, जबकि विश्वकेतु वैद्य जैसे कई शागिर्द राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद अब कोच के रूप में इस खेल को आगे बढ़ा रहे हैं। इधर बीते वर्ष नगर की दो बालिकाएं सनवाल स्कूल की साक्षी और भारतीय शहीद सैनिक स्कूल की बबीता राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर आई हैं। इसके अलावा 2017 में नगर के करीब आधा दर्जन युवाओं ने ब्लेक बेल्ट हासिल की है, और करीब इतने ही इस वर्ष इसकी तैयारी में हैं।

राष्ट्रीय सहारा, 29 मई 2018

वर्तमान में नगर में एक दर्जन से अधिक विद्यालयों के साथ ही नैनीताल ताइक्वांडो क्लब के द्वारा सेंट जॉन्स चर्च सूखाताल एवं डीएसबी परिसर के द्वारा तल्लीताल कैंट स्थित नये बने गिर्दा पार्क में सैकड़ों बच्चों को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खास बात यह है कि प्रशिक्षण ले रहे बच्चों में तीन-चार वर्ष की उम्र से 20-25 की उम्र के युवा शामिल हैं, और इनमें भी 60 फीसद से अधिक बालिकाएं हैं। इन्हें आत्मरक्षा के साथ ही किसी भी तरह के हमले, छेड़खानी आदि की स्थितियों से बचने के लिए बहुत ही सरल तकनीकें, जैसे छेड़खानी करने वाले की अंगुली पीछे की ओर मरोड़ने, कान के पीछे व पेट आदि में हाथ अथवा अपने पास मौजूद पेन आदि की मदद से हमला स्वयं को सुरक्षित करने की तरकीबें बताई जा रही हैं। इसके साथ ही नगर में बालिकाएं भी अन्य को कोचिंग दे रही हैं। इनमें ज्योति दुर्गापाल प्रमुख हैं। उनके अलावा विश्वकेतु, गोविंद, राजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, योगेंद्र, राजकुमार, समीर सहित अनेक युवा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देकर स्वयं स्वरोजगार भी प्राप्त कर रहे हैं। इधर नगर के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में ताइक्वांडो के प्रशिक्षण के लिए सांई का केंद्र भी खुल गया है।

ऊन से रंग-बिरंगे पक्षी बनाने में माहिर हैं दिनेश

नैनीताल। रंग-बिरंगे पक्षियों को हम सब रोज देखते हैं, लेकिन कभी सोचा है कि अगर ये नहीं रहेंगे तो हम उन्हें कैसे देख पायेंगे। नाटककार, कलाकार, कवि और लेखन सहित अनेक विधाओं में माहिर नगर के दिनेश उपाध्याय ने उत्तराखंड में पाये जाने वाले पक्षियों को संरक्षित करने का एक अलग तरह का माध्यम खोज निकाला है। दिनेश रंग-बिरंगे ऊन के धागों की मदद से रंग-बिरंगे पक्षियों को रचने का अनूठा हुनर रखते हैं। उनका मानना है कि यदि इस तरह प्रदेश में पाये जाने वाले सभी 650 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों के बुतों को विशेष संग्रहालय में रखकर संरक्षित किया जा सकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां-बच्चे और यहां आने वाले सैलानी इन्हें देख सकें। यह एक अलग तरह का आकर्षण भी होगा।केएमवीएन में सहायक प्रबंधक दिनेश प्रदेश के जनकवि स्वर्गीय गिरीश तिवारी गिर्दा के साथ अनेक नाटकों में सहायक निर्देशक एवं नाटक लेखन के साथ ही अभिनय में भी सक्रिय रहे हैं तथा कविता लेखन के साथ होम्योपैथी सहित अनेक अन्य विधाओं में भी दखल रखते हैं। इधर वह पक्षियों को रंग-बिरंगे ऊन से बनाने के कार्य में जुटे हुए हैं, तथा राज्य पक्षी मोनाल, निल्टावा, फ्लाई कैचर, मैगपाई व ग्रीन बैक्ड टिट सहित अनेक पक्षियों को इस तरह बना चुके हैं। इन्हें बनाने के लिए रुई, शादी के पुराने कार्ड आदि की फेवीबांड की मदद से लुगदी बनाकर उसे पक्षियों का स्वरूप दिया जाता है और बाहर से रंग-बिरंगे ऊन से उन्हें आकर्षक बना दिया जाता है। उनका कहना है कि बच्चों को यह विधा सिखाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने और आगे इन पक्षियों के लिए संग्रहालय स्थापित करने की जरूरत है।

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