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अतिक्रमण हटाने गये डीडीए सचिव से विधानसभा उपाध्यक्ष के नाम पर अभद्रता

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-सात नंबर क्षेत्र में पिकअप के गिरने के बाद प्राधिकरण ने संबंधित निर्माणकर्ता का निर्माण ढहाया
नैनीताल, 4 सितंबर। मंगलवार सुबह नगर के सात नंबर क्षेत्र में निर्माण सामग्री से भरे पिकअप वाहन के गिरने के बाद जिला विकास प्राधिकरण ने संबंधित निर्माणकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करते बिना नक्शा पास कराये हो रहे डाले जा रहे लिंटर के निर्माण का एक हिस्सा ढहा दिया। निर्माण किसी विक्रम बिष्ट का बताया गया। बताया गया है कि इस दौरान निर्माण करा रहे व्यक्ति एवं उसके परिवार की बूढ़ी महिला सहित कुछ लोगों ने प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह सहित प्राधिकरण कर्मियों पर कुत्ते छोड़ दिये, तथा मां-बहन इत्यादि का नाम लेकर अभद्र गालियां भी दीं। निर्माणकर्ता स्वयं को कथित तौर विधानसभा के उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान का रिश्तेदार भी बता रहे थे। प्राधिकरण की टीम में सीएम साह, सहायक अभियंता डबराल सहित अन्य लोग शामिल रहे। बताया गया है कि प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज ही उच्च न्यायालय में नगर में अवैध निर्माणों से संबंधित मामले में पेश होने के दौरान निर्माण हटाने में आ रही ऐसी परिस्थितियों की जानकारी भी दी।

सात नंबर क्षेत्र में अवैध निर्माण में लिप्त वाहन होटल की छत पर गिरा

नैनीताल, एसएनबी। नगर के सात नंबर क्षेत्र में इन दिनों अवैध निर्माण जोरों पर चल रहे हैं। ऐसे ही एक अवैध निर्माण के लिए निर्माण सामग्री से भरा एक महिंद्रा पिकअप वाहन संख्या यूके04सीए-6504 मंगलवार सुबह करीब सवा नौ बजे संकरे मोटरसाइकिलों के चलने योग्य मार्ग पर जबर्दस्ती गुजाते हुए स्नोव्यू हट्स कॉटेज नाम के होटल की छत पर जा गिरा। वाहन के छत पर गिरने से होटल कर्मियों में हड़कंप मच गया, और उन्होंने भाग कर जान बचायी। एक क्षेत्रीय भाजपा नेता ने बताया कि यह होटल भी प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद 5-6 मंजिल का बना है।कहा कि  जिला विकास प्राधिकरण के गठन के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माणों की बाढ़ आ गयी है। क्षेत्र में अवैध निर्माण ला रहे वाहन संकरे मार्गों पर भी बेतरतीब तरीके से दौड़ रहे हैं। इधर बताया गया है कि दिन में जिला विकास प्राधिकरण के सचिव हरबीर सिंह ने भी क्षेत्र का दौरा किया।

नगर पालिका ने चाट पार्क क्षेत्र में ध्वस्त किया अवैध निर्माण

नैनीताल। नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा की अगुवाई में नगर पालिका ने मंगलवार को चाट पार्क क्षेत्र में दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर बनाये गये हल्की ऊंचाई के चबूतरों के निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की टीम में कर अधीक्षक लता आर्या, निरीक्षक अनुपमा भट्ट, ईश्वरी दत्त बहुगुणा सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के ढेर में तब्दील हुआ चाट पार्क

-सुबह 9 बजे से गरजी जेसीबी-मजदूरों ने 2 बजे तक ध्वस्त किये दोमंजिले अवैध निर्माण व झांपें
नैनीताल, 21 अगस्त 2018। नगर पालिका तथा जिला विकास प्राधिकरण ने सोमवार के बाद मंगलवार सुबह तड़के नौ बजे से गरजी जेसीबी मशीन और निजी मजदूरों के जरिये किये गये ध्वस्तीकरण के बाद अपराह्न 2 बजे की तय समय सीमा में ही नगर का चार्ट पार्क क्षेत्र मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है।
उल्लेखनीय है कि रात्रि में भी दुकानदारों ने दोमंजिलों का कुछ हिस्सा ध्वस्त किया था, अलबत्ता सुबह तक कुछ खास काम नहीं हो पाया था। खासकर एडीएम हरबीर सिंह के सुबह 9 बजे मौके पर पहुंचने पर ध्वस्तीकरण की कुछ खास प्रगति न दिखने पर उन्होंने तत्काल ही जेसीबी की मदद से अभियान शुरू कर दिया। बाद में व्यापारियों के स्वयं तेजी से अवैध निर्माण ध्वस्त करने की गुजारिश पर उन्हें समय दिया गया। आगे करीब साढ़े 10 बजे डीएम विनोद कुमार सुमन मौके पर पहुंचे, और उन्होंने भी मौके को देखते हुए दुबारा जेसीबी से ध्वस्तीकरण में मदद करने और एक बजे तक दुकानदारों को समय देकर दो बजे तक पूरा अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिये। इसके बाद अभियान में तेजी आयी और सभी 36 दुकानों की झांपें व चाट पार्क की 18 दुकानों में किया गया दोमंजिला अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। बताया गया कि ध्वस्तीकरण के बाद दो बजे डीएम सुमन को हाईकोर्ट में ध्वस्तीकरण पूरा होने की रिपोर्ट देनी है। बताया गया कि नगर पालिका की नियमावली के अनुरूप संबंधित आवंटित दुकानों की ऊंचाई पूर्व में स्वीकृत 9 तथा लंबाई व चौड़ाई 7 से 10 फीट के अतिरिक्त निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गयी। जबकि व्यापारियों ने दुकानों की ऊंचाई 14 से 15 फीट तक तथा चौड़ाई 8 से 10 फीट तक कर दी है। अभियान में एडीएम हरबीर सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला, एएसपी हरिश्चंद्र सती, सीओ विजय थापा, नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा, कर अधीक्षक लता आर्या, कर निरीक्षक अनुपमा भट्ट, शिवराज नेगी, धर्मेश प्रसाद, दीपराज, जफर व विकास आदि कर्मी शामिल रहे।

तिब्बती मार्केट में केवल 1 फिट बॉक्स की ही अनुमति
नैनीताल। डीएम विनोद कुमार सुमन ने तिब्बती मार्केट में निरीक्षण करते हुए केवल 1 फिट के बॉक्सों को अनुमन्य मानते हुए इससे आगे लगायी गयी करीब 2 फिट की टिन की झांपों को भी हटाने के आदेश दिये हैं। उन्होंने इस मार्केट में बाहर लगने वाली मोमो की दुकान का सामान जब्त करने व दुकानस्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी मौके पर दिये, अलबत्ता व्यापारी नेताओं द्वारा माफी मांगने व पुनरावृत्ति न होने के आश्वासन पर बख्श दिया।

व्यापारियों ने कहा नहीं की हाईकोर्ट के खिलाफ कोई टिप्पणी, फिर भी माफी मांगी
नैनीताल। बीती 18 अगस्त को मल्लीताल व्यापार मण्डल एवं नगर के कुछ संगठनों के द्वारा चाट मार्केट, तिब्बती मार्केट मे नगर पालिका परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाये जान के विरोध मे उच्च न्यायालय एवं प्रशासन विरोधी नारेबाजी किये जाने की घटना पर मंगलवार को डीएम विनोद कुुमार सुमन ने व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट मे वार्ता की। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिह नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश ढौडियाल व उपसचिव विवेक वर्मा के कहा कि उनके द्वारा रैली में उच्च न्यायालय के विरूद्व किसी भी प्रकार की विरोधात्मक टिप्पणी या नारेबाजी नहीं की गयी। बावजूद यदि किसी कारण से अज्ञानता में ऐसे किसी शब्द का प्रयोग हो गया हो तो उसके लिए वे क्षमा चाहते हैं। वार्ता में त्रिभुवन फर्त्याल, आनंद सिह खम्पा, सरन दास, लोतरन, समतुला कुंता, निर्मला, पाशंग डोमा, लेनजीन, श्याम सिंह, पान सिंह, प्रताप सिंह, जितेंद्र सिंह, सोमेश किशोर, प्रशांत, गुल्लू रमन, विक्रम सहित अन्य स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे।

इससे पूर्व रात्रि में भी दुकानदारों ने दोमंजिलों का कुछ हिस्सा ध्वस्त किया था, अलबत्ता सुबह तक कुछ खास काम नहीं हुआ था। खासकर एडीएम हरबीर सिंह के सुबह 9 बजे मौके पर पहुंचने पर ध्वस्तीकरण की कुछ खास प्रगति न दिखने पर उन्होंने तत्काल ही जेसीबी की मदद से अभियान शुरू कर दिया। बाद में व्यापारियों के स्वयं तेजी से अवैध निर्माण ध्वस्त करने की गुजारिश पर उन्हें समय दिया गया। आगे करीब साढ़े 10 बजे डीएम मौके पर पहुंचे, और उन्होंने भी मौके को देखते हुए दुबारा जेसीबी से ध्वस्तीकरण में मदद करने और एक बजे तक दुकानदारों को समय देकर दो बजे तक पूरा अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिये।

यह भी पढ़ें: हाईकोर्ट के खिलाफ प्रदर्शनों पर डीएम को अवमानना की चेतावनी, व्यापारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश

-हाईकोर्ट की अधिवक्ता के खिलाफ नैनीताल में प्रदर्शन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने के आदेश
-हाई कोर्ट के ज्युडिशल रजिस्ट्रार को भी नोटिस जारी
नैनीताल, 20 अगस्त 2018। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने न्यायालयों के आदेशों के खिलाफ किये जा रहे धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी पर कडा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारियों से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाये। साथ ही नैनीताल में हाईकोर्ट की एक अधिवक्ता अंजली भार्गव के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे व्यापारियो के ऊपर मुकदमा दर्ज करने के आदेश नैनीताल के जिलाधिकारी को दिये हैं, साथ में जिलाधिकारी से प्रदर्शनकारियों के नाम कोर्ट में देने को कहा है। इसके अलावा नैनीताल के एसएसपी को अधिवक्ता अंजली भार्गव को 24 घंटे सुरक्षा देने के आदेश भी दिए हैं। साथ ही हाई कोर्ट के ज्युडिशल रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया है।

यह है मामला
नैनीताल। मामले के अनुसार जून 2018 में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भोटिया मार्केट, न्यू पालिका मार्केट व चाट मार्केट में हुए अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। इधर इसी मामले में 16 अगस्त 2018 को खंडपीठ ने पूर्व में जारी आदेश का पूर्णतया पालन नहीं करने पर जिला विकास प्राधिकरण के सचिव व ईओ नगर पालिका के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किये थे। इसके बाद नगर पालिका ने भोटिया माला मार्केट व चाट मार्केट के 18-18 यानी कुल 36 व्यापारियों को नोटिस जारी कर उनके द्वारा अपनी दूकान के ऊपर लगाई गई झांप को हटाने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। गौरतलब है कि खासकर चाट पार्क के व्यापारियों ने इन झांपों पर अपनी नगर पालिका से आवंटित दुकानों में आगे से दुकानों के नाम के बड़े होर्डिंग लगाकर उनकी आढ़ में छत पर गुपचुप दोमंजिलों का निर्माण कर लिया था। इसका खुलासा अभी हाल ही में तब हुआ, जब व्यापारियों ने दबाव बनाकर नगर के पंत पार्क से गुरुद्वारे तक लगने वाले फड़ वालों को हटवा दिया था। तब फड़ वालों के पलटवार पर नगर पालिका की कर अधीक्षक लता आर्या इस क्षेत्र की दुकानों की जांच करते हुए अचानक सीढ़ियां चढ़कर दोमंजिलों में पहुंच गयीं। इधर मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किसन नेगी की अगुवाई में व्यापारियों के एक वर्ग ने इस मामले में जिला प्रशासन के साथ ही अधिवक्ता अंजली भार्गव के खिलाफ नारेबाजी की थी।

दिन पर उच्च न्यायालय में रही गहमागहमी, अधिवक्ताओं ने खंडपीठ को कर डाला गुमराह
नैनीताल। नगर पालिका द्वारा 36 दुकानदारों को 48 घंटे के भीतर झांप हटाने के नोटिस को दीवान सिंह व 7 अन्य दुकानदारों ने सोमवार को अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायमूर्ति शुधांशु धूलिया की एकलपीठ में चुनौती दे दी। जबकि मामला खंडपीठ में सुना जाना था। एकलपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई कर 25 अगस्त तक यथास्थिति बनाये रखने का आदेश भी दे दिये। वहीं धन सिंह व 22 अन्य दुकानदारों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा की कोर्ट में इस आदेश को मेन्शन कराया। कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश ने इस मामले को सुनने के लिए न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की कोर्ट को भेज दिया। न्यायमूर्ति सिंह की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद आदेश में कहा है कि यह जनहित याचिका से जुड़ा हुआ मामला है, इसलिए यह खंडपीठ में ही सुना जायेगा। इसके बाद देर शाम को कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश राजीव शर्मा व न्यायधीश लोकपाल सिंह की खंडपीठ में दोनों याचिकाओं की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पाया कि कुछ अधिवक्ताओं ने एकलपीठ के समक्ष खंडपीठ द्वारा पारित आदेशों का जिक्र नही किया और इस तरह कोर्ट को गुमराह किया। खंडपीठ ने इस हरकत को अधिवक्ता के पेशे के खिलाफ माना, और इस मामले में सुनवाई 21 अगस्त मंगलवार को नियत की है। इसके अतिरिक्त खंडपीठ ने हाईकोर्ट के ज्युडिशल रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया है कि उन्होंने खंडपीठ के आदेश को एकलपीठ में सुनवाई के लिए क्यों पंजीकृत किया ? जबकि खंडपीठ ने पूर्व में ही देहरादून में अतिक्रमण सम्बन्धी जनहित याचिका में सुनवाई के दौरान आदेश दिए थे कि जनहित याचिकाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई एकलपीठ में न हो।

चाट पार्क के अवैध दोमंजिलों पर चले प्रशासन के हथौड़े

-उच्च न्यायालय में मामला जाने से बाधित भी हुई कार्रवाई
नैनीताल। नगर पालिका तथा जिला विकास प्राधिकरण ने सोमवार को पूर्व में दिये गये 24 घंटें में अतिक्रमण हटाने के अपने नोटिस की समयावधि बीतने के बाद चार्ट पार्क में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। यहां नगर पालिका द्वारा आवंटित दुकानों पर दुकानदारों के द्वारा गुपचुप तरीके से आगे पालिका से मिली झांप बनाने की अनुमति की आढ़ में झांपों पर दुकानों के नामों के होर्डिंगों से छुपाकर दोमंजिलों का निर्माण कर दिया गया था, जिन्हें हटाया जा रहा है। बीते गुरुवार 16 अगस्त को डीएम विनोद कुमार सुमन के आदेशों पर नगर पालिका ने शनिवार 18 अगस्त को भोटिया माला बाजार व चाट पार्क की 18-18 यानी कुल 36 दुकानों को पूर्व में झांप बनाने के लिए दी गयी अनुमति को खारिज करने के बाद 48 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिये थे। इस पर कई दुकानदार आज हाईकोर्ट की शरण में भी चले गये थे। इस कारण प्रशासनिक कार्रवाई में कुछ व्यवधान भी आया। प्रशासन को सुबह अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी, अलबत्ता एक बजे प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। इस दौरान प्रशासन झांपों पर कार्रवाई करने से बचता रहा, अलबत्ता गुरुद्वारे की ओर से अवैध दोमंजिले हटाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी। वहीं शाम को हाईकोर्ट से स्थिति साफ होने के बाद प्रशासन के साथ ही व्यापारियों ने भी खुद ही अपने अवैध निर्माण तेजी से तोड़ने शुरू कर दिये। रात्रि में भी दुकानों में घन-हथौड़े चलते रहे।
इससे पूर्व सुबह पालिका प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू करने पर व्यापारियों की ओर से कुछ अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल करने की बात बताते हुए समय दिए जाने की मांग की। इस पर प्रशासन ने कुछ देर के लिए अभियान बंद कर दिया, लेकिन दोपहर एक बजे के बाद एक बार फिर प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान नगर पालिका की नियमावली के अनुरूप संबंधित आवंटित दुकानों की ऊंचाई 9 तथा चौड़ाई 6 फीट के अतिरिक्त निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गयी। बताया गया कि व्यापारियों ने दुकानों की ऊंचाई 14 से 15 फीट तक तथा चौड़ाई 8 से 10 फीट तक कर दी है। अभियान में एडीएम हरबीर सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला, एएसपी हरिश्चंद्र सती, सीओ विजय थापा, नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा, कर अधीक्षक लता आर्या, कर निरीक्षक अनुपमा भट्ट, शिवराज नेगी, धर्मेश प्रसाद, दीपराज, जफर व विकास आदि कर्मी शामिल रहे। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की कार्रवाई जारी है।

पूर्व समाचार : नैनीताल में फिर अतिक्रमण पर रार, चलने लगे हथौड़े, अधिवक्ता के खिलाफ लगे नारे..

चाट पार्क-भोटिया माला बाजार की 36 दुकानों की झांपें हटाने को 48 घंटे का नोटिस
नैनीताल, 18 अगस्त 2018। नैनीताल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के द्वारा नगर की चाट पार्क-भोटिया माला बाजार की 18-18 यानी कुल 36 दुकानों को झांपें (बारिश से बचाने के लिए दुकानों की छत से बाहर की ओर निकला हिस्सा) हटाने के लिए शनिवार को 48 घंटे का नोटिस दिया गया। नोटिस के जरिये दुकानदारों से कहा गया है कि वह अपने अतिक्रमण इस अवधि में स्वयं हटा लें, अन्यथा अतिक्रमण हटाने का खर्च भी उन्हीं से लेकर अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। इधर नोटिस के बाद चाट पार्क की दुकानों में दुकानदारों ने खुद ही अपने अतिक्रमण पर हथौड़े चलाने शुरू भी कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने जिले के एडीएम व नगर पालिका के ईओ को चाट पार्क व भोटिया माला बाजार में पक्षपातपूर्ण तरीके से झांपों की आड़ में चाट पार्क के कई दुकानदारों द्वारा किये गये दोमंजिले निर्माणों को न तोड़ने का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध न्यायालय की अवमानना करने का नोटिस दिया था। इसके बाद गुरुवार 16 अगस्त को डीएम विनोद कुमार सुमन ने नगर पालिका द्वारा 36 दुकानों को पूर्व में झांप बनाने के लिए दी गयी अनुमति को खारिज कर दिया और 48 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देशित किया। इस पर नगर पालिका दो दिन के बाद नोटिस तैयार कर पाई, और आज इन बाजारों के कथित तौर पर किसी की मृत्यु के कारण बंद होने की स्थिति में बंद दुकानों के बाहर चस्पा किया, व कई दुकानदारों को नोटिस प्राप्त भी करवाया। पालिका की टीम में कर अधीक्षक लता आर्या, कर निरीक्षक अनुपमा भट्ट, शिवराज नेगी, धर्मेश प्रसाद, दीपराज, जफर व विकास आदि कर्मी शामिल रहे।

शनिवार को नोटिस देने पर दुकानदारों को आपत्ति
नैनीताल। डीएम की ओर से दो दिन पूर्व ही आदेश जारी होने के बावजूद नगर पालिका द्वारा दो बिन बाद शनिवार को सप्ताहांत पर नोटिस देने पर दुकानदारों ने नोटिस देने गये पालिका कर्मियों के समक्ष आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पालिका ने ऐसे समय 48 घंटे के नोटिस दिये हैं, जबकि अगले दिन रविवार है, और उनके पास न्याय मांगने के प्राकृतिक अधिकार के तहत न्यायालय की शरण में जाने का भी समय नहीं है।

लगे अधिवक्ता के खिलाफ नारे
नैनीताल। शनिवार देर शाम मल्लीताल बाजार में व्यापार मंडल की अगुवाई में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ। इस दौरान कथित तौर पर मूलतः नंदा देवी महोत्सव के मामले में इधर भोटिया, तिब्बती व पालिका मार्केट तथा चाट पार्क के अतिक्रण पर हो रही कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ भी नारेबाजी की गयी। यह भी आरोप लगाये गये कि मामले में व्यक्तिगत खुन्नस के लिए अदालत का दुरुपयोग किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : तिब्बती शरणार्थी व्यवसाइयों ने की डीएम से भिड़ने की हिमाकत

-दी डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व एडीएम को ट्रांसफर कराने की धमकी

रविवार को दुकान के बाहर अतिक्रमण कर लटकाये गये कपड़े हटाने पर से भिड़ते तिब्बती शरणार्थी का नौकर व महिला।

-कई बार चेतावनी के बावजूद दुकानों से आगे सामान फैलाने पर बिफरे थे डीएम, खुद हटाया सामान, जब्त भी किया
नैनीताल। गत दिवस तक ‘भारत धन्यवाद वर्ष’ के तहत डीएम, एसएसपी आदि अधिकारियों का अभिनंदन कर रहे तिब्बती शरणार्थी रविवार को डीएम विनोद कुमार सुमन से भिड़ गये। उन्होंने डीएम द्वारा दुकानों से बाहर अतिक्रमण किये गये सामान को जब्त किये जाने का न केवल विरोध किया, वरन सामान छीनने और धक्का-मुक्की का भी प्रयास किया।

रविवार को दुकान के बाहर अतिक्रमण कर लटकाये गये कपड़े हटाते डीएम विनोद कुमार सुमन।

हुआ यह कि डीएम विनोद कुमार सुमन रविवार अपराह्न नगर के पंत पार्क के पास चल रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का अवलोकन करने आये हुए थे। इसके बाद वे चलते-चलते पहले गुरुद्वारा और आगे तिब्बती मार्केट तक पहुंच गये। उल्लेखनीय है कि यहां प्रशासन द्वारा अभी हाल में दुकानदारों द्वारा किये गये अतिक्रमण का चिन्हीकरण कर अतिक्रमण हटाने और यहां तक दुकान से आगे 1 फिट तक झांप लगाने की भी अनौपचारिक तौर पर इजाजत दे दी थी, लेकिन रविवार को तिब्बतियों के द्वारा दुकानें इस सीमा के बाद भी आगे बढ़ाई गयी थीं। इसे देखकर डीएम का पारा चढ़ा और वे अधिकारियों के साथ स्वयं भी दुकानों के बाहर लगा सामान हटाने व जब्त करने लगे। इस पर तिब्बती दुकानदारों ने डीएम पद की गरिमा भी न रखते हुए अपने ‘बाल श्रमिकों’ और महिलाओं को आगे कर डीएम के साथ सामान को वापस खींचने और धक्का-मुक्की करने का जोरदार प्रयास और हंगामा किया। डीएम ने कहा कि एक मीटर की झांप दुकान के बाहर लोगों के खड़े होने के लिए है, न कि सामान रखने-लटकाने के लिए। इस दौरान महिला पुलिस उपलब्ध नहीं थी, इसलिए डीएम को मौके से बिना कार्रवाई पूरी किये लौटना पड़ा। इस दौरान एडीएम हरबीर सिंह व बीएल फिरमाल, एएसपी हरीश चंद्र सती व पालिका ईओ रोहिताश शर्मा आदि भी मौजूद रहे।

डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व एडीएम को ट्रांसफर कराने की धमकी

नैनीताल। डीएम के हंगामे के बाद राजनीति भी हावी होती नजर आई। पिछले दिनों अपने विरोध से नगर में लघु फड़ व्यवसायियों की दुकानों को अतिक्रमण बताकर दुकानें न लगाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने वाले व्यापारी व व अन्य तिब्बती शरणार्थी दुकानदारों के अतिक्रमण के समर्थन में आ खड़े हुए, और एडीएम हरबीर सिंह की मौजूदगी में जमकर हंगामा किया। वे डीएम के बचाव में प्रमुख भूमिका निभाने वाले अग्निशमन अधिकारी के माफी मांगने की मांग भी करने लगे। एडीएम हरबीर सिंह ने बताया कि एक कांग्रेसी नेता ने डीएम के खिलाफ धरने पर बैठने व उनका (एडीएम का) ट्रांसफर कराने की भी धमकी दी। कहा कि हल्द्वानी जैसी कार्यशैली नहीं चलेगी। इस पर साफ तौर पर बता दिया गया कि व्यापारियों को पूर्व में ही दुकानों के बाहर के एंगल काटकर उनकी ‘हद’ बता दी गयी थी। देहरादून में भी यही कार्यशैली रही है। ट्रांसफर के लिए तैयार हैं। वहीं डीएम श्री सुमन ने कहा कि अतिक्रमण किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने को कह दिया गया है। यदि इसके बावजूद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो नियमानुसार हर कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व आलेख : नैनीताल के व्यापारियों का हाईकोर्ट के कूच का ऐलान, अपनी तरह की दूसरी घटना

  • अपराह्न तीन बजे से बाजार बंद किए, दूसरे दिन भी बाजार बंद रखकर सुबह 10 बजे मल्लीताल रामलीला मैदान में एकत्र होकर हाईकोर्ट कूच करने का किया ऐलान
  • हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर के मल्लीताल गुरुद्वारे से पंत पार्क तक के प्रतिबंधित क्षेत्र में फड़ लगने को लेकर जताया गया विरोध
घेराव के दौरान पालिका ईओ रोहिताश शर्मा की ओर अंगुली उठाकर बात करता व्यापारी।

नैनीताल। गत दिनों से नगर के व्यवसायियों की प्रशासन के आदेशों के खिलाफ चल रही नाराजगी, नए वर्ष की पूर्व संध्या (31 दिसंबर 2017) पर नैनीताल नागरिक मंच के बैनर तले जनाक्रोश रैली की कड़ी में बुधवार को व्यापार मंडल मल्लीताल व तल्लीताल की नाराजगी नगर पालिका के विरोध-प्रदर्शन के रूप में सामने आई। और आगे कमोबेश पूरे दिन नगर पालिका के सामने चले विरोध-प्रदर्शन के आखिर में मामला 3 जनवरी 2018 को अपराह्न तीन बजे से नगर की बाजारों को बंद करने और 4 जनवरी को सुबह 10 बजे मल्लीताल रामलीला मैदान में एकत्र होकर उच्च न्यायालय का कूच करने का ऐलान किया गया। आंदोलन की अगुवाई कर रहे मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह नेगी व तल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष भुवन लाल साह ने कहा कि प्रशासन उच्च न्यायालय के अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत केवल उन्हें निशाना बना रहा है, और उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद फड़ वालों को नहीं हटा रहा है। इसलिए उच्च न्यायालय के कूच का निर्णय लिया गया है। उन्होंने पूछे जाने पर आज के आंदोलन का पूर्व के आंदोलनों से संबंध न होने का दावा भी किया।

इससे पूर्व बुधवार (3 जनवरी 2018) सुबह करीब 11 बजे ही नगर के व्यापारी नगर पालिका कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए धमक आए। इस दौरान उन्होंने पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा को ज्ञापन सोंपा, और पहले उनका करीब एक घंटे, और बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला एएसपी हरीश चंद्र सती आदि का भी काफी देर घेराव किया। ज्ञापन में उनका कहना था कि वह कई वर्षों से और इधर नैनीताल क्लब में हुई बैठक में भी अवैध अतिक्रमणकारी फड़ वालों को हटाने की मांग प्रशासन के साथ कोर्ट कमिश्नर को भी कह चुके हैं। लेकिन इस पर कार्रवाई करने की जगह उल्टे प्रशासन द्वारा व्यवसायियों को रोड से सामान हटाने के लिए भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी जा रही है।
इसके बाद ईओ ने पुलिस बल की मौजूदगी में फड़ हटाने निकले, जहां फड़ वालों ने उन पर व्यापारियों के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुए विरोध किया, और आगे स्वयं फड़ हटाने की बात कही। वहीं बाद में अपराह्न तीन बजे के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रुहेला एएसपी हरीश चंद्र सती आदि के साथ व्यापारियों से वार्ता करने पहुंचे, लेकिन व्यापारियों ने प्रशासन पर दबाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुए वार्ता नहीं की, और घेराव कर दिया। समाचार लिखे जाने तक व्यापारी कल बाजार बंद व हाई कोर्ट कूच करने के लिए बाजार में लाउड स्पीकर से घोषणा कर रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में व्यापारी नेता कमलेश ढोंडियाल, सोनू बिष्ट, विवेक साह, जीत सिंह आनंद, त्रिभुवन फर्त्याल, विक्की वर्मा, आनंद खम्पा, दिग्विजय बिष्ट, कुंदन बिष्ट सहित अनेक व्यापारी शामिल रहे।

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मेरा जन्म 26 नवंबर 1972 को हुआ था। मैं नैनीताल, भारत में मूलतः एक पत्रकार हूँ। वर्तमान में मार्च 2010 से राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र-राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इससे पहले मैं पांच साल के लिए दैनिक जागरण के लिए काम कर चुका हूँ। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से ‘नए मीडिया’ विषय पर शोधरत हूँ। फोटोग्राफ़ी मेरा शौक है। मैं NIKON COOLPIX P530 और अडोब फोटोशॉप 7.0 के साथ फोटोग्राफी कर रहा हूँ। फोटोग्राफी मेरे लिए दुनियां की खूबसूरती को अपनी ओर से चिरस्थाई बनाने का बहुत छोटा सा प्रयास है। एक फोटो पत्रकार के रूप में मेरी तस्वीरों को नैनीताल राजभवन सहित विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रस्तुत किया गया, तथा उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती मार्गरेट अलवा द्वारा सम्मानित किया गया है। कुछ चित्रों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। गूगल अर्थ पर चित्र उपलब्ध कराने वाली पैनोरामियो साइट पर मेरी प्रोफाइल को 18.85 Lacs से भी अधिक हिट्स प्राप्त हैं।पत्रकारिता और फोटोग्राफी के अलावा मुझे कवितायेँ लिखना पसंद है। काव्य क्षेत्र में मैंने नवीन जोशी “नवेन्दु” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मैंने बहुत सी कुमाउनी कवितायेँ लिखी हैं, कुमाउनी भाषा में मेरा काव्य संकलन उघड़ी आंखोंक स्वींड़ प्रकाशित हो चुका है, जो कि पुस्तक के के साथ ही डिजिटल (PDF) फार्मेट पर भी उपलब्ध होने वाली कुमाउनी की पहली पुस्तक है। मेरी यह पुस्तक गूगल एप्स पर भी उपलब्ध है। ’ यहां है एक पत्रकार, लेखक, कवि एवं छाया चित्रकार के रूप में मेरी रचनात्मकता, लेख, आलेख, छायाचित्र, कविताएं, हिंदी-कुमाउनी के ब्लॉग आदि कार्यों का पूरा समग्र। मेरी कोशिश है कि यहां नैनीताल, कुमाऊं, उत्तराखंड और वृहद संदर्भ में देश की विरासत, संस्कृति, इतिहास और वर्तमान को समग्र रूप में संग्रहीत करने की….। मेरे दिल में बसता है, मेरा नैनीताल, मेरा कुमाऊं और मेरा उत्तराखंड

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