एसएसपी ने अवैध खनन के आरोप में थानेदार सहित पूरी चौकी को लाइन हाजिर किया…

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नवीन समाचार, देहरादून, 23 नवंबर 2019। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने अवैध खनन में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर रायपुर के थाना प्रभारी सहित मालदेवता पुलिस चौकी के सभी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस ने देर रात मालदेवता चौकी क्षेत्र में चेकिंग कर अवैध खनन में छह डंपर सीज किए हैं।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार एसएसपी जोशी को रात्रि में मालदेवता के समीप नदी में अवैध खनन होने की सूचना मिली। इस पर उन्होंने डालनवाला सीओ विवेक कुमार और एसएसआइ पंकज देवराड़ी के नेतृत्व में टीम को जांच के लिए भेजा। टीम रात में करीब बारह बजे मालदेवता पहुंची तो देखा कि पुलिस चेकिंग नहीं कर रही है। इस कारण बिना चेकिंग के ही वाहन धड़ल्ले से आवाजाही कर रहे थे। वहीं मालदेवता लाल पुल के पास रायपुर की ओर से रेता बजरी से ओवरलोड भरे हुए डंपर आ रहे हैं। 6 डंपरों में से 4 ने रवन्ने दिखाए, किंतु यह रवन्ने टिहरी में स्वीकृत एक खनन पट्टे के थे। जबकि दो डंपरों के पास रवन्ने ही नहीं थे। इससे साफ हुआ कि वहां के रवन्नों की आड़ में यहां अवैध खनन हो रहा था। इस पर टीम सभी छह डंपरों को मालदेवता चौकी ले आई और सीज कर दिया। साथ ही इस प्रकरण की सूचना एसएसपी को दी। सूचना पर तड़के करीब तीन बजे एसएसपी मौके पर पहुंचे और पूरी जानकारी ली। एसएसपी ने अवैध खनन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल प्रभाव से रायपुर थाना एसओ देवेंद्र सिंह चौहान, मालदेवता चौकी में तैनात सिपाही सुरेंद्र खंतवाल, नरेश लेखपाल, राकेश डिमरी, मनमोहन सिंह असवाल और महिला कांस्टेबिल नमिता रावत को लाइन हाजिर कर दिया।

यह भी पढ़ें : सैंया भये थानेदार तो… ! नैनीताल जिले में अवैध खनन के वीडियो-ऑडियो वायरल, दूसरे जिले के ‘ससुरे’ विधायक के अवैध खनन में आढ़े आ रहे दरोगा को तीसरे जिले में पटका..

-दूसरे जिले के विधायक का बताया जा रहा अवैध खनन, कार्रवाई करने पर आमादा दरोगा को तीसरे जिले में पटका..
नवीन समाचार, नैनीताल, 18 नवंबर 2019। जनपद के बेतालघाट थाना क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन से संबंधित बताये जा रहे दो ऑडियो और दो वीडियो प्राप्त हुए हैं। खास बात यह है कि यह वीडियो जनपद के एसएसपी की ओर से दो उप निरीक्षकों का बागेश्वर स्थानांतरण किये जाने के बाद आया है। दोनों दरोगाओं के लिए स्थानांतरण पर प्रस्थान करने की तिथि 18 नवंबर यानी आज की नियत की गई है। इनमें से एक बेतालघाट थाने के दरोगा सादिक हुसैन हैं। ऑडियो में उनकी व थानेदार रोहताश सिंह सागर की आवाजें बताई जा रही हैं। हम इन वीडियो व ऑडियो की किसी तरह की पुष्टि नहीं करते हैं। अलबत्ता ऐसा लग रहा है कि जैसे जनपद की जिम्मेदार व्यवस्था विधायिका की गुलाम हो गई है। वीडियो में थानेदार संबंधित विधायक अथवा उसके अवैध खनन के लिए ‘ससुरे’ शब्द का भी प्रयोग कर रहा है। वहीं अवैध खनन करने वालों के दृष्टिकोण से देखें तो जब ‘सैंया भये थानेदार तो डर काहे का..’ पिसना तो निचले दर्जे के लोगों को ही है।
देखें वीडियो व ऑडियो :

वीडियो में पुलिस कर्मी खनन सामग्री से भरे डंपरों को रोकते व पूछताछ करते नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में डंपर से जुड़े लोग बिना रॉयल्टी 10 कुंतल तक अवैध खनन का माल ले जाने की बात भी करते देखे जा रहे हैं। वीडियो में खनन सामग्री किसी जलाल के पट्टे से लायी जा रही व रानीखेत के कुवार्बी जी की गाड़ी बताई जा रही है। वहीं ऑडियो में पुलिस के एक दरोगा थानेदार को फोन पर अवैध खनन की सूचना पर मौके पर होने की जानकारी दे रहा है। एक ऑडियो में दरोगा थानेदार को बता रहा है कि वह अवैध खनन की सूचना पर मौके पर पहुंचा है। वहां नदीम नाम के व्यक्ति के 5-7-8 डंपर हैं। वह खनन सामग्री से भरे डंपरों को थाने लाने के लिए इजाजत मांग रहा है। इस पर थानेदार उसे बता रहा है कि डंपर दूसरे जिले के एक विधायक के हैं। उनका फोन आया था। बिना उन्हें लिये वापस आ जाओ। वहीं दूसरे ऑडियो में भी थानेदार गाड़ी को थाने न लाने को कह रहा है। कहता है-गाड़ी लाओगे तो सीज करनी पड़ेगी। मामले में विधायक की बात हुई है। दरोगा कहता रह जाता है कि क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है, और थानेदार विधायक की बात कह दरोगा को वापस बुला रहा है। कहता है-चलने दे ससुरे को।
बताया जा रहा है कि ऑडियो व वीडियो डेढ़-दो माह पुराने हैं। वहीं क्षेत्र में एक भाजपा विधायक का करीब एक वर्ष से नदी में स्टोन क्रेशर चलने और इसके लिए अवैध खनन किये जाने की बात भी कही जा रही है। इस बारे में पूछे जाने पर जनपद के एसएसपी ने ऑडियो को वर्ष 2018 का बताते हुए मामले में संज्ञान लिये जाने की बात कही। कहा कि ऑडियो से यह स्पष्ट नहीं है कि आवाजें किसकी हैं।

यह भी पढ़ें : नैनीताल के अवैध रूप से चल रहे 9 स्कूलों पर 1-1 लाख रुपए वार्षिक का करोड़ों का जुर्माना…

नवीन समाचार, भीमताल, 28 अगस्त 2019। शिक्षा विभाग ने जनपद में कथित तौर पर अवैध रूप से चल रहे 9 प्राथमिक व प्रिपरेटरी स्कूलों पर उनके अवैध रूप से चलने के वर्ष से प्रति वर्ष 1-1 लाख रुपए का जुर्मा अदा करने का आदेश जारी किया है। उप शिक्षा अधिकारी डा. सुलोहिता नेगी के हस्ताक्षरों से जारी आदेश के अनुसार इन 9 विद्यालयों से कहा गया है कि ये विद्यालय कई वर्षों से बिना मान्यता के चल रहे हैं। साथ ही इनके द्वारा अब तक मान्यता प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार का आवेदन भी नहीं किया गया है। लिहाजा उन पर विद्यालय संचालन की तिथि से अब तक का प्रतिवर्ष 1 लाख रुपए का जुर्माना शासकीय खाते में जमा करें एवं विद्यालय का संचालन बंद करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि वे अपना विद्यालय विधिवत संचालित करना चाहते हैं तो शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत अपने विद्यालय की फाइल नियमानुसार सभी मानकों को पूर्ण करते हुए विभागीय कार्यालय को उपलब्ध कराएं। जिन विद्यालयों को नोटिस दिये गये हैं उनमें मोंटेसरी पब्लिक स्कूल हरीनगर जंगलियागांव, देहली पब्लिक स्कूल ज्योलीकोट, जिज्ञासा पब्लिक स्कूल ज्योलीकोट, एसवीएम पब्लिक स्कूल तल्लीताल नैनीताल, आइडियल प्रीपेट्री स्कूल तल्लीताल नैनीताल, देविका रानी पब्लिक स्कूल मल्लीताल नैनीताल, अमेरिकन किड्स नैनीताल, रेसी पब्लिक स्कूल नैनीताल और द होली एकेडमी नैनीताल शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि ये विद्यालय स्वयं को प्रिपरेटरी स्कूल बताते हुए शिक्षा विभाग में अपना पंजीकरण जरूरी नहीं बता रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि वास्तव में कक्षा 1 से नीचे के प्रिपरेटरी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करने का कोई प्राविधान नहीं है। अलबत्ता विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि इनमें से कुछ स्कूल कक्षा 1 से ऊपर की कक्षाएं भी संचालित करते हैं। वहीं इनके अलावा भी कई स्कूलों के अवैध रूप से संचालित होने की बात कही जा रही है, परंतु इधर उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन कर दिया है, इसलिए वे अवैध की श्रेणी में आने से बच गये हैं।

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