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अधिवक्ता ने प्रॉपर्टी डीलरों से की अपील-उत्तराखंड को कश्मीर बनाने से बचा लें

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नितिन कार्की

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अक्टूबर 2021। नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष नितिन कार्की ने उत्तराखंड के प्रॉपर्टी डीलरों के लिए वीडियो संदेश के जरिए एक अपील की है। उन्होंने प्रॉपर्टी डीलरों से अपील की है कि वह उत्तराखंड को कश्मीर बनने से बचा लें। पूरा मामला जानने के लिए देखें वीडियो ठीक रात्रि 9 बजे :

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यह भी पढ़ें : समुदाय विशेष के लोगों द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों की संगठित तरीके से जमीन खरीदने के मामले की जांच शुरू

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 10 अक्टूबर 2021। नैनीताल जनपद के धारी के ग्राम सरना में यूपी के अलीगढ़ व संभल आदि के एक समुदाय विशेष के लगभग एक दर्जन लोगों द्वारा 21 व 22 सितंबर को एक साथ अनुसूचित जाति के लोगों की 11 नाली कृषि योग्य जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल से धारी के एसडीएम योगेश सिंह को मामले की जांच सोंप दी है।

इस मामले में डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर उन्होंने धारी के एसडीएम योगेश सिंह को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। एसडीएम तीन-चार दिन में जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप देंगे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम योगेश सिंह ने बताया कि सरना गांव में अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा समुदाय विशेष को बेची गई जमीन का धारा 143 के तहत भू उपयोग परिवर्तन जेडए अधिनियम के तहत कृषि से अकृषि वर्ष 2015 में ही करा लिया गया था। वर्तमान में इस जमीन का दाखिल खारिज कराने की फाइल तहसीलदार न्यायालय में लंबित है। दाखिल खारिज करने पर कुछ सह खातेधारों तथा परिवार की महिलाओं ने तहसील न्यायालय में शिकायती पत्र देकर आपत्ति दर्ज कराई है। दाखिल खारिज से पहले अब तहसील न्यायालय में इन आपत्तियों पर भी सुनवाई होगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : नैनीताल में समुदाय विशेष के लोगों ने दो दिनों में अनुसूचित जाति के लोगों की भूमि की 13 रजिस्ट्री करवाईं, सीएम तक पहुंचा मामला

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 8 अक्टूबर 2021। नैनीताल जनपद के धारी के ग्राम सरना में यूपी के अलीगढ़ व संभल आदि से आए एक समुदाय विशेष के लगभग एक दर्जन लोगों ने एक साथ अनुसूचित जाति के लोगों की कृषि योग्य जमीन की रजिस्ट्री कराई है। यह मामला शुक्रवार को राज्य में जनसांख्यिकी परिवर्तन पर पहले से सख्त मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच गया है। उन्होंने इस मामले की तत्काल शासन स्तर से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। बताया गया है कि इस पर मुख्यमंत्री ने नैनीताल के जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट मांग ली है।

वरिष्ठ भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री धामी को इस बारे में एक ज्ञापन सोंपा है। ज्ञापन में कहा है कि उत्तराखंड जमींदारी विनाश और भूमि सुधार अधिनियम-1950 के अनुसार राज्य के अनुसूचित जाति के लोग जिला कलेक्टर की अनुमति के बिना गैर अनुसूचित जाति के लोगों को अपनी अपनी जमीन की बिक्री, उपहार, बंधक या पट्टे पर नहीं दे सकते। लेकिन गत 22 व 23 सितंबर को नैनीताल के सरना गांव में यूपी के समुदाय विशेष के एक दर्जन लोगों ने एक साथ अनुसूचित जाति के लोगों की भूमि की 13 रजिस्ट्री कराई है। आगे भी यहां कुछ और लोगों द्वारा भूमि खरीदने की बात कही जा रही है। इससे स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है।

इसका स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने स्तर से विरोध किया है, जबकि भूमि बेचने वाले कुछ लोगों की पत्नियों ने भी एसडीएम धारी से इसकी लिखित शिकायत की है कि इन भूमियों पर बैंकों से ऋण भी लिया गया है। यह भी जानकारी में आया है कि यह भूमि अनुसूचित जाति के लोगों को डरा-धमकाकर और लालच देकर रजिस्ट्री करवाई गई है। यह जानकारी भी आई है कि इन खेतों के प्रत्यक्ष एवं राजस्व बंटवारे भी नहीं हुए हैं, और भूमि को सह खातेदारों की सहमति के बिना बेचा गया है। सह खातेदारों ने भी इस पर आपत्ति जताई है। एक भूमि में सह खातेदार नंदकिशोर पुत्र चंदन राम ने अपनी आपत्ति को लेकर तहसीलदार धारी के न्यायालय में वाद भी दायर किया है।

यह भी जानकारी में आया है कि इस भूमि का सर्किल रेट बाजार मूल्य से काफी अधिक, उदाहरणार्थ 4.41 लाख रुपए है, मगर इस ट्रांजेक्शन वैल्यू मात्र 40 हजार रुपए दर्शाकर विक्रेताओं को कौड़ियों जैसे दाम का भुगतान किया गया है। यह भी बताया गया है कि भुगतान नगदी में किया गया है, यानी यह संपत्ति बेनामी तरह से खरीदी गई हैं। श्री अजय ने पत्र में कहा है कि सभी रजिस्ट्री मंे 2-3 लोग ही बतौर गवाह शामिल हैं। अनुसूचित जाति के लोगों की भूमि की बिना जांच-पड़ताल के की गई रजिस्ट्री और भूउपयोग बदलने से स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। यह भी कहा है कि संभल अपने आतंकी नेटवर्क के लिए कुख्यात है और यहां के समुदाय विशेष के लोगों के इस तरह संगठित तरीके से भूमि क्रय किए जाने से कई प्रकार की आशंकाएं भी उत्पन्न हो रही हैं। इसलिए इस मामले की तत्काल शासन स्तर से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

यह भी पढ़ें : जन सांख्यिकी बदलाव पर सवाल उठा रहे कार्की ने अब रेता-बजरी के अवैध भंडारण एवं अवैध मार्गं पर वाहनों के चलने पर उठाए सवाल

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 5 अक्टूबर 2021। नगर में बाहरी लोगों के बढ़ते दखल व जनसांख्यिकी परिवर्तन पर लंबे समय से मुखर अधिवक्ता व भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष नितिन कार्की ने बुधवार को डीएम को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि नगर में अनियंत्रित एवं अवैध रूप से किए जा रहे निर्माणों की बाढ़ आ गई है।

इन अवैध निर्माणों के लिए नगर में अनियंत्रित तरीके से अवैध रेता-बजरी न केवल आ रही है, वरन इसका अवैध भंडारण कर विक्रय भी किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। लिहाजा उन्होंने उन्होंने केवल नगर में वैध तरीके से चल रहे निर्माणों के लिए भी वाहनों को रेता-बजरी ढोने की अनुमति देने व अन्य को प्रतिबंधित करने की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि एसएसपी को भी दी गई है।

इसके अलावा एक अन्य पत्र में बिड़ला चुंगी से टांकी बैंड तक के चार पहिया वाहनों के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रतिबंधित मार्ग पर टैक्सियों के चलने पर भी कार्की ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर 70 मीटर तक 70 डिग्री तक का तीक्ष्ण ढाल है, और इसमें कई वाहन पलट चुके हैं। इसलिए यहां टैक्सियों के चलने पर प्रतिबंध लगाया जाए। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : चिंताजनक : मैदानी सीमा से लेकर सीमान्त तक बदल रहा है जनसांख्यिकीय अनुपात…

नवीन समाचार, देहरादून, 2 अक्टूबर 2021। देवभूमि उत्तराखंड में जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा हाल में बड़ी तेजी से उछला है। उत्तराखंड के सीमा द्वार हरिद्वार से लेकर सुदूर सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ तक जनसांख्यिकीय अनुपात में भारी बदलाव देखने को मिला है। इससे कई किस्म के प्रश्न-प्रतिप्रश्न भी पैदा हुए हैं। सियासी हलकों मेें भी इसे लेकर खासी हलचल है। जनसांख्यिकीय बदलावों पर रोक लगाने के प्रभावी उपाय करने की भी बात एक वर्ग करने लगा है। कई जिलों से शासन ने इस बाबत जिला प्रशासन और पुलिस से खुफिया रिपोर्ट भी तलब की है।

हरिद्वार जिले में 37.39 फीसदी समुदाय विशेष की आबादी
धर्मनगरी हरिद्वार जिले में जनसांख्यिकीय संतुलन तेजी से बदल रहा है। हरिद्वार शहर विधानसभा को छोड़कर बाकी सभी विधानसभाओं में समुदाय विशेष की आबादी की दर बढ़ रही है। जिले की कुल आबादी में करीब 37.39 फीसदी समुदाय विशेष की हो गई है। आबादी के साथ धार्मिक शिक्षा संस्थान और इबादत स्थल बनने से हिंदू संगठनों की ओर से अक्सर विवाद भी होता है।

पुलिस-प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धार्मिक विवादों को आपसी सहमति से निपटा देती है। अकेले हरिद्वार की बात की जाए तो ज्वालापुर मुसलिम आबादी का सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसके अलावा हरिद्वार के बहादराबाद, सराय, सीतापुर, फेरूपुर, सुल्तानपुर, पदार्था और रोशनाबाद में समुदाय विशेष आबादी बढ़ रही है। यूपी से सटा होने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के परिवार हरिद्वार जिले में जमीनें खरीद रहे हैं।

शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिला पुलिस-प्रशासन ने बीते एक दशक में समुदाय विशेष की आबादी बढ़ने वाले इलाकों को चिह्नित करने की कवायद शुरू भी कर दी है। हिंदू आस्था के शहर में समुदाय विशेष की आबादी बढ़ने से संत-महंत सरकार पर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर समय समय पर सरकार चेताते आए हैं।

पिथौरागढ़ : जनसांख्यिकीय बदलाव ने बढ़ाई सीमांत के बाशिंदों की चिंता
जनसांख्यिकीय बदलाव (डेमोग्राफिक चेंज) ने सीमांत के बाशिंदों की चिंता बढ़ा दी है। देश के कई राज्यों के साथ ही नेपाल से आकर छोटा-बड़ा कारोबार शुरू कर रहे वर्ग विशेष के अपरिचित चेहरों के कारण चीन और नेपाल से लगे इस सीमांत जिले की संवेदनशीलता बढ़ गई है। इस डेमोग्राफिक चेंज से चिंतित सीमांत के लोगों ने नोटिफाइड एरिया फिर से जौलजीबी करने की मांग मुखर कर दी है।

असुविधाओं के पहाड़ से जिस तेजी से यहां के लोग शहरी क्षेत्रों के लिए पलायन कर रहे हैं उसी अनुपात में बाहर के लोग सीमांत के हर कस्बे तक पहुंचने लगे हैं। इनमें मजदूर से लेकर व्यापारी तक शामिल हैं। खुफिया एजेंसियां भी मानती हैं कि पिछले कुछ सालों में कारीगर, बारबर, सब्जी, मांस, फेरी व्यवसाय सहित अन्य छोटे-मोटे व्यापार में बाहर से आए लोगों की भीड़ बढ़ी है।

कबाड़ बीनने वालों की संख्या भी नगर और कस्बों में तेजी से बढ़ी है। बाहरी लोगों का पुलिस सत्यापन कर रही है। मकान मालिकों और व्यापारियों को भी नौकरों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद अधिकांश लोग बिना सत्यापन के घूमते नजर आते हैं। चीन और नेपाल सीमा से सटे धारचूला तहसील में वर्ष 1998 तक बाहरी लोगों के लिए प्रवेश आसान नहीं था। नोटिफाइड एरिया और इनर लाइन उस समय जौलजीबी में थी। यहां जाने के लिए पास जरूरी होता था।

दून में हाल में बसे लोगों और बस्तियों को किया जा रहा चिह्नित
राजधानी दून में हाल में बसे लोगों और बस्तियों को चिह्नित किया जा रहा है। जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि पिछले कुछ समय में नए लोगों और बस्तियों के बसावट में तेजी आई है। रिस्पना, बिंदाल के किनारे बस्ती बसाने के साथ ही कॉलोनियों और मोहल्लों में भी नए लोगों के बसने व संपत्ति खरीदने की जानकारी सामने आ रही है। वहीं, एसएसपी जन्मजेय खंडूरी ने बताया कि सभी बस्तियों में सत्यापन का अभियान चलाया जाएगा। यहां बसे कहां से आए हैं? उनके आने का उद्देश्य क्या है? मूल रूप से वो कहां के रहने वाले हैं? उनका रोजगार क्या है? उनकी दिनचर्या क्या है? क्या वो किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल तो नहीं हैं, जैसी जानकारियां जुटाई जाएंगी।

चंपावत : जिले में जनसांख्यिकीय बदलाव के संकेत 
चंपावत जिला नेपाल सीमा से लगा होने से सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील है, लेकिन यहां जनसांख्यिकीय बदलाव (डेमोग्राफिक चेंज) अप्रत्याशित नहीं है। जिले के पहाड़ी क्षेत्र में कोई मदरसा नहीं है, जबकि मैदानी क्षेत्र में भी महज एक मदरसा है। इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। इस जिले में ऑटोमोबाइल मिस्त्री, दर्जी, मीट कारोबार, बारबर, फेरी आदि कारोबारी क्षेत्र में एक वर्ग विशेष के श्रमिक अधिक हैं। वहीं खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक शासन से ऐसे कोई निर्देश नहीं मिले हैं। जिले में अप्रत्याशित जनसांख्यिकी बदलाव के कोई संकेत नहीं हैं और न ही जमीन की खरीद फरोख्त में कोई बदलाव आया। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक जिले की कुल 259648 की आबादी में हिंदुओं की संख्या 249563 है।

बागेश्वर : जनसंख्या संतुलन बिगड़ने जैसी कोई बात नहीं
प्रदेश सरकार इन दिनों सूबे में जनसांख्यिकी संतुलन बिगड़ने की आशंका से चिंतित है। खुफिया तंत्र से इसकी छानबीन कराई जा रही है। बागेश्वर में जनसांख्यिकी संतुलन बिगड़ने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। खुफिया तंत्र के अनुसार जिले में समुदाय विशेष की ढाई से तीन हजार की आबादी काफी समय से रहती है। इन लोगों को मूल निवासी का दर्जा हासिल है। जिले में समुदाय विशेष की आबादी बढ़ने के कोई आंकड़े और सबूत नहीं मिले हैं।

अल्मोड़ा : बाहरी लोगों की संख्या में बीस फीसदी की वृद्धि
पर्वतीय क्षेत्र में भी जनसांख्यिकी में धीरे-धीरे बदलाव होना शुरू हो गया है। अल्मोड़ा में बाहरी हिस्सों से लोग पहुंच रहे हैं। भवन और जमीन खरीदकर यहीं  रहने लगे हैं। ऐसे लोगों पर खुफिया एजेंसियां भी नजर बनाए हुए हैं। अल्मोड़ा नगर क्षेत्र का ही उदाहरण लें तो पिछले पांच सालों में बाहर से आए लोगों की बसासत में करीब बीस फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। अल्मोड़ा नगर में पूर्व तक पालिका क्षेत्र में ऐसे लोगों की संख्या छह से सात हजार के करीब थी। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले पांच सालों में विशेष वर्ग के लोगों की संख्या करीब एक हजार से डेढ़ हजार तक बढ़ी है। ये लोग यहां रोजगार की तलाश में आते हैं और कुछ समय बाद यहीं भूमि और मकान खरीदकर स्थायी रूप से बस रहे हैं। इसकी पुष्टि भी खुफिया सूत्र कर रहे हैं।

नैनीताल : मैदानी इलाकों में बढ़ी समुदाय विशेष की बस्तियां
नैनीताल में पहाड़ के अलावा मैदानी इलाकों में समुदाय विशेष के लोगों ने जमीनें खरीदी हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली, रामपुर, पीलीभीत और मुरादाबाद के लोगों ने यहां आकर घर बना लिए हैं। हल्द्वानी के गौलापार, लामाचौड़, रामनगर और कालाढूंगी क्षेत्र में विशेष समुदाय ने जमीनें खरीदीं हैं। वन क्षेत्र बागजाला में पहले जहां दो मकान थे। अब बड़ी बस्ती विशेष समुदाय की स्थापित हो गई है।  रहमपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत से विशेष समुदाय के लोग आकर किराए के कमरे में रह रहे हैं। कुछ लोगों ने अपना मकान बना लिया है।

कोरोना काल के बाद कर्फ्यू हटने पर दर्जनों बाहरी लोग फड़ ठेला लगाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। बनभूलपुरा क्षेत्र में एक नई मस्जिद भी बनाई गई हैं। आकलन है कि विशेष समुदाय ने तीन साल के दौरान दो गुना जमीनें खरीदीं हैं। जिले का कोई क्षेत्र अछूता नहीं है। डेढ़ गुना और दो गुना दाम पर जमीनें विशेष समुदाय ने खरीदी हैं। इस मामले में बगैर आंकड़ा एक रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। पहाड़ पर भी लोग जमीनें खरीदने में लगे हैं। दूसरे के नाम पर कुछ लोगों ने जमीन खरीद ली है।

ऊधमसिंह नगर : गोपनीय ढंग से हो रही है जांच
जिले में कुछ सालों से बाहरी जगहों से बड़ी संख्या में लोगों की बसासत हुई है। यूपी समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में वर्ग विशेष के लोग आकर बसे हैं। यूपी और नेपाल सीमा से लगा होने की वजह से यूएस नगर बेहद संवेदनशील भी है। इसके अलावा छोटे-छोटे विवादों को धार्मिक रंग देने के कई मामले घट चुके हैं। चुनाव को लेकर बाहरी लोगों की बसासत को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। शासन की ओर से बाहरी लोगों की बसासत को लेकर मांगी रिपोर्ट पर गोपनीय ढंग से जांच कर आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर का कहना है कि शासन की ओर से निर्देश मिले हैं। इस संबंध में जांच कराकर रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी।

टिहरी में भी बढ़ सकता है जनसंख्या असंतुलन का खतरा
टिहरी जिले में भी जनसंख्या संतुलन बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है। जिला मुख्यालय स्थित बौराड़ी बाजार में ही देखें तो दिनों दिन नए लोग ठेली-फड़ डालकर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरी, कारपेंटर और कबाड़ी आदि का काम करने की तलाश में भी बाहरी क्षेत्र के लोग यहां पहुंच रहे हैं। जिले के अन्य क्षेत्रों में बाहरी लोगों के जमीन खरीदने के मामले सामने आने पर स्थानीय लोगों के विरोध के चलते उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि प्रशासन के पास जनसंख्या असंतुलन के कोई स्पष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं है। डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि कहीं से जनसंख्या असंतुलन संबंधी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। (साभार अमर उजाला ) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : अब आएगी राज्य में अवैध तरीके से घुसपैठ कर रहे बाहरी लोगों की शामत, सीएम ने डीजीपी, डीएम, एसएसपी को दिए निर्देश

नवीन समाचार, देहरादून, 25 सितंबर 2021। एक ओर पहाड़ से पलायन एवं दूसरी ओर बाहरी लोगों के सुनियोजित तरीके से बिना सत्यापन कराए पहाड़ों की ओर आ बसना, इससे राज्य के कई क्षेत्रों में जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से जननांकीय (डेमोग्राफिक) परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों का रोजगार छिन रहा है, और क्षेत्र में क्षेत्रीय असंतुलन, आपसी विभेद, असामाजिक तत्वों की घुसपैठ, आपराधिक घटनाओं में वृद्धि जैसे अनेक दुष्परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं। वे सरकारी जमीनों पर रातोंरात अतिक्रमण एवं कच्चे अवैध निर्माण भी कर रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं की संभावना भी बन रही है। गत दिनों नैनीताल सहित कई क्षेत्रों से इस पर सवाल उठे एवं मुख्यमंत्री तक भी ज्ञापन, मांग पत्र पहुंचे। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर संज्ञान ले लिया है।

मुख्यमंत्री ने इस पर शनिवार को कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के डीजीपी, सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को इस समस्या के निदान के लिए कुछ एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, शासन के संज्ञान में आया है कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में इस कारण ‘कतिपय समुदाय के लोगों का उन क्षेत्रों से पलायन’ के रूप में सामने आने लगा है। यानी स्थानीय लोग बाहरी लोगों के आने से अपने क्षेत्रों से पलायन करने को मजबूर हो रहे है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर चिंता जताई, साथ ही समस्या के निदान के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा। डीजीपी के अलावा सभी जिलाधिकारियों एवं एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में जनपद स्तरीय एक समिति गठित की जाए। समिति इस समस्या के निदान के लिए अपने सुझाव देगी। संबंधित क्षेत्रों में शांति समितियों का भी गठन किया जाएगा। इन समितियों की समय-समय पर बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही जिलेवार ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो अन्य राज्यों से आकर यहां रह रहे हैं और उनका अपराधिक इतिहास है।

ऐसे लोगों का व्यवसाय और मूल निवास स्थान का सत्यापन करके उनका रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारियों को कहा गया है कि इन क्षेत्र विशेष में भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त पर विशेष निगरानी रखी जाए। इस पर रोक लगाते हुए यह देखा जाए कि कोई व्यक्ति किसी के डर या दवाब में अपनी संपत्ति न बेच रहा हो। इसके अलावा विदेशी मूल के उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने फर्जीवाड़ा कर भारतीय वोटर कार्ड अथवा पहचान पत्र बनवाए हैं। ऐसे लोगों का रिकॉर्ड तैयार कर उनके खिलाफ नियमानुसार करवाई की जाएगी। सभी जिलों में ऐसी जगहों का चिन्हीकरण कर असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर करवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : नैनीताल में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू, आत्मदाह के प्रयास के साथ कांग्रेस आई अवैध निर्माणकर्ताओं के समर्थन में…

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 7 सितंबर 2021। जिला विकास प्राधिकरण की ओर से अपनी पूर्व में दी गई जानकारी के अनुरूप मंगलवार को नगर के मल्लीताल सीआरएसटी के पीछे रामा कॉटेज क्षेत्र में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू किया। इस दौरान एक युवक खुद पर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर आत्मदाह की कोशिश करने लगा। पुलिस ने उसे बचाया और कपड़े बदलकर उसे कोतवाली ले जाया गया। वहीं कांग्रेस पार्टी पूर्व विधायक सरिता आर्य की अगुवाई में अवैध निर्माणकारियों के समर्थन में आ गई। उनका कहना था कि अवैध निर्माणकर्ताओं को अवैध निर्माण करते समय क्यों नहीं रोका गया। उन्होंने जमीन खरीदकर अवैध निर्माण किए हैं। अब उनके परिवार भी यहां रहते हैं। ऐसे में वह कहां जाएंगे। लिहाजा अभियान बंद होना चाहिए।

यह दलील कुछ उसी तरह है जैसे किसी अपराध के लिए दंडित किया जा रहा व्यक्ति कहे कि उसे अपराध करने से पहले क्यों नहीं रोका गया। यदि रोक लिया गया होता तो उसने अपराध न किया होता और उसे आज सजा न मिल रही होती। या कि, पहले उसे दंडित करो जिसने उसे यह अपराध करने दिया।

उल्लेखनीय है कि गत 19 अगस्त को प्राधिकरण की ओर से मल्लीताल रामा काटेज क्षेत्र में एक दर्जन निर्माणकारियों को एक सप्ताह में खुद ही अवैध भवन तोड़ लेने के नोटिस जारी किए थे। नोटिस अवधि पूरी होने के बाद मंगलवार को प्राधिकरण अधिकारियों और पुलिस टीम ने अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। दोपहर को प्राधिकरण टीम मौके पर पहुंच निर्माण कार्य ध्वस्त करने लगी तो अवैध निर्माणकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने ध्वस्तीकरण का विरोध करते हुए प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की। अलबत्ता, इसके बाद भी कार्रवाई जारी रही। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अब नगर पालिका के सभासदों ने बाहरी लोगों के खिलाफ डीएम, सीएम को भेजा ज्ञापन

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 2 सितंबर 2021। नगर में रामपुर, दड़ियाल आदि के बाहरी संदिग्ध लोगों का मामला हर रोज बढ़ता जा रहा है। अब नगर पालिका के सभासदों ने डीएम, सीएम एवं मंडलायुक्त को ज्ञापन भेजकर नए आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर के ‘बारापत्थर में व्यवसायित बाहरी व्यक्तियों के द्वारा अवैध रूप से अन्य व्यावसायिक कार्य’ किए जा रहे हैं। लिहाजा उनके स्थानों का गहनता से निरीक्षण करने, उनका पुलिस सत्यापन कराने और उनके अभिलेखों की पूर्ण रूप से जांच कराने की मांग की गई है।

सभासद कैलाश रौतेला, मोहन सिंह नेगी, प्रेमा अधिकारी, राजू टांक, पुष्कर बोरा, भगवत रावत, सागर आर्य, निर्मला चंद्रा व रेखा आर्य के हस्ताक्षरों से जारी ज्ञापन में कहा गया है कि बारापत्थर क्षेत्र में कार्यरत बाहरी लोग अवैध रूप से नगर में रेता, बजरी आदि भवन निर्माण सामग्री का काम व इसका सड़क किनारे भंडारण, विक्रय व सड़क किनारे अवैध दुकानों का निर्माण तथा टैक्सी संचालन जैसे कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा अवैध तरीके से नगर के स्थायी निवास प्रमाण पत्र भी बना लिए गए हैं। जबकि उनके पास रामपुर, दड़ियाल आदि के स्थायी निवास प्रमाण पत्र भी हैं।

इससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर कम हो रहे हैं, साथ ही उनके द्वारा आपराधिक घटनाओं की संभावना भी बनी हुई है। इससे नगर की शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसी कई आपराधिक घटनाएं हो भी चुकी हैं, जिनमें वे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल होते हैं। ज्ञापन मंे नगर के युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने के पीछे भी उन्हें कारण बताया गया है। ज्ञापन की प्रतियां पालिकाध्यक्ष, एसएसपी आदि को भी भेजी गई है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्राधिकरण ने टिन शेड के अंदर बन रहे पांच पक्के अवैध निर्माण सील किए

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 1 सितंबर 2021। झील विकास प्राधिकरण ने बुधवार को पांच अवैध निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने आज लंघम हाउस क्षेत्र में मनीष भट्ट व संजय कर्नाटक, सूखाताल क्षेत्र में दिनेश रावत, मार्शल कॉटेज क्षेत्र में देवकी जोशी व ललित मेहरोत्रा के निर्माणों को सील किया।

इनमें से अधिकांश में बाहर से टिन शेड बनाकर अंदर से पक्की ईटों व सीमेंट-कंक्रीट से निर्माण किए जा रहे थे। बताया गया है कि पूर्व में भी कई बार चालानी कार्रवाई एवं चेतावनी के बावजूद वे अवैध निर्माण जारी रखे हुए थे। इसके बाद आज सीलिंग की कार्रवाई की गई। कार्रवाई में प्राधिकरण के परियोजना अभियंता सीएम साह, अवर अभियंता कमल जोशी, पूरन तिवारी, महेश जोशी, इरशाद हुसैन व खुशाल अधिकारी आदि शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : बाहरी लोगों के 12 अनाधिकृत भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश

डॉ. नवीन जोशी, नवीन समाचार, नैनीताल, 31 अगस्त 2021। नगर में यूपी के स्वार, रामपुर एवं दड़ियाल क्षेत्र के लोगों के संगठित रूप में नगर में सरकारी जमीनों को कब्जाने और उन पर रातों-रात अवैध निर्माण किए जाने की खबरों पर प्रशासन भी हरकत में आता नजर आ रहा है। नैनीताल झील विकास प्राधिकरण ने इसी कड़ी में 12 अनाधिकृत भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं। यह सभी भवन नगर के सीआरएसटी इंटर कॉलेज के पीछे रामा कॉटेज क्षेत्र में बताए गए हैं। बताया गया है कि अब कभी भी नगर पालिका, राजस्व एवं पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की उपलब्धता होने पर इन भवनों को ध्वस्त करने की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

गौरतलब है कि इन लोगों की ऐसी गतिविधियां केवल इसी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। प्राधिकरण के सूत्रों ने बताया कि नगर के चार्टन लॉज, सात नंबर, बूचड़खाना, रॉयल होटल कंपाउंड, मेट्रोपोल होटल कंपाउंड, सूखाताल से लेकर बारापत्थर तक अनेकों ऐसे अवैध कच्चे-पक्के निर्माण उनके रडार पर हैं। इन पर भी आगे कार्रवाई हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि गत दिनों पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष व भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष नितिन कार्की ने इस मुद्दे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था, जिसके बाद यह मुद्दा नगर में सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। डीएम ने इस मामले में बाहरी लोगों का सत्यापन करने की बात भी कही है। इससे बाहरी लोगों में हड़कंप भी मचा हुआ है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : नैनीताल में यूपी के लोगों के अनियंत्रित तरीके से आने व अवैध कारोबारों व निर्माणों में लिप्त होने की सीएम से शिकायत

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 25 अगस्त 2021। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष नितिन कार्की ने बतौर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नैनीताल के जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा है। पत्र में बाहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के नैनीताल आने पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया गया है।

पत्र में कार्की ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के रामपुर, दड़ियाल व मुरादाबाद क्षेत्रों से नगर में अनियंत्रित तरीके से भारी संख्या में लोग आ रहे हैं एवं यहां अवैध तरीके से बिना लाइसेंस के टूरिस्ट गाइड एवं रोजगारों व जमीनों पर कब्जा कर अवैध कार्य व निर्माण कर रहे हैं। यह भविष्य में अपराधों को आमंत्रण करने जैसा है। इसके अलावा भी नगर में नगर के पर्यटन एवं छवि को आघात पहुंचाने वाले कई कार्य हो रहे हैं, जिन पर संज्ञान लिए जाने की आवश्यकता है। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : सेवा समाप्ति के 6 साल बाद भी पालिका के आवास में न केवल रह रहा, वरन अवैध निर्माण कर दूसरों का रास्ता भी रोक रहा !

-अवैध निर्माण के खिलाफ क्षेत्रवासी हुए लामबंद, डीएम को ज्ञापन दे ध्वस्तीकरण की की मांग
डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 9 अगस्त 2021। नगर के मल्लीताल स्थित बेकरी कंपाउंड क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका के एक कर्मचारी नीरज पुत्र स्वर्गीय संतोष पर पांच वर्ष पूर्व सेवा समाप्ति होने के बावजूद पालिका के भवन पर काबिज रहने और अवैध निर्माण कर क्षेत्रवासियों का रास्ता बाधित करने का आरोप लगाया है। इस बारे में सोमवार को डीएम को भेजे ज्ञापन में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पर भी अवैध निर्माण को शह देने का आरोप लगाते हुए अवैध भवन को ध्वस्त करने की मांग की है। वहीं अधिशासी अधिकारी ने आरोपों से इंकार किया है।

क्षेत्रवासियों ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा है कि पांच वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त होने के बावजूद नगर पालिका द्वारा अपने भवन पर कब्जा नहीं लिया गया है। पूर्व में जिला विकास प्राधिकरण इस भवन में हो रहे अवैध निर्माण को सील भी कर चुकी है। एसडीएम ने भी अधिशासी अधिकारी को इस मामले में तुरंत कार्रवाई कर आख्या देने को कहा था, फिर भी अवैध रूप से काबिज पूर्व कर्मी द्वारा अवैध निर्माण कर क्षेत्रवासियों का रास्ता रोक दिया गया है। इस बारे में पूछे जाने पर अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि संबंधित व्यक्ति को चेतावनी दी गई है। मामले में कार्रवाई की जाएगी। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : प्राधिकरण ने की तीन मंजिला बन चुके अवैध भवन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जुलाई 2021। कमजोर भूगर्भीय संरचना एवं भूकंपीय दृष्टिकोण से जोन चार व पांच में आने वाले और जिला व मंडल मुख्यालय तथा राज्य का उच्च न्यायालय होने के बावजूद नैनीताल नगर में धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी हैं। यहां लोग पहाड़ पर पहले मिट्टी के कट्टों के ढेर से जगह को चौरस कर टिन के झोपड़े बनाते हैं, और उसके भीतर-भीतर पूरा मकान चिन देते हैं और मकान में पुराना गंदा चूना आदि लगाकर उसे बरसों पुराना बता देते हैं।

वहीं अवैध निर्माण को रोकने की जिम्मेदारी वाला जिला विकास प्राधिकरण कभी-कभार नींद से जागता हुआ सा अपेक्षित कार्रवाई करता नहीं दिखता। अलबत्ता, मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने अवैध तरीके से तीन मंजिला बन चुके एक भवन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। भवन की कुछ दीवारें तोड़ डालीं, लिंटर में भी तोड़ कर छेद कर दिए।

प्राधिकरण द्वारा इस तरह की गई तिमंजिले भवन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई।

यह कार्रवाई नगर के मल्लीताल क्षेत्र में सीआरएसटी स्कूल के पीछे की ओर बैरमविला कंपाउंड में हुई। यहां ठेकेदार मोबिन व भवन स्वामी निशात परवीन के द्वारा बेखौफ तरीके से पिछले लंबे समय से कट्टों के ढेर पर ही अवैध तरीके से तीन मंजिला भवन खड़ा कर दिया गया था। प्राधिकरण के अवर अभियंता कमल जोशी ने बताया कि यहां पूर्व में भी कई बार और इधर बीते सप्ताह भी ईंटों की चिनाई तोड़ी गई थी।

फिर भी निर्माणकर्ता बाज नहीं आ रहे हैं। इसलिए आज बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। बताया गया है कि यहां भवन निर्माण में आढ़े आ रहे एक विशाल बांज के पेड़ को जड़ के पास गड्ढा बनाकर गिराने की तैयारी की जा रही है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में प्राधिकरण के सहायक अभियंता सतीश चौहान व विनोद चौहान, अवर अभियंता कमल जोशी, पूरन तिवाड़ी, महेश जोशी, इरशाद हुसैन व केशन गिरि गोस्वामी आदि प्राधिकरण कर्मी शामिल रहे।आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

भवन के दरवाजे सील करने के मौके पर जमा लोग।

यह भी पढ़ें : सील होने के बावजूद उपभोग हो रहे अवैध निर्माण के प्राधिकरण ने दरवाजे भी किये बंद

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 01 जून 2021। गत 8 अप्रैल को जिला विकास प्राधिकरण की टीम ने प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय की अगुवाई में जिला मुख्यालय में अंडा मार्केट के समीप नगर पालिका के भवन पर काबिज लोगों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को सील कर दिया था। इधर प्राधिकरण के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राधिकरण को शिकायत मिली कि इस भवन में काबिज लोग अभी भी सील किए गए भवन का उपभोग कर रहे हैं, और वहीं से आना जाना कर रहे हैं। साथ ही उनका आगे यहां और अवैध निर्माण किये जाने का इरादा भी लगता है। इस शिकायत पर प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को पुनः पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए सील किए गए भवन के दरवाजों को भी बंद करवा दिया गया। बताया गया है कि भवन में नगर पालिका से संबंधित 13 परिवार काबिज हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व गत 7 अप्रैल की शाम को इस भवन में काबिज लोगों को अवैध रूप से निर्माण कार्य करने से रोका गया, किंतु इसी रात्रि उन्होंने करीब 40 गुणा 11 वर्ग फिट क्षेत्रफल में लिंटर डाल दिया। सुबह सूचना मिलने पर प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध तरीके से किए गए निर्माण को सील कर दिया था।

यह भी पढ़ें : तू डाल-डाल, मैं पात-पात: शाम को रोका फिर भी रात में डाल दिया नगर पालिका की संपत्ति पर अवैध लिंटर

बीती रात्रि किया गया अवैध निर्माण।

नवीन समाचार, नैनीताल, 08 अप्रैल 2021। जिला-मंडल मुख्यालय में अतिक्रमणकारी व अवैध निर्माणकारी जिला विकास प्राधिकरण के साथ मानो ‘तू डाल-डाल, मैं पात-पात’ की तर्ज पर नजर आते हैं। बताया गया है कि यहां अंडा मार्केट के समीप नगर पालिका के भवन पर काबिज लोग काफी समय से अवैध निर्माण करने की कोशिश में भी बुधवार शाम भी उन्हें कार्य करने से रोका गया था, किंतु रात्रि में ही उन्होंने करीब 40 गुणा 11 वर्ग फिट क्षेत्रफल में लिंटर डाल दिया। सुबह सूचना मिलने पर प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध तरीके से किए गए निर्माण को सील कर दिया।

इस दौरान निर्माणकर्ताओं का कहना था कि भवन जीर्णशीर्ण होने की वजह से निर्माण किया जा रहा था। भवनों को नगर पालिका से फ्रीहोल्ड कराने का पूर्व से ही आवेदन किया जा चुका है। वहीं नगर पालिका के ईओ वर्मा का कहना था कि भवन की लीज पूर्व में ही समाप्त हो चुकी है।वर्तमान में लोग बिना लीज के भवन पर काबिज हैं। इस पर प्राधिकरण के सचिव श्री उपाध्याय ने कहा कि पहले भवन पर स्वामित्व का निर्धारण किया जाएगा। यदि निर्माणकर्ताओं के स्वामित्व की पुष्टि नहीं होती है तो भवन को नगर पालिका के कब्जे में दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भवन का स्वामित्व निर्धारण और मानचित्र स्वीकृत हिुए बिना भवन का निर्माण पूरी तरह से अवैध है। भवन का निचला तल नगर पालिका को सोंपा जा रहा है। यदि पालिका इसे अपने कब्जे में नहीं लेती है तो इसमें पालिका की मिलीभगत मानी जाएगी। इस मौके पर प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक सीएम साह, मनोनीत सभासद मनोज जोशी सहित अन्य अनेक लोग आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : अतिक्रमणकारी-अवैधनिर्माणकारी बेखौफ ! रात्रि में सड़क की रेलिंग काटकर डाल दिया लिंटर !!

नवीन समाचार, नैनीताल, 09 अप्रैल 2021। नगर में अवैध निर्माणकर्ताओं व अतिक्रमणकारियाों को शायद किसी का खौफ नहीं। नगर का सात नंबर, चार्टन लॉज क्षेत्र अवैध निर्माणकर्ताओं-अतिक्रमणकारियों के सर्वाधिक निशाने पर है। यहां खड़ी चट्टान वाली सरकारी वन व राजस्व भूमि पर कट्टे डालकर अतिक्रमण कर रातों-रात अवैध निर्माण, न केवल पहले की तरह टिन शेड बल्कि पक्के निर्माण कर लिंटर भी डाले जा रहे हैं, किंतु जिम्मेदार प्रशासनिक कर्मी-अधिकारी न जाने क्यों इस ओर आंखें मूंदे किसी बड़ी मानवीय आपदा का इंतजार कर रहे हैं।
ताजा समाचार नगर के सात नंबर क्षेत्र में रामलीला ग्राउंड के निकट साई मंदिर के निकट बीती रात्रि सड़क की रेलिंग काटकर सड़क से जोड़कर अतिक्रमण करते हुए अवैण निर्माण कर डाला गया है। स्थानीय लोगों ने सुबह अधिकारियों तक इसकी शिकायत पहुंचाने की गुहार लगाई है। आगे देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है। उल्लेखनीय है कि इसके एक दिन पूर्व ही नगर के अंडा मार्केट क्षेत्र में अवैधनिर्माणकर्ताओं ने नगर पालिका की संपत्ति पर अनाधिकृत करते करीब 40 गुणा 11 वर्ग फिट आकार में अवैध निर्माण कर दिया था, जिसे जिला विकास प्राधिकरण की टीम ने सील करवा दिया है।

यह भी पढ़ें : तीन विभागों की आंखों में धूल झोंक व्यवसायी ने किया था अतिक्रमण कर अवैध निर्माण, दुकान सील

-नाले पर अतिक्रमण-अवैध निर्माण कर बढ़ाई थी 70 वर्ग फिट दुकान, संयुक्त कार्रवाई में दुकान सील
नवीन समाचार, नैनीताल, 02 मार्च 2021। नगर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और उस पर अवैध निर्माणों की बाढ़ आई हुई है। नगर के भोटिया मार्केट में एक व्यवसायी ने तो इस दौरान नगर पालिका से मिली आठ गुणा आठ वर्ग फिट को पीछे की ओर बहने वाले सिचाई विभाग के स्वामित्व वाले नाले में सात गुणा 10 यानी 70 वर्ग फिट बढ़ा दिया था। यानी तीन विभागों-नगर पालिका, सिचाई विभाग व जिला विकास प्राधिकरण की आंखों में धूल झोंकी गई थी। मंगलवार को इस पर विभागों की नींद किसी तरह टूटी। तीनों की ओर से संयुक्त कार्रवाई करते हुए व्यवसायी प्रेम सिंह भोटिया की दुकान को सील कर दिया गया।
कार्रवाई में जिला विकास प्राधिकरण के परियोजना अभियंता सीएम साह, सहायक अभियंता सतीष चौहान व कमल जोशी, नगर पालिका के सहायक अभियंता डिगर सिंह मेहरा, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र सिंह भारती व अवर अभियंता नीरज तिवारी आदि शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : जिला विकास प्राधिकरण ने तीन अवैध निर्माण ध्वस्त किए

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जनवरी 2021। जिला विकास प्राधिकरण ने बुधवार को अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाते हुए नगर में तीन अवैध निर्माण ध्वस्त किए। प्राधिकरण के अवर अभियंता कमल जोशी के नेतृत्व में बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने मल्लीताल क्षेत्र में बैरमविला कंपाउंड में मुबीन, रमा कॉटेज में दिलशाद व प्रकाश के अवैध रूप से किए जा रहे निर्माणों को ध्वस्त करा दिया। बताया गया कि इन लोगों ने पूर्व में चालान की कार्रवाई करने के बाद भी अवैध निर्माण कार्य नहीं रोका। बुधवार को तीनों के निर्माण कार्य उनके ही मजदूरों द्वारा ध्वस्त कराए गए। अभियान में महेश जोशी व अन्य कर्मचारी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि नगर में अवैध रूप से निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें : आखिर प्राधिकरण को दिखे दो अवैध निर्माण, किए गए सील

नवीन समाचार, नैनीताल, 07 जनवरी 2021। नगर में लॉक डाउन के दौरान अवैध निर्माणों की बाढ़ की खबरों के बीच आखिर जिला विकास प्राधिकरण को दो अवैध निर्माण नजर आए हैं। प्राधिकरण की टीम ने बृहस्पतिवार को नगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो निर्माणों को रोक कर सील कर दिया है। इस दौरान सीआरएसटी इंटर कॉलेज के पीछे स्थित बैरम विला कंपाउंड में मोबिन नाम के व्यक्ति द्वारा भूतल में 25 गुणा 15 फिट के और शालीमार होटल के पास स्थित मेलविल कंपाउंड में वीरपाल नाम के व्यक्ति द्वारा द्वितीय तल में किए जा रहे 15 गुणा 30 फिट के निर्माण को सीलबंद कर दिया गया। अभियान में जिला विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता सतीश चौहान व अवर अभियंता कमल जोशी के अलावा पूरन तिवारी, महेश जोशी, केशव गिरी गोस्वामी व इरशाद हुसैन आदि प्राधिकरण कर्मी शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : मुख्यालय में अवैध निर्माणों की बाढ़, प्राधिकरण ने किया आज एक को ध्वस्त करने का दावा..

नवीन समाचार, नैनीताल, 16 दिसम्बर 2020। जिला मुख्यालय में अवैध निर्माणों का सिलसिला पुराना है। लॉक डाउन में इसमें और जितनी अधिक तेजी आई है, जिला विकास प्राधिकरण उतना ही अधिक सुस्त नजर आता है। अलबत्ता, बुधवार को नींद से जागते हुए प्राधिकरण की ओर से नगर के सूखाताल क्षेत्र में एक अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का दावा किया गया।
बताया गया है कि अवैध रूप से हो रहे निर्माण की सूचना पर बुधवार को सहायक अभियंता सतीश चौहान के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने नगर के सूखाताल में पंप हाउस के पास सलीम नाम के व्यक्ति द्वारा किये गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण की टीम में महेश जोशी व किशोर गिरी गोस्वामी भी शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : प्राधिकरण फिर सक्रिय, दो अवैध निर्माण किए सील -ज्योलीकोट में प्राधिकरण की पहली कार्रवाई..

नवीन समाचार, नैनीताल, 25 नवम्बर 2020। जिला विकास प्राधिकरण ने बुधवार को निकटवर्ती ज्योलीकोट में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अवैध निर्माणों को सील कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्योलीकोट में मुख्य चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर सरकारी पट्टे की भूमि पर दो लोगों डा. विश्वास व दीपा मेहता ने एक-दूसरे से सटाकर अवैध तरीके से निर्माण कर दिया था। स्थानीय लोगों के द्वारा भी इसकी शिकायत की जा रही थी।
डा. विश्वास प्रथम तल में एक कमरे का सेट एवं दीपा मेहता के द्वारा प्रथम तल पर दुकान बना दी थीं। पूर्व में भी इन अवैध निर्माणों पर चालान की कार्रवाई की गई थी। आज दोनों अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया। ज्योलीकोट में यह प्राधिकरण की पहली कार्रवाई बताई जा रही है। परियोजना अभियंता चंदमौलि साह, अवर अभियंता कमल जोशी की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई में इरशाद हुसैन, महेश जोशी, केशव गिरि गोस्वामी आदि प्राधिकरण कर्मी भी शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : दीपावली के दौरान किये गये अवैध निर्माण, प्राधिकरण ने सील किये तीन…

नवीन समाचार, नैनीताल, 21 नवम्बर 2020। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला विकास प्राधिकरण ने शनिवार को नगर में तीन अवैध निर्माण सील कर दिए। शनिवार को जिला विकास प्राधिकरण की टीम ने सहायक अभियंता सतीश चौहान के नेतृत्व में राजमहल होटल कंपाउंड मल्लीताल में अवैध रूप से निर्माण कर रहे रविकांत, सुरेश राम और राजेश्वरी जायसवाल के निर्माण कार्य को सील कर दिया। चौहान ने बताया कि तीनों लोगों ने दीपावली के दौरान अवैध रूप से निर्माण कार्य कराया था। उन्होंने बताया कि नगर में अवैध रूप से निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान टीम में अवर अभियंता कमल जोशी, पूरन चंद्र तिवारी, महेश जोशी, केशर गिरी गोस्वामी शामिल थे।

यह भी पढ़ें : बड़ी कार्रवाई: नैनीताल प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाया बड़ा निर्माण पूरी तरह जमींदोज किया..

-सरकारी भूमि पर 2013 में टिन शेड बनाकर की थी अवैध निर्माण की शुरुआत
नवीन समाचार, नैनीताल, 12 अक्टूबर 2020। नैनीताल जनपद के धारी तहसील प्रशासन ने सोमवार को एक अतिक्रमण व अवैध निर्माण कर्ता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका विशाल निर्माण पूरी तरह से जमींदोज कर डाला। इससे जनपद में अतिक्रमणकर्ताओं व अवैध निर्माण कर्ताओं में खलबली मचना तय है। हालांकि इस मामले में प्रशासनिक व्यवस्था पर यह सवाल भी लग रहे हैं कि वर्ष 2013 से हो रहे इस अवैध निर्माण को 2015 में ध्वस्तीकरण के आदेश जारी होने के बावजूद पिछले पांच वर्षों में पहले क्यों नहीं तोड़ा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लेटीबूंगा में एक व्यक्ति ने ग्रामीणों के मार्ग पर भी अतिक्रमण कर व मार्ग को अवरुद्ध कर अपना विशाल अवैध निर्माण कर डाला था। इस पर पिछले दिनों एसडीएम अनुराग आर्य ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। तब अतिक्रमणकर्ता के परिजनों ने भी आगे आकर प्रशासन की कार्रवाई में अवरोध उत्पन्न किया था। लेकिन आज प्रशासन के आगे उनकी एक न चली और उनका अवैध निर्माण जमींदोज कर डाला गया।
एसडीएम अनुराग आर्य ने बताया कि अवैध निर्माणकर्ता खीम सिंह नयाल ने 2013 में ही सरकारी भूमि पर टिन शेड के रूप में यहां अवैध निर्माण करना शुरू किया था, और 2013 में ही चालान होने के बावजूद वह अपने निर्माण पर न केवल काबिज बल्कि अवैध निर्माण को बढ़ाता गया। इस पर 2015 में उसका अवैध निर्माध तोड़ने के आदेश हो गए थे। वर्तमान में यहां दो मंजिले भवन में प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्यालय, रेस्टोरेंट, दुकान, रसोई, उसके नीचे के तल में भी कमरे बनाए गए थे। यहां तक कि उसने ग्रामीणों के मार्ग को भी गेट लगाकर बंद कर दिया। जबकि दिसंबर 2019 सहित अवैध निर्माणकर्ता को समय-समय पर नोटिस दिए जाते रहे और वह अपना अवैध निर्माण स्वयं ध्वस्त करने का आश्वासन देता रहा, लेकिन न ही प्रशासन और न ही स्वयं उसने ही यह निर्माण तोड़ा। आखिर इधर अगस्त 2020 में उसने प्रशासन से निर्णायक कार्रवाई की चेतावनी मिलने के बाद स्वयं निर्माण ढहाने के लिए दो दिन का समय मांगा था। लेकिन वह उच्च न्यायालय चला गया। उच्च न्यायालय ने उसे जिला न्यायालय जाने को कहा, जहां से उसे पहले स्थगनादेश मिला था, और अब जिला न्यायालय से मामला हारने के बाद प्रशासन से उसका निर्माण जमींदोज कर दिया था। एसडीएम आर्य ने बताया कि इस दौरान भी अवैध निर्माण कर्ता ने प्रशासनिक टीम द्वारा किये जा रहे सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई और राजस्व उप निरी़क्षक को जान से मारने की धमकी दी। इस पर मुक्तेश्वर पुलिस में अवैध निर्माण कर्ता के खिलाफ तहरीर दी गई, जिस पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि जल्द ही मलबा हटाकर ग्रामीणों का मार्ग खाली करा दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें : अभियंता पर दूसरों की जमीन कब्जा कर अवैध निर्माण करने की मंडलायुक्त से की गई शिकायत

नवीन समाचार, नैनीताल, 20 जुलाई 2020। लोनिवि के अल्मोड़ा कार्यालय में तैनात एक अभियंता पर कब्जे और अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने सोमवार को कुमाऊं कमिश्नर एएस ह्यांकी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई के लिए बीते दिनों अल्मोड़ा के डीएम से भी मुलाकात की गई, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप था अभियंता की ओर से क्षेत्र में जबरन स्थानीय लोगों की भूमि पर कब्जा कर अवैध भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं की जाती है तो स्थानीय लोग मामले में न्यायालय की शरण में जाएंगे। ज्ञापन सोंपने वालों में हरीश जोशी, नंदी जोशी, चंदन घुघुतियाल, चंदन गिरी गोस्वामी, आनंद सिंह, गिरीश जोशी, देवेंद्र गोस्वामी आदि लोग शामिल रहे।

हो गई तल्लीताल क्षेत्र में गाइडों की छंटनी, केवल 30 लोग की कर सकेंगे टूरिस्ट गाइडिंग

यह भी पढ़ें : ढाई माह के बाद प्राधिकरण की पहली कार्रवाई, मल्लीताल में अवैध निर्माण ढहाने का दिया नोटिस

नवीन समाचार, नैनीताल, 6 जुलाई 2020। लॉक डाउन लागू होने से शिथिल पड़ी जिला विकास प्राधिकरण की टीम ने सोमवार को नगर के मल्लीताल नानक होटल के पीछे चल रहे एक निर्माण को लेकर निर्माण कर रहे भवन स्वामी सीमा बेग को नोटिस देकर जल्द से जल्द निर्माण को ध्वस्त करने को कहा। अन्यथा प्राधिकरण की टीम द्वारा इस निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा।
प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता कमल जोशी ने बताया कि यहां सीमा बेग नाम की महिला के द्वारा अवैध निर्माण करने की शिकायत मिली थी। इस पर टीम ने मौके पर पहुंच कर निर्माणकर्ता को निर्माण कार्य ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया गया। इस मौके पर प्राधिकरण के चंदन सिंह व महेश जोशी भी मौके पर मौजूद रहे।
चित्र परिचयः 06एनटीएल-2ः नैनीताल: अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने पहुंची जिला विकास प्राधिकरण की टीम।

यह भी पढ़ें : लॉक डाउन में जबर्दस्ती भूमि विक्रेता द्वारा भूमि पर कब्जा करने का आरोप

नवीन समाचार, भीमताल, 17 मई 2020। हल्द्वानी के सुभाष नगर निवासी खीमानंद सनवाल पुत्र स्वर्गीय हीराबल्लभ सनवाल ने भीमताल में वर्ष 1997 में खरीदी भूमि पर उसके विक्रेता एवं विक्रेता के पुत्रों पर लॉक डाउन के दौरान भूमि पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में भीमताल के थाना प्रभारी, जनपद के एसएसपी, डीआईजी एवं डीएम नैनीताल आदि से शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
पीड़ित खीमानंद सनवाल का कहना हे कि उन्होंने 23 अगस्त 1997 को उन्होंने दिनेश तिवारी व मनीष हैड़िया के साथ भीमताल के ग्राम जून स्टेट पट्टी पांडेगांव में रघुवरदीप दयाल पुत्र गोवर्धन से आठ नाली भूमि सवा लाख रुपये में खरीदी थी। इसका बैनामा एवं पंजीकरण भी करवाया गया था। अब इस भूमि की कीमत काफी बढ़ चुकी है। इसलिये करीब पांच-सात वषों से भूमि के विक्रेता रघुवरदीन दयाल व उनके दो पुत्र रमेश चंद्र भट्ट व मनोज भट्ट उनकी इस भूमि को येनकेन प्रकारेण कब्जा करना चाह रहे हैं। इधर बीती 15 मई की शाम उन्हें उनके भीमताल निवासी मित्र वीरेंद्र बिष्ट ने सूचित किया कि ये लोग उनकी भूमि को जेसीबी से खुर्द-बुर्द करने का प्रयास कर रहे हैं। विरोध करने पर वीरेंद्र को जान से मारने की धमकी भी दी गई। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उधर भीमताल थाने से बताया गया है कि मामले की जांच एसआई केवलानंद पाठक को सोंपी गई है।

यह भी पढ़ें : एसएसपी ने अवैध खनन के आरोप में थानेदार सहित पूरी चौकी को लाइन हाजिर किया…

नवीन समाचार, देहरादून, 23 नवंबर 2019। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने अवैध खनन में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर रायपुर के थाना प्रभारी सहित मालदेवता पुलिस चौकी के सभी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस ने देर रात मालदेवता चौकी क्षेत्र में चेकिंग कर अवैध खनन में छह डंपर सीज किए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एसएसपी जोशी को रात्रि में मालदेवता के समीप नदी में अवैध खनन होने की सूचना मिली। इस पर उन्होंने डालनवाला सीओ विवेक कुमार और एसएसआइ पंकज देवराड़ी के नेतृत्व में टीम को जांच के लिए भेजा। टीम रात में करीब बारह बजे मालदेवता पहुंची तो देखा कि पुलिस चेकिंग नहीं कर रही है। इस कारण बिना चेकिंग के ही वाहन धड़ल्ले से आवाजाही कर रहे थे। वहीं मालदेवता लाल पुल के पास रायपुर की ओर से रेता बजरी से ओवरलोड भरे हुए डंपर आ रहे हैं। 6 डंपरों में से 4 ने रवन्ने दिखाए, किंतु यह रवन्ने टिहरी में स्वीकृत एक खनन पट्टे के थे। जबकि दो डंपरों के पास रवन्ने ही नहीं थे। इससे साफ हुआ कि वहां के रवन्नों की आड़ में यहां अवैध खनन हो रहा था। इस पर टीम सभी छह डंपरों को मालदेवता चौकी ले आई और सीज कर दिया। साथ ही इस प्रकरण की सूचना एसएसपी को दी। सूचना पर तड़के करीब तीन बजे एसएसपी मौके पर पहुंचे और पूरी जानकारी ली। एसएसपी ने अवैध खनन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल प्रभाव से रायपुर थाना एसओ देवेंद्र सिंह चौहान, मालदेवता चौकी में तैनात सिपाही सुरेंद्र खंतवाल, नरेश लेखपाल, राकेश डिमरी, मनमोहन सिंह असवाल और महिला कांस्टेबिल नमिता रावत को लाइन हाजिर कर दिया।

यह भी पढ़ें : सैंया भये थानेदार तो… ! नैनीताल जिले में अवैध खनन के वीडियो-ऑडियो वायरल, दूसरे जिले के ‘ससुरे’ विधायक के अवैध खनन में आढ़े आ रहे दरोगा को तीसरे जिले में पटका..

-दूसरे जिले के विधायक का बताया जा रहा अवैध खनन, कार्रवाई करने पर आमादा दरोगा को तीसरे जिले में पटका..
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 नवंबर 2019। जनपद के बेतालघाट थाना क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन से संबंधित बताये जा रहे दो ऑडियो और दो वीडियो प्राप्त हुए हैं। खास बात यह है कि यह वीडियो जनपद के एसएसपी की ओर से दो उप निरीक्षकों का बागेश्वर स्थानांतरण किये जाने के बाद आया है। दोनों दरोगाओं के लिए स्थानांतरण पर प्रस्थान करने की तिथि 18 नवंबर यानी आज की नियत की गई है। इनमें से एक बेतालघाट थाने के दरोगा सादिक हुसैन हैं। ऑडियो में उनकी व थानेदार रोहताश सिंह सागर की आवाजें बताई जा रही हैं। हम इन वीडियो व ऑडियो की किसी तरह की पुष्टि नहीं करते हैं। अलबत्ता ऐसा लग रहा है कि जैसे जनपद की जिम्मेदार व्यवस्था विधायिका की गुलाम हो गई है। वीडियो में थानेदार संबंधित विधायक अथवा उसके अवैध खनन के लिए ‘ससुरे’ शब्द का भी प्रयोग कर रहा है। वहीं अवैध खनन करने वालों के दृष्टिकोण से देखें तो जब ‘सैंया भये थानेदार तो डर काहे का..’ पिसना तो निचले दर्जे के लोगों को ही है।
देखें वीडियो व ऑडियो :

वीडियो में पुलिस कर्मी खनन सामग्री से भरे डंपरों को रोकते व पूछताछ करते नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में डंपर से जुड़े लोग बिना रॉयल्टी 10 कुंतल तक अवैध खनन का माल ले जाने की बात भी करते देखे जा रहे हैं। वीडियो में खनन सामग्री किसी जलाल के पट्टे से लायी जा रही व रानीखेत के कुवार्बी जी की गाड़ी बताई जा रही है। वहीं ऑडियो में पुलिस के एक दरोगा थानेदार को फोन पर अवैध खनन की सूचना पर मौके पर होने की जानकारी दे रहा है। एक ऑडियो में दरोगा थानेदार को बता रहा है कि वह अवैध खनन की सूचना पर मौके पर पहुंचा है। वहां नदीम नाम के व्यक्ति के 5-7-8 डंपर हैं। वह खनन सामग्री से भरे डंपरों को थाने लाने के लिए इजाजत मांग रहा है। इस पर थानेदार उसे बता रहा है कि डंपर दूसरे जिले के एक विधायक के हैं। उनका फोन आया था। बिना उन्हें लिये वापस आ जाओ। वहीं दूसरे ऑडियो में भी थानेदार गाड़ी को थाने न लाने को कह रहा है। कहता है-गाड़ी लाओगे तो सीज करनी पड़ेगी। मामले में विधायक की बात हुई है। दरोगा कहता रह जाता है कि क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है, और थानेदार विधायक की बात कह दरोगा को वापस बुला रहा है। कहता है-चलने दे ससुरे को।
बताया जा रहा है कि ऑडियो व वीडियो डेढ़-दो माह पुराने हैं। वहीं क्षेत्र में एक भाजपा विधायक का करीब एक वर्ष से नदी में स्टोन क्रेशर चलने और इसके लिए अवैध खनन किये जाने की बात भी कही जा रही है। इस बारे में पूछे जाने पर जनपद के एसएसपी ने ऑडियो को वर्ष 2018 का बताते हुए मामले में संज्ञान लिये जाने की बात कही। कहा कि ऑडियो से यह स्पष्ट नहीं है कि आवाजें किसकी हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के अवैध रूप से चल रहे 9 स्कूलों पर 1-1 लाख रुपए वार्षिक का करोड़ों का जुर्माना…

नवीन समाचार, भीमताल, 28 अगस्त 2019। शिक्षा विभाग ने जनपद में कथित तौर पर अवैध रूप से चल रहे 9 प्राथमिक व प्रिपरेटरी स्कूलों पर उनके अवैध रूप से चलने के वर्ष से प्रति वर्ष 1-1 लाख रुपए का जुर्मा अदा करने का आदेश जारी किया है। उप शिक्षा अधिकारी डा. सुलोहिता नेगी के हस्ताक्षरों से जारी आदेश के अनुसार इन 9 विद्यालयों से कहा गया है कि ये विद्यालय कई वर्षों से बिना मान्यता के चल रहे हैं। साथ ही इनके द्वारा अब तक मान्यता प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन भी नहीं किया गया है। लिहाजा उन पर विद्यालय संचालन की तिथि से अब तक का प्रतिवर्ष 1 लाख रुपए का जुर्माना शासकीय खाते में जमा करें एवं विद्यालय का संचालन बंद करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि वे अपना विद्यालय विधिवत संचालित करना चाहते हैं तो शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत अपने विद्यालय की फाइल नियमानुसार सभी मानकों को पूर्ण करते हुए विभागीय कार्यालय को उपलब्ध कराएं। जिन विद्यालयों को नोटिस दिये गये हैं उनमें मोंटेसरी पब्लिक स्कूल हरीनगर जंगलियागांव, देहली पब्लिक स्कूल ज्योलीकोट, जिज्ञासा पब्लिक स्कूल ज्योलीकोट, एसवीएम पब्लिक स्कूल तल्लीताल नैनीताल, आइडियल प्रीपेट्री स्कूल तल्लीताल नैनीताल, देविका रानी पब्लिक स्कूल मल्लीताल नैनीताल, अमेरिकन किड्स नैनीताल, रेसी पब्लिक स्कूल नैनीताल और द होली एकेडमी नैनीताल शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि ये विद्यालय स्वयं को प्रिपरेटरी स्कूल बताते हुए शिक्षा विभाग में अपना पंजीकरण जरूरी नहीं बता रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि वास्तव में कक्षा 1 से नीचे के प्रिपरेटरी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने का कोई प्राविधान नहीं है। अलबत्ता विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि इनमें से कुछ स्कूल कक्षा 1 से ऊपर की कक्षाएं भी संचालित करते हैं। वहीं इनके अलावा भी कई स्कूलों के अवैध रूप से संचालित होने की बात कही जा रही है, परंतु इधर उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन कर दिया है, इसलिए वे अवैध की श्रेणी में आने से बच गये हैं।

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‘नवीन समाचार’ विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल से ‘मन कही’ के रूप में जनवरी 2010 से इंटरननेट-वेब मीडिया पर सक्रिय, उत्तराखंड का सबसे पुराना ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय समूह है। यह उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त, अलेक्सा रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड के समाचार पोर्टलों में अग्रणी, गूगल सर्च पर उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ, भरोसेमंद समाचार पोर्टल के रूप में अग्रणी, समाचारों को नवीन दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला ऑनलाइन समाचार पोर्टल भी है।
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